ISC Class 12 हिंदी आषाढ़ का एक दिन – अंक 3 (मोहन राकेश): पात्र, प्रसंग और हल सहित प्रश्न
Updated 14 October 2026 · Fact-checked
'आषाढ़ का एक दिन' के तीसरे अंक में थका-टूटा, बीमार कालिदास आषाढ़ की वर्षा में भीगता हुआ ग्राम-प्रांतर में मल्लिका के घर लौटता है। मल्लिका का जीवन बदल चुका है; विलोम से उसका विवाह हो चुका है। अंक प्रेम, त्याग, राज्याश्रय और कलाकार की दुर्बलताओं पर प्रश्न उठाता है।
What आषाढ़ का एक दिन – अंक 3 is about
आषाढ़ का एक दिन मोहन राकेश का प्रसिद्ध नाटक है, जो महाकवि कालिदास और ग्राम-कन्या मल्लिका के प्रेम के माध्यम से कलाकार, सत्ता और प्रेम के संबंधों की पड़ताल करता है। ISC हिंदी (805) की 2027 परीक्षा में Class XII के लिए इसके अंक 2 और अंक 3 निर्धारित हैं।
खंड ख में नाटक से तीन प्रश्न आते हैं (प्रश्न 13-15): एक संवाद-आधारित (1, 2, 2 और 5 अंक) और दो 10-10 अंकों के दीर्घ प्रश्न। 2025 में तीसरे अंक से संवाद उद्धृत हुआ ('मेरे भीगे होने की चिन्ता मत करो…'), और दीर्घ प्रश्न विलोम के चरित्र (वह परंपरागत खलनायक से कैसे भिन्न है) तथा मल्लिका के निःस्वार्थ प्रेम और सच्चे प्रेम की परिभाषा पर थे। 2024 में कालिदास का चरित्र (प्रतिभा और दुर्बलताएँ) और 'राज्याश्रय में रहकर साहित्यकार का लेखन कुंठित हो जाता है' कथन की समीक्षा पूछी गई।
परीक्षकों की टिप्पणियाँ: वक्ता-श्रोता उलटना, संदर्भ पहले अंक से देना, संवाद का अंतर्निहित अर्थ न समझाना, चरित्र-चित्रण को कहानी की तरह लिखना, और प्रश्न का दूसरा भाग (जैसे विलोम परंपरागत खलनायक से कैसे भिन्न है, या सच्चे प्रेम की परिभाषा) छोड़ देना।
नाटक कॉपीराइट में है; यह पृष्ठ केवल CISCE के 2024 और 2025 के प्रश्न-पत्रों में उद्धृत संवादों और अंक-योजना के तथ्यों पर आधारित है।
Weightage: खंड ख में 'आषाढ़ का एक दिन' से तीन प्रश्न (हर एक 10 अंक) आते हैं; परीक्षार्थी चार पुस्तकों में से तीन चुनकर कुल चार प्रश्न करते हैं। 2025 में संवाद-आधारित प्रश्न और दोनों दीर्घ प्रश्न तीसरे अंक के प्रसंगों पर थे।Source: CISCE ISC 2027 भारतीय भाषाएँ पाठ्यक्रम, परिशिष्ट I तथा 2024 और 2025 के बोर्ड प्रश्न-पत्र (परीक्षकों की रिपोर्ट)
आषाढ़ का एक दिन – अंक 3: summary
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
पृष्ठभूमि। पहले दो अंकों में कालिदास, जो ग्राम-प्रांतर का प्रकृति-प्रेमी कवि था, उज्जयिनी का राजकवि बन चुका है, राजकुमारी प्रियंगुमंजरी से उसका विवाह हो चुका है और उसे कश्मीर भेजा गया है। अपने गाँव आकर भी वह मल्लिका से नहीं मिला था।
