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HindiISC Class 12 · Chapter 2

ISC Class 12 हिंदी अपठित गद्यांश: प्रश्नों के प्रकार, विधि और हल

Updated 14 October 2026 · Fact-checked

ISC हिंदी का दूसरा प्रश्न अपठित गद्यांश है, जिसके 15 अंक हैं: अपने शब्दों में 3-3 अंकों के तीन उत्तर और गद्यांश के उद्धृत अंशों पर 1-1 अंक के छह बहुविकल्पी प्रश्न। गद्यांश दो बार पढ़ें, हर प्रश्न के सभी बिंदु खोजें और उत्तर अपने शब्दों में लिखें।

What अपठित गद्यांश is about

अपठित गद्यांश ISC हिंदी (805) के खंड क का प्रश्न 2 है और इसके 15 अंक हैं। पाठ्यक्रम के अनुसार लगभग 300 शब्दों का एक अपठित गद्यांश दिया जाता है, जिस पर ऐसे प्रश्न होते हैं जो सारांश लिखने या किसी विचार का विस्तार करने की क्षमता जाँचते हैं।

2024 (कैसोवैरी चिड़िया की कथा) और 2025 (महाकवि कालिदास और वृद्धा की कथा) के बोर्ड प्रश्न-पत्रों में ढाँचा एक-सा था:

  • (i), (ii), (iii): तीन प्रश्न, हर एक 3 अंक का, जिनके उत्तर 'अपने शब्दों में' लिखने हैं। प्रायः एक प्रश्न में दो-तीन उप-प्रश्न होते हैं (क्या, क्यों, कैसे)।
  • (iv): गद्यांश का एक अंश उद्धृत करके उस पर तीन बहुविकल्पी प्रश्न (1×3)।
  • (v): एक और उद्धृत अंश पर तीन बहुविकल्पी प्रश्न (1×3)।

गद्यांश प्रायः कोई बोधकथा होती है जिसमें एक जीवन-मूल्य छिपा होता है: 2024 में 'दूसरों से तुलना करके हीन न समझें, हर व्यक्ति अद्वितीय है', और 2025 में 'शिक्षा से ज्ञान आता है, अहंकार नहीं'। तीसरा प्रश्न अक्सर इसी संदेश या सीख के बारे में होता है।

परीक्षकों की मुख्य शिकायतें: छात्रों ने गद्यांश से वाक्य उतार दिए (2025: 'अपने शब्दों में' की उपेक्षा), प्रश्न के सभी अंशों का उत्तर नहीं दिया, पात्रों को आपस में मिला दिया (2025 में कुछ ने लिखा कि स्वांग कालिदास ने भरा था), और गद्यांश को पूरा पढ़े बिना बहुविकल्पी उत्तर चुने।

Weightage: अपठित गद्यांश खंड क का प्रश्न 2 है: 3-3 अंकों के तीन लिखित उत्तर (9) और 1-1 अंक के छह बहुविकल्पी प्रश्न (6), कुल 80 में से 15 अंक।Source: CISCE ISC 2027 भारतीय भाषाएँ पाठ्यक्रम (खंड क) तथा 2024 और 2025 के बोर्ड प्रश्न-पत्र (परीक्षकों की रिपोर्ट)

Key concepts

दो बार पढ़ना: पहले कथा, फिर प्रश्नों के साथ

पहली बार पूरा गद्यांश पढ़कर कथा और उसका संदेश समझें: कौन पात्र है, क्या समस्या है, अंत में क्या सीख मिलती है। दूसरी बार प्रश्न पढ़कर उत्तर वाले वाक्य रेखांकित करें। 2025 के परीक्षकों ने सुझाव दिया कि छात्र पढ़ने के समय में गद्यांश दो-तीन बार पढ़ें; कई छात्रों ने गद्यांश पूरा न पढ़ने के कारण बहुविकल्पी प्रश्नों में गलत विकल्प चुने।

Worked example

2025 के गद्यांश में अंतिम भाग पढ़े बिना 'कालिदास वृद्धा के पैरों पर क्यों गिर पड़े?' का उत्तर देने वाले छात्रों ने 'प्यास' या 'बेहोशी' चुना। सही उत्तर तक कैसे पहुँचें?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कथा का अंत पढ़ें: वृद्धा स्वयं सरस्वती थीं।
  2. उन्होंने कालिदास का अहंकार तोड़ा।
  3. कालिदास को अपनी भूल का अहसास हुआ।

