सूखी डाली ICSE Class 10: सारांश, चरित्र-चित्रण और प्रश्न
Updated 14 October 2026 · Draft, not yet fact-checked
'सूखी डाली' उपेंद्रनाथ 'अश्क' का एकांकी है। दादा मूलराज अपने बड़े संयुक्त परिवार को बरगद के पेड़ जैसा मानते हैं और नहीं चाहते कि कोई डाली टूटकर सूखे। शिक्षित नई बहू बेला परिवार से तालमेल नहीं बिठा पाती, पर दादा की समझदारी से अंत में वह परिवार का हिस्सा बन जाती है।
What सूखी डाली is about
सूखी डाली प्रसिद्ध लेखक उपेंद्रनाथ 'अश्क' का एकांकी है, जो एकांकी संचय में कक्षा दसवीं के लिए निर्धारित है। यह संयुक्त परिवार की समस्या और उसके समाधान का एकांकी है। परिवार के मुखिया दादा मूलराज अपने परिवार को एक विशाल बरगद के पेड़ की तरह मानते हैं, जिसकी कोई डाली अलग होकर सूख न जाए। परिवार में आई पढ़ी-लिखी, संपन्न घर की नई बहू बेला पुराने ढंग के परिवार से तालमेल नहीं बिठा पाती, और घर में तनाव बढ़ता है।
खंड ख में एकांकी संचय से अवतरण-आधारित प्रश्न (2, 2, 3, 3 अंक) आते हैं: वक्ता-श्रोता, प्रसंग, पात्रों की विशेषताएँ, शीर्षक की सार्थकता और संदेश।
Weightage: CISCE पाठ-वार अंक नहीं बताता। खंड ख में एकांकी संचय पर हर प्रश्न 10 अंक (2, 2, 3, 3) का होता है।Source: CISCE ICSE हिंदी 2025 बोर्ड प्रश्न-पत्र (परीक्षकों की रिपोर्ट) और 2027 निर्धारित पुस्तकों की सूची
सूखी डाली: summary
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
दादा मूलराज एक बड़े संयुक्त परिवार के मुखिया हैं। परिवार में उनके बेटे, बहुएँ, पोते-पोतियाँ सब एक साथ रहते हैं। दादा का अनुशासन और स्नेह परिवार को बाँधे रखता है। वे अपने परिवार की तुलना आँगन के विशाल बरगद से करते हैं: जैसे बरगद की कोई डाली टूटकर अलग हो जाए तो सूख जाती है, वैसे ही परिवार से अलग होने वाला सदस्य भी 'सूखी डाली' बन जाता है। वे नहीं चाहते कि उनके परिवार की कोई डाली सूखे।
दादा के छोटे पोते परेश (जो सरकारी पद पर है) की पत्नी बेला पढ़ी-लिखी है और एक संपन्न, आधुनिक परिवार से आई है। उसे इस बड़े परिवार के रहन-सहन, फ़र्नीचर, नौकरों और बहुओं की बातचीत का ढंग पसंद नहीं आता। वह अपने मायके की बातें करती है और घर की चीज़ों की आलोचना करती है। परिवार की स्त्रियाँ, विशेषकर दादा की पोती इंदु, बेला पर ताने कसती हैं और उसका मज़ाक उड़ाती हैं। धीरे-धीरे घर में तनाव बढ़ता है और यह आशंका होने लगती है कि परेश और बेला परिवार से अलग हो जाएँगे।
दादा मूलराज को जब यह पता चलता है तो वे बहुत चिंतित होते हैं। वे परिवार के सदस्यों को समझाते हैं कि बेला पढ़ी-लिखी है, उसका आदर करें, उसका मज़ाक न उड़ाएँ और उससे सीखें। दादा के आदेश के बाद सब लोग बेला से अत्यधिक आदर और औपचारिकता से पेश आने लगते हैं। अब बेला को कोई काम नहीं करने दिया जाता, सब उससे दूर-दूर रहते हैं। बेला को यह व्यवहार अपनापन नहीं, अलगाव लगता है; वह अकेलापन महसूस करती है।
