ISC Class 12 हिंदी संस्कृति क्या है (रामधारी सिंह 'दिनकर'): विचार, अंतर और हल सहित प्रश्न
Updated 14 October 2026 · Fact-checked
'संस्कृति क्या है' निबंध में दिनकर सभ्यता और संस्कृति का अंतर बताते हैं: सभ्यता बाहरी सुख-सुविधा की वस्तुओं से जुड़ी है, संस्कृति मनुष्य के आंतरिक गुणों से। संस्कृति आदान-प्रदान से बढ़ती है; जो जाति केवल देना जाने, लेना नहीं, उसकी संस्कृति का दिवाला निकल जाता है।
What संस्कृति क्या है (निबंध) – रामधारी सिंह 'दिनकर' is about
संस्कृति क्या है राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' का निबंध है, जो ISC हिंदी (805) की पाठ्यपुस्तक गद्य संकलन के Class XII भाग में है। दिनकर का यही नाम ISC की कविता 'उद्यमी नर' के कवि के रूप में भी है।
खंड ख में गद्य संकलन से तीन प्रश्न आते हैं: एक गद्यांश-आधारित (1, 2, 2 और 5 अंक) और दो 10-10 अंकों के दीर्घ प्रश्न। 2025 के बोर्ड प्रश्न-पत्र में इस निबंध पर 10 अंकों का प्रश्न (प्रश्न 6) आया: कोई दो उदाहरण देते हुए सभ्यता और संस्कृति में अंतर बताना, और पाठ के आधार पर स्पष्ट करना कि संस्कृति आदान-प्रदान से कैसे बढ़ती है।
निबंध कॉपीराइट में है और उसका पूरा पाठ उपलब्ध नहीं था, इसलिए यह पृष्ठ केवल CISCE के 2025 प्रश्न-पत्र और उसकी अंक-योजना पर आधारित है; निबंध के वाक्य केवल वहीं दिए गए हैं जहाँ अंक-योजना उन्हें 'लेखक के शब्दों में' उद्धृत करती है। परीक्षकों ने सलाह दी कि छात्रों को प्रश्न के हर भाग के अंक-विभाजन का स्पष्ट बोध हो, ताकि सभी पहलू लिखे जाएँ।
Weightage: गद्य संकलन से खंड ख में तीन प्रश्न (हर एक 10 अंक) आते हैं; परीक्षार्थी चार पुस्तकों में से तीन चुनकर कुल चार प्रश्न करते हैं। 2025 में इस निबंध पर 10 अंकों का दीर्घ प्रश्न आया।Source: CISCE ISC 2027 भारतीय भाषाएँ पाठ्यक्रम तथा 2025 का बोर्ड प्रश्न-पत्र (परीक्षकों की रिपोर्ट)
संस्कृति क्या है (निबंध) – रामधारी सिंह 'दिनकर': summary
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
यह सार 2025 की अंक-योजना में दिए गए बिंदुओं पर आधारित है; निबंध के वाक्य केवल वहीं दिए गए हैं जहाँ अंक-योजना उन्हें उद्धृत करती है।
मूल प्रश्न। निबंध का शीर्षक ही प्रश्न है: संस्कृति क्या है? दिनकर इसका उत्तर सभ्यता से संस्कृति का अंतर बताकर देते हैं, क्योंकि आम बोलचाल में दोनों शब्द एक-दूसरे के स्थान पर प्रयोग हो जाते हैं।
सभ्यता और संस्कृति का अंतर। अंक-योजना के अनुसार सभ्यता का संबंध बाहरी सुख-सुविधा की वस्तुओं से है, जबकि संस्कृति का संबंध मनुष्य के आंतरिक गुणों से है। अर्थात सभ्यता वह है जो हमारे पास है (साधन, वस्तुएँ, सुविधाएँ), और संस्कृति वह है जो हम हैं (रुचि, संस्कार, विचार, व्यवहार)।
