मत बाँधो: Class 8 हिंदी मल्हार पाठ 7, भावार्थ और प्रश्न-उत्तर
Updated 15 October 2026 · Fact-checked
'मत बाँधो' महादेवी वर्मा की कविता है, जो मल्हार (कक्षा 8) का सातवाँ पाठ है। कवयित्री कहती हैं कि सपनों के पंख मत काटो और उनकी गति मत बाँधो। सपने ऊपर आकाश तक उड़ते भी हैं और धरती पर लौटते भी हैं; आज़ाद होकर वे आकाश से रंग और रोशनी लाकर धरती को स्वर्ग बनाने की कला सिखाएँगे।
What मत बाँधो – महादेवी वर्मा is about
मत बाँधो NCERT की हिंदी पुस्तक मल्हार (कक्षा 8) का सातवाँ पाठ है। इसकी रचयिता महादेवी वर्मा (1907-1987) हिंदी की सुप्रसिद्ध कवयित्री हैं। कवि-परिचय के अनुसार उनका जन्म फ़र्रुख़ाबाद (उत्तर प्रदेश) में हुआ और उन्होंने छोटी उम्र में ही कविता लिखना शुरू कर दिया। बच्चों के लिए उन्होंने 'बारहमासा', 'आज ख़रीदेंगे हम ज्वाला', 'अब यह चिड़िया कहाँ रहेगी' जैसी कविताएँ लिखीं। 'मेरा परिवार', 'अतीत के चलचित्र', 'स्मृति की रेखाएँ' और 'पथ के साथी' उनका भावपूर्ण गद्य है; 'नीहार', 'रश्मि', 'नीरजा', 'सांध्य गीत' और 'दीपशिखा' चर्चित कविता-संग्रह हैं। उन्हें भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला और वे चित्रकार भी थीं।
यह कविता सपनों की स्वतंत्रता का गीत है। इसमें सौरभ (सुगंध), बीज, अग्नि और धूम (धुआँ) के उदाहरणों से समझाया गया है कि सपनों में ऊपर उठने और नीचे लौटने, दोनों तरह की गति होती है।
कक्षा 8 की परीक्षा विद्यालय लेता है और CBSE इसका प्रश्न-पत्र ढाँचा नहीं देता, इसलिए यहाँ प्रश्न कक्षा 9-10 जैसे रखे गए हैं: काव्यांश पर बहुविकल्पी प्रश्न और 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न।
Weightage: कक्षा 8 का मूल्यांकन विद्यालय स्वयं करता है; CBSE कक्षा 8 के लिए कोई पाठ्यक्रम या प्रश्न-पत्र का ढाँचा जारी नहीं करता, और विद्यालय NCERT की पुस्तक मल्हार पढ़ाते हैं। इसलिए यहाँ के प्रश्न कक्षा 9-10 हिंदी के प्रश्न-प्रकारों (पठित अंश पर बहुविकल्पी प्रश्न, 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न) के ढाँचे पर बने हैं।Source: CBSE पाठ्यक्रम दस्तावेज़ 2026-27 (कक्षा 9-12) और NCERT मल्हार, कक्षा 8 (Reprint 2026-27)
मत बाँधो – महादेवी वर्मा: explanation
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
टेक: पंख न काटो, गति मत बाँधो। कविता की शुरुआत और अंत में कवयित्री कहती हैं कि इन सपनों के पंख मत काटो और इनकी गति (उड़ान) को मत बाँधो। सपनों को पक्षी की तरह पंखों वाला बताया गया है।
पहला पद: केवल ऊपर या केवल नीचे। सुगंध (सौरभ) आकाश में उड़ जाती है और फिर लौटकर नहीं आती। धूल में गिरा बीज कभी आकाश में उड़ नहीं पाता। आग हमेशा धरती पर जलती है, पर उसका धुआँ (धूम) आकाश में मँडराता है। यानी हर चीज़ की एक ही दिशा है, पर सपनों में दोनों ही गतियाँ हैं: वे ऊपर उड़ते भी हैं और उड़कर आँखों में (धरती पर, हमारे पास) लौट भी आते हैं। इसलिए इनका आरोहण (ऊपर चढ़ना) मत रोको और अवरोहण (नीचे उतरना) मत बाँधो।
दूसरा पद: सपने क्या लाएँगे। खुले आकाश में घूमकर सपना तारों में मिल जाएगा और फिर बादलों से रंग तथा किरणों से चमक (दीप्ति) लेकर धरती पर लौटेगा। वह धरती को स्वर्ग बनाने का कोई शिल्प (कला, तरीका) सिखाएगा। इसलिए सपनों को आकाश तक जाने से मत रोको और धरती से मत बाँधो।
केंद्रीय भाव: सपने और कल्पनाएँ आज़ाद रहें, तो वे ऊँचाइयाँ छूकर नई प्रेरणा, सुंदरता और विचार लाते हैं, जिनसे धरती और जीवन बेहतर बनता है। बच्चों और हर व्यक्ति के सपनों पर रोक नहीं लगानी चाहिए।
Themes and message
सपनों की स्वतंत्रता
सपनों के पंख काटना और उनकी गति बाँधना, यानी किसी की कल्पना और आकांक्षा पर रोक लगाना, गलत है।
From the text: 'इन सपनों के पंख न काटो इन सपनों की गति मत बाँधो!'
