CBSE Class 10 Hindi Course A: 2025 board paper, set 3/1/1
The question paper set in the CBSE Class 10 board exam of 2025, as printed: 15 questions for 80 marks, in sections, with each OR choice shown as an alternative. Try each question first, then open our solution.
Every question here has our step-by-step solution, split into the steps that earn marks. Each one was checked by an independent re-solve from the question paper.
Source: official question paper from cbse.gov.in: https://www.cbse.gov.in/cbsenew/question-paper/2025/X/002_Hindi_Course_A.zip (a zip; this paper is the file 3-1-1_Hindi Course A.pdf). Questions are transcribed from that PDF; figures are described in words, so check the official paper for them.
How the paper is set
| Section | Questions | What it has |
|---|---|---|
| क | 1-2 | अपठित बोध (गद्यांश और काव्यांश), प्रत्येक प्रश्न के उप-प्रश्न |
| ख | 3-6 | व्यावहारिक व्याकरण; प्रश्न 3-6 में प्रत्येक के पाँच में से कोई चार उत्तर देने हैं |
| ग | 7-11 | पाठ्य-पुस्तक एवं पूरक पाठ्य-पुस्तक पर आधारित; प्रश्न 7 और 9 बहुविकल्पी; प्रश्न 8 और 10 में चार में से तीन; प्रश्न 11 में तीन में से दो |
| घ | 12-15 | रचनात्मक लेखन; प्रश्न 12 में तीन में से एक विषय; प्रश्न 13-15 में आंतरिक विकल्प |
Instructions in brief: सभी प्रश्न अनिवार्य हैं; कुछ खण्डों में आंतरिक विकल्प दिए गए हैं, निर्देशों का पालन करते हुए उत्तर दीजिए।
Section क
अपठित बोध (गद्यांश और काव्यांश), प्रत्येक प्रश्न के उप-प्रश्न
Q1 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए :
दिनकर जी ने माना है कि उन पर प्रारम्भ से ही जितना प्रभाव रवीन्द्रनाथ ठाकुर का रहा उतना ही मोहम्मद इकबाल का। बाद में इलियट की काव्य-शैली और विचार-दृष्टि ने उनके कवि मानस को छूकर दूर भीतर तक उन्थित कर दिया। परिणामत: उनकी कविताओं ने एक नई भंगिमा को ग्रहण किया।
दिनकर जी अपने युग के एक प्रमुख कवि ही नहीं, सफल और प्रभावपूर्ण गद्य लेखक भी थे। सीधी-सरल भाषा और अत्यन्त प्रांजल शैली में उन्होंने विभिन्न साहित्यिक विषयों पर निबन्ध भी दिए हैं, तो बोधकथा, डायरी-संस्मरण भी, और दर्शन-इतिहासगत तथ्यों के विवेचन भी।
'दिनकर' जी जीवन भर संघर्षरत रहे। साहित्य और राजनीति दोनों के बीच उनका मन रमता था और इन दोनों ही क्षेत्रों में उनको सफलता मिली। साहित्य जगत द्वारा प्रदत्त ज्ञानपीठ पुरस्कार ने दिनकर जी को प्रफुल्लित कर दिया। उनके अन्तरंग मित्रों को यह ज्ञात है कि ज्ञानपीठ पुरस्कार उनके जीवन के अन्तिम अध्याय का स्वर्णिम क्षण सिद्ध हुआ। पुरस्कार प्राप्त कर 'दिनकर' जी अभिभूत थे क्योंकि कवि का मन अपनी रचनाओं की स्वीकृति, विशेष रूप से सुधीजनों द्वारा उनका प्रशंसित और समादृत होना, अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानता है। ज्ञानपीठ पुरस्कार के मिलने के बाद उन्होंने अप्रैल, 1974 में तिरुपति की यात्रा की। जब 'दिनकर' जी मद्रास पहुँचे तो यह एक सुखद संयोग था कि उनके सर्वाधिक स्नेही मित्र थे गंगाशरण सिंह और जयप्रकाश बाबू भी वहीं थे। उसी शाम उन्होंने मद्रास के समुद्र तट पर अपने कुछ मित्रों को अपनी सुन्दर-सुन्दर रचनाएँ सुनाईं। तब कोई नहीं जानता था कि आज 23 – 24 अप्रैल की शाम गंगा की गोद में उत्पन्न दिनकर जी के अस्ताचल जाने की शाम थी। उसी रात मद्रास में ही 'दिनकर' जी की जीवन लीला समाप्त हो गई और फिर उनका पार्थिव शरीर मद्रास से दिल्ली होकर पटना लाया गया।
- (i)1 mark
दिनकर जी के लेखन पर किन-किन कवियों का प्रभाव रहा है ?
I. इलियट
II. रवीन्द्रनाथ ठाकुर
III. मोहम्मद इकबाल
IV. गंगाशरण सिंह- (A)I, III और IV
- (B)I, II और III
- (C)II, III और IV
- (D)I, II और IV
- (ii)1 mark
दिनकर जी के बारे में कौन-सा तथ्य असत्य है ?
- (A)वे एक प्रमुख कवि थे परंतु असफल गद्य लेखक भी थे।
- (B)उनकी शैली प्रांजल थी तथा वे साहित्यिक निबंध लिखते थे।
- (C)ज्ञानपीठ पुरस्कार उनके जीवन के अंतिम अध्याय का स्वर्णिम पन्ना है।
- (D)बोधकथा, डायरी, संस्मरण के अतिरिक्त दिनकर जी ने इतिहास के विषय में भी लिखा है।
- (iii)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : पुरस्कार प्राप्त कर मन अभिभूत हो जाता है।
कारण : पुरस्कार विद्वज्जनों द्वारा दी जाने वाली सराहना और सम्मान का प्रतीक है।- (A)कथन ग़लत है और कारण भी पूरी तरह ग़लत ही है।
- (B)कथन सही है परंतु कारण आंशिक रूप से सही है।
- (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या भी है।
- (D)कथन और कारण दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की उचित व्याख्या नहीं है।
- (iv)2 marks
दिनकर जी की रचनाशीलता की दो विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए।
- (v)2 marks
ज्ञानपीठ पुरस्कार का दिनकर जी के जीवन में क्या महत्त्व रहा ?