कालिदास की वापसी। 2025 की अंक-योजना के अनुसार, तीसरे अंक में थका-टूटा, बीमार कालिदास ग्राम-प्रांतर लौटता है और आषाढ़ की वर्षा में भीगा हुआ मल्लिका के घर में प्रवेश करता है। मल्लिका के उसके भीगने की चिंता करने पर वह कहता है: 'मेरे भीगे होने की चिन्ता मत करो।… वर्षों के बाद भीगा हूँ। अभी सूखना नहीं चाहता।' अंक-योजना के अनुसार यहाँ भीगना प्रेम में सराबोर होने का प्रतीक है: उज्जयिनी जाने से पहले की वर्षा में दोनों प्रेम में भीगे थे, और कालिदास पुराने प्रेम के उस अहसास को खोना नहीं चाहता।
मल्लिका का बदला जीवन। इस बीच मल्लिका का जीवन बदल चुका है; अंक-योजना के अनुसार विलोम से उसका विवाह हो चुका है। फिर भी कालिदास के प्रति उसके मन में विषाद नहीं है, क्योंकि उसका प्रेम निःस्वार्थ और त्यागमय है; उसने कालिदास की सफलता को अपने सुख से ऊपर रखा और उसकी परिस्थितियों को समझा।
विलोम। विलोम परंपरागत खलनायक नहीं है: वह न षड्यंत्र रचता है, न प्रतिशोध लेता है। वह स्पष्टवादी, निर्भीक और मुँहफट है, उसमें नकारात्मक सोच और ईर्ष्या है, वह हठी है और मल्लिका के घर बिन बुलाए आता है, मदिरा का आदी है, भीतर से हारा हुआ और निर्वासित है, और भावना पर यथार्थ की विजय का प्रतीक है।
कालिदास का चरित्र। अंक कालिदास की प्रतिभा और दुर्बलता दोनों को सामने लाता है: वह प्रकृति-प्रेमी, अप्रतिम प्रतिभाशाली कवि है, पर आत्मकेंद्रित, अनिर्णयी और सत्ता-सुख का आकांक्षी भी है; मल्लिका को साथ न ले जाना उसकी दुर्बलता थी। 2024 की अंक-योजना के अनुसार राज्याश्रय में प्रकृति की प्रेरणा से कटकर उसका सृजन मुरझाने लगा था।
Themes and message
निःस्वार्थ प्रेम और त्याग
मल्लिका का प्रेम कुछ माँगता नहीं; उसने कालिदास को उज्जयिनी जाने को प्रेरित किया, उसकी सफलता को अपने से ऊपर रखा और उसके न मिलने पर भी कटुता नहीं पाली। 2025 के प्रश्न ने इसी आधार पर सच्चे प्रेम की परिभाषा माँगी: निःस्वार्थता, त्याग, समर्पण, समझ और सहानुभूति।
From the text: 2025 प्रश्न 15 की अंक-योजना।
राज्याश्रय और सृजन
2024 का प्रश्न: 'राज्याश्रय में रहकर साहित्यकार का लेखन कुंठित हो जाता है।' अंक-योजना के बिंदु: कालिदास उज्जयिनी नहीं जाना चाहता था; वहाँ प्रकृति की प्रेरणा से कटकर उसका सृजन मुरझाता है; राजकुमारी से विवाह और कश्मीर भेजा जाना; राजकीय दबाव और मौलिकता का असंगत संबंध।
From the text: 2024 प्रश्न 14 की अंक-योजना।
भावना बनाम यथार्थ
कालिदास भावनाओं और स्मृतियों में जीना चाहता है ('अभी सूखना नहीं चाहता'), जबकि विलोम कठोर यथार्थ का प्रतीक है। अंक-योजना विलोम को 'भावना पर यथार्थ की विजय का प्रतीक' कहती है।
From the text: 2025 प्रश्न 13 और 14 की अंक-योजना।
कलाकार की दुर्बलताएँ
नाटक कालिदास को आदर्श नायक नहीं बनाता: उसकी प्रतिभा के साथ आत्मकेंद्रितता, अनिर्णय और सत्ता-सुख की आकांक्षा भी है, जिसके कारण वह नाटक में आदर का पात्र नहीं बन पाता (2025 की अंक-योजना)।
From the text: 2024 प्रश्न 15 और 2025 प्रश्न 13(iv) की अंक-योजना।
Characters
कालिदास
उज्जयिनी का राजकवि, जो थका-टूटा लौटता है।
