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HindiISC Class 12 · Chapter 16

ISC Class 12 हिंदी अँधेरे का दीपक (हरिवंशराय बच्चन): भाव, व्याख्या और हल सहित प्रश्न

Updated 14 October 2026 · Fact-checked

'अँधेरे का दीपक' में हरिवंशराय बच्चन कहते हैं कि जीवन में सपनों का मंदिर ढह जाए, सुख का प्याला टूट जाए, साथी बिछड़ जाएँ या प्यार का घर उजड़ जाए, तब भी नया निर्माण करना और आशा का दीप जलाना मना नहीं है। टेक है: 'है अँधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है?'

What अँधेरे का दीपक – हरिवंशराय बच्चन is about

अँधेरे का दीपक लोकप्रिय कवि हरिवंशराय बच्चन की कविता है, जो ISC हिंदी (805) की पाठ्यपुस्तक काव्य मंजरी के Class XII भाग का अंतिम पाठ है। खंड ख में काव्य मंजरी से तीन प्रश्न आते हैं: एक पद्यांश-आधारित (1, 2, 2 और 5 अंक) और दो 10-10 अंकों के दीर्घ प्रश्न।

यह कविता 2026 तक भी काव्य मंजरी में थी, पर 2024 और 2025 के प्रश्न-पत्रों में इस पर प्रश्न नहीं आया; 2027 से यह Class XII के भाग में है। यहाँ के प्रश्न 2025 के 'उद्यमी नर' वाले पद्यांश प्रश्न और काव्य मंजरी के दीर्घ प्रश्नों के ढाँचे पर बनाए गए हैं।

कविता कॉपीराइट में है, इसलिए पूरी कविता यहाँ नहीं दी गई; केवल छोटी पंक्तियाँ उद्धृत हैं, जो कविता के दो स्वतंत्र ऑनलाइन पाठों (भारतकोश और कविता कोश) से शब्दशः मिलाई गई हैं; दोनों पाठ एक-दूसरे से मेल खाते हैं। कवि-परिचय NCERT की आरोह भाग 2 से है।

काव्य मंजरी पर परीक्षकों की सामान्य टिप्पणियाँ यहाँ भी लागू होती हैं: कविता या कवि के नाम में मात्राओं की भूलें, दो उप-प्रश्नों के एक जैसे उत्तर, और 5 अंक के प्रश्न में तर्कों के स्थान पर सारांश लिखना।

Weightage: काव्य मंजरी से खंड ख में तीन प्रश्न (हर एक 10 अंक) आते हैं; परीक्षार्थी चार पुस्तकों में से तीन चुनकर कुल चार प्रश्न करते हैं। यह कविता 2027 से Class XII भाग में है।Source: CISCE ISC 2027 भारतीय भाषाएँ पाठ्यक्रम तथा 2025 का बोर्ड प्रश्न-पत्र

अँधेरे का दीपक – हरिवंशराय बच्चन: explanation

In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.

कविता का ढाँचा। कविता छह छंदों में है। हर छंद में पहले किसी सुंदर चीज़ के नष्ट होने का चित्र है, फिर एक पंक्ति जो बताती है कि उसके बाद भी कुछ नया करना 'कब मना है', और अंत में टेक: 'है अँधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है?' अँधेरी रात जीवन की निराशा और दुःख है; दीया आशा और प्रयास।

पहला छंद: सपनों का मंदिर। कल्पना, भावना और स्वप्न ने मिलकर स्वर्ग के रंगों से जो सुंदर मंदिर बनाया था, वह ढह गया। कवि कहते हैं कि उसके ईंट, पत्थर और कंकड़ जोड़कर अपनी शांति की एक कुटिया बनाना मना नहीं है। अर्थात बड़े सपने टूटें तो छोटे, सच्चे सुख की ओर बढ़ा जा सकता है।

दूसरा छंद: मधुपात्र। नीले आकाश जैसे नीलम का बना मनमोहक प्याला, जिसमें उषा की लालिमा जैसी मदिरा चमकती थी, टूट गया। तब भी दोनों हथेलियाँ मिलाकर किसी निर्मल स्रोत से प्यास बुझाई जा सकती है। सुख के साधन छिन जाएँ, तो सरल साधनों से जीवन चलाया जा सकता है।

