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HindiICSE Class 10 · Chapter 14

मातृ मंदिर की ओर ICSE Class 10: भावार्थ, देशभक्ति और प्रश्न

Updated 14 October 2026 · Draft, not yet fact-checked

'मातृ मंदिर की ओर' सुभद्रा कुमारी चौहान की देशभक्ति कविता है। परतंत्र देश के दुख से व्यथित कवयित्री भारत माता के मंदिर जाकर उनके चरण आँसुओं से धोना और अपना दुख कहना चाहती है, पर मार्ग में प्रबल शत्रु, ऊँची सीढ़ियाँ और दुर्बल पैर बाधा हैं; वह देशवासियों और भगवान से सहायता माँगती है।

What मातृ मंदिर की ओर is about

मातृ मंदिर की ओर स्वतंत्रता-संग्राम की प्रसिद्ध कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता है, जो साहित्य सागर (पद्य भाग) में कक्षा दसवीं के लिए निर्धारित है। कविता में 'माँ' और 'मातृ-मंदिर' का दोहरा अर्थ है: माँ के चरणों में जाने की इच्छा और भारत माता की सेवा का संकल्प। परतंत्र भारत की पीड़ा, मार्ग की कठिनाइयाँ और स्वतंत्रता के लिए आत्म-समर्पण की भावना इसका मूल स्वर है।

2025 के बोर्ड प्रश्न-पत्र में इस कविता पर 10 अंकों का पूरा पद्यांश-आधारित प्रश्न आया था। परीक्षकों ने बताया कि छात्र 'व्यथित' का अर्थ और हृदय के दुखी होने का कारण (देश की परतंत्रता) नहीं लिख पाए, यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि कवयित्री अपना दुख भारत माता से कहना चाहती है, मार्ग की बाधाएँ नहीं बता पाए, और कविता का देशभक्ति-भाव तथा माँ/भारत माता का दोहरा अर्थ नहीं समझा सके।

Weightage: CISCE पाठ-वार अंक नहीं बताता। खंड ख में साहित्य सागर के पद्य भाग पर हर प्रश्न 10 अंक (2, 2, 3, 3) का होता है; यह कविता 2025 में पूरे प्रश्न के रूप में आई थी।Source: CISCE ICSE हिंदी 2025 बोर्ड प्रश्न-पत्र (परीक्षकों की रिपोर्ट) और 2027 निर्धारित पुस्तकों की सूची

मातृ मंदिर की ओर: explanation

In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.

व्यथित हृदय और मंदिर जाने की इच्छा। कवयित्री का हृदय बहुत दुखी है, क्योंकि उसका देश परतंत्र है। वह सोचती है कि आज मातृ-मंदिर जाकर अपने दुखी हृदय को बहलाए: माँ को अपना सुख-दुख बताकर हृदय का बोझ हल्का करे, माँ के चरण-कमल पकड़कर उन्हें अपने आँसुओं से नहलाए, और माँ के दर्शन कर आए। यहाँ 'माँ' भारत माता है और 'मातृ-मंदिर' स्वतंत्रता-संग्राम का पवित्र क्षेत्र।

मार्ग की बाधाएँ। पर मंदिर तक पहुँचना सरल नहीं। मार्ग में प्रबल शत्रु (विदेशी शासन) खड़ा है जो रोकता है; मंदिर की सीढ़ियाँ बहुत ऊँची हैं, यानी स्वतंत्रता का लक्ष्य कठिन है; और कवयित्री के पैर दुर्बल हैं, यानी उसकी अपनी शक्ति सीमित है। फिर भी वह हार नहीं मानती।

सहायता की प्रार्थना और संकल्प। कवयित्री देशवासियों और भगवान से प्रार्थना करती है कि वे उसे सहारा दें ताकि वह माँ के मंदिर तक पहुँच सके। वह माँ की सेवा में अपना सब कुछ अर्पित करने को तैयार है। कविता देशवासियों का मनोबल बढ़ाती है और उन्हें अंग्रेज़ी शासन से मुक्ति के संघर्ष के लिए प्रेरित करती है।

