एक आशीर्वाद: Class 8 हिंदी मल्हार पाठ 3, भावार्थ और प्रश्न-उत्तर
Updated 15 October 2026 · Fact-checked
'एक आशीर्वाद' (मल्हार, कक्षा 8, पाठ 3) दुष्यंत कुमार की कविता है। इसमें कोई बड़ा बच्चे को आशीर्वाद देता है कि उसके सपने बड़े हों। कवि सपनों को बच्चे की तरह दिखाते हैं: वे भावना की गोद से उतरकर धरती पर चलना सीखें, कठिन लक्ष्यों के लिए मचलें, हँसें-गाएँ, जोखिम उठाकर सीखें और अपने पाँवों पर खड़े हों।
What एक आशीर्वाद – दुष्यंत कुमार is about
एक आशीर्वाद NCERT की हिंदी पुस्तक मल्हार (कक्षा 8) का तीसरा पाठ है। इसके कवि दुष्यंत कुमार (1933-1975) हिंदी के लोकप्रिय रचनाकार हैं। पाठ के परिचय के अनुसार उनका जन्म बिजनौर (उत्तर प्रदेश) में हुआ; बहुत कम समय में उन्होंने विविध रचनाओं और जीवंत भाषा से हिंदी को समृद्ध किया। साये में धूप उनका सबसे चर्चित ग़ज़ल-संग्रह है और उनका पूरा लेखन दुष्यंत कुमार रचनावली के चार खंडों में छपा है।
यह कविता किसी बड़े (माता-पिता या शुभचिंतक) की ओर से बच्चे को दिया गया आशीर्वाद है। हर पंक्ति एक सीख है: बड़े सपने, यथार्थ की समझ, लगन, खुशी, जिज्ञासा, अनुभव से सीखना और आत्मनिर्भरता।
कक्षा 8 की परीक्षा विद्यालय लेता है और CBSE इसका प्रश्न-पत्र ढाँचा नहीं देता, इसलिए यहाँ प्रश्न कक्षा 9-10 जैसे रखे गए हैं: काव्यांश पर बहुविकल्पी प्रश्न और 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न।
Weightage: कक्षा 8 का मूल्यांकन विद्यालय स्वयं करता है; CBSE कक्षा 8 के लिए कोई पाठ्यक्रम या प्रश्न-पत्र का ढाँचा जारी नहीं करता, और विद्यालय NCERT की पुस्तक मल्हार पढ़ाते हैं। इसलिए यहाँ के प्रश्न कक्षा 9-10 हिंदी के प्रश्न-प्रकारों (पठित अंश पर बहुविकल्पी प्रश्न, 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न) के ढाँचे पर बने हैं।Source: CBSE पाठ्यक्रम दस्तावेज़ 2026-27 (कक्षा 9-12) और NCERT मल्हार, कक्षा 8 (Reprint 2026-27)
एक आशीर्वाद – दुष्यंत कुमार: explanation
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
'जा, तेरे स्वप्न बड़े हों।' कविता की शुरुआत और अंत इसी आशीर्वाद से होते हैं। 'जा' शब्द बताता है कि बड़ा व्यक्ति बच्चे को दुनिया में आगे बढ़ने के लिए भेज रहा है और चाहता है कि उसके सपने, यानी उसके लक्ष्य और आकांक्षाएँ, बड़े हों।
भावना की गोद से उतरकर धरती पर। यहाँ से कवि सपनों को एक छोटे बच्चे की तरह दिखाते हैं (मानवीकरण); 'सीखें', 'हँसें', 'ललचाएँ' जैसी सारी क्रियाएँ 'स्वप्न' के लिए हैं। कवि चाहते हैं कि सपने भावुकता की गोद में ही न बैठे रहें, बल्कि जल्दी से पृथ्वी पर चलना सीखें, यानी वास्तविक जीवन की सच्चाइयों से जुड़ें। जैसे छोटा बच्चा गोद से उतरकर चलना सीखता है, वैसे ही सपनों को भी भावनाओं से आगे बढ़कर यथार्थ में कदम रखना है।
