नए मेहमान: Class 8 हिंदी मल्हार पाठ 8, एकांकी का सारांश और प्रश्न-उत्तर
Updated 15 October 2026 · Fact-checked
'नए मेहमान' उदयशंकर भट्ट का एकांकी है। गर्मी से बेहाल विश्वनाथ के छोटे किराये के घर में रात को दो अनजान आदमी, नन्हेमल और बाबूलाल, आ धमकते हैं और खाना-पानी माँगते हैं। अंत में पता चलता है कि वे किसी कविराज के मेहमान थे। फिर रेवती का भाई आता है और वह सिरदर्द भूलकर खाना बनाने चल देती है।
What नए मेहमान – उदयशंकर भट्ट is about
नए मेहमान NCERT की हिंदी पुस्तक मल्हार (कक्षा 8) का आठवाँ पाठ है। यह एकांकी (एक अंक का नाटक) है। इसके लेखक उदयशंकर भट्ट (1898-1966) का जन्म उत्तर प्रदेश के इटावा में हुआ। परिवार में साहित्यिक वातावरण होने से उनकी साहित्य में गहरी रुचि थी। उन्होंने रेडियो के लिए अनेक नाटक लिखे, नाटकों और फ़िल्मों में अभिनय भी किया; कविता और उपन्यास लिखे, पर नाटक और एकांकी में विशेष प्रसिद्धि मिली। उपन्यास 'लोक-परलोक' और एकांकी-संग्रह 'पर्दे के पीछे' उनकी चर्चित रचनाएँ हैं।
पाठ की भूमिका के अनुसार यह एकांकी 'मान न मान मैं तेरा मेहमान' वाली स्थिति दिखाता है: संकोच के कारण अनजान लोगों की खातिरदारी में जुटा एक शहरी मध्यवर्गीय परिवार किन परेशानियों से जूझता है।
पात्र: विश्वनाथ (गृहपति), रेवती (विश्वनाथ की पत्नी), प्रमोद और किरण (बच्चे), नन्हेमल और बाबूलाल (अतिथि), आगंतुक (रेवती का भाई) और एक पड़ोसी। स्थान: भारत का कोई बड़ा नगर; गर्मी की रात, आठ बजे।
कक्षा 8 की परीक्षा विद्यालय लेता है और CBSE इसका प्रश्न-पत्र ढाँचा नहीं देता, इसलिए यहाँ प्रश्न कक्षा 9-10 जैसे रखे गए हैं: पठित अंश पर बहुविकल्पी प्रश्न और 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न।
Weightage: कक्षा 8 का मूल्यांकन विद्यालय स्वयं करता है; CBSE कक्षा 8 के लिए कोई पाठ्यक्रम या प्रश्न-पत्र का ढाँचा जारी नहीं करता, और विद्यालय NCERT की पुस्तक मल्हार पढ़ाते हैं। इसलिए यहाँ के प्रश्न कक्षा 9-10 हिंदी के प्रश्न-प्रकारों (पठित अंश पर बहुविकल्पी प्रश्न, 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न) के ढाँचे पर बने हैं।Source: CBSE पाठ्यक्रम दस्तावेज़ 2026-27 (कक्षा 9-12) और NCERT मल्हार, कक्षा 8 (Reprint 2026-27)
नए मेहमान – उदयशंकर भट्ट: summary
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
गर्मी और तंग घर। गर्मी की रात है। विश्वनाथ (उम्र 45) पसीने से तर होकर घर आते हैं; छोटा-सा किराये का मकान भट्टी जैसा तप रहा है। पत्नी रेवती के सिर में पंद्रह दिन से दर्द है। छत इतनी छोटी है कि खाटें पूरी नहीं आतीं, और पड़ोसी अपनी खाली छत पर बच्चों की खाट तक नहीं बिछाने देते। विश्वनाथ दो साल से नया मकान ढूँढ़ रहे हैं पर नहीं मिलता। रेवती कहती है, 'ईश्वर करे इन दिनों कोई मेहमान न आए।'
