चलना हमारा काम है (शिवमंगल सिंह 'सुमन'): जीवन-दृष्टि, अंशों का भाव और संदेश
Updated 17 October 2026 · Fact-checked
'चलना हमारा काम है' में कवि स्वयं को राही मानता है और कहता है कि बाधाएँ, आशा-निराशा और साथियों का छूटना जीवन के अंग हैं, इसलिए भाग्य को दोष देने के बजाय निरंतर कर्म करते रहना चाहिए। टेक 'चलना हमारा काम है' पूरी कविता का मूल मंत्र है।
The poet is a traveller who keeps walking past obstacles, ups and downs and lost companions to reach the goal, because walking is his work.
Illustration drawn for QuestionBuddy.
Understand कवि की जीवन-दृष्टि और काव्य-संदेश (चलना हमारा काम है)
कविता का परिचय। 'चलना हमारा काम है' प्रगतिवादी कवि शिवमंगल सिंह 'सुमन' की प्रेरक कविता है, जो साहित्य सागर (पद्य भाग) में निर्धारित है। खंड ख में पद्यांश पर चार प्रश्न (2, 2, 3, 3 अंक) आ सकते हैं: भाव, कवि की जीवन-दृष्टि, बाधाओं और साथियों के प्रति दृष्टिकोण और संदेश।
पाँच अंश, पाँच भाव।
1. *गति और लक्ष्य:* पैरों में प्रबल गति है और रास्ता लंबा है, इसलिए द्वार-द्वार खड़े रहने का क्या लाभ; मंज़िल मिलने तक विश्राम नहीं।
2. *साथी और परिचय:* साथी मिलने पर बातचीत से मन का बोझ बँटता है; कवि का परिचय है कि वह राही है और चलना उसका काम।
3. *आशा-निराशा:* जीवन अधूरा है, कभी कुछ मिलता है कभी खो जाता है; मनुष्य कभी हँसता है कभी रोता है; कवि चाहता है कि उसकी गति और बुद्धि रुके नहीं।
4. *दुख सबके हिस्से में:* संघर्ष और सुख-दुख सबको झेलने पड़ते हैं, इसलिए भाग्य को दोष देना व्यर्थ है।
5. *साथ छूटना:* कुछ लोग साथ चलते हैं, कुछ बीच में लौट जाते हैं; पर जीवन की गति नहीं रुकती, और सफलता निरंतर चलने वाले की होती है।
कवि की जीवन-दृष्टि। वह भाग्यवादी नहीं, कर्मवादी है; आशावादी है; बाधाओं से घबराता नहीं; साथियों का महत्व मानता है, पर उनके छूटने पर रुकता नहीं।
काव्य-सौंदर्य।
- *टेक:* हर अंश के अंत में 'चलना हमारा काम है' संदेश को दृढ़ और गीतात्मक बनाती है।
- *रूपक:* जीवन = रास्ता, कवि = राही।
- *विरोधी युग्म:* आशा-निराशा, हँसना-रोना, पाना-खोना, सुख-दुख।
- *पुनरुक्ति:* 'दर-दर'।
संदेश। निरंतर कर्म, आशा और साहस; विद्यार्थी के लिए: असफलता से रुके बिना प्रयास करते रहना।
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
चलना हमारा काम है।
कवि: हर अंश की टेक।
कविता का मूल संदेश: निरंतर कर्म।
कवि की जीवन-दृष्टि और काव्य-संदेश (चलना हमारा काम है): key facts
- पाँच अंश
- गति और लक्ष्य
- साथी और परिचय
- आशा-निराशा
- दुख सबके हिस्से में
- साथ छूटना
- भावार्थ के प्रश्न में अंश पहचानकर लिखिए।
- जीवन-दृष्टि
- कर्मवादी
- आशावादी
- साहसी
- भाग्य को दोष न देने वाला
- कवि के दृष्टिकोण के प्रश्न का उत्तर।
- काव्य-सौंदर्य
- टेक
- रूपक
- विरोधी शब्द-युग्म
- पुनरुक्ति
- हर एक का उदाहरण दीजिए।
How to answer कवि की जीवन-दृष्टि और काव्य-संदेश (चलना हमारा काम है) questions
भाव या दृष्टिकोण के प्रश्न का उत्तर इस प्रकार लिखिए।
- 1पंक्तियाँ किस अंश की हैं, पहचानिए।
- 2कठिन शब्द का अर्थ लिखिए।
- 3भाव अपने शब्दों में एक या दो वाक्यों में लिखिए।
- 4उसे कवि की जीवन-दृष्टि से जोड़िए।
- 5टेक या संदेश पर उत्तर समाप्त कीजिए।
कवि की जीवन-दृष्टि और काव्य-संदेश (चलना हमारा काम है) in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
रुक जाना बनाम चलते रहना
मान लीजिए एक विद्यार्थी का पहली इकाई-परीक्षा में प्रदर्शन खराब रहा और उसके दो साथी निराश होकर पढ़ना छोड़ देते हैं, पर वह हर सप्ताह गलतियाँ सुधारकर आगे अभ्यास करता रहता है।
यह स्थिति कविता के किस अंश और संदेश से मेल खाती है?