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) गद्यांश में रवीन्द्रनाथ ठाकुर, मोहम्मद इकबाल और इलियट का प्रभाव बताया गया है। गंगाशरण सिंह उनके मित्र थे, कवि नहीं। इसलिए सही विकल्प (B) I, II और III है।
- 1 mark
(ii) गद्यांश में दिनकर जी को सफल और प्रभावपूर्ण गद्य लेखक कहा गया है। अतः 'असफल गद्य लेखक' वाला कथन असत्य है। उत्तर (A)।
- 1 mark
(iii) पुरस्कार सुधीजनों की प्रशंसा और सम्मान का प्रमाण होता है, इसीलिए कवि का मन अभिभूत होता है। कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है। उत्तर (C)।
- 2 marks
(iv) पहली विशेषता: दिनकर जी का कविता और गद्य दोनों पर समान अधिकार था। वे प्रमुख कवि थे और सफल गद्य लेखक भी, जैसे उनकी कविताओं ने इलियट आदि के प्रभाव से नई भंगिमा ग्रहण की। दूसरी विशेषता: उनकी भाषा सरल और शैली प्रांजल थी, और विधाओं में विविधता थी। उन्होंने साहित्यिक निबंध, बोधकथा, डायरी-संस्मरण तथा दर्शन-इतिहास के विवेचन लिखे।
- 2 marks
(v) ज्ञानपीठ पुरस्कार साहित्य जगत द्वारा दी गई सर्वोच्च स्वीकृति और सम्मान का प्रतीक था। इसने दिनकर जी को प्रफुल्लित और अभिभूत कर दिया। यह उनके जीवन के अंतिम अध्याय का स्वर्णिम क्षण सिद्ध हुआ। इससे उन्हें अपनी रचनाओं की प्रशंसा होने का संतोष और गौरव मिला।
Answer: (i) B; (ii) A; (iii) C; (iv) कविता-गद्य पर समान अधिकार, सरल-प्रांजल शैली व विधा-विविधता; (v) साहित्यिक योगदान की सर्वोच्च स्वीकृति, जीवन का स्वर्णिम क्षण
Where the marks are
- (i) सही विकल्प B (1 अंक)
- (ii) सही विकल्प A (1 अंक)
- (iii) सही विकल्प C (1 अंक)
- (iv) दो उपयुक्त विशेषताएँ उदाहरण सहित (1+1=2 अंक)
- (v) ज्ञानपीठ का महत्त्व दो बिंदुओं में (1+1=2 अंक)
Q2 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए :
संध्या ने मेघों के कितने चित्र बनाये —
हाथी, घोड़े, पेड़, आदमी, जंगल, क्या-क्या
नहीं रच दिया और कभी रंगों से क्रीड़ा
की, आकृतियाँ नहीं बनायीं। कभी चलाए
झीने से बादल जिनमें चटकीली लाली
उभर उठी थी, जिनकी आभा हरियाली पर
थिरक उठी थी। जाते-जाते क्षितिज-पटी पर
सूरज ने सोना बरसाया। छाया काली
बढ़ने लगी, रंग धीरे-धीरे फिर बदले,
पेंसिल के रेखा-चित्रों से बादल छाए।
विविध रूप आकार बदलते से, ज्यों न्हाए
हुए प्रकाश और छाया में, अपना पद ले।
रात उतर आयी, दिखलायी दिये सितारे,
पेड़, गाँव अस्पष्ट दिखे, मानव-दृग हारे।- (i)1 mark
संध्या के आसमान के बारे में कवि का क्या कहना है ?
- (A)आसमान को काले मेघों ने आच्छादित कर लिया है।
- (B)चारों तरफ रंगों और आकृतियों की भीड़ है।
- (C)आसमान में मेघों ने विभिन्न आकृतियाँ बनाईं।
- (D)पशुओं की आकृतियों को बना उनमें रंग भरा।
- (ii)1 mark
क्षितिज-पटी का रूप बार-बार क्यों बदलता रहा ?
I. प्रकाश और छाया के बदलते स्वरूप के कारण
II. संध्या के सूर्य की बदलती रोशनी और रंगों के कारण
III. आसमान में बादलों से बनी हाथी, घोड़े, पेड़ आदि आकृतियों के कारण- (A)केवल I और II
- (B)I, II और III सभी
- (C)केवल II और III
- (D)केवल I और III
- (iii)1 mark
कथन और कारण को पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनिए :
कथन : आसमान में छाए बादलों को कवि ने पेंसिल से बनाए रेखा-चित्र कहा है।
कारण : उनमें डूबते सूर्य की लाली भर गई है।- (A)कथन ग़लत है, किंतु कारण सही है।
- (B)कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
- (C)कथन सही है और कारण ग़लत है।
- (D)कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
- (iv)2 marks
काव्यांश के आधार पर संध्या के सौंदर्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
- (v)2 marks
काव्यांश के लिए एक उपयुक्त शीर्षक दीजिए और उस शीर्षक को चुनने का तर्क भी लिखिए।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) कवि कहता है कि संध्या ने मेघों के हाथी, घोड़े, पेड़ आदि कितने चित्र बनाए। अतः उत्तर (C) आसमान में मेघों ने विभिन्न आकृतियाँ बनाईं।
- 1 mark
(ii) क्षितिज-पटी का रूप डूबते सूर्य की बदलती रोशनी और रंगों तथा प्रकाश-छाया के बदलने से बदलता रहा। आकृतियाँ पहले बन चुकी थीं, बाद में बादल पेंसिल के रेखा-चित्र जैसे हो गए। इसलिए केवल I और II सही हैं, उत्तर (A)।
- 1 mark
(iii) कवि ने बादलों को 'पेंसिल के रेखा-चित्रों से' कहा है, इसलिए कथन सही है। उस समय छाया काली बढ़ रही थी और लाली पहले की बात थी, इसलिए कारण ग़लत है। उत्तर (C)।
- 2 marks
(iv) संध्या के समय आसमान में मेघ हाथी, घोड़े, पेड़ आदि तरह-तरह की आकृतियाँ बनाते हैं। बादलों में चटकीली लाली उभरती है और हरियाली पर आभा थिरकती है। जाते हुए सूर्य ने क्षितिज पर सोना बरसाया। फिर छाया बढ़ी, बादल रेखा-चित्र जैसे दिखे और रात उतर आई।
- 2 marks
(v) शीर्षक: 'संध्या का सौंदर्य' या 'मेघों के चित्र'। तर्क: पूरे काव्यांश में संध्या द्वारा मेघों की आकृतियों, रंगों, प्रकाश-छाया और बदलते रूपों से आसमान को सजाने का वर्णन है, इसलिए शीर्षक विषय-वस्तु के अनुरूप है।
Answer: (i) C; (ii) A; (iii) C; (iv) रंगों, आकृतियों व प्रकाश-छाया से सजा संध्या-आकाश; (v) शीर्षक 'संध्या का सौंदर्य' तर्क सहित
Where the marks are
- (i) विकल्प C (1 अंक)
- (ii) विकल्प A (1 अंक)
- (iii) विकल्प C (1 अंक)
- (iv) संध्या के सौंदर्य के दो बिंदु (1+1=2 अंक)
- (v) उपयुक्त शीर्षक (1 अंक) और तर्क (1 अंक)
Section ख
व्यावहारिक व्याकरण; प्रश्न 3-6 में प्रत्येक के पाँच में से कोई चार उत्तर देने हैं
Q3 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'रचना के आधार पर वाक्य-भेद' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 4×1=4
- (क)1 mark
मुक्तेश्वर की यात्रा में हमने हिमालय की अभिराम छबि को देखा। (मिश्र वाक्य में बदलिए)
- (ख)1 mark
जब अधिक बारिश होती है तब सड़कों पर पानी भर जाता है। (सरल वाक्य में बदलिए)
- (ग)1 mark
कल सोते समय मैंने एक सुंदर सपना देखा। (संयुक्त वाक्य में बदलिए)
- (घ)1 mark
रेखा दीदी ने कहा कि शोर मत मचाओ। (आश्रित उपवाक्य पहचानिए और उसका भेद भी लिखिए)
- (ङ)1 mark
श्री लाल बहादुर शास्त्री ने 'जय जवान, जय किसान' का नारा दिया था। (रचना की दृष्टि से वाक्य का भेद पहचानकर लिखिए)
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(क) मिश्र वाक्य: जब हमने मुक्तेश्वर की यात्रा की, तब हिमालय की अभिराम छवि को देखा।
- 1 mark
(ख) सरल वाक्य: अधिक बारिश होने पर सड़कों पर पानी भर जाता है।
- 1 mark
(ग) संयुक्त वाक्य: कल मैं सोया और मैंने एक सुंदर सपना देखा।
- 1 mark
(घ) आश्रित उपवाक्य 'शोर मत मचाओ' है। यह संज्ञा आश्रित उपवाक्य है, क्योंकि यह 'कहा' क्रिया का कर्म बनकर 'कि' से जुड़ा है।
(ङ) सरल वाक्य, क्योंकि इसमें केवल एक मुख्य क्रिया 'दिया था' है और कोई उपवाक्य नहीं है। (किन्हीं चार का उत्तर अपेक्षित है, यह अतिरिक्त है।)
Answer: (क) जब हमने मुक्तेश्वर की यात्रा की तब हिमालय की अभिराम छवि देखी; (ख) अधिक बारिश होने पर सड़कों पर पानी भर जाता है; (ग) कल मैं सोया और मैंने सुंदर सपना देखा; (घ) संज्ञा आश्रित उपवाक्य; (ङ) सरल वाक्य
Where the marks are
- (क) मिश्र वाक्य में सही रूपांतरण (1 अंक)
- (ख) सरल वाक्य में सही रूपांतरण (1 अंक)
- (ग) संयुक्त वाक्य में सही रूपांतरण (1 अंक)
- (घ) उपवाक्य और उसका भेद (½+½ अंक)
- (ङ) सरल वाक्य (1 अंक); कुल चार उपभागों के 4 अंक
Q4 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'वाच्य' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 4×1=4
- (क)1 mark
ड्राइवर ने जोर से ब्रेक मारे। (कर्मवाच्य में बदलिए)
- (ख)1 mark
वे कबीर के आदेशों पर चलते। (भाववाच्य में बदलिए)
- (ग)1 mark
नवाब साहब द्वारा दृढ़ निश्चय कर खीरों को उठाया गया। (कर्तृवाच्य में बदलिए)
- (घ)1 mark
लेखक ने आत्मसम्मान निबाहना ही उचित समझा। (वाच्य को पहचानकर उसका भेद लिखिए)
- (ङ)1 mark
कर्मवाच्य और भाववाच्य में मुख्य अंतर क्या है ?