अप्राप्य सच्चाइयों के लिए ज़िद। चाँद-तारों जैसी दूर, कठिन लगने वाली सच्चाइयों के लिए सपने रूठना-मचलना सीखें। जैसे बच्चा चाँद पाने के लिए मचलता है, वैसे ही बड़े, असंभव लगने वाले लक्ष्यों के लिए हठ और प्रयास हो।
हँसना, मुसकराना, गाना। कवि चाहते हैं कि सपने हँसते-गाते रहें, यानी उन्हें पूरा करने की राह आनंद से भरी रहे; कठिनाइयों में भी मनोबल बना रहे।
हर दीये की रोशनी देखकर ललचाना, उँगली जलाना। हर नए ज्ञान और अनुभव की ओर आकर्षण हो। जैसे बच्चा दीये की लौ छूकर उँगली जला लेता है और सीख जाता है, वैसे ही जोखिम उठाकर, गलतियाँ करके और कष्ट सहकर भी सीखने से न घबराए।
अपने पाँवों पर खड़े हों। अंत में आशीर्वाद है कि सपने अपने पाँवों पर खड़े हों, यानी बच्चा अपने बल पर उन्हें पूरा करे और आत्मनिर्भर बने।
केंद्रीय भाव: बड़े सपने देखो, पर ज़मीन पर चलो; कठिन लक्ष्य के लिए अड़ो, खुश रहो, सीखने के लिए जोखिम लो और आत्मनिर्भर बनो।
Themes and message
बड़े सपने और लक्ष्य
कविता का पहला और अंतिम आशीर्वाद यही है कि बच्चे के स्वप्न, यानी लक्ष्य और आकांक्षाएँ, बड़े हों।
From the text: 'जा, तेरे स्वप्न बड़े हों'
भावुकता से यथार्थ की ओर
केवल भावनाओं में बहने के बजाय जीवन की सच्चाइयों का सामना करना सीखना।
From the text: 'भावना की गोद से उतरकर जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें'
कठिन लक्ष्यों के लिए लगन
जो सच्चाइयाँ चाँद-तारों जैसी दूर लगें, उनके लिए भी हठ और प्रयास।
From the text: 'चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए रूठना-मचलना सीखें'
जिज्ञासा और अनुभव से सीखना
हर ज्ञान-रूपी दीये की ओर खिंचना और जोखिम उठाकर, कष्ट सहकर भी सीखना।
From the text: 'हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ उँगली जलाएँ'
आत्मनिर्भरता
सारे आशीर्वादों का लक्ष्य है कि बच्चा अपने बल पर जीना सीखे।
From the text: 'अपने पाँवों पर खड़े हों।'
The speaker and the people in the poem
आशीर्वाद देने वाला (वक्ता)
कोई बड़ा, जैसे माता-पिता, दादा-दादी या शिक्षक, जो बच्चे को आगे भेज रहा है।
- स्नेही और शुभचिंतक
- दूरदर्शी: केवल सुख नहीं, संघर्ष और अनुभव की भी कामना
- बच्चे की स्वतंत्रता का सम्मान करने वाला
'जा, तेरे स्वप्न बड़े हों'
बच्चा (संबोधित)
जिसे आशीर्वाद दिया जा रहा है; हर बढ़ता हुआ बच्चा।
- सपने देखने वाला
- जिज्ञासु और हठी (रूठना-मचलना)
- आत्मनिर्भर बनने की राह पर
'अपने पाँवों पर खड़े हों।'
Poetic devices
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| मानवीकरण अलंकार | स्वप्न का 'गोद से उतरकर चलना सीखना', 'रूठना-मचलना', 'हँसना-गाना', 'अपने पाँवों पर खड़े होना' | सपनों को बढ़ते हुए बच्चे की तरह दिखाया गया है; पाठ्यपुस्तक भी कहती है कि इस कविता में सपने को मनुष्य की तरह हँसते, मुसकराते, गाते हुए बताया गया है। |