Answer: कालिदास का अहंकार टूट गया और उन्हें अपनी भूल का बोध हुआ, इसलिए वे क्षमा माँगने के लिए वृद्धा (सरस्वती) के पैरों पर गिर पड़े। यह उत्तर केवल पूरा गद्यांश पढ़ने पर मिलता है।

अपने शब्दों में उत्तर

प्रश्न-पत्र का निर्देश स्पष्ट है: उत्तर अपने शब्दों में ('using your own words') लिखने हैं। गद्यांश के वाक्य ज्यों-के-त्यों उतारने पर अंक कटते हैं। 2025 के परीक्षकों के अनुसार कई छात्रों ने गद्यांश से उत्तर उतार दिया; 2024 में भी कुछ ने पंक्तियाँ शब्दशः लिखीं या गद्यांश से हटकर अपने तर्क दिए। विधि: गद्यांश का भाव लें, शब्द और वाक्य-रचना अपनी रखें।

Worked example

गद्यांश का वाक्य: 'अपार यश, प्रतिष्ठा और सम्मान पाकर कालिदास को अपनी विद्वत्ता पर घमंड हो गया था।' इसे अपने शब्दों में लिखिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. मूल भाव: बहुत प्रसिद्धि मिलने से ज्ञान का अभिमान हो गया।
  2. पर्याय चुनें: यश = कीर्ति, घमंड = अहंकार।
  3. वाक्य की बनावट बदलें।

Answer: 'चारों ओर फैली कीर्ति और मान-सम्मान ने कालिदास के मन में यह अहंकार भर दिया था कि वे सबसे बड़े विद्वान हैं।'

3 अंकों के उत्तर: हर उप-प्रश्न का अलग उत्तर

एक 3-अंक के प्रश्न में प्रायः दो-तीन उप-प्रश्न होते हैं। 2025 के (iii) में तीन थे: सरस्वती को किसका स्वांग भरना पड़ा? उसके पीछे मकसद क्या था? वे मकसद में कैसे सफल हुईं? परीक्षकों ने सुझाव दिया कि हर अंश का अलग, बिंदुवार उत्तर दिया जाए; 2025 के (ii) में 'मेहमान' और 'सहनशील' दोनों तर्क विस्तार से न समझाने पर अंक कटे।

Worked example

2025 के (ii) का उत्तर-ढाँचा बनाइए: कालिदास द्वारा अपना परिचय 'मेहमान' और 'सहनशील' कहकर देने पर वृद्धा ने क्या तर्क दिए?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. मेहमान: संसार में केवल दो मेहमान हैं, धन और यौवन, जिन्हें जाने में देर नहीं लगती।
  2. सहनशील: केवल दो सहनशील हैं, धरती (सबका बोझ सहकर अन्न देती है) और पेड़ (पत्थर खाकर भी फल देते हैं)।
  3. निष्कर्ष: इसलिए कालिदास इनमें से कोई नहीं।

Answer: तीन वाक्य-समूह, हर तर्क अलग: यही 2025 की अंक-योजना के बिंदु थे।

संदेश या सीख वाले प्रश्न

बोधकथा का अंतिम प्रश्न प्रायः पूछता है कि गद्यांश से क्या सीख मिलती है। उत्तर गद्यांश पर आधारित हो, अपने मन के सामान्य उपदेश नहीं। 2024 की अंक-योजना की सीखें: दूसरों से तुलना करके हीन न समझें, जो मिला है उसके लिए आभारी रहें, हर व्यक्ति अद्वितीय है, सकारात्मक सोचें। परीक्षकों ने गद्यांश से हटकर अपने तर्क देने पर अंक काटे।

Worked example

2024 की कैसोवैरी कथा (जो चिड़िया उड़ नहीं सकती थी पर जंगल में जामुन के बीज फैलाती थी) से मिलने वाली तीन सीखें लिखिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. गद्यांश में कैसोवैरी की हीनता की भावना देखें।
  2. जामुन के पेड़ के उत्तर से उसका महत्त्व समझें।
  3. सीखें गद्यांश की घटना से जोड़ें।

Answer: (1) दूसरों से तुलना करके स्वयं को हीन नहीं समझना चाहिए; (2) हर प्राणी की अपनी विशेषता और उपयोगिता है; (3) जो हमारे पास है, उसके लिए आभारी रहकर सकारात्मक सोच रखनी चाहिए।

