एक टोकरी भर मिट्टी: Class 8 हिंदी मल्हार पाठ 6, सारांश और प्रश्न-उत्तर
Updated 15 October 2026 · Fact-checked
'एक टोकरी भर मिट्टी' माधवराव सप्रे की कहानी है, जिसे हिंदी की शुरुआती कहानियों में गिना जाता है। एक ज़मींदार गरीब वृद्धा की झोंपड़ी अदालत के ज़रिये छीन लेता है। वृद्धा उसी झोंपड़ी से एक टोकरी मिट्टी ले जाती है और ज़मींदार उसे उठा नहीं पाता। वृद्धा की बात से उसकी आँखें खुलती हैं और वह झोंपड़ी लौटा देता है।
What एक टोकरी भर मिट्टी – माधवराव सप्रे is about
एक टोकरी भर मिट्टी NCERT की हिंदी पुस्तक मल्हार (कक्षा 8) का छठा पाठ है। इसके लेखक माधवराव सप्रे (1871-1926) हैं। पाठ के लेखक-परिचय के अनुसार हिंदी की प्रारंभिक कहानियों में इस कहानी का उल्लेख आता है। माना जाता है कि सप्रे लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की प्रेरणा से हिंदी में आए; उनकी मातृभाषा मराठी थी और जन्म दमोह (मध्य प्रदेश) में हुआ। उन्होंने तिलक के प्रसिद्ध ग्रंथ 'गीता-रहस्य' का मराठी से हिंदी में अनुवाद किया। 'स्वदेशी आंदोलन और बायकॉट' उनकी प्रमुख कृतियों में है।
यह छोटी-सी कहानी बताती है कि धन और ताकत के घमंड में किया गया अन्याय कितना भारी होता है, और विनम्रता से कही गई सच्ची बात कठोर मन को भी बदल सकती है।
कक्षा 8 की परीक्षा विद्यालय लेता है और CBSE इसका प्रश्न-पत्र ढाँचा नहीं देता, इसलिए यहाँ प्रश्न कक्षा 9-10 जैसे रखे गए हैं: गद्यांश पर बहुविकल्पी प्रश्न और 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न।
Weightage: कक्षा 8 का मूल्यांकन विद्यालय स्वयं करता है; CBSE कक्षा 8 के लिए कोई पाठ्यक्रम या प्रश्न-पत्र का ढाँचा जारी नहीं करता, और विद्यालय NCERT की पुस्तक मल्हार पढ़ाते हैं। इसलिए यहाँ के प्रश्न कक्षा 9-10 हिंदी के प्रश्न-प्रकारों (पठित अंश पर बहुविकल्पी प्रश्न, 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न) के ढाँचे पर बने हैं।Source: CBSE पाठ्यक्रम दस्तावेज़ 2026-27 (कक्षा 9-12) और NCERT मल्हार, कक्षा 8 (Reprint 2026-27)
एक टोकरी भर मिट्टी – माधवराव सप्रे: summary
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
झोंपड़ी और ज़मींदार। एक ज़मींदार के महल के पास एक गरीब, अनाथ वृद्धा की झोंपड़ी थी। ज़मींदार अपने महल का अहाता (घेरा) उस झोंपड़ी तक बढ़ाना चाहता था। उसने वृद्धा से झोंपड़ी हटाने को बहुत कहा, पर वृद्धा कई ज़मानों से वहीं रहती थी। उसी झोंपड़ी में उसके प्रिय पति और इकलौते बेटे की मृत्यु हुई थी; बहू भी पाँच साल की बेटी छोड़कर चल बसी थी। अब वही पोती बुढ़ापे में उसका एकमात्र सहारा थी। झोंपड़ी से उसका ऐसा लगाव था कि वह जीते-जी वहाँ से निकलना नहीं चाहती थी।
अदालत से कब्ज़ा। जब सब प्रयत्न बेकार हुए, तो ज़मींदार ने अपनी ज़मींदारी चाल चली। उसने चालाक वकीलों को पैसे देकर अदालत से झोंपड़ी पर कब्ज़ा कर लिया और वृद्धा को निकाल दिया। बेचारी वृद्धा पास-पड़ोस में कहीं रहने लगी।