- प्रकृति-प्रेमी और अप्रतिम प्रतिभाशाली कवि; मल्लिका उसके सृजन की प्रेरणा।
- मल्लिका का प्रगाढ़ प्रेमी।
- आत्मकेंद्रित और अनिर्णयी; मल्लिका को साथ नहीं ले गया।
- सत्ता और सुख-सुविधा का आकांक्षी; दुर्बलताओं के कारण आदर का पात्र नहीं बन पाता।
2024 प्रश्न 15 और 2025 प्रश्न 13(iv) की अंक-योजना।
मल्लिका
नाटक की नायिका; कालिदास की प्रेरणा।
- निःस्वार्थ और त्यागमय प्रेम करने वाली।
- स्वतंत्र विचारों वाली और दृढ़।
- कालिदास की सफलता को अपने सुख से ऊपर रखती है।
- कालिदास के प्रति विषाद नहीं रखती; उसकी परिस्थितियों को समझती है।
2024 प्रश्न 13 और 2025 प्रश्न 15 की अंक-योजना।
विलोम
ग्राम-प्रांतर का पात्र, जिससे मल्लिका का विवाह हो चुका है।
- परंपरागत खलनायक से भिन्न: न षड्यंत्र, न प्रतिशोध।
- स्पष्टवादी, निर्भीक और मुँहफट।
- नकारात्मक सोच और ईर्ष्यालु प्रवृत्ति; हठी।
- मदिरा का आदी; भीतर से हारा और निर्वासित।
- यथार्थवादी: भावना पर यथार्थ की विजय का प्रतीक।
2025 प्रश्न 14 की अंक-योजना।
How it is written
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| प्रतीक: आषाढ़ की वर्षा और भीगना | 'वर्षों के बाद भीगा हूँ। अभी सूखना नहीं चाहता।' | भीगना प्रेम में सराबोर होने और पुरानी स्मृतियों का प्रतीक है (2025 की अंक-योजना)। |
| विरोधी चरित्र (विलोम) | विलोम का यथार्थवादी, कटु स्वभाव कालिदास की भावुकता के सामने। | दोनों के विरोध से नाटक का द्वंद्व स्पष्ट होता है। |
| संवादों में अंतर्निहित अर्थ | भीगने वाला संवाद, जिसका सीधा अर्थ वर्षा और गहरा अर्थ प्रेम है। | पात्रों की मनःस्थिति कम शब्दों में प्रकट होती है; 2025 में इसी का अर्थ पूछा गया। |
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
मेरे भीगे होने की चिन्ता मत करो।
कालिदास: मल्लिका से, तीसरे अंक में लौटने पर (2025 में उद्धृत)।
मल्लिका की चिंता को टालते हुए पुराने प्रेम की ओर संकेत।
जानती हो, इस तरह भीगना भी जीवन की महत्त्वाकांक्षा हो सकती है ?
कालिदास: उसी संवाद से।
राजसी जीवन की महत्त्वाकांक्षाओं के बाद सरल प्रेम और प्रकृति की ओर लौटने की चाह।
वर्षों के बाद भीगा हूँ। अभी सूखना नहीं चाहता।
कालिदास: उसी संवाद का अंत।
प्रेम के पुराने अहसास को खोना नहीं चाहता।
मैं अनेकानेक साधारण व्यक्तियों में से हूँ। वे असाधारण हैं।
मल्लिका: निक्षेप से, कालिदास के विवाह की चर्चा पर (2024 में उद्धृत; अंक-योजना के अनुसार यह प्रसंग अंक 2 का है)।
मल्लिका की निःस्वार्थता: वह कालिदास की उन्नति में बाधा नहीं बनना चाहती।
आषाढ़ का एक दिन – अंक 3 in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
सफलता और संबंध
मान लीजिए आपका एक मित्र बड़े शहर में नौकरी मिलने पर पुराने मित्रों और परिवार से कट जाता है, और वर्षों बाद थका-हारा लौटता है।
कालिदास की कथा इस पर क्या प्रकाश डालती है?