उदाहरण। अंक-योजना में निबंध के दो उदाहरण अपेक्षित हैं: छोटा नागपुर के आदिवासी और भारत के ऋषि-मुनि; साथ ही घर बनाने का उदाहरण। इन उदाहरणों से निबंध यह दिखाता है कि बाहरी साधनों की मात्रा और भीतरी संस्कार का स्तर अलग-अलग चीज़ें हैं; दोनों को एक मान लेना भूल है। अंक-योजना के अनुसार हर सुसभ्य व्यक्ति सुसंस्कृत नहीं होता, और सामान्य जीवन जीने वाला व्यक्ति अपने गुणों के कारण सुसंस्कृत हो सकता है। घर बनाने के उदाहरण से लेखक बताते हैं कि घर बनाना स्थूल रूप से सभ्यता का काम है, पर घर कैसा बनेगा, उसका नक्शा और सजावट कैसी होगी, यह सांस्कृतिक रुचि पर निर्भर है; इसलिए दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। (आदिवासियों और ऋषि-मुनियों के उदाहरणों का विस्तृत विवरण पाठ्यपुस्तक से पढ़ें।)
संस्कृति का स्वभाव: आदान-प्रदान। अंक-योजना के अनुसार संस्कृति का स्वभाव आदान-प्रदान है। जब दो संस्कृतियाँ मिलती हैं, तो पहले उनमें संघर्ष होता है, फिर संप्रेषण (एक-दूसरे को समझना और विचारों का आदान-प्रदान), और अंत में सम्मिश्रण (घुल-मिलकर नई, समृद्ध संस्कृति)।
केवल देना पर्याप्त नहीं। निबंध का एक महत्त्वपूर्ण विचार है कि जो जाति केवल देना जानती है, लेना नहीं, उसकी संस्कृति का दिवाला निकल जाता है। अर्थात जो समाज दूसरों से सीखने के द्वार बंद कर लेता है, उसकी संस्कृति स्थिर होकर क्षीण हो जाती है।
भारत का उदाहरण। अंक-योजना के अनुसार भारत इस दृष्टि से महान है: उसने अनेक संस्कृतियों से लिया भी और दिया भी, और इसी आदान-प्रदान से उसकी संस्कृति समृद्ध हुई।
Themes and message
सभ्यता बनाम संस्कृति
सभ्यता बाहरी, भौतिक सुख-सुविधा की वस्तुओं से; संस्कृति भीतरी गुणों से संबंधित है। 2025 के प्रश्न का पहला भाग यही था।
From the text: 2025 प्रश्न 6 की अंक-योजना, पहला बिंदु।
आदान-प्रदान से विकास
संस्कृति का स्वभाव लेन-देन है; दो संस्कृतियों के मिलने पर संघर्ष, संप्रेषण और सम्मिश्रण होता है।
From the text: 2025 प्रश्न 6 की अंक-योजना, तीसरा बिंदु।
बंद समाज का पतन
केवल देने वाली, लेने से इनकार करने वाली जाति की संस्कृति का दिवाला निकल जाता है।
From the text: 2025 प्रश्न 6 की अंक-योजना, चौथा बिंदु।
भारत की समन्वयी संस्कृति
भारत ने विभिन्न संस्कृतियों से लेकर और उन्हें देकर अपनी संस्कृति को समृद्ध किया, इसलिए वह इस दृष्टि से महान है।
From the text: 2025 प्रश्न 6 की अंक-योजना, अंतिम बिंदु।
Characters
लेखक (रामधारी सिंह 'दिनकर')
निबंधकार; विचारक की भूमिका में पाठक से संवाद।
- विश्लेषक: दो मिलते-जुलते शब्दों का सूक्ष्म अंतर स्पष्ट करते हैं।
- उदार और समन्वयवादी: आदान-प्रदान को संस्कृति का स्वभाव मानते हैं।
- भारतीय परंपरा पर गर्व, पर संकीर्णता के विरोधी।
2025 प्रश्न 6 की अंक-योजना के बिंदु।
How it is written
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| विधा: विचारात्मक निबंध | शीर्षक प्रश्न-रूप में: 'संस्कृति क्या है' | प्रश्न उठाकर तर्क और उदाहरणों से उत्तर तक पहुँचना। |
| तुलनात्मक शैली | सभ्यता और संस्कृति की तुलना | अमूर्त अवधारणा को परिचित शब्द (सभ्यता) से अलग करके स्पष्ट करना। |
| दृष्टांत | छोटा नागपुर के आदिवासी, भारत के ऋषि-मुनि, घर बनाना (अंक-योजना के अनुसार) | विचार को ठोस उदाहरणों से समझाना। |
| रूपक/मुहावरा | संस्कृति का 'दिवाला निकल जाना' (अंक-योजना का शब्द) | व्यापार के मुहावरे से बताया गया कि केवल देने और न लेने वाली संस्कृति की पूँजी समाप्त हो जाती है। |