एक टोकरी मिट्टी की विनती। एक दिन ज़मींदार झोंपड़ी के पास नौकरों को काम बता रहा था, तभी वृद्धा टोकरी लेकर आई। उसने विनम्रता से कहा कि वह झोंपड़ी लेने नहीं आई; उसकी पोती ने झोंपड़ी छूटने के बाद से खाना-पीना छोड़ दिया है और कहती है कि अपने घर की रोटी ही खाएगी। इसलिए वह झोंपड़ी की एक टोकरी मिट्टी ले जाकर उसका चूल्हा बनाएगी और रोटी पकाएगी। ज़मींदार ने अनुमति दे दी।
टोकरी, जो उठ न सकी। झोंपड़ी के भीतर जाते ही वृद्धा को पुरानी बातें याद आईं और आँसू बहने लगे। उसने टोकरी भरकर बाहर रखी और ज़मींदार से टोकरी सिर पर रखवाने में हाथ लगाने की विनती की। पहले वह नाराज़ हुआ, पर वृद्धा के बार-बार हाथ जोड़ने पर उसके मन में दया आई और वह खुद टोकरी उठाने लगा। पूरी ताकत लगाने पर भी टोकरी एक हाथ भी ऊपर न उठी। वह लज्जित होकर बोला कि यह टोकरी उससे नहीं उठेगी।
आँखें खुलना। वृद्धा ने कहा कि जब आपसे एक टोकरी मिट्टी नहीं उठती, तो इस झोंपड़ी में तो हज़ारों टोकरियाँ मिट्टी है; उसका भार आप जीवन-भर कैसे उठाएँगे? यह सुनकर ज़मींदार की आँखें खुल गईं। उसने अपने किए पर पछतावा किया, वृद्धा से क्षमा माँगी और झोंपड़ी लौटा दी।
संदेश: अन्याय का भार किसी से सहा नहीं जाता; धन का घमंड छोड़कर मनुष्यता और करुणा अपनानी चाहिए।
Themes and message
धन और शक्ति का घमंड
ज़मींदार अपने अहाते के विस्तार के लिए एक गरीब की झोंपड़ी छीन लेता है; धन-मद में वह अपना कर्तव्य भूल जाता है।
From the text: 'ज़मींदार साहब धन-मद से गर्वित हो अपना कर्तव्य भूल गए थे'
गरीब के साथ अन्याय और कानून का दुरुपयोग
वकीलों को पैसे देकर अदालत से कब्ज़ा करना दिखाता है कि ताकतवर लोग कानून को भी अपने पक्ष में मोड़ लेते हैं।
From the text: बाल की खाल निकालने वाले वकीलों की थैली गरम करना।
घर से भावनात्मक लगाव
झोंपड़ी वृद्धा के लिए केवल मिट्टी नहीं, पति, बेटे और बहू की यादों से भरा घर है; पोती भी 'अपने घर' की रोटी ही खाना चाहती है।
From the text: 'उसे पुरानी बातों का स्मरण हुआ और उसकी आँखों से आँसू की धारा बहने लगी।'
अन्याय का भार
एक टोकरी मिट्टी प्रतीक बन जाती है: जो एक टोकरी नहीं उठा सकता, वह हज़ारों टोकरियों वाले अन्याय का बोझ जीवन-भर कैसे उठाएगा।
From the text: 'उसका भार आप जन्म-भर कैसे उठा सकेंगे?'
विनम्रता की शक्ति और हृदय-परिवर्तन
वृद्धा न लड़ती है, न झगड़ती है; विनती और एक सच्चे प्रश्न से ज़मींदार का मन बदल देती है।
From the text: 'कृतकर्म का पश्चाताप कर उन्होंने वृद्धा से क्षमा माँगी'
Characters
वृद्धा
गरीब, अनाथ बूढ़ी स्त्री, जिसकी झोंपड़ी छीनी गई।
- दुखी पर धैर्यवान
- विनम्र: हाथ जोड़कर विनती करती है
- बुद्धिमान: टोकरी को प्रतीक बनाकर बड़ी बात कहती है
- पोती से स्नेह करने वाली
'महाराज, नाराज न हों...'
