दीपदान ICSE Class 10: सारांश, पन्ना धाय का त्याग और अवतरण प्रश्न
Updated 14 October 2026 · Draft, not yet fact-checked
'दीपदान' डॉ. रामकुमार वर्मा का ऐतिहासिक एकांकी है। चित्तौड़ का बनवीर राज्य हड़पने के लिए चौदह वर्ष के उत्तराधिकारी कुँवर उदयसिंह को मारना चाहता है। धाय माँ पन्ना उदयसिंह को बचाने के लिए उसके बिस्तर पर अपने पुत्र चंदन को सुला देती है, और बनवीर चंदन का वध कर देता है।
What दीपदान is about
दीपदान हिंदी एकांकी के प्रमुख लेखक डॉ. रामकुमार वर्मा का ऐतिहासिक एकांकी है, जो एकांकी संचय में कक्षा दसवीं के लिए निर्धारित है। यह मेवाड़ (चित्तौड़) के इतिहास की प्रसिद्ध घटना पर आधारित है: पन्ना धाय का अद्वितीय त्याग, जिसने राजवंश के उत्तराधिकारी कुँवर उदयसिंह की रक्षा के लिए अपने पुत्र चंदन का बलिदान कर दिया।
2025 के बोर्ड प्रश्न-पत्र में दीपदान पर अवतरण-आधारित प्रश्न आया था। अंक-योजना के अनुसार अपेक्षित बिंदु थे: महाराणा सांगा का राजवंश; चौदह वर्ष के उत्तराधिकारी उदयसिंह को बनवीर मारना चाहता था; पन्ना ने अपने पुत्र चंदन का बलिदान किया; बनवीर ने चंदन का वध किया; और 'दीपदान' का अर्थ (पन्ना ने अपने कुल के दीपक चंदन का दान किया)। परीक्षकों ने गलत राजवंश लिखने, पन्ना के त्याग के कारण अधूरे बताने और शीर्षक का केवल शाब्दिक अर्थ लिखने पर अंक काटे।
Weightage: CISCE पाठ-वार अंक नहीं बताता। खंड ख में एकांकी संचय पर हर प्रश्न 10 अंक (2, 2, 3, 3) का होता है; दीपदान 2025 में आया था।Source: CISCE ICSE हिंदी 2025 बोर्ड प्रश्न-पत्र (परीक्षकों की रिपोर्ट) और 2027 निर्धारित पुस्तकों की सूची
दीपदान: summary
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
महाराणा सांगा के बाद चित्तौड़ के राजवंश पर संकट है। राज्य का वैध उत्तराधिकारी चौदह वर्ष का कुँवर उदयसिंह है, जिसकी देखभाल उसकी धाय माँ पन्ना करती है। महत्वाकांक्षी और क्रूर बनवीर सिंहासन हड़पना चाहता है। वह राज्य पर अधिकार जमाकर अपने मार्ग के काँटे, उदयसिंह, को भी समाप्त करने का षड्यंत्र रचता है।
बनवीर ने उस रात दीपदान का उत्सव रखवाया है: लोग दीप जलाकर जल में प्रवाहित करते हैं, नाच-गान होता है, और महल के लोग उत्सव में व्यस्त रहते हैं। पन्ना को षड्यंत्र का संकेत मिल जाता है कि बनवीर उसी रात उदयसिंह की हत्या करने आएगा। वह समझ जाती है कि उत्सव लोगों का ध्यान बँटाने का एक बहाना है।
पन्ना उदयसिंह को बचाने का उपाय सोचती है। जूठी पत्तलें उठाने वाला कीरत बारी अपनी टोकरी में पत्तलें ले जाता है; पन्ना उदयसिंह को उसी टोकरी में छिपाकर चुपचाप महल से बाहर सुरक्षित स्थान पर भिजवा देती है। फिर वह उदयसिंह के पलंग पर अपने पुत्र चंदन को सुला देती है और उसे उदयसिंह के वस्त्र ओढ़ा देती है।
रात में बनवीर नंगी तलवार लिए आता है और उदयसिंह के बारे में पूछता है। पन्ना का हृदय फटा जा रहा है, पर वह कर्तव्य के आगे ममता को दबा देती है और सोए हुए चंदन की ओर संकेत करती है। बनवीर चंदन को उदयसिंह समझकर उसका वध कर देता है। माँ अपनी आँखों के सामने अपने पुत्र को मरते देखती है, पर स्वामी-भक्ति और देश-प्रेम के लिए मौन रहती है।
जिस रात लोग नदी में दीपों का दान कर रहे थे, उसी रात पन्ना ने अपने कुल के दीपक, अपने पुत्र चंदन, का दान कर दिया। यही इस एकांकी के शीर्षक 'दीपदान' का गहरा अर्थ है।
