नए मेहमान (उदयशंकर भट्ट), कक्षा 8: अनजान मेहमान, व्यंग्य और अपनापन
Updated 17 October 2026 · Fact-checked
उदयशंकर भट्ट के एकांकी 'नए मेहमान' में गर्मी से बेहाल विश्वनाथ और बीमार रेवती के छोटे घर में रात को दो अनजान आदमी, नन्हेमल और बाबूलाल, आकर खाना-पानी माँगते हैं। बाद में पता चलता है कि वे कविराज रामलाल वैद्य के मेहमान थे। फिर रेवती का भाई आता है और रेवती सिरदर्द भूलकर उसके लिए खाना बनाने चल देती है, जिससे अपनेपन और बेगानेपन का अंतर स्पष्ट होता है।
Revati refuses food to unknown guests but forgets her headache for her brother: belonging, not duty, makes the difference.
Illustration drawn for QuestionBuddy.
Understand नए मेहमान: अनजान मेहमान, व्यंग्य और अपनेपन का अंतर
एकांकी क्या है। एक अंक का नाटक, जिसमें सीमित पात्र, एक स्थान और एक मुख्य घटना होती है। रंग-निर्देश कोष्ठक में लिखे जाते हैं और अंत में 'यवनिका' (परदा) गिरता है।
घर की स्थिति। गर्मी की रात है। विश्वनाथ (45 वर्ष) पसीने से तर होकर घर लौटे हैं। मकान छोटा और किराये का है, भट्टी की तरह तप रहा है। रेवती के सिर में पंद्रह दिन से दर्द है। छत इतनी छोटी है कि खाटें पूरी नहीं आतीं, और पड़ोसी अपनी छत पर बच्चों की खाट तक नहीं बिछाने देते। विश्वनाथ दो साल से नया मकान ढूँढ़ रहे हैं। रेवती कहती है: 'ईश्वर करे इन दिनों कोई मेहमान न आए।'
अनजान मेहमानों का आना। नन्हेमल (लगभग 35 वर्ष) और बाबूलाल (लगभग 24 वर्ष) बिस्तर-संदूक लेकर बिना परिचय दिए घर में घुस आते हैं। वे गर्मी की बातें करते हैं, ठंडा पानी, नहाना और खाना (साग-पूरी, पराँठे) माँगते हैं। संपतराम गोटेवाले और सेठ जगदीशप्रसाद का नाम लेकर वे जान-पहचान जताते हैं, पर विश्वनाथ उन्हें नहीं जानते।
परेशानियाँ। रेवती बीमार होने के कारण अनजान लोगों के लिए खाना बनाने से मना कर देती है। मेहमान पड़ोसी की छत पर हाथ धोकर पानी फैला देते हैं। पड़ोसी गुस्से में कहता है कि मेहमान बुलाने हों तो बड़ा मकान लो। विश्वनाथ विनम्रता से माफ़ी माँगते हैं।
सच खुलना। पूछने पर पता चलता है कि मेहमानों के पास कोई चिट्ठी नहीं है और जिनके यहाँ जाना है उनका नाम भी याद नहीं; बस 'कविराज' या 'वैद्य' बताया गया था। प्रमोद बताता है कि पिछली गली में कविराज वैद्य रहते हैं। दोनों 'राम-राम' कहकर चले जाते हैं। रेवती कहती है: 'अब जान में जान आई।'
असली मेहमान। तभी रेवती का भाई झाँसी से आता है, जिसका तार नहीं पहुँचा था और जो चार घंटे से मकान खोज रहा था। रेवती का सिरदर्द गायब हो जाता है; वह बर्फ़ मँगवाती है, पंखा करती है और कहती है: 'भैया भूखे नहीं सो सकते।'
व्यंग्य और संदेश। एकांकी 'मान न मान मैं तेरा मेहमान' जैसे लोगों पर, शहर के तंग मकानों पर और संकोची मध्यवर्ग पर हल्का व्यंग्य है। साथ ही यह दिखाता है कि अपनेपन के आगे थकान और दर्द भूल जाते हैं।
उत्तर का ढंग। घटना, पात्र का व्यवहार और उसका कारण, तीनों साथ लिखें।
नए मेहमान: अनजान मेहमान, व्यंग्य और अपनेपन का अंतर: key facts
- एकांकी की विशेषताएँ
- एक अंक
- सीमित पात्र
- रंग-निर्देश कोष्ठक में
- संवाद-प्रधान
- अंत में यवनिका
- परिभाषा के प्रश्न में।
- घटनाओं का क्रम
- गर्मी और तंग घर
- अनजान मेहमान
- रेवती का इनकार
- पड़ोसी का ताना
- कविराज का भेद
- भाई का आना
- सार के लिए।
- पात्र
