चलना हमारा काम है ICSE Class 10: भावार्थ, संदेश और प्रश्न
Updated 14 October 2026 · Draft, not yet fact-checked
'चलना हमारा काम है' शिवमंगल सिंह 'सुमन' की प्रेरक कविता है। कवि जीवन को एक लंबी यात्रा मानता है जिसमें सुख-दुख, आशा-निराशा और बाधाएँ आती हैं, साथी मिलते और छूटते हैं, पर मंज़िल पाने तक रुकना नहीं है। निरंतर कर्म करते रहना ही जीवन है, यही कविता का संदेश है।
What चलना हमारा काम है is about
चलना हमारा काम है प्रगतिवादी कवि शिवमंगल सिंह 'सुमन' की प्रसिद्ध प्रेरक कविता है, जो साहित्य सागर (पद्य भाग) में कक्षा दसवीं के लिए निर्धारित है। कवि स्वयं को एक राही (यात्री) मानता है जिसके पैरों में गति भरी है और सामने लंबा रास्ता है। हर अंश के अंत में दोहराई गई पंक्ति 'चलना हमारा काम है' कविता का मूल मंत्र है: परिस्थितियाँ कैसी भी हों, कर्म-पथ पर निरंतर बढ़ते रहना।
खंड ख में पद्य भाग से पद्यांश-आधारित प्रश्न (2, 2, 3, 3 अंक) आते हैं: पंक्तियों का भाव, कवि की जीवन-दृष्टि, बाधाओं के प्रति दृष्टिकोण, साथियों का महत्व और कविता का संदेश।
Weightage: CISCE पाठ-वार अंक नहीं बताता। खंड ख में साहित्य सागर के पद्य भाग पर हर प्रश्न 10 अंक (2, 2, 3, 3) का होता है।Source: CISCE ICSE हिंदी 2025 बोर्ड प्रश्न-पत्र (परीक्षकों की रिपोर्ट) और 2027 निर्धारित पुस्तकों की सूची
चलना हमारा काम है: explanation
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
गति और लक्ष्य। कवि कहता है कि उसके पैरों में प्रबल गति भरी है, सामने लंबा रास्ता पड़ा है, तो वह द्वार-द्वार खड़ा क्यों रहे? जब तक मंज़िल न मिल जाए, उसे विश्राम नहीं करना है, क्योंकि चलना ही उसका काम है।
साथी और परिचय। यात्रा में किसी साथी के मिल जाने से बातचीत में मन का बोझ बँट जाता है और रास्ता आसानी से कट जाता है। कवि कहता है कि राह में अपना परिचय क्या दे: वह एक राही है, यही उसका नाम है, और चलना उसका काम।
आशा-निराशा से भरा जीवन। जीवन अधूरा है; कभी कुछ मिलता है, कभी कुछ खो जाता है; मनुष्य आशा और निराशा से घिरा रहता है, कभी हँसता है, कभी रोता है। कवि का ध्यान आठों पहर इस पर है कि उसकी गति और बुद्धि रुक न जाए।
दुख सबके हिस्से में। इस संसार में सबको संघर्ष झेलना पड़ता है और सुख-दुख सहने पड़ते हैं; इसलिए यह कहते फिरना व्यर्थ है कि भाग्य उसके विरुद्ध है। हर कदम पर कोई न कोई बाधा आती है, पर निराश होने के बजाय कवि मानता है कि यही जीवन है।
साथ छूटना और आगे बढ़ना। कुछ लोग साथ चलते हैं, कुछ बीच में ही लौट जाते हैं, जो गिर गए वे गिर गए; पर जीवन की गति नहीं रुकती। जो हर हाल में चलता रहता है, सफलता उसी की होती है। कविता का निष्कर्ष है कि निरंतर, निडर होकर कर्म करते रहना ही सच्चा जीवन है।
Themes and message
