बड़े घर की बेटी ICSE Class 10: सारांश, चरित्र-चित्रण और प्रश्न
Updated 14 October 2026 · Fact-checked
'बड़े घर की बेटी' प्रेमचंद की कहानी है। धनी घर की बेटी आनंदी साधारण ज़मींदार परिवार में ब्याही जाती है। घी को लेकर देवर लालबिहारी से झगड़ा होता है और परिवार टूटने लगता है, पर आनंदी अपनी समझदारी और उदारता से परिवार को बिखरने से बचा लेती है।
What बड़े घर की बेटी is about
बड़े घर की बेटी हिंदी कथा-सम्राट प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी है, जो ICSE की पाठ्यपुस्तक साहित्य सागर (कहानियाँ) में कक्षा दसवीं के लिए निर्धारित है। कहानी संयुक्त परिवार की समस्याओं, छोटी-सी बात से उठे कलह और एक समझदार स्त्री की उदारता की कहानी है, जो टूटते परिवार को जोड़ देती है।
खंड ख में साहित्य सागर की कहानियों से गद्यांश-आधारित प्रश्न आते हैं: एक अवतरण और उस पर चार प्रश्न (2, 2, 3, 3 अंक), कुल 10 अंक। प्रश्न पात्रों के परिचय, घटना के कारण, चरित्र की विशेषताओं और कहानी के उद्देश्य पर होते हैं। ध्यान रहे: खंड ख में केवल दो पुस्तकों से प्रश्न करने होते हैं।
Weightage: CISCE पाठ-वार अंक नहीं बताता। खंड ख (40 अंक) में दो चुनी हुई पुस्तकों से चार प्रश्न करने होते हैं; साहित्य सागर की कहानियों पर हर प्रश्न 10 अंक का होता है।Source: CISCE ICSE हिंदी 2025 बोर्ड प्रश्न-पत्र (परीक्षकों की रिपोर्ट) और 2027 निर्धारित पुस्तकों की सूची
बड़े घर की बेटी: summary
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
गौरीपुर गाँव के ज़मींदार बेनीमाधव सिंह कभी बड़े संपन्न थे, पर अब उनकी आर्थिक स्थिति साधारण रह गई थी। उनके दो पुत्र थे। बड़ा बेटा श्रीकंठ सिंह बी.ए. पास था, एक दफ़्तर में नौकरी करता था और शनिवार को घर आता था, पुरानी सभ्यता और संयुक्त परिवार का बड़ा समर्थक था। छोटा बेटा लालबिहारी सिंह दोहरे बदन का, सजीला और हृष्ट-पुष्ट जवान था।
श्रीकंठ का विवाह आनंदी से हुआ, जो एक छोटी रियासत के ताल्लुकेदार भूपसिंह की बेटी थी। वह बड़े घर में लाड़-प्यार से पली थी, पर ससुराल की सादगी में उसने स्वयं को जल्दी ढाल लिया।
एक दिन लालबिहारी दो चिड़ियाँ लाया और भाभी से पकाने को कहा। आनंदी ने हाँडी में रखा लगभग सारा घी मांस में डाल दिया, जिससे दाल के लिए घी नहीं बचा। भोजन के समय दाल में घी न देखकर लालबिहारी क्रोधित हो गया और उसने आनंदी के मायके पर व्यंग्य किया। आनंदी ने भी अपने मायके की संपन्नता का उत्तर दिया। इस पर लालबिहारी ने क्रोध में अपनी खड़ाऊँ उठाकर आनंदी की ओर फेंकी; आनंदी ने हाथ से रोका, पर उसकी उँगली में चोट लगी।
शनिवार को श्रीकंठ घर आए तो आनंदी ने रोते हुए सारी बात बताई। श्रीकंठ क्रोध से भर गए और पिता से कह दिया कि अब वे इस घर में लालबिहारी के साथ नहीं रहेंगे। गाँव के लोग इस कलह का तमाशा देखने लगे। पिता ने बहुत समझाया, पर श्रीकंठ नहीं माने।
