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HindiCBSE Class 8 · तरुण के स्वप्न – सुभाषचंद्र बोस

तरुण के स्वप्न (सुभाषचंद्र बोस), कक्षा 8: आदर्श समाज और आदर्श राष्ट्र का सपना

Updated 17 October 2026 · Draft, not yet fact-checked

नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने 29 दिसंबर 1929 को मेदिनीपुर ज़िला युवक-सम्मेलन में युवाओं से ऐसे सर्वांगीण, स्वाधीन और संपन्न समाज और राष्ट्र का सपना साझा किया था, जिसमें जातिभेद न हो, नारी को समान अधिकार मिलें, आर्थिक विषमता न हो, सबको शिक्षा का समान अवसर मिले और श्रम का सम्मान हो। वे इस स्वप्न को ही तरुणों को उपहार में देते हैं।

Understand तरुण के स्वप्न: नेताजी का आदर्श समाज और आदर्श राष्ट्र

भाषण का संदर्भ। यह पाठ नेताजी का उद्बोधन है, जो उन्होंने 29 दिसंबर 1929 को मेदिनीपुर ज़िला युवक-सम्मेलन में युवाओं को दिया था। भाषण की भाषा संबोधन-प्रधान है, जैसे 'हे मेरे तरुण भाइयो!'।

स्वप्न की विरासत। नेताजी कहते हैं कि सपने तो अनेक लोगों ने देखे। उनके नेता देशबंधु चित्तरंजन दास ने भी एक सपना देखा था, जो उनकी शक्ति का उत्स (स्रोत) और आनंद का निर्झर (झरना) बना। 'उनके स्वप्न के उत्तराधिकारी आज हम हैं' का अर्थ है कि उस सपने को पूरा करने की ज़िम्मेदारी अब हमारी है।

कैसा समाज? नेताजी ऐसा नया, सर्वांगीण, स्वाधीन और संपन्न समाज चाहते हैं जिसमें:

  • व्यक्ति हर दृष्टि से मुक्त हो और समाज के दबाव से न घुटे;
  • जातिभेद का स्थान न हो;
  • नारी मुक्त होकर पुरुषों की तरह समान अधिकार पाए और समाज-राष्ट्र की सेवा में बराबर हिस्सा ले;
  • अर्थ (धन) की विषमता न हो;
  • हर व्यक्ति को शिक्षा और उन्नति का समान सुअवसर मिले;
  • श्रम और कर्म की पूरी मर्यादा हो और आलसी, अकर्मण्य लोगों के लिए कोई जगह न हो।

कैसा राष्ट्र? ऐसा राष्ट्र हर विजातीय (विदेशी) प्रभाव से मुक्त रहेगा, स्वदेशी समाज के यंत्र की तरह काम करेगा, भारतवासियों का अभाव मिटाएगा और विश्व-मानव के सामने आदर्श समाज और आदर्श राष्ट्र के रूप में गिना जाएगा।

त्याग और उपहार। नेताजी के लिए यह स्वप्न नित्य और अखंड सत्य है। इसके लिए हर त्याग और संकट सहा जा सकता है और 'वह मरण है स्वर्ग समान'। अंत में वे कहते हैं कि उनके पास देने को कुछ नहीं, केवल यही स्वप्न है जो असीम शक्ति और अपार आनंद देता है, और इसे वे तरुणों को उपहारस्वरूप देते हैं।

भाषा-शैली। तत्सम शब्दावली (सर्वांगीण, विषमता, अकर्मण्य, विजातीय), 'उस समाज में' की आवृत्ति, रूपक (शक्ति का उत्स, आनंद का निर्झर) और प्रश्न-उत्तर शैली (वह स्वप्न या आदर्श क्या है? हम चाहते हैं...)।

उत्तर का ढंग। प्रत्येक विशेषता को एक बिंदु बनाकर लिखें और अंत में युवाओं की ज़िम्मेदारी बताएँ।

तरुण के स्वप्न: नेताजी का आदर्श समाज और आदर्श राष्ट्र: key facts

आदर्श समाज की छह विशेषताएँ
  • व्यक्ति की स्वतंत्रता
  • जातिभेद नहीं
  • नारी को समान अधिकार
  • आर्थिक विषमता नहीं
  • शिक्षा का समान अवसर
  • श्रम का सम्मान
सभी बिंदु क्रम से।
आदर्श राष्ट्र
  • विजातीय प्रभाव से मुक्त
  • स्वदेशी समाज का यंत्र
  • अभाव मिटाने वाला
  • विश्व के सामने आदर्श
चार बिंदु।
शब्दार्थ
उत्सस्रोत
निर्झरझरना
सर्वांगीणहर तरह से पूरा
विषमताअसमानता
अकर्मण्यकर्म न करने वाला
विजातीयविदेशी
अर्थ-प्रश्न में अंक।
शैली
संबोधनहे मेरे तरुण भाइयो
आवृत्तिउस समाज में
रूपकनिर्झर
तत्सम शब्द
भाषण की विशेषताएँ।