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
सभ्यता वह चीज है जो हमारे पास है, संस्कृति वह गुण है जो हममें व्याप्त है।
अंग्रेज़ी कहावत (2025 की अंक-योजना में उद्धृत): सभ्यता और संस्कृति का अंतर समझाने के लिए।
पूरे निबंध का सार एक वाक्य में: सभ्यता बाहरी साधन, संस्कृति भीतरी गुण।
संस्कार या संस्कृति, असल में, शरीर का नहीं आत्मा का गुण है
लेखक (2025 की अंक-योजना में 'लेखक के शब्दों में'): संस्कृति के स्थायी स्वरूप पर।
सभ्यता की सामग्री शरीर के साथ छूट जाती है, पर संस्कृति का प्रभाव आत्मा के साथ चलता रहता है।
उन सभी कार्यों से उसकी संस्कृति उत्पन्न होती है
लेखक (2025 की अंक-योजना में 'लेखक के शब्दों में'): अनेक शताब्दियों तक किसी समाज के खाने-पीने, रहने-सहने, पढ़ने-लिखने, सोचने-समझने, राज-काज और धर्म-कर्म के बारे में।
संस्कृति धीरे-धीरे, सदियों में बनती है; सभ्यता के साधन जल्दी जुट सकते हैं।
आदान-प्रदान की प्रक्रिया संस्कृति की जान है और इसी के सहारे वह अपने को जिन्दा रखती है।
लेखक (2025 की अंक-योजना में उद्धृत): दो जातियों के संपर्क या संघर्ष से जीवन की नई धारा फूटने के प्रसंग में।
2025 के प्रश्न के दूसरे भाग का केंद्र: संस्कृति लेन-देन से ही बढ़ती और जीवित रहती है।
जो जाति केवल देना जाने, लेना नहीं, उसकी संस्कृति का दिवाला निकल जाता है
2025 की अंक-योजना (निबंध का भाव): 2025 प्रश्न 6, दूसरा भाग।
संकीर्णता की चेतावनी: दूसरी संस्कृति की अच्छी बात ग्रहण करने की उदारता आवश्यक है।
संस्कृति क्या है (निबंध) – रामधारी सिंह 'दिनकर' in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
सभ्यता बनाम संस्कृति
मान लीजिए एक आलीशान मॉल में कोई व्यक्ति कतार तोड़कर आगे बढ़ जाता है और सफ़ाई-कर्मचारी से रूखा व्यवहार करता है।
निबंध के आधार पर इस स्थिति का विश्लेषण कीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- मॉल, चमचमाती दुकानें = सभ्यता (बाहरी सुख-सुविधा)।
- कतार का सम्मान, विनम्रता = संस्कृति (आंतरिक गुण)।
- सभ्यता ऊँची, संस्कृति कमज़ोर।
Answer: यह दिखाता है कि साधनों की सभ्यता होने पर भी आचरण की संस्कृति न हो, तो मनुष्य सुसंस्कृत नहीं कहलाता।
Memory hook: मॉल सभ्यता, मर्यादा संस्कृति।
आदान-प्रदान
कल्पना कीजिए कि आपके छात्रावास में देश के अलग-अलग राज्यों से आए छात्र हैं; पहले वे खान-पान और भाषा पर झगड़ते हैं, फिर एक-दूसरे के त्योहार मनाने लगते हैं।
निबंध की तीन अवस्थाएँ यहाँ कैसे दिखती हैं?
Try it first, then show the solutionSolution
- झगड़ा = संघर्ष।
- बातचीत और समझ = संप्रेषण।
- साथ त्योहार मनाना, नई मिली-जुली आदतें = सम्मिश्रण।
Answer: छात्रावास की यह यात्रा संघर्ष से संप्रेषण और फिर सम्मिश्रण तक पहुँचती है; यही संस्कृति का विकास है।
Memory hook: टकराओ, समझो, घुल-मिल जाओ।
केवल देना
मान लीजिए कोई कक्षा-मॉनिटर हर विषय में दूसरों को सिखाता है पर किसी से सलाह या नई बात सीखने से इनकार करता है।
निबंध के 'दिवाला' वाले विचार से उसका भविष्य क्या होगा?
