दो कलाकार ICSE Class 10: सारांश, अरुणा-चित्रा और अवतरण-आधारित प्रश्न
Updated 14 October 2026 · Draft, not yet fact-checked
'दो कलाकार' मन्नू भंडारी की कहानी है। छात्रावास की दो सहेलियाँ हैं: चित्रकार चित्रा और समाजसेविका अरुणा। चित्रा एक मरी हुई भिखारिन और उसके बच्चों का चित्र बनाकर प्रसिद्ध होती है, जबकि अरुणा उन्हीं अनाथ बच्चों को गोद लेकर पालती है। कहानी पूछती है कि सच्चा कलाकार कौन है।
What दो कलाकार is about
दो कलाकार प्रसिद्ध लेखिका मन्नू भंडारी की कहानी है, जो साहित्य सागर (कहानियाँ) में कक्षा दसवीं के लिए निर्धारित है। यह दो सहेलियों की कहानी है जो एक ही छात्रावास के कमरे में रहती हैं पर जीवन को अलग दृष्टि से देखती हैं: चित्रा के लिए जीवन कला का विषय है, अरुणा के लिए सेवा का अवसर।
2025 के बोर्ड प्रश्न-पत्र में इस कहानी पर 10 अंकों का पूरा अवतरण-आधारित प्रश्न आया था (चित्रा के विदेश जाने के दिन वाला अवतरण)। परीक्षकों ने बताया कि छात्रों ने चित्रा के 'घर' जाने की बात लिखी (जबकि वह विदेश जा रही थी), अरुणा और चित्रा की भूमिकाएँ उलट दीं, देर से लौटने का कारण अधूरा बताया (भिखारिन और बच्चों का स्केच भूल गए), और यह सिद्ध नहीं कर पाए कि दोनों अपने-अपने क्षेत्र में कलाकार हैं।
Weightage: CISCE पाठ-वार अंक नहीं बताता। खंड ख में साहित्य सागर की कहानियों पर हर प्रश्न 10 अंक (2, 2, 3, 3) का होता है; यह कहानी 2025 में पूरे प्रश्न के रूप में आई थी।Source: CISCE ICSE हिंदी 2025 बोर्ड प्रश्न-पत्र (परीक्षकों की रिपोर्ट) और 2027 निर्धारित पुस्तकों की सूची
दो कलाकार: summary
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
अरुणा और चित्रा छात्रावास में एक ही कमरे में रहने वाली घनिष्ठ सहेलियाँ हैं। चित्रा एक संपन्न परिवार की इकलौती संतान है और चित्रकला में डूबी रहती है; वह अपनी कला को निखारने के लिए विदेश जाने का सपना देखती है। अरुणा का मन समाज-सेवा में लगता है; वह ज़रूरतमंद बच्चों को पढ़ाती है और दूसरों के दुख में तुरंत मदद को दौड़ पड़ती है।
दोनों में अक्सर नोक-झोंक होती है। अरुणा चित्रा से कहती है कि उसकी कला जीवन से कटी हुई है: वह कागज़ पर दुखों के चित्र बनाती है, पर सामने के दुखी लोगों के लिए कुछ नहीं करती। चित्रा अरुणा की सेवा को समय की बर्बादी समझती है और कला को ही जीवन का लक्ष्य मानती है।
चित्रा के विदेश जाने का दिन आता है। अरुणा सुबह से उसका सामान ठीक करती है। चित्रा सबसे मिलकर अपने गुरुजी का आशीर्वाद लेने जाती है, पर बहुत देर तक नहीं लौटती। जब वह लौटती है तो बताती है कि रास्ते में उसने एक पेड़ के नीचे एक भिखारिन को मरा हुआ पड़ा देखा, जिसके दो छोटे बच्चे उससे लिपटकर रो रहे थे। चित्रा उस दृश्य का रफ़ स्केच बनाने में लग गई, इसलिए देर हो गई। यह सुनकर अरुणा व्याकुल हो जाती है और उसी समय वहाँ चली जाती है; चित्रा अपनी गाड़ी से विदेश चली जाती है।
विदेश में चित्रा का वही चित्र अत्यंत प्रसिद्ध होता है और उसे बहुत सम्मान और पुरस्कार मिलते हैं। कई वर्ष बाद भारत लौटने पर उसकी चित्र-प्रदर्शनी होती है, जहाँ उसकी भेंट अरुणा से होती है। अरुणा के साथ दो बच्चे हैं। चित्रा के पूछने पर पता चलता है कि ये वही दोनों बच्चे हैं जिनकी माँ का चित्र बनाकर चित्रा प्रसिद्ध हुई थी; अरुणा ने उन्हें गोद लेकर अपने बच्चों की तरह पाला है। चित्रा स्तब्ध रह जाती है। कहानी दिखाती है कि चित्रा ने कागज़ पर जीवन का चित्र बनाया, जबकि अरुणा ने उन बच्चों का जीवन ही सँवार दिया।
