तरुण के स्वप्न: Class 8 हिंदी मल्हार पाठ 10, नेताजी का उद्बोधन और प्रश्न
Updated 15 October 2026 · Fact-checked
'तरुण के स्वप्न' नेताजी सुभाषचंद्र बोस का उद्बोधन है, जो उन्होंने 29 दिसंबर 1929 को मेदिनीपुर ज़िला युवक-सम्मेलन में युवाओं को दिया था। इसमें वे ऐसे स्वाधीन, संपन्न समाज और राष्ट्र का सपना बताते हैं जहाँ जातिभेद न हो, नारी को समान अधिकार मिलें, आर्थिक विषमता न हो और सबको शिक्षा का समान अवसर मिले।
What तरुण के स्वप्न – सुभाषचंद्र बोस is about
तरुण के स्वप्न NCERT की हिंदी पुस्तक मल्हार (कक्षा 8) का दसवाँ पाठ है। यह उद्बोधन (प्रेरक भाषण) है। पाठ की भूमिका के अनुसार नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने यह उद्बोधन मेदिनीपुर ज़िला युवक-सम्मेलन में 29 दिसंबर, 1929 को युवाओं को संबोधित करते हुए दिया था। वे ऐसे स्वाधीन, संपन्न समाज का सपना देखते थे जिसमें व्यक्ति हर दृष्टि से मुक्त हो, नारी मुक्त हो और सबको शिक्षा तथा समान अवसर मिलें; यह सपना वे युवाओं को सौंपना चाहते थे।
लेखक-परिचय के अनुसार सुभाषचंद्र बोस का जन्म उड़ीसा (अब ओड़िशा) के कटक नगर में हुआ; पूरा देश उन्हें 'नेताजी' कहता है। उन्होंने 'आज़ाद हिंद फ़ौज' का नेतृत्व किया, सैनिकों को 'दिल्ली चलो' और 'जय हिंद' का नारा दिया और 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा' जैसा प्रेरक नारा भी। 'द इंडियन स्ट्रगल' उनकी चर्चित पुस्तक है; भारत सरकार के प्रकाशन विभाग ने उनका संपूर्ण लेखन (वाङ्मय) प्रकाशित किया है।
कक्षा 8 की परीक्षा विद्यालय लेता है और CBSE इसका प्रश्न-पत्र ढाँचा नहीं देता, इसलिए यहाँ प्रश्न कक्षा 9-10 जैसे रखे गए हैं: गद्यांश पर बहुविकल्पी प्रश्न और 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न।
Weightage: कक्षा 8 का मूल्यांकन विद्यालय स्वयं करता है; CBSE कक्षा 8 के लिए कोई पाठ्यक्रम या प्रश्न-पत्र का ढाँचा जारी नहीं करता, और विद्यालय NCERT की पुस्तक मल्हार पढ़ाते हैं। इसलिए यहाँ के प्रश्न कक्षा 9-10 हिंदी के प्रश्न-प्रकारों (पठित अंश पर बहुविकल्पी प्रश्न, 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न) के ढाँचे पर बने हैं।Source: CBSE पाठ्यक्रम दस्तावेज़ 2026-27 (कक्षा 9-12) और NCERT मल्हार, कक्षा 8 (Reprint 2026-27)
तरुण के स्वप्न – सुभाषचंद्र बोस: summary
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
स्वप्न की विरासत। नेताजी कहते हैं कि सपने तो अनेक लोगों ने देखे। उनके नेता देशबंधु चित्तरंजन दास ने भी एक सपना देखा था, जो उनकी शक्ति का स्रोत और आनंद का झरना बना। आज हम उसी सपने के उत्तराधिकारी हैं, यानी उसे पूरा करने की ज़िम्मेदारी हमारी है। इसी सपने की प्रेरणा से हम उठते-बैठते, चलते-फिरते, लिखते, भाषण देते और काम करते हैं।