तीसरा छंद: बीती मस्ती। एक समय था जब कोई चिंता पास नहीं थी, आँखों और बातों से मस्ती टपकती थी। वह समय उल्लास के आधार साथ ले गया, फिर भी समय की अस्थिरता पर मुसकराना मना नहीं।

चौथा छंद: अधूरे गीत। उन्माद के जिन झोंकों में राग जागा था और धरती-आकाश गीतों से भर गए थे, उनका अंत हो गया; पर मन बहलाने के लिए कोई अधूरी पंक्ति गुनगुनाना मना नहीं।

पाँचवाँ छंद: बिछड़े साथी। जो साथी चुंबक और लोहे की तरह पास आकर हृदय में समा गए थे, वे चले गए और लौटने वाले नहीं। फिर भी मन का कोई नया मीत खोजकर लौ लगाना मना नहीं।

छठा छंद: उजड़ा आशियाना। विनाश की आँधियों ने प्यार का घर उजाड़ दिया; नाश की शक्तियों के आगे किसी का ज़ोर नहीं चलता। पर कवि 'निर्माण के प्रतिनिधि' मनुष्य से कहते हैं: बसे हुए प्रकृति के नियम से उजड़ते हैं, पर किसी उजड़े हुए को फिर बसाना मना नहीं।

संदेश। हानि जीवन का सत्य है, पर निराशा में बैठ जाना नहीं; हर विनाश के बाद पुनर्निर्माण, आशा और जिजीविषा ही मनुष्य की पहचान है।

Themes and message

निराशा में आशा

अँधेरी रात (दुःख) को नकारा नहीं गया, पर उसमें दीया जलाने (आशा, प्रयास) का अधिकार हर मनुष्य को है।

From the text: 'है अँधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है?'

विनाश के बाद निर्माण

हर छंद में टूटन के बाद नया निर्माण: मंदिर की जगह कुटिया, प्याले की जगह हथेलियाँ, उजड़े घर को फिर बसाना।

From the text: 'पर किसी उजड़े हुए को फिर बसाना कब मना है?'

यथार्थ की स्वीकृति

कवि कल्पना-लोक के टूटने को स्वीकारते हैं और 'ईंट, पत्थर, कंकड़ों' जैसे यथार्थ से जीवन फिर गढ़ने की बात करते हैं।

From the text: 'एक अपनी शांति की कुटिया बनाना कब मना है?'

नश्वरता और जिजीविषा

जो बसे हैं वे प्रकृति के नियम से उजड़ते हैं; समय अस्थिर है। फिर भी मुसकराना और जीना ही मनुष्य का उत्तर है।

From the text: 'पर अथिरता पर समय की मुसकराना कब मना है?'

The speaker and the people in the poem

कवि (वक्ता)

हानि झेल चुका, पर आशा न छोड़ने वाला मनुष्य; पाठक को सांत्वना और प्रेरणा देता है।

  • संवेदनशील: खोए हुए सुख, साथी और गीतों को याद करता है।
  • यथार्थवादी: नाश की शक्तियों के आगे मनुष्य की सीमा मानता है।
  • आशावादी और कर्मठ: हर हानि के बाद नया निर्माण।

हर छंद की 'कब मना है?' वाली पंक्तियाँ।

'निर्माण के प्रतिनिधि' (संबोधित मनुष्य)

अंतिम छंद में कवि जिसे संबोधित करते हैं: पुनर्निर्माण करने वाला मनुष्य।

  • विनाश को रोक नहीं सकता, पर फिर बसा सकता है।
  • आशा का दीप जलाने वाला।

'किंतु ऐ निर्माण के प्रतिनिधि, तुझे होगा बताना'