निरंतर कर्म
कविता का मूल मंत्र है कि मंज़िल पाने तक रुकना नहीं; कर्म ही जीवन है।
From the text: हर अंश के अंत में 'चलना हमारा काम है'।
आशा और साहस
जीवन में आशा-निराशा, सुख-दुख आते हैं, पर कवि भाग्य को दोष देने के बजाय आगे बढ़ने को कहता है।
From the text: भाग्य को दोष देना व्यर्थ बताना।
साथ और सहयोग
साथी मिलने से बोझ बँटता है और राह आसान होती है; पर साथ छूटने पर भी चलते रहना है।
From the text: साथी के मिलने और बीच में लौट जाने वालों का प्रसंग।
जीवन एक यात्रा
कवि स्वयं को राही मानता है; जीवन एक लंबी यात्रा है जिसमें बाधाएँ स्वाभाविक हैं।
From the text: 'राही' के रूप में परिचय।
The speaker and the people in the poem
कवि (राही)
कविता का वक्ता, जीवन-पथ का यात्री।
- कर्मठ
- आशावादी
- बाधाओं से न घबराने वाला
- भाग्यवादी नहीं, कर्मवादी
पूरी कविता।
Poetic devices
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| टेक (आवृत्ति) | 'चलना हमारा काम है' हर अंश के अंत में | संदेश को दृढ़ करता है और गीतात्मक लय देता है। |
| रूपक/प्रतीक | जीवन = रास्ता/यात्रा; कवि = राही; बाधाएँ = रोड़े | जीवन-दर्शन को सरल, ठोस बिंबों में प्रस्तुत करता है। |
| विरोधी शब्द-युग्म | आशा-निराशा; हँसता-रोता; पाता-खोता; सुख-दुख | जीवन के उतार-चढ़ाव को प्रभावी ढंग से दिखाते हैं। |
| पुनरुक्ति प्रकाश | दर-दर | भटकने के भाव पर बल। |
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
चलना हमारा काम है।
कवि: हर अंश की टेक।
कविता का मूल संदेश: निरंतर कर्म।
चलना हमारा काम है in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
असफलता के बाद आगे बढ़ना
मान लीजिए आप विद्यालय की दौड़ में दो बार हार चुके हैं और तीसरी बार भाग लेने का मन नहीं है।
'चलना हमारा काम है' आपको क्या सलाह देगी?
Try it first, then show the solutionSolution
- हर कदम पर रोड़े आते हैं, यही जीवन है।
- भाग्य को दोष न दें, अभ्यास जारी रखें।
Answer: कविता कहती है कि निराश होकर रुकने के बजाय अभ्यास करते रहें; जो लगातार चलता है, सफलता उसी की होती है।
Memory hook: हार पड़ाव है, मंज़िल नहीं।
साथ में बोझ बँटना
कल्पना कीजिए कि आप और आपका मित्र साथ मिलकर कठिन गणित के प्रश्न हल करते हैं और पढ़ाई आसान लगने लगती है।
कविता के किस अंश से यह अनुभव मिलता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- साथी के मिलने से बोझ बँटता है।
- रास्ता कट जाता है।
Answer: राह में साथी मिलने वाले अंश से: कुछ कहने-सुनने से बोझ बँट जाता है और रास्ता आसानी से कट जाता है।
Memory hook: साथ हो तो रास्ता छोटा।
दूसरों के छोड़ने पर भी
मान लीजिए आपकी टीम के कुछ सदस्य प्रोजेक्ट बीच में छोड़ देते हैं।
कवि के अनुसार आपको क्या करना चाहिए?