कैसा समाज? नेताजी एक नया, सर्वांगीण (हर तरह से पूरा), स्वाधीन और संपन्न समाज चाहते हैं और उस पर एक स्वाधीन राष्ट्र। उस समाज में:
- व्यक्ति हर दृष्टि से मुक्त हो और समाज के दबाव से न घुटे;
- जातिभेद का कोई स्थान न हो;
- नारी मुक्त होकर पुरुषों की तरह समान अधिकार पाए और समाज-राष्ट्र की सेवा में बराबर हिस्सा ले;
- अर्थ (धन) की विषमता न हो;
- हर व्यक्ति को शिक्षा और उन्नति का समान अवसर मिले;
- श्रम और कर्म का पूरा सम्मान हो और आलसी, अकर्मण्य लोगों के लिए कोई जगह न हो।
कैसा राष्ट्र? ऐसा राष्ट्र हर तरह के विजातीय (विदेशी) प्रभाव से मुक्त रहेगा और हमारे स्वदेशी समाज के यंत्र की तरह काम करेगा। वह भारतवासियों का अभाव मिटाएगा और पूरी दुनिया के सामने आदर्श समाज और आदर्श राष्ट्र के रूप में गिना जाएगा।
त्याग और उपहार। नेताजी कहते हैं कि यह सपना उनके लिए नित्य और अखंड सत्य है; इसके लिए सब कुछ किया जा सकता है, हर त्याग और हर संकट सहा जा सकता है, और इसके लिए प्राण देना भी 'स्वर्ग समान' है। अंत में वे कहते हैं, 'हे मेरे तरुण भाइयो!' मेरे पास देने को कुछ नहीं, बस यही सपना है जो असीम शक्ति और अपार आनंद देता है; यही सपना मैं तुम्हें उपहार में देता हूँ, इसे स्वीकार करो।
संदेश: युवा ही देश के भविष्य के सपनों के उत्तराधिकारी हैं; समानता, शिक्षा, श्रम और स्वाधीनता पर टिका आदर्श भारत बनाना उनका दायित्व है।
Themes and message
युवाओं को सपनों की विरासत
चित्तरंजन दास का सपना नेताजी तक आया और नेताजी उसे युवाओं को सौंपते हैं; सपना पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलने वाली ज़िम्मेदारी है।
From the text: 'उनके स्वप्न के उत्तराधिकारी आज हम हैं।'
समानता: जाति, लिंग और धन
आदर्श समाज में जातिभेद नहीं, नारी को पुरुष जैसे अधिकार और आर्थिक विषमता नहीं होगी।
From the text: 'उस समाज में अर्थ की विषमता न हो,'
शिक्षा और अवसर
हर व्यक्ति को शिक्षा और उन्नति का समान सुअवसर मिलना आदर्श समाज की नींव है।
From the text: 'उस समाज में प्रत्येक व्यक्ति शिक्षा और उन्नति का समान सुअवसर पाए।'
श्रम की मर्यादा
मेहनत और कर्म का पूरा सम्मान होगा; आलसी और अकर्मण्य लोगों के लिए स्थान नहीं।
From the text: श्रम और कर्म की पूरी मर्यादा वाला अंश।
स्वाधीनता और आत्मनिर्भरता
राष्ट्र विदेशी प्रभाव से मुक्त होकर अपने स्वदेशी समाज के लिए काम करेगा और दुनिया के लिए आदर्श बनेगा।
From the text: विश्व-मानव के समक्ष आदर्श-समाज और आदर्श-राष्ट्र का अंश।
त्याग और बलिदान
सपने को सच करने के लिए हर त्याग और संकट स्वीकार है; प्राण देना भी स्वर्ग के समान है।
From the text: 'वह मरण है स्वर्ग समान'
Characters
नेताजी सुभाषचंद्र बोस (वक्ता)
उद्बोधन देने वाले स्वतंत्रता-सेनानी, जो युवाओं को अपना सपना सौंपते हैं।
- दूरदर्शी: केवल आज़ादी नहीं, बराबरी वाले समाज का सपना
- प्रेरक वक्ता: 'हे मेरे तरुण भाइयो!'