उद्धृत अंश पर बहुविकल्पी प्रश्न

(iv) और (v) में गद्यांश का कोई संवाद या अंश उद्धृत करके तीन-तीन प्रश्न पूछे जाते हैं: कथन के पीछे का भाव, किसी वाक्य का आशय, संदर्भ, पात्र की मनःस्थिति। शब्दों के शाब्दिक अर्थ वाले विकल्प प्रायः गलत होते हैं; 2025 में '…मेरा बहुत नाम और सम्मान है' का आशय पूछने पर कुछ ने 'कालिदास के कई नाम हैं' चुना। विधि: अंश का संदर्भ याद करें, हर विकल्प को कथा से मिलाएँ, जो बचे वही चुनें।

Worked example

2025: 'वृद्धा को अपना परिचय देते समय कालिदास की मनःस्थिति कैसी थी?' लगभग सभी छात्रों ने 'विनम्रता और विरक्ति भरी' चुना। यह गलत क्यों है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कालिदास ने स्वयं को बड़ा विद्वान बताया और दूर-दूर तक अपने नाम और सम्मान की बात की।
  2. यह विनम्रता नहीं, अभिमान है।

Answer: उस समय कालिदास अहंकार और आत्म-प्रशंसा से भरे थे (साथ में प्यास की व्याकुलता)। 'विनम्रता' कथा के संदेश के विपरीत है; उनका अहंकार तो बाद में टूटता है।

अपठित गद्यांश in real life

Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

अपने शब्दों में बात कहना

मान लीजिए शिक्षक ने कक्षा में एक लंबा परिपत्र पढ़कर सुनाया और आपको घर पर माता-पिता को उसका सार बताना है।

आप बात कैसे बताएँगे?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. मुख्य बिंदु पहचानें: तिथि, कार्य, शुल्क।
  2. परिपत्र की भाषा न दोहराएँ; सरल शब्दों में बताएँ।
  3. हर बिंदु अलग से कहें।

Answer: मुख्य बातें अपने सरल शब्दों में, क्रम से बताने पर ही माता-पिता समझेंगे; अपठित गद्यांश में भी यही कौशल अपेक्षित है।

Memory hook: भाव उसका, शब्द मेरे।

पूरी बात पढ़कर निर्णय

कल्पना कीजिए कि आप किसी संदेश का केवल पहला वाक्य पढ़कर उत्तर दे देते हैं: 'कल की बैठक रद्द…' और अगला भाग 'रद्द नहीं, स्थगित होकर दोपहर में होगी' छूट जाता है।

इससे क्या हानि होगी?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. अधूरी जानकारी से गलत निर्णय।
  2. पूरा पढ़ने पर अर्थ बदल सकता है।
  3. बहुविकल्पी प्रश्नों में भी यही होता है।

Answer: आप बैठक में नहीं पहुँचेंगे। 2025 के गद्यांश में भी कथा का अंत पढ़े बिना छात्रों ने गलत विकल्प चुने।

Memory hook: अंत पढ़ो, तब उत्तर चुनो।

कथा से जीवन-मूल्य

मान लीजिए आपका छोटा भाई दूसरों से तुलना करके दुखी रहता है कि वह गा नहीं सकता।

कैसोवैरी की कथा उसे क्या सिखा सकती है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. हर किसी की अलग क्षमता होती है।
  2. अपनी विशेषता पहचानें।
  3. तुलना छोड़कर सकारात्मक सोचें।

Answer: जैसे उड़ न पाने वाली कैसोवैरी जंगल में बीज फैलाकर उपयोगी थी, वैसे ही भाई की भी अपनी विशेषता है। बोधकथाओं की सीख जीवन में लागू होती है।

Memory hook: उड़ नहीं सकती, पर जंगल उगाती है।

Topics in this chapter

How the board asks अपठित गद्यांश

The question patterns to expect, and the method that works for each.