अनजान मेहमान। तभी दरवाज़ा खटकता है और दो आदमी बिस्तर-संदूक लेकर अंदर आ जाते हैं: नन्हेमल (लगभग 35 वर्ष) और बाबूलाल (लगभग 24 वर्ष)। वे बिना परिचय दिए गर्मी, पसीने और कपड़ों की बातें करते हैं, ठंडा पानी, नहाना और खाना (साग-पूरी, पराँठे) माँगते हैं। 'संपतराम गोटेवाले' और 'सेठ जगदीशप्रसाद' जैसे नाम लेकर जान-पहचान जताते हैं, पर विश्वनाथ इन्हें नहीं जानते। वे बिजनौर से आए बताते हैं।
परेशानियाँ बढ़ती हैं। रेवती बीमार है और अनजान लोगों के लिए खाना बनाने से मना करती है। मेहमान पड़ोसी की छत पर हाथ धोकर पानी फैला देते हैं; पड़ोसी गुस्से में आकर ताने देता है कि मेहमान बुलाने हों तो बड़ा मकान लो। विश्वनाथ विनम्रता से माफ़ी माँगते हैं।
सच खुलता है। विश्वनाथ के पूछने पर पता चलता है कि उनके पास कोई चिट्ठी नहीं; जिनके यहाँ जाना था उनका नाम भी याद नहीं, बस 'कविराज' या 'कवि' और 'वैद्य' बताया गया था। प्रमोद बताता है कि पिछली गली में कविराज वैद्य रहते हैं। पता चलता है कि वे कविराज रामलाल वैद्य के मेहमान थे। दोनों 'राम-राम' कहकर चले जाते हैं और रेवती कहती है, 'अब जान में जान आई।'
सच्चा मेहमान। तभी रेवती का भाई (आगंतुक) झाँसी से आता है; उसका तार नहीं पहुँचा था और वह चार घंटे से मकान खोज रहा था। रेवती का सिरदर्द गायब हो जाता है; वह बर्फ़ मँगवाती है, पंखा करती है और खुशी से कहती है कि भैया भूखे नहीं सो सकते, वह अभी खाना बनाएगी।
संदेश और व्यंग्य: एकांकी शहर के तंग मकानों, संकोची मध्यवर्ग और 'मान न मान मैं तेरा मेहमान' जैसे लोगों पर हल्का व्यंग्य है। साथ ही यह दिखाता है कि अपनेपन के आगे थकान और दर्द भी भूल जाते हैं।
Themes and message
शहरी मध्यवर्ग की कठिनाइयाँ
छोटा, बंद, किराये का मकान, गर्मी, पानी की तंगी, नौकर का न टिकना और नया मकान न मिलना; शहर के आम परिवार का जीवन।
From the text: 'इन बंद मकानों में रहना कितना भयंकर है! मकान है कि भट्टी!'
'मान न मान मैं तेरा मेहमान'
बिना जान-पहचान के लोग घर में घुसकर सुविधाएँ माँगते हैं और मेज़बान संकोच में मना नहीं कर पाता।
From the text: नन्हेमल-बाबूलाल का बिना परिचय दिए खाना, पानी, नहाना माँगना।
संकोच और शिष्टाचार
विश्वनाथ भीतर से परेशान हैं, फिर भी शिष्टता के कारण मेहमानों को सीधे मना नहीं करते और पड़ोसी से भी विनम्रता से माफ़ी माँगते हैं।
From the text: 'अनजान आदमी से गलती हो ही जाती है। उसे क्षमा कर देना चाहिए।'
अपनापन और आतिथ्य
अनजान मेहमानों के लिए खाना बनाने से मना करने वाली रेवती अपने भाई के लिए दर्द भूलकर खाना बनाती है; अपनापन मन को बदल देता है।
From the text: 'अब क्या, मैं खाना बनाऊँगी। भैया भूखे नहीं सो सकते।'
पड़ोस के रिश्ते
पड़ोसी न खाली छत पर खाट बिछाने देते हैं, न गलती माफ़ करते हैं; शहरों में घटती सहानुभूति पर व्यंग्य।
From the text: 'देखिए साहब, मेहमान आपके होंगे, मेरे नहीं।'
Characters
विश्वनाथ
गृहपति (45 वर्ष), जिनके घर अनजान मेहमान आते हैं।
- संकोची और शिष्ट: मेहमानों को सीधे मना नहीं कर पाते
- परिवार की चिंता करने वाले: बच्चों और पत्नी की तबीयत का ध्यान
- विनम्र: पड़ोसी से माफ़ी माँगते हैं
- समझदार: अंत में ठीक प्रश्न पूछकर सच निकलवाते हैं
'तो आप कोई चिट्ठी-विट्ठी लाए हैं?'