Themes and message

देशभक्ति

कविता का केंद्रीय भाव भारत माता की सेवा और स्वतंत्रता की आकांक्षा है।

From the text: माँ के चरण आँसुओं से धोने और दर्शन करने की इच्छा।

परतंत्रता की पीड़ा

कवयित्री का व्यथित हृदय देश की गुलामी का दुख है।

From the text: 'व्यथित है मेरा हृदय प्रदेश'।

संघर्ष और बाधाएँ

प्रबल शत्रु, ऊँची सीढ़ियाँ और दुर्बल पैर स्वतंत्रता-संग्राम की कठिनाइयों के प्रतीक हैं।

From the text: मार्ग की बाधाओं का वर्णन।

सामूहिक प्रयास

अकेले लक्ष्य कठिन है; कवयित्री देशवासियों और भगवान से सहायता माँगकर एकता का संदेश देती है।

From the text: सहायता की प्रार्थना।

The speaker and the people in the poem

कवयित्री

कविता की वक्ता; देशभक्त नारी।

  • देश के दुख से व्यथित
  • भारत माता के प्रति समर्पित
  • बाधाओं से न घबराने वाली
  • विनम्र: सहायता माँगती है

पूरी कविता।

Poetic devices

DeviceExampleEffect
रूपकहृदय प्रदेश; पद-पंकज (चरण-कमल); मातृ-मंदिरहृदय को प्रदेश और चरणों को कमल बताकर भाव को गरिमा देता है।
प्रतीकात्मकतामाँ = भारत माता; सीढ़ियाँ = कठिन लक्ष्य; शत्रु = विदेशी शासनव्यक्तिगत भाव को राष्ट्रीय भाव से जोड़ता है।
अनुप्रासपद-पंकज पकड़लय और माधुर्य।
वीर और करुण रस का मेलदुख के आँसू और संघर्ष का संकल्पभावों में गहराई।

Key quotations

Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.

  • व्यथित है मेरा हृदय प्रदेश,

    कवयित्री: कविता का आरंभ (2025 पद्यांश)।

    परतंत्र देश के कारण हृदय का दुख।

  • चलूँ माँ के पद-पंकज पकड़, / नयन जल से नहलाऊँ आज।

    कवयित्री: माँ के चरणों में जाने की इच्छा (2025 पद्यांश)।

    भारत माता के प्रति श्रद्धा और समर्पण; रूपक और अनुप्रास।

  • चलूँ दर्शन कर आऊँ आज॥

    कवयित्री: पद्यांश की अंतिम पंक्ति।

    मातृ-मंदिर जाने का दृढ़ संकल्प।

मातृ मंदिर की ओर in real life

Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

देश-सेवा के आज के रूप

मान लीजिए आपका विद्यालय 'स्वच्छ भारत' अभियान में भाग ले रहा है, पर कई छात्र कहते हैं कि अकेले हमारे करने से क्या होगा।

'मातृ मंदिर की ओर' की भावना से इसका उत्तर दीजिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कवयित्री भी अकेले कमज़ोर थी।
  2. उसने सबसे सहायता माँगी: सामूहिक प्रयास।

Answer: कवयित्री की तरह हमें भी मानना चाहिए कि लक्ष्य बड़ा है पर सबके साथ से संभव है; हर छात्र का छोटा योगदान मिलकर देश बदलता है।

Memory hook: दुर्बल पैर भी सबके कंधों से सीढ़ी चढ़ जाते हैं।

मन का बोझ हल्का करना

कल्पना कीजिए कि परीक्षा के तनाव में आप माँ से अपनी चिंता कहते हैं और मन हल्का हो जाता है।

कविता की किस पंक्ति से यह अनुभव मिलता है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. 'बताकर अपना सुख-दुख उसे, हृदय का भार हटाऊँ आज'।
  2. दुख बाँटने से मन हल्का होता है।

Answer: माँ (और कविता में भारत माता) से दुख बाँटने से हृदय का बोझ हल्का होता है; कवयित्री यही चाहती है।

Memory hook: माँ से कहा, बोझ हुआ आधा।

स्वतंत्रता का मूल्य

मान लीजिए स्वतंत्रता दिवस पर आप केवल छुट्टी का आनंद लेते हैं और कोई पूछता है कि यह दिन क्यों मनाते हैं।

इस कविता के आधार पर उत्तर दीजिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. स्वतंत्रता कठिन संघर्ष से मिली।
  2. कवयित्री जैसे देशभक्तों ने प्रबल शत्रु से लड़ाई की।

Answer: यह दिन उन देशभक्तों के त्याग की याद है जिन्होंने प्रबल शत्रु और ऊँची सीढ़ियों जैसी बाधाओं के बावजूद भारत माता को मुक्त कराया।

Memory hook: आज की छुट्टी, कल का बलिदान।

Topics in this chapter

How the board asks मातृ मंदिर की ओर

The question patterns to expect, and the method that works for each.

