मत बाँधो (महादेवी वर्मा), कक्षा 8: सपनों की दोहरी गति और कल्पना की आज़ादी
Updated 17 October 2026 · Fact-checked
महादेवी वर्मा की कविता 'मत बाँधो' में कवयित्री कहती हैं कि सपनों के पंख मत काटो और उनकी गति मत बाँधो। सौरभ केवल ऊपर जाती है, बीज केवल नीचे गिरता है और आग धरती पर जलती है, पर सपने दोनों दिशाओं में चलते हैं: वे आकाश तक उड़ते भी हैं और रंग तथा दीप्ति लेकर धरती पर लौटते भी हैं, जिससे धरती स्वर्ग बनाने की कला सीखती है।
Understand मत बाँधो: सपनों की दोहरी गति और कल्पना की आज़ादी
टेक। कविता के आरंभ और अंत में पंक्ति आती है: 'इन सपनों के पंख न काटो, इन सपनों की गति मत बाँधो!' यहाँ सपनों को पक्षी के रूप में दिखाया गया है, इसलिए रूपक और मानवीकरण दोनों हैं।
पहला पद: तीन उदाहरण। कवयित्री तीन उदाहरण देती हैं।
- सौरभ (सुगंध) आकाश में उड़ जाती है और फिर लौटकर नहीं आती।
- बीज धूल में गिर जाता है और कभी आकाश में उड़ नहीं पाता।
- आग हमेशा धरती पर जलती है, पर उसका धुआँ (धूम) आकाश में मँडराता है।
अर्थात् इन चीज़ों की एक ही दिशा है। इनके विपरीत सपनों में दोनों गतियाँ हैं: 'सपनों में दोनों ही गति हैं, उड़कर आँखों में आता है।' इसलिए कवयित्री कहती हैं कि आरोहण (ऊपर चढ़ना) मत रोको और अवरोहण (नीचे उतरना) मत बाँधो।
दूसरा पद: सपने क्या लाते हैं। खुले आकाश में घूमकर सपना तारों में मिल जाएगा, फिर बादलों से रंग और किरणों से दीप्ति (चमक) लेकर धरती पर लौटेगा। वह भूमि को 'स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प' सिखाएगा। इसका अर्थ है कि कल्पना की ऊँची उड़ान से ऐसे नए विचार और सुंदरता आती हैं जिनसे जीवन बेहतर बनता है।
प्रश्न-शैली। 'फिर वह लौट कहाँ आता है?' और 'वह नभ में कब उड़ पाता है?' जैसे प्रश्न पाठक को सोचने पर विवश करते हैं।
विलोम शब्द। आरोहण-अवरोहण, नभ-धरती, उड़ना-गिरना। तत्सम शब्द। सौरभ, धूम, आरोहण, अवरोहण, दीप्ति, शिल्प।
केंद्रीय भाव। सपनों और कल्पनाओं पर रोक नहीं लगानी चाहिए। आज़ाद सपने ऊँचाई छूकर प्रेरणा, सुंदरता और नए विचार लाते हैं।
उत्तर लिखने का ढंग। उदाहरण का अर्थ बताएँ, सपनों से उसकी तुलना करें और अंत में संदेश लिखें।
मत बाँधो: सपनों की दोहरी गति और कल्पना की आज़ादी: key facts
- तीन उदाहरण
सौरभ केवल ऊपर जाती है बीज केवल नीचे गिरता है आग धरती पर, धूम: आकाश में - सपनों से भिन्नता दिखाएँ।
- सपनों की गति
- आरोहण: आकाश तक उड़ना | अवरोहण: धरती पर लौटना
- दोनों गतियाँ।
- सपने क्या लाते हैं
- तारों से मिलना
- बादलों से रंग
- किरणों से दीप्ति
- धरती को स्वर्ग बनाने का शिल्प
- दूसरा पद।
- शब्दार्थ
सौरभ सुगंध धूम धुआँ आरोहण ऊपर चढ़ना अवरोहण नीचे उतरना दीप्ति चमक शिल्प कला - अर्थ-प्रश्न में अंक।
मत बाँधो: सपनों की दोहरी गति और कल्पना की आज़ादी in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
कल्पना से बना आविष्कार
मान लीजिए कक्षा 8 की नेहा हमेशा आसमान में उड़ते पक्षियों को देखती है और सोचती है कि इंसान भी इतनी ऊँचाई पर कैसे जा सकता है। वह कागज़ के हवाई जहाज़ बनाकर अलग-अलग पंखों की आकृति आज़माती है। कुछ महीनों बाद उसका बनाया मॉडल सबसे दूर तक उड़ता है और विज्ञान मेले में पुरस्कार जीतता है।
नेहा के उदाहरण को कविता से कैसे जोड़ा जा सकता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- उसका सपना आकाश तक जाता है: आरोहण।