Poetic devices

DeviceExampleEffect
प्रतीकअँधेरी रात = दुःख, निराशा; दीवा = आशा, प्रयास; मंदिर, मधुपात्र, आशियाना = सपने, सुख, प्रेमअमूर्त भावनाओं को मूर्त वस्तुओं से जोड़कर कविता सहज और प्रभावी बनती है।
टेक और प्रश्न-शैलीहर छंद के अंत में 'है अँधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है?'प्रश्न का उत्तर स्वयं पाठक के मन में 'कभी नहीं' के रूप में उठता है; गेयता और दृढ़ता।
मानवीकरण'कल्पना के हाथ से कमनीय जो मंदिर बना था, / भावना के हाथ ने…'कल्पना, भावना और स्वप्न को हाथों वाले शिल्पियों की तरह दिखाया गया है।
उपमा'हाय, वे साथी कि चुंबक लौह-से जो पास आए'चुंबक-लोहे से साथियों के गहरे आकर्षण और निकटता का चित्र।
भाषा'कमनीय', 'दुष्प्राप्य', 'अथिरता' के साथ 'आशियाना', 'शोर', 'गुल मचाना'तत्सम शब्दों और बोलचाल के उर्दू शब्दों का सहज मेल; बच्चन की सीधी, गेय शैली।

Key quotations

Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.

  • है अँधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है?

    कवि: कविता की टेक; हर छंद के अंत में।

    केंद्रीय संदेश: दुःख के बीच आशा और प्रयास का अधिकार।

  • कल्पना के हाथ से कमनीय जो मंदिर बना था

    कवि: पहले छंद का आरंभ।

    सपनों का सुंदर संसार, जो आगे ढह जाता है।

  • एक अपनी शांति की कुटिया बनाना कब मना है?

    कवि: पहला छंद; मंदिर ढहने के बाद।

    बड़े सपनों के टूटने पर छोटा, सच्चा सुख रचना।

  • पर अथिरता पर समय की मुसकराना कब मना है?

    कवि: तीसरा छंद; बीती मस्ती के बाद।

    समय की अस्थिरता को मुसकराकर स्वीकारना।

  • खोज मन का मीत कोई लौ लगाना कब मना है?

    कवि: पाँचवाँ छंद; बिछड़े साथियों के बाद।

    नए संबंध बनाने और फिर से प्रेम करने का साहस।

  • पर किसी उजड़े हुए को फिर बसाना कब मना है?

    कवि: अंतिम छंद।

    पुनर्निर्माण ही मनुष्य का कर्तव्य और गौरव है।

अँधेरे का दीपक – हरिवंशराय बच्चन in real life

Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

टूटे सपने, नई राह

मान लीजिए आपकी एक मित्र का सपना डॉक्टर बनना था, पर प्रवेश-परीक्षा में दो बार असफल होने के बाद वह बहुत निराश है।

कविता के पहले छंद के आधार पर आप उसे क्या कहेंगे?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. सपनों का 'मंदिर' ढहना = एक लक्ष्य का पूरा न होना।
  2. उसी के 'ईंट, पत्थर' (ज्ञान, मेहनत) से नई 'कुटिया' = विज्ञान से जुड़ा कोई और करियर।
  3. ज़रूरत हो तो परामर्शदाता से बात।

Answer: जो मेहनत और ज्ञान उसने जुटाया है, वह व्यर्थ नहीं; उससे फार्मेसी, नर्सिंग, शोध जैसी नई राह बन सकती है। 'शांति की कुटिया बनाना कब मना है?'

Memory hook: मंदिर ढहा, कुटिया बनाओ।

उजड़े को फिर बसाना

कल्पना कीजिए कि बाढ़ से आपके पास के गाँव के कई घर बह गए हैं।

कविता के अंतिम छंद का संदेश यहाँ कैसे लागू होता है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. प्राकृतिक विनाश के आगे 'चलता ज़ोर किसका'।
  2. पर 'निर्माण के प्रतिनिधि' बनकर पुनर्वास में सहायता।

Answer: राहत-सामग्री जुटाना, स्वयंसेवा और पुनर्निर्माण में हाथ बँटाना ही 'किसी उजड़े हुए को फिर बसाना' है।

Memory hook: नाश प्रकृति का, निर्माण मनुष्य का।

नए मित्र

मान लीजिए आपका परिवार नए शहर में आ गया है और पुराने सारे मित्र छूट गए हैं।

पाँचवें छंद से आपको क्या सीख मिलती है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. पुराने साथी 'लौटने वाले नहीं'।
  2. पर 'मन का मीत' फिर खोजना मना नहीं।

Answer: पुरानी मित्रता को याद रखते हुए नए विद्यालय में खुले मन से नए मित्र बनाएँ।

Memory hook: पुराने याद रहें, नए आएँ।

Topics in this chapter

How the board asks अँधेरे का दीपक – हरिवंशराय बच्चन

The question patterns to expect, and the method that works for each.