Question typeHow it is askedMethod
शब्दार्थ और कारण'व्यथित' का अर्थ; हृदय दुखी क्यों है?अर्थ + कारण (देश की परतंत्रता) दोनों।
प्रतीक और दोहरा अर्थमाँ, मातृ-मंदिर, सीढ़ियाँ, शत्रु किसके प्रतीक हैं?हर प्रतीक का अर्थ स्वतंत्रता-संग्राम से जोड़ें।
केंद्रीय भाव और उद्देश्यकविता का उद्देश्य/संदेश स्पष्ट कीजिए।देशभक्ति, मनोबल बढ़ाना, अंग्रेज़ों से मुक्ति की प्रेरणा।

Tricks to remember मातृ मंदिर की ओर

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • तीन बाधाएँ: श-सी-पै

    शत्रु प्रबल, सीढ़ियाँ ऊँची, पैर दुर्बल।

    Use it when: बाधाओं वाला प्रश्न।

  • दोहरा अर्थ: माँ = माता + भारत माता

    हर बार 'माँ' पढ़ें तो दोनों अर्थ सोचें।

    Use it when: केंद्रीय भाव।

मातृ मंदिर की ओर: extract-based questions

Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.

Extract 1: व्यथित हृदय (2025 के प्रश्न-पत्र का पद्यांश)

व्यथित है मेरा हृदय प्रदेश,
चलूँ उसको बहलाऊँ आज।
बताकर अपना सुख-दुख उसे,
हृदय का भार हटाऊँ आज॥
चलूँ माँ के पद-पंकज पकड़,
नयन जल से नहलाऊँ आज।
मातृ-मंदिर में मैंने कहा...
चलूँ दर्शन कर आऊँ आज॥

  1. (1) · 2 marks · Short answer

    (i) 'व्यथित' का अर्थ लिखिए। किसका हृदय व्यथित है और क्यों?

  2. (2) · 2 marks · Short answer

    (ii) कवयित्री अपना सुख-दुख किसे बताना चाहती है और क्यों?

  3. (3) · 3 marks · Short answer

    (iii) मातृ-मंदिर तक पहुँचने के मार्ग में कौन-सी बाधाएँ हैं? कवयित्री उन्हें पार करने के लिए क्या करती है?

  4. (4) · 3 marks · Long answer

    (iv) कविता का केंद्रीय भाव क्या है? 'माँ' शब्द के दोहरे अर्थ को स्पष्ट कीजिए।

Show the answersAnswers
  1. व्यथित = दुखी। कवयित्री का हृदय व्यथित है, क्योंकि उसका देश परतंत्र (अंग्रेज़ों के अधीन) है।
  2. माँ अर्थात् भारत माता को; ताकि अपने हृदय का बोझ हल्का कर सके और माँ के चरण आँसुओं से धोकर अपनी श्रद्धा प्रकट कर सके।
  3. मार्ग में प्रबल शत्रु खड़ा है, मंदिर की सीढ़ियाँ बहुत ऊँची हैं और कवयित्री के पैर दुर्बल हैं। वह देशवासियों और भगवान से सहायता की प्रार्थना करती है ताकि माँ तक पहुँच सके।
  4. केंद्रीय भाव देशभक्ति है: परतंत्र भारत की पीड़ा और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष की प्रेरणा। 'माँ' का एक अर्थ जन्म देने वाली माँ है, जिसके चरणों में जाकर मन हल्का होता है; दूसरा और मुख्य अर्थ भारत माता है, जिसकी सेवा और मुक्ति के लिए कवयित्री समर्पित है।

मातृ मंदिर की ओर: board-level solved questions

Ordered from board level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.