Try it first, then show the solutionSolution
- सफलता के लिए जड़ों से कटना।
- पद और सुविधा से संतोष न मिलना।
- अंत में पुराने संबंधों की याद।
Answer: कालिदास की तरह व्यक्ति सफलता पा सकता है, पर जड़ों और सच्चे संबंधों से कटकर भीतर से खाली हो जाता है।
Memory hook: ऊँचाई मिली, आषाढ़ छूट गया।
निःस्वार्थ प्रेम
कल्पना कीजिए कि एक माँ अपने बेटे को विदेश में पढ़ने भेजती है, यह जानते हुए कि वह शायद वहीं बस जाएगा।
मल्लिका का प्रेम इससे कैसे मेल खाता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- प्रिय की उन्नति को अपने सुख से ऊपर रखना।
- बदले में कुछ न माँगना।
- दूरी के बावजूद कटुता न रखना।
Answer: मल्लिका की तरह ऐसा प्रेम त्याग और समर्पण का होता है; 2025 के प्रश्न ने इसी को सच्चा प्रेम माना।
Memory hook: सच्चा प्रेम रोकता नहीं, उड़ने देता है।
कलाकार और संरक्षण
मान लीजिए किसी लोक-गायक को बड़ी कंपनी का अनुबंध मिलता है, पर शर्त है कि वह वही गाए जो कंपनी चाहे।
2024 के प्रश्न 'राज्याश्रय में लेखन कुंठित होता है' से यह कैसे जुड़ता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- संरक्षण से सुविधा मिलती है।
- पर स्वतंत्रता और मौलिकता घटती है।
- कालिदास का उदाहरण।
Answer: संरक्षण सुविधा देता है पर मौलिकता छीन सकता है; कालिदास का सृजन राज्याश्रय में मुरझाया।
Memory hook: सोने का पिंजरा भी पिंजरा है।
Topics in this chapter
How the board asks आषाढ़ का एक दिन – अंक 3
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| संवाद: किसने किससे कहा (1 अंक) | 'उक्त कथन किसने, किससे कहा?' (2025: कालिदास ने मल्लिका से) | पूरा नाटक पढ़कर प्रमुख संवादों के वक्ता-श्रोता याद करें; 2025 में कई छात्रों ने 'मल्लिका ने अंबिका से' लिख दिया। |
| संवाद: संदर्भ और अंतर्निहित अर्थ (2 + 2 अंक) | 'उक्त कथन किस संदर्भ में कहा गया है?'; 'इस कथन का अन्तर्निहित अर्थ स्पष्ट कीजिए।' (2025) | संदर्भ: तीसरा अंक, कालिदास की वापसी (पहले अंक का संदर्भ गलत)। अर्थ: भीगना = प्रेम में सराबोर होना। |
| संवाद: वक्ता का चरित्र (5 अंक) | 'उक्त संवाद के आलोक में वक्ता के चरित्र की विशेषताएँ लिखिए।' (2025) | सही वक्ता (कालिदास); पाँच-छह विशेषताएँ, कहानी की तरह नहीं, बिंदुवार। |
| दीर्घ प्रश्न (10 अंक) | विलोम का चरित्र और परंपरागत खलनायक से भिन्नता (2025); मल्लिका का निःस्वार्थ प्रेम और सच्चे प्रेम की परिभाषा (2025); कालिदास की प्रतिभा और दुर्बलताएँ (2024); राज्याश्रय और सृजन (2024)। | कथन की व्याख्या, बिंदुवार उत्तर घटनाओं सहित, और प्रश्न का दूसरा भाग अवश्य। |
Tricks to remember आषाढ़ का एक दिन – अंक 3
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
तीन वर्षाएँ नहीं, दो
पहले अंक की वर्षा: प्रेम का आरंभ; तीसरे अंक की वर्षा: थके कालिदास की वापसी।
Use it when: संदर्भ वाले प्रश्न।
विलोम: स्प-नि-ह-म-य
स्पष्टवादी, निर्भीक, हठी, मदिरा का आदी, यथार्थवादी (और न षड्यंत्र, न प्रतिशोध)।
Use it when: विलोम का चरित्र-चित्रण।
सच्चा प्रेम: नि-त्या-स-स
निःस्वार्थता, त्याग, समर्पण, समझ-सहानुभूति।
Use it when: 2025 के प्रश्न का दूसरा भाग।
आषाढ़ का एक दिन – अंक 3: board-level solved questions
Ordered from board level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: संवाद (i)-(ii): वक्ता-श्रोता और संदर्भ (2025) · 3 marks · Short answerHarder board level
"मेरे भीगे होने की चिन्ता मत करो।… जानती हो, इस तरह भीगना भी जीवन की महत्त्वाकांक्षा हो सकती है ? वर्षों के बाद भीगा हूँ। अभी सूखना नहीं चाहता।" (i) उक्त कथन किसने, किससे कहा? (ii) किस संदर्भ में कहा गया है?