रेवती
विश्वनाथ की पत्नी, घर की देखभाल करने वाली।
- बीमार और थकी हुई (पंद्रह दिन से सिरदर्द)
- स्पष्टवादी: अनजान लोगों के लिए खाना बनाने से मना करती है
- व्यावहारिक: बाज़ार के खर्च का हिसाब रखती है
- भाई के प्रति स्नेही: उसके आते ही दर्द भूल जाती है
'भैया भूखे नहीं सो सकते।'
नन्हेमल और बाबूलाल
बिजनौर से आए अनजान अतिथि, जो असल में कविराज रामलाल वैद्य के मेहमान थे।
- बेझिझक और बातूनी
- दूसरों की सुविधा का ध्यान न रखने वाले (पड़ोसी की छत पर पानी)
- जान-पहचान का दिखावा करने वाले (संपतराम, जगदीशप्रसाद)
'हम कोई चोर थोड़े ही हैं।'
आगंतुक (रेवती का भाई)
झाँसी से आया सच्चा मेहमान; उसका तार नहीं पहुँचा।
- संकोची: होटल में ठहरने की सोच रहा था
- दूसरों के कष्ट का ध्यान रखने वाला
'शायद रात को आप लोगों को कोई कष्ट हो।'
पड़ोसी
ऊपर की छत का मालिक, जो गंदे पानी पर शिकायत करता है।
- रूखा और ताने देने वाला
- क्षमा न करने वाला
'कहाँ तक कोई क्षमा करे।'
How it is written
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| हास्य-व्यंग्य | नन्हेमल-बाबूलाल का 'संपतराम गोटेवाले' को जानने का दावा; 'कविराज या कवि' का भ्रम | मेहमानों की बेझिझकी पर हँसी आती है, साथ ही मेज़बान की परेशानी समझ आती है। |
| संवाद-शैली | छोटे, तेज़ संवाद: 'कौन संपतराम?' 'अरे वही गोटेवाले।' | दृश्य सजीव; मंच पर अभिनय के योग्य। |
| रंग-निर्देश (कोष्ठक में) | '(पंखा जोर-जोर से करने लगता है)', '(यवनिका)' | अभिनेताओं और पाठकों को मंच, हाव-भाव और घटना की जानकारी। |
| विरोध (कंट्रास्ट) वाला अंत | अनजान मेहमानों के लिए 'मैं खाना नहीं बनाऊँगी' और भाई के लिए 'मैं अभी खाना बनाती हूँ' | अपनेपन के प्रभाव को उजागर करता है; एकांकी का मुख्य मोड़। |
| मुहावरे और बोलचाल | 'जान में जान आई', 'सिर फटा जा रहा है', 'चने की तरह भाड़ में भुनते रहते हैं' | भाषा जीवंत और आम घरों जैसी बनती है। |
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
इन बंद मकानों में रहना कितना भयंकर है! मकान है कि भट्टी!
विश्वनाथ: एकांकी का आरंभ, गर्मी में घर लौटने पर।
शहर के तंग मकानों की तकलीफ़।
ईश्वर करे इन दिनों कोई मेहमान न आए।
रेवती: मेहमानों के आने से ठीक पहले।
आगे आने वाली घटना का संकेत; परिवार की तंगी।
अनजान आदमी से गलती हो ही जाती है। उसे क्षमा कर देना चाहिए।
विश्वनाथ: पड़ोसी की शिकायत पर।
विश्वनाथ की विनम्रता और सहनशीलता।
अब क्या, मैं खाना बनाऊँगी। भैया भूखे नहीं सो सकते।
रेवती: एकांकी का अंतिम संवाद।
अपनेपन के आगे थकान और दर्द भूल जाना।
नए मेहमान – उदयशंकर भट्ट in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
अजनबियों से सावधानी
मान लीजिए आप घर पर अकेले हैं और कोई व्यक्ति आकर कहता है कि वह आपके पापा का पुराना मित्र है और अंदर आना चाहता है।
'नए मेहमान' की सीख और सुरक्षा, दोनों को ध्यान में रखकर क्या करेंगे?