| उपमा अलंकार | 'चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों' ('सी' वाचक शब्द) | कठिन लक्ष्यों की दूरी को चाँद-तारों से तुलना करके सरल बना देता है। |
| प्रतीक | 'भावना की गोद' (भावुकता), 'पृथ्वी' (यथार्थ), 'दीया' (ज्ञान/नई चीज़), 'उँगली जलाना' (अनुभव से सीखना) | बच्चे की दुनिया के चित्रों से गहरी बात कही गई है। |
| मुहावरे | 'अपने पाँवों पर खड़े होना' (आत्मनिर्भर होना), 'उँगली जलाना' (जोखिम उठाकर नुकसान सहना) | भाषा सहज और असरदार बनती है। |
| मुक्त छंद और छोटी पंक्तियाँ | 'हँसें / मुसकराएँ / गाएँ' (एक-एक शब्द की पंक्ति) | हर आशीर्वाद पर ठहराव; पढ़ने वाला हर शब्द पर ध्यान देता है। |
| पुनरावृत्ति (आरंभ-अंत एक) | 'जा, तेरे स्वप्न बड़े हों' शुरू और अंत में | कविता गोलाकार पूरी होती है; मुख्य आशीर्वाद पर ज़ोर। |
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
तेरे स्वप्न बड़े हों
आशीर्वाद देने वाला: कविता का आरंभ और अंत।
बड़े लक्ष्य और आकांक्षाएँ रखने की कामना।
भावना की गोद से उतरकर जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें
आशीर्वाद देने वाला: दूसरा आशीर्वाद।
भावुकता छोड़कर यथार्थ का सामना।
हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ
आशीर्वाद देने वाला: उत्तरार्ध।
हर तरह के ज्ञान की ओर जिज्ञासा।
अपने पाँवों पर खड़े हों।
आशीर्वाद देने वाला: अंतिम आशीर्वाद।
आत्मनिर्भरता।
एक आशीर्वाद – दुष्यंत कुमार in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
अनुभव से सीखना
मान लीजिए विज्ञान-प्रदर्शनी के लिए आपका बनाया मॉडल पहली बार में काम नहीं करता।
'उँगली जलाएँ' वाली सीख आपको क्या करने को कहेगी?
Try it first, then show the solutionSolution
- गलती = सीखने का मौका।
- कारण खोजें, सुधारें, फिर कोशिश करें।
Answer: निराश होकर छोड़ने के बजाय यह देखें कि गड़बड़ कहाँ हुई, उसे सुधारें और फिर से कोशिश करें; इस अनुभव से मिली सीख हमेशा याद रहेगी।
Memory hook: जली उँगली, पक्की सीख।
सपने और यथार्थ
कल्पना कीजिए कि आपका सपना अंतरिक्ष-वैज्ञानिक बनने का है।
'स्वप्न बड़े हों' और 'पृथ्वी पर चलना सीखें' को साथ कैसे निभाएँगे?
Try it first, then show the solutionSolution
- सपना: अंतरिक्ष-वैज्ञानिक।
- धरती के कदम: गणित-विज्ञान रोज़ पढ़ना, विज्ञान-क्लब, सही पाठ्यक्रम की जानकारी।
Answer: सपना बड़ा रखूँगा, पर रोज़ गणित-विज्ञान का अभ्यास, विज्ञान-क्लब में भाग और आगे की पढ़ाई की जानकारी जैसे छोटे, ठोस कदम उठाऊँगा।
Memory hook: सिर आसमान में, पैर ज़मीन पर।
आत्मनिर्भरता
यदि घर में सब व्यस्त हों और आपको अपना स्कूल-बैग और यूनिफ़ॉर्म खुद तैयार करनी हो, तो?