Try it first, then show the solutionSolution
- साथियों का छूटना पाँचवें अंश से मेल खाता है।
- विद्यार्थी का निरंतर अभ्यास टेक का पालन है।
- भाग्य को दोष देने के बजाय कर्म किया गया।
Answer: यह पाँचवें अंश से मेल खाता है, जहाँ साथी बीच में लौट जाते हैं पर राही चलता रहता है; संदेश है कि सफलता उसे मिलती है जो हर हाल में चलता रहता है।
Memory hook: साथी छूटें, कदम न छूटें।
Tricks to remember कवि की जीवन-दृष्टि और काव्य-संदेश (चलना हमारा काम है)
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
ग-सा-आ-दु-सा
गति, साथी, आशा, दुख, साथ-छूटना।
Use it when: पाँचों अंशों का क्रम।
क-आ-सा
कर्म, आशा, साहस।
Use it when: कविता का संदेश।
कवि की जीवन-दृष्टि और काव्य-संदेश (चलना हमारा काम है): solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: टेक का अर्थ · 1 mark · MCQBoard level
कविता की टेक 'चलना हमारा काम है' का मुख्य भाव क्या है?
(क) घूमना अच्छा है (ख) निरंतर कर्म करते रहना (ग) यात्रा का आनंद (घ) भाग्य पर भरोसा
Try it first, then show the solutionSolution
- यहाँ 'चलना' जीवन-पथ पर कर्म का प्रतीक है (0.5)।
- भाग्य पर भरोसा कवि को स्वीकार नहीं (0.5)।
Answer: (ख) निरंतर कर्म करते रहना।
Example 2: कवि का परिचय (2 अंक) · 2 marks · Short answerBoard level
कवि राह में अपना परिचय क्या देता है? इससे उसके स्वभाव का क्या पता चलता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- कवि स्वयं को राही बताता है (1)।
- कर्मठ स्वभाव (1)।
Answer: कवि कहता है कि वह एक राही है और चलना उसका काम है। इससे पता चलता है कि वह कर्मठ है और लक्ष्य पाने तक रुकना नहीं चाहता।
Example 3: साथी का महत्व (3 अंक) · 3 marks · Short answerHarder board level
यात्रा में साथी मिलने से क्या लाभ होता है? और जब साथ छूट जाता है तो कवि क्या करता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- साथी से मन का बोझ बँटता है (1)।
- रास्ता आसानी से कटता है (1)।
- साथ छूटने पर भी चलते रहना (1)।
Answer: साथी के मिलने से बातचीत में मन का बोझ बँट जाता है और रास्ता आसानी से कट जाता है। परंतु जब कुछ लोग बीच में ही लौट जाते हैं, तब भी कवि रुकता नहीं; वह मानता है कि जीवन की गति नहीं रुकती और उसे आगे बढ़ते रहना है।
Example 4: भाग्य और कर्म (5 अंक) · 5 marks · Long answerHarder board level
कवि मानता है कि भाग्य को दोष देना व्यर्थ है; इस भाव के आधार पर कवि का जीवन के प्रति दृष्टिकोण स्पष्ट कीजिए। (लगभग 100 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- सुख-दुख सबके हिस्से में (2)।
- भाग्य को दोष देना व्यर्थ (1)।
- कर्मवादी दृष्टि (2)।