Themes and message
कला और मानवता
कहानी पूछती है कि क्या वह कला सार्थक है जो दुख का चित्र तो बनाती है पर दुखी की सहायता नहीं करती। अरुणा का सेवा-कार्य भी एक कला है: जीवन को सँवारने की कला।
From the text: चित्रा का स्केच और अरुणा का बच्चों को गोद लेना।
दो दृष्टिकोण
चित्रा व्यक्तिगत उपलब्धि और कला की साधना में डूबी है; अरुणा दूसरों के लिए जीती है। लेखिका दोनों को कलाकार मानती है, पर अरुणा की कला को अधिक मानवीय दिखाती है।
From the text: दोनों की नोक-झोंक और अंतिम भेंट।
मित्रता
विचारों में अंतर के बावजूद दोनों गहरी सहेलियाँ हैं; अरुणा जाने के दिन चित्रा का सारा सामान सँभालती है।
From the text: विदेश जाने के दिन का प्रसंग।
संवेदनशीलता और कर्म
केवल भावना या चित्रण पर्याप्त नहीं; सच्ची संवेदना कर्म में बदलनी चाहिए।
From the text: भिखारिन की ख़बर सुनते ही अरुणा का दौड़ पड़ना।
Characters
चित्रा
चित्रकार, संपन्न परिवार की इकलौती संतान।
- प्रतिभाशाली और महत्वाकांक्षी
- कला के प्रति समर्पित
- व्यावहारिक मानवीय संवेदना में कमज़ोर
- सहेली से स्नेह करने वाली
विदेश जाने का सपना; मरी भिखारिन का स्केच बनाना; प्रसिद्धि।
अरुणा
चित्रा की सहेली, समाजसेविका।
- दयालु और संवेदनशील
- कर्मठ और परोपकारी
- स्पष्टवादी
- त्यागी: अनाथ बच्चों को गोद लेती है
गरीब बच्चों को पढ़ाना; भिखारिन के बच्चों को अपनाना।
How it is written
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| विरोधाभास (तुलना) | चित्रा का चित्र बनाना और अरुणा का बच्चों को पालना। | दोनों दृष्टिकोणों का अंतर स्पष्ट करता है और शीर्षक को अर्थ देता है। |
| संवाद-शैली | दोनों सहेलियों की नोक-झोंक। | पात्रों के विचार स्वाभाविक रूप से सामने आते हैं। |
| अप्रत्याशित अंत | प्रदर्शनी में बच्चों की पहचान। | पाठक को झकझोरता है और संदेश को गहरा करता है। |
दो कलाकार in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
संवेदना को कर्म में बदलना
मान लीजिए आप सड़क पर किसी घायल पक्षी को देखते हैं; आपका एक मित्र उसका वीडियो बनाने लगता है और दूसरा उसे उठाकर पशु-चिकित्सक के पास ले जाता है।
दोनों मित्रों की तुलना चित्रा और अरुणा से कीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- वीडियो बनाने वाला = चित्रा: दृश्य को कला/सामग्री बनाना।
- मदद करने वाला = अरुणा: तुरंत कर्म।
Answer: दोनों संवेदनशील हैं, पर अरुणा जैसा मित्र जीवन बचाता है। कहानी सिखाती है कि दुख देखकर पहले सहायता करें, फिर चित्र या वीडियो।
Memory hook: पहले मदद, फिर चित्र।
हर काम एक कला
कल्पना कीजिए कि आपकी माँ कहती हैं कि घर को सँभालना भी एक कला है।
कहानी के शीर्षक से इसका संबंध बताइए।
Try it first, then show the solutionSolution
- कला केवल चित्र, संगीत नहीं।
- जीवन सँवारना भी कला है।
Answer: जैसे अरुणा ने बच्चों का जीवन सँवारकर स्वयं को कलाकार सिद्ध किया, वैसे ही किसी भी कार्य को प्रेम और कौशल से करना कला है।
Memory hook: कागज़ पर कला, जीवन में कला।
मित्रता में मतभेद
मान लीजिए आपकी सहेली को खेल पसंद हैं और आपको किताबें, और आप अक्सर एक-दूसरे की रुचि पर हँसती हैं।
अरुणा-चित्रा की मित्रता से क्या सीख मिलती है?
