CBSE Class 10 Hindi Course A: 2026 board paper, set 3/5/1
The question paper set in the CBSE Class 10 board exam of 2026, as printed: 15 questions for 80 marks, in sections, with each OR choice shown as an alternative. Try each question first, then open our solution.
Every question here has our step-by-step solution, split into the steps that earn marks. Each one was checked by an independent re-solve from the question paper.
Source: official question paper from cbse.gov.in: https://www.cbse.gov.in/cbsenew/question-paper/2026/X/Hindi_Course_A_UPD.zip (a zip; this paper is the file 3-5-1_Hindi (A).pdf). Questions are transcribed from that PDF; figures are described in words, so check the official paper for them.
How the paper is set
| Section | Questions | What it has |
|---|---|---|
| A | 1-2 | अपठित बोध (Unseen passage and poem); 7 marks each; MCQ and very short answer subparts |
| B | 3-6 | व्यावहारिक व्याकरण (Grammar); attempt any four of five in each of Q3-Q6; 4 marks each |
| C | 7-11 | पाठ्य-पुस्तक एवं पूरक पाठ्य-पुस्तक; Q7 and Q9 MCQ; Q8 and Q10 attempt any three of four; Q11 attempt any two of three |
| D | 12-15 | रचनात्मक लेखन (Writing); Q12 choose one of three; Q13, Q14, Q15 internal choice (अथवा) |
Instructions in brief: No overall choice; internal choice (अथवा) in Q13, Q14 and Q15; Section B, C and D have choice of questions as printed in each question.
Section A
अपठित बोध (Unseen passage and poem); 7 marks each; MCQ and very short answer subparts
Q1 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
भारत में कहानियों की सुदृढ़ परंपरा रही है। कहानियाँ आनंद प्रदान करने के साथ-साथ, बच्चों के चिंतन को विस्तार देती हैं, उनमें कल्पनाशीलता जगाती हैं तथा उनके समझ के क्षितिज को विस्तृत करती हैं। पंचतंत्र तथा जातक कथाएँ हज़ारों साल से हमारे समाज में लोकप्रिय रही हैं। पंडित विष्णु शर्मा रचित पंचतंत्र की गिनती दुनिया की श्रेष्ठतम बाल कथाओं में की जाती है। इन कथाओं में नैतिक मूल्य निहित हैं। आज दुनियाभर के शिक्षाशास्त्री तथा बाल-मनोवैज्ञानिक इस बात को स्वीकार करते हैं कि बच्चों के कल्पना जगत में पशु-पक्षियों का अप्रतिम स्थान होता है। वे स्वाभाविक रूप से इनकी ओर आकृष्ट रहते हैं। जानवरों की दुनिया में उनमें रुचि, कौतूहल तथा जिज्ञासा होती है। पंचतंत्र की कहानियों में पशु-पक्षियों में उसी तरह से संवाद होता है जैसे कि मानव समाज में होता है। इन कहानियों के माध्यम से सच्चाई, त्याग, क्षमा, करुणा, स्नेह जैसे मानवीय मूल्यों को संप्रेषित करने की कोशिश की गई है। ये सभी मूल्य मानव समाज के लिए नितांत जरूरी हैं। इन कथाओं के माध्यम से वास्तव में बालमन में जीवन मूल्यों का बीजारोपण होता है।
पंचतंत्र की कहानियाँ पाँच खंडों में विभक्त हैं, जिन्हें तंत्र कहा गया है। पाँच तंत्रों के समावेश के कारण इन्हें पंचतंत्र कहा गया। आज से करीब दो हज़ार साल पहले लिखी गयी पंचतंत्र की कहानियाँ कालजयी हैं। माना जाता है कि यह दुनिया की सर्वाधिक भाषाओं में अनूदित भारतीय साहित्य है। हमारे देश में विद्यालयीन स्तर पर हिन्दी, संस्कृत तथा अंग्रेजी की किताबों में ये कहानियाँ हमेशा से पाठ्यक्रम का हिस्सा रही हैं। दुनिया के अन्य देशों में भी इन कहानियों को उतना ही आदर प्राप्त है, जितना हमारे देश में है।
- (i)1 mark
पंचतंत्र और जातक कथाओं की समाज में लोकप्रियता का आधार है –
- (A)सहज सरल भाषा में जीवन-मूल्य संप्रेषित करना
- (B)पशु-पक्षियों के माध्यम से जीवन-मूल्य संप्रेषित करना
- (C)बच्चों और बड़ों को आनंद प्रदान करना
- (D)बाल मनोविज्ञान का सुंदर चित्रण करना
- (ii)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन करके लिखिए :
कथन : पंचतंत्र की कहानियों को दुनिया के अनेक देशों में आदर प्राप्त हैं।
कारण : पंचतंत्र की कहानियों के माध्यम से सच्चाई, त्याग, क्षमा, करुणा, स्नेह जैसे जीवन-मूल्यों को संप्रेषित करने की कोशिश की गई है।
- (A)कथन गलत है, किंतु कारण सही है।
- (B)कथन और कारण दोनों गलत हैं।
- (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या है।
- (D)कथन सही है, किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
- (iii)1 mark
'बच्चों के मानसिक विकास के लिए कहानियों का महत्त्वपूर्ण स्थान है।' – इस कथन के समर्थन में उचित विकल्प का चयन कीजिए :
(I) बच्चों की चिंतन क्षमता का विकास होता है।
(II) बच्चों का शारीरिक विकास होता है।
(III) बच्चों की कल्पना शक्ति का विकास होता है।
(IV) बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास होता है।- (A)कथन (I) और (II) सही हैं।
- (B)कथन (I), (II) और (III) सही हैं।
- (C)कथन (I), (III) और (IV) सही हैं।
- (D)केवल कथन (IV) सही है।
- (iv)2 marks
पशु-पक्षियों की कहानियाँ बच्चों को क्यों लुभाती हैं?
- (v)2 marks
'आज से करीब दो हज़ार साल पहले लिखी गयी पंचतंत्र की कहानियाँ कालजयी हैं' – पंक्ति का क्या आशय है?