अंत में बेला को अपनी गलती का एहसास होता है। वह दादा के पास जाकर कहती है कि वह परिवार से अलग नहीं होना चाहती; उसे सबका पहले जैसा स्नेह चाहिए। वह 'सूखी डाली' नहीं बनना चाहती। इस प्रकार दादा की सूझबूझ से परिवार टूटने से बच जाता है।
Themes and message
संयुक्त परिवार का महत्व
बरगद के प्रतीक के माध्यम से एकांकी बताता है कि परिवार की शक्ति उसकी एकता में है; अलग होने वाला सदस्य सूखी डाली की तरह अकेला पड़ जाता है।
From the text: दादा मूलराज की बरगद वाली तुलना।
पुरानी और नई पीढ़ी का टकराव
शिक्षित, आधुनिक बेला और परंपरागत परिवार के बीच मूल्यों और रहन-सहन का टकराव है।
From the text: बेला की आलोचना और परिवार के ताने।
समझदारी और सामंजस्य
दादा का धैर्यपूर्ण नेतृत्व दिखाता है कि आदर और समझ से मतभेद सुलझ सकते हैं।
From the text: दादा का सबको बेला का आदर करने का निर्देश।
अपनापन और अलगाव
अत्यधिक औपचारिक आदर भी अलगाव पैदा करता है; बेला को स्नेह और अपनापन चाहिए था।
From the text: बेला का अकेलापन और अंत में परिवार में लौटना।
Characters
दादा मूलराज
परिवार के मुखिया।
- परिवार की एकता के समर्थक
- अनुशासनप्रिय
- दूरदर्शी और समझदार
- स्नेही
बरगद की तुलना; बेला के आदर का निर्देश; परिवार को टूटने से बचाना।
बेला
परेश की पत्नी, नई बहू।
- शिक्षित और आधुनिक
- आरंभ में अहंकारी और आलोचक
- संवेदनशील
- अंत में अपनी गलती मानने वाली
घर की चीज़ों की आलोचना; अकेलापन; अंत में परिवार से जुड़ना।
इंदु
दादा की पोती।
- मुँहफट
- ताने कसने वाली
बेला का मज़ाक उड़ाना।
परेश
दादा का छोटा पोता, बेला का पति।
- परिवार और पत्नी के बीच फँसा हुआ
बेला की शिकायतों और परिवार के बीच की स्थिति।
How it is written
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| प्रतीक | बरगद = संयुक्त परिवार; सूखी डाली = परिवार से अलग हुआ सदस्य। | शीर्षक और संदेश को गहरा बनाता है। |
| हास्य और व्यंग्य | बहुओं की नोक-झोंक, इंदु के ताने। | एकांकी को रोचक बनाता है और पात्रों की मानसिकता दिखाता है। |
| स्वाभाविक संवाद | घरेलू बातचीत। | दृश्य जीवंत और विश्वसनीय लगते हैं। |
सूखी डाली in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
नए सदस्य का स्वागत
मान लीजिए आपकी कक्षा में दूसरे शहर से एक नया छात्र आया है जो अपनी पुरानी स्कूल की बहुत तारीफ़ करता है, और कुछ बच्चे उसका मज़ाक उड़ाते हैं।
'सूखी डाली' के आधार पर कक्षा को क्या करना चाहिए?
