Skip to content
HindiICSE Class 10 · Chapter 8

भेड़ें और भेड़िये ICSE Class 10: सारांश, प्रतीक और व्यंग्य

Updated 14 October 2026 · Draft, not yet fact-checked

'भेड़ें और भेड़िये' हरिशंकर परसाई की व्यंग्य कथा है। वन में प्रजातंत्र आने पर भेड़ें खुश होती हैं कि अब वे सुरक्षित रहेंगी, पर चालाक सियार भेड़िये को संत का रूप देकर चुनाव जितवा देता है, और भेड़ियों के बनाए कानून भेड़ों के ही विरुद्ध होते हैं। यह चुनावी राजनीति पर तीखा व्यंग्य है।

What भेड़ें और भेड़िये is about

भेड़ें और भेड़िये हिंदी के प्रसिद्ध व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई की रचना है, जो साहित्य सागर (कहानियाँ) में कक्षा दसवीं के लिए निर्धारित है। यह एक प्रतीकात्मक व्यंग्य कथा है: पशुओं के माध्यम से लेखक हमारे लोकतंत्र, चुनाव-प्रचार, ढोंगी नेताओं और भोली जनता पर व्यंग्य करता है।

भेड़ें भोली-भाली, बहुसंख्यक जनता की प्रतीक हैं; भेड़िये शोषक, सत्ता-लोलुप नेताओं के; और सियार उन चापलूस, चालाक प्रचारकों के जो पैसे या लाभ के लिए झूठ को सच बनाकर बेचते हैं। खंड ख में अवतरण-आधारित प्रश्न (2, 2, 3, 3 अंक) प्रतीकों, पात्रों की चालाकी और व्यंग्य के लक्ष्य पर आ सकते हैं।

Weightage: CISCE पाठ-वार अंक नहीं बताता। खंड ख में साहित्य सागर की कहानियों पर हर प्रश्न 10 अंक (2, 2, 3, 3) का होता है।Source: CISCE ICSE हिंदी 2025 बोर्ड प्रश्न-पत्र (परीक्षकों की रिपोर्ट) और 2027 निर्धारित पुस्तकों की सूची

भेड़ें और भेड़िये: summary

In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.

एक बार वन के पशुओं ने निश्चय किया कि अब वन में प्रजातंत्र होगा: पशु अपने प्रतिनिधि चुनेंगे और वे प्रतिनिधि कानून बनाएँगे। यह सुनकर भेड़ें बहुत प्रसन्न हुईं। वन में उनकी संख्या सबसे अधिक थी, इसलिए उन्हें विश्वास था कि उनके प्रतिनिधि ऐसे कानून बनाएँगे जिनसे कोई उन्हें खा न सकेगा और वे सुख-शांति से रहेंगी।

दूसरी ओर भेड़िये चिंतित हो गए। उन्हें लगा कि बहुमत भेड़ों का है, तो भेड़ों के प्रतिनिधि उनके भोजन पर रोक लगा देंगे और उनका जीवन संकट में पड़ जाएगा। एक बूढ़ा भेड़िया इसी चिंता में था, तब एक बूढ़े सियार ने उसे उपाय सुझाया। सियार चालाक था और जानता था कि भोली भेड़ों को कैसे बहलाया जाता है।

सियार ने भेड़िये का रूप बदल दिया: उसे साधु-संत जैसा वेश दिया, माथे पर तिलक लगाया और उसे मीठी, विनम्र भाषा में बोलना सिखाया। सियार ने अपने साथ कुछ और सियारों को अलग-अलग रंग और वेश देकर प्रचारक बना लिया, जो भेड़ों के बीच जाकर भेड़िये की प्रशंसा करते, उसे भेड़ों का सच्चा हितैषी और दयालु बताते। भेड़िये ने भेड़ों की सभा में बड़े भोलेपन से कहा कि वह भेड़ों की सेवा करना चाहता है और उनकी रक्षा करेगा।