Answer: कवि का मानना है कि इस संसार में हर किसी को संघर्ष, सुख और दुख झेलने पड़ते हैं, इसलिए केवल अपने ऊपर संकट मानकर भाग्य को दोष देना व्यर्थ है। हर कदम पर बाधा आती है, पर निराश होने के बजाय कवि इसे जीवन का स्वभाव मानता है। इस प्रकार वह भाग्यवादी नहीं, कर्मवादी है। उसकी दृष्टि आशावादी है, क्योंकि वह जानता है कि जो हर हाल में चलता रहता है, सफलता उसी की होती है। यही दृष्टिकोण कविता का मूल संदेश है।
Example 5: विद्यार्थी जीवन से जोड़िए (5 अंक) · 5 marks · Long answerHOTS / competency
आप कविता की किन पंक्तियों या अंशों को अपने विद्यार्थी जीवन के लिए सबसे उपयोगी मानते हैं? दो कारण देकर अपना मत लिखिए। (लगभग 100 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- अंश का चयन (1)।
- दो कारण (2)।
- संदेश से संबंध (2)।
Answer: मुझे वह अंश सबसे उपयोगी लगता है जिसमें कवि कहता है कि जीवन में आशा-निराशा और हार-जीत आती रहती है और कुछ साथी बीच में लौट जाते हैं, पर राही चलता रहता है। पहला कारण यह है कि परीक्षा और अभ्यास में कभी निराशा मिलती है, तब यह अंश रुकने के बजाय प्रयास जारी रखना सिखाता है। दूसरा कारण यह है कि यह भाग्य को दोष देने से रोकता है और कर्म पर ध्यान दिलाता है। इस प्रकार टेक 'चलना हमारा काम है' विद्यार्थी के लिए प्रेरक मंत्र बन जाती है।
Where students lose marks in कवि की जीवन-दृष्टि और काव्य-संदेश (चलना हमारा काम है)
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: केवल कविता का सार लिख देना
भावार्थ के प्रश्न में दी गई पंक्तियों का ही भाव चाहिए।
Wrong working
कवि चलने की बात करता है।
Right working
दी गई पंक्तियों में कवि कहता है कि साथ छूटने पर भी राही नहीं रुकता।
Do this: पहले अंश पहचानिए, फिर उसी का भाव लिखिए।
Usually costs: 1 से 2 अंक
Mistake: कवि को भाग्यवादी बताना
कविता भाग्य को दोष देना व्यर्थ बताती है।
Wrong working
कवि भाग्य पर भरोसा करता है।
Right working
कवि कर्मवादी है और भाग्य को दोष देना व्यर्थ मानता है।
Do this: चौथे अंश की बात याद रखिए।
Usually costs: 2 अंक
Mistake: टेक का महत्व न बताना
काव्य-सौंदर्य के प्रश्न में टेक सबसे प्रमुख बिंदु है।
Wrong working
कविता सरल भाषा में है।
Right working
हर अंश की टेक संदेश को दृढ़ और कविता को गीतात्मक बनाती है।
Do this: उदाहरण में टेक की पंक्ति लिखिए।
Usually costs: 1 अंक
Exam tips
- पहले यह पहचानिए कि दी गई पंक्तियाँ किस अंश की हैं।
- कवि की जीवन-दृष्टि के प्रश्न में 'कर्मवादी' और 'आशावादी' शब्द लिखिए।
- अलंकार या शैली में टेक का उदाहरण अवश्य दीजिए।
- संदेश को अपने विद्यार्थी जीवन से जोड़ने पर उत्तर अधिक प्रभावशाली बनता है।
Practice questions on कवि की जीवन-दृष्टि और काव्य-संदेश (चलना हमारा काम है)
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
कविता का रचनाकार किस काव्य-शैली का कवि माना गया है?
(क) रीतिकालीन (ख) प्रगतिवादी (ग) भक्तिकालीन (घ) आदिकालीनHint
अध्याय-परिचय में कवि को क्या कहा गया है?