ज़मींदार (श्रीमान्)
धनी पड़ोसी, जो अहाता बढ़ाने के लिए झोंपड़ी छीनता है।
- धन-मद से भरा, स्वार्थी
- चालाक: अदालत और वकीलों का सहारा
- भीतर दया बाकी: टोकरी उठाने को आगे बढ़ता है
- अंत में पश्चाताप करने वाला
'नहीं, यह टोकरी हमसे न उठाई जाएगी।'
पोती
वृद्धा की पोती, जिसकी माँ उसे पाँच बरस की उम्र में छोड़कर चल बसी थी; बुढ़ापे में वृद्धा का एकमात्र सहारा।
- घर से गहरा लगाव
- ज़िद: अपने घर की रोटी ही खाएगी
'अपने घर चल, वहीं रोटी खाऊँगी।'
How it is written
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| प्रतीक | 'एक टोकरी भर मिट्टी' | मिट्टी अन्याय के भार और घर की यादों, दोनों का प्रतीक बनकर कहानी को गहरा करती है। |
| मुहावरे | 'बाल की खाल निकालना', 'थैली गरम करना', 'आँखें खुलना' | भाषा चुटीली और असरदार; वकीलों पर व्यंग्य, ज़मींदार का बदलना। |
| संवाद | वृद्धा: 'आपसे तो एक टोकरी भर मिट्टी उठाई नहीं जाती...' | कहानी का चरम बिंदु संवाद से आता है; पाठक सीधे पात्रों से जुड़ता है। |
| संक्षिप्तता | पूरी कहानी कुछ अनुच्छेदों में | छोटी कहानी में बड़ा संदेश; शुरुआती हिंदी कहानी की सादगी। |
| शीर्षक की सार्थकता | शीर्षक वही वस्तु है जो कहानी का मोड़ लाती है | टोकरी ही ज़मींदार के हृदय-परिवर्तन का कारण बनती है। |
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
महाराज, अब तो झोंपड़ी तुम्हारी ही हो गई है। मैं उसे लेने नहीं आई हूँ।
वृद्धा: टोकरी लेकर ज़मींदार के पास आने पर।
वृद्धा की विनम्रता; वह झगड़ने नहीं आई।
नहीं, यह टोकरी हमसे न उठाई जाएगी।
ज़मींदार: पूरी ताकत लगाने पर भी टोकरी न उठने पर।
पहली बार ज़मींदार की ताकत हारती है।
उसका भार आप जन्म-भर कैसे उठा सकेंगे?
वृद्धा: कहानी का चरम बिंदु।
अन्याय के बोझ का प्रतीकात्मक प्रश्न।
कृतकर्म का पश्चाताप कर उन्होंने वृद्धा से क्षमा माँगी और उसकी झोंपड़ी वापस दे दी।
लेखक: कहानी का अंत।
हृदय-परिवर्तन और न्याय।
एक टोकरी भर मिट्टी – माधवराव सप्रे in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
दूसरों के घर का सम्मान
मान लीजिए आपकी कॉलोनी के क्रिकेट मैदान के एक कोने में एक बुज़ुर्ग माली की छोटी कोठरी है और कुछ बच्चे उसे हटवाना चाहते हैं ताकि मैदान बड़ा हो।
कहानी की सीख से आप क्या सुझाव देंगे?
Try it first, then show the solutionSolution
- किसी का घर उसकी यादों और जीवन से जुड़ा होता है।
- मैदान का नक्शा बदलकर दोनों का ध्यान।
Answer: खेल की पिच की दिशा बदलकर कोठरी बचाने का सुझाव दूँगा; किसी का घर छीनकर खेलने का आनंद ज़मींदार के अहाते जैसा ही होगा।
Memory hook: मेरा मैदान, उसका घर, दोनों का सम्मान।
विनम्रता से अपनी बात
कल्पना कीजिए कि दुकानदार ने आपको गलत हिसाब से कम पैसे लौटाए और वह मान नहीं रहा।
वृद्धा का तरीका यहाँ कैसे काम आएगा?