Question typeHow it is askedMethod
पद्यांश: कविता और कवि का नाम (1 अंक)'प्रस्तुत पंक्तियों से सम्बन्धित कविता तथा कवि का नाम लिखिए।' (2025 में 'उद्यमी नर' पर इसी रूप में)कविता 'अँधेरे का दीपक' (चंद्रबिंदु सहित), कवि हरिवंशराय बच्चन।
पद्यांश: प्रतीक और भाव (2 + 2 अंक)'अँधेरी रात' और 'दीवा' किसके प्रतीक हैं?; मंदिर ढहने पर कवि क्या करने को कहते हैं?प्रतीक का अर्थ और कविता की पंक्ति; दोनों उप-प्रश्नों के उत्तर अलग रखें।
पद्यांश: तर्क सहित 5 अंकपंक्ति के आधार पर अपना मत, जैसे 'क्या हानि के बाद नया आरंभ संभव है? दो तर्क दीजिए।'दो तर्क, हर एक उदाहरण सहित; सारांश नहीं।
दीर्घ प्रश्न (10 अंक)कविता का केंद्रीय भाव; प्रतीक-विधान; आज के जीवन में प्रासंगिकता।छंद-वार भाव, पंक्तियाँ, प्रतीक, अपना मत।

Tricks to remember अँधेरे का दीपक – हरिवंशराय बच्चन

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • छह टूटन, छह निर्माण: मं-म-म-गी-सा-आ

    मंदिर→कुटिया; मधुपात्र→हथेलियाँ; मस्ती→मुसकान; गीत→अधूरी पंक्ति; साथी→मन का मीत; आशियाना→फिर बसाना।

    Use it when: दीर्घ उत्तर की रूपरेखा।

  • टेक का सूत्र

    अँधेरी रात = दुःख; दीवा = आशा; 'कब मना है?' = कभी नहीं।

    Use it when: हर उत्तर का आरंभ और निष्कर्ष।

  • कवि की पहचान

    बच्चन: मधुशाला वाले कवि; सीधी-सादी जीवंत भाषा, गेय शैली (NCERT)।

    Use it when: कवि-परिचय।

अँधेरे का दीपक – हरिवंशराय बच्चन: board-level solved questions

Ordered from board level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.

Example 1: पद्यांश (i): कविता और कवि · 1 mark · Very short answerBoard level

'बादलों के अश्रु से धोया गया नभ-नील नीलम / का बनाया था गया मधुपात्र मनमोहक, मनोरम' प्रस्तुत पंक्तियों से संबंधित कविता तथा कवि का नाम लिखिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कविता का नाम, शुद्ध वर्तनी।
  2. कवि का नाम।

Answer: कविता: 'अँधेरे का दीपक'; कवि: हरिवंशराय बच्चन।

Example 2: पद्यांश (ii): मधुपात्र का टूटना · 2 marks · Short answerHarder board level

'मधुपात्र' किसका प्रतीक है? उसके टूट जाने पर कवि क्या करने को कहते हैं?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. प्रतीक: जीवन का सुख, आनंद और उसके सुंदर साधन।
  2. टूटने पर: दोनों हथेलियाँ मिलाकर किसी निर्मल स्रोत से प्यास बुझाना।

Answer: मधुपात्र जीवन के सुख, आनंद और उसके सुंदर साधनों का प्रतीक है। कवि कहते हैं कि यदि वह टूट जाए तो दोनों हथेलियाँ मिलाकर किसी निर्मल स्रोत से प्यास बुझाई जा सकती है; अर्थात साधन छिन जाएँ तो सरल, सहज उपायों से जीवन का रस फिर पाया जा सकता है।