- वह उस कल्पना से धरती पर उपयोगी मॉडल लाती है: अवरोहण।
- कल्पना की आज़ादी से नई कला (शिल्प) बनी।
Answer: नेहा का सपना ऊँचा गया और फिर धरती पर नया मॉडल लेकर लौटा। यह कविता की सपनों की दोहरी गति और कल्पना की आज़ादी का उदाहरण है।
Memory hook: ऊँचा सोचो, उतारकर बनाओ।
Tricks to remember मत बाँधो: सपनों की दोहरी गति और कल्पना की आज़ादी
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
सौ-बी-आ
सौरभ, बीज, आग।
Use it when: तीन उदाहरणों का क्रम।
आरोहण ऊपर, अवरोहण नीचे
आ से आसमान, अ से अवतरण।
Use it when: दोनों शब्द याद रखने के लिए।
तारे, बादल, किरण
सपने इन तीनों से लौटते हैं।
Use it when: दूसरे पद की सामग्री।
मत बाँधो: सपनों की दोहरी गति और कल्पना की आज़ादी: solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: कविता की टेक · 1 mark · MCQBoard level
कविता में कवयित्री बार-बार क्या कहती हैं?
(क) सपनों को याद रखो (ख) सपनों के पंख मत काटो, उनकी गति मत बाँधो (ग) सपने मत देखो (घ) सपनों को धरती पर रखो
Try it first, then show the solutionSolution
- टेक है: इन सपनों के पंख न काटो, इन सपनों की गति मत बाँधो (1 अंक)।
Answer: (ख)
Example 2: सौरभ का उदाहरण · 2 marks · Short answerBoard level
कवयित्री ने सौरभ का उदाहरण किस बात के लिए दिया है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- सौरभ केवल ऊपर जाती है, लौटती नहीं (1)।
- सपने इससे भिन्न हैं, वे दोनों दिशाओं में चलते हैं (1)।
Answer: कवयित्री बताना चाहती हैं कि सौरभ आकाश में उड़ जाती है और फिर लौटकर नहीं आती, यानी उसकी एक ही गति है। सपने इससे भिन्न हैं, क्योंकि वे ऊपर भी जाते हैं और लौटकर भी आते हैं।
Example 3: सपनों की दोहरी गति · 3 marks · Short answerHarder board level
'सपनों में दोनों ही गति हैं' का क्या आशय है? बीज और धूम के उदाहरण से स्पष्ट कीजिए। (40-50 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- बीज नीचे, धूम ऊपर (1)।
- सपने ऊपर भी और नीचे भी (1)।
- इसलिए रोक नहीं लगानी चाहिए (1)।
Answer: बीज धूल में गिर जाता है और आकाश में उड़ नहीं पाता, जबकि आग का धुआँ आकाश में मँडराता है, पर आग धरती पर जलती है। इन सब में एक ही दिशा दिखती है। सपनों में दोनों गतियाँ हैं: वे आकाश तक उड़ते भी हैं और लौटकर वास्तविकता में भी उतरते हैं, इसलिए उन पर रोक नहीं लगानी चाहिए।
Example 4: धरती को स्वर्ग बनाने की कला · 4 marks · Short answerHarder board level
'स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प भूमि को सिखलाएगा' पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए। सपने तारों, बादलों और किरणों से क्या लाते हैं? (60-70 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- सपने तारों में मिलते हैं (1)।
- बादलों से रंग और किरणों से दीप्ति (1.5)।
- भाव: धरती को सुंदर और बेहतर बनाने की कला (1.5)।
Answer: इस पंक्ति का भाव है कि खुली उड़ान में सपने ऊँचाइयों से प्रेरणा और सुंदरता लेकर लौटते हैं। वे तारों में मिलते हैं, बादलों से रंग और किरणों से चमक लेते हैं और फिर धरती पर आकर उसे स्वर्ग जैसा सुंदर बनाने की कला सिखाते हैं। इसका अर्थ है कि कल्पना की ऊँची उड़ान से जीवन को बेहतर बनाने वाले नए विचार जन्म लेते हैं।
Example 5: बच्चों के सपनों पर रोक · 5 marks · Long answerHOTS / competency