भोली भेड़ें इस दिखावे में आ गईं। उन्होंने भेड़ियों को ही अपना प्रतिनिधि चुन लिया। चुनाव के बाद जब भेड़ियों की सभा बैठी, तो उसने जो पहला कानून बनाया, वह भेड़ों के ही विरुद्ध था: भेड़ियों के भोजन के लिए भेड़ें नियमित रूप से दी जाएँ। इस प्रकार जिस प्रजातंत्र से भेड़ों को सुरक्षा की आशा थी, वही उनके विनाश का साधन बन गया।

Themes and message

लोकतंत्र और चुनाव पर व्यंग्य

कथा दिखाती है कि जब जनता जागरूक नहीं होती, तो लोकतंत्र में भी शोषक ही सत्ता पा लेते हैं। चुनाव-प्रचार, झूठे वादे और दिखावा जनता को ठगते हैं।

From the text: भेड़ों द्वारा भेड़ियों को चुनना और पहला कानून।

पाखंड और दिखावा

भेड़िया संत का वेश धारण करता है, पर स्वभाव नहीं बदलता। बाहरी रूप से भीतर का चरित्र नहीं बदलता।

From the text: तिलक, साधु-वेश और मीठी भाषा।

चापलूस प्रचारक

सियार उन लोगों के प्रतीक हैं जो अपने लाभ के लिए झूठ फैलाते हैं और जनता को भ्रमित करते हैं।

From the text: रंगे हुए सियारों का प्रचार।

जनता की भोलापन और जागरूकता का अभाव

भेड़ें बहुसंख्यक होते हुए भी अपनी भोलेपन के कारण हार जाती हैं। लेखक जनता को सावधान करता है कि वह वेश नहीं, चरित्र देखे।

From the text: भेड़ों का भेड़िये के वादों पर विश्वास।

Characters

भेड़ें

वन की बहुसंख्यक प्रजा; भोली जनता की प्रतीक।

  • भोली और विश्वासी
  • शांतिप्रिय
  • बाहरी दिखावे से प्रभावित

प्रजातंत्र पर प्रसन्न होना और भेड़ियों को चुनना।

भेड़िया

शोषक; सत्ता-लोलुप नेताओं का प्रतीक।

  • स्वार्थी
  • पाखंडी
  • शोषक

संत का वेश धरकर चुनाव जीतना और भेड़ों के विरुद्ध कानून बनाना।

बूढ़ा सियार

भेड़िये का सलाहकार; चालाक प्रचारकों/चापलूसों का प्रतीक।

  • अत्यंत चालाक
  • अवसरवादी
  • झूठ को सच बनाने में कुशल

भेड़िये का रूप बदलना और प्रचार की योजना।

How it is written

DeviceExampleEffect
प्रतीकात्मकता (पशु-कथा)भेड़ें = जनता, भेड़िये = शोषक नेता, सियार = चापलूस प्रचारक।सीधे नाम लिए बिना राजनीति पर तीखा व्यंग्य।
व्यंग्य और विडंबनाजिस प्रजातंत्र से भेड़ें सुरक्षा चाहती थीं, उसी से उनका भक्षण वैध हो गया।पाठक को सोचने पर विवश करता है।
सरल, चुटीली भाषापशुओं के संवाद और प्रचार।कथा रोचक भी है और धारदार भी।

भेड़ें और भेड़िये in real life

Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

जागरूक मतदाता

मान लीजिए कक्षा-प्रतिनिधि के चुनाव में एक उम्मीदवार सबको टॉफ़ियाँ बाँटता है और बड़े-बड़े वादे करता है, पर पिछले साल उसने किसी की मदद नहीं की।

भेड़ें और भेड़िये के आधार पर आपको क्या करना चाहिए?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. वादे और उपहार दिखावा हो सकते हैं।
  2. पिछले काम और चरित्र को परखें।

Answer: भेड़ों की तरह दिखावे में न आएँ; उम्मीदवार के पिछले व्यवहार और काम के आधार पर मत दें।