Try it first, then show the solutionSolution
- अरुणा और चित्रा के विचार बिल्कुल अलग थे।
- फिर भी दोनों में स्नेह था और अरुणा ने जाने के दिन चित्रा की सहायता की।
Answer: रुचियाँ अलग होने पर भी सम्मान और स्नेह से मित्रता बनी रहती है, जैसे अरुणा-चित्रा की।
Memory hook: रुचि अलग, दिल एक।
Topics in this chapter
How the board asks दो कलाकार
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| पात्र-परिचय और भूमिका | अरुणा और चित्रा का परिचय दीजिए। | दोनों की भूमिकाएँ स्पष्ट: चित्रा = चित्रकार, अरुणा = समाजसेविका; उलटें नहीं। |
| घटना का कारण | चित्रा को देर क्यों हुई? | गुरुजी का आशीर्वाद + भिखारिन और बच्चों का स्केच, दोनों लिखें। |
| शीर्षक/उद्देश्य | शीर्षक की सार्थकता; सच्चा कलाकार कौन? | दोनों के कार्य को 'कला' के रूप में समझाएँ, फिर अपना मत कारण सहित। |
Tricks to remember दो कलाकार
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
चित्रा = चित्र, अरुणा = अनाथों की सेवा
नाम से भूमिका: चित्रा चित्र बनाती है; अरुणा (अ) अनाथों को अपनाती है।
Use it when: भूमिकाएँ उलटने की गलती से बचने के लिए।
घटना-क्रम: सामान-गुरुजी-भिखारिन-स्केच-विदेश-प्रदर्शनी
छह पड़ाव क्रम से।
Use it when: क्रम वाले प्रश्न।
दो कलाकार: extract-based questions
Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.
Extract 1: चित्रा के जाने का दिन (2025 के प्रश्न-पत्र का अवतरण)
एक-एक करके चित्रा सबसे मिल आई। बस, गुरूजी से मिलना रह गया था सो उनका आशीर्वाद लेने चल पड़ी। तीन बज गए थे पर, वह लौटी नहीं। पाँच बजे की गाड़ी से वह जाने वाली थी।
(1) · 2 marks · Short answer
(i) चित्रा कहाँ और क्यों जा रही थी?
(2) · 2 marks · Short answer
(ii) अरुणा और चित्रा का परिचय दीजिए।
(3) · 3 marks · Short answer
(iii) चित्रा को लौटने में देर क्यों हुई? उसने लौटकर क्या बताया?
(4) · 3 marks · Short answer
(iv) कहानी के अंत में कैसे सिद्ध होता है कि दोनों सहेलियाँ अपने-अपने क्षेत्र में कलाकार हैं?