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(क) कर्मवाच्य: ड्राइवर द्वारा ज़ोर से ब्रेक मारे गए।
- 1 mark
(ख) भाववाच्य: उनसे कबीर के आदेशों पर चला जाता (था)।
- 1 mark
(ग) कर्तृवाच्य: नवाब साहब ने दृढ़ निश्चय कर खीरों को उठाया।
- 1 mark
(घ) कर्तृवाच्य, क्योंकि क्रिया का रूप कर्ता 'लेखक' के अनुसार है और कर्ता प्रधान है।
(ङ) कर्मवाच्य में सकर्मक क्रिया अनिवार्य है और कर्म प्रधान होता है, जबकि भाववाच्य में अकर्मक क्रिया होती है और भाव प्रधान होता है। (अतिरिक्त; किन्हीं चार का उत्तर अपेक्षित है।)
Answer: (क) ड्राइवर द्वारा ज़ोर से ब्रेक मारे गए; (ख) उनसे कबीर के आदेशों पर चला जाता; (ग) नवाब साहब ने दृढ़ निश्चय कर खीरों को उठाया; (घ) कर्तृवाच्य; (ङ) कर्मवाच्य में सकर्मक, भाववाच्य में अकर्मक क्रिया
Where the marks are
- (क) कर्मवाच्य रूप (1 अंक)
- (ख) भाववाच्य रूप (1 अंक)
- (ग) कर्तृवाच्य रूप (1 अंक)
- (घ) कर्तृवाच्य की पहचान (1 अंक)
- (ङ) अंतर सही (1 अंक); कुल चार उपभागों के 4 अंक
Q5 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'पद-परिचय' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए : 4×1=4
- (क)1 mark
उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। (रेखांकित पद का पद-परिचय दीजिए)
- (ख)1 mark
मैं अक्सर बाग में घूमता हूँ। (रेखांकित पद का पद-परिचय दीजिए)
- (ग)1 mark
अध्यापक ने बताया कि कल अवकाश है। (रेखांकित पद का पद-परिचय दीजिए)
- (घ)1 mark
वह बी.ए. के अंतिम वर्ष का छात्र है। (रेखांकित पद का पद-परिचय दीजिए)
- (ङ)1 mark
संन्यासी को भोजन दो। (रेखांकित पद का पद-परिचय दीजिए)
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- 1 mark
(क) 'उन्हें' – सर्वनाम, पुरुषवाचक, अन्यपुरुष, पुल्लिंग, बहुवचन (आदरार्थ), कर्म/संप्रदान कारक।
- 1 mark
(ख) 'अक्सर' – अव्यय, क्रियाविशेषण (कालवाचक), 'घूमता हूँ' क्रिया की विशेषता बताता है।
- 1 mark
(ग) 'कि' – अव्यय, समुच्चयबोधक (व्यधिकरण), दो वाक्यों को जोड़ता है।
- 1 mark
(घ) 'अंतिम' – विशेषण, निश्चित संख्यावाचक, पुल्लिंग, एकवचन, 'वर्ष' विशेष्य।
(ङ) 'संन्यासी' – संज्ञा, जातिवाचक, पुल्लिंग, एकवचन, संप्रदान कारक। (अतिरिक्त; किन्हीं चार का उत्तर अपेक्षित है।)
Answer: (क) सर्वनाम (पुरुषवाचक, अन्यपुरुष); (ख) क्रियाविशेषण (कालवाचक) अव्यय; (ग) समुच्चयबोधक अव्यय; (घ) निश्चित संख्यावाचक विशेषण; (ङ) जातिवाचक संज्ञा
Where the marks are
- (क) सही व्याकरणिक कोटि और एक अन्य बिंदु (1 अंक)
- (ख) सही कोटि और एक अन्य बिंदु (1 अंक)
- (ग) सही कोटि और एक अन्य बिंदु (1 अंक)
- (घ) सही कोटि और एक अन्य बिंदु (1 अंक)
- (ङ) सही कोटि और एक अन्य बिंदु (1 अंक); कुल चार उपभागों के 4 अंक
Q6 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'अलंकार' पर आधारित निम्नलिखित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 4×1=4
- (क)1 mark
कोटि कुलिस सम बचनु तुम्हारा।
व्यर्थ धरहु धनु बान कुठारा ॥ — (रेखांकित में कौन सा अलंकार है ?) - (ख)1 mark
चरण-कमल बंदौ हरि राई। — (पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार की पहचान कीजिए)
- (ग)1 mark
मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के। — (पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार की पहचान कीजिए)
- (घ)1 mark
अतिशयोक्ति अलंकार का एक उपयुक्त उदाहरण किसी काव्य पंक्ति के द्वारा दीजिए।
- (ङ)1 mark
उत्प्रेक्षा अलंकार का एक उपयुक्त उदाहरण कविता की पंक्तियों द्वारा समझाइए।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(क) उपमा अलंकार, क्योंकि वचन की तुलना करोड़ों वज्र से 'सम' वाचक शब्द के साथ की गई है।
- 1 mark
(ख) रूपक अलंकार, क्योंकि चरण (उपमेय) पर कमल (उपमान) का अभेद आरोप है।
- 1 mark
(ग) मानवीकरण अलंकार, क्योंकि मेघों का मनुष्य की तरह बन-ठनकर, सँवरकर आना बताया गया है।
- 1 mark
(घ) अतिशयोक्ति का उदाहरण: 'एक साथ रघु ने पैरों से चाँपा अविकल। पितृ-दत्त सिंहासन और सकल अरिमंडल॥' इसमें बात को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कहा गया है।
(ङ) उत्प्रेक्षा का उदाहरण: 'उस काल मारे क्रोध के तनु काँपने उसका लगा, मानो हवा के वेग से सोता हुआ सागर जगा।' यहाँ 'मानो' वाचक शब्द से क्रोध में काँपते शरीर की सागर के जागने के रूप में कल्पना है। (अतिरिक्त; किन्हीं चार का उत्तर अपेक्षित है।)
Answer: (क) उपमा; (ख) रूपक; (ग) मानवीकरण; (घ) अतिशयोक्ति का उपयुक्त उदाहरण; (ङ) उत्प्रेक्षा का उपयुक्त उदाहरण
Where the marks are
- (क) उपमा अलंकार (1 अंक)
- (ख) रूपक अलंकार (1 अंक)
- (ग) मानवीकरण अलंकार (1 अंक)
- (घ) अतिशयोक्ति का उपयुक्त उदाहरण (1 अंक)