- त्यागी: सपने के लिए प्राण देने को तैयार
- विनम्र: 'तुम्हें देने लायक मेरे पास कुछ भी नहीं'
'यह स्वप्न मैं तुम्हें उपहारस्वरूप देता हूँ— स्वीकार करो।'
देशबंधु चित्तरंजन दास
नेताजी के नेता, जिनके सपने के उत्तराधिकारी वे खुद को मानते हैं।
- सपना जिनकी शक्ति का उत्स (स्रोत) और आनंद का निर्झर बना
'हमारे नेता स्वर्गीय देशबंधु चित्तरंजन दास ने भी एक स्वप्न देखा था।'
तरुण (युवा श्रोता)
मेदिनीपुर ज़िला युवक-सम्मेलन के युवा; आज के सभी युवा।
- सपने के नए उत्तराधिकारी
- जिनसे कर्म, त्याग और नेतृत्व की आशा है
'हे मेरे तरुण भाइयो!'
How it is written
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| संबोधन-शैली | 'हे मेरे तरुण भाइयो!' | श्रोताओं से सीधा, आत्मीय संबंध; भाषण में जोश। |
| आवृत्ति (एक शब्द-समूह का दोहराव) | 'उस समाज में ... उस समाज में ... उस समाज में' | सपने की हर विशेषता पर ज़ोर; भाषण की लय। |
| रूपक | 'शक्ति का उत्स', 'आनंद का निर्झर' | सपने को शक्ति का स्रोत और आनंद का झरना बताकर उसकी ताकत दिखाता है। |
| प्रश्न और उत्तर | 'वह स्वप्न या आदर्श क्या है? हम चाहते हैं...' | श्रोता का ध्यान खींचता है; बात क्रम से खुलती है। |
| तत्सम शब्दावली | सर्वांगीण, विषमता, अकर्मण्य, विजातीय, गण्य, क्षुद्र | भाषण में गंभीरता और गरिमा। |
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
उनके स्वप्न के उत्तराधिकारी आज हम हैं।
सुभाषचंद्र बोस: चित्तरंजन दास के सपने की चर्चा।
सपने को पूरा करने की ज़िम्मेदारी अगली पीढ़ी की।
उस समाज में अर्थ की विषमता न हो,
सुभाषचंद्र बोस: आदर्श समाज की विशेषताएँ।
आर्थिक बराबरी का सपना।
वह मरण है स्वर्ग समान
सुभाषचंद्र बोस: सपने के लिए त्याग की बात।
आदर्श के लिए बलिदान सबसे बड़ा सम्मान।
यह स्वप्न मैं तुम्हें उपहारस्वरूप देता हूँ— स्वीकार करो।
सुभाषचंद्र बोस: उद्बोधन का अंत।
युवाओं को सपना सौंपना।
तरुण के स्वप्न – सुभाषचंद्र बोस in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
समान अवसर
मान लीजिए आपकी कक्षा में खेल-टीम चुनते समय केवल लड़कों को फ़ुटबॉल के लिए बुलाया जाता है।
नेताजी के विचारों के आधार पर आप क्या सुझाव देंगे?
Try it first, then show the solutionSolution
- नारी को समान अधिकार और सेवा में बराबर हिस्सा।
- चयन प्रतिभा से, सबके लिए खुला ट्रायल।
Answer: सुझाव दूँगा कि ट्रायल सबके लिए खुले हों और चयन केवल खेल-कौशल से हो; नेताजी के समाज में लड़कियों को भी बराबर अवसर मिलना ही चाहिए।
Memory hook: अवसर सबका, चयन गुण का।
श्रम की मर्यादा
कल्पना कीजिए कि स्कूल के सफ़ाई-दिवस पर कुछ बच्चे कहते हैं, 'यह हमारा काम नहीं।'
उद्बोधन की कौन-सी बात उन्हें बताएँगे?
Try it first, then show the solutionSolution
- आदर्श समाज में श्रम और कर्म की पूरी मर्यादा।
- कोई काम छोटा नहीं; आलस्य के लिए स्थान नहीं।
Answer: बताऊँगा कि नेताजी के आदर्श समाज में श्रम का पूरा सम्मान है और आलसी के लिए जगह नहीं; अपनी कक्षा साफ़ करना कोई छोटा काम नहीं, देश-सेवा की शुरुआत है।
Memory hook: हर हाथ काम, हर काम सम्मान।
सपनों के उत्तराधिकारी
यदि आपके दादाजी ने गाँव में पुस्तकालय खोलने का सपना देखा था और वह पूरा न हो सका, तो?
