CBSE Class 10 Hindi Course A 2026: question 1
Set in the CBSE Class 10 board exam of 2026, paper 3/5/1, section A, question 1, for 7 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.
Q1 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
भारत में कहानियों की सुदृढ़ परंपरा रही है। कहानियाँ आनंद प्रदान करने के साथ-साथ, बच्चों के चिंतन को विस्तार देती हैं, उनमें कल्पनाशीलता जगाती हैं तथा उनके समझ के क्षितिज को विस्तृत करती हैं। पंचतंत्र तथा जातक कथाएँ हज़ारों साल से हमारे समाज में लोकप्रिय रही हैं। पंडित विष्णु शर्मा रचित पंचतंत्र की गिनती दुनिया की श्रेष्ठतम बाल कथाओं में की जाती है। इन कथाओं में नैतिक मूल्य निहित हैं। आज दुनियाभर के शिक्षाशास्त्री तथा बाल-मनोवैज्ञानिक इस बात को स्वीकार करते हैं कि बच्चों के कल्पना जगत में पशु-पक्षियों का अप्रतिम स्थान होता है। वे स्वाभाविक रूप से इनकी ओर आकृष्ट रहते हैं। जानवरों की दुनिया में उनमें रुचि, कौतूहल तथा जिज्ञासा होती है। पंचतंत्र की कहानियों में पशु-पक्षियों में उसी तरह से संवाद होता है जैसे कि मानव समाज में होता है। इन कहानियों के माध्यम से सच्चाई, त्याग, क्षमा, करुणा, स्नेह जैसे मानवीय मूल्यों को संप्रेषित करने की कोशिश की गई है। ये सभी मूल्य मानव समाज के लिए नितांत जरूरी हैं। इन कथाओं के माध्यम से वास्तव में बालमन में जीवन मूल्यों का बीजारोपण होता है।
पंचतंत्र की कहानियाँ पाँच खंडों में विभक्त हैं, जिन्हें तंत्र कहा गया है। पाँच तंत्रों के समावेश के कारण इन्हें पंचतंत्र कहा गया। आज से करीब दो हज़ार साल पहले लिखी गयी पंचतंत्र की कहानियाँ कालजयी हैं। माना जाता है कि यह दुनिया की सर्वाधिक भाषाओं में अनूदित भारतीय साहित्य है। हमारे देश में विद्यालयीन स्तर पर हिन्दी, संस्कृत तथा अंग्रेजी की किताबों में ये कहानियाँ हमेशा से पाठ्यक्रम का हिस्सा रही हैं। दुनिया के अन्य देशों में भी इन कहानियों को उतना ही आदर प्राप्त है, जितना हमारे देश में है।
- (i)1 mark
पंचतंत्र और जातक कथाओं की समाज में लोकप्रियता का आधार है –
- (A)सहज सरल भाषा में जीवन-मूल्य संप्रेषित करना
- (B)पशु-पक्षियों के माध्यम से जीवन-मूल्य संप्रेषित करना
- (C)बच्चों और बड़ों को आनंद प्रदान करना
- (D)बाल मनोविज्ञान का सुंदर चित्रण करना
- (ii)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन करके लिखिए :
कथन : पंचतंत्र की कहानियों को दुनिया के अनेक देशों में आदर प्राप्त हैं।
कारण : पंचतंत्र की कहानियों के माध्यम से सच्चाई, त्याग, क्षमा, करुणा, स्नेह जैसे जीवन-मूल्यों को संप्रेषित करने की कोशिश की गई है।
- (A)कथन गलत है, किंतु कारण सही है।
- (B)कथन और कारण दोनों गलत हैं।
- (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या है।
- (D)कथन सही है, किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
- (iii)1 mark
'बच्चों के मानसिक विकास के लिए कहानियों का महत्त्वपूर्ण स्थान है।' – इस कथन के समर्थन में उचित विकल्प का चयन कीजिए :
(I) बच्चों की चिंतन क्षमता का विकास होता है।
(II) बच्चों का शारीरिक विकास होता है।
(III) बच्चों की कल्पना शक्ति का विकास होता है।
(IV) बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास होता है।- (A)कथन (I) और (II) सही हैं।
- (B)कथन (I), (II) और (III) सही हैं।
- (C)कथन (I), (III) और (IV) सही हैं।
- (D)केवल कथन (IV) सही है।
- (iv)2 marks
पशु-पक्षियों की कहानियाँ बच्चों को क्यों लुभाती हैं?
- (v)2 marks
'आज से करीब दो हज़ार साल पहले लिखी गयी पंचतंत्र की कहानियाँ कालजयी हैं' – पंक्ति का क्या आशय है?
Source: official question paper from cbse.gov.in (PDF). See it in the full 2026 board paper, set 3/5/1.
Hints
Open one hint at a time and try again before the next.
Hint 1
गद्यांश में पशु-पक्षियों और बच्चों के संबंध वाली पंक्तियाँ ढूँढ़िए।
Hint 2
कथन और कारण अलग-अलग जाँचिए, फिर देखिए कि कारण कथन को समझाता है या नहीं।
Hint 3
'कालजयी' का अर्थ है जो समय से परे हो, उसी आधार पर आशय सोचिए।
Step-by-step solution
Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.
- 1 mark
(i) सही विकल्प (B): पंचतंत्र और जातक कथाएँ पशु-पक्षियों के पात्रों के माध्यम से जीवन-मूल्य बताती हैं, यही उनकी लोकप्रियता का आधार है।
- 1 mark
(ii) सही विकल्प (C): कथन सही है (अनेक देशों में आदर) और कारण भी सही है। मूल्यों का संप्रेषण ही उनके आदर का कारण है।
- 1 mark
(iii) सही विकल्प (C): कथन (I), (III) और (IV) सही हैं, क्योंकि कहानियाँ चिंतन, कल्पना और नैतिक मूल्यों को विकसित करती हैं। शारीरिक विकास (II) की बात गद्यांश में नहीं है।
- 1 mark
(iv) बच्चों के कल्पना-जगत में पशु-पक्षियों का विशेष स्थान होता है और वे स्वभाव से ही उनकी ओर आकर्षित रहते हैं।
- 1 mark
(iv) जानवरों की दुनिया के प्रति बच्चों में रुचि, कौतूहल और जिज्ञासा होती है। पशु-पक्षियों को मनुष्यों की तरह संवाद करते देखकर उन्हें आनंद मिलता है।
- 1 mark
(v) पंचतंत्र की कहानियाँ दो हज़ार वर्ष पहले लिखी गईं, फिर भी आज उतनी ही प्रासंगिक और लोकप्रिय हैं।
- 1 mark
(v) इनके मानवीय मूल्य शाश्वत हैं और अनेक भाषाओं में अनूदित होकर देश-विदेश में पढ़ी जाती हैं। मानो इन्होंने समय पर विजय पा ली है।
Answer: (i) B; (ii) C; (iii) C; (iv) पशु-पक्षियों के प्रति रुचि, कौतूहल, कल्पना और संवाद का आनंद; (v) कहानियाँ समय बीतने पर भी प्रासंगिक और लोकप्रिय हैं
Where the marks are
- (i) विकल्प B (1 अंक)
- (ii) विकल्प C (1 अंक)
- (iii) विकल्प C (1 अंक)
- (iv) दो उपयुक्त कारण (1+1=2 अंक)
- (v) कालजयी का पर्याप्त विस्तार सहित आशय (2 अंक)
Revise the chapter
- Chapter: Reading (unseen passages)
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