लालबिहारी ने यह सब सुना तो उसे गहरा पछतावा हुआ। वह भाई का बहुत आदर करता था। वह सिर झुकाए भाभी के द्वार पर खड़ा रहा, भाभी से भैया को प्रणाम कहने को कहा और यह कहकर घर छोड़कर जाने लगा कि भैया उसका मुँह नहीं देखना चाहते। यह देखकर आनंदी का हृदय पिघल गया; उसे लगा कि उसकी शिकायत से घर टूट रहा है। उसने आगे बढ़कर लालबिहारी का हाथ पकड़ लिया और उसे रोक लिया, तथा पति से भी उसे क्षमा करने को कहा। दोनों भाई गले मिले और परिवार टूटने से बच गया। बेनीमाधव सिंह ने प्रसन्न होकर कहा कि बड़े घर की बेटियाँ ऐसी ही होती हैं: बिगड़ता हुआ काम बना लेती हैं।
Themes and message
संयुक्त परिवार और उसकी समस्याएँ
कहानी दिखाती है कि संयुक्त परिवार में छोटी-सी बात (घी) भी अहं और क्रोध के कारण बड़ा कलह बन सकती है, और गाँव वाले भी ऐसे झगड़ों का तमाशा देखते हैं।
From the text: घी को लेकर झगड़ा और श्रीकंठ का अलग होने का निर्णय।
उदारता और क्षमा
आनंदी अपमानित होकर भी परिवार की भलाई के लिए लालबिहारी को क्षमा कर देती है। सच्चा बड़प्पन धन में नहीं, उदार मन में है।
From the text: आनंदी का लालबिहारी को रोकना और पति से क्षमा करवाना।
'बड़े घर' का सच्चा अर्थ
शीर्षक व्यंग्य और प्रशंसा दोनों है: पहले आनंदी के 'बड़े घर' पर ताना दिया गया, अंत में उसके संस्कारों को 'बड़े घर' की पहचान माना गया।
From the text: बेनीमाधव सिंह का अंतिम कथन।
क्रोध और पश्चाताप
लालबिहारी का क्रोध परिवार को तोड़ने लगता है, पर उसका सच्चा पश्चाताप और आनंदी की क्षमा उसे जोड़ देते हैं।
From the text: लालबिहारी का क्षमा माँगना और घर छोड़ने का निश्चय।
Characters
आनंदी
कहानी की नायिका, भूपसिंह की बेटी और श्रीकंठ की पत्नी।
- समझदार और व्यवहार-कुशल
- स्वाभिमानी
- उदार और क्षमाशील
- परिवार को जोड़ने वाली
नए वातावरण में ढलना, अपमान पर प्रतिक्रिया, और अंत में लालबिहारी को रोकना।
श्रीकंठ सिंह
बेनीमाधव सिंह के बड़े पुत्र।
- शिक्षित
- संयुक्त परिवार के समर्थक
- पत्नी के अपमान पर क्रोधित
- अंत में क्षमाशील
आनंदी की शिकायत पर अलग होने का निर्णय और फिर भाई को गले लगाना।
लालबिहारी सिंह
छोटा भाई, आनंदी का देवर।
- क्रोधी और जल्दबाज़
- भाई का आदर करने वाला
- पश्चाताप करने वाला
खड़ाऊँ फेंकना, फिर क्षमा माँगकर घर छोड़ने को तैयार होना।
बेनीमाधव सिंह
गौरीपुर के ज़मींदार, परिवार के मुखिया।
- परिवार की एकता चाहने वाले
- व्यावहारिक
- बहू की प्रशंसा करने वाले
श्रीकंठ को समझाना और अंतिम कथन।
How it is written
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| व्यंग्य | लालबिहारी का आनंदी के मायके पर ताना। | झगड़े को तीखा बनाता है और शीर्षक के अर्थ को उभारता है। |
| मनोवैज्ञानिक चित्रण | लालबिहारी का पछतावा और आनंदी का हृदय-परिवर्तन। | पात्र जीवंत और विश्वसनीय लगते हैं। |
| सरल, मुहावरेदार भाषा | ग्रामीण जीवन के संवाद। | कहानी को सहज और प्रभावशाली बनाती है। |
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
बड़े घर की बेटियाँ ऐसी ही होती हैं। बिगड़ता हुआ काम बना लेती हैं।
बेनीमाधव सिंह (कहानी का अंत): आनंदी द्वारा परिवार को टूटने से बचाने के बाद।
शीर्षक का अर्थ स्पष्ट करता है: बड़प्पन उदारता में है।
बड़े घर की बेटी, किफ़ायत क्या जाने।
लेखक (कथावाचक): आनंदी हाँडी का सारा घी मांस में डाल देती है।