Question typeHow it is askedMethod
3 अंकों का कारण/तथ्य वाला प्रश्न'महाकवि कालिदास को किस बात का घमंड हो गया था और क्यों?' (2025 (i)); 2024 (i) में अन्य चिड़ियों के कैसोवैरी को चिढ़ाने के कारण पूछे गए (आशय)।सभी तथ्य (प्रायः तीन-चार) अपने शब्दों में; 'क्यों' का कारण अवश्य।
3 अंकों का तर्क/संवाद वाला प्रश्न'वृद्धा ने क्या तर्क दिए? समझाकर लिखिए' (2025 (ii)); 2024 (ii) में कैसोवैरी की शिकायत किससे थी और वह कैसे दूर हुई, यह पूछा गया (आशय)।हर तर्क या अंश अलग वाक्य-समूह में; उदाहरण सहित समझाएँ।
3 अंकों का संदेश/सीख वाला प्रश्न'इस स्वांग के पीछे उनका मकसद क्या था? वे मकसद में किस प्रकार कामयाब हुईं?' (2025 (iii)); 2024 (iii) में गद्यांश से मिलने वाली सीख पूछी गई (आशय)।गद्यांश की घटना से सीख जोड़ें; अपने सामान्य उपदेश नहीं।
उद्धृत अंश पर 1-1 अंक के बहुविकल्पी प्रश्न'इस कथन के पीछे कालिदास का क्या भाव था?', 'उक्त पंक्तियाँ किस संदर्भ में कही गई हैं?', 'मनःस्थिति कैसी थी?' (2025 (iv), (v))।संदर्भ और भाव से उत्तर; शाब्दिक अर्थ वाले विकल्पों से बचें; केवल एक विकल्प लिखें।

Tricks to remember अपठित गद्यांश

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • पढ़ो-पढ़ो-लिखो

    पहली बार कथा, दूसरी बार प्रश्नों के साथ, फिर अपने शब्दों में उत्तर।

    Use it when: प्रश्न 2 की कार्य-विधि।

  • किसने-किससे-क्यों

    हर उत्तर से पहले कर्ता, पात्र और कारण तय करें।

    Use it when: पात्रों को मिलाने की गलती से बचाव।

  • 3 अंक = 3 बिंदु

    हर 3-अंक के प्रश्न में कम-से-कम तीन अलग बिंदु।

    Use it when: उत्तर की लंबाई और पूर्णता।

अपठित गद्यांश: board-level solved questions

Ordered from board level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.

Example 1: अभ्यास गद्यांश और 3 अंकों का पहला प्रश्न · 3 marks · Short answerBoard level

गद्यांश पढ़कर उत्तर दीजिए (अभ्यास के लिए हमारा अपना गद्यांश):

एक गाँव में दो भाई रहते थे, रामू और श्यामू। रामू मेहनती था, पर श्यामू सोचता था कि बिना परिश्रम के धन मिल जाए तो क्या कहना। एक दिन गाँव के बूढ़े पुजारी ने दोनों को बुलाकर कहा, 'मेरे आँगन में एक मटका गड़ा है, जिसमें सोना है। जो उसे खोद निकाले, सोना उसी का।'

श्यामू ने सोचा, 'इतनी कड़ी ज़मीन कौन खोदे? रामू खोदेगा, तो मैं बाद में बहाने से हिस्सा माँग लूँगा।' रामू सुबह से शाम तक आँगन खोदता रहा। तीन दिन में पूरा आँगन खुद गया, पर मटका कहीं न मिला। थका-हारा रामू पुजारी के पास पहुँचा।

पुजारी मुस्कराए और बोले, 'बेटा, अब इस नरम मिट्टी में सब्ज़ियों के बीज बो दो।' रामू ने वैसा ही किया। कुछ महीनों में आँगन हरी सब्ज़ियों से भर गया, जिन्हें बेचकर रामू ने अच्छी कमाई की। तब पुजारी ने कहा, 'यही वह सोना है। परिश्रम से खोदी गई धरती कभी किसी को खाली हाथ नहीं लौटाती।' श्यामू, जो अब भी बिना कुछ किए हिस्सा माँगने आया था, शर्म से सिर झुकाकर लौट गया।

प्रश्न (i): पुजारी ने दोनों भाइयों से क्या कहा? श्यामू ने आँगन खोदने से क्यों इनकार किया? रामू के परिश्रम का पहला परिणाम क्या हुआ?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. उप-प्रश्न 1: पुजारी की बात (सोने का मटका, जो खोदे उसका)।
  2. उप-प्रश्न 2: श्यामू का कारण (कड़ी मेहनत से बचना, बाद में हिस्सा माँगने की चाल)।
  3. उप-प्रश्न 3: पहला परिणाम (आँगन खुद गया, पर मटका नहीं मिला)।
  4. तीनों अपने शब्दों में।

Answer: पुजारी ने बताया कि उनके आँगन में सोने से भरा एक मटका गड़ा है और जो उसे खोदकर निकालेगा, सोना उसी का होगा। श्यामू आलसी था; वह कठोर ज़मीन खोदने का कष्ट नहीं उठाना चाहता था और सोचता था कि रामू के खोदने के बाद वह किसी बहाने से हिस्सा माँग लेगा। रामू ने तीन दिन लगातार खुदाई करके पूरा आँगन खोद डाला, पर उसे कोई मटका नहीं मिला और वह थककर पुजारी के पास गया।