Memory hook: वेश नहीं, चरित्र देखकर वोट दो।

भ्रामक प्रचार

कल्पना कीजिए कि सोशल मीडिया पर किसी उत्पाद के कई 'प्रशंसक' उसकी तारीफ़ करते हैं, पर बाद में पता चलता है कि उन्हें पैसे दिए गए थे।

ये 'प्रशंसक' कथा के किस पात्र से मिलते हैं?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. सियार पैसे या लाभ के लिए झूठी प्रशंसा करते हैं।
  2. जनता उन्हें सच मान लेती है।

Answer: रंगे हुए सियारों से, जो भेड़िये का झूठा प्रचार करते हैं। हर प्रशंसा पर आँख बंद करके विश्वास न करें।

Memory hook: रंगा सियार सच नहीं बोलता।

पाखंड पहचानना

मान लीजिए कोई व्यक्ति सबके सामने बहुत धार्मिक और दयालु बनता है, पर अकेले में कमज़ोरों को सताता है।

कथा के किस प्रसंग से इसकी तुलना होगी?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. भेड़िये का संत-वेश।
  2. चुनाव के बाद असली रूप।

Answer: भेड़िये के संत-वेश से: बाहरी रूप बदलने से भीतर का स्वभाव नहीं बदलता; व्यक्ति के कर्म ही उसकी पहचान हैं।

Memory hook: तिलक लगाने से भेड़िया भेड़ नहीं बनता।

Topics in this chapter

How the board asks भेड़ें और भेड़िये

The question patterns to expect, and the method that works for each.

Question typeHow it is askedMethod
प्रतीक स्पष्ट करनाभेड़ें, भेड़िये और सियार किसके प्रतीक हैं?हर प्रतीक का अर्थ और कहानी से एक उदाहरण।
घटना और योजनासियार ने भेड़िये को चुनाव जितवाने के लिए क्या योजना बनाई?वेश-परिवर्तन, मीठी भाषा, प्रचारक सियार, भेड़ों की सभा, क्रम से।
उद्देश्य और व्यंग्यलेखक ने किस पर व्यंग्य किया है? कहानी का उद्देश्य क्या है?लोकतंत्र की खामियाँ, ढोंगी नेता, भोली जनता; संदेश: जागरूक मतदाता बनें।

Tricks to remember भेड़ें और भेड़िये

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • प्रतीक: भे-भे-सि = ज-ने-प्र

    भेड़ें = जनता, भेड़िये = नेता, सियार = प्रचारक।

    Use it when: प्रतीक वाले प्रश्न।

  • कथा-क्रम: घोषणा-चिंता-योजना-प्रचार-चुनाव-कानून

    छह पड़ाव।

    Use it when: सारांश और क्रम।

भेड़ें और भेड़िये: board-level solved questions

Ordered from board level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.

Example 1: भेड़ों की प्रसन्नता · 2 marks · Short answerBoard level

प्रजातंत्र की घोषणा पर भेड़ें क्यों प्रसन्न हुईं? (2 अंक)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. भेड़ें बहुसंख्यक थीं।
  2. उन्हें आशा थी कि उनके प्रतिनिधि उनकी सुरक्षा के कानून बनाएँगे।

Answer: भेड़ें वन में सबसे अधिक थीं, इसलिए उन्हें विश्वास था कि उनके प्रतिनिधि चुने जाएँगे और ऐसे कानून बनेंगे जिनसे कोई उन्हें खा न सकेगा।

Example 2: भेड़ियों की चिंता · 2 marks · Short answerBoard level

भेड़िये प्रजातंत्र से क्यों चिंतित हुए? (2 अंक)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. बहुमत भेड़ों का।
  2. भेड़ों के कानूनों से भोजन पर रोक का डर।

Answer: बहुमत भेड़ों का था, इसलिए भेड़ियों को डर था कि भेड़ों के प्रतिनिधि ऐसे कानून बनाएँगे जिनसे वे भेड़ें न खा सकेंगे और भूखे मर जाएँगे।