Try it first, then show the solutionSolution
- केवल देना, लेना नहीं।
- नई जानकारी न मिलने से उसका ज्ञान पुराना पड़ जाएगा।
Answer: जैसे केवल देने वाली जाति की संस्कृति का दिवाला निकल जाता है, वैसे ही सीखना बंद करने वाले व्यक्ति का ज्ञान भी समय के साथ खोखला हो जाता है।
Memory hook: जो सीखे नहीं, वह सिखा भी नहीं पाएगा।
Topics in this chapter
How the board asks संस्कृति क्या है (निबंध) – रामधारी सिंह 'दिनकर'
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| गद्यांश: पाठ और रचनाकार (1 अंक) | 'उक्त पंक्तियों से सम्बन्धित पाठ तथा रचनाकार का नाम लिखिए।' | पाठ 'संस्कृति क्या है', रचनाकार रामधारी सिंह 'दिनकर'; निबंध को 'उद्यमी नर' से न मिलाएँ। |
| गद्यांश: परिभाषा और अंतर (2 + 2 अंक) | सभ्यता और संस्कृति में क्या अंतर है? संस्कृतियों के मिलने पर क्या होता है? | परिभाषा + एक उदाहरण; तीन अवस्थाएँ क्रम से। |
| गद्यांश: मत (5 अंक) | आदान-प्रदान या 'केवल देने' वाले विचार पर अपना मत, आज के उदाहरणों सहित। | स्पष्ट मत, दो तर्क, हर एक उदाहरण सहित। |
| दीर्घ प्रश्न (10 अंक) | 'कोई दो उदाहरण देते हुए सभ्यता एवं संस्कृति में अन्तर बताइए। 'संस्कृति क्या है ?' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि संस्कृति आदान-प्रदान से कैसे बढ़ती है ?' (2025) | दो भाग, दो अनुच्छेद-समूह; पहले में अंतर + दो उदाहरण, दूसरे में आदान-प्रदान, तीन अवस्थाएँ, 'दिवाला', भारत। |
Tricks to remember संस्कृति क्या है (निबंध) – रामधारी सिंह 'दिनकर'
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
है बनाम हूँ
सभ्यता = जो मेरे पास 'है' (वस्तुएँ); संस्कृति = जो मैं 'हूँ' (गुण)।
Use it when: अंतर वाला भाग।
तीन 'स': सं-सं-स
संघर्ष → संप्रेषण → सम्मिश्रण।
Use it when: आदान-प्रदान वाला भाग।
दिवाला-सूत्र
केवल देना + लेना नहीं = दिवाला; लेना + देना = भारत की महानता।
Use it when: निष्कर्ष।
संस्कृति क्या है (निबंध) – रामधारी सिंह 'दिनकर': board-level solved questions
Ordered from board level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: लघु प्रश्न: पाठ और रचनाकार · 1 mark · Very short answerBoard level
'संस्कृति क्या है' निबंध किस पाठ्यपुस्तक में है और इसके रचनाकार कौन हैं?
Try it first, then show the solutionSolution
- पुस्तक: गद्य संकलन।
- रचनाकार का पूरा नाम।
Answer: पाठ्यपुस्तक: गद्य संकलन; रचनाकार: रामधारी सिंह 'दिनकर'।
Example 2: लघु प्रश्न: सभ्यता और संस्कृति · 2 marks · Short answerHarder board level
निबंध के आधार पर सभ्यता और संस्कृति में मूल अंतर क्या है? अपने शब्दों में एक उदाहरण दीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- सभ्यता: बाहरी सुख-सुविधा की वस्तुएँ।
- संस्कृति: आंतरिक गुण।
- उदाहरण: मोबाइल फ़ोन सभ्यता है; उसका शालीन, मर्यादित उपयोग संस्कृति।