सपनों की दोहरी गति
सुगंध केवल ऊपर जाती है, बीज केवल नीचे रहता है, पर सपने ऊपर भी उड़ते हैं और लौटकर आँखों में भी आते हैं।
From the text: 'सपनों में दोनों ही गति हैं उड़ कर आँखों में आता है!'
कल्पना से धरती का निर्माण
आज़ाद सपने आकाश से रंग और रोशनी लाकर धरती को स्वर्ग बनाने की कला सिखाते हैं; यानी बड़े विचार ही दुनिया को सुंदर बनाते हैं।
From the text: 'स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प भूमि को सिखलायेगा!'
ऊँचाई और जड़ें, दोनों
सपने आकाश तक जाते हैं पर अंत में भू पर लौटते हैं; वे धरती से कटते नहीं, धरती के लिए ही कुछ लाते हैं।
From the text: 'दीप्ति लिए भू पर आयेगा।'
The speaker and the people in the poem
कवयित्री (वक्ता)
जो सपनों पर रोक लगाने वालों से निवेदन कर रही हैं।
- कल्पनाशील
- स्वतंत्रता की समर्थक
- आशावादी: सपनों से स्वर्ग बनने का विश्वास
'नभ तक जाने से मत रोको धरती से इसको मत बाँधो!'
सपने (पक्षी के रूप में)
कविता का केंद्र; पंखों वाले, उड़ने और लौटने वाले।
- मुक्त गगन में विचरने वाले
- रंग और दीप्ति लाने वाले
'मुक्त गगन में विचरण कर यह तारों में फिर मिल जायेगा,'
Poetic devices
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| रूपक/मानवीकरण | 'इन सपनों के पंख न काटो' (सपनों को पक्षी माना गया) | अमूर्त सपनों को उड़ते पक्षी की तरह देखने योग्य बना देता है। |
| दृष्टांत (उदाहरण से समझाना) | सौरभ, बीज, अग्नि और धूम | एक दिशा वाली चीज़ों से तुलना करके सपनों की दोहरी गति स्पष्ट होती है। |
| प्रश्न-शैली | 'फिर वह लौट कहाँ आता है?', 'वह नभ में कब उड़ पाता है?' | पाठक को सोचने पर मजबूर करती है; उत्तर प्रश्न में छिपा है। |
| विलोम शब्दों का प्रयोग | 'आरोहण'-'अवरोहण', 'नभ'-'धरती', 'उड़ना'-'गिरना' | ऊपर-नीचे की दोनों गतियों का संतुलित चित्र। |
| टेक (पुनरावृत्ति) | 'इन सपनों के पंख न काटो...' आरंभ और अंत में | मुख्य निवेदन पर ज़ोर; गीत जैसी लय। |
| तत्सम शब्द | सौरभ, धूम, आरोहण, अवरोहण, दीप्ति, शिल्प | भाषा में गरिमा और कोमलता; छायावादी शैली की झलक। |
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
इन सपनों के पंख न काटो
कवयित्री: कविता की टेक।
सपनों की उड़ान पर रोक न लगाने का निवेदन।
सौरभ उड़ जाता है नभ में फिर वह लौट कहाँ आता है?