Example 2: 3 अंकों का संदेश वाला प्रश्न · 3 marks · Short answerHarder board level

उपर्युक्त गद्यांश से: पुजारी ने किसे 'सोना' कहा और क्यों? इस कथा से हमें क्या सीख मिलती है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. पुजारी ने सब्ज़ियों से हुई कमाई (परिश्रम के फल) को सोना कहा।
  2. कारण: परिश्रम से तैयार धरती ने सच्चा धन दिया।
  3. सीख: परिश्रम ही सच्चा धन है; बिना मेहनत के फल की आशा व्यर्थ है।

Answer: पुजारी ने रामू की मेहनत से उगी सब्ज़ियों और उनसे हुई कमाई को 'सोना' कहा, क्योंकि गड़ा हुआ मटका तो था ही नहीं; असली धन वह फल था जो खुदाई से नरम हुई धरती ने परिश्रम के बदले दिया। कथा सिखाती है कि परिश्रम ही सच्चा धन है, बिना मेहनत किए दूसरों के फल में हिस्सा माँगना लज्जा की बात है, और धैर्य से किया गया श्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता।

Example 3: उद्धृत अंश पर बहुविकल्पी प्रश्न · 3 marks · MCQHarder board level

'यही वह सोना है। परिश्रम से खोदी गई धरती कभी किसी को खाली हाथ नहीं लौटाती।'

(1) 'यही वह सोना है' में 'सोना' से अभिप्राय है:
(क) मटके में गड़ा सोना
(ख) परिश्रम से प्राप्त फल और कमाई
(ग) पुजारी का धन
(घ) पीली सब्ज़ियाँ

(2) 'खाली हाथ नहीं लौटाती' का आशय है:
(क) धरती हाथ पकड़ लेती है
(ख) मेहनत करने वाले को फल अवश्य मिलता है
(ग) धरती में सब कुछ छिपा रहता है
(घ) खेती से ही सोना मिलता है

(3) ये शब्द सुनकर श्यामू की मनःस्थिति कैसी रही होगी?
(क) गर्व से भरी
(ख) लज्जा और पछतावे से भरी
(ग) क्रोध से भरी
(घ) उदासीन

Try it first, then show the solutionSolution
  1. (1) शाब्दिक सोना (क) था ही नहीं; (ख) परिश्रम का फल।
  2. (2) मुहावरेदार आशय: मेहनत का फल मिलता है।
  3. (3) गद्यांश: श्यामू 'शर्म से सिर झुकाकर' लौटा।

Answer: (1) (ख) (2) (ख) (3) (ख)

Example 4: 2025 का प्रश्न (iii): स्वांग का मकसद · 3 marks · Short answerHOTS / competency

माता सरस्वती को किसका स्वांग भरना पड़ा? इस स्वांग के पीछे उनका मकसद क्या था? वे अपने मकसद में किस प्रकार कामयाब हुईं? (2025, 3 अंक)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. स्वांग: वृद्धा का (कालिदास का नहीं; परीक्षकों के अनुसार कुछ छात्रों ने यही गलती की)।
  2. मकसद: कालिदास की आँखें खोलना कि शिक्षा से ज्ञान आता है, अहंकार नहीं।
  3. सफलता: कालिदास का अहंकार टूटा और उन्हें अपने ज्ञान की निस्सारता का बोध हुआ।

Answer: माता सरस्वती को एक वृद्धा का स्वांग भरना पड़ा। उनका उद्देश्य कालिदास को यह समझाना था कि शिक्षा से ज्ञान और विनम्रता आती है, अहंकार नहीं, क्योंकि कालिदास अपनी विद्वत्ता के घमंड में डूब गए थे। अपने प्रश्नों और तर्कों से उन्होंने कालिदास को निरुत्तर कर दिया; उनका अहंकार चूर-चूर हो गया और उन्हें अपने ज्ञान की सीमा का अहसास हुआ। (उत्तर 2025 की अंक-योजना के बिंदुओं पर आधारित।)

Example 5: उत्तर उतारने की गलती सुधारना · 3 marks · Short answerHarder board level