Answer: निबंध के अनुसार सभ्यता का संबंध बाहरी सुख-सुविधा की वस्तुओं से है और संस्कृति का संबंध मनुष्य के आंतरिक गुणों से। उदाहरण के लिए, किसी के पास महँगा मोबाइल फ़ोन होना सभ्यता का अंग है, पर वह उसका उपयोग दूसरों की सुविधा का ध्यान रखते हुए शालीनता से करता है या नहीं, यह उसकी संस्कृति बताता है।
Example 3: लघु प्रश्न: तीन अवस्थाएँ · 2 marks · Short answerHOTS / competency
दो संस्कृतियों के मिलने पर कौन-सी तीन अवस्थाएँ आती हैं? किसी एक ऐतिहासिक या आज के उदाहरण से समझाइए।
Try it first, then show the solutionSolution
- संघर्ष → संप्रेषण → सम्मिश्रण।
- उदाहरण: भारत में भाषा, संगीत, खान-पान में विभिन्न संस्कृतियों का मेल।
Answer: अंक-योजना के अनुसार दो संस्कृतियाँ मिलने पर पहले संघर्ष होता है, फिर संप्रेषण (एक-दूसरे को समझना, विचारों का लेन-देन) और अंत में सम्मिश्रण। उदाहरण के लिए, हिंदी और उर्दू के मेल से बनी बोलचाल की हिंदुस्तानी में दोनों परंपराओं के शब्द इस तरह घुल-मिल गए हैं कि आज वे अलग नहीं लगते।
Example 4: मत-आधारित प्रश्न: 'केवल देना' (5 अंक) · 5 marks · Long answerHOTS / competency
निबंध के अनुसार जो जाति केवल देना जाने, लेना नहीं, उसकी संस्कृति का दिवाला निकल जाता है। आज के संदर्भ में इस विचार से आप कहाँ तक सहमत हैं? दो तर्क दीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- विचार का अर्थ: सीखने से इनकार = ठहराव = पतन।
- तर्क 1: ज्ञान-विज्ञान और तकनीक में लेन-देन से ही प्रगति।
- तर्क 2: कला, भाषा, खान-पान में आदान-प्रदान से समृद्धि; बंद समाज पिछड़ जाते हैं।
- संतुलन: लेना अंधानुकरण नहीं, विवेकपूर्ण ग्रहण।
Answer: मैं इस विचार से पूर्णतः सहमत हूँ। जो समाज मानता है कि उसके पास सब कुछ है और उसे किसी से कुछ सीखने की ज़रूरत नहीं, वह धीरे-धीरे ठहर जाता है; जैसे जिस व्यापारी के पास केवल ख़र्च हो, आय न हो, उसका दिवाला निकल जाता है।
पहला तर्क: ज्ञान और विज्ञान आदान-प्रदान से ही बढ़ते हैं। भारत ने संसार को शून्य और दशमलव पद्धति दी, और आज वह दूसरे देशों से नई तकनीकें लेकर अंतरिक्ष और डिजिटल क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। यदि वह केवल देता और लेने से इनकार करता, तो पिछड़ जाता।
दूसरा तर्क: कला, भाषा और खान-पान भी लेन-देन से समृद्ध होते हैं। हमारे संगीत, वास्तुकला और भोजन में अनेक संस्कृतियों का योगदान है, और भारतीय योग, आयुर्वेद और सिनेमा आज विश्व भर में अपनाए जा रहे हैं।
पर लेना अंधानुकरण नहीं होना चाहिए; विवेक से वही ग्रहण करना चाहिए जो अपने मूल्यों को समृद्ध करे। यही संतुलन भारत की महानता है, जैसा निबंध भी कहता है।
Example 5: दीर्घ प्रश्न: सभ्यता-संस्कृति का अंतर और आदान-प्रदान (2025) · 10 marks · Long answerHarder board level
कोई दो उदाहरण देते हुए सभ्यता एवं संस्कृति में अन्तर बताइए। 'संस्कृति क्या है ?' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि संस्कृति आदान-प्रदान से कैसे बढ़ती है ?