Try it first, then show the solutionSolution
- गुस्सा बात बिगाड़ता है।
- शांत होकर प्रमाण (बिल) दिखाकर उसे खुद हिसाब जोड़ने को कहें।
Answer: शांत रहकर बिल दिखाऊँगा और विनम्रता से कहूँगा, 'आप ही एक बार जोड़कर देख लीजिए'; खुद जोड़कर वह अपनी गलती मान लेगा।
Memory hook: चिल्लाओ नहीं, सोचने दो।
गलती मानना
यदि आपने गुस्से में अपने दोस्त की कॉपी फाड़ दी हो और बाद में समझ आए कि गलती आपकी थी, तो?
ज़मींदार के अंत से क्या सीखेंगे?
Try it first, then show the solutionSolution
- पश्चाताप + क्षमा माँगना।
- नुकसान की भरपाई (नई कॉपी, नोट्स लिखने में मदद)।
Answer: ज़मींदार की तरह गलती मानकर माफ़ी माँगूँगा और नई कॉपी देकर उसके नोट्स लिखने में मदद करूँगा; सच्चा पश्चाताप नुकसान की भरपाई से पूरा होता है।
Memory hook: माफ़ी के साथ भरपाई।
Topics in this chapter
How the school exam asks एक टोकरी भर मिट्टी – माधवराव सप्रे
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| पठित गद्यांश पर बहुविकल्पी प्रश्न (1 अंक प्रत्येक) | टोकरी वाला या अंतिम अंश देकर: पात्र का भाव, मुहावरे/शब्द का अर्थ (धन-मद, कृतकर्म, पश्चाताप), प्रतीक, कथन-कारण। | पात्र के व्यवहार में बदलाव पर ध्यान दें। |
| लघु उत्तर (2 अंक, 25-30 शब्द) | वृद्धा टोकरी भर मिट्टी क्यों ले जाना चाहती थी; ज़मींदार की आँखें कैसे खुलीं; झोंपड़ी से लगाव क्यों। | घटना + कारण, दो वाक्य। |
| विचारात्मक / चरित्र | शीर्षक की सार्थकता; वृद्धा या ज़मींदार का चरित्र; आज के जीवन से संबंध। | प्रतीक को खोलकर लिखें; कहानी की घटना से प्रमाण। |
Tricks to remember एक टोकरी भर मिट्टी – माधवराव सप्रे
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
कहानी का क्रम: 'झो-अ-टो-उ-लौ'
झोंपड़ी (वृद्धा, पोती) → अदालत (वकीलों की थैली गरम) → टोकरी की विनती (चूल्हा, रोटी) → उठी नहीं (ज़मींदार लज्जित) → लौटाई (पश्चाताप, क्षमा)।
Use it when: सारांश।
प्रतीक याद रखें
एक टोकरी = एक दिन का बोझ; हज़ारों टोकरियाँ = जीवन-भर का अन्याय।
Use it when: शीर्षक और भाव वाले प्रश्न।
लेखक-परिचय: 'दमोह के सप्रे, तिलक के अनुवादक'
माधवराव सप्रे (1871-1926), दमोह (मध्य प्रदेश), मातृभाषा मराठी, तिलक की प्रेरणा, 'गीता-रहस्य' का हिंदी अनुवाद, 'स्वदेशी आंदोलन और बायकॉट'।
Use it when: लेखक-परिचय।
एक टोकरी भर मिट्टी – माधवराव सप्रे: extract-based questions
Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.
Extract 1: गद्यांश 1: झोंपड़ी में वृद्धा
वृद्धा झोंपड़ी के भीतर गई। वहाँ जाते ही उसे पुरानी बातों का स्मरण हुआ और उसकी आँखों से आँसू की धारा बहने लगी। अपने आंतरिक दुख को किसी तरह सँभाल कर उसने अपनी टोकरी मिट्टी से भर ली और हाथ से उठाकर बाहर ले आई।
(1) · 1 mark · MCQ
जो टोकरी वृद्धा स्वयं 'हाथ से उठाकर बाहर ले आई', वही बाद में ज़मींदार से एक हाथ भी ऊँची नहीं उठी। इससे कहानी में क्या उभरता है?