Try it first, then show the solutionSolution
- जान-पहचान का दावा भरोसे का प्रमाण नहीं (संपतराम वाला प्रसंग)।
- दरवाज़ा बंद रखकर विनम्रता से माता-पिता को फ़ोन करना।
Answer: दरवाज़ा नहीं खोलूँगा; विनम्रता से कहूँगा कि मैं पापा से बात करवा देता हूँ और उन्हें फ़ोन करूँगा। जान-पहचान का दावा भरोसे का प्रमाण नहीं होता।
Memory hook: पहले पहचान, फिर मेहमान।
मेहमान का शिष्टाचार
कल्पना कीजिए कि आप छुट्टियों में किसी रिश्तेदार के छोटे-से फ़्लैट में रहने जा रहे हैं।
नन्हेमल-बाबूलाल जैसा मेहमान न बनने के लिए आप क्या करेंगे?
Try it first, then show the solutionSolution
- पहले सूचना देना (आगंतुक का तार)।
- घर के नियम मानना, पानी-बिजली बचाना, काम में हाथ बँटाना।
Answer: पहले से सूचना दूँगा, उनके समय और नियमों का ध्यान रखूँगा, पानी-बिजली बचाऊँगा और घर के कामों में हाथ बँटाऊँगा, ताकि मेज़बान पर बोझ न बने।
Memory hook: मेहमान बनो, बोझ नहीं।
पड़ोसी से संबंध
यदि आपकी बॉल से पड़ोसी के गमले टूट जाएँ और वे नाराज़ हों, तो?
विश्वनाथ का कौन-सा गुण अपनाएँगे?
Try it first, then show the solutionSolution
- गलती मानना, विनम्र माफ़ी।
- भरपाई का वादा और आगे सावधानी।
Answer: विश्वनाथ की तरह विनम्रता से गलती मानकर माफ़ी माँगूँगा, नया गमला लाने की बात कहूँगा और आगे से वहाँ खेलना बंद करूँगा।
Memory hook: माफ़ी, भरपाई, सावधानी।
Topics in this chapter
How the school exam asks नए मेहमान – उदयशंकर भट्ट
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| पठित अंश पर बहुविकल्पी प्रश्न (1 अंक प्रत्येक) | कोई संवाद-अंश देकर: वक्ता कौन, किस स्थिति में, पात्र का स्वभाव, मुहावरे का अर्थ, कथन-कारण। | संवाद से पहले और बाद की घटना याद करें; वक्ता का स्वभाव पहचानें। |
| लघु उत्तर (2 अंक, 25-30 शब्द) | विश्वनाथ मेहमानों को मना क्यों नहीं कर पाए; रेवती का व्यवहार अंत में क्यों बदला; पड़ोसी क्यों नाराज़ था। | घटना + कारण; पात्र के संवाद से प्रमाण। |
| विचारात्मक / चरित्र / मंचन | शीर्षक की सार्थकता; विश्वनाथ या रेवती का चरित्र; आप मेज़बान होते तो क्या करते; एकांकी की विशेषताएँ। | एकांकी के तत्त्व (संवाद, रंग-निर्देश, एक अंक) और पात्रों के व्यवहार से उत्तर। |
Tricks to remember नए मेहमान – उदयशंकर भट्ट
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
एकांकी के पाँच दृश्य-खंड: 'ग-मे-प-स-भा'
गर्मी और तंगी → मेहमान आते हैं (नन्हेमल, बाबूलाल) → पड़ोसी की शिकायत → सच खुलता है (कविराज रामलाल) → भाई आता है (रेवती खाना बनाती है)।
Use it when: सारांश।
मेहमानों के 'झूठे परिचय'
संपतराम गोटेवाले, लाला भानामल (नजीबाबाद), सेठ जगदीशप्रसाद (मुरादाबाद); असली मेज़बान: कविराज रामलाल वैद्य, पिछली गली।
Use it when: घटनाक्रम वाले प्रश्न।
लेखक-परिचय: 'इटावा के पर्दे के पीछे'
उदयशंकर भट्ट (1898-1966), इटावा (उत्तर प्रदेश); रेडियो नाटक, अभिनय; 'लोक-परलोक' (उपन्यास), 'पर्दे के पीछे' (एकांकी-संग्रह)।
Use it when: लेखक-परिचय।
नए मेहमान – उदयशंकर भट्ट: extract-based questions
Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.