Try it first, then show the solutionSolution
- सभ्यता: बाहरी सुख-सुविधा; संस्कृति: आंतरिक गुण।
- दो उदाहरण: पाठ के (छोटा नागपुर के आदिवासी, भारत के ऋषि-मुनि; घर बनाना) अपनी पाठ्यपुस्तक के अनुसार।
- संस्कृति का स्वभाव आदान-प्रदान; संघर्ष, संप्रेषण, सम्मिश्रण।
- केवल देने वाली जाति की संस्कृति का दिवाला।
- भारत इस दृष्टि से महान; निष्कर्ष। हर भाग के अंक ध्यान में रखें (परीक्षकों की सलाह)।
Answer: सभ्यता और संस्कृति का अंतर। रामधारी सिंह 'दिनकर' के अनुसार सभ्यता का संबंध मनुष्य की बाहरी सुख-सुविधा की वस्तुओं से है, जबकि संस्कृति का संबंध उसके आंतरिक गुणों से। सभ्यता बताती है कि हमारे पास क्या है; संस्कृति बताती है कि हम कैसे हैं।
निबंध में इस अंतर को समझाने के लिए छोटा नागपुर के आदिवासियों और भारत के ऋषि-मुनियों के उदाहरण दिए गए हैं, साथ ही घर बनाने का उदाहरण भी। (परीक्षा में पाठ्यपुस्तक में दिए इन दोनों उदाहरणों का विवरण दो-दो वाक्यों में जोड़ें।) इनका सार यह है कि बाहरी साधनों का कम या अधिक होना यह तय नहीं करता कि व्यक्ति या समाज भीतर से कितना सुसंस्कृत है। घर बनाने के उदाहरण में लेखक बताते हैं कि घर बनाना स्थूल रूप से सभ्यता का कार्य है, पर घर कैसा बनेगा, उसका नक्शा और सजावट कैसी होगी, यह हमारी सांस्कृतिक रुचि पर निर्भर है; संस्कृति की प्रेरणा से बना घर सभ्यता का अंग बन जाता है। इसलिए सभ्यता और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं।
आदान-प्रदान से संस्कृति का विकास। निबंध के अनुसार संस्कृति का स्वभाव ही आदान-प्रदान है। जब दो संस्कृतियाँ मिलती हैं, तो पहले उनमें संघर्ष होता है, फिर संप्रेषण, यानी एक-दूसरे को समझने और विचारों के लेन-देन की प्रक्रिया, और अंत में सम्मिश्रण, जिसमें दोनों घुल-मिलकर एक नई, समृद्ध संस्कृति बनाती हैं।
दिनकर चेतावनी देते हैं कि जो जाति केवल देना जानती है, लेना नहीं, उसकी संस्कृति का दिवाला निकल जाता है, क्योंकि सीखना बंद होते ही संस्कृति जड़ हो जाती है।
भारत का उदाहरण। भारत इस दृष्टि से महान है। उसने अनेक संस्कृतियों के संपर्क में आकर उनसे लिया भी और उन्हें दिया भी; इसी लेन-देन से उसकी भाषा, कला, संगीत और जीवन-शैली समृद्ध हुई।
निष्कर्ष। सभ्यता साधन है, संस्कृति साध्य; और संस्कृति का विकास खुले मन से लेने और देने पर ही होता है।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
दीर्घ प्रश्न (10 अंक), 2025 के प्रश्न 6 की अंक-योजना के बिंदुओं के अनुसार (भाग-वार अंक हमारा अनुमान)। (10 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| सभ्यता (बाहरी सुख-सुविधा) और संस्कृति (आंतरिक गुण) का अंतर | 2 |
| दो उदाहरण: छोटा नागपुर के आदिवासी, भारत के ऋषि-मुनि; घर बनाने का उदाहरण | 3 |
| संस्कृति का स्वभाव आदान-प्रदान; संघर्ष, संप्रेषण, सम्मिश्रण | 3 |
| केवल देने वाली जाति की संस्कृति का दिवाला; भारत इस दृष्टि से महान | 2 |
Where students lose marks in संस्कृति क्या है (निबंध) – रामधारी सिंह 'दिनकर'
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: प्रश्न का एक भाग बहुत छोटा लिखना
2025 में परीक्षकों ने सलाह दी कि छात्र हर भाग का अंक-विभाजन समझें ताकि सभी पहलू लिखे जाएँ।
Do this: दो भाग वाले प्रश्न में दोनों के लिए अलग शीर्षक और लगभग बराबर स्थान।
Usually costs: 3-4 अंक।
Mistake: उदाहरण न देना या एक ही देना
प्रश्न स्पष्ट रूप से 'कोई दो उदाहरण' माँगता है; अंक-योजना में पाठ के उदाहरण अपेक्षित हैं।
Do this: पाठ के दो उदाहरण याद रखें; अपना एक आधुनिक उदाहरण जोड़ सकते हैं।
Usually costs: 2-3 अंक।
Mistake: सभ्यता और संस्कृति को उलट देना
कई छात्र सोचते हैं कि संस्कृति त्योहार-वस्त्र जैसी बाहरी चीज़ें हैं और सभ्यता शिष्टाचार; निबंध का अर्थ उलटा है।
Wrong working
सभ्यता का अर्थ है अच्छा व्यवहार; संस्कृति का अर्थ है इमारतें और कपड़े।
Right working
सभ्यता बाहरी सुख-सुविधा की वस्तुओं से, संस्कृति आंतरिक गुणों से संबंधित है।
Do this: याद रखें: सभ्यता = 'है' (साधन), संस्कृति = 'हूँ' (गुण)।
Usually costs: पूरा पहला भाग।
Mistake: आदान-प्रदान की तीन अवस्थाएँ छोड़ना
अंक-योजना में संघर्ष, संप्रेषण और सम्मिश्रण स्पष्ट बिंदु हैं।
Do this: तीनों शब्द क्रम से लिखें और एक-एक वाक्य में समझाएँ।
Usually costs: 2 अंक।
Practice questions on संस्कृति क्या है (निबंध) – रामधारी सिंह 'दिनकर'
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
निम्नलिखित में से कौन-सा संस्कृति का उदाहरण है, सभ्यता का नहीं?