Try it first, then show the solutionSolution
- मज़ाक से अलगाव बढ़ता है (इंदु के ताने)।
- आदर और अपनापन से वह जुड़ता है (दादा का उपाय)।
Answer: उसका मज़ाक उड़ाने के बजाय उसे अपनाएँ और उसकी अच्छी बातों से सीखें; वरना वह 'सूखी डाली' की तरह अलग-थलग पड़ जाएगा।
Memory hook: ताने तोड़ते हैं, अपनापन जोड़ता है।
दिखावटी आदर बनाम अपनापन
कल्पना कीजिए कि रिश्तेदारों के घर आपको हर समय 'मेहमान' की तरह रखा जाए, कोई काम न करने दिया जाए, कोई हँसी-मज़ाक न करे।
आप कैसा महसूस करेंगे, और यह बेला के अनुभव से कैसे मिलता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- अत्यधिक औपचारिकता दूरी बनाती है।
- बेला को भी यही अकेलापन लगा।
Answer: आप पराए महसूस करेंगे, जैसे बेला ने किया। परिवार में आदर के साथ अपनापन ज़रूरी है।
Memory hook: मेहमान नहीं, घर का सदस्य बनना है।
बुज़ुर्गों का अनुभव
मान लीजिए घर में दो भाइयों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद है और दादाजी दोनों को बुलाकर समझाते हैं।
दादा मूलराज की भूमिका से इसकी तुलना कीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- मुखिया का धैर्य और अनुभव।
- परिवार को जोड़ने का लक्ष्य।
Answer: दादा मूलराज की तरह अनुभवी बुज़ुर्ग धैर्य और सूझबूझ से परिवार को टूटने से बचा सकते हैं।
Memory hook: बरगद की जड़ें ही डालियों को थामे रहती हैं।
Topics in this chapter
How the board asks सूखी डाली
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| प्रतीक और शीर्षक | 'सूखी डाली' शीर्षक की सार्थकता; बरगद किसका प्रतीक है? | बरगद = परिवार, डाली = सदस्य, सूखना = अलग होकर अकेला पड़ना; अंत से जोड़ें। |
| पात्र-चित्रण | दादा मूलराज/बेला के चरित्र की विशेषताएँ। | तीन विशेषताएँ, हर एक के साथ घटना। |
| समस्या और समाधान | परिवार में तनाव क्यों हुआ और कैसे सुलझा? | बेला की आलोचना, ताने, दादा का निर्देश, बेला का अकेलापन, अंत में मेल। |
Tricks to remember सूखी डाली
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
बरगद = परिवार, डाली = सदस्य
सूखी डाली = परिवार से अलग सदस्य।
Use it when: शीर्षक और प्रतीक।
कथा-क्रम: आलोचना-ताने-आदेश-अकेलापन-मेल
पाँच पड़ाव।
Use it when: सारांश और क्रम।
सूखी डाली: board-level solved questions
Ordered from board level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: बरगद की तुलना · 2 marks · Short answerBoard level
दादा मूलराज अपने परिवार की तुलना बरगद से क्यों करते हैं? (2 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- बरगद विशाल और फैला हुआ: बड़ा संयुक्त परिवार।
- डाली अलग हो तो सूख जाती है: सदस्य अलग हो तो अकेला।
Answer: बरगद की तरह उनका परिवार विशाल और एकजुट है; जैसे टूटकर अलग हुई डाली सूख जाती है, वैसे ही परिवार से अलग होने वाला सदस्य भी अकेला और कमज़ोर हो जाता है।
Example 2: तनाव का कारण · 3 marks · Short answerHarder board level
परिवार में बेला को लेकर तनाव क्यों बढ़ा? (3 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- बेला का आधुनिक, संपन्न पृष्ठभूमि से आना।
- घर की चीज़ों और रहन-सहन की आलोचना, मायके की तुलना।
- परिवार, विशेषकर इंदु, के ताने और मज़ाक।
Answer: बेला पढ़ी-लिखी और संपन्न आधुनिक परिवार से आई थी; उसे घर का रहन-सहन, सामान और लोगों का व्यवहार पसंद नहीं था और वह मायके से तुलना करती थी। परिवार की स्त्रियाँ, विशेषकर इंदु, उस पर ताने कसती थीं। इस आपसी असंतोष से अलग होने की आशंका तक तनाव बढ़ गया।