Show the answersAnswers
- चित्रा विदेश जा रही थी, ताकि वहाँ चित्रकला की आगे की शिक्षा लेकर अपनी कला को निखार सके।
- दोनों छात्रावास में एक ही कमरे में रहने वाली सहेलियाँ हैं। चित्रा संपन्न परिवार की इकलौती संतान और प्रतिभाशाली चित्रकार है; अरुणा दयालु समाजसेविका है।
- गुरुजी का आशीर्वाद लेकर लौटते समय उसने एक पेड़ के नीचे एक मरी हुई भिखारिन देखी, जिसके दो बच्चे उससे लिपटकर रो रहे थे। वह उस दृश्य का रफ़ स्केच बनाने लगी, इसलिए देर हो गई; लौटकर उसने अरुणा को यही बताया।
- चित्रा ने भिखारिन और बच्चों का चित्र बनाया जो विदेश में प्रसिद्ध हुआ; वह कागज़ पर जीवन की कलाकार है। अरुणा ने उन्हीं अनाथ बच्चों को गोद लेकर पाला; वह जीवन सँवारने की कलाकार है। इसलिए शीर्षक 'दो कलाकार' सार्थक है।
दो कलाकार: board-level solved questions
Ordered from board level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: सच्चा कलाकार कौन · 3 marks · Short answerHOTS / competency
आपके विचार से दोनों में से सच्चा कलाकार कौन है? कारण सहित लिखिए। (3 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- मत स्पष्ट करें।
- कहानी से दो कारण।
Answer: अरुणा अधिक सच्ची कलाकार है, क्योंकि उसने अनाथ बच्चों को अपनाकर उनका जीवन सँवारा; उसकी 'कला' जीवित मनुष्यों का भविष्य बनाती है। चित्रा की कला महान है, पर उसने उन बच्चों के लिए कुछ नहीं किया। (चित्रा के पक्ष में तर्कसंगत उत्तर भी स्वीकार्य।)
Example 2: नोक-झोंक का कारण · 2 marks · Short answerHarder board level
अरुणा चित्रा की कला पर क्या आपत्ति करती थी? (2 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- कला जीवन से कटी हुई।
- दुख का चित्रण, पर सहायता नहीं।
Answer: अरुणा कहती थी कि चित्रा की कला जीवन से कटी हुई है: वह दुखी लोगों के चित्र तो बनाती है, पर उनकी सहायता के लिए कुछ नहीं करती।
Example 3: अरुणा की प्रतिक्रिया · 3 marks · Short answerHarder board level
भिखारिन की बात सुनकर अरुणा ने क्या किया? इससे उसके चरित्र के बारे में क्या पता चलता है? (3 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- व्याकुल होकर तुरंत वहाँ गई।
- बाद में बच्चों को गोद लिया।
- चरित्र: दयालु, कर्मठ, त्यागी।
Answer: वह व्याकुल हो गई और तुरंत उस स्थान पर गई; बाद में उसने उन अनाथ बच्चों को गोद लेकर पाला। इससे उसकी दयालुता, कर्मठता और त्याग की भावना प्रकट होती है।
Example 4: अंतिम भेंट · 2 marks · Short answerBoard level
प्रदर्शनी में चित्रा को कौन-सी बात जानकर आश्चर्य हुआ? (2 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- अरुणा के साथ दो बच्चे।
- वे वही भिखारिन के बच्चे थे।
Answer: अरुणा के साथ आए दो बच्चे वही थे जिनकी मरी हुई माँ का चित्र बनाकर चित्रा प्रसिद्ध हुई थी; अरुणा ने उन्हें गोद लेकर पाला था।
Example 5: कहानी का संदेश · 3 marks · Short answerHOTS / competency
'दो कलाकार' कहानी का संदेश स्पष्ट कीजिए। (3 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- कला और सेवा दोनों का महत्व।
- संवेदना कर्म में बदले।
- मानवता सर्वोपरि।
Answer: कहानी का संदेश है कि सच्ची संवेदना केवल चित्रण में नहीं, कर्म में प्रकट होती है। कला महान है, पर दुखी मनुष्य की सहायता उससे भी बड़ी कला है; मानवता सबसे ऊपर है।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
3 अंक: दोनों अपने-अपने क्षेत्र में कलाकार कैसे हैं? (3 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| चित्रा: प्रसिद्ध चित्र बनाया | 1 |
| अरुणा: अनाथ बच्चों को गोद लेकर पाला | 1 |
| निष्कर्ष: दोनों कलाकार, शीर्षक सार्थक | 1 |
Where students lose marks in दो कलाकार
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: चित्रा का 'घर' जाना लिखना
2025 में कई छात्रों ने यही लिखा, जबकि वह विदेश जा रही थी।
Do this: याद रखें: विदेश, कला निखारने के लिए।
Usually costs: पहले भाग के अंक।
Mistake: भूमिकाएँ उलट देना
अरुणा को चित्रकार और चित्रा को समाजसेविका लिखना।
Do this: नाम-भूमिका की युक्ति प्रयोग करें।
Usually costs: परिचय के अंक।
Mistake: देर का कारण अधूरा
केवल गुरुजी का आशीर्वाद लिखना, भिखारिन का स्केच भूल जाना।
Do this: दोनों कारण क्रम से लिखें।
Usually costs: 3 में से 1-2 अंक।
Mistake: केवल एक को कलाकार बताना
शीर्षक का अर्थ न समझना।
Do this: दोनों के कार्य को कला के रूप में उदाहरण सहित लिखें।
Usually costs: अंतिम भाग के अंक।
Practice questions on दो कलाकार
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 3 marks · Short answerBoard level
चित्रा के चरित्र की तीन विशेषताएँ लिखिए।
Hint
प्रतिभा, महत्वाकांक्षा, संवेदना की कमी।
Answer
प्रतिभाशाली चित्रकार; महत्वाकांक्षी (विदेश जाकर कला निखारना); व्यावहारिक संवेदना में कमी (भिखारिन के बच्चों की सहायता के बजाय स्केच बनाना)।
Q2 · 2 marks · Short answerBoard level
अरुणा समाज-सेवा के कौन-से कार्य करती थी?