कवयित्री: पहला पद।
सुगंध की केवल ऊपर जाने वाली गति।
इसका आरोहण मत रोको इसका अवरोहण मत बाँधो!
कवयित्री: पहले पद का अंत।
सपनों की ऊपर-नीचे, दोनों गतियाँ खुली रहें।
स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प भूमि को सिखलायेगा!
कवयित्री: दूसरा पद।
आज़ाद सपने धरती को सुंदर बनाने का रास्ता दिखाते हैं।
मत बाँधो – महादेवी वर्मा in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
दूसरों के सपनों का सम्मान
मान लीजिए आपकी छोटी बहन कहती है कि वह अंतरिक्ष यात्री बनेगी और कुछ लोग उस पर हँसते हैं।
'मत बाँधो' की सीख से आप क्या करेंगे?
Try it first, then show the solutionSolution
- सपनों के पंख न काटो: हँसी उड़ाना पंख काटना है।
- उसे अंतरिक्ष की किताबें, वीडियो दिखाकर प्रोत्साहन।
Answer: हँसने वालों का साथ नहीं दूँगा; बहन को अंतरिक्ष की किताबें दिखाऊँगा और विज्ञान में मेहनत के लिए प्रोत्साहित करूँगा, ताकि उसके सपने की उड़ान बनी रहे।
Memory hook: हँसी से नहीं, हौसले से।
सपने और धरती
कल्पना कीजिए कि आप एक ऐसा ऐप बनाने का सपना देखते हैं जो गाँव के किसानों को मौसम की जानकारी दे।
यह सपना 'रंग और दीप्ति लेकर भू पर आने' का उदाहरण कैसे है?
Try it first, then show the solutionSolution
- सपना ऊँचा: तकनीक, नई सोच।
- लौटकर धरती (किसानों) की मदद।
Answer: यह सपना तकनीक की ऊँचाई तक जाता है, पर लौटकर धरती पर किसानों की मदद करता है; यही 'स्वर्ग बनाने का शिल्प' सिखाना है।
Memory hook: ऊँचा उड़ो, धरती के लिए लौटो।
अपने सपने को बाँधने वाला डर
यदि आप भाषण प्रतियोगिता में नाम देना चाहते हैं पर डरते हैं कि लोग क्या कहेंगे, तो?
कविता की टेक आपसे क्या कहती है?
Try it first, then show the solutionSolution
- डर भी सपनों को बाँधता है।
- नाम लिखवाना, अभ्यास करना।
Answer: 'इन सपनों की गति मत बाँधो' कहती है कि अपने डर से अपने सपने को मत बाँधो; नाम लिखवाकर अभ्यास शुरू करो।
Memory hook: डर की रस्सी खोलो।
Topics in this chapter
How the school exam asks मत बाँधो – महादेवी वर्मा
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| पठित काव्यांश पर बहुविकल्पी प्रश्न (1 अंक प्रत्येक) | किसी पद को देकर: सौरभ/बीज/धूम का उदाहरण, आरोहण-अवरोहण का अर्थ, सपनों की गति, अलंकार, कथन-कारण। | पहले हर उदाहरण की दिशा (ऊपर/नीचे) पहचानें, फिर सपनों से तुलना। |
| भाव स्पष्ट करना (2 अंक, 25-30 शब्द) | 'सपनों में दोनों ही गति हैं...' या 'स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प...' का भाव। | सरल अर्थ + सपनों का जीवन में महत्त्व। |
| विचारात्मक प्रश्न | सपनों के पंख कौन और कैसे काटता है; अपने किसी सपने के बारे में; कविता का संदेश। | कविता की पंक्ति + अपने जीवन का उदाहरण। |
Tricks to remember मत बाँधो – महादेवी वर्मा
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
चार उदाहरण, दो दिशाएँ
सौरभ ↑ (लौटता नहीं), बीज ↓ (उड़ता नहीं), अग्नि ↓ धरती पर, धूम ↑ गगन में; सपने ↑↓ दोनों।
Use it when: पहले पद के प्रश्न।
सपने की यात्रा: 'ग-ता-मे-भू-स्व'
गगन में विचरण → तारों में मिलना → मेघों-किरणों से रंग-दीप्ति → भू पर लौटना → स्वर्ग बनाने का शिल्प।
Use it when: दूसरे पद के प्रश्न।
कवयित्री-परिचय: 'फ़र्रुख़ाबाद की दीपशिखा'
महादेवी वर्मा (1907-1987), फ़र्रुख़ाबाद; नीहार, रश्मि, नीरजा, सांध्य गीत, दीपशिखा; ज्ञानपीठ; चित्रकार भी।
Use it when: कवि-परिचय।
मत बाँधो – महादेवी वर्मा: extract-based questions
Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.