Example 3: दादा का उपाय · 3 marks · Short answerHarder board level
दादा मूलराज ने परिवार को टूटने से बचाने के लिए क्या किया? (3 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- सबको बेला का आदर करने, मज़ाक न उड़ाने का निर्देश।
- उससे सीखने को कहा।
- परिणाम: अत्यधिक आदर से बेला को अकेलापन, फिर अपनापन की चाह।
Answer: उन्होंने परिवार के सदस्यों को समझाया कि बेला पढ़ी-लिखी है, उसका आदर करें, उसका मज़ाक न उड़ाएँ और उससे कुछ सीखें। सबके अत्यधिक आदर से बेला को अलगाव और अकेलापन महसूस हुआ, और उसे समझ आया कि उसे सम्मान नहीं, अपनापन चाहिए; इस प्रकार वह परिवार से जुड़ गई।
Example 4: बेला का परिवर्तन · 2 marks · Short answerHarder board level
अंत में बेला में क्या परिवर्तन आया और क्यों? (2 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- अकेलापन महसूस किया।
- परिवार से अलग न होने का निश्चय; 'सूखी डाली' नहीं बनना चाहती।
Answer: सबके दूर और औपचारिक व्यवहार से बेला को अकेलापन महसूस हुआ; उसने दादा से कहा कि वह परिवार से अलग नहीं होना चाहती और 'सूखी डाली' नहीं बनना चाहती।
Example 5: शीर्षक की सार्थकता · 3 marks · Short answerHOTS / competency
'सूखी डाली' शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए। (3 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- प्रतीक: परिवार से अलग सदस्य।
- दादा का भय।
- बेला का अंतिम निर्णय।
Answer: दादा परिवार को बरगद और उससे अलग होने वाले सदस्य को सूखी डाली मानते हैं। पूरा एकांकी इस आशंका पर चलता है कि बेला और परेश अलग होकर 'सूखी डाली' न बन जाएँ; अंत में बेला स्वयं कहती है कि वह सूखी डाली नहीं बनना चाहती। इसलिए शीर्षक प्रतीकात्मक और पूर्णतः सार्थक है।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
3 अंक: दादा ने परिवार को टूटने से कैसे बचाया? (3 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| बेला के आदर और मज़ाक न उड़ाने का निर्देश | 1 |
| अत्यधिक औपचारिकता से बेला का अकेलापन | 1 |
| बेला का एहसास और परिवार से जुड़ना | 1 |
Where students lose marks in सूखी डाली
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: प्रतीक को न समझाना
छात्र केवल 'पेड़ की डाली' लिखते हैं।
Do this: बरगद और डाली का प्रतीकार्थ स्पष्ट लिखें।
Usually costs: शीर्षक वाले भाग के अंक।
Mistake: बेला को केवल दोषी बताना
परिवार के ताने और दादा की सीख छूट जाती है।
Do this: दोनों पक्षों की कमी और समाधान लिखें।
Usually costs: विश्लेषण के अंक।
Mistake: पात्रों के नाम और संबंध में भूल
2025 के परीक्षकों ने एकांकियों में गलत नामों पर अंक काटे।
Do this: दादा मूलराज, बेला, परेश, इंदु: संबंध सहित याद करें।
Usually costs: परिचय के अंक।
Mistake: अंत अधूरा लिखना
बेला के परिवर्तन का कारण छूट जाता है।
Do this: अकेलापन → एहसास → परिवार से जुड़ना।
Usually costs: 2-3 अंक।
Practice questions on सूखी डाली
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 3 marks · Short answerBoard level
दादा मूलराज के चरित्र की तीन विशेषताएँ लिखिए।
Hint
एकता, अनुशासन, सूझबूझ।
Answer
परिवार की एकता के समर्थक (बरगद की तुलना); अनुशासनप्रिय (सब उनका आदेश मानते हैं); दूरदर्शी और समझदार (बेला के आदर का निर्देश देकर परिवार बचाया)।
Q2 · 2 marks · Short answerHarder board level
बेला को परिवार में अकेलापन क्यों महसूस हुआ?