'अपने पाँवों पर खड़े हों' का यह छोटा रूप कैसे अपनाएँगे?
Try it first, then show the solutionSolution
- रात में समय-सारणी देखकर बैग लगाना।
- यूनिफ़ॉर्म, पानी की बोतल खुद तैयार करना।
Answer: रात को ही समय-सारणी देखकर बैग लगाऊँगा और यूनिफ़ॉर्म तैयार रखूँगा; अपने छोटे काम खुद करना ही आत्मनिर्भरता की शुरुआत है।
Memory hook: अपना काम, अपना हाथ।
Topics in this chapter
How the school exam asks एक आशीर्वाद – दुष्यंत कुमार
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| पठित काव्यांश पर बहुविकल्पी प्रश्न (1 अंक प्रत्येक) | किसी पंक्ति का भाव, प्रतीक का अर्थ (दीया, उँगली जलाना, भावना की गोद), अलंकार, कथन-कारण। | पहले शाब्दिक चित्र (बच्चा, गोद, दीया) सोचें, फिर उसका जीवन से जुड़ा अर्थ। |
| भाव स्पष्ट करना (2 अंक, 25-30 शब्द) | 'भावना की गोद से उतरकर...', 'उँगली जलाएँ' या 'रूठना-मचलना सीखें' का आशय। | प्रतीक का अर्थ + कवि की कामना, दो वाक्य। |
| विचारात्मक प्रश्न | आप अपने छोटे भाई-बहन को कौन-सा आशीर्वाद देंगे; कवि हार की कामना क्यों करता है ('उँगली जलाएँ')। | कविता की पंक्ति से जोड़कर अपना उदाहरण। |
Tricks to remember एक आशीर्वाद – दुष्यंत कुमार
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
सात आशीर्वाद: 'स्व-पृ-रू-हँ-दी-उँ-पाँ'
स्वप्न बड़े → पृथ्वी पर चलना → रूठना-मचलना → हँसना-मुसकराना-गाना → दीये पर ललचाना → उँगली जलाना → पाँवों पर खड़े होना।
Use it when: कविता का क्रम और केंद्रीय भाव।
प्रतीक-तालिका
गोद = भावुकता; पृथ्वी = यथार्थ; चाँद-तारे = कठिन लक्ष्य; दीया = ज्ञान; उँगली जलना = अनुभव।
Use it when: भाव और प्रतीक वाले MCQ।
कवि-परिचय: 'बिजनौर की धूप'
दुष्यंत कुमार (1933-1975), बिजनौर; 'साये में धूप' (ग़ज़ल); रचनावली चार खंड।
Use it when: कवि-परिचय।
एक आशीर्वाद – दुष्यंत कुमार: extract-based questions
Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.
Extract 1: काव्यांश 1: सपने और धरती
चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए
रूठना-मचलना सीखें
(1) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: कविता आरंभ में आशीर्वाद देती है—'तेरे स्वप्न बड़े हों'—और चाहती है कि वे भावना की गोद से उतरकर 'जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें'।) काव्यांश में 'चलना सीखें' और 'रूठना-मचलना सीखें' किसके लिए कहा गया है?
(क) कवि के लिए
(ख) 'स्वप्न' के लिए; सपनों को बच्चे की तरह दिखाया गया है
(ग) चाँद-तारों के लिए
(घ) पृथ्वी के लिए(2) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: पिछले प्रश्न का संदर्भ देखें।) 'जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें' में 'जल्द' शब्द से कवि की कौन-सी इच्छा प्रकट होती है?
(क) सपने देर तक कल्पना में ही रहें
(ख) सपने बिना देर किए जीवन की सच्चाई से जुड़ें
(ग) कवि जल्दबाज़ी से नाराज़ हैं
(घ) कवि दौड़ की प्रतियोगिता चाहते हैं(3) · 1 mark · MCQ
'चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों' में कौन-सा अलंकार है?