(क) वृद्धा ज़मींदार से अधिक बलवान थी
(ख) ज़मींदार के लिए टोकरी का भार मिट्टी का नहीं, उसके अन्याय का था
(ग) टोकरी बीच में और भारी हो गई
(घ) ज़मींदार बीमार था(2) · 1 mark · MCQ
'स्मरण' शब्द का अर्थ है:
(क) भूलना
(ख) याद आना
(ग) डरना
(घ) सोना(3) · 1 mark · MCQ
'आंतरिक दुख' से क्या आशय है?
(क) पेट का दर्द
(ख) मन के भीतर का गहरा दुख
(ग) घर के अंदर का सामान
(घ) दूसरों का दुख(4) · 1 mark · Assertion-reason
कथन (A): वृद्धा ने अपना दुख सँभालकर टोकरी भरी।
कारण (R): उसे अपनी पोती के लिए मिट्टी ले जाकर चूल्हा बनाना था।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।(5) · 1 mark · MCQ
इस अंश से वृद्धा के बारे में क्या पता चलता है?
(क) वह क्रोधी है
(ख) झोंपड़ी से उसका गहरा भावनात्मक लगाव है
(ग) वह मिट्टी बेचती है
(घ) वह ज़मींदार से डरती नहीं
Show the answersAnswers
- (ख) ज़मींदार के लिए टोकरी का भार मिट्टी का नहीं, उसके अन्याय का था।
- (ख) याद आना।
- (ख) मन के भीतर का गहरा दुख।
- (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
- (ख) झोंपड़ी से उसका गहरा भावनात्मक लगाव है।
Extract 2: गद्यांश 2: आँखें खुलना
महाराज, नाराज न हों... आपसे तो एक टोकरी भर मिट्टी उठाई नहीं जाती और इस झोंपड़ी में तो हजारों टोकरियाँ मिट्टी पड़ी है। उसका भार आप जन्म-भर कैसे उठा सकेंगे? आप ही इस बात पर विचार कीजिए।
(1) · 1 mark · MCQ
'उसका भार' से वृद्धा किस भार की बात कर रही है?
(क) मिट्टी के वज़न की
(ख) गरीब की झोंपड़ी छीनने के अन्याय और पाप के बोझ की
(ग) महल के खर्च की
(घ) अदालत के मुकदमे की(2) · 1 mark · MCQ
वृद्धा ने यह बात किस ढंग से कही?
(क) गुस्से और धमकी से
(ख) विनम्रता से, पर गहरी समझ के साथ
(ग) मज़ाक उड़ाते हुए
(घ) रोते-चिल्लाते हुए(3) · 1 mark · MCQ
'जन्म-भर' का अर्थ है:
(क) जन्म के दिन
(ख) पूरे जीवन
(ग) एक वर्ष
(घ) कुछ दिन(4) · 1 mark · MCQ
इस कथन के बाद ज़मींदार ने क्या किया?
(क) वृद्धा को निकाल दिया
(ख) पश्चाताप करके क्षमा माँगी और झोंपड़ी लौटा दी
(ग) टोकरी फेंक दी
(घ) अदालत गया(5) · 1 mark · MCQ
'आप ही इस बात पर विचार कीजिए' कहकर वृद्धा ने क्या किया?