तरुण के स्वप्न: नेताजी का आदर्श समाज और आदर्श राष्ट्र in real life

The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

समान अवसर का सपना

मान लीजिए किसी स्कूल में कक्षा 8 के बच्चे तय करते हैं कि खेल-दिवस पर हर विद्यार्थी, चाहे लड़का हो या लड़की, किसी भी पृष्ठभूमि का हो, किसी भी खेल में भाग ले सकेगा। उनका नियम है कि चयन केवल मेहनत और प्रतिभा के आधार पर होगा।

इस नियम में नेताजी के सपने की कौन-सी बातें दिखती हैं?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. लड़के-लड़कियों को समान अवसर: नारी को समान अधिकार।
  2. पृष्ठभूमि का भेद नहीं: जातिभेद और विषमता का अभाव।
  3. चयन परिश्रम से: श्रम का सम्मान।

Answer: इसमें नेताजी के सपने की तीन बातें दिखती हैं: समान अवसर, भेदभाव का अंत और श्रम का सम्मान।

Memory hook: समान अवसर, समान सम्मान।

Tricks to remember तरुण के स्वप्न: नेताजी का आदर्श समाज और आदर्श राष्ट्र

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • व-जा-ना-अ-शि-श्र

    व्यक्ति, जाति, नारी, अर्थ, शिक्षा, श्रम।

    Use it when: छह विशेषताओं का क्रम।

  • स्वप्न = विरासत

    सपना मिला है, पूरा करना है।

    Use it when: उत्तराधिकारी का भाव।

  • स्वर्ग समान मरण

    देश के लिए बलिदान स्वर्ग-सम है।

    Use it when: त्याग के प्रश्न।

तरुण के स्वप्न: नेताजी का आदर्श समाज और आदर्श राष्ट्र: solved examples

Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.

Example 1: भाषण कब और कहाँ · 1 mark · MCQBoard level

नेताजी ने यह उद्बोधन कहाँ दिया था?
(क) दिल्ली के लाल किले पर (ख) मेदिनीपुर ज़िला युवक-सम्मेलन में (ग) कलकत्ता विश्वविद्यालय में (घ) लाहौर अधिवेशन में

Try it first, then show the solutionSolution
  1. उद्बोधन 29 दिसंबर 1929 को मेदिनीपुर ज़िला युवक-सम्मेलन में दिया गया था (1 अंक)।

Answer: (ख)

Example 2: उत्तराधिकारी का अर्थ · 2 marks · Short answerBoard level

'उनके स्वप्न के उत्तराधिकारी आज हम हैं' का क्या आशय है? (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. सपना देशबंधु चित्तरंजन दास का था (1)।
  2. उसे पूरा करने की ज़िम्मेदारी अब युवाओं की है (1)।

Answer: इसका आशय है कि देशबंधु चित्तरंजन दास ने जो सपना देखा था, उसे पूरा करने की ज़िम्मेदारी अब हम तरुणों पर है। यह सपना हमें विरासत में मिला है।

Example 3: नारी और शिक्षा · 3 marks · Short answerHarder board level

नेताजी के आदर्श समाज में नारी और शिक्षा की क्या स्थिति होगी? (40-50 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. नारी मुक्त होकर पुरुषों जैसे अधिकार पाएगी (1)।
  2. समाज-राष्ट्र की सेवा में बराबर हिस्सा (1)।
  3. हर व्यक्ति को शिक्षा और उन्नति का समान अवसर (1)।

Answer: नेताजी के आदर्श समाज में नारी मुक्त होकर पुरुषों की तरह समान अधिकार पाएगी और समाज तथा राष्ट्र की सेवा में बराबर हिस्सा लेगी। साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा और उन्नति का समान सुअवसर मिलेगा, ताकि कोई भी पीछे न रहे।