(क) अनुप्रास
(ख) उपमा
(ग) यमक
(घ) श्लेष(4) · 1 mark · MCQ
'अप्राप्य' शब्द का अर्थ है:
(क) जो आसानी से मिल जाए
(ख) जिसे पाना बहुत कठिन हो
(ग) जो खो गया हो
(घ) जो सस्ता हो(5) · 1 mark · Assertion-reason
कथन (A): कवि बच्चे को कठिन लक्ष्यों के लिए 'रूठना-मचलना' सीखने को कहते हैं।
कारण (R): लगन और हठ के बिना असंभव लगने वाले लक्ष्य पूरे नहीं होते।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
Show the answersAnswers
- (ख) 'स्वप्न' के लिए; सपनों को बच्चे की तरह दिखाया गया है (मानवीकरण)।
- (ख) सपने बिना देर किए जीवन की सच्चाई से जुड़ें।
- (ख) उपमा; 'सी' वाचक शब्द से तुलना।
- (ख) जिसे पाना बहुत कठिन हो।
- (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
Extract 2: काव्यांश 2: खुशी, जिज्ञासा, आत्मनिर्भरता
हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ
उँगली जलाएँ
(1) · 1 mark · MCQ
'हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ' में 'ललचाएँ' शब्द किस अर्थ में आया है?
(क) लालच में दूसरों की चीज़ छीनना
(ख) किसी अच्छी चीज़ (ज्ञान) को पाने की तीव्र इच्छा होना
(ग) डर जाना
(घ) थक जाना(2) · 1 mark · MCQ
'ललचाएँ' के तुरंत बाद 'उँगली जलाएँ' आने से कौन-सी बात स्पष्ट होती है?
(क) ललक के साथ जोखिम और कष्ट भी आते हैं, जिनसे डरना नहीं है
(ख) दीये से हमेशा दूर रहना चाहिए
(ग) रोशनी हानिकारक होती है
(घ) सपने कभी पूरे नहीं होते(3) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: काव्यांश के बाद की पंक्ति है—'अपने पाँवों पर खड़े हों।') 'अपने पाँवों पर खड़े हों' में कौन-सा भाषा-प्रयोग है?
(क) मुहावरा
(ख) लोकोक्ति
(ग) प्रश्नवाचक वाक्य
(घ) तुकबंदी(4) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: इससे पहले की पंक्तियाँ हैं—'हँसें / मुसकराएँ / गाएँ'।) 'हँसें / मुसकराएँ / गाएँ' अलग-अलग पंक्तियों में क्यों लिखे गए हैं?
(क) कागज़ बचाने के लिए
(ख) हर खुशी पर ठहरकर ज़ोर देने के लिए
(ग) तुक मिलाने के लिए
(घ) गलती से(5) · 1 mark · MCQ
इस काव्यांश का केंद्रीय भाव है:
(क) खेल-कूद का महत्त्व
(ख) खुश रहते हुए जिज्ञासा और अनुभव से सीखकर आत्मनिर्भर बनना
(ग) दीपावली का वर्णन
(घ) आग से सावधानी
Show the answersAnswers
- (ख) किसी अच्छी चीज़ (ज्ञान) को पाने की तीव्र इच्छा होना।
- (क) ललक के साथ जोखिम और कष्ट भी आते हैं, जिनसे डरना नहीं है।
- (क) मुहावरा; 'अपने पैरों पर खड़ा होना' यानी आत्मनिर्भर होना।
- (ख) हर खुशी पर ठहरकर ज़ोर देने के लिए।
- (ख) खुश रहते हुए जिज्ञासा और अनुभव से सीखकर आत्मनिर्भर बनना।
एक आशीर्वाद – दुष्यंत कुमार: exam-level solved questions
Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: 'जा' शब्द का भाव · 2 marks · Short answerHarder exam level
कविता 'जा' शब्द से क्यों शुरू होती है? इससे आशीर्वाद देने वाले के बारे में क्या पता चलता है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- 'जा' = आगे बढ़ने, दुनिया में जाने की अनुमति।
- वक्ता बच्चे को बाँधकर नहीं रखता; उसकी स्वतंत्रता चाहता है।
Answer: 'जा' कहकर बड़ा व्यक्ति बच्चे को दुनिया में आगे बढ़ने के लिए भेज रहा है। इससे पता चलता है कि वह बच्चे को बाँधकर नहीं रखना चाहता, बल्कि उसकी स्वतंत्रता और प्रगति चाहता है।