झगड़े की जड़: संपन्न घर में पली आनंदी को घी की कमी का अनुमान नहीं था। शीर्षक का पहला, व्यंग्यपूर्ण अर्थ यहीं से उभरता है।
वह बड़े घर की बेटी है, तो हम भी कोई कुर्मी कहार नहीं हैं।
लालबिहारी: श्रीकंठ के घर आने पर लालबिहारी भाई और पिता के सामने भाभी की शिकायत करता है।
'बड़े घर' पर ताना: लालबिहारी का अहं और झगड़े का कारण स्पष्ट होता है।
मैं ईश्वर की साक्षी देकर कहती हूँ, कि तुम्हारी ओर से मेरे मन में तनिक भी मैल नहीं है।
आनंदी: घर छोड़कर जाते लालबिहारी का हाथ पकड़कर उसे रोकते समय।
आनंदी की उदारता और क्षमा: इसी से श्रीकंठ का हृदय पिघलता है और परिवार टूटने से बचता है।
बड़े घर की बेटी in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
छोटी बात, बड़ा झगड़ा
मान लीजिए घर में टीवी का रिमोट लेकर दो भाई-बहन झगड़ पड़ते हैं, ताने चलते हैं और बात इतनी बढ़ जाती है कि दोनों कई दिन बात नहीं करते।
यह स्थिति कहानी के झगड़े से कैसे मिलती है, और इसे कैसे सुलझाया जा सकता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- कारण तुच्छ है, जैसे कहानी में घी।
- ताने और अहं ने बात बढ़ाई।
- समाधान: पहले क्षमा माँगना या देना, जैसे आनंदी ने किया।
Answer: जैसे घी की छोटी बात परिवार तोड़ने लगी, वैसे ही रिमोट का झगड़ा रिश्ता बिगाड़ देता है। किसी एक का उदार होकर पहल करना ही समाधान है।
Memory hook: घी हो या रिमोट, अहं छोड़ो तो घर जुड़ता है।
उदारता का बड़प्पन
कल्पना कीजिए कि कक्षा में किसी सहपाठी ने आपका अपमान किया, फिर सच्चे मन से माफ़ी माँगी, पर बाकी सब उसे दंड दिलाना चाहते हैं।
आनंदी होती तो क्या करती?
Try it first, then show the solutionSolution
- सच्चे पश्चाताप को पहचानना।
- बड़ा मन दिखाकर क्षमा करना।
Answer: आनंदी की तरह आप उसे क्षमा करके बात समाप्त कर सकते हैं; इससे कक्षा का वातावरण बिगड़ने से बचेगा और आपका सम्मान बढ़ेगा।
Memory hook: क्षमा करने वाला ही 'बड़े घर' का होता है।
क्रोध में निर्णय
मान लीजिए गुस्से में आप मित्र से कह देते हैं कि अब कभी बात नहीं करेंगे, और बाद में पछताते हैं।
श्रीकंठ के निर्णय से इसकी तुलना कीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- श्रीकंठ ने क्रोध में घर छोड़ने का निर्णय लिया।
- परिवार टूटने की कगार पर आ गया।
Answer: क्रोध में लिया निर्णय अक्सर पछतावा देता है; श्रीकंठ का घर बचा क्योंकि आनंदी ने समय पर समझदारी दिखाई।
Memory hook: गुस्से का फ़ैसला, बाद का पछतावा।
Topics in this chapter
How the board asks बड़े घर की बेटी
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| पात्र-परिचय | वक्ता/श्रोता कौन है? उसका परिचय दीजिए। | नाम, संबंध और दो-तीन विशेषताएँ लिखें; 2025 में परीक्षकों ने कई पाठों में पात्रों के गलत नाम और अधूरे परिचय पर अंक काटे। |
| घटना का कारण और परिणाम | झगड़ा क्यों हुआ? उसका क्या परिणाम हुआ? | क्रम से: घी, दाल, ताना, खड़ाऊँ, शिकायत, अलग होने का निर्णय। |
| उद्देश्य और शीर्षक | कहानी का उद्देश्य/शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए। | शीर्षक के दोनों अर्थ (मायके की संपन्नता, संस्कारों का बड़प्पन) और संदेश। |