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) सही विकल्प (B): पंचतंत्र और जातक कथाएँ पशु-पक्षियों के पात्रों के माध्यम से जीवन-मूल्य बताती हैं, यही उनकी लोकप्रियता का आधार है।
- 1 mark
(ii) सही विकल्प (C): कथन सही है (अनेक देशों में आदर) और कारण भी सही है। मूल्यों का संप्रेषण ही उनके आदर का कारण है।
- 1 mark
(iii) सही विकल्प (C): कथन (I), (III) और (IV) सही हैं, क्योंकि कहानियाँ चिंतन, कल्पना और नैतिक मूल्यों को विकसित करती हैं। शारीरिक विकास (II) की बात गद्यांश में नहीं है।
- 1 mark
(iv) बच्चों के कल्पना-जगत में पशु-पक्षियों का विशेष स्थान होता है और वे स्वभाव से ही उनकी ओर आकर्षित रहते हैं।
- 1 mark
(iv) जानवरों की दुनिया के प्रति बच्चों में रुचि, कौतूहल और जिज्ञासा होती है। पशु-पक्षियों को मनुष्यों की तरह संवाद करते देखकर उन्हें आनंद मिलता है।
- 1 mark
(v) पंचतंत्र की कहानियाँ दो हज़ार वर्ष पहले लिखी गईं, फिर भी आज उतनी ही प्रासंगिक और लोकप्रिय हैं।
- 1 mark
(v) इनके मानवीय मूल्य शाश्वत हैं और अनेक भाषाओं में अनूदित होकर देश-विदेश में पढ़ी जाती हैं। मानो इन्होंने समय पर विजय पा ली है।
Answer: (i) B; (ii) C; (iii) C; (iv) पशु-पक्षियों के प्रति रुचि, कौतूहल, कल्पना और संवाद का आनंद; (v) कहानियाँ समय बीतने पर भी प्रासंगिक और लोकप्रिय हैं
Where the marks are
- (i) विकल्प B (1 अंक)
- (ii) विकल्प C (1 अंक)
- (iii) विकल्प C (1 अंक)
- (iv) दो उपयुक्त कारण (1+1=2 अंक)
- (v) कालजयी का पर्याप्त विस्तार सहित आशय (2 अंक)
Q2 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)
निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
तुम्हें पता है?
धरती माँ की काया यों तो
कोरा पत्थर है, माटी है।
ऊँचे पर्वत जैसा माथा
गहरे मन जैसी घाटी है
समतल ये मैदान कि जैसे गोद हमारी माता की है
दूध धार-सी नदियाँ हैं।
माणिक मोती जैसे रत्नों की मंजूषा है फैला सागर।
पर क्या तुमने इस काया के बंजर देखे?
भुनती तपती रेत भभकती भट्टी जैसी?
तुमने मुझे जहाँ से काटा,
खोदा और उखाड़ा जड़ से
वंशनाश कर मुझे मिटाया।
अब बोलो, कैसे लगता है?
वहाँ कभी रहने बसने को मन करता है
उस बंजर में – उस मरुस्थल में?
रुको, रुको सोचो, क्षण भर रुको।
मैं अपनी धरती माता का रक्षा-कवच
वृक्ष हूँ भाई! मुझे न काटो
मैं तुम्हारा वृक्षमित्र हूँ।- (i)1 mark
इस कविता का वर्ण्य विषय क्या है?
- (A)देश-प्रेम
- (B)प्रकृति-प्रेम
- (C)मरुस्थल
- (D)धरती माँ
- (ii)1 mark
उपर्युक्त कविता हमें धरती के प्रति कैसी भावना रखने के लिए प्रेरित करती है? इस प्रश्न के उत्तर के लिए उचित विकल्प का चयन कीजिए :
(I) सम्मान की भावना
(II) कृतज्ञता की भावना
(III) रक्षा की भावना
(IV) परोपकार की भावना- (A)कथन (I) और (II) सही हैं।
- (B)कथन (I), (II) और (III) सही हैं।
- (C)कथन (I), (III) और (IV) सही हैं।
- (D)केवल कथन (IV) सही है।
- (iii)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन करके लिखिए :
कथन : रत्नों की मंजूषा है फैला सागर।
कारण : सागर न केवल पानी का विशाल स्रोत है, बल्कि यह भोजन, खनिज, रत्न, ऊर्जा और परिवहन का भी एक महत्त्वपूर्ण स्रोत है।
- (A)कथन गलत है, किंतु कारण सही है।
- (B)कथन और कारण दोनों गलत हैं।
- (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या है।
- (D)कथन सही है, किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
- (iv)2 marks
'धरती माँ की काया यों तो, कोरा पत्थर है, माटी है' – पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
- (v)2 marks
धरती माँ का कवच किसे और क्यों कहा गया है?
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) सही विकल्प (D): पूरी कविता में धरती माँ के स्वरूप और उसकी रक्षा की बात है।
- 1 mark
(ii) सही विकल्प (B): कविता सम्मान, कृतज्ञता और रक्षा की भावना सिखाती है। परोपकार (IV) यहाँ मुख्य भाव नहीं है।
- 1 mark
(iii) सही विकल्प (C): कथन और कारण दोनों सही हैं। सागर में भोजन, खनिज, रत्न आदि होने से वह रत्नों की मंजूषा कहलाता है।
- 1 mark
(iv) धरती केवल मिट्टी और पत्थर से बना भौगोलिक रूप नहीं है, यह तो उसका ऊपरी रूप है।
- 1 mark
(iv) वह पर्वत, घाटी, मैदान, नदियाँ और सागर के रूप में जीवन का आधार और माँ की तरह पालन करने वाली है।
- 1 mark
(v) वृक्ष को धरती माँ का रक्षा-कवच कहा गया है।
- 1 mark
(v) कारण: वृक्ष धरती को बंजर और मरुस्थल बनने से बचाते हैं, जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मदद करते हैं और उसे शीतलता व सुंदरता देते हैं।
Answer: (i) D; (ii) B; (iii) C; (iv) धरती केवल मिट्टी-पत्थर नहीं, जीवन का आधार है; (v) वृक्षों को, क्योंकि वे धरती को बंजर होने से बचाते हैं
Where the marks are
- (i) विकल्प D (1 अंक)
- (ii) विकल्प B (1 अंक)
- (iii) विकल्प C (1 अंक)
- (iv) पंक्ति का पर्याप्त आशय (2 अंक)
- (v) वृक्ष और एक कारण (1+1=2 अंक)
Section B