Try it first, then show the solutionSolution
- (i) वक्ता कालिदास, श्रोता मल्लिका।
- (ii) तीसरा अंक: थका-टूटा बीमार कालिदास लौटता है, वर्षा में भीगा मल्लिका के घर आता है, मल्लिका की चिंता पर कहता है।
Answer: (i) कालिदास ने मल्लिका से कहा। (ii) तीसरे अंक में थका-टूटा, बीमार कालिदास वर्षों बाद ग्राम-प्रांतर लौटता है और आषाढ़ की वर्षा में भीगा हुआ मल्लिका के घर में प्रवेश करता है। मल्लिका उसके भीगे होने की चिंता करती है, तब वह ये शब्द कहता है।
Example 2: संवाद (iii): अंतर्निहित अर्थ (2025) · 2 marks · Short answerHOTS / competency
इस कथन का अन्तर्निहित अर्थ स्पष्ट कीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- भीगना = प्रेम में सराबोर होना।
- उज्जयिनी जाने से पहले की वर्षा की स्मृति।
- पुराने प्रेम के अहसास को खोना नहीं चाहता।
Answer: यहाँ भीगना केवल वर्षा में भीगना नहीं, प्रेम में सराबोर होना है। उज्जयिनी जाने से पहले की आषाढ़ की वर्षा में कालिदास और मल्लिका दोनों प्रेम में भीगे थे; वर्षों बाद लौटकर कालिदास उसी अहसास को फिर अनुभव कर रहा है और उसे खोना ('सूखना') नहीं चाहता।
Example 3: संवाद (iv): कालिदास का चरित्र (2025) · 5 marks · Long answerHarder board level
उक्त संवाद के आलोक में वक्ता के चरित्र की विशेषताएँ लिखिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- वक्ता: कालिदास (गलत वक्ता लेने पर उत्तर गलत)।
- बिंदुवार विशेषताएँ, कहानी नहीं।
Answer: 1. प्रगाढ़ प्रेमी: वर्षों बाद भी मल्लिका के प्रति उसका प्रेम जीवित है; वह उस अहसास में 'भीगा' रहना चाहता है।
2. प्रकृति-प्रेमी कवि: आषाढ़ की वर्षा उसे फिर जीवंत करती है; मल्लिका और प्रकृति उसके सृजन की प्रेरणा रहे।
3. भावुक: वह स्मृतियों में लौटना चाहता है।
4. आत्मकेंद्रित: अपने सुख और अनुभव की बात करता है, मल्लिका की बदली परिस्थिति की नहीं; पहले भी वह उसे साथ नहीं ले गया।
5. चारित्रिक दुर्बलताएँ: इन्हीं के कारण वह नाटक में पूर्ण आदर का पात्र नहीं बन पाता।
Example 4: दीर्घ प्रश्न: विलोम (2025) · 10 marks · Long answerHOTS / competency
'विलोम आज के मानव की नियति को व्यक्त करने वाला एक सशक्त चरित्र है।' उक्त कथन के आलोक में विलोम का चरित्र-चित्रण कीजिए तथा यह भी स्पष्ट कीजिए कि वह परम्परागत खलनायक से किस प्रकार भिन्न है?