2025 के प्रश्न (i) 'महाकवि कालिदास को किस बात का घमंड हो गया था और क्यों?' के उत्तर में एक छात्र ने गद्यांश का पहला अनुच्छेद ज्यों-का-त्यों उतार दिया। उत्तर अपने शब्दों में फिर से लिखिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. अंक-योजना के बिंदु: विद्वत्ता का घमंड; कंठ में सरस्वती, शास्त्रार्थ में अजेय; यश से लगा कि सारा ज्ञान पा लिया; स्वयं को सबसे बड़ा ज्ञानी समझना।
  2. भाव वही, शब्द अपने।

Answer: कालिदास को अपनी विद्वत्ता का अभिमान हो गया था। वे इतने प्रतिभाशाली थे कि मानो उनकी वाणी में स्वयं सरस्वती बसती थीं, और शास्त्रार्थ में उन्हें कोई हरा नहीं पाता था। चारों ओर मिले मान-सम्मान ने उन्हें यह भ्रम दे दिया कि संसार का सारा ज्ञान उन्होंने पा लिया है और उनसे बड़ा ज्ञानी कोई नहीं।

Where the marks are

How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.

प्रश्न 2, अपठित गद्यांश (15 अंक), 2025 के प्रश्न-पत्र के अनुसार अंक। (15 marks)

StepMarks
(i) 3 अंक: सभी तथ्य अपने शब्दों में3
(ii) 3 अंक: हर तर्क/अंश अलग, समझाकर3
(iii) 3 अंक: उद्देश्य/परिणाम/सीख, गद्यांश पर आधारित3
(iv) उद्धृत अंश पर तीन बहुविकल्पी प्रश्न, 1-1 अंक3
(v) दूसरे उद्धृत अंश पर तीन बहुविकल्पी प्रश्न, 1-1 अंक3

Where students lose marks in अपठित गद्यांश

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: गद्यांश से उत्तर उतारना

    उतारना आसान लगता है। 2025 के परीक्षकों ने लिखा कि छात्रों ने उत्तर गद्यांश से उतार दिए, और सुझाव दिया कि वे अपने शब्दों में लिखें।

    Wrong working

    'महाकवि कालिदास के कंठ में साक्षात सरस्वती का वास था। शास्त्रार्थ में उन्हें कोई पराजित नहीं कर सकता था…' (पूरा अनुच्छेद)

    Right working

    'कालिदास की प्रतिभा अद्भुत थी और शास्त्रार्थ में उन्हें कोई हरा नहीं पाता था; इसी से उन्हें अपनी विद्वत्ता का अहंकार हो गया।'

    Do this: भाव लें, शब्द और वाक्य-रचना बदलें।

    Usually costs: हर 3-अंक के उत्तर में अंक।

  • Mistake: पात्रों या कर्ताओं को मिला देना

    2025 में कुछ छात्रों ने लिखा कि स्वांग कालिदास ने भरा, जबकि सरस्वती ने वृद्धा का स्वांग भरा था; 2024 में कुछ ने लिखा कि शिकायत अन्य चिड़ियों से थी, जबकि वह ईश्वर से थी।

    Do this: उत्तर लिखने से पहले पूछें: किसने, किससे, किसके लिए?

    Usually costs: पूरे 3 अंक तक।

  • Mistake: प्रश्न के सभी अंशों का उत्तर न देना

    2025 के (ii) में 'मेहमान' और 'सहनशील' दोनों तर्क विस्तार से नहीं समझाए गए; 2024 में शिकायत कैसे दूर हुई, यह छोड़ दिया गया।

    Do this: हर उप-प्रश्न का अलग वाक्य-समूह में उत्तर दें।

    Usually costs: हर छूटे अंश का 1 अंक।

  • Mistake: गद्यांश पूरा पढ़े बिना बहुविकल्पी उत्तर

    2025 में कालिदास के पैरों पर गिरने का कारण 'प्यास' या 'बेहोशी' चुना गया, क्योंकि गद्यांश पूरा नहीं पढ़ा गया था; 'मनःस्थिति' वाले प्रश्न में लगभग सभी ने गलत विकल्प चुना।

    Do this: पढ़ने के समय में गद्यांश दो-तीन बार पढ़ें; विकल्पों को कथा के अंत से मिलाएँ।

    Usually costs: हर प्रश्न का 1 अंक।

  • Mistake: गद्यांश से हटकर अपने उपदेश

    2024 में संदेश वाले प्रश्न में कुछ छात्रों ने गद्यांश पर आधारित न होकर अपने तर्क दिए।