व्यावहारिक व्याकरण (Grammar); attempt any four of five in each of Q3-Q6; 4 marks each
Q3 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'रचना के आधार पर वाक्य-भेद' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 4 × 1 = 4
- (i)1 mark
जब असफल हो गए, तो शोक करना व्यर्थ है। (सरल वाक्य में बदलिए)
- (ii)1 mark
सूर्योदय होने पर कुहासा जाता रहा। (संयुक्त वाक्य में बदलिए)
- (iii)1 mark
गार्ड ने हरी झंडी दिखाई और ट्रेन चल पड़ी। (मिश्र वाक्य में बदलिए)
- (iv)1 mark
माताजी ने मुझे एक और पुस्तक दी। (वाक्य-भेद लिखिए)
- (v)1 mark
जैसा आपने बताया था, वैसा मैंने किया। (रेखांकित उपवाक्य का भेद लिखिए)
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) असफल होने पर शोक करना व्यर्थ है। (उपवाक्य को 'होने पर' पदबंध में बदला, इसलिए सरल वाक्य।)
- 1 mark
(ii) सूर्योदय हुआ और कुहासा जाता रहा। (दो स्वतंत्र उपवाक्य योजक से जुड़े, इसलिए संयुक्त वाक्य।)
- 1 mark
(iii) जब गार्ड ने हरी झंडी दिखाई, तब ट्रेन चल पड़ी। (मुख्य और आश्रित उपवाक्य, इसलिए मिश्र वाक्य।)
- 1 mark
(iv) सरल वाक्य, क्योंकि इसमें एक ही कर्ता और एक ही मुख्य क्रिया है।
- 1 mark
(v) क्रियाविशेषण आश्रित उपवाक्य, क्योंकि 'जैसा' से शुरू होकर क्रिया 'किया' की रीति बताता है।
Answer: (i) असफल होने पर शोक करना व्यर्थ है। (ii) सूर्योदय हुआ और कुहासा जाता रहा। (iii) जब गार्ड ने हरी झंडी दिखाई, तब ट्रेन चल पड़ी। (iv) सरल वाक्य (v) क्रियाविशेषण आश्रित उपवाक्य
Where the marks are
- किन्हीं चार उपभागों का सही उत्तर (4×1=4 अंक)
Q4 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'वाच्य' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 4 × 1 = 4
- (i)1 mark
क्या यह उपन्यास मन्नू भंडारी ने लिखा है? (कर्मवाच्य में बदलिए)
- (ii)1 mark
आज घूमने चला जाए। (कर्तृवाच्य में बदलिए)
- (iii)1 mark
पहाड़ी रास्ते पर घोड़ा तेज़ न चल सका। (भाववाच्य में बदलिए)
- (iv)1 mark
अवनि ने पुस्तकें खरीदी। (वाच्य पहचानकर भेद लिखिए)
- (v)1 mark
कल आपके द्वारा दावत दी जाएगी। (कर्मवाच्य में बदलिए)
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) क्या यह उपन्यास मन्नू भंडारी द्वारा लिखा गया है? (कर्म 'उपन्यास' के अनुसार क्रिया, 'द्वारा' का प्रयोग।)
- 1 mark
(ii) आज घूमने चलें। (कर्तृवाच्य में कर्ता के अनुसार क्रिया।)
- 1 mark
(iii) पहाड़ी रास्ते पर घोड़े से तेज़ न चला जा सका। (भाववाच्य में 'से' और क्रिया अकर्मक एकवचन पुल्लिंग।)
- 1 mark
(iv) कर्तृवाच्य, क्योंकि क्रिया 'खरीदी' कर्म 'पुस्तकें' के अनुसार है पर कर्ता प्रधान है।
- 1 mark
(v) दिया गया वाक्य स्वयं कर्मवाच्य है; प्रयास करने पर पूरा अंक (मूल वाक्य: कल आप दावत देंगे)।
Answer: (i) क्या यह उपन्यास मन्नू भंडारी द्वारा लिखा गया है? (ii) आज घूमने चलें। (iii) पहाड़ी रास्ते पर घोड़े से तेज़ न चला जा सका। (iv) कर्तृवाच्य (v) वाक्य पहले से कर्मवाच्य है
Where the marks are
- किन्हीं चार उपभागों का सही उत्तर (4×1=4 अंक)
Q5 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'पद-परिचय' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के रेखांकित पदों का पद-परिचय लिखिए : 4 × 1 = 4
- (i)1 mark
वह कक्षा में सो जाता है।
- (ii)1 mark
अध्यापिका हिन्दी पढ़ा रही हैं।
- (iii)1 mark
वाह! तुमने तो कमाल कर दिया।
- (iv)1 mark
हम इस परियोजना पर बाद में चर्चा कर सकते हैं।
- (v)1 mark
इस कबूतर को पिंजरे से निकालो।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) वह: सर्वनाम, अन्य पुरुषवाचक, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ताकारक।
- 1 mark
(ii) पढ़ा रही हैं: क्रिया, सकर्मक, स्त्रीलिंग, एकवचन (आदरार्थ बहुवचन), वर्तमान काल, कर्तृवाच्य।
- 1 mark
(iii) वाह!: अव्यय, विस्मयादिबोधक, हर्षसूचक/आश्चर्यसूचक।
- 1 mark
(iv) बाद में: अव्यय, क्रियाविशेषण, कालवाचक, 'कर सकते हैं' क्रिया की विशेषता बताता है।
- 1 mark
(v) इस: विशेषण, सार्वनामिक/संकेतवाचक, 'कबूतर' विशेष्य, पुल्लिंग, एकवचन।
Answer: (i) सर्वनाम, अन्य पुरुष, पु., एकवचन, कर्ता (ii) सकर्मक क्रिया, स्त्री., वर्तमान (iii) विस्मयादिबोधक अव्यय (iv) कालवाचक क्रियाविशेषण (v) सार्वनामिक विशेषण
Where the marks are
- किन्हीं चार में सही भेद (½) और एक अन्य बिंदु (½) (4×1=4 अंक)
Q6 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'अलंकार' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों की रेखांकित काव्य-पंक्तियों में अलंकार पहचानकर लिखिए : 4 × 1 = 4
- (i)1 mark
मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के।
- (ii)1 mark
देखि रूप लोचन ललचाने। हरषु जनु निज निधि पहिचाने।
- (iii)1 mark
पायो जी मैंने राम-रतन धन पायो।
- (iv)1 mark
तब तो बहता समय शिला-सा जम जाएगा।
- (v)1 mark