Extract 1: अंश 1: पड़ोसी की शिकायत
पड़ोसी
देखिए साहब, मेहमान आपके होंगे, मेरे नहीं। मैं यह बर्दाश्त नहीं कर सकता कि मेरी छत पर इस तरह गंदा पानी फैलाया जाए।
विश्वनाथ
वाकई गलती हो गई। कल सबेरे साफ करा दूँगा।
(1) · 1 mark · MCQ
पड़ोसी की नाराज़गी का तात्कालिक कारण क्या था?
(क) मेहमानों ने शोर मचाया
(ख) मेहमानों ने उसकी छत पर हाथ धोकर पानी फैला दिया
(ग) विश्वनाथ ने किराया नहीं दिया
(घ) बच्चों ने उसकी खाट तोड़ी(2) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: पड़ोसी ताना देता है कि उनसे रोज़ ही गलती होती है; विश्वनाथ कहते हैं कि अनजान आदमी से गलती हो जाती है, उसे क्षमा कर देना चाहिए, कल से ऐसा नहीं होगा।) विश्वनाथ के उत्तर से उनके स्वभाव के बारे में क्या पता चलता है?
(क) वे झगड़ालू हैं
(ख) वे विनम्र और सहनशील हैं
(ग) वे पड़ोसी से डरते हैं
(घ) वे झूठ बोलते हैं(3) · 1 mark · MCQ
'बर्दाश्त करना' का अर्थ है:
(क) बात करना
(ख) सहन करना
(ग) बाँटना
(घ) बुलाना(4) · 1 mark · Assertion-reason
कथन (A): विश्वनाथ ने मेहमानों की गलती की ज़िम्मेदारी स्वयं ले ली।
कारण (R): वे मेज़बान थे और झगड़ा बढ़ाना नहीं चाहते थे।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।(5) · 1 mark · MCQ
'मेहमान आपके होंगे, मेरे नहीं' में पड़ोसी का स्वर कैसा है?
(क) स्नेहपूर्ण
(ख) रूखा और ताने भरा
(ग) डरा हुआ
(घ) मज़ाकिया
Show the answersAnswers
- (ख) मेहमानों ने उसकी छत पर हाथ धोकर पानी फैला दिया।
- (ख) वे विनम्र और सहनशील हैं।
- (ख) सहन करना।
- (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
- (ख) रूखा और ताने भरा।
Extract 2: अंश 2: सच्चा मेहमान
आगंतुक
एक बार तो जी में आया कि सामने होटल में ठहर जाऊँ। शायद रात को आप लोगों को कोई कष्ट हो।
रेवती
ऐसा क्यों सोचते हो! कष्ट काहे का! यह तो हम लोगों का कर्तव्य था। अच्छा, तुम तैयार हो, मैं खाना बनाती हूँ।
(1) · 1 mark · MCQ
आगंतुक कौन है?
(क) विश्वनाथ का मित्र
(ख) रेवती का भाई
(ग) कविराज रामलाल
(घ) पड़ोसी(2) · 1 mark · MCQ
आगंतुक होटल में ठहरने की क्यों सोच रहा था?
(क) होटल सस्ता था
(ख) उसे लगा कि रात को परिवार को कष्ट होगा
(ग) उसे घर का पता नहीं था
(घ) उसे खाना नहीं चाहिए था(3) · 1 mark · MCQ
पहले के मेहमानों और आगंतुक के व्यवहार में मुख्य अंतर है:
(क) आगंतुक दूसरों के कष्ट का ध्यान रखता है, पहले वाले नहीं रखते
(ख) आगंतुक अधिक खाना माँगता है
(ग) पहले वाले संकोची थे
(घ) कोई अंतर नहीं(4) · 1 mark · MCQ
'कष्ट काहे का!' से रेवती का कौन-सा भाव प्रकट होता है?
(क) झुँझलाहट
(ख) अपनापन और खुशी
(ग) डर
(घ) थकान(5) · 1 mark · MCQ
इस अंश में रेवती के व्यवहार का बदलाव क्या दिखाता है?