Themes and message
त्याग और बलिदान
पन्ना धाय ने राजवंश की रक्षा के लिए अपने पुत्र का बलिदान दिया; यह त्याग इतिहास में अद्वितीय है।
From the text: चंदन को उदयसिंह के पलंग पर सुलाना।
स्वामी-भक्ति और कर्तव्य
पन्ना के लिए कर्तव्य (उदयसिंह की रक्षा) ममता से ऊपर है।
From the text: बनवीर को चंदन की ओर संकेत करना।
सत्ता-लोलुपता और षड्यंत्र
बनवीर का चरित्र दिखाता है कि सत्ता का लोभ मनुष्य को कितना क्रूर बना देता है।
From the text: दीपदान उत्सव की आड़ में हत्या की योजना।
देशभक्ति
उदयसिंह की रक्षा मेवाड़ के भविष्य की रक्षा है; पन्ना का त्याग देश-प्रेम का प्रतीक है।
From the text: राजवंश की रक्षा।
Characters
पन्ना धाय
उदयसिंह की धाय माँ; एकांकी की नायिका।
- स्वामी-भक्त
- त्यागमयी
- दूरदर्शी और बुद्धिमान
- साहसी
- कर्तव्य के लिए ममता का बलिदान करने वाली
षड्यंत्र भाँपना, उदयसिंह को बाहर भिजवाना, चंदन का बलिदान।
बनवीर
सिंहासन हड़पने वाला खलनायक।
- महत्वाकांक्षी
- क्रूर
- षड्यंत्रकारी
- धूर्त
उत्सव की आड़ में उदयसिंह की हत्या का प्रयास; चंदन का वध।
कुँवर उदयसिंह
चित्तौड़ का चौदह वर्षीय उत्तराधिकारी।
- राजवंश का भविष्य
- पन्ना की सुरक्षा में
पन्ना उसे कीरत की टोकरी में बाहर भेजती है।
चंदन
पन्ना का पुत्र।
- निर्दोष
- बलिदान का पात्र
उदयसिंह के स्थान पर मारा जाता है।
कीरत बारी
जूठी पत्तलें उठाने वाला सेवक।
- विश्वसनीय
- साहसी सहायक
टोकरी में उदयसिंह को महल से बाहर ले जाता है।
How it is written
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| प्रतीकात्मक शीर्षक | 'दीपदान': उत्सव में दीपों का दान और पन्ना द्वारा कुल-दीपक चंदन का दान। | एक ही शब्द में उत्सव और बलिदान, दोनों का करुण विरोधाभास। |
| नाटकीय विडंबना | बाहर उत्सव और गीत, भीतर हत्या का षड्यंत्र। | तनाव और करुणा बढ़ाती है। |
| संवाद और रंग-संकेत | पन्ना के आत्म-संवाद। | पात्र के अंतर्द्वंद्व को प्रकट करते हैं। |
दीपदान in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
कर्तव्य बनाम व्यक्तिगत हित
मान लीजिए एक डॉक्टर माँ अपने बच्चे के जन्मदिन की पार्टी छोड़कर किसी गंभीर मरीज़ का ऑपरेशन करने अस्पताल चली जाती है।
इस निर्णय की तुलना पन्ना धाय से कीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- दोनों में कर्तव्य और ममता का द्वंद्व।
- दोनों ने कर्तव्य चुना, पन्ना का त्याग कहीं अधिक बड़ा।
Answer: छोटे स्तर पर यह वही द्वंद्व है जो पन्ना ने झेला: व्यक्तिगत सुख बनाम कर्तव्य। पन्ना ने कर्तव्य के लिए सबसे बड़ा त्याग किया, इसलिए वह इतिहास में अमर है।
Memory hook: कर्तव्य की कीमत, ममता का त्याग।
उत्सव की आड़ में धोखा
कल्पना कीजिए कि किसी भीड़ भरे मेले में चोर लोगों का ध्यान बँटाकर जेबें काटते हैं।
बनवीर की योजना से इसकी तुलना कीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- दोनों उत्सव/भीड़ का लाभ उठाते हैं।
- ध्यान बँटाकर अपराध।
Answer: बनवीर ने भी दीपदान उत्सव से लोगों का ध्यान बँटाकर हत्या की योजना बनाई। भीड़ और उत्सव में भी सजग रहना चाहिए।
Memory hook: जहाँ शोर, वहाँ सावधानी।
इतिहास के नायक
मान लीजिए विद्यालय में 'इतिहास की महान नारियाँ' पर भाषण देना है।
पन्ना धाय को क्यों चुनेंगे?