पानी परात को हाथ छुओ नहि, नैनन के जल सौं पग धोए।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) मानवीकरण अलंकार, क्योंकि मेघ को बन-ठनकर आए मेहमान जैसा बताया गया है।
- 1 mark
(ii) उत्प्रेक्षा अलंकार, क्योंकि 'जनु' वाचक शब्द से संभावना की गई है।
- 1 mark
(iii) रूपक अलंकार, क्योंकि राम को ही रत्न-धन कहा गया है, भेद नहीं रहा।
- 1 mark
(iv) उपमा अलंकार, क्योंकि 'सा' वाचक से समय और शिला की समानता है।
- 1 mark
(v) अतिशयोक्ति अलंकार, क्योंकि बढ़ा-चढ़ाकर कहा गया है कि आँसुओं से पैर धोए।
Answer: (i) मानवीकरण (ii) उत्प्रेक्षा (iii) रूपक (iv) उपमा (v) अतिशयोक्ति
Where the marks are
- किन्हीं चार में सही अलंकार (4×1=4 अंक)
Section C
पाठ्य-पुस्तक एवं पूरक पाठ्य-पुस्तक; Q7 and Q9 MCQ; Q8 and Q10 attempt any three of four; Q11 attempt any two of three
Q7 · 5 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : 5 × 1 = 5
यों खेलने को हमने भाइयों के साथ गिल्ली-डंडा भी खेला और पतंग उड़ाने, काँच पीसकर माँजा सूतने का काम भी किया, लेकिन उनकी गतिविधियों का दायरा घर के बाहर ही अधिक रहता था और हमारी सीमा थी घर। हाँ, इतना ज़रूर था कि उस ज़माने में घर की दीवारें घर तक ही समाप्त नहीं होती थीं, बल्कि पूरे मोहल्ले तक फैली रहती थीं। इसलिए मोहल्ले के किसी भी घर में जाने पर कोई पाबंदी नहीं थी, बल्कि कुछ घर तो परिवार का हिस्सा ही थे। आज तो मुझे बड़ी शिद्दत के साथ यह महसूस होता है कि अपनी ज़िंदगी खुद जीने के इस आधुनिक दबाव ने महानगरों के फ्लैट में रहने वालों को हमारे इस परंपरागत 'पड़ोस कल्चर' से विच्छिन्न करके हमें कितना संकुचित, असहाय और असुरक्षित बना दिया है।
- (i)1 mark
लेखिका के भाइयों की गतिविधियों का दायरा घर के बाहर था, क्योंकि –
- (A)उनकी गतिविधियाँ घर में संपन्न नहीं हो सकती थीं।
- (B)पतंग और गिल्ली-डंडा का खेल घर से बाहर का था।
- (C)घर से बाहर उनकी गतिविधियों पर कोई नियंत्रण नहीं था।
- (D)पारिवारिक परंपरा के अनुसार लड़कों को बाहर खेलने की स्वतंत्रता थी।
- (ii)1 mark
लेखिका की गतिविधियों की सीमा घर तक ही क्यों थी?
- (A)वे डरपोक स्वभाव के कारण घर की सीमा में ही रहती थीं।
- (B)घर से बाहर के खेल उन्हें पसंद नहीं थे।
- (C)पिताजी को लड़कियों का घर से बाहर निकलना नापसंद था।
- (D)लड़कियों के लिए उस समय घर के बाहर की दुनिया सीमित थी।
- (iii)1 mark
'पड़ोस कल्चर' के न पनपने का कारण है – इस कथन के लिए उचित विकल्प का चयन कीजिए –
(I) अपनी ज़िंदगी खुद जीने का आधुनिक दबाव
(II) फ़्लैटों में रहने की विवशता
(III) स्वार्थी मनोवृत्ति का प्रभुत्व
(IV) बौद्धिकता की प्रबलता- (A)कथन (I) और (II) सही हैं।
- (B)कथन (I), (II) और (III) सही हैं।
- (C)कथन (I), (III) और (IV) सही हैं।
- (D)केवल कथन (IV) सही है।
- (iv)1 mark
परंपरागत 'पड़ोस कल्चर' के विच्छिन्न होने के दुष्परिणाम हैं –
- (A)स्वार्थ भाव प्रबल हो गया है।
- (B)हम संकुचित और असहाय हो गए हैं।
- (C)पारस्परिक प्रेमभाव कमज़ोर पड़ रहा है।
- (D)हम फ़्लैटों में रहने लगे हैं।
- (v)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन करके लिखिए :
कथन : उस ज़माने में घर की दीवारें घर तक ही समाप्त नहीं हो जाती थीं, बल्कि पूरे मोहल्ले तक फैली रहती थीं।
कारण : आपसी प्रेमभाव के कारण पूरे मोहल्ले में पारिवारिक संबंध थे।
- (A)कथन गलत है, किंतु कारण सही है।
- (B)कथन और कारण दोनों गलत हैं।
- (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या है।
- (D)कथन सही है, किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) D: पारिवारिक परंपरा से लड़कों को बाहर खेलने की स्वतंत्रता थी, जबकि लेखिका की सीमा घर थी।
- 1 mark
(ii) D: उस समय लड़कियों के लिए घर के बाहर की दुनिया सीमित थी।
- 1 mark
(iii) A: 'अपनी ज़िंदगी खुद जीने का दबाव' और फ़्लैटों की विवशता पड़ोस कल्चर न पनपने के कारण हैं।
- 1 mark
(iv) B: पड़ोस कल्चर टूटने से हम संकुचित और असहाय हो गए हैं, ऐसा गद्यांश में कहा है।
- 1 mark
(v) C: कथन और कारण दोनों सही हैं; आपसी प्रेम से ही मोहल्ला परिवार जैसा था।
Answer: (i) D; (ii) D; (iii) A; (iv) B; (v) C
Where the marks are
- प्रत्येक सही विकल्प 1 अंक (5×1=5 अंक)
Q8 · 6 marks · Short answerस्वयं प्रकाश – नेताजी का चश्मा
निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए : 3 × 2 = 6
- (i)2 marks
नेताजी की प्रतिमा पर कैसा चश्मा लगा था? प्रतिमा वाले पत्थर का चश्मा न लगा होने के कारणों को पठित पाठ के आधार पर लिखिए।
- (ii)2 marks
'बालगोबिन भगत' पाठ के आधार पर लिखिए कि संगीत के कार्यक्रम में भगत और उनकी मंडली किन-किन वाद्य यंत्रों को बजाया करती थी और उनके वादन-गायन की गति कैसी होती थी?
- (iii)2 marks
'लखनवी अंदाज़' कहानी के पात्र नवाब साहब के व्यवहार पर आप अपने विचार लिखिए।
- (iv)2 marks
'नौबतखाने में इबादत' पाठ में बिस्मिल्ला खाँ की तुलना कस्तूरी मृग से क्यों की गई है?
