CBSE Class 10 Hindi Course A 2025: question 1
Set in the CBSE Class 10 board exam of 2025, paper 3/1/1, section क, question 1, for 7 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.
Q1 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए :
दिनकर जी ने माना है कि उन पर प्रारम्भ से ही जितना प्रभाव रवीन्द्रनाथ ठाकुर का रहा उतना ही मोहम्मद इकबाल का। बाद में इलियट की काव्य-शैली और विचार-दृष्टि ने उनके कवि मानस को छूकर दूर भीतर तक उन्थित कर दिया। परिणामत: उनकी कविताओं ने एक नई भंगिमा को ग्रहण किया।
दिनकर जी अपने युग के एक प्रमुख कवि ही नहीं, सफल और प्रभावपूर्ण गद्य लेखक भी थे। सीधी-सरल भाषा और अत्यन्त प्रांजल शैली में उन्होंने विभिन्न साहित्यिक विषयों पर निबन्ध भी दिए हैं, तो बोधकथा, डायरी-संस्मरण भी, और दर्शन-इतिहासगत तथ्यों के विवेचन भी।
'दिनकर' जी जीवन भर संघर्षरत रहे। साहित्य और राजनीति दोनों के बीच उनका मन रमता था और इन दोनों ही क्षेत्रों में उनको सफलता मिली। साहित्य जगत द्वारा प्रदत्त ज्ञानपीठ पुरस्कार ने दिनकर जी को प्रफुल्लित कर दिया। उनके अन्तरंग मित्रों को यह ज्ञात है कि ज्ञानपीठ पुरस्कार उनके जीवन के अन्तिम अध्याय का स्वर्णिम क्षण सिद्ध हुआ। पुरस्कार प्राप्त कर 'दिनकर' जी अभिभूत थे क्योंकि कवि का मन अपनी रचनाओं की स्वीकृति, विशेष रूप से सुधीजनों द्वारा उनका प्रशंसित और समादृत होना, अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानता है। ज्ञानपीठ पुरस्कार के मिलने के बाद उन्होंने अप्रैल, 1974 में तिरुपति की यात्रा की। जब 'दिनकर' जी मद्रास पहुँचे तो यह एक सुखद संयोग था कि उनके सर्वाधिक स्नेही मित्र थे गंगाशरण सिंह और जयप्रकाश बाबू भी वहीं थे। उसी शाम उन्होंने मद्रास के समुद्र तट पर अपने कुछ मित्रों को अपनी सुन्दर-सुन्दर रचनाएँ सुनाईं। तब कोई नहीं जानता था कि आज 23 – 24 अप्रैल की शाम गंगा की गोद में उत्पन्न दिनकर जी के अस्ताचल जाने की शाम थी। उसी रात मद्रास में ही 'दिनकर' जी की जीवन लीला समाप्त हो गई और फिर उनका पार्थिव शरीर मद्रास से दिल्ली होकर पटना लाया गया।
- (i)1 mark
दिनकर जी के लेखन पर किन-किन कवियों का प्रभाव रहा है ?
I. इलियट
II. रवीन्द्रनाथ ठाकुर
III. मोहम्मद इकबाल
IV. गंगाशरण सिंह- (A)I, III और IV
- (B)I, II और III
- (C)II, III और IV
- (D)I, II और IV
- (ii)1 mark
दिनकर जी के बारे में कौन-सा तथ्य असत्य है ?