Extract 1: काव्यांश 1: सपनों की दोहरी गति
सौरभ उड़ जाता है नभ में
फिर वह लौट कहाँ आता है?
बीज धूलि में गिर जाता जो
वह नभ में कब उड़ पाता है?
(1) · 1 mark · MCQ
'सौरभ' शब्द का अर्थ है:
(क) सूरज
(ख) सुगंध
(ग) बादल
(घ) सोना(2) · 1 mark · MCQ
काव्यांश की पहली चार पंक्तियों में कौन-सी शैली अपनाई गई है?
(क) प्रश्न-शैली: बात प्रश्न के रूप में कही गई है, जिसका उत्तर 'कभी नहीं' है
(ख) संवाद-शैली
(ग) कहानी-शैली
(घ) पत्र-शैली(3) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: आगे कवयित्री कहती हैं कि अग्नि सदा धरती पर जलती है और उसका 'धूम' आकाश में मँडराता है; 'सपनों में दोनों ही गति हैं'।) 'धूम' का अर्थ है:
(क) धूप
(ख) धुआँ
(ग) धूल
(घ) शोर(4) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: पिछले प्रश्न का संदर्भ देखें।) 'सपनों में दोनों ही गति हैं' से आशय है:
(क) सपने तेज़ और धीमे होते हैं
(ख) सपने ऊपर उड़ते भी हैं और लौटकर नीचे भी आते हैं
(ग) सपने दिन और रात दोनों में आते हैं
(घ) सपने अच्छे और बुरे होते हैं(5) · 1 mark · Assertion-reason
(संदर्भ: पिछले प्रश्नों का संदर्भ देखें।) कथन (A): कवयित्री सौरभ, बीज, अग्नि और धूम के उदाहरण देती हैं।
कारण (R): इन सबकी एक ही दिशा की गति से तुलना करके वे सपनों की दोहरी गति को विशेष बताती हैं।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
Show the answersAnswers
- (ख) सुगंध।
- (क) प्रश्न-शैली: सौरभ लौटता नहीं और बीज उड़ नहीं पाता, यह बात प्रश्न के रूप में कही गई है।
- (ख) धुआँ।
- (ख) सपने ऊपर उड़ते भी हैं और लौटकर नीचे भी आते हैं।
- (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
Extract 2: काव्यांश 2: सपने क्या लाएँगे
मुक्त गगन में विचरण कर यह
तारों में फिर मिल जायेगा,
मेघों से रंग औ' किरणों से
दीप्ति लिए भू पर आयेगा।
(1) · 1 mark · MCQ
सपना मेघों और किरणों से क्या लाएगा?
(क) पानी और गर्मी
(ख) रंग और दीप्ति (चमक)
(ग) बिजली और ओले
(घ) अँधेरा(2) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: कवयित्री आगे कहती हैं कि सपना धरती को स्वर्ग बनाने का कोई नया 'शिल्प' सिखाएगा, इसलिए उसे आकाश तक जाने से न रोका जाए।) 'शिल्प' शब्द का यहाँ अर्थ है:
(क) पत्थर
(ख) कला, बनाने का तरीका
(ग) मूर्ति
(घ) मशीन(3) · 1 mark · MCQ
'मेघों से रंग औ' किरणों से' में 'औ'' किस शब्द का छोटा रूप है?