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) नेताजी की प्रतिमा पर असली चश्मा लगा था। पत्थर का चश्मा इसलिए नहीं था कि मूर्तिकार चश्मा बनाना भूल गया या उसका बजट कम और समय कम था।
- 1 mark
(i) अच्छे मूर्तिकार की जानकारी न होने से जल्दबाज़ी में बना पत्थर का चश्मा टूट गया या निकल गया।
- 1 mark
(ii) भगत और उनकी मंडली खँजड़ी और करताल बजाती थी।
- 1 mark
(ii) गायन-वादन की गति एक निश्चित ताल से स्वर ऊपर उठता जाता था और सबके तन-मन नृत्य करने लगते थे।
- 2 marks
(iii) नवाब साहब दिखावा करने वाले, सामंती और नवाबी अकड़ से भरे थे। उनकी कृत्रिम जीवन-शैली और नज़ाकत-नफ़ासत झूठी शान थी।
- 2 marks
(iv) कस्तूरी मृग अपनी ही नाभि की सुगंध को बाहर ढूँढ़ता फिरता है। बिस्मिल्ला खाँ सुरों के श्रेष्ठ ज्ञाता थे, फिर भी जीवन भर सच्चे सुर की तलाश करते रहे।
Answer: किन्हीं तीन उपभागों के उत्तर ऊपर दिए हैं: (i) असली चश्मा, कारण-बजट/समय/जल्दबाज़ी; (ii) खँजड़ी-करताल, ताल पर ऊँचा होता स्वर; (iii) दिखावटी नवाबी अकड़; (iv) अपने भीतर की सुगंध ढूँढ़ने वाले मृग की तरह सच्चे सुर की खोज
Where the marks are
- किन्हीं तीन उपभागों के उत्तर, प्रत्येक 2 अंक (3×2=6 अंक)
Q9 · 5 marks · Reading comprehensionCompetency-basedजयशंकर प्रसाद – आत्मकथ्य
निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : 5 × 1 = 5
उसकी स्मृति पाथेय बनी है थके पथिक की पंथा की।
सीवन को उधेड़ कर देखोगे क्यों मेरी कंथा की?
छोटे से जीवन की कैसे बड़ी कथाएँ आज कहूँ?
क्या यह अच्छा नहीं कि औरों की सुनता मैं मौन रहूँ?
सुनकर क्या तुम भला करोगे मेरी भोली आत्मकथा?
अभी समय भी नहीं, थकी सोई है मेरी मौन व्यथा।- (i)1 mark
'उसकी स्मृति पाथेय बनी है' पंक्ति में कवि ने किसकी स्मृति को अपना 'पाथेय' बनाया है?
- (A)अपनी आत्मकथा को।
- (B)अपने मित्रों की यादों को।
- (C)अपनी परिवार की यादों को।
- (D)अपनी प्रेयसी की यादों को।
- (ii)1 mark
'कंथा' शब्द का प्रयोग कवि ने किसके लिए किया है?
- (A)कठिनाइयों के लिए
- (B)पत्नी के लिए
- (C)अंतर्मन के लिए
- (D)अपने जीवन के लिए
- (iii)1 mark
कवि अपनी व्यथा को मौन ही रखना चाहता है, क्यों? इस प्रश्न के उत्तर के लिए उचित विकल्प का चयन कीजिए –
(I) व्यथा जागेगी तो पीड़ा पहुँचाएगी।
(II) दुखद अतीत को याद कर और दुखी नहीं होना चाहते।
(III) अपने जीवन में कोई महान उपलब्धि नही प्राप्त की।
(IV) वे दूसरों की आत्मकथा को महत्त्व देना चाहते हैं।- (A)कथन (I) और (II) सही हैं।
- (B)कथन (I), (II) और (III) सही हैं।
- (C)कथन (I), (II) और (IV) सही हैं।
- (D)केवल कथन (IV) सही है।
- (iv)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए :
कथन : कवि ने अपने जीवन को बहुत छोटा कहा है।
कारण : स्वभाव की विनम्रता के कारण वह अपने जीवन को साधारण मानते थे।
- (A)कथन गलत है, किंतु कारण सही है।
- (B)कथन और कारण दोनों गलत हैं।
- (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या है।
- (D)कथन सही है, किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
- (v)1 mark
'छोटे से जीवन की कैसे बड़ी कथाएँ आज कहूँ' – इस पंक्ति से जयशंकर प्रसाद के स्वभाव के बारे में क्या पता चलता है?
- (A)वे बहुत बड़े साहित्यकार नहीं थे।
- (B)वे बहुत सरल थे, उनको अहंकार नहीं था।
- (C)वे बहुत कम उम्र के कवि थे।
- (D)उन्होंने साहित्य जगत में अभी प्रवेश किया था।
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- 1 mark
(i) (D) अपनी प्रेयसी की यादों को — थके पथिक जैसे कवि के जीवन-पथ का सहारा (पाथेय) प्रेयसी की मधुर स्मृतियाँ ही हैं।
- 1 mark
(ii) (C) अंतर्मन के लिए — 'कंथा' (गुदड़ी) की सीवन उधेड़ने का अर्थ है कवि के अंतर्मन की परतें खोलकर उसके निजी रहस्य और पीड़ा जानना।
- 1 mark
(iii) (A) कथन (I) और (II) सही हैं — सोई हुई व्यथा जागने पर पीड़ा देगी और दुखद अतीत याद आएगा; (III) और (IV) व्यथा को मौन रखने के कारण नहीं हैं।
- 1 mark
(iv) (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या है — विनम्र स्वभाव के कारण कवि अपने जीवन को छोटा और साधारण कहता है।
- 1 mark
(v) (B) वे बहुत सरल थे, उनको अहंकार नहीं था — 'छोटे से जीवन' कहना कवि की सरलता और निरभिमानता दर्शाता है।
Answer: (i) D; (ii) C; (iii) A; (iv) C; (v) B
Where the marks are
- (i) D — प्रेयसी की यादें (1 अंक)
- (ii) C — अंतर्मन के लिए (1 अंक)
- (iii) A — कथन (I) और (II) सही (1 अंक)
- (iv) C — कथन और कारण दोनों सही, कारण सही व्याख्या (1 अंक)
- (v) B — सरल, अहंकार-रहित स्वभाव (1 अंक)
- कुल (5 अंक)
Q10 · 6 marks · Short answerसूरदास – पद
निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में दीजिए : 3 × 2 = 6
- (i)2 marks
गोपियाँ उद्धव की बातें सुनकर निराश क्यों हो गईं? 'सूरदास के पद' के आधार पर लिखिए।
- (ii)2 marks
'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' में लक्ष्मण ने वीर योद्धा की क्या विशेषताएँ बतलाई हैं?