Try it first, then show the solutionSolution
- कुछ बीच में लौट जाते हैं।
- गति नहीं रुकनी चाहिए।
Answer: दूसरों के छोड़ने पर भी काम पूरा करने में जुटे रहें; कवि कहता है कि जीवन की गति नहीं रुकती और चलते रहने वाला ही सफल होता है।
Memory hook: कोई रुके, तुम मत रुको।
Topics in this chapter
How the board asks चलना हमारा काम है
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| भावार्थ | दी गई पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए। | पहले शब्दार्थ, फिर भाव; कवि की जीवन-दृष्टि से जोड़ें। |
| कवि का दृष्टिकोण | कवि बाधाओं/भाग्य/साथियों के बारे में क्या सोचता है? | कविता के अंश के आधार पर स्पष्ट मत, उदाहरण सहित। |
| संदेश और प्रासंगिकता | कविता का संदेश; विद्यार्थी जीवन में उपयोगिता। | निरंतर कर्म, आशा, साहस; अपने जीवन से उदाहरण। |
Tricks to remember चलना हमारा काम है
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
पाँच बातें: ग-सा-आ-दु-छू
गति (पैरों में), साथी (बोझ बँटे), आशा-निराशा, दुख सबके, छूटते साथी।
Use it when: कविता के अंशों का क्रम।
राही का मंत्र
नाम: राही; काम: चलना।
Use it when: परिचय वाला प्रश्न।
चलना हमारा काम है: board-level solved questions
Ordered from board level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: विश्राम क्यों नहीं · 2 marks · Short answerBoard level
कवि मंज़िल पाने तक विश्राम क्यों नहीं करना चाहता? (2 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- पैरों में गति, सामने लंबा रास्ता।
- रुकने से लक्ष्य दूर हो जाएगा; चलना ही उसका काम है।
Answer: उसके पैरों में गति है और सामने लंबा रास्ता है; वह मानता है कि रुकने से लक्ष्य दूर हो जाएगा, इसलिए मंज़िल पाने तक चलते रहना ही उसका कर्तव्य है।
Example 2: साथी का महत्व · 2 marks · Short answerBoard level
राह में साथी मिलने से कवि को क्या लाभ होता है? (2 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- बातचीत से मन का बोझ बँटता है।
- रास्ता आसानी से कट जाता है।
Answer: साथी के साथ कुछ कहने-सुनने से मन का बोझ हल्का हो जाता है और लंबा रास्ता आसानी से कट जाता है।
Example 3: भाग्य को दोष · 3 marks · Short answerHarder board level
कवि यह कहना व्यर्थ क्यों मानता है कि विधाता उसके विरुद्ध है? (3 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- संसार में सबको संघर्ष और सुख-दुख सहने पड़ते हैं।
- दुख केवल उसके हिस्से नहीं।
- इसलिए भाग्य को दोष देने के बजाय कर्म करना चाहिए।
Answer: क्योंकि इस संसार में सभी को संघर्ष झेलना और सुख-दुख सहना पड़ता है; दुख केवल उसी के भाग्य में नहीं है। इसलिए भाग्य को दोष देने के बजाय निरंतर कर्म करते रहना ही उचित है।
Example 4: साथ छूटने पर · 3 marks · Short answerHOTS / competency
'कुछ बीच ही से फिर गए' का भाव स्पष्ट कीजिए और बताइए कि कवि इससे क्या सीख देता है। (3 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- कुछ साथी बीच में ही साथ छोड़ देते हैं।
- जीवन की गति फिर भी नहीं रुकती।
- सीख: दूसरों के रुकने से हमें नहीं रुकना; जो चलता रहता है वही सफल होता है।
Answer: जीवन-यात्रा में कुछ लोग साथ चलते हैं, पर कुछ बीच में ही लौट जाते हैं या गिर जाते हैं। कवि सिखाता है कि इससे निराश होकर रुकना नहीं चाहिए; जीवन की गति चलती रहती है, और जो हर हाल में चलता रहता है, सफलता उसी को मिलती है।
Example 5: टेक का प्रभाव · 2 marks · Short answerHarder board level
'चलना हमारा काम है' पंक्ति के बार-बार दोहराए जाने का क्या प्रभाव है? (2 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- संदेश पर बल।
- गीतात्मकता और याद रहने वाली लय।
Answer: बार-बार आने से कविता का संदेश (निरंतर कर्म) दृढ़ हो जाता है और कविता में गीत जैसी लय आती है जो पाठक के मन में बस जाती है।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
3 अंक: भाग्य को दोष देना व्यर्थ क्यों? (3 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| सबको संघर्ष और सुख-दुख सहने पड़ते हैं | 1 |
| दुख केवल अपने भाग्य में नहीं | 1 |
| इसलिए कर्म करते रहना उचित | 1 |
Where students lose marks in चलना हमारा काम है
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: केवल शाब्दिक अर्थ लिखना
जीवन-दर्शन छूट जाता है।
Do this: हर अंश को जीवन के संदर्भ में समझाएँ।
Usually costs: भावार्थ के अंक।
Mistake: संदेश को केवल 'चलते रहो' तक सीमित रखना
आशा, साहस, भाग्य बनाम कर्म का पक्ष छूट जाता है।
Do this: निरंतर कर्म + आशा + भाग्य को दोष न देना।
Usually costs: 3 अंक वाले भाग में।
Mistake: उदाहरण के बिना मत
व्यक्तिगत प्रश्नों में कारण नहीं दिए जाते।
Do this: मत + कविता से कारण + जीवन से उदाहरण।
Usually costs: मूल्यांकन वाले भाग के अंक।
Mistake: अंग्रेज़ी शब्द (मोटिवेशन, गोल)
बोलचाल की आदत।
Do this: प्रेरणा, लक्ष्य, मंज़िल जैसे शब्द।
Usually costs: भाषा के अंक।
Practice questions on चलना हमारा काम है
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 2 marks · Short answerHarder board level
कवि अपना परिचय किस रूप में देता है और क्यों?