- (A)वे एक प्रमुख कवि थे परंतु असफल गद्य लेखक भी थे।
- (B)उनकी शैली प्रांजल थी तथा वे साहित्यिक निबंध लिखते थे।
- (C)ज्ञानपीठ पुरस्कार उनके जीवन के अंतिम अध्याय का स्वर्णिम पन्ना है।
- (D)बोधकथा, डायरी, संस्मरण के अतिरिक्त दिनकर जी ने इतिहास के विषय में भी लिखा है।
- (iii)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : पुरस्कार प्राप्त कर मन अभिभूत हो जाता है।
कारण : पुरस्कार विद्वज्जनों द्वारा दी जाने वाली सराहना और सम्मान का प्रतीक है।- (A)कथन ग़लत है और कारण भी पूरी तरह ग़लत ही है।
- (B)कथन सही है परंतु कारण आंशिक रूप से सही है।
- (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या भी है।
- (D)कथन और कारण दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की उचित व्याख्या नहीं है।
- (iv)2 marks
दिनकर जी की रचनाशीलता की दो विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए।
- (v)2 marks
ज्ञानपीठ पुरस्कार का दिनकर जी के जीवन में क्या महत्त्व रहा ?
Source: official question paper from cbse.gov.in (PDF). See it in the full 2025 board paper, set 3/1/1.
Hints
Open one hint at a time and try again before the next.
Hint 1
प्रत्येक विकल्प को गद्यांश की पंक्तियों से मिलाकर जाँचिए।
Hint 2
(ii) में देखिए कि गद्यांश दिनकर जी को गद्य लेखक के रूप में कैसा बताता है।
Hint 3
(iv) के लिए गद्यांश के दूसरे अनुच्छेद की भाषा, शैली और विधाओं पर ध्यान दीजिए।
Step-by-step solution
Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.
- 1 mark
(i) गद्यांश में रवीन्द्रनाथ ठाकुर, मोहम्मद इकबाल और इलियट का प्रभाव बताया गया है। गंगाशरण सिंह उनके मित्र थे, कवि नहीं। इसलिए सही विकल्प (B) I, II और III है।
- 1 mark
(ii) गद्यांश में दिनकर जी को सफल और प्रभावपूर्ण गद्य लेखक कहा गया है। अतः 'असफल गद्य लेखक' वाला कथन असत्य है। उत्तर (A)।
- 1 mark
(iii) पुरस्कार सुधीजनों की प्रशंसा और सम्मान का प्रमाण होता है, इसीलिए कवि का मन अभिभूत होता है। कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है। उत्तर (C)।
- 2 marks
(iv) पहली विशेषता: दिनकर जी का कविता और गद्य दोनों पर समान अधिकार था। वे प्रमुख कवि थे और सफल गद्य लेखक भी, जैसे उनकी कविताओं ने इलियट आदि के प्रभाव से नई भंगिमा ग्रहण की। दूसरी विशेषता: उनकी भाषा सरल और शैली प्रांजल थी, और विधाओं में विविधता थी। उन्होंने साहित्यिक निबंध, बोधकथा, डायरी-संस्मरण तथा दर्शन-इतिहास के विवेचन लिखे।
- 2 marks
(v) ज्ञानपीठ पुरस्कार साहित्य जगत द्वारा दी गई सर्वोच्च स्वीकृति और सम्मान का प्रतीक था। इसने दिनकर जी को प्रफुल्लित और अभिभूत कर दिया। यह उनके जीवन के अंतिम अध्याय का स्वर्णिम क्षण सिद्ध हुआ। इससे उन्हें अपनी रचनाओं की प्रशंसा होने का संतोष और गौरव मिला।
Answer: (i) B; (ii) A; (iii) C; (iv) कविता-गद्य पर समान अधिकार, सरल-प्रांजल शैली व विधा-विविधता; (v) साहित्यिक योगदान की सर्वोच्च स्वीकृति, जीवन का स्वर्णिम क्षण
Where the marks are
- (i) सही विकल्प B (1 अंक)
- (ii) सही विकल्प A (1 अंक)
- (iii) सही विकल्प C (1 अंक)
- (iv) दो उपयुक्त विशेषताएँ उदाहरण सहित (1+1=2 अंक)
- (v) ज्ञानपीठ का महत्त्व दो बिंदुओं में (1+1=2 अंक)
Revise the chapter
- Chapter: Reading (unseen passages)
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