Example 4: श्रम और अकर्मण्यता · 4 marks · Short answerHarder board level

नेताजी ने श्रम और कर्म की मर्यादा पर क्यों बल दिया? अकर्मण्य लोगों के बारे में उनका क्या मत है? आज के समय में यह बात कैसे उपयोगी है? (60-70 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. श्रम का सम्मान आदर्श समाज की शर्त (1.5)।
  2. आलसियों के लिए जगह नहीं (1.5)।
  3. आज का उदाहरण (1)।

Answer: नेताजी चाहते हैं कि समाज में श्रम और कर्म की पूरी मर्यादा हो, क्योंकि परिश्रम से ही राष्ट्र आगे बढ़ता है। उनके अनुसार आलसी और अकर्मण्य लोगों के लिए आदर्श समाज में कोई जगह नहीं है। आज भी विद्यार्थी ईमानदारी से मेहनत करें और हर प्रकार के काम का सम्मान करें, तो समाज में समानता और प्रगति बढ़ेगी।

Example 5: सपने का उपहार · 5 marks · Long answerHOTS / competency

नेताजी अंत में अपना स्वप्न तरुणों को उपहार में देते हैं। इस उपहार को वे विशेष क्यों मानते हैं? एक विद्यार्थी के रूप में आप इसे कैसे स्वीकार करेंगे? (80-100 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. उपहार का अर्थ और महत्त्व (1.5)।
  2. सपने से मिलने वाली शक्ति (1)।
  3. विद्यार्थी के रूप में स्वीकार करने के तरीके (1.5)।
  4. भाषा (1)।

Answer: नेताजी कहते हैं कि उनके पास देने के लिए कुछ और नहीं है, केवल यह स्वप्न है जो असीम शक्ति और अपार आनंद देता है। वे इसे विशेष मानते हैं, क्योंकि यही त्याग और संघर्ष की प्रेरणा देता है। एक विद्यार्थी के रूप में मैं इसे जातिभेद और ऊँच-नीच न मानकर, सबके साथ समान व्यवहार करके, मन लगाकर पढ़कर और श्रम का सम्मान करके स्वीकार करूँगा। इस तरह मैं उस आदर्श समाज के निर्माण में अपना छोटा-सा योगदान दे सकूँगा।

Where students lose marks in तरुण के स्वप्न: नेताजी का आदर्श समाज और आदर्श राष्ट्र

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: विशेषताओं की संख्या या क्रम छोड़ना

    प्रश्न में सभी मुख्य बिंदु अपेक्षित हैं।

    Wrong working

    नेताजी जातिभेद न होने की बात करते हैं।

    Right working

    नेताजी छह बातें गिनाते हैं: स्वतंत्रता, जातिभेद का अभाव, नारी-अधिकार, आर्थिक समानता, शिक्षा का अवसर और श्रम का सम्मान।

    Do this: व-जा-ना-अ-शि-श्र याद रखें।

    Usually costs: 1 से 2 अंक।

  • Mistake: विजातीय का अर्थ विभिन्न जाति लिखना

    यहाँ विदेशी प्रभाव का अर्थ है।

    Wrong working

    विजातीय = दूसरी जाति का।

    Right working

    विजातीय = विदेशी प्रभाव या अपने से भिन्न।

    Do this: पाठ के संदर्भ में अर्थ लिखें।

    Usually costs: 1 अंक।

  • Mistake: भाषण की तिथि और स्थान गलत लिखना

    तथ्य ठीक होने चाहिए।

    Wrong working

    यह भाषण 1947 में दिया गया था।

    Right working

    यह उद्बोधन 29 दिसंबर 1929 को मेदिनीपुर ज़िला युवक-सम्मेलन में दिया गया था।

    Do this: तिथि और स्थान याद रखें।

    Usually costs: 1 अंक।

Exam tips

  • भाषण की तिथि (29 दिसंबर 1929) और स्थान (मेदिनीपुर) याद रखें।
  • आदर्श समाज के सभी बिंदु क्रम से लिखें।
  • शब्दार्थ: उत्स, निर्झर, सर्वांगीण, विषमता, अकर्मण्य, विजातीय।
  • 'उस समाज में' की आवृत्ति का प्रभाव समझाएँ।
  • अंत में युवाओं की ज़िम्मेदारी का उल्लेख करें।

Practice questions on तरुण के स्वप्न: नेताजी का आदर्श समाज और आदर्श राष्ट्र

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 1 mark · MCQBoard level

    नेताजी ने किसके सपने का उल्लेख अपने नेता के रूप में किया है?
    (क) महात्मा गांधी (ख) देशबंधु चित्तरंजन दास (ग) जवाहरलाल नेहरू (घ) भगत सिंह