(क) ज़मींदार को धमकी दी
(ख) निर्णय ज़मींदार के अपने विवेक पर छोड़ दिया
(ग) अदालत जाने की बात कही
(घ) बात बदल दी
Show the answersAnswers
- (ख) गरीब की झोंपड़ी छीनने के अन्याय और पाप के बोझ की।
- (ख) विनम्रता से, पर गहरी समझ के साथ।
- (ख) पूरे जीवन।
- (ख) पश्चाताप करके क्षमा माँगी और झोंपड़ी लौटा दी।
- (ख) निर्णय ज़मींदार के अपने विवेक पर छोड़ दिया।
एक टोकरी भर मिट्टी – माधवराव सप्रे: exam-level solved questions
Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: झोंपड़ी से लगाव · 2 marks · Short answerExam level
वृद्धा अपनी झोंपड़ी छोड़ना क्यों नहीं चाहती थी? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- कई ज़मानों से वहीं बसी थी।
- पति, बेटा वहीं मरे; यादें; पोती के साथ एकमात्र ठिकाना।
Answer: वृद्धा कई ज़मानों से उसी झोंपड़ी में रहती थी। वहीं उसके पति और इकलौते बेटे की मृत्यु हुई थी, इसलिए वह झोंपड़ी उसकी यादों और जीवन से जुड़ी थी।
Example 2: एक टोकरी मिट्टी क्यों · 2 marks · Short answerExam level
वृद्धा झोंपड़ी से एक टोकरी मिट्टी क्यों ले जाना चाहती थी? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- पोती ने खाना-पीना छोड़ दिया था।
- उसी मिट्टी का चूल्हा बनाकर रोटी पकाने का उपाय।
Answer: झोंपड़ी छूटने के बाद पोती ने खाना-पीना छोड़ दिया था और अपने घर की रोटी ही खाना चाहती थी। इसलिए वृद्धा उसी मिट्टी से चूल्हा बनाकर रोटी पकाना चाहती थी।
Example 3: वकीलों पर व्यंग्य · 2 marks · Short answerHarder exam level
'बाल की खाल निकालना' और 'थैली गरम करना' मुहावरों के अर्थ लिखिए। लेखक ने वकीलों के लिए इनका प्रयोग क्यों किया? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- बाल की खाल निकालना = बहुत बारीकी से बेकार के तर्क करना; थैली गरम करना = पैसे देना।
- व्यंग्य: पैसे लेकर चालाक तर्कों से गरीब के विरुद्ध मुकदमा जिताया।
Answer: 'बाल की खाल निकालना' यानी बेकार की बारीकियाँ निकालना और 'थैली गरम करना' यानी पैसे देना। लेखक व्यंग्य करते हैं कि पैसे लेकर वकीलों ने चालाकी से गरीब का घर छिनवा दिया।
Example 4: टोकरी क्यों नहीं उठी · 2 marks · Short answerHOTS / competency
ज़मींदार पूरी ताकत लगाकर भी टोकरी क्यों नहीं उठा सका? इस घटना का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- शाब्दिक: मिट्टी से भरी टोकरी भारी थी, पर वृद्धा उसे हाथ से उठाकर बाहर ले आई थी।
- प्रतीक: अन्याय का बोझ उठाया नहीं जा सकता।
Answer: मिट्टी से भरी टोकरी सचमुच भारी थी, पर कहानी में इसका गहरा अर्थ है: अन्याय का बोझ इतना भारी होता है कि कोई ताकतवर भी उसे उठा नहीं सकता।
Example 5: शीर्षक की सार्थकता · 2 marks · Short answerHarder exam level
कहानी का शीर्षक 'एक टोकरी भर मिट्टी' क्यों उचित है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- कहानी का मोड़ इसी टोकरी से आता है।
- मिट्टी = घर की यादें और अन्याय का भार; इसी से हृदय-परिवर्तन।
Answer: कहानी का मुख्य मोड़ इसी टोकरी से आता है। यह मिट्टी वृद्धा के घर की यादों और ज़मींदार के अन्याय के भार, दोनों का प्रतीक है, और इसी से ज़मींदार का हृदय बदलता है।
Example 6: विनम्रता या विरोध · 2 marks · Short answerHOTS / competency