(क) उसका सिरदर्द ठीक हो गया था
(ख) अपनों के लिए आतिथ्य मन से होता है और थकान भूल जाती है
(ग) उसे खाना बनाना पसंद है
(घ) वह विश्वनाथ से नाराज़ है
Show the answersAnswers
- (ख) रेवती का भाई।
- (ख) उसे लगा कि रात को परिवार को कष्ट होगा।
- (क) आगंतुक दूसरों के कष्ट का ध्यान रखता है, पहले वाले नहीं रखते।
- (ख) अपनापन और खुशी।
- (ख) अपनों के लिए आतिथ्य मन से होता है और थकान भूल जाती है।
नए मेहमान – उदयशंकर भट्ट: exam-level solved questions
Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: घर की परेशानियाँ · 2 marks · Short answerExam level
एकांकी के आरंभ में विश्वनाथ के परिवार की कौन-सी परेशानियाँ दिखाई गई हैं? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- भीषण गर्मी, बंद छोटा मकान, छोटी छत।
- रेवती का सिरदर्द, पड़ोसी का असहयोग, मकान न मिलना।
Answer: भीषण गर्मी में छोटा, बंद किराये का मकान भट्टी जैसा तप रहा है; छत पर खाटें पूरी नहीं आतीं। रेवती पंद्रह दिन से सिरदर्द में है और नया मकान दो साल से नहीं मिला।
Example 2: परिचित होने का दिखावा · 2 marks · Short answerHarder exam level
नन्हेमल और बाबूलाल अपनी बातों से स्वयं को विश्वनाथ का परिचित दिखाने के लिए कौन-से नाम और प्रसंग गिनाते हैं? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- संपतराम गोटेवाले: 'वह तो आपसे मिले हैं'।
- लाला भानामल की लड़की की शादी (नजीबाबाद) और सेठ जगदीशप्रसाद (मुरादाबाद)।
Answer: वे संपतराम गोटेवाले को विश्वनाथ का परिचित बताते हैं, लाला भानामल की लड़की की शादी (नजीबाबाद) की बात छेड़ते हैं और कहते हैं कि उन्होंने विश्वनाथ को सेठ जगदीशप्रसाद के यहाँ मुरादाबाद में देखा था।
Example 3: सच कैसे खुला · 2 marks · Short answerExam level
मेहमानों के बारे में सच्चाई कैसे सामने आई? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- चिट्ठी नहीं; नाम याद नहीं; 'कविराज/वैद्य' बताया।
- प्रमोद: पिछली गली में कविराज वैद्य; रामलाल का नाम।
Answer: विश्वनाथ के पूछने पर मेहमानों ने बताया कि उनके पास चिट्ठी नहीं और उन्हें 'कविराज' या 'वैद्य' बताया गया था। प्रमोद ने पिछली गली के कविराज वैद्य का बताया, तो पता चला वे कविराज रामलाल के मेहमान थे।
Example 4: दो तरह के मेहमान · 2 marks · Short answerHOTS / competency
रेवती का भाई और नन्हेमल-बाबूलाल, दोनों रात को बिना पहले मिले खबर के पहुँचते हैं। फिर भी दोनों के व्यवहार में क्या अंतर है? दो बिंदु लिखिए। (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- भाई: पहले तार भेजा; कष्ट न हो, इसलिए होटल में ठहरने की भी सोची।
- नन्हेमल-बाबूलाल: बिना सूचना आए; बेझिझक पानी, नहाना, खाना माँगा।
Answer: भाई ने पहले तार भेजा था और परिवार को कष्ट न हो, इसलिए होटल में ठहरने तक की सोची। नन्हेमल-बाबूलाल बिना सूचना आए और बेझिझक पानी, नहाना और खाना माँगते रहे।
Example 5: शीर्षक की सार्थकता · 2 marks · Short answerHarder exam level
एकांकी का शीर्षक 'नए मेहमान' क्यों उचित है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- पूरी कथा मेहमानों के आने से चलती है।
- दो तरह के 'नए' मेहमान: अनजान और अपना; दोनों से अलग प्रतिक्रिया।
Answer: पूरी कहानी मेहमानों के आने से आगे बढ़ती है। पहले अनजान 'नए मेहमान' परेशानी लाते हैं, फिर रेवती का भाई सच्चा मेहमान बनकर आता है; दोनों की तुलना ही एकांकी का मूल है।