(क) और
(ख) ओर
(ग) अब
(घ) औरत(4) · 1 mark · MCQ
'भू' का पर्यायवाची है:
(क) नभ
(ख) धरती
(ग) मेघ
(घ) तारा(5) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: पिछले प्रश्न का संदर्भ देखें।) इस काव्यांश में सपनों की यात्रा का सही क्रम है:
(क) धरती → तारे → बादल → धरती
(ख) मुक्त गगन → तारों में मिलना → रंग-दीप्ति लेकर भू पर आना
(ग) बादल → धरती → स्वर्ग
(घ) धरती → धूल → बीज
Show the answersAnswers
- (ख) रंग और दीप्ति (चमक)।
- (ख) कला, बनाने का तरीका।
- (क) 'और'; कविता की लय के लिए छोटा रूप लिखा गया है।
- (ख) धरती।
- (ख) मुक्त गगन → तारों में मिलना → रंग-दीप्ति लेकर भू पर आना।
मत बाँधो – महादेवी वर्मा: exam-level solved questions
Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: सपने की यात्रा और बादल · 2 marks · Short answerExam level
सपना 'तारों में फिर मिल जायेगा' और फिर 'भू पर आयेगा'। सपने की इस यात्रा की तुलना बादल के बनने और बरसने से कीजिए। (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- पानी भाप बनकर ऊपर, बादल बनकर वर्षा के रूप में नीचे।
- सपना ऊपर उठकर रंग-दीप्ति लेता है और लौटकर धरती को सुंदर बनाता है।
Answer: जैसे पानी भाप बनकर ऊपर उठता है और वर्षा बनकर धरती को हरा-भरा करता है, वैसे ही सपना ऊपर उठकर रंग-दीप्ति लेता है और लौटकर धरती को सुंदर बनाता है।
Example 2: आरोहण और अवरोहण · 2 marks · Short answerHarder exam level
'इसका आरोहण मत रोको इसका अवरोहण मत बाँधो!' का भाव स्पष्ट कीजिए। (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- आरोहण = ऊपर उठना; अवरोहण = नीचे उतरना।
- सपनों को ऊँचा उड़ने और लौटकर धरती पर कुछ देने, दोनों की छूट हो।
Answer: आरोहण का अर्थ है ऊपर उठना और अवरोहण का नीचे उतरना। कवयित्री चाहती हैं कि सपनों को ऊँचाई तक उड़ने और फिर धरती पर लौटकर कुछ नया देने, दोनों की आज़ादी मिले।
Example 3: भविष्य काल का विश्वास · 2 marks · Short answerHarder exam level
दूसरे पद में 'मिल जायेगा', 'आयेगा', 'सिखलायेगा' जैसी क्रियाएँ भविष्य काल में हैं। कवयित्री ने सपनों के लिए भविष्य काल का प्रयोग क्यों किया होगा? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- सपने अभी पूरे नहीं हुए; वे आगे की आशा हैं।
- भविष्य काल से विश्वास: आज़ाद छोड़ने पर सपने ज़रूर कुछ सुंदर लाएँगे।
Answer: सपने अभी पूरे नहीं हुए, वे आगे की आशा हैं। भविष्य काल से कवयित्री का विश्वास झलकता है कि आज़ाद छोड़ने पर सपने ज़रूर रंग-दीप्ति लाएँगे और धरती को सुंदर बनाएँगे।
Example 4: सपनों से स्वर्ग · 2 marks · Short answerHOTS / competency
आज़ाद सपने धरती को 'स्वर्ग बनाने का शिल्प' कैसे सिखा सकते हैं? किसी आविष्कार का उदाहरण देकर समझाइए। (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- हर बड़ा आविष्कार पहले किसी का सपना था।
- उदाहरण: उड़ने का सपना → हवाई जहाज़; दूर बात करने का सपना → टेलीफ़ोन।