- (ङ) उत्प्रेक्षा का उपयुक्त उदाहरण (1 अंक); कुल चार उपभागों के 4 अंक
Section ग
पाठ्य-पुस्तक एवं पूरक पाठ्य-पुस्तक पर आधारित; प्रश्न 7 और 9 बहुविकल्पी; प्रश्न 8 और 10 में चार में से तीन; प्रश्न 11 में तीन में से दो
Q7 · 5 marks · Reading comprehensionCompetency-basedरामवृक्ष बेनीपुरी – बालगोबिन भगत
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों का सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : 5×1=5
ऊपर की तसवीर से यह नहीं माना जाए कि बालगोबिन भगत साधु थे। नहीं, बिलकुल गृहस्थ ! उनकी गृहिणी की तो मुझे याद नहीं, उनके बेटे और पतोहू को तो मैंने देखा था। थोड़ी खेती-बारी भी थी, एक अच्छा साफ़-सुथरा मकान भी था।
किंतु, खेती-बारी करते, परिवार रखते भी, बालगोबिन भगत साधु थे — साधु की सब परिभाषाओं में खरे उतरने वाले। कबीर को 'साहब' मानते थे, उन्हीं के गीतों को गाते, उन्हीं के आदेशों पर चलते। कभी झूठ नहीं बोलते, खरा व्यवहार रखते। किसी से भी दो-टूक बात करने में संकोच नहीं करते, न किसी से खामखाह झगड़ा मोल लेते। किसी की चीज़ नहीं छूते, न बिना पूछे व्यवहार में लाते। इस नियम को कभी-कभी इतनी बारीकी तक ले जाते कि लोगों को कुतूहल होता ! — कभी वह दूसरे के खेत में शौच के लिए भी नहीं बैठते ! वह गृहस्थ थे; लेकिन उनकी सब चीज़ 'साहब' की थी। जो कुछ खेत में पैदा होता, सिर पर लादकर पहले उसे साहब के दरबार में ले जाते — जो उनके घर से चार कोस दूरी पर था — एक कबीरपंथी मठ से मतलब ! वह दरबार में 'भेंट' रूप रख लिया जाकर 'प्रसाद' रूप में जो उन्हें मिलता, उसे घर लाते और उसी से गुजर चलाते !
- (i)1 mark
लेखक के अनुसार बालगोबिन भगत 'बिलकुल गृहस्थ' कैसे थे ?
I. उनके पास खेती-बारी थी।
II. उनका एक अच्छा और साफ़-सुथरा मकान था।
III. उनके परिवार में बेटे और बहू के साथ-साथ उनकी गृहिणी भी मौजूद थी।
IV. वे एक पारिवारिक व्यक्ति थे।- (A)I, II और III
- (B)II, III और IV
- (C)III, IV और I
- (D)I, II और IV
- (ii)1 mark
कथन और कारण को पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनिए :
कथन : गृहस्थ होते हुए भी बालगोबिन भगत साधु थे।
कारण : क्योंकि वे अपनी पारिवारिक भूमिका नहीं निभाते थे।- (A)कथन सही है, परंतु कारण ग़लत है।
- (B)कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
- (C)कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
- (D)कथन और कारण दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
- (iii)1 mark
बालगोबिन भगत कबीर को 'साहब' मानते थे – पंक्ति का आशय है :
- (A)बालगोबिन भगत कबीर को बड़ा संत मानते थे।
- (B)बालगोबिन भगत कबीर को ईश्वर-तुल्य मानते थे।
- (C)बालगोबिन भगत कबीर को पिता-तुल्य मानते थे।
- (D)बालगोबिन भगत कबीर को समाज-सुधारक मानते थे।
- (iv)1 mark
गद्यांश में वर्णित उदाहरणों में से किस उदाहरण को हम सबसे बड़ा प्रमाण बता सकते हैं, जिससे यह साबित हो कि बालगोबिन भगत कबीर को सबसे अधिक मानते थे ?
- (A)सुबह-शाम, खेती-किसानी के समय भी कबीर के पदों को गाते रहना।
- (B)कभी झूठ न बोलना और सबसे खरा व्यवहार करना।
- (C)दूसरे के खेत में निवृत्त होने के लिए भी न जाना और सबसे दो-टूक व्यवहार करना।
- (D)अपनी पूरी फ़सल को कबीर-दरबार में चढ़ाना और प्रसाद स्वरूप जो मिले उसे स्वयं के लिए लाना।
- (v)1 mark
अनुच्छेद में भगत के विषय में जो जानकारियाँ हैं, उस आधार पर वे हैं :
I. सत्यवादी
II. स्पष्टतावादी
III. सच्चे भक्त- (A)I, II और III तीनों
- (B)केवल III
- (C)केवल I और III
- (D)केवल II और III
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) गद्यांश में खेती-बारी, साफ़-सुथरा मकान और बेटे-पतोहू का उल्लेख है, पर गृहिणी की उन्हें याद नहीं है। इसलिए कथन III ग़लत है और उत्तर (D) I, II और IV है।
- 1 mark
(ii) गृहस्थ होते हुए भी वे साधु थे, इसलिए कथन सही है। पर कारण ग़लत है, क्योंकि साधुता उनके आचरण और कबीर-भक्ति के कारण थी, पारिवारिक भूमिका न निभाने के कारण नहीं। उत्तर (A)।
- 1 mark
(iii) 'साहब' मानने का आशय है कि वे कबीर को ईश्वर के समान मानते थे। उत्तर (B)।
- 1 mark
(iv) सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि वे पूरी फ़सल पहले कबीर के दरबार में भेंट चढ़ाते थे और प्रसाद रूप में जो मिलता, उसी से गुज़ारा करते थे। उत्तर (D)।
- 1 mark
(v) वे कभी झूठ नहीं बोलते थे (सत्यवादी), दो-टूक बात करते थे (स्पष्टवादी) और कबीर के सच्चे भक्त थे। अतः I, II और III तीनों, उत्तर (A)।
Answer: (i) D; (ii) A; (iii) B; (iv) D; (v) A
Where the marks are
- (i) D (1 अंक)
- (ii) A (1 अंक)
- (iii) B (1 अंक)
- (iv) D (1 अंक)
- (v) A (1 अंक)
Q8 · 6 marks · Short answerस्वयं प्रकाश – नेताजी का चश्मा
निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25 – 30 शब्दों में लिखिए : 3×2=6
- (क)2 marks
'नेताजी का चश्मा' पाठ में कैप्टन को देखकर हालदार साहब को धक्का क्यों लगा ? हालदार साहब के व्यक्तित्व, पाठ के घटना-क्रम और अपने विचारों के आधार पर किन्हीं दो कारणों को लिखिए।
- (ख)2 marks
'एक कहानी यह भी' पाठ की लेखिका के जीवन के प्रसंगों के आधार पर सोदाहरण स्पष्ट कीजिए कि किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में उसके बचपन की घटनाओं की बड़ी भूमिका होती है।
- (ग)2 marks
'बिस्मिल्ला खाँ का जीवन, प्रतिभा और परिश्रम का अनूठा सम्मिश्रण है, कैसे ?' 'नौबतखाने में इबादत' पाठ के संदर्भ में उत्तर दीजिए।
- (घ)2 marks
'सभ्यता' और 'संस्कृति' के बीच के अंतर को 'संस्कृति' पाठ के आधार पर समझाइए।
Try it first, then show our solutionSolution
- 2 marks
(क) हालदार साहब ने कैप्टन की कल्पना किसी सैनिक या सजग देशभक्त के रूप में की थी। पर वह लँगड़ा, मोटा, मरियल-सा चश्मों का फेरीवाला निकला, जिसकी दीन-हीन दशा देखकर उन्हें धक्का लगा। देशभक्त की ऐसी उपेक्षित स्थिति भी उन्हें व्यथित कर गई।
- 2 marks
(ख) लेखिका के पिता द्वारा बहन से तुलना करने पर उनमें हीन भावना आ गई। माँ के दब्बू और असहाय रूप को देखकर उन्होंने वैसा न बनने का निर्णय लिया। पिता के प्रोत्साहन से वे देश की चर्चाओं में शामिल हुईं, जिससे बचपन की घटनाओं ने उनका व्यक्तित्व गढ़ा।
- 2 marks
(ग) बिस्मिल्ला खाँ में बचपन से ही सुरों की विशिष्ट समझ थी और वे बालाजी के मंदिर में नियमित शहनाई बजाते थे। विश्वप्रसिद्ध होने पर भी वे अस्सी बरस की उम्र तक नियमित रियाज़ करते रहे। इस प्रकार उनमें प्रतिभा और परिश्रम का अनूठा मेल था।
(घ) संस्कृति वह योग्यता या प्रेरणा है जिससे व्यक्ति कुछ नया आविष्कार करता है, तथा त्याग और परोपकार करता है। सभ्यता उसी संस्कृति का परिणाम है, यानी संस्कृति द्वारा किए गए आविष्कार और उपलब्धियाँ। (अतिरिक्त; किन्हीं तीन का उत्तर अपेक्षित है।)
Answer: चार में से किन्हीं तीन के उपर्युक्त उत्तर
Where the marks are
- (क) कैप्टन को देखकर धक्का लगने के दो कारण (1+1=2 अंक)
- (ख) बचपन की घटनाओं का प्रभाव दो बिंदुओं में, सोदाहरण (1+1=2 अंक)
- (ग) प्रतिभा और परिश्रम के दो पक्ष (1+1=2 अंक)
- (घ) संस्कृति और सभ्यता का अंतर (2 अंक); कुल किन्हीं तीन के 6 अंक
Q9 · 5 marks · Reading comprehensionCompetency-basedजयशंकर प्रसाद – आत्मकथ्य
निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों का सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : 5×1=5
मधुप गुन-गुना कर कह जाता कौन कहानी यह अपनी,
मुरझाकर गिर रहीं पत्तियाँ देखो कितनी आज घनी।
इस गंभीर अनंत-नीलिमा में असंख्य जीवन-इतिहास
यह लो, करते ही रहते हैं अपना व्यंग्य-मलिन उपहास
तब भी कहते हो – कह डालूँ दुर्बलता अपनी बीती।
तुम सुनकर सुख पाओगे, देखोगे – यह गागर रीती।
किंतु कहीं ऐसा न हो कि तुम ही खाली करने वाले –
अपने को समझो, मेरा रस ले अपनी भरने वाले।
यह विडंबना ! अरी सरलते तेरी हँसी उड़ाऊँ मैं।
भूलें अपनी या प्रवंचना औरों की दिखलाऊँ मैं।- (i)1 mark
कवि ने इन पंक्तियों में 'मधुप' का प्रयोग किस अर्थ में किया है ?
- (A)संसार रूपी भ्रमर
- (B)मन रूपी भ्रमर
- (C)लोलुप मित्रगण
- (D)कविता के पाठक
- (ii)1 mark
'मुरझाकर गिर रहीं हैं पत्तियाँ देखो' – के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं ?
I. कवि के जीवन से सुख रूपी पत्तियाँ गिर रही हैं।
II. संसार में जीवन नश्वर है और एक न एक दिन सबको नष्ट होना है।
III. कवि के मित्र एक-एक कर साथ छोड़ते हुए जा रहे हैं।- (A)केवल II सही है।
- (B)I, II और III तीनों सही हैं।
- (C)I और II सही हैं।
- (D)I और III सही हैं।
- (iii)1 mark
कथन और कारण को पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनिए :
कथन : कवि अपनी आत्मकथा नहीं लिखना चाहता है।
कारण : महान लोगों की असंख्य आत्मकथाएँ इस साहित्य संसार में पहले से ही मौजूद हैं।- (A)कथन सही है, परंतु कारण ग़लत है।
- (B)कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
- (C)कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
- (D)कथन और कारण दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
- (iv)1 mark
कवि ने अपने मित्रों/पाठकों से क्या-क्या सवाल किए हैं ?
I. क्या तुम मेरे जीवन का खालीपन देख सुखी हो पाओगे ?
II. आत्मकथाओं का व्यंग्य और उपहास उड़ाया जाता है, ऐसे में तुम क्यों चाहते हो कि मैं अपनी दुर्बलता लिखूँ ?
III. क्या मेरे जीवन का सुख लेकर तुमने अपने जीवन को भर लिया है ?- (A)I, II और III तीनों
- (B)केवल I और III
- (C)केवल I और II
- (D)केवल II और III
- (v)1 mark
कवि विडंबना किसे कह रहा है ?