'उत्तराधिकारी' होने के नाते आप क्या करेंगे?
Try it first, then show the solutionSolution
- सपना विरासत है; पूरा करने का कर्म हमारा।
- दोस्तों के साथ पुरानी किताबें इकट्ठी करके छोटा पुस्तकालय शुरू करना।
Answer: दोस्तों के साथ पुरानी किताबें इकट्ठी करके गाँव के सामुदायिक भवन में छोटा पुस्तकालय शुरू करूँगा; दादाजी के सपने का उत्तराधिकारी होने का यही अर्थ है।
Memory hook: सपना विरासत, कर्म हमारा।
Topics in this chapter
How the school exam asks तरुण के स्वप्न – सुभाषचंद्र बोस
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| पठित गद्यांश पर बहुविकल्पी प्रश्न (1 अंक प्रत्येक) | आदर्श समाज वाला या अंतिम अंश देकर: 'उत्तराधिकारी', 'विषमता', 'अकर्मण्य' का अर्थ, सपने की विशेषताएँ, वक्ता का भाव, कथन-कारण। | अंश की हर 'उस समाज में...' वाली बात अलग गिनें। |
| लघु उत्तर (2 अंक, 25-30 शब्द) | नेताजी के सपने के समाज की तीन विशेषताएँ; 'उत्तराधिकारी' होने का अर्थ; नारी के बारे में विचार। | पाठ की बात अपने शब्दों में, बिंदुवार। |
| विचारात्मक प्रश्न | नेताजी का कौन-सा सपना आज पूरा हुआ, कौन-सा बाकी; युवा क्या करें; उद्बोधन की विशेषताएँ। | आज के भारत के उदाहरण (शिक्षा का अधिकार, बराबरी) से जोड़ें। |
Tricks to remember तरुण के स्वप्न – सुभाषचंद्र बोस
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
आदर्श समाज के छह स्तंभ: 'मु-जा-ना-अ-शि-श्र'
मुक्त व्यक्ति → जातिभेद नहीं → नारी को समान अधिकार → अर्थ की विषमता नहीं → शिक्षा का समान अवसर → श्रम की मर्यादा।
Use it when: विशेषताओं वाले प्रश्न।
उद्बोधन की तारीख-जगह
मेदिनीपुर ज़िला युवक-सम्मेलन, 29 दिसंबर 1929; प्रेरणा: देशबंधु चित्तरंजन दास।
Use it when: तथ्य वाले प्रश्न।
नेताजी के तीन नारे
'दिल्ली चलो', 'जय हिंद', 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा'; पुस्तक: 'द इंडियन स्ट्रगल'; जन्म: कटक।
Use it when: लेखक-परिचय।
तरुण के स्वप्न – सुभाषचंद्र बोस: extract-based questions
Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.
Extract 1: गद्यांश 1: आदर्श समाज
उस समाज में जातिभेद का स्थान नहीं हो, उस समाज में नारी मुक्त होकर समाज एवं राष्ट्र के पुरुषों की तरह समान अधिकार का उपभोग करे और समाज तथा राष्ट्र की सेवा में समान रूप से हिस्सा ले, उस समाज में अर्थ की विषमता न हो, उस समाज में प्रत्येक व्यक्ति शिक्षा और उन्नति का समान सुअवसर पाए।
(1) · 1 mark · MCQ
नेताजी के सपने के समाज में किसका स्थान नहीं होगा?