Answer: हर बड़ा आविष्कार पहले किसी का सपना था। मनुष्य ने पक्षियों की तरह उड़ने का सपना देखा, तो हवाई जहाज़ बना। ऐसे सपने धरती पर जीवन को सुंदर और आसान बनाते हैं।
Example 5: सपनों के पंख कौन काटता है · 2 marks · Short answerHOTS / competency
आपके विचार से आज बच्चों के सपनों के 'पंख' किन बातों से कट जाते हैं? कोई दो बातें लिखिए। (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- दूसरों से तुलना, 'यह तुमसे नहीं होगा' जैसे वाक्य।
- केवल अंकों का दबाव, रुचि को महत्त्व न देना।
Answer: 'यह तुमसे नहीं होगा' जैसी बातें और दूसरों से लगातार तुलना बच्चों का आत्मविश्वास तोड़ती हैं। केवल अंकों का दबाव भी उनकी रुचियों और नए सपनों की उड़ान रोक देता है।
Example 6: केंद्रीय भाव · 2 marks · Short answerExam level
'मत बाँधो' कविता का केंद्रीय भाव लिखिए। (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- सपनों की स्वतंत्रता।
- आज़ाद सपने रंग-रोशनी लाकर धरती को बेहतर बनाते हैं।
Answer: कविता का केंद्रीय भाव सपनों की स्वतंत्रता है। सपनों को ऊँचा उड़ने और लौटने की आज़ादी मिले, तो वे नई सुंदरता और विचार लाकर धरती को स्वर्ग जैसा बना सकते हैं।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
'इसका आरोहण मत रोको...' का भाव (25-30 शब्द, 2 अंक) (2 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| आरोहण-अवरोहण का सही अर्थ | 1 |
| सपनों की दोनों गतियों की आज़ादी का भाव | 1 |
चित्रकार बनने वाले मित्र के परिवार को समझाना (40-50 शब्द, 3 अंक) (3 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| कविता की पंक्ति/विचार से जुड़ाव | 1 |
| सपने के लाभ (धरती को रंग-सुंदरता) | 1 |
| व्यावहारिक सुझाव | 1 |
Where students lose marks in मत बाँधो – महादेवी वर्मा
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: 'सौरभ' का अर्थ 'सूरज' या 'सौर ऊर्जा' लिखना
सौरभ = सुगंध।
Do this: कठिन शब्दों की सूची दोहराएँ।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: यह लिखना कि कवयित्री सपनों को केवल आकाश में रहने देना चाहती हैं
कविता में सपने लौटकर भू पर आते हैं और धरती को कुछ सिखाते हैं।
Do this: 'उड़ना और लौटना, दोनों' लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: आरोहण-अवरोहण के अर्थ उलट देना
आरोहण = ऊपर चढ़ना, अवरोहण = नीचे उतरना।
Do this: 'आरोह = आरोहण = ऊपर' याद रखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: भाव के प्रश्न में केवल शब्दार्थ लिखकर छोड़ देना
2 अंक के लिए सपनों के जीवन में महत्त्व से जोड़ना ज़रूरी है।
Do this: अर्थ + संदेश, दो वाक्य।
Usually costs: 1 अंक
Practice questions on मत बाँधो – महादेवी वर्मा
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQExam level
'मत बाँधो' कविता की रचयिता कौन हैं?
(क) सुभद्राकुमारी चौहान
(ख) महादेवी वर्मा
(ग) मीराबाई
(घ) निर्मला पुतुलHint
'दीपशिखा'।
Answer
(ख) महादेवी वर्मा
Q2 · 1 mark · Very short answerExam level
महादेवी वर्मा का जन्म कहाँ हुआ था?