Try it first, then show the solutionSolution
- कथन की व्याख्या: आज का मनुष्य यथार्थ से जूझता, भीतर से हारा।
- कम-से-कम पाँच विशेषताएँ बिंदुवार, घटनाओं सहित।
- दूसरा भाग: परंपरागत खलनायक से भिन्नता (परीक्षकों के अनुसार यह छोड़ा गया)।
Answer: रूपरेखा: भूमिका में कथन की व्याख्या: विलोम भावनाओं से नहीं, कठोर यथार्थ से संचालित आज के मनुष्य का प्रतीक है। विशेषताएँ: (1) स्पष्टवादी, निर्भीक, मुँहफट; (2) नकारात्मक सोच और ईर्ष्यालु प्रवृत्ति; (3) हठी: मल्लिका के घर बिन बुलाए आता है; (4) मदिरा का आदी; मल्लिका से उसका विवाह होता है; (5) भीतर से हारा और निर्वासित; (6) यथार्थवादी: भावना पर यथार्थ की विजय का प्रतीक। भिन्नता: परंपरागत खलनायक षड्यंत्र रचता और प्रतिशोध लेता है; विलोम ऐसा कुछ नहीं करता; वह कटु सत्य कहता है, इसलिए खलनायक से अधिक जीवन का यथार्थ लगता है। निष्कर्ष।
Example 5: दीर्घ प्रश्न: मल्लिका का प्रेम (2025) · 10 marks · Long answerHOTS / competency
अपने ग्राम प्रांत में आने के बाद भी मल्लिका से न मिलने एवं राजकुमारी प्रियंगुमंजरी से विवाह कर लेने की बात जानकर भी मल्लिका के हृदय में कालिदास के लिए विषाद नहीं है। इसका क्या कारण हो सकता है? आपके अनुसार सच्चे प्रेम की परिभाषा क्या है? नाटक को आधार बनाकर लिखिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- भाग 1: कारण: निःस्वार्थ, त्यागमय प्रेम; कालिदास की सफलता को ऊपर रखना; उसकी परिस्थितियों को समझना।
- भाग 2: सच्चे प्रेम की परिभाषा (परीक्षकों के अनुसार कई छात्रों ने यह छोड़ा): निःस्वार्थता, त्याग, समर्पण, समझ, सहानुभूति।
- नाटक से उदाहरण और निष्कर्ष।
Answer: रूपरेखा: (1) मल्लिका का प्रेम निःस्वार्थ और त्यागमय है: उसने स्वयं कालिदास को उज्जयिनी जाने को प्रेरित किया और उसके असाधारण होने को स्वीकार किया ('मैं अनेकानेक साधारण व्यक्तियों में से हूँ। वे असाधारण हैं।'); (2) वह उसकी सफलता को अपने सुख से ऊपर रखती है और उसकी राजकीय परिस्थितियों को समझती है, इसलिए विषाद नहीं; (3) सच्चे प्रेम की परिभाषा: जो प्रिय की उन्नति चाहे, बदले में कुछ न माँगे, त्याग और समर्पण करे, समझ और सहानुभूति रखे; (4) नाटक के आधार पर निष्कर्ष: मल्लिका सच्चे प्रेम का आदर्श है, जबकि कालिदास का प्रेम आत्मकेंद्रित दिखता है।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
संवाद-आधारित प्रश्न (10 अंक), 2025 के प्रश्न 13 के अनुसार। (10 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| (i) किसने, किससे कहा | 1 |
| (ii) संदर्भ (सही अंक और प्रसंग) | 2 |
| (iii) अंतर्निहित अर्थ | 2 |
| (iv) वक्ता के चरित्र की पाँच-छह विशेषताएँ, बिंदुवार | 5 |
Where students lose marks in आषाढ़ का एक दिन – अंक 3
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: वक्ता-श्रोता उलटना
2025 में कई छात्रों ने 'मल्लिका ने अंबिका से' लिखा, क्योंकि पूरा नाटक नहीं पढ़ा था; 2024 में श्रोता निक्षेप के स्थान पर कालिदास या मातुल लिखा गया (CISCE परीक्षकों की टिप्पणियाँ)।