Try it first, then show the solutionSolution
- अद्वितीय त्याग।
- राजवंश और देश की रक्षा।
Answer: क्योंकि उन्होंने देश के भविष्य के लिए अपने पुत्र का बलिदान किया; उनका त्याग साहस, कर्तव्य और देश-प्रेम का अमर उदाहरण है।
Memory hook: पन्ना: त्याग का दूसरा नाम।
Topics in this chapter
How the board asks दीपदान
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| वक्ता-श्रोता और प्रसंग | वक्ता कौन है? किस प्रसंग में कहा गया? | नाम, संबंध और उस क्षण की स्थिति। |
| घटना-क्रम | पन्ना ने उदयसिंह को कैसे बचाया? | षड्यंत्र का पता, कीरत की टोकरी, चंदन को सुलाना, बनवीर का आना, वध। |
| शीर्षक और संदेश | 'दीपदान' शीर्षक की सार्थकता; एकांकी का उद्देश्य। | शाब्दिक अर्थ (दीपों का दान) + प्रतीकात्मक अर्थ (कुल-दीपक का दान) + संदेश। |
Tricks to remember दीपदान
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
पात्र: प-ब-उ-चं-की
पन्ना (धाय), बनवीर (खलनायक), उदयसिंह (14 वर्ष), चंदन (पन्ना का पुत्र), कीरत (टोकरी)।
Use it when: पात्र-परिचय।
दीपदान = दीप + कुल-दीपक
उत्सव में दीपों का दान, पन्ना का कुल-दीपक चंदन का दान।
Use it when: शीर्षक की सार्थकता।
दीपदान: extract-based questions
Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.
Extract 1: पन्ना का अंतर्द्वंद्व (2025 के प्रश्न-पत्र का अवतरण)
'चली गई। ऐसा मैं नहीं सुन सकूँगी। जो मुझे करना है वह सामली सुन भी न सकेगी। भवानी तुमने मेरे हृदय को कैसा कष्ट दिया ? मुझे बल दो कि मैं राजवंश की रक्षा में अपना रक्त दे सकूँ।'
(1) · 2 marks · Short answer
(i) वक्ता कौन है? वह किस राजवंश की रक्षा की बात कर रही है और उसे किससे खतरा है?
(2) · 2 marks · Short answer
(ii) 'अपना रक्त' देने से पन्ना का क्या तात्पर्य है?
(3) · 3 marks · Short answer
(iii) पन्ना ने उदयसिंह को कैसे बचाया और बनवीर ने क्या किया?
(4) · 3 marks · Long answer
(iv) 'दीपदान' शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए और एकांकी का संदेश लिखिए।
Show the answersAnswers
- वक्ता पन्ना धाय है। वह चित्तौड़ के महाराणा सांगा के राजवंश की रक्षा की बात कर रही है; उत्तराधिकारी उदयसिंह को बनवीर से खतरा है, जो उसे मारना चाहता है।
- अपना रक्त, यानी अपना पुत्र चंदन; वह उदयसिंह की प्राण-रक्षा के लिए अपने पुत्र का बलिदान करने का निश्चय कर रही है।
- पन्ना ने उदयसिंह को कीरत बारी की जूठी पत्तलों की टोकरी में छिपाकर महल से बाहर भिजवा दिया और उसके पलंग पर चंदन को सुला दिया। बनवीर ने आकर उदयसिंह के बारे में पूछा; पन्ना के संकेत पर उसने चंदन को उदयसिंह समझकर मार डाला।
- उस रात दीपदान उत्सव में लोग दीप जल में प्रवाहित कर रहे थे, और पन्ना ने अपने कुल के दीपक, अपने पुत्र चंदन, का दान कर दिया; इसलिए शीर्षक अत्यंत सार्थक और मार्मिक है। संदेश: त्याग, बलिदान, स्वामी-भक्ति और देश-भक्ति; कर्तव्य के लिए व्यक्तिगत सुख का बलिदान।
दीपदान: board-level solved questions
Ordered from board level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: दीपदान उत्सव का उद्देश्य · 2 marks · Short answerHarder board level
बनवीर ने दीपदान उत्सव क्यों रखवाया? (2 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- लोगों का ध्यान बँटाना।
- उसी रात उदयसिंह की हत्या।
Answer: ताकि सब लोग उत्सव में व्यस्त रहें और उसी अवसर पर वह बिना विरोध के उदयसिंह की हत्या कर सके।
Example 2: पन्ना का चरित्र · 3 marks · Short answerHarder board level