Example 6: आप मेज़बान होते तो · 2 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए आपके घर रात को दो अनजान लोग आ जाते हैं और खुद को 'पहचान वाला' बताते हैं। विश्वनाथ की गलतियों से सीखकर आप क्या करेंगे? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- विनम्रता से शुरू में ही परिचय, पता, भेजने वाले का नाम पूछना।
- बड़ों को बताना, सुरक्षा का ध्यान; ज़रूरत हो तो सही पते तक पहुँचाना।
Answer: मैं विनम्रता से पहले ही उनका नाम, भेजने वाले का नाम और पता पूछूँगा और घर के बड़ों को बताऊँगा। गलत पता हो तो उन्हें सही जगह का रास्ता बता दूँगा।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
रेवती का व्यवहार अंत में क्यों बदला (25-30 शब्द, 2 अंक) (2 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| पहले: अनजान मेहमानों के लिए खाना बनाने से मना | 1 |
| बाद में: भाई के प्रति अपनापन; भाई का संकोची व्यवहार | 1 |
मंचन के लिए तीन बातें (40-50 शब्द, 3 अंक) (3 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| मंच-सज्जा (कमरा, पंखा, पलंग) | 1 |
| गर्मी दिखाने वाला अभिनय | 1 |
| अंत का भाव-परिवर्तन | 1 |
Where students lose marks in नए मेहमान – उदयशंकर भट्ट
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: आगंतुक को विश्वनाथ का भाई लिखना
पात्र-परिचय के अनुसार आगंतुक रेवती का भाई है; रेवती प्रमोद से कहती है कि 'मामा जी' को ठंडा पानी पिला।
Do this: 'रेवती का भाई (मामा जी)' लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: नन्हेमल-बाबूलाल को विश्वनाथ के परिचित मान लेना
वे कविराज रामलाल वैद्य के मेहमान थे और गलती से आ गए थे।
Do this: अंत का प्रसंग याद रखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: रेवती को केवल 'कठोर' या 'झगड़ालू' बताना
वह बीमार और थकी थी; अपनों के लिए स्नेह से भरी है। चरित्र में दोनों पक्ष चाहिए।
Do this: 'थकी और स्पष्टवादी, पर स्नेही' लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: एकांकी को 'कहानी' कहना और रंग-निर्देशों का उल्लेख न करना
यह एक अंक का नाटक है; संवाद और कोष्ठक के रंग-निर्देश इसकी पहचान हैं।
Do this: विधा 'एकांकी' लिखें; विशेषता में संवाद-शैली और रंग-निर्देश गिनाएँ।
Usually costs: 1 अंक
Practice questions on नए मेहमान – उदयशंकर भट्ट
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQExam level
'नए मेहमान' एकांकी के लेखक कौन हैं?
(क) उदयशंकर भट्ट
(ख) भीष्म साहनी
(ग) भारतेंदु हरिश्चंद्र
(घ) माधवराव सप्रेHint
'पर्दे के पीछे'।
Answer
(क) उदयशंकर भट्ट
Q2 · 1 mark · Very short answerExam level
नन्हेमल और बाबूलाल ने स्वयं को कहाँ से आया बताया?
Hint
उत्तर प्रदेश का एक नगर।
Answer
बिजनौर से।
Q3 · 1 mark · Very short answerHarder exam level
रेवती का भाई कहाँ से आया था और उसे घर ढूँढ़ने में कितना समय लगा?
Hint
तार।
Answer
झाँसी से; वह पिछले चार घंटे से मकान खोज रहा था।
Q4 · 2 marks · Short answerHarder exam level
रेवती ने विश्वनाथ के 'बाज़ार से कुछ मँगा दो' वाले सुझाव का क्या उत्तर दिया? इससे परिवार की किस स्थिति का पता चलता है? (25-30 शब्द)
Hint
तीन-चार रुपये।
Answer
रेवती ने कहा कि बाज़ार का खाना मुफ़्त नहीं आता, तीन-चार रुपये से कम में इनका पेट नहीं भरेगा। इससे परिवार की सीमित आमदनी और खर्च की चिंता का पता चलता है।
Q5 · 1 mark · MCQHarder exam level
कथन (A): नन्हेमल और बाबूलाल असल में विश्वनाथ को जानते थे।
कारण (R): उन्होंने सेठ जगदीशप्रसाद और संपतराम के नाम लिए थे।
(क) A और R दोनों सही, R व्याख्या करता है
(ख) A और R दोनों सही, R व्याख्या नहीं करता
(ग) A सही, R गलत
(घ) A गलत, R सहीHint
वे किसके मेहमान निकले?