- (A)इस संसार में सीधेपन का मज़ाक उड़ाया जाता है।
- (B)दोस्त-मित्र ही अकसर छल करते हैं।
- (C)सच्ची आत्मकथाओं का भी उपहास उड़ाया जाता है।
- (D)जीवन अपनी भूलों और दूसरों की प्रवंचनाओं का मिश्रण मात्र होता है।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) 'मधुप' कवि के मन रूपी भ्रमर का प्रतीक है, जो गुनगुनाकर अपनी कहानी कहता है। उत्तर (B)।
- 1 mark
(ii) पत्तियों का मुरझाकर गिरना कवि के जीवन से सुख के जाने और जीवन की नश्वरता को दर्शाता है। मित्रों के साथ छोड़ने की बात वहाँ नहीं है। उत्तर (C) I और II।
- 1 mark
(iii) कवि आत्मकथा नहीं लिखना चाहता, इसलिए कथन सही है। कारण भी सही है, पर कवि के मना करने के कारण दूसरे हैं: उसकी जीवन-गाथा दुर्बलताओं से भरी है और उपहास का डर है। अतः कारण सही व्याख्या नहीं करता। उत्तर (D)।
- 1 mark
(iv) कवि ने तीनों बातें पूछी हैं: खाली गागर देखकर सुख मिलेगा या नहीं, व्यंग्य-उपहास के बीच दुर्बलता क्यों लिखवाना चाहते हो, और कहीं तुम मेरा रस लेकर अपनी गागर तो नहीं भर चुके। उत्तर (A)।
- 1 mark
(v) कवि इस संसार में सरलता या सीधेपन की हँसी उड़ाए जाने को विडंबना कहता है। उत्तर (A)।
Answer: (i) B; (ii) C; (iii) D; (iv) A; (v) A
Where the marks are
- (i) B (1 अंक)
- (ii) C (1 अंक)
- (iii) D (1 अंक)
- (iv) A (1 अंक)
- (v) A (1 अंक)
Q10 · 6 marks · Short answerतुलसीदास – राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25 – 30 शब्दों में लिखिए : 3×2=6
- (क)2 marks
'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' में राम की उपस्थिति शब्दों में कम परंतु प्रभाव में अधिक है, कैसे ? दो बिंदुओं में उनके प्रभाव को स्पष्ट कीजिए।
- (ख)2 marks
'संगतकार' का मुख्य काम क्या होता है ? क्या कविता में वर्णित 'संगतकार' अपने काम में सफल है ? सोदाहरण लिखिए।
- (ग)2 marks
'उत्साह' कविता का कवि परिवर्तन की कामना किन कारणों से कर रहा है ? किन्हीं दो कारणों का उल्लेख कीजिए।
- (घ)2 marks
'फ़सल' के लिए आवश्यक कारकों का उल्लेख अपने शब्दों में कीजिए।
Try it first, then show our solutionSolution
- 2 marks
(क) राम का स्वभाव मृदु, शांत और शीतल है। उनके कम बोलने और विनम्र उत्तर से परशुराम का क्रोध शांत होने लगता है। साहस के साथ विनयशीलता अधिक प्रभावी सिद्ध होती है।
- 2 marks
(ख) संगतकार का मुख्य काम मुख्य गायक का साथ देना, उसके स्वर में स्वर मिलाना और उत्साह बनाए रखना है। हाँ, वह सफल है। जब मुख्य गायक अनहद में खो जाता है तो वह स्थायी को सँभाल लेता है और स्वर बिखरने नहीं देता। वह अपनी आवाज़ ऊँची नहीं उठाता।
- 2 marks
(ग) कवि शोषित-पीड़ित जनता के कल्याण के लिए बादलों से क्रांति (परिवर्तन) का आह्वान करता है। वह समाज में नव-निर्माण और नया जीवन भी चाहता है। (अतिरिक्त; किन्हीं तीन का उत्तर अपेक्षित है।)
(घ) फ़सल के लिए मिट्टी, पानी, हवा और धूप जैसे प्रकृति के तत्त्व आवश्यक हैं, और मनुष्य का परिश्रम भी चाहिए। (अतिरिक्त; किन्हीं तीन का उत्तर अपेक्षित है।)
Answer: चार में से किन्हीं तीन के उपर्युक्त उत्तर
Where the marks are
- (क) राम के प्रभाव के दो बिंदु (1+1=2 अंक)
- (ख) संगतकार का काम और सफलता सोदाहरण (1+1=2 अंक)
- (ग) परिवर्तन की कामना के दो कारण (1+1=2 अंक)
- (घ) फ़सल के कारक: प्रकृति के तत्त्व और मानव-श्रम (2 अंक); किन्हीं तीन के 6 अंक
Q11 · 8 marks · Long answerमाता का अँचल
पूरक पाठ्य-पुस्तक के निर्धारित पाठों पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 50 – 60 शब्दों में लिखिए : 2×4=8
- (क)4 marks
'माता का अँचल' पाठ में बच्चों का पशु-पक्षियों के प्रति कैसा व्यवहार दिखता है ? उदाहरण सहित लिखिए। पशु-पक्षियों के प्रति हमारा व्यवहार कैसा होना चाहिए ? अपने विचारों के आधार पर लिखिए।
- (ख)4 marks
'पत्थर तोड़ती मज़दूर पहाड़ी महिलाओं के भीतर जीवन का उल्लास मौजूद था' – यह कथन किस आधार पर कहा जा सकता है ? उन स्त्रियों और उनकी जीवन स्थितियों का वर्णन करते हुए बताइए कि आप उनसे क्या सीख सकते हैं।
- (ग)4 marks
'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ के आधार पर प्रत्यक्ष अनुभव और अनुभूति का अंतर स्पष्ट करते हुए बताइए कि अगर आप कभी लेखन के क्षेत्र में गए तो दोनों में से किसे महत्त्व देंगे और क्यों ?
Try it first, then show our solutionSolution
- 4 marks
(क) 'माता का अँचल' में बच्चे अनजाने में पशु-पक्षियों से निर्दयी व्यवहार करते हैं और उन्हें खेल का सामान समझते हैं। वे खेत में चिड़ियों-तितलियों के पीछे भागकर उन्हें पकड़ने की कोशिश करते हैं और चूहों के बिल में पानी डालते हैं। हमें उनके प्रति करुणा और सहानुभूति रखनी चाहिए, क्योंकि वे भी जीव हैं। उन्हें सताना नहीं चाहिए, बल्कि दाना-पानी देकर उनकी रक्षा करनी चाहिए।
- 4 marks
(ख) पत्थर तोड़ती पहाड़ी महिलाएँ कठिन श्रम और गरीबी के बीच भी अचानक ठहाका लगाकर हँस पड़ती थीं, यही उनके भीतर के उल्लास का आधार है। वे छोटे बच्चों को साथ रखकर पत्थर तोड़ती थीं, यानी मातृत्व और श्रम-साधना को साधती थीं। उनकी जीवन-स्थितियाँ अभाव और कठोर प्राकृतिक परिस्थितियों से भरी थीं। उनसे हम परिश्रमी बनना और कठिनाई में भी प्रसन्न रहना सीख सकते हैं।
(ग) प्रत्यक्ष अनुभव वह है जिसे हमने स्वयं घटित होते देखा हो। अनुभूति वह है जो घटना हमारे अनुभव की न हो, पर संवेदना से हमने उसे भोक्ता की तरह भीतर महसूस किया हो। मैं लेखन में अनुभूति को महत्त्व दूँगा/दूँगी, क्योंकि उससे हम दूसरों की पीड़ा को भी समझकर लिख सकते हैं और रचना व्यापक बनती है। (अनुभव को चुनना भी स्वीकार्य है, यदि तर्क दिया जाए।) (अतिरिक्त; किन्हीं दो का उत्तर अपेक्षित है।)
Answer: तीन में से किन्हीं दो के उपर्युक्त उत्तर
Where the marks are
- (क) बच्चों का व्यवहार उदाहरण सहित (2 अंक) और अपना विचार (2 अंक)
- (ख) उल्लास का आधार (1), जीवन-स्थितियाँ (1), सीख (2 अंक)
- (ग) प्रत्यक्ष अनुभव और अनुभूति का अंतर (2 अंक), चयन (1) और तर्क (1 अंक); किन्हीं दो के 8 अंक
Section घ
रचनात्मक लेखन; प्रश्न 12 में तीन में से एक विषय; प्रश्न 13-15 में आंतरिक विकल्प
Q12 · 6 marks · WritingWriting
निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए : 6
(क) डिजिटल दौर में मानवीय संपर्क
संकेत-बिंदु
• मानवीय संपर्कों और संबंधों की आवश्यकता
• बढ़ते डिजिटल दौर में वास्तविक संबंधों में कमी और वायवीय (वर्चुअल) संबंधों के रूप
• वर्तमान समय की माँग(ख) पारंपरिक खान-पान के लाभ
संकेत-बिंदु
• पारंपरिक खान-पान क्या है ?