Do this: हर अंक के प्रमुख संवादों के वक्ता-श्रोता की सूची बनाएँ।
Usually costs: 1 अंक, और गलत वक्ता से (iv) के 5 अंक भी।
Mistake: गलत अंक से संदर्भ
2025 में कई छात्रों ने भीगने वाले संवाद का संदर्भ पहले अंक से दिया, जबकि अंक-योजना के अनुसार यह तीसरे अंक का प्रसंग है; कुछ ने प्रश्न ही दोहरा दिया।
Do this: पहले अंक की वर्षा (प्रेम का आरंभ) और तीसरे अंक की वर्षा (वापसी) में अंतर याद रखें।
Usually costs: 2 अंक।
Mistake: प्रश्न का दूसरा भाग छोड़ना
2025 में विलोम वाले प्रश्न में 'परंपरागत खलनायक से भिन्नता' और मल्लिका वाले प्रश्न में 'सच्चे प्रेम की परिभाषा' छोड़ दी गई।
Do this: दोनों भागों के लिए अलग अनुच्छेद।
Usually costs: दीर्घ प्रश्न के कई अंक।
Mistake: चरित्र-चित्रण कहानी की तरह
2025 में विलोम और कालिदास के चरित्र कहानी की तरह लिखे गए या केवल तीन-चार विशेषताएँ दी गईं; परीक्षकों ने कम-से-कम पाँच विशेषताओं का सुझाव दिया।
Do this: बिंदुवार, हर विशेषता के साथ एक घटना।
Usually costs: चरित्र-चित्रण के अंक।
Practice questions on आषाढ़ का एक दिन – अंक 3
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 10 marks · Long answerHOTS / competency
'राज्याश्रय में रहकर साहित्यकार का लेखन कुंठित हो जाता है।' 'आषाढ़ का एक दिन' के आधार पर इस कथन की समीक्षा कीजिए।
Hint
2024 की अंक-योजना: स्वतंत्र लेखन बनाम राज्याश्रय; कालिदास का अनिच्छा से जाना; प्रकृति की प्रेरणा से कटना; राजकुमारी से विवाह और कश्मीर।
Answer
अपेक्षित: स्वतंत्र सृजन और राज्याश्रय का अंतर (रीतिकाल और भक्तिकाल के साहित्य का उदाहरण); कालिदास उज्जयिनी नहीं जाना चाहता था; वहाँ प्रकृति की प्रेरणा से कटकर उसका सृजन मुरझाता है; राजकुमारी से विवाह और कश्मीर भेजा जाना; मातुल को भी राजकीय दबाव अप्रिय; निष्कर्ष: राज्याश्रय मौलिकता से मेल नहीं खाता। 2024 में केवल कालिदास की यात्रा लिखने वालों के अंक कटे।
Q2 · 10 marks · Long answerHOTS / competency
'कालिदास जहाँ एक तरफ अप्रतिम प्रतिभा के स्वामी हैं, तो वहीं दूसरी तरफ उनके स्वभाव में दुर्बलताओं को भी देखा गया है।' इस कथन के आधार पर कालिदास का चरित्र-चित्रण कीजिए।
Hint
पहले प्रतिभा, फिर दुर्बलताएँ (2024)।
Answer
अपेक्षित: प्रतिभा: प्रकृति-प्रेमी, अप्रतिम प्रतिभा ('ऋतुसंहार'), राजकवि बनना; दयालु (घायल हिरण-शावक) और दंतुल के प्रति निर्भीक; दुर्बलताएँ: आत्मकेंद्रित, अनिर्णयी, महत्त्वाकांक्षी, सत्ता और सुख-सुविधा का आकांक्षी; दुर्बलताओं में खलनायक-सा। कथन के क्रम में उत्तर; सारांश नहीं।
Q3 · 2 marks · Short answerHarder board level
विलोम परंपरागत खलनायक से किन दो बातों में भिन्न है?
Hint
षड्यंत्र और प्रतिशोध।
Answer
वह न कोई षड्यंत्र रचता है, न किसी से प्रतिशोध लेता है; वह केवल कटु सत्य को निर्भीकता से कहता है।
Q4 · 1 mark · MCQBoard level
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन मल्लिका के प्रेम के अनुकूल है?