विश्वनाथ विनम्र, संकोची रेवती बीमार पर अपनेपन से भरी नन्हेमल-बाबूलाल अनजान, बेझिझक पड़ोसी चिड़चिड़ा - एक-एक गुण सहित।
- व्यंग्य के स्थल
- मकान है कि भट्टी
- संपतराम गोटेवाले का नाम लेना
- मान न मान मैं तेरा मेहमान
- रेवती का भैया के लिए खाना बनाना
- उदाहरण दें।
नए मेहमान: अनजान मेहमान, व्यंग्य और अपनेपन का अंतर in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
अपनों और अनजानों के प्रति व्यवहार का अंतर
मान लीजिए कक्षा 8 की पायल थकी हुई स्कूल से लौटी है। तभी दरवाज़े पर उसकी मौसी का बेटा आता है, जो कई वर्षों के बाद मिला है। पायल थकान भूलकर उसके लिए शरबत और खाना बनाने में माँ का हाथ बँटाती है, जबकि एक दिन पहले एक अनजान सेल्समैन को उसने पानी तक के लिए नहीं पूछा था।
इस घटना का 'नए मेहमान' से क्या संबंध है?
Try it first, then show the solutionSolution
- अपनों के लिए थकान भूल जाना: रेवती भी भाई के लिए सिरदर्द भूल जाती है।
- अनजानों के प्रति संकोच: नन्हेमल-बाबूलाल के प्रति रेवती का इनकार।
- व्यवहार का कारण अपनापन है, कठोरता नहीं।
Answer: यह रेवती के व्यवहार से मिलता है: अपनों के लिए उत्साह और अनजान, अचानक आने वालों के प्रति संकोच, जो अपनेपन के अंतर को दिखाता है।
Memory hook: अपनापन थकान भुला देता है।
Tricks to remember नए मेहमान: अनजान मेहमान, व्यंग्य और अपनेपन का अंतर
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
ग-अ-भे-भा
गर्मी, अनजान, भेद, भाई।
Use it when: एकांकी के चार मोड़।
मान न मान
बिन बुलाए मेहमान बनना।
Use it when: व्यंग्य का मुख्य विषय।
जान में जान
मेहमान जाने पर राहत।
Use it when: रेवती का मुहावरा।
नए मेहमान: अनजान मेहमान, व्यंग्य और अपनेपन का अंतर: solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: मेहमान किसके थे · 1 mark · MCQBoard level
नन्हेमल और बाबूलाल वास्तव में किसके मेहमान थे?
(क) विश्वनाथ के (ख) कविराज रामलाल वैद्य के (ग) संपतराम गोटेवाले के (घ) पड़ोसी के
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- अंत में पता चलता है कि वे कविराज रामलाल वैद्य के मेहमान थे (1 अंक)।
Answer: (ख)
Example 2: रेवती का कथन · 2 marks · Short answerBoard level
रेवती ने क्यों कहा, 'ईश्वर करे इन दिनों कोई मेहमान न आए'? (25-30 शब्द)
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- घर तंग और गर्मी से बेहाल (1)।
- रेवती के सिर में पंद्रह दिन से दर्द (1)।
Answer: घर बहुत छोटा और गर्मी से तपता हुआ है तथा रेवती के सिर में पंद्रह दिन से दर्द है। इस स्थिति में मेहमानों का सत्कार करना उसे कठिन लगता है, इसलिए उसने ऐसा कहा।
Example 3: पड़ोसी का ताना · 3 marks · Short answerHarder board level
मेहमानों के कारण पड़ोसी क्यों नाराज़ हुआ? विश्वनाथ ने कैसे व्यवहार किया? इससे विश्वनाथ के स्वभाव के बारे में क्या पता चलता है? (50-60 शब्द)
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- मेहमानों ने पड़ोसी की छत पर हाथ धोकर पानी फैला दिया (1)।
- विश्वनाथ ने विनम्रता से माफ़ी माँगी (1)।
- वे सज्जन और संकोची हैं (1)।
Answer: मेहमानों ने पड़ोसी की छत पर हाथ धोकर पानी फैला दिया, इसलिए पड़ोसी नाराज़ हुआ और बोला कि मेहमान बुलाने हों तो बड़ा मकान लो। विश्वनाथ ने नाराज़ होने के बजाय विनम्रता से माफ़ी माँगी। इससे पता चलता है कि वे शांत, शिष्ट और संकोची स्वभाव के व्यक्ति हैं।