• भोजन में स्थानीय पदार्थों का महत्त्व क्यों होता है ?
• स्वास्थ्य की दृष्टि से इसका महत्त्व(ग) पुस्तकें आज भी हमारी सबसे अच्छी मित्र हैं
संकेत-बिंदु
• अच्छी पुस्तकें कैसे एक अच्छे मित्र की तरह होती हैं।
• वर्तमान समय में भी पुस्तकों की जगह बची हुई है।
• उम्र के हर मोड़ पर अलग-अलग तरह की पुस्तकें मददगार होती हैं।Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
भूमिका (विषय (ख) – पारंपरिक खान-पान के लाभ): पारंपरिक खान-पान वह भोजन है जो हमारे पूर्वज अपने क्षेत्र की जलवायु और उपज के अनुसार पीढ़ियों से खाते आए हैं। मोटे अनाज, दालें, मौसमी सब्ज़ियाँ, घी-छाछ और घर के बने अचार इसी परंपरा के अंग हैं।
- 3 marks
विषयवस्तु (संकेत-बिंदुओं सहित): स्थानीय पदार्थ ताज़े, सस्ते और मौसम के अनुकूल होते हैं। उन्हें दूर से लाना नहीं पड़ता, इसलिए उनके पोषक तत्व बने रहते हैं और परिवहन-प्रदूषण घटता है। इनसे स्थानीय किसानों और कारीगरों को रोज़गार भी मिलता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से ऐसा भोजन संतुलित, रेशेदार और कम रसायनयुक्त होता है। यह पाचन ठीक रखता है, मोटापा, मधुमेह और हृदय रोगों से बचाता है और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। बाजरा, रागी और ज्वार जैसे अनाज शरीर को ऊर्जा और खनिज देते हैं।
- 1 mark
निष्कर्ष: अतः फ़ास्ट फ़ूड के आकर्षण में पारंपरिक भोजन को भूलना उचित नहीं है। इसे अपनाकर हम स्वस्थ रहेंगे और अपनी संस्कृति को भी सुरक्षित रखेंगे।
- 1 mark
भाषा-शुद्धता: वाक्य सरल, शुद्ध और लगभग 120 शब्दों में हों; वर्तनी और व्याकरण की गलतियाँ न हों।
Answer: संकेत-बिंदुओं पर आधारित लगभग 120 शब्दों का अनुच्छेद (भूमिका, विषयवस्तु, निष्कर्ष) – ऊपर दिया गया नमूना।
Where the marks are
- भूमिका (1 अंक)
- संकेत-बिंदुओं सहित विषयवस्तु (3 अंक)
- निष्कर्ष (1 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
Answer one of these 2 alternatives.
Q13(a) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आप हिमानी/हेमराज हैं। आपने अपने माता-पिता को बातचीत करते सुना कि वे आपकी मोबाइल फोन में डूबे रहने और गेमिंग की दुनिया में खोने की आदतों से परेशान होकर आपको एक आवासीय विद्यालय (बोर्डिंग स्कूल) में भेजना चाह रहे हैं। अपने पिता को लगभग 100 शब्दों में एक पत्र लिखकर अनुरोध कीजिए कि वे ऐसा न करें। तर्कपूर्ण बिंदुओं में यह भी स्पष्ट कीजिए कि आप स्वयं में किस प्रकार सुधार लाएँगे। 5
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- 1 mark
प्रारूप:
सेवा में / आदरणीय पिताजी,
दिनांक: ......
विषय: बोर्डिंग स्कूल न भेजने का अनुरोध। (अंत में) आपका आज्ञाकारी पुत्र/पुत्री, हिमानी/हेमराज - 1 mark
विषयवस्तु: आदरणीय पिताजी, सादर प्रणाम। मैंने आपकी और माँ की बातचीत सुनी कि मेरी मोबाइल और गेमिंग की आदत से परेशान होकर आप मुझे बोर्डिंग स्कूल भेजना चाहते हैं। मैं मानता/मानती हूँ कि मुझसे गलती हुई है। पर घर से दूर जाने पर मैं आपके स्नेह और मार्गदर्शन से वंचित हो जाऊँगा/जाऊँगी और अकेलापन महसूस करूँगा/करूँगी। मुझे सुधरने का एक अवसर दीजिए।
- 1 mark
सुधार के तर्कपूर्ण बिंदु: मैं मोबाइल का उपयोग रोज़ केवल एक घंटा, पढ़ाई के काम के लिए करूँगा/करूँगी। गेम छोड़कर खेल के मैदान में समय बिताऊँगा/बिताऊँगी। पढ़ाई की समय-सारिणी बनाकर उसका पालन करूँगा/करूँगी और आपको प्रगति दिखाता/दिखाती रहूँगा/रहूँगी। यदि सुधार न दिखे तो आपका निर्णय मुझे स्वीकार होगा।
समापन: आशा है आप मेरा अनुरोध स्वीकार करेंगे। माताजी को प्रणाम।
- 1 mark
भाषा-शुद्धता: शुद्ध, विनम्र भाषा, लगभग 100 शब्द।
Answer: पिता को विनम्र अनुरोध-पत्र, जिसमें बोर्डिंग न भेजने के कारण और स्वयं में सुधार के बिंदु दिए गए हों।
Where the marks are
- प्रारूप, आरंभ और अंत की औपचारिकताएँ (1 अंक)
- अनुरोध और कारण सहित विषयवस्तु (3 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
OR
Q13(b) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आप हिमानी/हेमराज हैं। नगर-निगम ने आपके मोहल्ले में स्थित पार्क का सौंदर्यीकरण करवाया है साथ ही बच्चों के लिए झूलों की व्यवस्था की है। इस संदर्भ में धन्यवाद ज्ञापन देते हुए नगर-निगम अध्यक्ष को लगभग 100 शब्दों में एक पत्र लिखिए। 5
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- 1 mark
प्रारूप: सेवा में, अध्यक्ष महोदय, नगर-निगम, ...... नगर। दिनांक: ...... विषय: पार्क के सौंदर्यीकरण एवं झूलों की व्यवस्था हेतु धन्यवाद। (अंत में) भवदीय, हिमानी/हेमराज, पता।
- 1 mark
विषयवस्तु: महोदय, मैं ...... मोहल्ले का निवासी हूँ। आपने हमारे मोहल्ले के पार्क का सुंदर नवीनीकरण करवाया है, इसके लिए हम सभी हार्दिक आभार प्रकट करते हैं। पार्क में हरियाली, साफ़-सुथरे रास्ते और बैठने की जगह बन गई है। सुबह-शाम बुज़ुर्ग और अन्य लोग टहलने आते हैं।
- 2 marks
बच्चों के लिए लगाए गए झूलों से बच्चों में बहुत उत्साह है। अब वे मोबाइल छोड़कर खेल रहे हैं, जिससे उनका स्वास्थ्य और मेल-जोल बढ़ रहा है। मेरा निवेदन है कि पार्क की नियमित सफ़ाई, रखरखाव और रोशनी की व्यवस्था बनी रहे। हम निवासी भी इसकी देखभाल में सहयोग करेंगे।
- 1 mark
भाषा-शुद्धता: औपचारिक, शुद्ध भाषा; लगभग 100 शब्द।
Answer: नगर-निगम अध्यक्ष को पार्क के सौंदर्यीकरण और झूलों के लिए धन्यवाद-पत्र।
Where the marks are
- औपचारिक प्रारूप (1 अंक)
- धन्यवाद और पार्क व झूलों से लाभ सहित विषयवस्तु (3 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
Answer one of these 2 alternatives.