वृद्धा ने ज़मींदार से लड़ाई करने के बजाय विनम्रता का रास्ता चुना। आपके विचार से यह रास्ता क्यों सफल हुआ? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- गुस्सा ज़मींदार को और कठोर बनाता।
- विनम्रता से उसकी दया जागी; प्रश्न ने सोचने पर मजबूर किया।
Answer: गुस्सा ज़मींदार को और ज़िद्दी बना देता। वृद्धा की विनम्रता से उसके मन में दया जागी, और टोकरी के बहाने पूछे गए सच्चे प्रश्न ने उसे अपनी गलती पर सोचने को मजबूर किया।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
टोकरी क्यों नहीं उठी और उसका प्रतीकात्मक अर्थ (25-30 शब्द, 2 अंक) (2 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| शाब्दिक कारण: भरी टोकरी भारी | 1 |
| प्रतीकात्मक अर्थ: अन्याय का बोझ असहनीय | 1 |
मोहल्ले की गुमटी और पेड़ पर सुझाव (40-50 शब्द, 3 अंक) (3 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| कहानी से जुड़ाव | 1 |
| दूसरे पक्ष (रोज़ी, पेड़) का महत्त्व | 1 |
| व्यावहारिक, विनम्र सुझाव | 1 |
Where students lose marks in एक टोकरी भर मिट्टी – माधवराव सप्रे
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: यह लिखना कि वृद्धा झोंपड़ी वापस माँगने आई थी
वृद्धा ने साफ़ कहा कि वह झोंपड़ी लेने नहीं, केवल एक टोकरी मिट्टी लेने आई है।
Do this: पोती और चूल्हे वाला कारण लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: टोकरी न उठने को केवल 'मिट्टी भारी थी' बताना
प्रश्न प्रायः प्रतीकात्मक अर्थ भी माँगता है: अन्याय का भार।
Do this: शाब्दिक + प्रतीकात्मक, दोनों अर्थ लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: ज़मींदार को अंत तक केवल 'बुरा' बताना
अंत में उसका हृदय-परिवर्तन होता है; चरित्र-चित्रण में यह ज़रूरी है।
Do this: 'घमंडी, पर अंत में पश्चाताप करने वाला' लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: लेखक का नाम या कहानी का महत्त्व छोड़ देना
परिचय वाले प्रश्नों में 'हिंदी की प्रारंभिक कहानियों में से एक' बताना अपेक्षित है।
Do this: लेखक-परिचय सूत्र याद रखें।
Usually costs: 1 अंक
Practice questions on एक टोकरी भर मिट्टी – माधवराव सप्रे
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQExam level
'एक टोकरी भर मिट्टी' कहानी के लेखक कौन हैं?
(क) भीष्म साहनी
(ख) माधवराव सप्रे
(ग) उदयशंकर भट्ट
(घ) प्रेमचंदHint
'गीता-रहस्य' के अनुवादक।
Answer
(ख) माधवराव सप्रे
Q2 · 1 mark · Very short answerExam level
वृद्धा के बुढ़ापे का एकमात्र सहारा कौन थी?
Hint
पतोहू की कन्या।
Answer
उसकी पोती, जिसे उसकी माँ (वृद्धा की पतोहू) पाँच बरस की उम्र में छोड़कर चल बसी थी।
Q3 · 1 mark · Very short answerHarder exam level
'धन-मद' और 'कृतकर्म' शब्दों के अर्थ लिखिए।
Hint
मद = नशा/घमंड।
Answer
धन-मद = धन का घमंड; कृतकर्म = किया हुआ (बुरा) काम।
Q4 · 2 marks · Short answerHarder exam level
ज़मींदार के चरित्र में कहानी के अंत तक क्या बदलाव आया? (25-30 शब्द)
Hint
घमंड → दया → पश्चाताप।
Answer
शुरू में ज़मींदार घमंडी और स्वार्थी था, जिसने झोंपड़ी छीन ली। वृद्धा की विनती से उसमें दया जागी और अंत में उसने पश्चाताप करके क्षमा माँगी और झोंपड़ी लौटा दी।
Q5 · 1 mark · MCQHarder exam level
कथन (A): ज़मींदार ने अपने किसी नौकर से टोकरी उठवाने के बजाय स्वयं उठाने की कोशिश की।