(क) शिक्षा का
(ख) जातिभेद का
(ग) सेवा का
(घ) नारी का(2) · 1 mark · MCQ
'अर्थ की विषमता' का आशय है:
(क) शब्दों के अलग अर्थ
(ख) धन की असमानता
(ग) व्यापार
(घ) गणित(3) · 1 mark · MCQ
नारी के बारे में नेताजी का विचार है कि:
(क) वह केवल घर संभाले
(ख) वह मुक्त होकर पुरुषों जैसे समान अधिकार पाए और सेवा में बराबर हिस्सा ले
(ग) वह राजनीति से दूर रहे
(घ) उसे शिक्षा की ज़रूरत नहीं(4) · 1 mark · Assertion-reason
कथन (A): नेताजी हर व्यक्ति के लिए शिक्षा और उन्नति का समान अवसर चाहते थे।
कारण (R): समान अवसर के बिना जाति, लिंग और धन की असमानता दूर नहीं हो सकती।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।(5) · 1 mark · MCQ
इस अंश में बार-बार 'उस समाज में' कहने से क्या प्रभाव पड़ता है?
(क) बात उबाऊ हो जाती है
(ख) सपने की हर विशेषता पर ज़ोर पड़ता है और भाषण में लय आती है
(ग) अर्थ बदल जाता है
(घ) कोई प्रभाव नहीं
Show the answersAnswers
- (ख) जातिभेद का।
- (ख) धन की असमानता।
- (ख) वह मुक्त होकर पुरुषों जैसे समान अधिकार पाए और सेवा में बराबर हिस्सा ले।
- (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
- (ख) सपने की हर विशेषता पर ज़ोर पड़ता है और भाषण में लय आती है।
Extract 2: गद्यांश 2: सपने का उपहार
हे मेरे तरुण भाइयो! तुम्हें देने लायक मेरे पास कुछ भी नहीं है, है सिर्फ यही स्वप्न जो हमें असीम शक्ति और अपार आनंद देता है, जो मेरे क्षुद्र जीवन को भी सार्थक बनाता है। यह स्वप्न मैं तुम्हें उपहारस्वरूप देता हूँ— स्वीकार करो।
(1) · 1 mark · MCQ
नेताजी 'तरुण भाइयो' को क्या उपहार देते हैं?
(क) धन
(ख) अपना स्वप्न
(ग) पुस्तकें
(घ) पदक(2) · 1 mark · MCQ
'क्षुद्र' शब्द का अर्थ है:
(क) महान
(ख) छोटा, साधारण
(ग) क्रोधी
(घ) बहादुर(3) · 1 mark · MCQ
नेताजी अपने जीवन को 'क्षुद्र' क्यों कहते हैं?
(क) वे दुखी थे
(ख) विनम्रता से; सपने के सामने अपने जीवन को छोटा मानते हैं
(ग) वे बीमार थे
(घ) वे गरीब थे(4) · 1 mark · MCQ
नेताजी के अनुसार सपना क्या देता है?
(क) आराम और धन
(ख) असीम शक्ति और अपार आनंद
(ग) पद और सम्मान
(घ) डर और चिंता(5) · 1 mark · MCQ
इस अंश की शैली कैसी है?
(क) वैज्ञानिक लेख
(ख) आत्मीय, प्रेरक संबोधन
(ग) कहानी
(घ) डायरी
Show the answersAnswers
- (ख) अपना स्वप्न।
- (ख) छोटा, साधारण।
- (ख) विनम्रता से; सपने के सामने अपने जीवन को छोटा मानते हैं।
- (ख) असीम शक्ति और अपार आनंद।
- (ख) आत्मीय, प्रेरक संबोधन।
तरुण के स्वप्न – सुभाषचंद्र बोस: exam-level solved questions
Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: चित्तरंजन दास का उल्लेख क्यों · 2 marks · Short answerExam level
नेताजी कहते हैं, 'स्वप्न तो अनेकों ने देखा।' फिर उन्होंने विशेष रूप से देशबंधु चित्तरंजन दास के स्वप्न का उल्लेख क्यों किया? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- चित्तरंजन दास नेताजी के नेता थे; उनका स्वप्न उनकी शक्ति का उत्स बना।
- नेताजी उसी स्वप्न को आगे बढ़ाकर युवाओं को उस परंपरा से जोड़ते हैं।
Answer: चित्तरंजन दास नेताजी के नेता थे और उनका स्वप्न उनकी शक्ति का उत्स बना था। नेताजी उसी स्वप्न को आगे बढ़ाकर युवाओं को इस परंपरा और ज़िम्मेदारी से जोड़ना चाहते थे।
Example 2: स्त्री और गरीब के लिए सपना · 2 marks · Short answerExam level