Q14(a) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आप अमन/आमना हैं और अभी-अभी आपने 'पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल' से एम.बी.बी.एस. की डिग्री पूरी की है। वहीं पर इंटर्न डॉक्टर के पद पर आवेदन करने के लिए लगभग 80 शब्दों में एक स्ववृत्त तैयार कीजिए। 5
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- 1 mark
प्रारूप: शीर्षक: स्ववृत्त (बायोडाटा), आवेदित पद: इंटर्न डॉक्टर, पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल। शीर्षकों में क्रमबद्ध प्रस्तुति।
- 1 mark
व्यक्तिगत जानकारी: नाम: अमन/आमना ......; पिता का नाम: ......; जन्मतिथि: ......; पता: ......; मोबाइल/ई-मेल: ......; भाषाएँ: हिंदी, अंग्रेज़ी।
- 2 marks
शैक्षिक योग्यता: दसवीं – ...... बोर्ड, ......%; बारहवीं (विज्ञान) – ......%; एम.बी.बी.एस. – पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, ......। अन्य: मरीज़ों की सेवा का अभ्यास, स्वास्थ्य-शिविरों में सहभागिता, कंप्यूटर का ज्ञान।
- 1 mark
घोषणा: मैं घोषणा करता/करती हूँ कि उपर्युक्त जानकारी सत्य है। दिनांक/स्थान/हस्ताक्षर। भाषा-शुद्धता (सरल और संक्षिप्त, लगभग 80 शब्द)।
Answer: इंटर्न डॉक्टर पद के लिए व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षिक योग्यता और घोषणा सहित स्ववृत्त।
Where the marks are
- प्रारूप (1 अंक)
- व्यक्तिगत जानकारी और शैक्षिक योग्यताएँ (3 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
OR
Q14(b) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आप आमना/अमन हैं। अ.ब.स. बैंक के प्रबंधक को, एक शहर से दूसरे शहर में बचत खाता स्थानांतरित करने की प्रक्रिया जानने हेतु लगभग 80 शब्दों में एक ई-मेल लिखिए। 5
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- 1 mark
प्रारूप: प्रति: manager@abcbank.com; विषय: बचत खाता एक शहर से दूसरे शहर में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया के संबंध में; संबोधन: आदरणीय महोदय; अंत में धन्यवादसहित, नाम, खाता संख्या, मोबाइल।
- 1 mark
विषयवस्तु: मेरा आपकी बैंक की ...... शाखा में बचत खाता (संख्या ......) है। नौकरी/परिवार के कारण मैं ...... शहर से ...... शहर जा रहा/रही हूँ, इसलिए खाता नई शाखा में स्थानांतरित कराना चाहता/चाहती हूँ।
- 1 mark
कृपया बताइए कि इसके लिए कौन-सा आवेदन-पत्र और कौन-से दस्तावेज़ (पहचान-पत्र, नया पता-प्रमाण, पासबुक, चेकबुक) चाहिए, कोई शुल्क लगेगा या नहीं, और कितना समय लगेगा। खाता संख्या, ए.टी.एम. कार्ड और नेट बैंकिंग पूर्ववत चालू रहेंगे या नहीं, यह भी बताइए।
- 1 mark
शीघ्र उत्तर के लिए आभारी रहूँगा/रहूँगी। भाषा-शुद्धता: औपचारिक, शुद्ध, लगभग 80 शब्द।
- 1 mark
(विषयवस्तु की पूर्णता हेतु एक अंक: अनुरोध स्पष्ट और विनम्र हो।)
Answer: बैंक प्रबंधक को खाता-स्थानांतरण की प्रक्रिया जानने हेतु औपचारिक ई-मेल।
Where the marks are
- ई-मेल प्रारूप: प्रति, विषय, संबोधन, समापन (1 अंक)
- प्रक्रिया संबंधी स्पष्ट जिज्ञासाएँ और कारण (3 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
Answer one of these 2 alternatives.
Q15(a) · 4 marks · WritingCompetency-basedWriting
आपकी बहन ने 'दियारा' नाम से पॉल्ट्री (मुर्गीपालन) का व्यवसाय ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शुरू किया है। इस कंपनी की खूबियों को दर्शाने वाला एक आकर्षक विज्ञापन लगभग 40 शब्दों में बनाइए। 4
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- 1 mark
रचनात्मकता और प्रस्तुति: आकर्षक शीर्षक और नारा – 'दियारा पॉल्ट्री: ताज़गी जो घर तक आए!' चित्र/रंग अनिवार्य नहीं।
- 2 marks
विषयवस्तु: स्वस्थ मुर्गियों के ताज़े अंडे और मांस, सुरक्षित और स्वच्छ पैकिंग, उचित दाम। ऑनलाइन ऑर्डर पर घर तक त्वरित डिलीवरी; ऑफलाइन हमारी दुकान पर भी उपलब्ध। थोक-खुदरा छूट। संपर्क: मोबाइल ......, वेबसाइट ......, पता ......।
- 1 mark
भाषा-शुद्धता: छोटे, प्रभावी, शुद्ध वाक्य; लगभग 40 शब्द।
Answer: 'दियारा' पॉल्ट्री का आकर्षक विज्ञापन: ताज़गी, स्वच्छता, ऑनलाइन-ऑफलाइन सुविधा, छूट और संपर्क सहित।
Where the marks are
- रचनात्मकता और प्रस्तुति (1 अंक)
- खूबियों सहित विषयवस्तु (2 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
OR
Q15(b) · 4 marks · WritingCompetency-basedWriting
आपका नाम सोमा/सोमप्रभ है। अपने मामा-मामी को नए घर की बधाई देते हुए गृहप्रवेश के अवसर पर शुभकामना संदेश लगभग 40 शब्दों में लिखिए। 4
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- 1 mark
प्रारूप: दिनांक: ......; स्थान: ......; प्रिय मामा जी और मामी जी, ...... अंत में: आपकी स्नेहिल भांजी/आपका भांजा, सोमा/सोमप्रभ।
- 2 marks
विषयवस्तु: आपके नए घर के गृहप्रवेश पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ। यह घर आपके परिश्रम और सपनों का फल है। यहाँ सदा सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि बनी रहे। आपके आँगन में खुशियाँ गूँजती रहें और रिश्तों की मिठास बढ़ती रहे।
- 1 mark
भाषा-शुद्धता: आत्मीय, शुद्ध भाषा; लगभग 40 शब्द।
Answer: मामा-मामी को गृहप्रवेश पर बधाई और शुभकामना का संदेश।
Where the marks are
- उपयुक्त प्रारूप (1 अंक)
- बधाई और शुभकामनाओं सहित विषयवस्तु (2 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
Source: official question paper, cbse.gov.in. Chapter tags and solutions are ours. Spotted a transcription error? Write tosupport@questionbuddy.in.