Example 1: हृदय का भार · 2 marks · Short answerBoard level

कवयित्री 'हृदय का भार' कैसे हटाना चाहती है? (2 अंक)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. माँ को सुख-दुख बताकर।
  2. माँ के चरण आँसुओं से धोकर।

Answer: भारत माता को अपना सुख-दुख बताकर और उनके चरण-कमल पकड़कर आँसुओं से नहलाकर वह अपने हृदय का बोझ हल्का करना चाहती है।

Example 2: पद-पंकज · 2 marks · Short answerHarder board level

'पद-पंकज' में कौन-सा अलंकार है? इसका प्रभाव बताइए। (2 अंक)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. पद (चरण) को पंकज (कमल) कहा गया: रूपक।
  2. 'प' की आवृत्ति: अनुप्रास।

Answer: रूपक अलंकार (चरणों को कमल माना गया) और 'प' की आवृत्ति से अनुप्रास। इससे माँ के चरणों की कोमलता और पवित्रता प्रकट होती है और श्रद्धा का भाव गहरा होता है।

Example 3: बाधाओं के प्रतीक · 3 marks · Short answerHOTS / competency

प्रबल शत्रु, ऊँची सीढ़ियाँ और दुर्बल पैर किनके प्रतीक हैं? (3 अंक)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. शत्रु = अंग्रेज़ी शासन।
  2. ऊँची सीढ़ियाँ = स्वतंत्रता का कठिन लक्ष्य।
  3. दुर्बल पैर = कवयित्री/देशवासियों की सीमित शक्ति।

Answer: प्रबल शत्रु विदेशी (अंग्रेज़ी) शासन का, ऊँची सीढ़ियाँ स्वतंत्रता के कठिन लक्ष्य का, और दुर्बल पैर कवयित्री तथा देशवासियों की सीमित शक्ति का प्रतीक हैं; इसलिए वह सामूहिक सहायता माँगती है।

Example 4: कविता का उद्देश्य · 3 marks · Short answerHOTS / competency

कविता लिखने का कवयित्री का उद्देश्य क्या था? (3 अंक)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. परतंत्रता की पीड़ा व्यक्त करना।
  2. देशवासियों का मनोबल बढ़ाना।
  3. स्वतंत्रता-संग्राम में भाग लेने की प्रेरणा।

Answer: परतंत्र देश की पीड़ा व्यक्त करना, भारतवासियों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें अंग्रेज़ों से मुक्ति के लिए स्वतंत्रता-संग्राम में एकजुट होने की प्रेरणा देना।

Example 5: कवयित्री-परिचय · 2 marks · Short answerBoard level

सुभद्रा कुमारी चौहान का संक्षिप्त परिचय दीजिए। (2 अंक)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. स्वतंत्रता-संग्राम से जुड़ी कवयित्री।
  2. राष्ट्रीय भावना की कविताएँ; 'झाँसी की रानी' प्रसिद्ध।

Answer: सुभद्रा कुमारी चौहान स्वतंत्रता-संग्राम में सक्रिय रहीं देशभक्त कवयित्री थीं। उनकी कविताओं में राष्ट्रीय भावना प्रमुख है; 'झाँसी की रानी' उनकी अत्यंत प्रसिद्ध कविता है।

Where the marks are

How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.

3 अंक: मार्ग की बाधाएँ और उपाय (2025 की अंक-योजना के बिंदु)। (3 marks)

StepMarks
प्रबल शत्रु1
ऊँची सीढ़ियाँ, दुर्बल पैर1
देशवासियों और भगवान से सहायता की प्रार्थना1

Where students lose marks in मातृ मंदिर की ओर

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: 'व्यथित' का अर्थ और कारण न लिखना

    2025 के परीक्षकों ने यह कमी बताई।

    Do this: व्यथित = दुखी; कारण = देश की परतंत्रता।

    Usually costs: पहले भाग के अंक।

  • Mistake: केवल अपनी माँ लिखना

    छात्र भारत माता का अर्थ छोड़ देते हैं।

    Do this: दोनों अर्थ लिखें, भारत माता को मुख्य बताएँ।

    Usually costs: भाव वाले भाग के अंक।

  • Mistake: बाधाएँ अधूरी

    तीनों बाधाएँ और सहायता की प्रार्थना छूट जाती है।

    Do this: श-सी-पै + देशवासियों/भगवान से प्रार्थना।

    Usually costs: 3 में से 1-2 अंक।

  • Mistake: देशभक्ति का संदर्भ न देना

    कविता को केवल भक्ति-कविता समझ लेना।

    Do this: स्वतंत्रता-संग्राम और अंग्रेज़ी शासन का संदर्भ दें।

    Usually costs: उद्देश्य वाले भाग के अंक।

Practice questions on मातृ मंदिर की ओर

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 2 marks · Short answerBoard level

    'नयन जल से नहलाऊँ' का भाव स्पष्ट कीजिए।

    Hint

    आँसू और श्रद्धा।

    Answer

    आँसुओं से माँ के चरण धोना: गहरा दुख और अपार श्रद्धा, दोनों प्रकट होते हैं।

  2. Q2 · 2 marks · Short answerHarder board level

    'मातृ-मंदिर' से कवयित्री का क्या तात्पर्य है?