    Hint

    पाठ के आरंभ में।

    Answer

    (ख)

  2. Q2 · 2 marks · Short answerBoard level

    'विजातीय' और 'अकर्मण्य' शब्दों के अर्थ लिखिए। (20-25 शब्द)

    Hint

    विदेशी; कर्म न करने वाला।

    Answer

    'विजातीय' का अर्थ है विदेशी या अपने से भिन्न जाति या देश का। 'अकर्मण्य' का अर्थ है जो कर्म या काम न करे, यानी आलसी।

  3. Q3 · 1 mark · Assertion-reasonHarder board level

    अभिकथन (A): नेताजी अपने आदर्श समाज में आर्थिक विषमता का अंत चाहते थे।
    कारण (R): वे चाहते थे कि प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा और उन्नति का समान सुअवसर मिले।
    (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की व्याख्या करता है
    (ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता
    (ग) A सही है, R गलत है
    (घ) A गलत है, R सही है

    Hint

    दोनों बातें सही हैं; क्या R से A की व्याख्या होती है?

    Answer

    (ख)

  4. Q4 · 3 marks · Short answerHarder board level

    पाठ में 'उस समाज में...' की आवृत्ति से क्या प्रभाव पड़ता है? दो उदाहरण दीजिए। (40-50 शब्द)

    Hint

    भाषण का प्रभाव।

    Answer

    बार-बार 'उस समाज में' कहने से हर विशेषता अलग और स्पष्ट सुनाई देती है तथा श्रोता के मन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। उदाहरण: 'उस समाज में अर्थ की विषमता न हो' और 'उस समाज में प्रत्येक व्यक्ति शिक्षा और उन्नति का समान सुअवसर पाए'। इससे भाषण में लय और बल आता है।

  5. Q5 · 5 marks · Long answerHOTS / competency

    विद्यालय के वार्षिकोत्सव के लिए 'मेरा सपना, मेरा भारत' विषय पर 80-100 शब्दों का भाषण लिखिए। उसमें 'तरुण के स्वप्न' की कम से कम दो बातों का उल्लेख करें।

    Hint

    संबोधन, मेरा सपना, दो बातें, आह्वान।

    Answer

    आदरणीय अतिथिगण और प्रिय साथियो, मेरा सपना ऐसा भारत है जहाँ कोई जाति के कारण छोटा-बड़ा न समझा जाए। नेताजी ने भी ऐसा समाज चाहा था जिसमें नारी को समान अधिकार मिले और हर व्यक्ति को शिक्षा का समान अवसर मिले। मैं चाहता हूँ कि हर बच्चा विद्यालय जाए और हर काम का सम्मान हो। यह सपना तभी पूरा होगा जब हम सब मेहनत करें और भेदभाव छोड़ें। आइए, इस सपने को उपहार की तरह स्वीकार करें। जय हिंद!

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.यह उद्बोधन किसका है?Show answer

    नेताजी सुभाषचंद्र बोस का।

  2. 2.उद्बोधन कब दिया गया?Show answer

    29 दिसंबर 1929 को।

  3. 3.नेताजी किसके सपने के उत्तराधिकारी होने की बात करते हैं?Show answer

    देशबंधु चित्तरंजन दास के।

  4. 4.'उत्स' का क्या अर्थ है?Show answer

    स्रोत।

  5. 5.नेताजी तरुणों को क्या उपहार देते हैं?Show answer

    अपना स्वप्न।

  6. 6.वे किसके बारे में कहते हैं, 'वह मरण है स्वर्ग समान'?Show answer

    स्वप्न के लिए प्राण देने के बारे में।

तरुण के स्वप्न: नेताजी का आदर्श समाज और आदर्श राष्ट्र: frequently asked questions

पाठ का केंद्रीय भाव क्या है?

युवाओं को समानता, शिक्षा, श्रम और स्वाधीनता पर आधारित आदर्श भारत बनाने की ज़िम्मेदारी निभानी है।

यह पाठ किस विधा का है?

यह भाषण या उद्बोधन है।

नेताजी का सपना किस प्रकार का है?

सर्वांगीण, स्वाधीन और संपन्न समाज और राष्ट्र का।

यह पाठ किस कक्षा की हिंदी पाठ्यपुस्तक का है?

यह कक्षा 8 की हिंदी पाठ्यपुस्तक का एक पाठ है, जो नेताजी का उद्बोधन है।