Example 2: सपनों का मानवीकरण · 2 marks · Short answerExam level
कविता में 'स्वप्न' को बच्चे की तरह चलना सीखते, रूठते-मचलते और हँसते दिखाया गया है। इससे कविता का प्रभाव कैसे बढ़ता है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- सारी क्रियाएँ (सीखें, हँसें, ललचाएँ) 'स्वप्न' के लिए: मानवीकरण।
- प्रभाव: सपने जीवित लगते हैं; उन्हें बच्चे की तरह धीरे-धीरे बड़ा करना होता है।
Answer: सपने बच्चे की तरह गोद से उतरते, चलना सीखते, रूठते और हँसते दिखते हैं। इससे वे जीवित लगते हैं और समझ आता है कि सपनों को भी बच्चे की तरह धीरे-धीरे बड़ा करना पड़ता है।
Example 3: उँगली जलाने का आशीर्वाद · 2 marks · Short answerHOTS / competency
आशीर्वाद में 'उँगली जलाएँ' जैसी कष्ट की बात क्यों कही गई है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- दीये की लौ छूकर बच्चा सीखता है कि आग जलाती है।
- अनुभव से मिली सीख पक्की; जोखिम से न डरना।
Answer: उँगली जलाकर बच्चा अनुभव से सीखता है, और ऐसी सीख कभी नहीं भूलती। कवि चाहते हैं कि बच्चा नई चीज़ें सीखने में गलती या कष्ट के डर से पीछे न हटे।
Example 4: रूठना-मचलना · 2 marks · Short answerHOTS / competency
आम तौर पर बच्चों को रूठने-मचलने से रोका जाता है, फिर कवि उसे 'सीखने' का आशीर्वाद क्यों देते हैं? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- यह रूठना छोटी चीज़ों के लिए नहीं, 'अप्राप्य सच्चाइयों' के लिए है।
- अर्थ: बड़े लक्ष्य के लिए हठ, न मानने वाली लगन।
Answer: कवि छोटी चीज़ों के लिए नहीं, चाँद-तारों जैसी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए रूठना-मचलना सिखाते हैं। इसका अर्थ है बड़े, कठिन लक्ष्यों के लिए हठ और कभी हार न मानने वाली लगन।
Example 5: केंद्रीय भाव · 2 marks · Short answerExam level
'एक आशीर्वाद' कविता का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में लिखिए। (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- बड़े सपने + यथार्थ की समझ।
- लगन, खुशी, जिज्ञासा, अनुभव, आत्मनिर्भरता।
Answer: कवि बच्चे को आशीर्वाद देते हैं कि वह बड़े सपने देखे, सच्चाई का सामना करे, कठिन लक्ष्यों के लिए लगन रखे, खुश रहे, अनुभव से सीखे और आत्मनिर्भर बने।
Example 6: स्वप्न और पृथ्वी: विरोध या मेल? · 2 marks · Short answerHarder exam level
कविता एक ओर 'स्वप्न बड़े हों' कहती है और दूसरी ओर 'पृथ्वी पर चलना सीखें'। क्या ये दोनों बातें एक-दूसरे के विरुद्ध हैं? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- सपने = दिशा और ऊँचाई; पृथ्वी = व्यावहारिक कदम।
- दोनों मिलकर सफलता; एक-दूसरे के पूरक।
Answer: नहीं, दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। बड़े सपने दिशा देते हैं और यथार्थ की धरती पर चलना उन्हें पूरा करने के व्यावहारिक कदम सिखाता है; दोनों मिलकर ही सफलता मिलती है।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
'उँगली जलाएँ' का भाव (25-30 शब्द, 2 अंक) (2 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| प्रतीक का अर्थ: जोखिम/कष्ट सहकर अनुभव | 1 |