    Hint

    भारत माता।

    Answer

    भारत माता का पवित्र स्थान, अर्थात् देश-सेवा और स्वतंत्रता-संग्राम का क्षेत्र।

  3. Q3 · 3 marks · Short answerHarder board level

    कवयित्री देशवासियों से सहायता क्यों माँगती है?

    Hint

    दुर्बल पैर, ऊँची सीढ़ियाँ।

    Answer

    क्योंकि शत्रु प्रबल है, लक्ष्य कठिन है और अकेले उसकी शक्ति सीमित है; सबके साथ से ही माँ तक पहुँचना, यानी स्वतंत्रता पाना, संभव है।

  4. Q4 · 3 marks · Short answerHOTS / competency

    आज के स्वतंत्र भारत में इस कविता की क्या प्रासंगिकता है?

    Hint

    देश-सेवा के नए रूप।

    Answer

    आज भी देश के सामने गरीबी, अशिक्षा, प्रदूषण जैसी 'बाधाएँ' हैं; कविता सिखाती है कि देश-सेवा के लिए समर्पण और सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

  5. Q5 · 2 marks · Short answerHarder board level

    कविता में कौन-सा रस प्रमुख है? कारण सहित लिखिए।

    Hint

    देशभक्ति, संघर्ष, आँसू।

    Answer

    देशभक्ति से जुड़ा वीर रस, साथ में परतंत्रता की पीड़ा के कारण करुण भाव; दोनों मिलकर कविता को प्रभावी बनाते हैं।

  6. Q6 · 1 mark · Very short answerBoard level

    'हृदय प्रदेश' में कौन-सा अलंकार है?

    Hint

    हृदय को प्रदेश माना।

    Answer

    रूपक अलंकार।

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.'मातृ मंदिर की ओर' की कवयित्री कौन हैं?Show answer

    सुभद्रा कुमारी चौहान।

  2. 2.कवयित्री का हृदय क्यों दुखी है?Show answer

    क्योंकि देश परतंत्र है।

  3. 3.वह माँ के चरण किससे नहलाना चाहती है?Show answer

    अपने आँसुओं (नयन जल) से।

  4. 4.मार्ग की तीन बाधाएँ?Show answer

    प्रबल शत्रु, ऊँची सीढ़ियाँ, दुर्बल पैर।

Quick revision checklist

The night before the exam: can you do each of these without looking?

  • क्या आप पद्यांश का भावार्थ अपने शब्दों में लिख सकते हैं?
  • क्या आप 'माँ' का दोहरा अर्थ समझा सकते हैं?
  • क्या आप तीनों बाधाएँ और उनके प्रतीकार्थ बता सकते हैं?
  • क्या आप दो अलंकार उदाहरण सहित लिख सकते हैं?

मातृ मंदिर की ओर: frequently asked questions

'मातृ मंदिर की ओर' का केंद्रीय भाव क्या है?

देशभक्ति: परतंत्र भारत की पीड़ा और भारत माता की सेवा तथा मुक्ति के लिए समर्पण।

कविता में 'मातृ-मंदिर' किसका प्रतीक है?

भारत माता के पवित्र स्थान का, अर्थात् देश-सेवा और स्वतंत्रता-संग्राम का।

कवयित्री किससे सहायता माँगती है?

देशवासियों और भगवान से, ताकि वह बाधाएँ पार करके माँ तक पहुँच सके।

Based on: CISCE ICSE 2027 Second Languages syllabus (Hindi); CISCE ICSE 2027 Appendix I: List of Prescribed Books (Hindi); CISCE circular CISCE/CIRCULAR/2026-27/33: Bifurcation of the Prescribed Texts for Selected Indian Languages; CISCE Analysis of Pupil Performance 2025: Hindi (examiners' comments)