Tricks to remember बड़े घर की बेटी
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
घटना-क्रम: घी-ताना-खड़ाऊँ-शिकायत-क्षमा
घी कम, ताना, खड़ाऊँ, श्रीकंठ से शिकायत, लालबिहारी की क्षमा, आनंदी ने रोका।
Use it when: घटना के क्रम वाले प्रश्न।
पात्र: बे-श्री-ला-आ
बेनीमाधव (पिता), श्रीकंठ (बड़ा), लालबिहारी (छोटा), आनंदी (बहू)।
Use it when: पात्र-परिचय।
बड़े घर की बेटी: board-level solved questions
Ordered from board level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: झगड़े का कारण · 2 marks · Short answerBoard level
आनंदी और लालबिहारी के बीच झगड़ा क्यों हुआ? (2 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- आनंदी ने लगभग सारा घी मांस में डाल दिया।
- दाल में घी न होने पर लालबिहारी ने मायके पर ताना मारा; आनंदी ने उत्तर दिया।
Answer: लालबिहारी द्वारा लाई चिड़ियाँ पकाने में आनंदी ने लगभग सारा घी डाल दिया, इसलिए दाल में घी नहीं रहा। इस पर लालबिहारी ने आनंदी के मायके पर ताना मारा, आनंदी ने उत्तर दिया, और बात बढ़कर झगड़ा बन गई।
Example 2: खड़ाऊँ की घटना · 2 marks · Short answerBoard level
लालबिहारी ने क्रोध में क्या किया और उसका आनंदी पर क्या प्रभाव पड़ा? (2 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- खड़ाऊँ फेंकी।
- हाथ से रोकी, उँगली में चोट; अपमान से दुखी होकर पति से शिकायत।
Answer: उसने क्रोध में अपनी खड़ाऊँ आनंदी की ओर फेंकी। आनंदी ने हाथ से रोका, पर उसकी उँगली में चोट लगी; वह अपमान से बहुत दुखी हुई और श्रीकंठ के आने पर उनसे शिकायत की।
Example 3: श्रीकंठ की प्रतिक्रिया · 3 marks · Short answerHarder board level
आनंदी की शिकायत सुनकर श्रीकंठ ने क्या निर्णय लिया? यह उनके चरित्र के बारे में क्या बताता है? (3 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- क्रोध में पिता से कहा कि अब वे लालबिहारी के साथ इस घर में नहीं रहेंगे।
- संयुक्त परिवार के समर्थक होकर भी पत्नी के अपमान को सहन न कर सके।
- चरित्र: स्वाभिमानी, पत्नी का सम्मान करने वाले, पर क्रोध में जल्दबाज़।
Answer: उन्होंने पिता से कह दिया कि वे अब लालबिहारी के साथ एक घर में नहीं रह सकते। संयुक्त परिवार के बड़े समर्थक होते हुए भी पत्नी का अपमान उन्हें असह्य था। इससे पता चलता है कि वे स्वाभिमानी और पत्नी का सम्मान करने वाले थे, पर क्रोध में कठोर निर्णय भी ले लेते थे।
Example 4: आनंदी का हृदय-परिवर्तन · 3 marks · Short answerHOTS / competency
आनंदी ने लालबिहारी को घर छोड़ने से क्यों रोका? इससे उसके चरित्र की कौन-सी विशेषताएँ प्रकट होती हैं? (3 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- लालबिहारी का सच्चा पश्चाताप देखा।
- उसे लगा कि उसकी शिकायत से परिवार टूट रहा है।
- विशेषताएँ: उदारता, क्षमाशीलता, दूरदर्शिता, परिवार-प्रेम।
Answer: लालबिहारी को सच्चे मन से क्षमा माँगते और घर छोड़ते देखकर आनंदी का हृदय पिघल गया; उसे लगा कि उसकी शिकायत के कारण दो भाई बिछड़ रहे हैं और परिवार टूट रहा है। उसका यह कार्य उसकी उदारता, क्षमाशीलता और परिवार को जोड़े रखने की समझदारी प्रकट करता है।