- (iii)2 marks
'उत्साह' कविता में कवि ने बादलों से गरजने का आह्वान क्यों किया है? स्पष्ट कीजिए।
- (iv)2 marks
'संगतकार' शब्द का अर्थ स्पष्ट करते हुए उसकी भूमिका पर कविता के संदर्भ में प्रकाश डालिए।
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- 2 marks
(i) गोपियाँ कृष्ण से प्रेम-संदेश की आशा करती थीं, पर उद्धव ने योग-संदेश सुनाया। इससे कृष्ण के आने की आशा धूमिल हुई और विरह-व्यथा बढ़ गई।
- 2 marks
(ii) लक्ष्मण के अनुसार वीर योद्धा रणभूमि में पराक्रम दिखाते हैं, अपनी वीरता का बखान नहीं करते। (पाठ का यह पद अब पाठ्यक्रम में नहीं है; पाठ के आधार पर प्रयास करने पर पूरे अंक।)
- 2 marks
(iii) कवि बादलों को गरजने के लिए कहता है ताकि समाज में परिवर्तन और नवनिर्माण हो, शोषित-पीड़ित जनता का कल्याण हो और गर्मी से मुक्ति मिले।
- 2 marks
(iv) संगतकार का अर्थ है मुख्य गायक के साथ गाने या वाद्य बजाने वाला सहयोगी। उसकी भूमिका है गायन में साथ देना, स्थायी को सँभालना और स्वर बिखरने से पहले सँभाल लेना, जिससे उत्साह बना रहे।
Answer: किन्हीं तीन उपभागों के उत्तर ऊपर दिए हैं: (i) योग-संदेश से निराशा; (ii) वीर पराक्रम दिखाते हैं; (iii) परिवर्तन व जन-कल्याण; (iv) सहयोगी गायक जो स्थायी सँभालता है
Where the marks are
- किन्हीं तीन उपभाग, प्रत्येक दो उपयुक्त बिंदु (3×2=6 अंक)
Q11 · 8 marks · Short answerमाता का अँचल
पूरक पाठ्य-पुस्तक के निर्धारित पाठों पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए : 2 × 4 = 8
- (i)4 marks
'माता का अँचल' नामक पाठ में आपको बच्चों का कौन सा खेल पसंद नहीं आया और क्यों?
- (ii)4 marks
पहाड़ के निवासियों का जीवन परिश्रमपूर्ण एवं कठोर होता है, 'साना-साना हाथ जोड़ि' पाठ के आधार पर उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
- (iii)4 marks
लेखक अज्ञेयजी ने 'हिरोशिमा' कविता किस मानसिक स्थिति में लिखी? 'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ के आधार पर लिखिए।
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- 2 marks
(i) मुझे बच्चों का वह खेल पसंद नहीं आया जिसमें वे चूहों के बिल में पानी भरते हैं। इस खेल में बच्चे उन्हें बिल से बाहर निकालने के बहाने परेशान करते हैं।
- 2 marks
(i) कारण: यह जीवों को हानि पहुँचाना है, बच्चों की मनमानी है और ऐसे खेल से साँप निकलने जैसी दुर्घटना हो सकती है।
- 2 marks
(ii) पहाड़ी स्त्रियाँ पीठ पर बच्चों को बाँधकर सड़कों पर पत्थर तोड़ती हैं, गाएँ चराती हैं और लकड़ियों के भारी गट्ठर ढोती हैं।
- 2 marks
(ii) वे खतरनाक पहाड़ी रास्ते बनाने में जान जोखिम में डालती हैं। बच्चे पढ़ाई के साथ मवेशी चराते, पानी भरते हैं और लंबे दुर्गम रास्तों से पैदल स्कूल जाते हैं।
- 2 marks
(iii) अज्ञेय ने हिरोशिमा में जले पत्थर पर किसी व्यक्ति की लंबी उजली छाया देखी तो प्रत्यक्ष अनुभूति से विवश होकर कविता लिखी।
- 2 marks
(iii) भयावह दृश्यों से वे भीतर से व्याकुल और संवेदनशील हो उठे; उन्होंने उस छाया को मानवीय त्रासदी का साक्षी माना।
Answer: किन्हीं दो उपभागों के उत्तर ऊपर दिए हैं: (i) चूहों के बिल में पानी भरने का खेल अनुचित; (ii) पहाड़ी लोगों का कठोर श्रम; (iii) हिरोशिमा की छाया से उपजी विवशता व व्याकुलता
Where the marks are
- किन्हीं दो उपभाग, प्रत्येक 4 अंक (2×4=8 अंक)
- (i) खेल का वर्णन (2) और कारण (2)
- (ii) दो विस्तृत उदाहरण (2+2)
- (iii) दो बिंदु विस्तार सहित (2+2)
Section D
रचनात्मक लेखन (Writing); Q12 choose one of three; Q13, Q14, Q15 internal choice (अथवा)
Q12 · 6 marks · WritingWriting
निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए : 1 × 6 = 6
- (i)0 marks
साइबर सुरक्षा : जागरूकता ही समाधान
- साइबर सुरक्षा का अर्थ
- वर्तमान में चर्चा का कारण
- जागरूकता का प्रभाव
OR
(ii)0 marksस्वस्थ जीवन-शैली
- स्वस्थ जीवन-शैली की आवश्यकता
- स्वस्थ आदतें जिनका पालन किया जाना चाहिए
- स्वस्थ जीवन-शैली के लाभ
OR
(iii)0 marksएक यादगार पारिवारिक अवकाश
- कैसे मनाया?
- यादगार क्यों है?