Example 3: सियार की योजना · 3 marks · Short answerHarder board level

बूढ़े सियार ने भेड़िये को चुनाव जितवाने के लिए क्या-क्या किया? (3 अंक)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. भेड़िये को संत का वेश और तिलक।
  2. मीठी, विनम्र भाषा सिखाई।
  3. रंगे हुए सियारों को प्रचारक बनाकर भेड़ों में प्रशंसा फैलाई।

Answer: सियार ने भेड़िये को साधु-संत का वेश पहनाया, तिलक लगाया और उसे भेड़ों से मीठी, विनम्र भाषा में बोलना सिखाया। उसने कुछ सियारों को अलग-अलग रंग-वेश देकर प्रचारक बनाया, जो भेड़ों में भेड़िये को दयालु और हितैषी बताते रहे। भेड़िये ने भेड़ों की सभा में उनकी सेवा और रक्षा का वादा किया।

Example 4: व्यंग्य का लक्ष्य · 3 marks · Short answerHOTS / competency

इस कथा में लेखक ने किन पर व्यंग्य किया है? (3 अंक)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. ढोंगी, स्वार्थी नेता (भेड़िये)।
  2. चापलूस प्रचारक (सियार)।
  3. भोली, अजागरूक जनता (भेड़ें)।

Answer: लेखक ने पाखंडी, स्वार्थी नेताओं पर व्यंग्य किया है जो चुनाव के समय सेवक का वेश धरते हैं; उन चापलूसों पर जो लाभ के लिए उनका झूठा प्रचार करते हैं; और उस भोली जनता पर जो दिखावे में आकर अपने ही शोषकों को चुन लेती है।

Example 5: अंत की विडंबना · 3 marks · Short answerHOTS / competency

भेड़ियों की सभा का पहला कानून क्या था? इसमें क्या विडंबना है? (3 अंक)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कानून: भेड़ियों के भोजन के लिए भेड़ें दी जाएँ।
  2. विडंबना: सुरक्षा के लिए बना लोकतंत्र भक्षण का कानूनी साधन बना।

Answer: पहला कानून यह था कि भेड़ियों के भोजन के लिए भेड़ें नियमित रूप से दी जाएँ। विडंबना यह है कि भेड़ें जिस प्रजातंत्र से सुरक्षा की आशा कर रही थीं, उन्हीं के वोट से बने कानून ने उनके भक्षण को वैध बना दिया।

Where the marks are

How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.

3 अंक: सियार की योजना। (3 marks)

StepMarks
भेड़िये को संत-वेश और तिलक1
मीठी भाषा और सेवा का वादा1
रंगे सियारों द्वारा प्रचार1

Where students lose marks in भेड़ें और भेड़िये

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: प्रतीकों का अर्थ न बताना

    छात्र केवल पशुओं की कहानी लिखते हैं।

    Do this: हर उत्तर में प्रतीक का अर्थ जोड़ें।

    Usually costs: विश्लेषण के अंक।

  • Mistake: सियार की योजना अधूरी लिखना

    केवल 'वेश बदला' लिखना।

    Do this: वेश, भाषा, प्रचारक और सभा, चारों बिंदु।

    Usually costs: 3 में से 1-2 अंक।

  • Mistake: व्यंग्य का लक्ष्य केवल नेताओं को बताना

    जनता और प्रचारकों पर व्यंग्य छूट जाता है।

    Do this: तीनों पक्ष लिखें।

    Usually costs: उद्देश्य वाले भाग के अंक।

  • Mistake: अंग्रेज़ी शब्द (वोट, इलेक्शन) अधिक प्रयोग

    बोलचाल की आदत।

    Do this: मत, चुनाव, प्रतिनिधि जैसे शब्द।

    Usually costs: भाषा के अंक।

Practice questions on भेड़ें और भेड़िये

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 3 marks · Short answerBoard level

    भेड़ें, भेड़िये और सियार किसके प्रतीक हैं?

    Hint

    जनता, नेता, प्रचारक।

    Answer

    भेड़ें भोली जनता की, भेड़िये स्वार्थी-शोषक नेताओं की, और सियार चापलूस, चालाक प्रचारकों की प्रतीक हैं।

  2. Q2 · 2 marks · Short answerHarder board level

    भेड़िये का संत-वेश क्या दर्शाता है?