Hint
अत्यधिक औपचारिकता।
Answer
दादा के आदेश के बाद सब उससे अत्यधिक आदर और औपचारिकता से पेश आने लगे, कोई उससे खुलकर बात नहीं करता था; इस दूरी ने उसे अकेला कर दिया।
Q3 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
क्या आज के समय में संयुक्त परिवार उपयोगी हैं? एकांकी के आधार पर अपना मत दीजिए।
Hint
लाभ और चुनौतियाँ।
Answer
तर्कसंगत मत: उदाहरण के लिए, हाँ, क्योंकि संयुक्त परिवार में सहारा, सुरक्षा और संस्कार मिलते हैं; पर उसके लिए आपसी आदर, सहनशीलता और नई पीढ़ी को समझना आवश्यक है, जैसा दादा ने किया।
Q4 · 2 marks · Short answerHarder board level
इंदु का बेला के प्रति व्यवहार कैसा था? उसका परिवार पर क्या प्रभाव पड़ा?
Hint
ताने।
Answer
इंदु बेला पर ताने कसती और उसका मज़ाक उड़ाती थी, जिससे बेला आहत हुई और परिवार में तनाव तथा अलगाव की आशंका बढ़ी।
Q5 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
एकांकी से नई बहुओं और परिवार दोनों को क्या सीख मिलती है?
Hint
दोनों पक्ष।
Answer
नई बहू को परिवार के तौर-तरीकों का आदर करते हुए सामंजस्य बिठाना चाहिए; परिवार को नए सदस्य की शिक्षा और विचारों का आदर करना चाहिए, ताने नहीं। आपसी समझ से ही परिवार जुड़ा रहता है।
Q6 · 1 mark · Very short answerBoard level
'सूखी डाली' के लेखक कौन हैं?
Hint
उपनाम 'अश्क'।
Answer
उपेंद्रनाथ 'अश्क'।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.'सूखी डाली' के लेखक?Show answer
उपेंद्रनाथ 'अश्क'।
2.परिवार के मुखिया कौन हैं?Show answer
दादा मूलराज।
3.दादा परिवार की तुलना किससे करते हैं?Show answer
बरगद के पेड़ से।
4.नई बहू का नाम?Show answer
बेला (परेश की पत्नी)।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप बरगद और सूखी डाली का प्रतीकार्थ समझा सकते हैं?
- क्या आप तनाव के कारण और दादा का उपाय क्रम से लिख सकते हैं?
- क्या आप दादा और बेला के चरित्र की तीन-तीन विशेषताएँ बता सकते हैं?
- क्या आप एकांकी का संदेश लिख सकते हैं?
सूखी डाली: frequently asked questions
'सूखी डाली' का प्रतीकार्थ क्या है?
बरगद संयुक्त परिवार का प्रतीक है; उससे टूटकर अलग हुई डाली, यानी परिवार से अलग हुआ सदस्य, सूखी डाली की तरह अकेला और निर्बल हो जाता है।
बेला परिवार से क्यों असंतुष्ट थी?
वह शिक्षित और आधुनिक, संपन्न परिवार से आई थी; उसे बड़े परिवार का रहन-सहन और लोगों का व्यवहार पसंद नहीं था, और लोग उसका मज़ाक उड़ाते थे।
एकांकी का संदेश क्या है?
संयुक्त परिवार की एकता आपसी आदर, समझ और अपनापन से बनी रहती है; मतभेदों को धैर्य से सुलझाना चाहिए।
Based on: CISCE ICSE 2027 Second Languages syllabus (Hindi); CISCE ICSE 2027 Appendix I: List of Prescribed Books (Hindi); CISCE circular CISCE/CIRCULAR/2026-27/33: Bifurcation of the Prescribed Texts for Selected Indian Languages; CISCE Analysis of Pupil Performance 2025: Hindi (examiners' comments)