(क) पक्की सड़कें और बिजली
(ख) महँगी गाड़ी
(ग) अतिथि का आदर-सत्कार करने का स्वभाव
(घ) ऊँची इमारतेंHint
आंतरिक गुण बनाम बाहरी वस्तु।
Answer
(ग) अतिथि का आदर-सत्कार करने का स्वभाव: यह आंतरिक गुण है।
Q2 · 2 marks · Short answerHarder board level
'संस्कृति का दिवाला निकल जाना' मुहावरे का प्रयोग निबंध के किस विचार के लिए हुआ है? उसका अर्थ स्पष्ट कीजिए।
Hint
केवल देना, लेना नहीं।
Answer
यह उस जाति के लिए कहा गया है जो केवल देना जानती है, लेना नहीं। जैसे केवल ख़र्च करने और कुछ न कमाने वाले व्यापारी का दिवाला निकल जाता है, वैसे ही दूसरों से सीखने से इनकार करने वाली संस्कृति की पूँजी समाप्त हो जाती है और वह क्षीण हो जाती है।
Q3 · 5 marks · Long answerHOTS / competency
क्या कोई समाज सभ्यता में पिछड़ा होकर भी संस्कृति में समृद्ध हो सकता है? निबंध के विचार के आधार पर तर्क सहित उत्तर दीजिए।
Hint
सभ्यता = बाहरी वस्तुएँ, संस्कृति = आंतरिक गुण; दोनों अलग पैमाने।
Answer
हाँ। निबंध के अनुसार सभ्यता बाहरी सुख-सुविधा की वस्तुओं से और संस्कृति आंतरिक गुणों से संबंधित है, इसलिए दोनों अलग पैमाने हैं। जिस समाज के पास आधुनिक साधन कम हों, उसमें भी सहयोग, सादगी, प्रकृति के प्रति सम्मान, लोक-कला और अतिथि-सत्कार जैसे गुण भरपूर हो सकते हैं। उलटे, साधनों से संपन्न समाज में भी स्वार्थ और असंवेदनशीलता हो सकती है। इसलिए किसी समाज को केवल उसकी सुविधाओं से नहीं, उसके संस्कारों से आँकना चाहिए। (निबंध के अपने उदाहरण, जैसे छोटा नागपुर के आदिवासी, पाठ्यपुस्तक से जोड़ें।)
Q4 · 2 marks · Short answerHarder board level
संस्कृतियों के मिलन की 'संप्रेषण' अवस्था का क्या अर्थ है? इसके बिना सम्मिश्रण क्यों संभव नहीं?
Hint
संघर्ष और सम्मिश्रण के बीच की कड़ी।
Answer
संप्रेषण का अर्थ है दोनों संस्कृतियों का एक-दूसरे को समझना और विचारों, रीतियों का लेन-देन करना। संघर्ष के बाद जब तक दोनों पक्ष एक-दूसरे की बात नहीं समझते, तब तक वे घुल-मिल नहीं सकते; इसलिए संप्रेषण ही संघर्ष को सम्मिश्रण में बदलने वाली कड़ी है।
Q5 · 10 marks · Long answerHOTS / competency
'संस्कृति क्या है' निबंध के आधार पर भारत की संस्कृति की महानता पर अपने विचार लिखिए। वैश्वीकरण के युग में यह विचार कितना प्रासंगिक है?