Hint
राही।
Answer
वह स्वयं को 'राही' (यात्री) बताता है, क्योंकि उसके लिए जीवन एक यात्रा है और चलते रहना ही उसकी पहचान है।
Q2 · 3 marks · Short answerBoard level
कविता में प्रयुक्त विरोधी शब्दों के तीन जोड़े लिखिए।
Hint
आशा, हँसना, पाना।
Answer
आशा-निराशा, हँसता-रोता, पाता-खोता (सुख-दुख भी)।
Q3 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
विद्यार्थी जीवन में इस कविता का संदेश कैसे उपयोगी है?
Hint
असफलता, निरंतर अभ्यास।
Answer
परीक्षा में असफलता या कठिन विषय से निराश होने के बजाय निरंतर अभ्यास करते रहना; मित्रों के साथ पढ़ाई का बोझ बाँटना; भाग्य को दोष न देकर परिश्रम करना।
Q4 · 2 marks · Short answerHarder board level
'जीवन इसी का नाम है' से कवि का क्या तात्पर्य है?
Hint
बाधाएँ स्वाभाविक।
Answer
हर कदम पर बाधाएँ आना और फिर भी आगे बढ़ना ही जीवन है; बाधाएँ जीवन का स्वाभाविक अंग हैं, निराशा का कारण नहीं।
Q5 · 2 marks · Short answerBoard level
कवि शिवमंगल सिंह 'सुमन' की कविता की एक विशेषता लिखिए।
Hint
प्रगतिवाद, प्रेरणा।
Answer
उनकी कविताएँ प्रगतिवादी, आशावादी और प्रेरणादायक हैं; वे सरल भाषा में संघर्ष और कर्म का संदेश देती हैं।
Q6 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
क्या आप कवि के जीवन-दर्शन से सहमत हैं? कारण सहित उत्तर दीजिए।
Hint
व्यक्तिगत मत।
Answer
तर्कसंगत मत: उदाहरण के लिए, सहमत, क्योंकि निरंतर प्रयास से ही सफलता मिलती है और बाधाएँ सबके जीवन में आती हैं; रुकना हार मान लेना है।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.'चलना हमारा काम है' के कवि कौन हैं?Show answer
शिवमंगल सिंह 'सुमन'।
2.कवि अपना नाम क्या बताता है?Show answer
राही।
3.साथी मिलने से क्या होता है?Show answer
बोझ बँट जाता है और रास्ता कट जाता है।
4.कविता की टेक क्या है?Show answer
'चलना हमारा काम है।'
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप कविता के अंशों का भाव क्रम से बता सकते हैं?
- क्या आप भाग्य बनाम कर्म पर कवि का मत लिख सकते हैं?
- क्या आप टेक का प्रभाव समझा सकते हैं?
- क्या आप कविता का संदेश अपने जीवन से जोड़ सकते हैं?
चलना हमारा काम है: frequently asked questions
'चलना हमारा काम है' कविता का संदेश क्या है?
जीवन की बाधाओं, आशा-निराशा और साथियों के छूटने के बावजूद मंज़िल तक निरंतर कर्म करते रहना चाहिए; भाग्य को दोष देना व्यर्थ है।
कवि स्वयं को 'राही' क्यों कहता है?
क्योंकि वह जीवन को एक यात्रा मानता है और चलते रहना ही उसकी पहचान है।
इस कविता में कौन-सी काव्य-विशेषता प्रमुख है?
टेक (हर अंश के अंत में 'चलना हमारा काम है' की आवृत्ति), सरल भाषा, गीतात्मकता और विरोधी शब्द-युग्म।
Based on: CISCE ICSE 2027 Second Languages syllabus (Hindi); CISCE ICSE 2027 Appendix I: List of Prescribed Books (Hindi); CISCE circular CISCE/CIRCULAR/2026-27/33: Bifurcation of the Prescribed Texts for Selected Indian Languages; CISCE Analysis of Pupil Performance 2025: Hindi (examiners' comments)