कारण (R): वृद्धा के बार-बार हाथ जोड़ने और पैरों पर गिरने से उसके मन में दया आ गई थी।
(क) A और R दोनों सही, R व्याख्या करता है
(ख) A और R दोनों सही, R व्याख्या नहीं करता
(ग) A सही, R गलत
(घ) A गलत, R सहीHint
दया का पहला अंकुर।
Answer
(क) A और R दोनों सही, R व्याख्या करता है
Q6 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए आपके मोहल्ले में किसी बड़े भवन के लिए पुराने पेड़ और एक चाय वाले की गुमटी हटाई जा रही है। 'एक टोकरी भर मिट्टी' की सीख के आधार पर आप भवन बनाने वालों से क्या कहेंगे? (40-50 शब्द)
Hint
विकास बनाम किसी का घर-रोज़ी; बीच का रास्ता।
Answer
मैं विनम्रता से कहूँगा कि गुमटी किसी की रोज़ी और पेड़ कई पक्षियों का घर है। किसी का घर या रोज़ी छीनकर बना भवन ज़मींदार के अहाते जैसा होगा, जिसका भार उठाया नहीं जाता। भवन का नक्शा थोड़ा बदलकर पेड़ बचाया जाए और चाय वाले को पास में जगह दी जाए।
Q7 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
वृद्धा ने कहा, 'आप ही इस बात पर विचार कीजिए।' उसने अपना फ़ैसला सुनाने के बजाय ज़मींदार को ही सोचने को क्यों कहा? (25-30 शब्द)
Hint
स्वयं समझा सच गहरा असर करता है।
Answer
जब इंसान खुद सोचकर अपनी गलती समझता है, तो बदलाव सच्चा होता है। वृद्धा ने आरोप लगाने के बजाय प्रश्न रखा, ताकि ज़मींदार खुद अपने अन्याय का भार महसूस करे।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.वृद्धा की पतोहू अपनी बेटी को कितने बरस की छोड़कर चल बसी थी?Show answer
पाँच बरस की।
2.ज़मींदार ने झोंपड़ी पर कब्ज़ा कैसे किया?Show answer
वकीलों को पैसे देकर अदालत के ज़रिये।
3.वृद्धा मिट्टी से क्या बनाना चाहती थी?Show answer
चूल्हा, ताकि पोती के लिए रोटी पका सके।
4.ज़मींदार ने टोकरी उठाने की कोशिश की तो वह कितनी ऊपर उठी?Show answer
एक हाथ भी ऊपर नहीं उठी।
5.माधवराव सप्रे की मातृभाषा क्या थी?Show answer
मराठी।
6.सप्रे ने तिलक के किस ग्रंथ का हिंदी अनुवाद किया?Show answer
गीता-रहस्य।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप कहानी की घटनाएँ क्रम से (झोंपड़ी से लौटाने तक) बता सकते हैं?
- क्या आप वृद्धा के मिट्टी ले जाने का कारण लिख सकते हैं?
- क्या आप टोकरी का प्रतीकात्मक अर्थ समझा सकते हैं?
- क्या आप वृद्धा और ज़मींदार की दो-दो विशेषताएँ प्रमाण सहित लिख सकते हैं?
- क्या आप शीर्षक की सार्थकता पर तीन वाक्य लिख सकते हैं?
एक टोकरी भर मिट्टी – माधवराव सप्रे: frequently asked questions
'एक टोकरी भर मिट्टी' कहानी का संदेश क्या है?
धन और शक्ति के घमंड में किया गया अन्याय एक दिन भारी पड़ता है; मनुष्यता, करुणा और विनम्रता ही सच्चे मूल्य हैं।
ज़मींदार झोंपड़ी क्यों हटाना चाहता था?
वह अपने महल का अहाता उस झोंपड़ी तक बढ़ाना चाहता था।
ज़मींदार ने टोकरी उठाने के लिए किसी नौकर को क्यों नहीं बुलाया?
वृद्धा के बार-बार हाथ जोड़ने और पैरों पर गिरने से उसके मन में दया आ गई थी, इसलिए वह किसी नौकर से न कहकर स्वयं टोकरी उठाने आगे बढ़ा।
यह कहानी हिंदी साहित्य में क्यों महत्त्वपूर्ण है?
पाठ के अनुसार हिंदी की प्रारंभिक कहानियों में इसका उल्लेख आता है।
Based on: NCERT मल्हार, कक्षा 8 (Reprint 2026-27), पाठ 6: एक टोकरी भर मिट्टी; NCERT मल्हार, कक्षा 8: पुस्तक पृष्ठ