Answer
(घ) A गलत, R सही; उन्होंने नाम लिए थे, पर वे कविराज रामलाल वैद्य के मेहमान थे और विश्वनाथ को नहीं जानते थे।
Q6 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए आपकी कक्षा 'नए मेहमान' का मंचन कर रही है। मंच-सज्जा और अभिनय के लिए एकांकी से तीन ज़रूरी बातें बताइए। (40-50 शब्द)
Hint
कमरा, गर्मी का असर, मेहमानों का हाव-भाव, अंत का कंट्रास्ट।
Answer
पहला, मंच पर छोटा कमरा: दो दरवाज़े, मेज़, दो कुर्सियाँ, पलंग और धीमा पुराना पंखा। दूसरा, सभी पात्र पसीना पोंछते और हाथ से पंखा झलते दिखें, ताकि गर्मी का असर लगे। तीसरा, रेवती का झुँझलाया चेहरा अंत में भाई को देखकर खिल उठे; यही बदलाव दर्शकों तक पहुँचना चाहिए।
Q7 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
पड़ोसी के ताने 'यदि मेहमान बुलाने हों तो बड़ा-सा मकान लो' पर विश्वनाथ ने क्या उत्तर दिया? इस उत्तर में छिपा व्यंग्य समझाइए। (25-30 शब्द)
Hint
'मेहमानों को क्या मैं बुलाता हूँ?'
Answer
विश्वनाथ ने कहा कि मेहमानों को क्या मैं बुलाता हूँ? व्यंग्य यह है कि पड़ोसी उन्हीं को दोष दे रहा है जो इन अनचाहे मेहमानों से सबसे अधिक परेशान हैं।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.विश्वनाथ की उम्र कितनी बताई गई है?Show answer
45 वर्ष।
2.रेवती को कितने दिन से सिरदर्द था?Show answer
पंद्रह दिन से।
3.नन्हेमल और बाबूलाल की उम्र?Show answer
बड़े (नन्हेमल) की पैंतीस और छोटे (बाबूलाल) की चौबीस।
4.मेहमानों ने खाने में क्या माँगा?Show answer
एक साग और पूरी (नन्हेमल पराँठे भी खा लेता है)।
5.किसने बताया कि पिछली गली में कविराज वैद्य रहते हैं?Show answer
प्रमोद ने।
6.उदयशंकर भट्ट का जन्म कहाँ हुआ?Show answer
इटावा (उत्तर प्रदेश) में।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप एकांकी की घटनाएँ पाँच खंडों में क्रम से बता सकते हैं?
- क्या आप विश्वनाथ और रेवती की दो-दो विशेषताएँ प्रमाण सहित लिख सकते हैं?
- क्या आप बता सकते हैं कि मेहमानों का सच कैसे खुला?
- क्या आप अनजान मेहमानों और आगंतुक के व्यवहार की तुलना कर सकते हैं?
- क्या आप एकांकी की दो विशेषताएँ (संवाद, रंग-निर्देश) उदाहरण सहित बता सकते हैं?
नए मेहमान – उदयशंकर भट्ट: frequently asked questions
'नए मेहमान' किस विधा की रचना है?
एकांकी, यानी एक अंक का नाटक, जिसमें संवाद और कोष्ठक में रंग-निर्देश होते हैं।
नन्हेमल और बाबूलाल असल में किसके मेहमान थे?
पिछली गली में रहने वाले कविराज रामलाल वैद्य के।
एकांकी किस कहावत पर आधारित स्थिति दिखाता है?
'मान न मान मैं तेरा मेहमान', यानी बिना जान-पहचान के ज़बरदस्ती मेहमान बन जाना।
एकांकी का अंत कैसे होता है?
रेवती का भाई झाँसी से आता है और रेवती सिरदर्द भूलकर खुशी से उसके लिए खाना बनाने जाती है; फिर यवनिका (पर्दा) गिरता है।
Based on: NCERT मल्हार, कक्षा 8 (Reprint 2026-27), पाठ 8: नए मेहमान; NCERT मल्हार, कक्षा 8: पुस्तक पृष्ठ