Example 5: शीर्षक की सार्थकता · 3 marks · Short answerHOTS / competency
'बड़े घर की बेटी' शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए। (3 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- आनंदी सचमुच धनी घर की बेटी है।
- उसी को लेकर ताना दिया गया।
- अंत में उसकी उदारता से 'बड़ा घर' संस्कारों का प्रतीक बन जाता है।
Answer: आनंदी एक संपन्न ताल्लुकेदार की बेटी है, और झगड़े में उसी 'बड़े घर' पर ताना दिया जाता है। पर अंत में वह अपमान भुलाकर परिवार को टूटने से बचाती है, तब ससुर कहते हैं कि बड़े घर की बेटियाँ ऐसी ही होती हैं। इस प्रकार 'बड़ा घर' धन का नहीं, उच्च संस्कारों का प्रतीक बन जाता है; शीर्षक पूरी तरह सार्थक है।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
3 अंक: आनंदी ने लालबिहारी को क्यों रोका? उसके चरित्र की विशेषताएँ। (3 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| लालबिहारी का सच्चा पश्चाताप देखा | 1 |
| परिवार टूटने का डर | 1 |
| विशेषताएँ: उदार, क्षमाशील, समझदार | 1 |
Where students lose marks in बड़े घर की बेटी
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: पात्रों के नाम या संबंध गलत लिखना
2025 में परीक्षकों ने कई कहानियों में पात्रों के गलत नाम और अधूरे परिचय पर अंक काटे।
Do this: हर पात्र का नाम, संबंध और तीन विशेषताएँ याद करें।
Usually costs: परिचय वाले भाग के अंक।
Mistake: झगड़े का कारण अधूरा लिखना
केवल 'घी' लिखकर ताने और खड़ाऊँ की बात छोड़ देना।
Do this: कारण की पूरी कड़ी लिखें।
Usually costs: 2 में से 1 अंक।
Mistake: शीर्षक का केवल एक अर्थ बताना
छात्र केवल 'धनी घर' लिखते हैं।
Do this: दोनों अर्थ और अंतिम कथन लिखें।
Usually costs: 3 अंक वाले भाग में अंक।
Mistake: अंग्रेज़ी शब्दों और मात्राओं की गलतियाँ
परीक्षकों ने हिंदी उत्तरों में अंग्रेज़ी शब्दों पर अंक काटे।
Do this: शुद्ध हिंदी, उत्तर दोबारा पढ़ें।
Usually costs: भाषा के अंक।
Practice questions on बड़े घर की बेटी
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 2 marks · Short answerBoard level
बेनीमाधव सिंह के परिवार का परिचय दीजिए।
Hint
गाँव, स्थिति, दो पुत्र।
Answer
बेनीमाधव सिंह गौरीपुर गाँव के ज़मींदार और नंबरदार थे। उनके पूर्वज बड़े संपन्न थे, पर अब उनकी आय साधारण रह गई थी। उनके दो पुत्र थे: बी.ए. पास, दफ़्तर में नौकरी करने वाले श्रीकंठ सिंह और हृष्ट-पुष्ट, सजीले लालबिहारी सिंह।
Q2 · 2 marks · Short answerHarder board level
आनंदी ने ससुराल के वातावरण में स्वयं को कैसे ढाला?
Hint
मायके और ससुराल की तुलना।
Answer
वह संपन्न घर में पली थी, पर ससुराल की सादगी और कम सुविधाओं में भी उसने बिना शिकायत के स्वयं को ढाल लिया और घर का काम-काज सँभाला।
Q3 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
गाँव के लोगों ने इस पारिवारिक कलह पर कैसी प्रतिक्रिया दी? इससे ग्रामीण समाज के बारे में क्या पता चलता है?