| कवि की कामना: गलती के डर से न रुकना, अनुभव से सीखना | 1 |
छोटी बहन को हिम्मत देने वाली पंक्तियाँ (40-50 शब्द, 3 अंक) (3 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| सही पंक्तियाँ चुनना | 1 |
| पहली पंक्ति का स्थिति से जुड़ाव | 1 |
| दूसरी पंक्ति का स्थिति से जुड़ाव | 1 |
Where students lose marks in एक आशीर्वाद – दुष्यंत कुमार
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: 'उँगली जलाएँ' का शाब्दिक अर्थ लिखना ('आग से हाथ जलाना')
यह प्रतीक है: जोखिम उठाकर, कष्ट सहकर सीखना।
Do this: प्रतीकात्मक अर्थ लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: 'स्वप्न' को नींद के सपने समझना
यहाँ स्वप्न = लक्ष्य, आकांक्षाएँ।
Do this: 'बड़े लक्ष्य' लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: 'रूठना-मचलना' को बुरी आदत बताना
यह अप्राप्य सच्चाइयों (बड़े लक्ष्यों) के लिए लगन का प्रतीक है।
Do this: 'बड़े लक्ष्य के लिए हठ और प्रयास' लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: कवि का नाम या परिचय गलत लिखना
दुष्यंत कुमार को अक्सर दूसरे कवियों से मिला दिया जाता है।
Do this: 'बिजनौर की धूप' सूत्र याद रखें।
Usually costs: 1 अंक
Practice questions on एक आशीर्वाद – दुष्यंत कुमार
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQExam level
'एक आशीर्वाद' कविता के कवि कौन हैं?
(क) महादेवी वर्मा
(ख) दुष्यंत कुमार
(ग) कबीर
(घ) गिरिजा कुमार माथुरHint
'साये में धूप'।
Answer
(ख) दुष्यंत कुमार
Q2 · 1 mark · Very short answerExam level
दुष्यंत कुमार के सबसे चर्चित ग़ज़ल-संग्रह का नाम लिखिए।
Hint
धूप।
Answer
'साये में धूप'।
Q3 · 1 mark · Very short answerHarder exam level
कविता की किस पंक्ति में 'आत्मनिर्भरता' का आशीर्वाद है?
Hint
मुहावरा।
Answer
'अपने पाँवों पर खड़े हों।'
Q4 · 2 marks · Short answerHarder exam level
कविता के आशीर्वाद में केवल सुख की नहीं, संघर्ष की भी कामना है। ऐसी दो पंक्तियाँ चुनकर बताइए कि वे क्यों ज़रूरी हैं। (25-30 शब्द)
Hint
रूठना-मचलना, उँगली जलाना।
Answer
'रूठना-मचलना सीखें' बड़े लक्ष्य के लिए हठ सिखाता है और 'उँगली जलाएँ' जोखिम उठाकर सीखना। दोनों ज़रूरी हैं, क्योंकि केवल आराम से कोई मज़बूत और आत्मनिर्भर नहीं बनता।
Q5 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए आपकी छोटी बहन साइकिल चलाना सीखते हुए गिरने के डर से सीखना छोड़ना चाहती है। 'एक आशीर्वाद' की कौन-सी पंक्तियाँ उसे हिम्मत देंगी और कैसे? (40-50 शब्द)
Hint
उँगली जलाएँ; अपने पाँवों पर खड़े हों।
Answer
'उँगली जलाएँ' बताती है कि सीखते समय चोट या गलती होना स्वाभाविक है और उसी से सीख पक्की होती है। 'अपने पाँवों पर खड़े हों' याद दिलाती है कि थोड़ी हिम्मत से वह खुद साइकिल चला सकेगी और किसी पर निर्भर नहीं रहेगी।
Q6 · 1 mark · MCQHarder exam level
कथन (A): कविता में बड़ा व्यक्ति बच्चे के लिए केवल सुख और आराम की कामना करता है।
कारण (R): कविता में 'उँगली जलाएँ' जैसी कष्ट और जोखिम की बात भी कही गई है।
(क) A और R दोनों सही, R व्याख्या करता है
(ख) A और R दोनों सही, R व्याख्या नहीं करता
(ग) A सही, R गलत
(घ) A गलत, R सहीHint
क्या केवल सुख की कामना है?