नेताजी के आदर्श समाज की कौन-सी दो विशेषताएँ स्त्रियों और गरीबों के जीवन को सीधे बदल देंगी? कैसे? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- नारी को पुरुषों जैसे समान अधिकार और सेवा में बराबर हिस्सा।
- अर्थ की विषमता न होना और शिक्षा-उन्नति का समान अवसर।
Answer: नारी को पुरुषों जैसे समान अधिकार मिलने से वह समाज और राष्ट्र की बराबर हिस्सेदार बनेगी; अर्थ की विषमता मिटने और शिक्षा के समान अवसर से गरीब का बच्चा भी आगे बढ़ सकेगा।
Example 3: समाज का दबाव आज · 2 marks · Short answerHarder exam level
नेताजी चाहते हैं कि व्यक्ति 'समाज के दबाव से वह मरे नहीं'। आज किसी विद्यार्थी पर समाज का ऐसा दबाव कैसे दिखता है? एक उदाहरण देकर समझाइए। (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- दबाव: 'लोग क्या कहेंगे' के कारण अपनी रुचि छोड़ना।
- नेताजी ऐसा समाज चाहते थे जहाँ व्यक्ति अपनी राह चुन सके।
Answer: जैसे रिश्तेदारों के कहने पर किसी विद्यार्थी को संगीत या खेल की रुचि छोड़कर केवल 'लोगों' का पसंदीदा विषय चुनना पड़े। नेताजी ऐसे दबाव से मुक्त समाज चाहते थे।
Example 4: विजातीय प्रभाव से मुक्त, फिर भी विश्व का आदर्श · 2 marks · Short answerHarder exam level
नेताजी का राष्ट्र 'विजातीय प्रभाव से' मुक्त रहेगा, फिर भी 'विश्व-मानव के समक्ष' आदर्श बनेगा। क्या ये दोनों बातें एक-दूसरे के विरुद्ध हैं? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- विजातीय प्रभाव से मुक्ति = अपनी ज़रूरतों के अनुसार, बिना विदेशी दबाव के चलना।
- आत्मनिर्भर, न्यायपूर्ण राष्ट्र ही दुनिया के लिए उदाहरण बनता है।
Answer: नहीं। विजातीय प्रभाव से मुक्ति का अर्थ है अपनी ज़रूरतों के अनुसार, बिना विदेशी दबाव के चलना। ऐसा आत्मनिर्भर और न्यायपूर्ण राष्ट्र ही दुनिया के लिए उदाहरण बन सकता है।
Example 5: आज का भारत और नेताजी का सपना · 2 marks · Short answerHOTS / competency
आज के भारत में नेताजी के सपने का कौन-सा हिस्सा काफ़ी हद तक पूरा हुआ है और कौन-सा अभी बाकी है? एक-एक उदाहरण दीजिए। (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- पूरा हुआ: स्वाधीनता; संविधान में समान अधिकार, शिक्षा का अधिकार।
- बाकी: आर्थिक विषमता, कहीं-कहीं भेदभाव।
Answer: देश स्वाधीन है और संविधान सबको समान अधिकार तथा बच्चों को शिक्षा का अधिकार देता है। पर अमीर-गरीब की खाई और कहीं-कहीं जाति या लिंग का भेदभाव अब भी दूर करना बाकी है।
Example 6: सपना ही उपहार क्यों · 2 marks · Short answerHOTS / competency
नेताजी ने युवाओं को धन या वस्तु के बजाय 'स्वप्न' उपहार में क्यों दिया? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- वस्तु खत्म होती है; सपना शक्ति और आनंद देता है।
- सपना कर्म की दिशा देता है; जीवन को सार्थक बनाता है।
Answer: धन या वस्तु खत्म हो जाती है, पर सपना असीम शक्ति और आनंद देता है। वह युवाओं को जीवन-भर कर्म की दिशा देता है और साधारण जीवन को भी सार्थक बना देता है।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
नेताजी के सपनों के समाज की तीन विशेषताएँ (25-30 शब्द, 2 अंक) (2 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| कम-से-कम दो सही विशेषताएँ (जैसे जातिभेद नहीं, नारी को समान अधिकार) | 1 |
| तीसरी विशेषता और स्पष्ट भाषा | 1 |
'मेरे सपनों का भारत' भाषण की रूपरेखा (40-50 शब्द, 3 अंक) (3 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| संबोधन और आरंभ | 1 |