Hint
ज़रूरतमंदों की सहायता।
Answer
वह ज़रूरतमंद बच्चों को पढ़ाती थी और दूसरों के दुख में तुरंत सहायता के लिए पहुँच जाती थी; अंत में उसने अनाथ बच्चों को गोद लिया।
Q3 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
चित्रा ने मरी हुई भिखारिन को देखकर जो किया, क्या वह उचित था? अपना मत दीजिए।
Hint
कलाकार की दृष्टि बनाम मानवीय कर्तव्य।
Answer
मत कारण सहित: उदाहरण के लिए, अनुचित, क्योंकि उस समय बच्चों को सहारे की आवश्यकता थी; या आंशिक रूप से उचित, क्योंकि उसके चित्र ने दुनिया को गरीबी का दुख दिखाया।
Q4 · 2 marks · Short answerHarder board level
दोनों सहेलियों की मित्रता की विशेषता बताइए।
Hint
मतभेद के बावजूद स्नेह।
Answer
विचारों में मतभेद होते हुए भी दोनों में गहरा स्नेह था; अरुणा ने जाने के दिन चित्रा का सारा सामान सँभाला।
Q5 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
यदि आप चित्रा की जगह होते तो उस दिन क्या करते?
Hint
व्यक्तिगत प्रतिक्रिया।
Answer
उदाहरण: पहले बच्चों को किसी सुरक्षित व्यक्ति या संस्था तक पहुँचाता, अरुणा को सूचना देता, फिर समय मिलने पर चित्र बनाता। (कोई भी तर्कसंगत उत्तर।)
Q6 · 2 marks · Short answerBoard level
कहानी की लेखिका कौन हैं? उनकी एक और विशेषता लिखिए जो इस कहानी में दिखती है।
Hint
नारी पात्र, मनोवैज्ञानिक चित्रण।
Answer
मन्नू भंडारी। वे स्त्री पात्रों के मन और विचारों का सजीव, मनोवैज्ञानिक चित्रण करती हैं, जैसा अरुणा और चित्रा के चरित्र में दिखता है।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.'दो कलाकार' की लेखिका कौन हैं?Show answer
मन्नू भंडारी।
2.चित्रा कहाँ जा रही थी?Show answer
विदेश, चित्रकला निखारने।
3.चित्रा को देर क्यों हुई?Show answer
मरी भिखारिन और उसके बच्चों का स्केच बनाने लगी थी।
4.अरुणा ने बच्चों के लिए क्या किया?Show answer
उन्हें गोद लेकर पाला।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप अरुणा और चित्रा का तीन-तीन बिंदुओं में परिचय दे सकते हैं?
- क्या आप जाने वाले दिन की घटनाएँ क्रम से लिख सकते हैं?
- क्या आप शीर्षक की सार्थकता दोनों पक्षों से समझा सकते हैं?
- क्या आप 'सच्चा कलाकार कौन' पर कारण सहित मत दे सकते हैं?
दो कलाकार: frequently asked questions
'दो कलाकार' शीर्षक क्यों उचित है?
क्योंकि दोनों सहेलियाँ कलाकार हैं: चित्रा चित्र बनाने की और अरुणा जीवन सँवारने की।
अरुणा ने किन बच्चों को गोद लिया?
उस मरी हुई भिखारिन के दो बच्चों को, जिसका चित्र बनाकर चित्रा प्रसिद्ध हुई थी।
कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
सच्ची संवेदना कर्म में प्रकट होती है; मानव-सेवा भी एक महान कला है।
Based on: CISCE ICSE 2027 Second Languages syllabus (Hindi); CISCE ICSE 2027 Appendix I: List of Prescribed Books (Hindi); CISCE circular CISCE/CIRCULAR/2026-27/33: Bifurcation of the Prescribed Texts for Selected Indian Languages; CISCE Analysis of Pupil Performance 2025: Hindi (examiners' comments)