    Do this: हर सीख को गद्यांश की किसी घटना से जोड़ें।

    Usually costs: संदेश-प्रश्न के अंक।

Practice questions on अपठित गद्यांश

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 3 marks · Short answerBoard level

    गद्यांश पढ़कर उत्तर दीजिए (अभ्यास के लिए हमारा अपना गद्यांश):

    एक राजा ने घोषणा की कि जो व्यक्ति उसके राज्य का सबसे सुखी व्यक्ति खोजकर लाएगा, उसे पुरस्कार मिलेगा। मंत्री धनी व्यापारियों, विद्वानों और सेनापतियों के पास गए, पर हर किसी को कोई-न-कोई दुख था। अंत में उन्हें खेत की मेड़ पर गाता हुआ एक किसान मिला। पूछने पर उसने कहा, 'मेरे पास जितना है, उतने में मेरा परिवार भरपेट खाता है; मैं किसी से ईर्ष्या नहीं करता और रात को चैन की नींद सोता हूँ।'

    प्रश्न: मंत्रियों को धनी लोगों में सुखी व्यक्ति क्यों नहीं मिला? किसान के सुख के क्या कारण थे? इससे क्या सीख मिलती है?

    Hint

    तीन उप-प्रश्न, तीन अलग उत्तर, अपने शब्दों में।

    Answer

    धनी होने पर भी व्यापारी, विद्वान और सेनापति किसी-न-किसी दुख या चिंता से घिरे थे, इसलिए कोई पूर्णतः सुखी नहीं मिला। किसान सुखी था क्योंकि वह जितना है उसी में संतुष्ट था, परिवार का पेट भर लेता था, किसी से ईर्ष्या नहीं करता था और निश्चिंत होकर सोता था। सीख: सुख धन से नहीं, संतोष और ईर्ष्या-रहित मन से मिलता है।

  2. Q2 · 3 marks · MCQHarder board level

    उपर्युक्त गद्यांश से: 'मैं किसी से ईर्ष्या नहीं करता और रात को चैन की नींद सोता हूँ।'
    (1) 'चैन की नींद सोना' का आशय है:
    (क) देर तक सोना
    (ख) निश्चिंत रहना
    (ग) थककर सोना
    (घ) दिन में सोना
    (2) किसान के कथन से उसका कौन-सा गुण प्रकट होता है?
    (क) महत्त्वाकांक्षा
    (ख) संतोष
    (ग) अहंकार
    (घ) आलस्य
    (3) यह कथन किस संदर्भ में कहा गया?
    (क) राजा के आदेश पर कर देते समय
    (ख) मंत्रियों के यह पूछने पर कि वह सुखी क्यों है
    (ग) पुरस्कार माँगते समय
    (घ) व्यापारी से झगड़ते समय

    Hint

    भाव और संदर्भ देखें, शाब्दिक अर्थ नहीं।

    Answer

    (1) (ख) (2) (ख) (3) (ख)

  3. Q3 · 3 marks · Short answerHarder board level

    2024 की कैसोवैरी कथा में कैसोवैरी ने किससे शिकायत की और उसकी शिकायत कैसे दूर हुई? (3 अंक; गद्यांश की अंक-योजना के बिंदुओं के आधार पर)

    Hint

    शिकायत ईश्वर से थी, अन्य चिड़ियों से नहीं (परीक्षकों के अनुसार यही गलती हुई)।

    Answer

    कैसोवैरी ने ईश्वर से शिकायत की कि उसे चिड़िया बनाकर भी उड़ने की क्षमता क्यों नहीं दी, जिसके कारण सब उसे चिढ़ाते हैं। जामुन के पेड़ ने उसे बताया कि वही जंगल में उसके बीज फैलाती है, जिससे नए पेड़ उगते हैं; अपनी उपयोगिता जानकर उसकी शिकायत दूर हो गई।

  4. Q4 · 1 mark · Very short answerBoard level

    किसी गद्यांश के 3-अंक वाले प्रश्न में 'समझाकर लिखिए' हो, तो उत्तर कितना लंबा और कैसा होना चाहिए? दो पंक्तियों में बताइए।

    Hint

    2025 (ii) पर परीक्षकों की टिप्पणी।

    Answer

    हर तर्क या अंश को अलग वाक्य-समूह में उदाहरण सहित समझाएँ (लगभग 50-60 शब्द); 2025 में संक्षिप्त उत्तरों पर, जिनमें दोनों तर्क विस्तार से नहीं समझाए गए, अंक कटे।