Hint
उत्तर प्रदेश।
Answer
फ़र्रुख़ाबाद (उत्तर प्रदेश) में।
Q3 · 1 mark · Very short answerHarder exam level
'आरोहण' और 'अवरोहण' का अर्थ लिखिए।
Hint
विलोम।
Answer
आरोहण = ऊपर चढ़ना; अवरोहण = नीचे उतरना।
Q4 · 2 marks · Short answerHarder exam level
'अग्नि सदा धरती पर जलती, धूम गगन में मँडराता है' पंक्ति में कौन-सी दो विपरीत दिशाएँ दिखाई गई हैं? (25-30 शब्द)
Hint
आग नीचे, धुआँ ऊपर।
Answer
आग हमेशा धरती पर (नीचे) जलती है, जबकि उसका धुआँ ऊपर आकाश में मँडराता है। एक ही चीज़ के दो रूप अलग दिशाओं में हैं; सपने इन दोनों गतियों को अपने भीतर रखते हैं।
Q5 · 1 mark · MCQHarder exam level
कथन (A): कवयित्री सपनों को धरती से पूरी तरह अलग कर देना चाहती हैं।
कारण (R): कविता के अनुसार सपने रंग और दीप्ति लेकर भू पर लौटते हैं।
(क) A और R दोनों सही, R व्याख्या करता है
(ख) A और R दोनों सही, R व्याख्या नहीं करता
(ग) A सही, R गलत
(घ) A गलत, R सहीHint
सपने लौटते हैं।
Answer
(घ) A गलत, R सही
Q6 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए आपका मित्र चित्रकार बनना चाहता है, पर लोग कहते हैं कि इसमें भविष्य नहीं। 'मत बाँधो' कविता के आधार पर आप उसके परिवार को क्या समझाएँगे? (40-50 शब्द)
Hint
पंख न काटो; सपने लौटकर धरती को कुछ देते हैं; महादेवी स्वयं चित्रकार थीं।
Answer
मैं कहूँगा कि सपनों के पंख काटने से प्रतिभा मर जाती है। चित्रकला जैसा सपना आकाश के रंग धरती पर लाता है और दुनिया को सुंदर बनाता है। इस कविता की रचयिता महादेवी वर्मा स्वयं चित्रकार भी थीं; इसलिए उसे पढ़ाई के साथ अपने सपने का अभ्यास करने दें।
Q7 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
'नभ तक जाने से मत रोको, धरती से इसको मत बाँधो' पंक्ति आपको अपने किसी सपने के बारे में क्या प्रेरणा देती है? (25-30 शब्द)
Hint
कोई भी सपना; डर या सीमा छोड़ना।
Answer
मेरा सपना वैज्ञानिक बनने का है। यह पंक्ति प्रेरणा देती है कि मैं डर या 'यह मुश्किल है' जैसी बातों से अपने सपने को न बाँधूँ और ऊँचा लक्ष्य रखकर मेहनत करूँ।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.धूल में गिरा क्या आकाश में नहीं उड़ पाता?Show answer
बीज।
2.गगन में क्या मँडराता है?Show answer
धूम (धुआँ)।
3.सपना मेघों से क्या लेगा?Show answer
रंग।
4.सपना भूमि को क्या सिखलाएगा?Show answer
स्वर्ग बनाने का शिल्प।
5.महादेवी वर्मा को कौन-सा बड़ा पुरस्कार मिला?Show answer
भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार।
6.महादेवी वर्मा की बच्चों के लिए एक कविता का नाम?Show answer
'बारहमासा' (या 'आज ख़रीदेंगे हम ज्वाला', 'अब यह चिड़िया कहाँ रहेगी')।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप कविता की टेक और उसका अर्थ बता सकते हैं?
- क्या आप सौरभ, बीज, अग्नि और धूम की गतियाँ बता सकते हैं?
- क्या आप समझा सकते हैं कि सपनों में 'दोनों गति' कैसे हैं?
- क्या आप सपने की आकाश से धरती तक की यात्रा क्रम से लिख सकते हैं?
- क्या आप महादेवी वर्मा के तीन कविता-संग्रहों के नाम बता सकते हैं?
मत बाँधो – महादेवी वर्मा: frequently asked questions
'इसका आरोहण', 'यह तारों में फिर मिल जायेगा' में 'इसका' और 'यह' किसके लिए आए हैं?
सपने के लिए। कवयित्री पूरी कविता में सपने की ही बात कर रही हैं: उसका ऊपर उठना, तारों में मिलना और रंग-दीप्ति लेकर भू पर लौटना।
कविता में सपनों की तुलना किससे की गई है?
पंखों वाले पक्षी से; और सौरभ, बीज, अग्नि, धूम के उदाहरणों से उनकी गति की तुलना की गई है।
'दीप्ति' का क्या अर्थ है?
चमक, प्रकाश। सपना किरणों से दीप्ति लेकर धरती पर आएगा।
Based on: NCERT मल्हार, कक्षा 8 (Reprint 2026-27), पाठ 7: मत बाँधो; NCERT मल्हार, कक्षा 8: पुस्तक पृष्ठ