Example 3: पद्यांश (iii): टेक का अर्थ · 2 marks · Short answerHOTS / competency

'है अँधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है?' पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए। इसे प्रश्न के रूप में क्यों रखा गया है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. भाव: दुःख-निराशा (अँधेरी रात) के बीच आशा-प्रयास (दीया) का अधिकार।
  2. प्रश्न-रूप: उत्तर पाठक स्वयं दे ('कभी मना नहीं'); अधिक प्रभावशाली।

Answer: अँधेरी रात जीवन के दुःख और निराशा का प्रतीक है, दीया आशा और प्रयास का। कवि कहते हैं कि दुःख है, यह सच है, पर उसमें आशा का दीप जलाने से किसी ने नहीं रोका। पंक्ति को प्रश्न बनाकर कवि पाठक से ही उत्तर दिलवाते हैं, 'कभी मना नहीं', जिससे संदेश उपदेश न लगकर पाठक का अपना निष्कर्ष बन जाता है।

Example 4: पद्यांश (iv): हानि के बाद नया आरंभ · 5 marks · Long answerHOTS / competency

'पर किसी उजड़े हुए को फिर बसाना कब मना है?' इस पंक्ति के आधार पर बताइए कि क्या जीवन में बड़ी हानि के बाद नया आरंभ संभव है। दो तर्कों और उदाहरणों द्वारा स्पष्ट कीजिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. पंक्ति का प्रसंग: प्यार का आशियाना उजड़ा; नाश की शक्तियों के आगे किसी का ज़ोर नहीं।
  2. तर्क 1: विनाश प्रकृति का नियम है, पुनर्निर्माण मनुष्य की शक्ति; उदाहरण।
  3. तर्क 2: व्यक्तिगत जीवन में असफलता या बिछोह के बाद नया आरंभ; उदाहरण।
  4. निष्कर्ष: हाँ, संभव; 'निर्माण के प्रतिनिधि' का कर्तव्य।

Answer: हाँ, बड़ी हानि के बाद भी नया आरंभ संभव है। अंतिम छंद में कवि मानते हैं कि हवाओं ने प्यार का आशियाना उजाड़ दिया और नाश की शक्तियों के आगे किसी का ज़ोर नहीं चलता; फिर भी वे मनुष्य को 'निर्माण के प्रतिनिधि' कहकर पुनर्निर्माण का आह्वान करते हैं।

पहला तर्क: कवि के शब्दों में जो बसे हैं, वे प्रकृति के नियम से उजड़ते हैं; पर मनुष्य की विशेषता फिर बसाना है। भूकंप या बाढ़ से उजड़े गाँव लोगों के सामूहिक प्रयास से फिर बसते हैं और कई बार पहले से सुरक्षित बनते हैं।

दूसरा तर्क: व्यक्तिगत जीवन में भी यही सच है। कोई खिलाड़ी गंभीर चोट के बाद लंबे अभ्यास से फिर मैदान में लौटता है; कोई विद्यार्थी असफल होकर अगले वर्ष बेहतर तैयारी से सफल होता है। हानि अंत नहीं, नए आरंभ का अवसर बन जाती है।

अतः कविता का संदेश यही है: अँधेरी रात है, पर दीया जलाना मना नहीं।

Example 5: दीर्घ प्रश्न: केंद्रीय भाव और प्रतीक-विधान · 10 marks · Long answerHarder board level

'अँधेरे का दीपक' कविता का केंद्रीय भाव स्पष्ट करते हुए बताइए कि कवि ने प्रतीकों के माध्यम से निराशा में आशा का संदेश कैसे दिया है।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. भूमिका: बच्चन की सीधी, गेय शैली; टेक और केंद्रीय भाव।
  2. छह प्रतीक-युग्म: मंदिर→कुटिया, मधुपात्र→हथेलियाँ, मस्ती→मुसकान, गीत→अधूरी पंक्ति, साथी→नया मीत, आशियाना→फिर बसाना।
  3. पंक्तियाँ उद्धृत करें।
  4. काव्य-सौंदर्य: प्रश्न-शैली, टेक, मानवीकरण, उपमा।
  5. निष्कर्ष: जिजीविषा और पुनर्निर्माण।

Answer: भूमिका। हरिवंशराय बच्चन ने सीधी-सादी जीवंत भाषा और गेय शैली में व्यक्तिगत अनुभूति को कविता बनाया (NCERT परिचय)। 'अँधेरे का दीपक' का केंद्रीय भाव है: जीवन में हानि और दुःख अनिवार्य हैं, पर आशा का दीप जलाना और नया निर्माण करना मनुष्य का अधिकार है। इसी भाव को टेक बार-बार दोहराती है: 'है अँधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है?'