- पारिवारिक अवकाश का महत्त्व
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- 1 mark
भूमिका (विषय: साइबर सुरक्षा : जागरूकता ही समाधान): इंटरनेट आज जीवन का अभिन्न अंग है। साइबर सुरक्षा का अर्थ है कंप्यूटर, मोबाइल, नेटवर्क और निजी डेटा को हैकिंग, ठगी तथा चोरी जैसे डिजिटल खतरों से बचाना।
- 1 mark
विषयवस्तु (1): आजकल ऑनलाइन बैंकिंग, खरीदारी और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के कारण फ़िशिंग, ओटीपी-धोखाधड़ी और पहचान-चोरी के मामले बढ़ गए हैं, इसीलिए यह विषय सदा चर्चा में रहता है।
- 1 mark
विषयवस्तु (2): जो व्यक्ति सजग रहता है, वह अनजान लिंक नहीं खोलता, मज़बूत पासवर्ड रखता है और अपना ओटीपी किसी को नहीं बताता। जागरूकता से ठगी की आशंका बहुत घट जाती है।
- 1 mark
विषयवस्तु (3): स्कूलों, परिवारों और संस्थाओं में साइबर शिक्षा, अभियान तथा शिकायत-तंत्र (हेल्पलाइन 1930) की जानकारी देने से समाज सुरक्षित और आत्मविश्वासी बनता है।
- 1 mark
निष्कर्ष: अतः तकनीक का उपयोग सोच-समझकर करना ही सबसे बड़ा बचाव है; सावधानी और जागरूकता से ही हम सुरक्षित डिजिटल भविष्य बना सकते हैं।
- 1 mark
भाषा-शुद्धता: लगभग 120 शब्द, शुद्ध वर्तनी और व्याकरण, प्रवाहपूर्ण भाषा।
Answer: संकेत-बिंदुओं पर आधारित लगभग 120 शब्दों का अनुच्छेद (भूमिका, विषयवस्तु, निष्कर्ष सहित) ऊपर दिया गया है।
Where the marks are
- सार्थक भूमिका (1 अंक)
- संकेत-बिंदुओं पर विषयवस्तु (3 अंक)
- निष्कर्ष (1 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
Answer one of these 2 alternatives.
Q13(a) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आप श्रेया/श्रेयस हैं। विवाह-शादियों में हो रहे अनावश्यक खर्चों की रोकथाम के लिए जागृति फैलाने हेतु किसी दैनिक समाचार-पत्र के संपादक को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए। 1 × 5 = 5
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- 1 mark
प्रारूप: सेवा में, संपादक महोदय, दैनिक जागरण/हिंदुस्तान, नई दिल्ली। दिनांक: 10 मार्च 2026। विषय: विवाह-शादियों में अनावश्यक खर्चों की रोकथाम हेतु। महोदय, ... भवदीय, श्रेया/श्रेयस, पता। (आरंभ और अंत की औपचारिकताएँ)
- 1 mark
विषयवस्तु (1): मैं आपके समाचार-पत्र द्वारा समाज का ध्यान विवाहों में हो रहे दिखावे और फ़िज़ूलख़र्ची की ओर दिलाना चाहता/चाहती हूँ। महँगे सजावट-आयोजन, भव्य दावतें, आतिशबाज़ी और दहेज़ पर लाखों रुपये बहाए जा रहे हैं।
- 1 mark
विषयवस्तु (2): इस दिखावे की होड़ में मध्यम वर्गीय परिवार कर्ज़ में डूब जाते हैं, भोजन की भारी बर्बादी होती है और कन्या के जन्म को बोझ माना जाने लगता है।
- 1 mark
विषयवस्तु (3): सुझाव: सादगीपूर्ण विवाह, सीमित अतिथि, सामूहिक विवाह-आयोजन, भोजन की बचत तथा बचे धन का शिक्षा या दान में उपयोग। आपसे अनुरोध है कि इस विषय पर लेख व जागरूकता अभियान प्रकाशित करें।
- 1 mark
भाषा-शुद्धता: लगभग 100 शब्द, शुद्ध एवं शिष्ट भाषा।
Answer: संपादक को लिखा लगभग 100 शब्दों का औपचारिक पत्र (प्रारूप, तीन विषय-बिंदु, शुद्ध भाषा) ऊपर दिया गया है।
Where the marks are
- उपयुक्त पत्र-प्रारूप व औपचारिकताएँ (1 अंक)
- विषयवस्तु: समस्या, हानियाँ, सुझाव (3 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
OR
Q13(b) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आप श्रेया/श्रेयस हैं। आपने छुट्टियों में देहरादून और उसके आसपास के भ्रमण का आनंद उठाया। इस कार्य में देहरादून में रहने वाले आपके मित्र/सहेली ने आपको पहाड़ी स्थलों को दिखाया और पहाड़ी संस्कृति से भी परिचय कराया। उसे धन्यवाद देते हुए लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए।
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- 1 mark
प्रारूप: पता व दिनांक (12, गांधी रोड, दिल्ली; 10 मार्च 2026), प्रिय मित्र/सहेली (नाम), सस्नेह नमस्कार, अंत में 'तुम्हारा/तुम्हारी मित्र, श्रेया/श्रेयस'।
- 1 mark
विषयवस्तु (1): सबसे पहले मैं तुम्हारा हार्दिक धन्यवाद करता/करती हूँ। तुम्हारे आतिथ्य और स्नेह के कारण देहरादून की मेरी छुट्टियाँ अविस्मरणीय बन गईं।
- 1 mark
विषयवस्तु (2): तुमने सहस्रधारा, मसूरी और रॉबर्स केव जैसे सुंदर पहाड़ी स्थल दिखाए। वहाँ की हरियाली, झरने और ठंडी हवा ने मन मोह लिया।
- 1 mark
विषयवस्तु (3): तुमने पहाड़ी संस्कृति से भी परिचय कराया: लोकगीत, पारंपरिक पहनावा और सादा स्वादिष्ट भोजन। अब तुम भी मेरे यहाँ आओ, मैं भी तुम्हारा स्वागत करूँगा/करूँगी।
- 1 mark
भाषा-शुद्धता: लगभग 100 शब्द, आत्मीय व शुद्ध भाषा।
Answer: मित्र को धन्यवाद-पत्र (लगभग 100 शब्द) ऊपर दिया गया है।
Where the marks are
- अनौपचारिक पत्र-प्रारूप (1 अंक)
- धन्यवाद, स्थलों का वर्णन, संस्कृति-परिचय (3 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
Answer one of these 2 alternatives.