| उद्बोधन से जुड़े तीन सपने | 1 |
| प्रेरक समापन/आह्वान | 1 |
Where students lose marks in तरुण के स्वप्न – सुभाषचंद्र बोस
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: यह लिखना कि नेताजी केवल अंग्रेज़ों से आज़ादी चाहते थे
उद्बोधन में आज़ादी के साथ जाति, लिंग, धन की बराबरी और शिक्षा वाला पूरा नया समाज है।
Do this: 'स्वाधीन राष्ट्र + बराबरी वाला समाज' दोनों लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: 'उत्तराधिकारी' का अर्थ 'संपत्ति पाने वाला' भर लिखना
यहाँ सपना विरासत है; उत्तराधिकारी होने का अर्थ उसे पूरा करने की ज़िम्मेदारी है।
Do this: 'ज़िम्मेदारी' शब्द ज़रूर लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: उद्बोधन की तारीख या स्थान गलत लिखना
पाठ की भूमिका में मेदिनीपुर और 29 दिसंबर 1929 साफ़ दिए हैं।
Do this: तथ्य-सूत्र याद करें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: 'विजातीय प्रभाव से मुक्त' को सभी विदेशी चीज़ों से नफ़रत समझना
आशय है कि राष्ट्र अपनी ज़रूरतों और आत्मनिर्भरता पर चले, किसी के दबाव में नहीं।
Do this: 'आत्मनिर्भरता, विदेशी दबाव से मुक्ति' लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Practice questions on तरुण के स्वप्न – सुभाषचंद्र बोस
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQExam level
'तरुण के स्वप्न' उद्बोधन कहाँ दिया गया था?
(क) दिल्ली में
(ख) मेदिनीपुर ज़िला युवक-सम्मेलन में
(ग) कटक में
(घ) सिंगापुर मेंHint
29 दिसंबर 1929।
Answer
(ख) मेदिनीपुर ज़िला युवक-सम्मेलन में
Q2 · 1 mark · Very short answerExam level
नेताजी ने सैनिकों को कौन-से दो नारे दिए?
Hint
लेखक-परिचय।
Answer
'दिल्ली चलो' और 'जय हिंद'।
Q3 · 1 mark · Very short answerHarder exam level
'अकर्मण्य' और 'विजातीय' शब्दों के अर्थ लिखिए।
Hint
कर्म न करने वाला; दूसरी जाति/देश का।
Answer
अकर्मण्य = काम न करने वाला, निकम्मा; विजातीय = पराया, विदेशी।
Q4 · 2 marks · Short answerHarder exam level
नेताजी के अनुसार उनका आदर्श राष्ट्र दुनिया के सामने किस रूप में गिना जाएगा? (25-30 शब्द)
Hint
विश्व-मानव के समक्ष।
Answer
वह राष्ट्र केवल भारतवासियों का अभाव मिटाकर नहीं रुकेगा; पूरी दुनिया (विश्व-मानव) के सामने वह आदर्श समाज और आदर्श राष्ट्र के रूप में गिना जाएगा।
Q5 · 1 mark · MCQHarder exam level
कथन (A): नेताजी अपने सपने को 'नित्य एवं अखंड सत्य' मानते थे।
कारण (R): उनके लिए इस सपने के लिए हर त्याग किया जा सकता था और हर संकट सहा जा सकता था।
(क) A और R दोनों सही, R व्याख्या करता है
(ख) A और R दोनों सही, R व्याख्या नहीं करता
(ग) A सही, R गलत
(घ) A गलत, R सहीHint
सत्य की प्रतिष्ठा के लिए सब कुछ।
Answer
(क) A और R दोनों सही, R व्याख्या करता है
Q6 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए आपको स्कूल की प्रार्थना-सभा में 'मेरे सपनों का भारत' पर दो मिनट बोलना है। नेताजी के उद्बोधन से तीन बातें लेकर अपने भाषण की रूपरेखा लिखिए। (40-50 शब्द)
Hint
संबोधन, तीन सपने, अंत में आह्वान।
Answer
संबोधन: 'मेरे प्यारे साथियो!' पहला सपना: ऐसा भारत जहाँ हर बच्चा, लड़का हो या लड़की, बराबर पढ़े। दूसरा: जहाँ जाति या धन के आधार पर भेदभाव न हो। तीसरा: जहाँ मेहनत का सम्मान हो और कोई आलसी न रहे। अंत: नेताजी की तरह यह सपना आप सबको सौंपता हूँ; जय हिंद!