प्रतीकों का प्रयोग। हर छंद में एक सुंदर वस्तु टूटती है और उसके बदले कुछ सरल पर सच्चा रचा जाता है:
- कल्पना, भावना और स्वप्न से बना 'मंदिर' ढहता है, तो उसके ईंट-पत्थरों से 'शांति की कुटिया' बनाई जा सकती है।
- नीलम का 'मधुपात्र' टूटता है, तो हथेलियों से निर्मल स्रोत का जल पिया जा सकता है।
- चिंतामुक्त मस्ती का समय जाता है, तो समय की अस्थिरता पर मुसकराया जा सकता है।
- उन्मादी गीतों का अंत होता है, तो कोई अधूरी पंक्ति गुनगुनाई जा सकती है।
- 'चुंबक लौह-से' पास आए साथी चले जाते हैं, तो 'मन का मीत' फिर खोजा जा सकता है।
- प्यार का आशियाना उजड़ता है, तो 'किसी उजड़े हुए को फिर बसाना' संभव है।

काव्य-सौंदर्य। प्रश्न-शैली ('कब मना है?') पाठक को स्वयं उत्तर देने को प्रेरित करती है। कल्पना और भावना का मानवीकरण, चुंबक-लोहे की उपमा, तत्सम और उर्दू शब्दों का मेल कविता को सरस और प्रभावी बनाते हैं।

निष्कर्ष। कविता बताती है कि बड़े सपनों का टूटना जीवन का अंत नहीं; यथार्थ के छोटे-छोटे टुकड़ों से भी शांति, प्रेम और सुख फिर रचा जा सकता है। यही 'अँधेरे का दीपक' है।

Where the marks are

How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.

पद्यांश-आधारित प्रश्न (10 अंक), 2025 के काव्य मंजरी प्रश्न 7 के ढाँचे पर। (10 marks)

StepMarks
(i) कविता और कवि का नाम, शुद्ध वर्तनी1
(ii) प्रतीक का अर्थ और कविता के अनुसार प्रतिक्रिया2
(iii) पंक्ति का भाव या शिल्प, कारण सहित2
(iv) मत: दो तर्क, उदाहरण और पंक्ति सहित5

Where students lose marks in अँधेरे का दीपक – हरिवंशराय बच्चन

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: कविता के नाम में चंद्रबिंदु या मात्रा की भूल

    2025 में 'उद्यमी नर' पर परीक्षकों ने कविता के नाम में मात्राओं की भूल पर अंक काटे; यही भूल यहाँ भी संभव है।

    Wrong working

    अंधेरे का दिपक

    Right working

    अँधेरे का दीपक

    Do this: शीर्षक और कवि का पूरा नाम शुद्ध लिखकर याद करें।

    Usually costs: 1 अंक।

  • Mistake: प्रतीक का अर्थ न देकर केवल वस्तु का वर्णन

    'मधुपात्र टूट गया' लिख देने से प्रतीकार्थ (सुख, आनंद के साधन) नहीं आता।

    Do this: हर प्रतीक के लिए: वस्तु → 'अर्थात' → जीवन में अर्थ।

    Usually costs: हर उप-प्रश्न में 1 अंक।

  • Mistake: कविता को निराशावादी समझना

    हर छंद हानि से शुरू होता है, इसलिए कुछ छात्र इसे दुःख की कविता मान लेते हैं; पर हर छंद आशा पर समाप्त होता है।