(क) वह कालिदास से बदला लेना चाहती है।
(ख) वह कालिदास की सफलता को अपने सुख से ऊपर रखती है।
(ग) वह कालिदास से धन चाहती है।
(घ) वह राजकुमारी से ईर्ष्या करती है।Hint
निःस्वार्थ प्रेम।
Answer
(ख) वह कालिदास की सफलता को अपने सुख से ऊपर रखती है।
Q5 · 1 mark · Very short answerHarder board level
'अभी सूखना नहीं चाहता' में 'सूखना' का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है?
Hint
भीगना = प्रेम।
Answer
प्रेम के अहसास और पुरानी स्मृतियों का समाप्त हो जाना।
Q6 · 5 marks · Long answerHOTS / competency
तीसरे अंक में कालिदास की दशा का वर्णन कीजिए और बताइए कि यह दशा राज्याश्रय के बारे में क्या संकेत करती है।
Hint
थका-टूटा, बीमार; सृजन का मुरझाना।
Answer
कालिदास थका-टूटा और बीमार होकर वर्षा में भीगता हुआ लौटता है। राजकवि का पद, राजकुमारी से विवाह और कश्मीर भेजा जाना उसे संतोष नहीं दे सके। यह दशा संकेत करती है कि राज्याश्रय ने उसे प्रकृति और प्रेम की प्रेरणा से काट दिया, जिससे उसका सृजन और मन दोनों मुरझा गए।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.'वर्षों के बाद भीगा हूँ। अभी सूखना नहीं चाहता।' किसने किससे कहा?Show answer
कालिदास ने मल्लिका से।
2.यहाँ 'भीगना' का अंतर्निहित अर्थ क्या है?Show answer
प्रेम में सराबोर होना।
3.विलोम परंपरागत खलनायक से कैसे भिन्न है?Show answer
वह न षड्यंत्र रचता है, न प्रतिशोध लेता है।
4.मल्लिका के मन में कालिदास के प्रति विषाद क्यों नहीं है?Show answer
उसका प्रेम निःस्वार्थ और त्यागमय है; वह कालिदास की सफलता को अपने से ऊपर रखती है।
5.Class XII में नाटक के कौन-से अंक हैं?Show answer
अंक 2 और अंक 3।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप तीसरे अंक के प्रमुख संवादों के वक्ता-श्रोता बता सकते हैं?
- क्या आप भीगने वाले संवाद का संदर्भ और अंतर्निहित अर्थ लिख सकते हैं?
- क्या आप विलोम की पाँच विशेषताएँ और परंपरागत खलनायक से भिन्नता लिख सकते हैं?
- क्या आप सच्चे प्रेम की परिभाषा नाटक के आधार पर दे सकते हैं?
- क्या आप कालिदास की प्रतिभा और दुर्बलताएँ अलग-अलग गिना सकते हैं?
आषाढ़ का एक दिन – अंक 3: frequently asked questions
'आषाढ़ का एक दिन' के लेखक कौन हैं?
मोहन राकेश।
ISC 2027 में नाटक के कौन-से अंक पूछे जाएँगे?
अंक 2 और अंक 3; अंक 1 Class XI का भाग है।
क्या विलोम नाटक का खलनायक है?
वह परंपरागत खलनायक नहीं है: न षड्यंत्र रचता है, न प्रतिशोध लेता है; वह कठोर यथार्थ का प्रतीक है।
इस पृष्ठ पर दृश्यवार सारांश क्यों नहीं है?
नाटक कॉपीराइट में है और यह पृष्ठ केवल CISCE के प्रश्न-पत्रों में पुष्ट तथ्यों पर आधारित है; दृश्यवार सारांश अपनी पाठ्यपुस्तक से बनाएँ।
Based on: CISCE ISC 2027 Appendix I: List of Prescribed Textbooks (Hindi 805: Aashad Ka Ek Din, Ank 2 and 3); CISCE ISC Analysis of Pupil Performance 2025: Hindi (board paper, marking scheme, examiners' comments); CISCE ISC Analysis of Pupil Performance 2024: Hindi (board paper, marking scheme, examiners' comments)