Q14(a) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आप रजनी/राजन हैं। आपने बी.बी.ए. किया है। साथ ही किसी प्रतिष्ठित संस्थान से प्रबंधन में एम.बी.ए. भी किया है। अ.ब.स. कंपनी में प्रबंधक (मैनेजर) का पद रिक्त है। आप उस पद के लिए आवेदन करना चाहते हैं। इसके लिए लगभग 80 शब्दों में अपना एक स्ववृत्त लेख तैयार कीजिए। 1 × 5 = 5
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- 1 mark
प्रारूप: शीर्षक 'स्ववृत्त (बायोडेटा)'; पद: प्रबंधक, अ.ब.स. कंपनी; नाम व फ़ोटो/संपर्क-स्थान; उचित शीर्षकों में क्रमबद्ध प्रस्तुति।
- 1 mark
व्यक्तिगत विवरण: नाम: रजनी/राजन; पिता का नाम: श्री ...; जन्मतिथि: 5 मई 1998; पता: ..., दिल्ली; मोबाइल व ई-मेल; भाषाएँ: हिंदी, अंग्रेज़ी।
- 1 mark
शैक्षिक योग्यता: बी.बी.ए. (प्रथम श्रेणी, ... विश्वविद्यालय); एम.बी.ए. (प्रबंधन, प्रतिष्ठित संस्थान, 2022); दसवीं-बारहवीं सीबीएसई से।
- 1 mark
अन्य जानकारी: कंप्यूटर कौशल, नेतृत्व-क्षमता, टीम-वर्क, रुचियाँ; घोषणा: उपर्युक्त विवरण सत्य है। दिनांक व हस्ताक्षर।
- 1 mark
भाषा-शुद्धता: लगभग 80 शब्द, संक्षिप्त एवं शुद्ध अभिव्यक्ति।
Answer: प्रबंधक पद हेतु लगभग 80 शब्दों का स्ववृत्त ऊपर दिया गया है।
Where the marks are
- स्ववृत्त का उपयुक्त प्रारूप (1 अंक)
- व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षिक योग्यता, अन्य विवरण (3 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
OR
Q14(b) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आप रजनी/राजन हैं। आपने ऑनलाइन कुछ पुस्तकें मँगवाईं थीं, लेकिन पुस्तकें आपके ऑर्डर के अनुरूप नहीं आई हैं। इसकी शिकायत करते हुए प्रबंधक महोदय को लगभग 80 शब्दों में एक ई-मेल लिखिए।
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- 1 mark
प्रारूप: प्रति: manager@bookstore.com; विषय: गलत पुस्तकें प्राप्त होने की शिकायत (ऑर्डर संख्या 4587); संबोधन: आदरणीय प्रबंधक महोदय; अंत में धन्यवाद, नाम व संपर्क।
- 1 mark
विषयवस्तु (1): मैंने 5 मार्च 2026 को ऑनलाइन तीन पुस्तकें मँगवाई थीं (ऑर्डर संख्या 4587)। आज प्राप्त पार्सल में पुस्तकें मेरे ऑर्डर से भिन्न हैं।
- 1 mark
विषयवस्तु (2): मैंने हिंदी साहित्य की पुस्तकें मँगवाई थीं, पर अंग्रेज़ी की अन्य पुस्तकें भेज दी गईं। इससे मेरा समय और धन व्यर्थ हुआ तथा पढ़ाई में बाधा आ रही है।
- 1 mark
विषयवस्तु (3): अनुरोध है कि गलत पुस्तकें वापस लेकर सही पुस्तकें शीघ्र भेजें या पूरी राशि लौटाएँ। पार्सल के चित्र संलग्न हैं।
- 1 mark
भाषा-शुद्धता: लगभग 80 शब्द, विनम्र एवं शुद्ध भाषा।
Answer: प्रबंधक को शिकायती ई-मेल (लगभग 80 शब्द) ऊपर दिया गया है।
Where the marks are
- ई-मेल का उपयुक्त प्रारूप: प्रति, विषय, संबोधन (1 अंक)
- ऑर्डर-विवरण, समस्या, माँग (3 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
Answer one of these 2 alternatives.
Q15(a) · 4 marks · WritingCompetency-basedWriting
स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने और इसके प्रचार के लिए सरकार की ओर से लगभग 40 शब्दों में एक आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए। 1 × 4 = 4
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- 1 mark
रचनात्मकता (1): आकर्षक शीर्षक/नारा: 'स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत — पहल आपसे, बदलाव सबसे!'
- 1 mark
विषयवस्तु (1): स्वच्छता से रोग दूर रहते हैं; घर, गली और विद्यालय साफ़ रखें; कूड़ा केवल कूड़ेदान में डालें; गीले-सूखे कचरे को अलग रखें।
- 1 mark
विषयवस्तु (2): आइए, हर सप्ताह सफ़ाई-अभियान में भाग लें, प्लास्टिक का प्रयोग घटाएँ और पड़ोसियों को भी प्रेरित करें।
- 1 mark
समग्र प्रभाव (1): अंत में संस्था का नाम: 'जनहित में जारी — भारत सरकार', संपर्क/हेल्पलाइन तथा प्रभावी, संक्षिप्त भाषा (लगभग 40 शब्द)।
Answer: सरकार की ओर से स्वच्छता पर लगभग 40 शब्दों का आकर्षक विज्ञापन ऊपर दिया गया है।
Where the marks are
- रचनात्मक शीर्षक/नारा (1 अंक)
- स्वच्छता संबंधी विषयवस्तु (2 अंक)
- समग्र प्रभाव (1 अंक)
OR
Q15(b) · 4 marks · WritingCompetency-basedWriting
आप रजनी/राजेश हैं। आपके मित्र को तीरंदाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ है। आप उसे बधाई देते हुए लगभग 40 शब्दों में एक बधाई एवं शुभकामना संदेश लिखिए।
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- 1 mark
प्रारूप: दिनांक: 10 मार्च 2026; संदेश-शीर्षक: बधाई संदेश; प्रिय मित्र (नाम); अंत में तुम्हारा मित्र, रजनी/राजेश।
- 1 mark
विषयवस्तु (1): तीरंदाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने पर तुम्हें हार्दिक बधाई! यह सफलता तुम्हारे कठोर परिश्रम, एकाग्रता और लगन का फल है।
- 1 mark
विषयवस्तु (2): तुमने हमारे विद्यालय और परिवार का नाम रोशन किया है। भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर भी ऐसी ही सफलता मिले, यही शुभकामना है।
- 1 mark
भाषा-शुद्धता: लगभग 40 शब्द, शुद्ध व आत्मीय भाषा।
Answer: तीरंदाजी में स्वर्ण पदक पर मित्र को लगभग 40 शब्दों का बधाई संदेश ऊपर दिया गया है।
Where the marks are
- संदेश का उपयुक्त प्रारूप (1 अंक)
- बधाई और शुभकामनाओं की विषयवस्तु (2 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
Source: official question paper, cbse.gov.in. Chapter tags and solutions are ours. Spotted a transcription error? Write tosupport@questionbuddy.in.