Hint
तमाशा।
Answer
गाँव के कुछ लोग इस कलह को देखकर मन ही मन प्रसन्न हुए और तमाशा देखने आ गए। इससे पता चलता है कि समाज में कुछ लोग दूसरों के घर के झगड़ों में रस लेते हैं, जिससे कलह और बढ़ता है।
Q4 · 3 marks · Short answerHarder board level
लालबिहारी के चरित्र की दो विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए।
Hint
क्रोध और पश्चाताप।
Answer
क्रोधी: दाल में घी न होने पर उसने भाभी की ओर खड़ाऊँ फेंक दी। भाई का आदर करने वाला और पश्चातापी: भाई की कठोर बात सुनकर वह फूट-फूटकर रोया, भाभी के द्वार पर सिर झुकाए खड़ा रहा और घर छोड़ने को तैयार हो गया।
Q5 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
इस कहानी से आज के परिवारों को क्या सीख मिलती है?
Hint
क्रोध, संवाद, क्षमा।
Answer
छोटी-छोटी बातों को अहं का प्रश्न नहीं बनाना चाहिए; क्रोध में कठोर निर्णय नहीं लेने चाहिए; क्षमा और उदारता से परिवार जुड़े रहते हैं।
Q6 · 2 marks · Short answerBoard level
कहानी के अंत में बेनीमाधव सिंह ने क्या कहा और क्यों?
Hint
शीर्षक वाला वाक्य।
Answer
उन्होंने कहा कि बड़े घर की बेटियाँ ऐसी ही होती हैं, क्योंकि आनंदी ने अपमान भुलाकर लालबिहारी को रोका और टूटते परिवार को फिर से जोड़ दिया।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.'बड़े घर की बेटी' के लेखक कौन हैं?Show answer
प्रेमचंद।
2.आनंदी के पिता कौन थे?Show answer
भूपसिंह, एक छोटी रियासत के ताल्लुकेदार।
3.झगड़ा किस वस्तु को लेकर शुरू हुआ?Show answer
घी (दाल में घी न होना)।
4.लालबिहारी ने आनंदी पर क्या फेंका?Show answer
खड़ाऊँ।
5.परिवार को टूटने से किसने बचाया?Show answer
आनंदी ने।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप चारों मुख्य पात्रों का परिचय दे सकते हैं?
- क्या आप झगड़े की घटनाएँ क्रम से बता सकते हैं?
- क्या आप आनंदी के हृदय-परिवर्तन का कारण बता सकते हैं?
- क्या आप शीर्षक की सार्थकता दोनों अर्थों में स्पष्ट कर सकते हैं?
- क्या आप कहानी का संदेश दो वाक्यों में लिख सकते हैं?
बड़े घर की बेटी: frequently asked questions
'बड़े घर की बेटी' कहानी का उद्देश्य क्या है?
यह दिखाना कि संयुक्त परिवार में छोटी बातें बड़े कलह का कारण बन सकती हैं, और उदारता, क्षमा तथा समझदारी से परिवार को टूटने से बचाया जा सकता है।
आनंदी को 'बड़े घर की बेटी' क्यों कहा गया?
वह धनी घर की बेटी थी, पर अंत में उसके उदार व्यवहार के कारण ससुर ने उसके संस्कारों को 'बड़े घर' की पहचान माना।
क्या यह कहानी ICSE कक्षा 10 के पाठ्यक्रम में है?
हाँ, 2027 से साहित्य सागर की कहानियों में कक्षा दसवीं के लिए निर्धारित पाँच कहानियों में यह पहली है।
Based on: CISCE ICSE 2027 Second Languages syllabus (Hindi); CISCE ICSE 2027 Appendix I: List of Prescribed Books (Hindi); CISCE circular CISCE/CIRCULAR/2026-27/33: Bifurcation of the Prescribed Texts for Selected Indian Languages; CISCE Analysis of Pupil Performance 2025: Hindi (examiners' comments)