  5. Q5 · 3 marks · Short answerHOTS / competency

    'जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है, वह स्वयं उसमें गिरता है' विषय पर एक बोधकथा जैसे गद्यांश का संदेश-प्रश्न बनाइए और उसका आदर्श उत्तर लिखिए।

    Hint

    प्रश्न में दो उप-प्रश्न रखें: घटना और सीख।

    Answer

    प्रश्न: 'व्यापारी की चाल उसी पर कैसे उलटी पड़ी? इस कथा से क्या सीख मिलती है?' उत्तर: व्यापारी ने प्रतिद्वंद्वी के माल में मिलावट करवाई, पर गलती से वही माल उसके अपने गोदाम में पहुँच गया और उसकी साख गिर गई। सीख: दूसरों का बुरा सोचने वाले का स्वयं बुरा होता है; ईमानदारी ही स्थायी सफलता देती है।

  6. Q6 · 1 mark · Very short answerHarder board level

    2025 में '…मेरा बहुत नाम और सम्मान है' का आशय पूछने पर कुछ छात्रों ने 'कालिदास के कई नाम हैं' चुना। सही आशय क्या है?

    Hint

    'नाम' यहाँ प्रसिद्धि के अर्थ में है।

    Answer

    कालिदास बहुत प्रसिद्ध हैं और दूर-दूर तक उनका आदर होता है; यहाँ 'नाम' का अर्थ कीर्ति है, अनेक नाम नहीं।

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.अपठित गद्यांश के कितने अंक हैं और कैसे बँटे हैं?Show answer

    15 अंक: 3-3 अंकों के तीन लिखित प्रश्न और 1-1 अंक के छह बहुविकल्पी प्रश्न।

  2. 2.लिखित उत्तर किस प्रकार देने हैं?Show answer

    अपने शब्दों में, हर उप-प्रश्न का अलग उत्तर।

  3. 3.2025 के गद्यांश का संदेश क्या था?Show answer

    शिक्षा से ज्ञान आता है, अहंकार नहीं।

  4. 4.2024 के गद्यांश की मुख्य सीख क्या थी?Show answer

    दूसरों से तुलना करके हीन न समझें; हर व्यक्ति अद्वितीय और उपयोगी है।

  5. 5.बहुविकल्पी प्रश्नों में सबसे आम गलती क्या थी?Show answer

    गद्यांश पूरा पढ़े बिना या शाब्दिक अर्थ के आधार पर विकल्प चुनना।

Quick revision checklist

The night before the exam: can you do each of these without looking?

  • क्या आप गद्यांश की कथा और संदेश दो वाक्यों में बता सकते हैं?
  • क्या आप किसी वाक्य को उसका भाव बदले बिना अपने शब्दों में लिख सकते हैं?
  • क्या आप हर 3-अंक के प्रश्न के उप-प्रश्न पहचान सकते हैं?
  • क्या आप मुहावरेदार आशय और शाब्दिक अर्थ में अंतर कर सकते हैं?
  • क्या आप उत्तर लिखने से पहले कर्ता और पात्र जाँचते हैं?

अपठित गद्यांश: frequently asked questions

ISC हिंदी अपठित गद्यांश कितने शब्दों का होता है?

पाठ्यक्रम लगभग 300 शब्दों का गद्यांश बताता है; बोर्ड प्रश्न-पत्रों में यह प्रायः एक बोधकथा होती है।

क्या उत्तरों की कोई शब्द-सीमा है?

निश्चित सीमा नहीं दी जाती, पर 3-अंक के उत्तर में प्रायः तीन बिंदु, लगभग 50-60 शब्दों में, पर्याप्त होते हैं।

बहुविकल्पी प्रश्नों में क्या केवल विकल्प-अक्षर लिखना पर्याप्त है?

विकल्प-अक्षर के साथ विकल्प का पाठ भी लिखना सुरक्षित है; केवल एक ही विकल्प लिखें।

गद्यांश के शब्द उत्तर में बिल्कुल नहीं आ सकते?

मुख्य संज्ञाएँ और नाम आ सकते हैं, पर वाक्य अपने हों; प्रश्न 'अपने शब्दों में' उत्तर माँगता है।

Based on: CISCE ISC 2027 Indian Languages syllabus (Hindi 805, Section A); CISCE ISC Analysis of Pupil Performance 2025: Hindi (board paper, marking scheme, examiners' comments); CISCE ISC Analysis of Pupil Performance 2024: Hindi (examiners' comments)