Example 4: व्यंग्य का स्वरूप · 4 marks · Short answerHarder board level
एकांकी में 'मान न मान मैं तेरा मेहमान' वाली स्थिति पर व्यंग्य कैसे किया गया है? दो उदाहरण देकर समझाइए। (60-70 शब्द)
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- पहला उदाहरण: बिना परिचय आना और माँगना (1.5)।
- दूसरा उदाहरण: झूठी जान-पहचान जताना (1.5)।
- प्रभाव (1)।
Answer: नन्हेमल और बाबूलाल बिना परिचय दिए घर में आ जाते हैं और ठंडा पानी, नहाने और साग-पूरी की माँग करने लगते हैं, मानो वे घर के सगे हों। वे संपतराम गोटेवाले और सेठ जगदीशप्रसाद का नाम लेकर झूठी जान-पहचान भी जताते हैं। इनसे लेखक ने बिना बुलाए मेहमान बनने वाले लोगों की बेझिझक आदत पर हँसते हुए व्यंग्य किया है।
Example 5: अपनापन और संकोच · 5 marks · Long answerHOTS / competency
एकांकी के अंत में रेवती का व्यवहार शुरू के व्यवहार से कैसे अलग है? इस अंतर से लेखक क्या कहना चाहते हैं? (80-100 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- शुरू का व्यवहार (1)।
- अंत का व्यवहार (1.5)।
- अंतर का कारण: अपनापन (1.5)।
- लेखक का संदेश और भाषा (1)।
Answer: एकांकी की शुरुआत में रेवती बीमार है, सिरदर्द से परेशान है और अनजान मेहमानों के लिए खाना बनाने से मना कर देती है। अंत में जब उसका भाई आता है, तो उसका सिरदर्द मानो गायब हो जाता है। वह बर्फ़ मँगवाती है, पंखा करती है और खुशी से खाना बनाने चल देती है। यह अंतर अपनेपन का परिणाम है। लेखक यह कहना चाहते हैं कि अपनों के लिए इंसान थकान और दर्द भूल जाता है, जबकि अनजान और अवांछित लोगों के प्रति मन में संकोच या विरोध पैदा होता है।
Where students lose marks in नए मेहमान: अनजान मेहमान, व्यंग्य और अपनेपन का अंतर
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: मेहमानों को विश्वनाथ का रिश्तेदार बताना
वे अनजान थे और बाद में कविराज के मेहमान निकले।
Wrong working
नन्हेमल विश्वनाथ का भाई था।
Right working
नन्हेमल और बाबूलाल अनजान आदमी थे जो कविराज रामलाल वैद्य के मेहमान थे।
Do this: पात्रों का संबंध स्पष्ट लिखें।
Usually costs: 1 अंक।
Mistake: रेवती को स्वार्थी कहना
उसका व्यवहार बीमारी और अपनेपन से जुड़ा है।
Wrong working
रेवती स्वार्थी है।
Right working
रेवती बीमार थी, इसलिए अनजानों के लिए खाना बनाने से मना करती है, पर भाई के लिए उत्साह से बनाती है।
Do this: कारण लिखें।
Usually costs: 1 से 2 अंक।
Mistake: एकांकी की परिभाषा में एक से अधिक अंक लिखना
एकांकी में एक ही अंक होता है।
Wrong working
एकांकी में कई अंक होते हैं।
Right working
एकांकी एक अंक का नाटक है।
Do this: परिभाषा याद करें।
Usually costs: 1 अंक।
Exam tips
- एकांकी की चार विशेषताएँ याद रखें: एक अंक, सीमित पात्र, कोष्ठक में रंग-निर्देश, संवाद-प्रधान।
- पात्रों के चरित्र में कथन या घटना का प्रमाण दें।
- व्यंग्य के प्रश्न में 'मान न मान मैं तेरा मेहमान' का उल्लेख करें।
- अपनापन और संकोच का अंतर अंतिम अनुच्छेद में लिखें।
- मुहावरे 'जान में जान आना' का अर्थ याद रखें।
Practice questions on नए मेहमान: अनजान मेहमान, व्यंग्य और अपनेपन का अंतर
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
एकांकी के अंत में परदा गिरने के लिए किस शब्द का प्रयोग होता है?