पन्ना धाय के चरित्र की तीन विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए। (3 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- स्वामी-भक्ति: उदयसिंह की रक्षा।
- दूरदर्शिता: षड्यंत्र भाँपना, टोकरी की योजना।
- त्याग: चंदन का बलिदान।
Answer: स्वामी-भक्त: राजवंश के उत्तराधिकारी की रक्षा को सर्वोपरि माना। दूरदर्शी: उत्सव के पीछे का षड्यंत्र भाँपकर कीरत की टोकरी में उदयसिंह को बाहर भेजा। त्यागमयी: उदयसिंह के स्थान पर अपने पुत्र चंदन को सुलाकर उसका बलिदान दिया।
Example 3: कीरत बारी की भूमिका · 2 marks · Short answerBoard level
कीरत बारी कौन था और उसकी एकांकी में क्या भूमिका है? (2 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- जूठी पत्तलें उठाने वाला।
- टोकरी में उदयसिंह को बाहर ले गया।
Answer: कीरत बारी महल की जूठी पत्तलें उठाने वाला सेवक था; उसने अपनी पत्तलों की टोकरी में उदयसिंह को छिपाकर महल से बाहर सुरक्षित पहुँचाया।
Example 4: माँ का अंतर्द्वंद्व · 3 marks · Short answerHOTS / competency
बनवीर के पूछने पर चंदन की ओर संकेत करते समय पन्ना के मन में कैसा द्वंद्व रहा होगा? (3 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- ममता: अपने पुत्र को बचाने की स्वाभाविक इच्छा।
- कर्तव्य: उदयसिंह और राजवंश की रक्षा।
- निर्णय: कर्तव्य की जीत; असहनीय पीड़ा।
Answer: एक ओर माँ की ममता उसे अपने पुत्र को बचाने को कहती थी, दूसरी ओर धाय का कर्तव्य और देश-प्रेम उदयसिंह की रक्षा माँगता था। उसने हृदय पर पत्थर रखकर कर्तव्य को चुना; उसकी पीड़ा की कल्पना ही रोंगटे खड़े कर देती है।
Example 5: बनवीर का चरित्र · 2 marks · Short answerBoard level
बनवीर के चरित्र की दो विशेषताएँ लिखिए। (2 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- सत्ता-लोलुप।
- क्रूर और षड्यंत्रकारी।
Answer: सत्ता-लोलुप: सिंहासन के लिए वैध उत्तराधिकारी को मारना चाहता है। क्रूर और धूर्त: उत्सव की आड़ में एक सोए बालक का वध कर देता है।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
3 अंक: 'दीपदान' शीर्षक की सार्थकता और संदेश (2025 की अंक-योजना के बिंदु)। (3 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| शाब्दिक अर्थ: दीपों का दान (उत्सव) | 1 |
| प्रतीकात्मक अर्थ: पन्ना ने कुल के दीपक चंदन का दान किया | 1 |
| संदेश: त्याग, बलिदान, स्वामी-भक्ति, देश-भक्ति | 1 |
Where students lose marks in दीपदान
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: गलत राजवंश या अधूरा खतरा
2025 में परीक्षकों ने गलत राजवंश और बनवीर से खतरे का अधूरा वर्णन बताया।
Do this: महाराणा सांगा का राजवंश, चित्तौड़; उत्तराधिकारी उदयसिंह (14 वर्ष); बनवीर हत्या करना चाहता था।
Usually costs: पहले भाग के अंक।
Mistake: पन्ना के त्याग का कारण अधूरा
स्वामी-भक्ति और राजवंश की रक्षा का कारण छूट जाता है।
Do this: कारण + उपाय + परिणाम लिखें।
Usually costs: 2-3 अंक वाले भाग में।
Mistake: शीर्षक का केवल शाब्दिक अर्थ
छात्र 'दीपों का दान' लिखकर रुक जाते हैं।
Do this: प्रतीकात्मक अर्थ (कुल-दीपक चंदन का दान) और संदेश जोड़ें।
Usually costs: अंतिम भाग के अंक।
Mistake: पात्रों के नाम में भ्रम
चंदन, उदयसिंह, कीरत के नाम या भूमिकाएँ उलट जाती हैं।
Do this: पात्र-युक्ति से याद करें।
Usually costs: संबंधित भाग के अंक।
Practice questions on दीपदान
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 2 marks · Short answerBoard level
उदयसिंह कौन था और बनवीर उसे क्यों मारना चाहता था?