Q7 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
नेताजी कहते हैं कि सपने की प्रेरणा से 'हम उठते हैं, बैठते हैं, चलते हैं, फिरते हैं'। आपके किसी सपने ने आपकी दिनचर्या को कैसे प्रभावित किया है? (25-30 शब्द)
Hint
सपना → रोज़ के काम।
Answer
मेरा सपना राष्ट्रीय स्तर का धावक बनने का है। इसके लिए मैं रोज़ सुबह जल्दी उठकर दौड़ता हूँ, सही खाना खाता हूँ और मोबाइल पर कम समय बिताता हूँ।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.उद्बोधन किस तारीख को दिया गया?Show answer
29 दिसंबर 1929 को।
2.नेताजी का जन्म किस नगर में हुआ?Show answer
कटक (उड़ीसा, अब ओड़िशा) में।
3.नेताजी ने किस फ़ौज का नेतृत्व किया?Show answer
आज़ाद हिंद फ़ौज का।
4.'सर्वांगीण' का अर्थ?Show answer
हर तरह से पूर्ण, सभी अंगों वाला।
5.सपने के लिए प्राण देने को नेताजी क्या कहते हैं?Show answer
'वह मरण है स्वर्ग समान'।
6.नेताजी युवाओं को किस संबोधन से पुकारते हैं?Show answer
'हे मेरे तरुण भाइयो!'
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप उद्बोधन का स्थान, तारीख और प्रेरणा-स्रोत बता सकते हैं?
- क्या आप आदर्श समाज के छह स्तंभ क्रम से लिख सकते हैं?
- क्या आप 'उत्तराधिकारी', 'विषमता', 'अकर्मण्य', 'विजातीय' के अर्थ बता सकते हैं?
- क्या आप आज के भारत में नेताजी के सपने का पूरा और अधूरा हिस्सा बता सकते हैं?
- क्या आप नेताजी के तीन नारे और उनकी पुस्तक का नाम लिख सकते हैं?
तरुण के स्वप्न – सुभाषचंद्र बोस: frequently asked questions
'तरुण के स्वप्न' किस विधा की रचना है?
उद्बोधन, यानी प्रेरक भाषण, जो नेताजी ने युवाओं को संबोधित करते हुए दिया।
नेताजी का सपना किससे प्रेरित था?
अपने नेता देशबंधु चित्तरंजन दास के सपने से; नेताजी खुद को और युवाओं को उसी सपने का उत्तराधिकारी मानते हैं।
उद्बोधन का मुख्य संदेश क्या है?
युवा ऐसा स्वाधीन, संपन्न और बराबरी वाला भारत बनाएँ जिसमें जातिभेद न हो, नारी को समान अधिकार मिलें, सबको शिक्षा मिले और श्रम का सम्मान हो।
नेताजी की चर्चित पुस्तक कौन-सी है?
'द इंडियन स्ट्रगल'।
Based on: NCERT मल्हार, कक्षा 8 (Reprint 2026-27), पाठ 10: तरुण के स्वप्न; NCERT मल्हार, कक्षा 8: पुस्तक पृष्ठ