Answer
(घ) A गलत, R सही
Q7 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए आपका दोस्त कहता है, 'बड़े सपने देखना बेकार है, वे पूरे नहीं होते।' 'एक आशीर्वाद' के आधार पर आप उसे क्या उत्तर देंगे? (25-30 शब्द)
Hint
स्वप्न बड़े हों + पृथ्वी पर चलना सीखें।
Answer
कविता कहती है कि सपने बड़े हों, पर वे धरती पर चलना भी सीखें। यानी सपने बड़े रखो और योजना व मेहनत से उन्हें पूरा करो; तब वे बेकार नहीं जाते।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.कविता का पहला शब्द क्या है?Show answer
'जा'।
2.'अप्राप्य' का अर्थ?Show answer
जिसे पाना कठिन हो।
3.दुष्यंत कुमार का जन्म कहाँ हुआ?Show answer
बिजनौर (उत्तर प्रदेश)।
4.दुष्यंत कुमार रचनावली कितने खंडों में है?Show answer
चार।
5.कविता में किन तीन क्रियाओं से खुशी का आशीर्वाद है?Show answer
हँसें, मुसकराएँ, गाएँ।
6.'चाँद-तारों-सी' में कौन-सा अलंकार है?Show answer
उपमा।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप कविता के सातों आशीर्वाद क्रम से बता सकते हैं?
- क्या आप 'भावना की गोद', 'दीया' और 'उँगली जलाना' के प्रतीकात्मक अर्थ लिख सकते हैं?
- क्या आप समझा सकते हैं कि बड़े सपने और यथार्थ एक-दूसरे के पूरक कैसे हैं?
- क्या आप कविता में उपमा और मुहावरे का एक-एक उदाहरण दे सकते हैं?
- क्या आप दुष्यंत कुमार का परिचय तीन तथ्यों में लिख सकते हैं?
एक आशीर्वाद – दुष्यंत कुमार: frequently asked questions
'एक आशीर्वाद' कविता में आशीर्वाद कौन दे रहा है?
कविता में नाम नहीं है; कोई बड़ा, जैसे माता-पिता या शुभचिंतक, बच्चे को आगे बढ़ने के लिए भेजते हुए आशीर्वाद दे रहा है।
कविता का मुख्य संदेश क्या है?
बड़े सपने देखो, पर यथार्थ में कदम रखो; कठिन लक्ष्य के लिए लगन रखो, खुश रहो, अनुभव से सीखो और आत्मनिर्भर बनो।
कविता में तुक क्यों नहीं है?
यह मुक्त छंद की कविता है; इसमें लय भावों और छोटी पंक्तियों के ठहराव से आती है, तुक से नहीं।
Based on: NCERT मल्हार, कक्षा 8 (Reprint 2026-27), पाठ 3: एक आशीर्वाद; NCERT मल्हार, कक्षा 8: पुस्तक पृष्ठ