Hint
उत्तराधिकारी।
Answer
उदयसिंह चित्तौड़ (महाराणा सांगा के राजवंश) का चौदह वर्षीय उत्तराधिकारी था; बनवीर सिंहासन हड़पना चाहता था और उदयसिंह उसके मार्ग की बाधा था।
Q2 · 2 marks · Short answerHarder board level
पन्ना ने उदयसिंह के पलंग पर किसे और क्यों सुलाया?
Hint
अपना पुत्र।
Answer
अपने पुत्र चंदन को, ताकि बनवीर उसे उदयसिंह समझकर मारे और असली उदयसिंह बच जाए।
Q3 · 3 marks · Short answerHarder board level
'कुल का दीपक' मुहावरे का अर्थ लिखकर एकांकी के प्रसंग में समझाइए।
Hint
पुत्र।
Answer
कुल का दीपक = वंश का नाम चलाने वाला पुत्र। पन्ना ने अपने कुल के दीपक चंदन का बलिदान दिया, इसलिए उसका त्याग 'दीपदान' कहलाया।
Q4 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
क्या पन्ना का निर्णय उचित था? अपने विचार कारण सहित लिखिए।
Hint
राजवंश और देश का भविष्य बनाम माँ का अधिकार।
Answer
तर्कसंगत मत: उदाहरण के लिए, उचित, क्योंकि उदयसिंह की रक्षा पूरे मेवाड़ का भविष्य थी और पन्ना का कर्तव्य थी; या अत्यंत कठोर, क्योंकि एक निर्दोष बालक का जीवन गया; पर इतिहास इसे सर्वोच्च त्याग मानता है।
Q5 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
एकांकी में उत्सव और षड्यंत्र का विरोधाभास कैसे प्रभाव उत्पन्न करता है?
Hint
बाहर उल्लास, भीतर मृत्यु।
Answer
बाहर दीपों, गीतों और नृत्य का उल्लास है, जबकि भीतर एक माँ का पुत्र मारा जा रहा है। यह विरोधाभास करुणा और तनाव को चरम पर पहुँचाता है।
Q6 · 2 marks · Short answerBoard level
'दीपदान' के लेखक कौन हैं? उनकी किस विधा में विशेष ख्याति है?
Hint
एकांकी।
Answer
डॉ. रामकुमार वर्मा; वे हिंदी एकांकी के प्रमुख लेखक माने जाते हैं।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.'दीपदान' के लेखक कौन हैं?Show answer
डॉ. रामकुमार वर्मा।
2.उदयसिंह की आयु कितनी थी?Show answer
चौदह वर्ष।
3.पन्ना के पुत्र का नाम?Show answer
चंदन।
4.उदयसिंह को महल से बाहर किसने पहुँचाया?Show answer
कीरत बारी ने, पत्तलों की टोकरी में।
5.चंदन का वध किसने किया?Show answer
बनवीर ने।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप घटनाएँ क्रम से लिख सकते हैं: षड्यंत्र, टोकरी, चंदन, वध?
- क्या आप पन्ना के चरित्र की तीन विशेषताएँ उदाहरण सहित दे सकते हैं?
- क्या आप शीर्षक की सार्थकता दोनों अर्थों में समझा सकते हैं?
- क्या आप बनवीर और कीरत की भूमिका बता सकते हैं?
दीपदान: frequently asked questions
'दीपदान' एकांकी का मुख्य संदेश क्या है?
त्याग, बलिदान, स्वामी-भक्ति और देश-प्रेम: कर्तव्य के लिए व्यक्तिगत सुख, यहाँ तक कि अपनी संतान का भी, बलिदान।
एकांकी का नाम 'दीपदान' क्यों है?
उस रात दीपदान उत्सव था, और पन्ना ने अपने कुल के दीपक, पुत्र चंदन, का बलिदान देकर सच्चा 'दीपदान' किया।
पन्ना धाय ने उदयसिंह को कैसे बचाया?
उसे कीरत बारी की पत्तलों की टोकरी में महल से बाहर भिजवाकर, और उसके पलंग पर अपने पुत्र चंदन को सुलाकर।
Based on: CISCE ICSE 2027 Second Languages syllabus (Hindi); CISCE ICSE 2027 Appendix I: List of Prescribed Books (Hindi); CISCE circular CISCE/CIRCULAR/2026-27/33: Bifurcation of the Prescribed Texts for Selected Indian Languages; CISCE Analysis of Pupil Performance 2025: Hindi (examiners' comments)