    Wrong working

    कवि कहते हैं कि जीवन में सब कुछ नष्ट हो जाता है।

    Right working

    कवि कहते हैं कि सब कुछ नष्ट हो सकता है, पर दीया जलाना और फिर बसाना मना नहीं।

    Do this: टेक को उत्तर के आरंभ और अंत दोनों में रखें।

    Usually costs: पूरे उत्तर की दिशा।

  • Mistake: 5 अंक के प्रश्न में सारांश

    2025 के परीक्षकों के अनुसार काव्य मंजरी के 5-अंक प्रश्न में तर्कों के स्थान पर सारांश लिखा गया।

    Do this: दो तर्क, हर एक उदाहरण सहित, अलग अनुच्छेदों में।

    Usually costs: 5 में से अधिकांश अंक।

Practice questions on अँधेरे का दीपक – हरिवंशराय बच्चन

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 1 mark · MCQBoard level

    निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म कविता के अनुसार सही है?
    (क) मंदिर ढहा → शांति की कुटिया
    (ख) मधुपात्र टूटा → नया महल
    (ग) साथी गए → अकेले रहना
    (घ) आशियाना उजड़ा → शोर मचाना

    Hint

    पहला छंद।

    Answer

    (क) मंदिर ढहा → शांति की कुटिया।

  2. Q2 · 2 marks · Short answerHarder board level

    'कल्पना के हाथ से कमनीय जो मंदिर बना था' में कौन-सा अलंकार है? मंदिर किसका प्रतीक है?

    Hint

    कल्पना के 'हाथ'।

    Answer

    यहाँ मानवीकरण अलंकार है, क्योंकि कल्पना को हाथों से मंदिर बनाने वाला शिल्पी बताया गया है ('कमनीय' में अनुप्रास की छटा भी है)। मंदिर मनुष्य के सपनों और आदर्शों के सुंदर संसार का प्रतीक है, जो यथार्थ की ठोकर से ढह जाता है।

  3. Q3 · 2 marks · Short answerHarder board level

    अंतिम छंद में कवि मनुष्य को 'निर्माण के प्रतिनिधि' क्यों कहते हैं?

    Hint

    नाश प्रकृति का नियम, निर्माण मनुष्य का।

    Answer

    कवि मानते हैं कि नाश की शक्तियों के आगे किसी का ज़ोर नहीं चलता और बसे हुए प्रकृति के जड़ नियम से उजड़ते हैं। पर मनुष्य की पहचान फिर से बसाने और बनाने में है; इसलिए वे उसे निर्माण का प्रतिनिधि कहकर याद दिलाते हैं कि उजड़े हुए को फिर बसाना उसी का कर्तव्य है।

  4. Q4 · 5 marks · Long answerHOTS / competency

    'अँधेरे का दीपक' और 'जाग तुझको दूर जाना है' दोनों कविताओं के संदेश की तुलना कीजिए।

    Hint

    दोनों में दीपक/आग का प्रतीक; एक में आगे बढ़ना, दूसरे में टूटकर फिर बनाना।

    Answer

    दोनों कविताएँ निराशा के विरुद्ध हैं। महादेवी वर्मा की 'जाग तुझको दूर जाना है' बाधाओं और मोह के बीच लक्ष्य की ओर बढ़ते रहने का आह्वान है; उसमें हार भी 'जय की पताका' बनती है और पतंगे की राख 'अमर दीपक की निशानी' है। बच्चन की 'अँधेरे का दीपक' हानि हो जाने के बाद की स्थिति पर है: सपने, सुख, साथी, घर सब छिन गए, फिर भी दीया जलाना, नया बसाना मना नहीं। पहली कविता संघर्ष से पहले का साहस देती है, दूसरी हानि के बाद का संबल। दोनों में दीपक आशा का प्रतीक है, और दोनों मनुष्य की जिजीविषा का गान हैं।

  5. Q5 · 10 marks · Long answerHOTS / competency

    'अँधेरे का दीपक' कविता आज के युवाओं के लिए कितनी प्रासंगिक है? कविता की पंक्तियों और उदाहरणों के आधार पर लिखिए।