    Hint

    पाखंड।

    Answer

    यह नेताओं के पाखंड को दर्शाता है: चुनाव के समय वे सेवक और संत बन जाते हैं, पर उनका स्वभाव और उद्देश्य नहीं बदलता।

  3. Q3 · 3 marks · Short answerHOTS / competency

    भेड़ें अपनी संख्या अधिक होते हुए भी क्यों हार गईं?

    Hint

    भोलापन और जागरूकता।

    Answer

    वे भोली थीं, उन्होंने वेश और मीठी बातों पर विश्वास किया और उम्मीदवार के असली चरित्र को नहीं परखा; इसलिए बहुमत होते हुए भी उन्होंने अपने शोषक चुन लिए।

  4. Q4 · 3 marks · Short answerHOTS / competency

    आज के समय में इस कथा की प्रासंगिकता बताइए।

    Hint

    चुनाव, झूठे वादे, प्रचार।

    Answer

    आज भी चुनावों में झूठे वादे, दिखावा और भ्रामक प्रचार होता है; मतदाता यदि जागरूक न हों तो गलत लोग चुने जाते हैं। कथा मतदाताओं को सचेत करती है कि वे चरित्र और काम देखकर मत दें।

  5. Q5 · 2 marks · Short answerBoard level

    हरिशंकर परसाई किस विधा के लिए प्रसिद्ध हैं?

    Hint

    समाज और राजनीति पर…

    Answer

    व्यंग्य; वे हिंदी के प्रसिद्ध व्यंग्यकार हैं जिन्होंने समाज और राजनीति की विसंगतियों पर तीखा व्यंग्य किया।

  6. Q6 · 2 marks · Short answerHarder board level

    बूढ़े सियार के चरित्र की दो विशेषताएँ लिखिए।

    Hint

    चालाकी और अवसरवाद।

    Answer

    अत्यंत चालाक (भेड़िये को संत बनाने की योजना) और अवसरवादी (अपने लाभ के लिए झूठा प्रचार)।

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.'भेड़ें और भेड़िये' के लेखक कौन हैं?Show answer

    हरिशंकर परसाई।

  2. 2.वन में कौन-सी शासन-व्यवस्था लागू हुई?Show answer

    प्रजातंत्र।

  3. 3.भेड़िये को चुनाव जीतने का उपाय किसने सुझाया?Show answer

    बूढ़े सियार ने।

  4. 4.भेड़ियों का पहला कानून किसके विरुद्ध था?Show answer

    भेड़ों के।

Quick revision checklist

The night before the exam: can you do each of these without looking?

  • क्या आप तीनों प्रतीकों का अर्थ बता सकते हैं?
  • क्या आप सियार की योजना क्रम से लिख सकते हैं?
  • क्या आप अंत की विडंबना समझा सकते हैं?
  • क्या आप कथा की आज की प्रासंगिकता उदाहरण सहित बता सकते हैं?

भेड़ें और भेड़िये: frequently asked questions

'भेड़ें और भेड़िये' किस पर व्यंग्य है?

लोकतंत्र की खामियों, पाखंडी नेताओं, चापलूस प्रचारकों और भोली, अजागरूक जनता पर।

भेड़िये ने चुनाव कैसे जीता?

सियार की सलाह पर संत का वेश धरकर, मीठी भाषा में सेवा का वादा करके और रंगे सियारों से अपना प्रचार करवाकर।

कथा का संदेश क्या है?

जनता को जागरूक होकर उम्मीदवार का चरित्र परखना चाहिए; दिखावे और झूठे वादों में नहीं आना चाहिए।

Based on: CISCE ICSE 2027 Second Languages syllabus (Hindi); CISCE ICSE 2027 Appendix I: List of Prescribed Books (Hindi); CISCE circular CISCE/CIRCULAR/2026-27/33: Bifurcation of the Prescribed Texts for Selected Indian Languages; CISCE Analysis of Pupil Performance 2025: Hindi (examiners' comments)