(क) यवनिका (ख) अंक (ग) दृश्य (घ) संवादHint
रंग-निर्देश में आता है।
Answer
(क)
Q2 · 2 marks · Short answerBoard level
रेवती के भाई ने मकान ढूँढ़ने में चार घंटे क्यों लगाए? (20-25 शब्द)
Hint
तार नहीं पहुँचा था।
Answer
रेवती का भाई झाँसी से आया था। उसका तार विश्वनाथ तक नहीं पहुँचा था, इसलिए उसे घर का पता ठीक से मालूम नहीं था और वह चार घंटे से मकान खोज रहा था।
Q3 · 1 mark · Assertion-reasonHarder board level
अभिकथन (A): 'नए मेहमान' एकांकी में नन्हेमल और बाबूलाल पर व्यंग्य किया गया है।
कारण (R): वे बिना परिचय दिए घर में घुस जाते हैं और बेझिझक खाना-पानी माँगते हैं।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की व्याख्या करता है
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता
(ग) A सही है, R गलत है
(घ) A गलत है, R सही हैHint
व्यंग्य किस आदत पर है?
Answer
(क)
Q4 · 3 marks · Short answerHarder board level
'इन बंद मकानों में रहना कितना भयंकर है! मकान है कि भट्टी!' संवाद में शहरी जीवन की किस समस्या की ओर संकेत है? (40-50 शब्द)
Hint
तंग मकान, गर्मी, जगह की कमी।
Answer
इस संवाद में शहरों के तंग और बंद मकानों की समस्या का संकेत है। छोटी छत, कम हवा और भीषण गर्मी के कारण घर भट्टी जैसा लगता है। मध्यवर्ग के लोग किराये के ऐसे छोटे घरों में रहने को विवश होते हैं और पड़ोसियों से भी जगह के लिए झगड़े की स्थिति रहती है।
Q5 · 5 marks · Long answerHOTS / competency
मान लीजिए कि आप विश्वनाथ हैं। उस रात की घटनाओं पर डायरी में 80-100 शब्द लिखिए, जिसमें आप अपनी परेशानी और अंत की राहत दोनों बताएँ।
Hint
प्रथम पुरुष, क्रम से घटनाएँ, भाव।
Answer
रात। प्रिय डायरी, आज की रात बहुत कठिन थी। गर्मी से घर तप रहा था और रेवती के सिर में दर्द था। तभी दो अनजान आदमी आ गए और खाना-पानी माँगने लगे। पड़ोसी ने भी ताना दिया और मुझे माफ़ी माँगनी पड़ी। बाद में पता चला कि वे कविराज के मेहमान थे और वे चले गए। मन हल्का हुआ ही था कि रेवती का भाई आ गया। उसे देखकर रेवती का दर्द जैसे गायब हो गया। मुझे लगा कि अपनापन सबसे बड़ी दवा है।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.'नए मेहमान' के लेखक कौन हैं?Show answer
उदयशंकर भट्ट।
2.विश्वनाथ की आयु कितनी है?Show answer
लगभग 45 वर्ष।
3.दो अनजान मेहमानों के नाम बताइए।Show answer
नन्हेमल और बाबूलाल।
4.वे किसके मेहमान थे?Show answer
कविराज रामलाल वैद्य के।
5.रेवती का भाई कहाँ से आया?Show answer
झाँसी से।
6.'जान में जान आना' का अर्थ क्या है?Show answer
चिंता दूर होकर राहत मिलना।
नए मेहमान: अनजान मेहमान, व्यंग्य और अपनेपन का अंतर: frequently asked questions
एकांकी का मुख्य संदेश क्या है?
अपनेपन के आगे थकान और दर्द भी भूल जाते हैं; साथ ही बिन बुलाए मेहमान बनने की आदत पर व्यंग्य है।
एकांकी का शीर्षक कैसा है?
शीर्षक 'नए मेहमान' घटना के केंद्र, यानी अनजान आने वालों पर है, और सार्थक है।
यह पाठ मल्हार में कौन-सा है?
यह कक्षा 8 की हिंदी पाठ्यपुस्तक "मल्हार" का एकांकी पाठ है।
परीक्षा में कैसे प्रश्न आते हैं?
चरित्र-चित्रण, व्यंग्य, संवाद का आशय और डायरी या अनुच्छेद-लेखन।