    Hint

    परीक्षा/करियर में असफलता, टूटे संबंध, मानसिक तनाव; कविता के प्रतीक; अपना मत।

    Answer

    अपेक्षित बिंदु: केंद्रीय भाव (निराशा में आशा, विनाश के बाद निर्माण); आज की स्थितियाँ: प्रवेश-परीक्षा में असफलता, सपनों के कॉलेज/करियर का न मिलना ('मंदिर' ढहना), मित्रों का बिछड़ना ('मन का मीत'), परिवार की आर्थिक हानि ('आशियाना'); हर स्थिति के साथ कविता की पंक्ति; मानसिक स्वास्थ्य और सहायता माँगने का महत्त्व; निष्कर्ष: कविता अत्यंत प्रासंगिक है; लगभग 250-300 शब्द।

  6. Q6 · 2 marks · Short answerHOTS / competency

    एक छात्र ने 5 अंक के प्रश्न 'क्या हानि के बाद नया आरंभ संभव है?' में कविता के छहों छंदों का सारांश लिख दिया। उसे पूरे अंक क्यों नहीं मिलेंगे?

    Hint

    2025 में 'उद्यमी नर' पर परीक्षकों की टिप्पणी।

    Answer

    प्रश्न दो तर्क और उदाहरण माँगता है, सारांश नहीं। 2025 में 'उद्यमी नर' के 5-अंक प्रश्न पर परीक्षकों ने ठीक यही कमी बताई थी कि छात्रों ने तर्कों के स्थान पर कविता का सारांश लिख दिया। उत्तर में 'तर्क 1', 'तर्क 2' अलग अनुच्छेदों में, उदाहरण और एक पंक्ति के उद्धरण सहित होने चाहिए।

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.'अँधेरे का दीपक' के कवि कौन हैं?Show answer

    हरिवंशराय बच्चन।

  2. 2.कविता की टेक क्या है?Show answer

    'है अँधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है?'

  3. 3.मंदिर ढहने पर कवि क्या बनाने की बात करते हैं?Show answer

    ईंट, पत्थर, कंकड़ जोड़कर अपनी शांति की कुटिया।

  4. 4.कवि ने साथियों की निकटता की तुलना किससे की है?Show answer

    चुंबक और लोहे से।

  5. 5.अंतिम छंद में मनुष्य को क्या कहा गया है?Show answer

    'निर्माण के प्रतिनिधि'।

Quick revision checklist

The night before the exam: can you do each of these without looking?

  • क्या आप छहों छंदों के टूटन और निर्माण वाले युग्म बता सकते हैं?
  • क्या आप टेक का प्रतीकार्थ और प्रश्न-शैली का प्रभाव समझा सकते हैं?
  • क्या आप दो अलंकार उदाहरण सहित लिख सकते हैं?
  • क्या आप 5-अंक प्रश्न में दो तर्क उदाहरण सहित लिख सकते हैं?
  • क्या आप शीर्षक 'अँधेरे का दीपक' शुद्ध लिख सकते हैं?

अँधेरे का दीपक – हरिवंशराय बच्चन: frequently asked questions

'अँधेरे का दीपक' कविता का केंद्रीय भाव क्या है?

जीवन में हानि और दुःख आते हैं, पर उनके बीच आशा का दीप जलाना और टूटे हुए को फिर से बनाना हर मनुष्य का अधिकार और कर्तव्य है।

इस पृष्ठ पर पूरी कविता क्यों नहीं दी गई?

कविता कॉपीराइट में है। यहाँ केवल छोटी पंक्तियाँ उद्धृत हैं; पूरी कविता काव्य मंजरी में पढ़ें।

क्या इस कविता पर पहले ISC प्रश्न आया है?

2024-25 में नहीं (तब भी यह काव्य मंजरी में थी); 2027 से यह Class XII भाग में है। प्रश्न पद्यांश-आधारित (1, 2, 2, 5 अंक) या 10 अंकों के दीर्घ प्रश्न के रूप में आ सकते हैं।

Based on: CISCE ISC 2027 Appendix I: List of Prescribed Textbooks (Hindi 805: Kavya Manjari); CISCE ISC Analysis of Pupil Performance 2025: Hindi (board paper, marking scheme, examiners' comments); NCERT Aroh Bhag 2 (Class XII): Harivansh Rai Bachchan, poet profile; Kavita Kosh: Harivansh Rai Bachchan, 'Hai andheri raat par deeva jalana kab mana hai?' (full text)