Hint
आदान-प्रदान, तीन अवस्थाएँ, 'दिवाला', भारत का उदाहरण, आज का वैश्वीकरण, विवेकपूर्ण ग्रहण।
Answer
अपेक्षित बिंदु: निबंध का मूल विचार (सभ्यता-संस्कृति का अंतर); संस्कृति का स्वभाव आदान-प्रदान; संघर्ष-संप्रेषण-सम्मिश्रण; केवल देने वाली जाति की संस्कृति का दिवाला; भारत की महानता: लेना और देना दोनों; वैश्वीकरण में प्रासंगिकता: तकनीक, भाषा, खान-पान, कला में लेन-देन; खतरा: अंधानुकरण; निष्कर्ष: विवेकपूर्ण आदान-प्रदान ही संस्कृति को जीवित रखता है।
Q6 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
2025 में एक छात्र ने सभ्यता और संस्कृति का अंतर तो विस्तार से लिखा, पर आदान-प्रदान वाला भाग दो पंक्तियों में समाप्त कर दिया। परीक्षकों के सुझाव के आधार पर बताइए कि उसे क्या करना चाहिए था।
Hint
अंक-विभाजन का बोध।
Answer
परीक्षकों ने सलाह दी थी कि छात्रों को प्रश्न के हर भाग के अंक-विभाजन का स्पष्ट बोध होना चाहिए, ताकि सभी पहलू लिखे जाएँ। प्रश्न के दोनों भागों को लगभग बराबर स्थान देना चाहिए था; दूसरे भाग में आदान-प्रदान का स्वभाव, संघर्ष-संप्रेषण-सम्मिश्रण, 'दिवाला' वाला विचार और भारत का उदाहरण लिखना चाहिए था।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.'संस्कृति क्या है' के लेखक कौन हैं?Show answer
रामधारी सिंह 'दिनकर'।
2.निबंध के अनुसार सभ्यता का संबंध किससे है?Show answer
बाहरी सुख-सुविधा की वस्तुओं से।
3.संस्कृति का स्वभाव क्या है?Show answer
आदान-प्रदान।
4.दो संस्कृतियों के मिलने पर कौन-सी तीन अवस्थाएँ आती हैं?Show answer
संघर्ष, संप्रेषण और सम्मिश्रण।
5.किस जाति की संस्कृति का दिवाला निकल जाता है?Show answer
जो केवल देना जाने, लेना नहीं।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप सभ्यता और संस्कृति का अंतर एक वाक्य में बता सकते हैं?
- क्या आप पाठ के दो उदाहरण (पाठ्यपुस्तक से) लिख सकते हैं?
- क्या आप संघर्ष, संप्रेषण और सम्मिश्रण को समझा सकते हैं?
- क्या आप 'दिवाला' वाले विचार का अर्थ और भारत का उदाहरण दे सकते हैं?
- क्या आप 2025 के प्रश्न के दोनों भागों को बराबर महत्त्व दे सकते हैं?
संस्कृति क्या है (निबंध) – रामधारी सिंह 'दिनकर': frequently asked questions
'संस्कृति क्या है' निबंध का मुख्य विचार क्या है?
सभ्यता बाहरी सुख-सुविधा से और संस्कृति आंतरिक गुणों से संबंधित है; संस्कृति आदान-प्रदान से बढ़ती है और केवल देने वाली, न लेने वाली जाति की संस्कृति का दिवाला निकल जाता है।
इस पृष्ठ पर निबंध के उद्धरण इतने कम क्यों हैं?
निबंध कॉपीराइट में है और उसका पूरा पाठ उपलब्ध नहीं था। यहाँ केवल वे छोटे वाक्य हैं जिन्हें CISCE की 2025 अंक-योजना उद्धृत करती है; निबंध का पूरा पाठ गद्य संकलन में पढ़ें।
ISC में इस निबंध पर कैसा प्रश्न आया है?
2025 में 10 अंकों का प्रश्न: दो उदाहरण देकर सभ्यता-संस्कृति का अंतर, और आदान-प्रदान से संस्कृति का विकास।
Based on: CISCE ISC 2027 Appendix I: List of Prescribed Textbooks (Hindi 805: Gadya Sanklan); CISCE ISC Analysis of Pupil Performance 2025: Hindi (board paper, marking scheme, examiners' comments)