Answer
(ख) प्रगतिवादी; शिवमंगल सिंह 'सुमन' को प्रगतिवादी कवि कहा गया है।
Q2 · 2 marks · Short answerBoard level
कवि द्वार-द्वार खड़े रहने की जगह क्या करना चाहता है और क्यों? (2 अंक)
Hint
पैरों में गति, सामने रास्ता।
Answer
कवि के पैरों में प्रबल गति है और सामने लंबा रास्ता है, इसलिए वह द्वार-द्वार रुकने के बजाय चलते रहना चाहता है, क्योंकि जब तक मंज़िल न मिले उसे विश्राम नहीं करना है।
Q3 · 3 marks · Short answerHarder board level
जीवन की आशा-निराशा और सुख-दुख के बारे में कवि क्या कहता है और उसका क्या निष्कर्ष है? (3 अंक)
Hint
तीसरा और चौथा अंश।
Answer
कवि कहता है कि जीवन अधूरा है, कभी कुछ मिलता है कभी खो जाता है और मनुष्य कभी हँसता है कभी रोता है। सब को संघर्ष और सुख-दुख झेलने पड़ते हैं। इसलिए कवि निष्कर्ष निकालता है कि भाग्य को दोष देना व्यर्थ है और बाधाओं के बीच भी चलते रहना ही जीवन है।
Q4 · 5 marks · Long answerHarder board level
'चलना हमारा काम है' की आवृत्ति कविता को किस प्रकार प्रभावशाली बनाती है? तीन बिंदु लिखिए। (लगभग 100 शब्द)
Hint
संदेश, लय, एकता।
Answer
हर अंश के अंत में दोहराई गई टेक पहले तो मूल संदेश को बार-बार पाठक के मन में बैठा देती है। दूसरे, यह कविता को गीतात्मक लय देती है, जिससे वह याद रखने में सरल हो जाती है। तीसरे, पाँचों अंश अलग-अलग भाव कहते हैं, पर टेक उन्हें एक सूत्र में बाँध देती है। सुख हो या दुख, साथी हो या अकेलापन, हर स्थिति का निष्कर्ष एक ही है। इस प्रकार आवृत्ति से संदेश दृढ़ होता है और कविता का प्रभाव बढ़ता है।
Q5 · 5 marks · Long answerHOTS / competency
एक विद्यार्थी कहता है कि कविता साथियों के महत्व को नहीं मानती, क्योंकि कवि साथ छूटने पर भी चलता रहता है। कविता के आधार पर इस कथन की परीक्षा कीजिए। (लगभग 100 शब्द)
Hint
दूसरा और पाँचवाँ अंश साथ पढ़िए।
Answer
यह कथन अधूरा है। दूसरे अंश में कवि स्वीकार करता है कि साथी मिलने से बातचीत में मन का बोझ बँट जाता है और रास्ता आसानी से कट जाता है, अर्थात् वह साथियों का महत्व मानता है। पाँचवें अंश में वह केवल यह कहता है कि जब साथ छूट जाए, तब भी रुकना नहीं चाहिए। इसलिए कविता साथ का महत्व नकारती नहीं, बल्कि बताती है कि लक्ष्य किसी एक साथी पर निर्भर नहीं होना चाहिए। कवि की दृष्टि संतुलित है: साथ मिले तो अच्छा, न मिले तो भी चलना है।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.'चलना हमारा काम है' के कवि कौन हैं?Show answer
शिवमंगल सिंह 'सुमन'।
2.कविता किस भाग में निर्धारित है?Show answer
साहित्य सागर के पद्य भाग में।
3.कविता की टेक क्या है?Show answer
'चलना हमारा काम है'।
4.कवि स्वयं को क्या मानता है?Show answer
राही (यात्री)।
5.कवि के अनुसार भाग्य को दोष देना कैसा है?Show answer
व्यर्थ।
6.सफलता किसकी होती है?Show answer
जो हर हाल में चलता रहता है।
कवि की जीवन-दृष्टि और काव्य-संदेश (चलना हमारा काम है): frequently asked questions
कविता का मूल संदेश क्या है?
निरंतर, निडर होकर कर्म करते रहना ही सच्चा जीवन है।
खंड ख में इससे कैसे प्रश्न आते हैं?
पंक्तियों का भाव, कवि का दृष्टिकोण और कविता का संदेश (2, 2, 3, 3 अंक)।
इस कविता में जीवन को किस रूप में दर्शाया गया है?
एक लंबी यात्रा के रूप में, जिसमें कवि राही है और बाधाएँ रोड़े हैं।