कई बार बड़े बच्चों के सपनों को 'अव्यावहारिक' कहकर रोक देते हैं। कविता के आधार पर बताइए कि ऐसा करना क्यों उचित नहीं है। (80-100 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- अपना मत (1)।
- दोहरी गति और आज़ादी के बिंदु (1.5)।
- कल्पना से मिलने वाले लाभ (1.5)।
- भाषा (1)।
Answer: कविता के अनुसार सपनों के पंख काट देना उचित नहीं है। कवयित्री बताती हैं कि सपने सौरभ या बीज की तरह एक ही दिशा में नहीं चलते। वे आकाश तक उड़ते भी हैं और धरती पर लौटते भी हैं। जब बच्चे आज़ादी से कल्पना करते हैं, तो उनके सपने तारों से प्रेरणा, बादलों से रंग और किरणों से चमक लेकर आते हैं। इन्हीं से नए विचार और सुंदर कलाएँ बनती हैं। इसलिए बड़ों को बच्चों के सपनों को रोकने की बजाय उन्हें दिशा देनी चाहिए।
Where students lose marks in मत बाँधो: सपनों की दोहरी गति और कल्पना की आज़ादी
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: सौरभ और धूम को एक समान बताना
दोनों की गति भिन्न है।
Wrong working
सौरभ और धुआँ दोनों धरती पर लौटते हैं।
Right working
सौरभ ऊपर जाकर लौटती नहीं; आग धरती पर जलती है और धुआँ आकाश में जाता है।
Do this: हर उदाहरण की दिशा अलग लिखें।
Usually costs: 1 से 2 अंक।
Mistake: सपनों को केवल कल्पना मानना
कविता यथार्थ में लौटने की भी बात करती है।
Wrong working
सपने केवल आकाश में रहते हैं।
Right working
सपने आकाश में जाते भी हैं और धरती पर लौटते भी हैं।
Do this: दोनों गतियाँ लिखें।
Usually costs: 1 अंक।
Mistake: अर्थ-प्रश्न में आरोहण-अवरोहण उलट देना
दोनों शब्द विलोम हैं।
Wrong working
आरोहण = नीचे उतरना।
Right working
आरोहण = ऊपर चढ़ना; अवरोहण = नीचे उतरना।
Do this: आ = आसमान की ओर।
Usually costs: 1 अंक।
Exam tips
- तीनों उदाहरणों (सौरभ, बीज, आग) की दिशा अलग-अलग लिखें।
- दोहरी गति के उत्तर में आरोहण और अवरोहण दोनों का अर्थ दें।
- टेक की पंक्ति को ज्यों-की-त्यों उद्धृत करें।
- स्वर्ग बनाने के शिल्प का आशय कल्पना से जीवन बेहतर बनाना लिखें।
- अंत में सपनों पर रोक न लगाने का संदेश लिखें।
Practice questions on मत बाँधो: सपनों की दोहरी गति और कल्पना की आज़ादी
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
'मत बाँधो' कविता की कवयित्री कौन हैं?
(क) महादेवी वर्मा (ख) सुभद्रा कुमारी चौहान (ग) मीराबाई (घ) अमृता प्रीतमHint
मल्हार का सातवाँ पाठ।
Answer
(क)
Q2 · 2 marks · Short answerBoard level
'आरोहण' और 'अवरोहण' शब्दों के अर्थ लिखिए और बताइए कि वे परस्पर क्या हैं। (20-25 शब्द)
Hint
ऊपर चढ़ना-नीचे उतरना।
Answer
आरोहण का अर्थ है ऊपर चढ़ना और अवरोहण का अर्थ है नीचे उतरना। ये दोनों शब्द एक-दूसरे के विलोम हैं और कविता में सपनों की दोनों गतियाँ बताते हैं।
Q3 · 1 mark · Assertion-reasonHarder board level
अभिकथन (A): कविता में सपनों को पक्षी की तरह पंख वाला बताया गया है।
कारण (R): कवयित्री 'पंख न काटो' कहकर सपनों की उड़ान और स्वतंत्रता पर बल देती हैं।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की व्याख्या करता है
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता
(ग) A सही है, R गलत है
(घ) A गलत है, R सही हैHint
पंख और स्वतंत्रता का संबंध।
Answer
(क)
Q4 · 3 marks · Short answerHarder board level
कविता में प्रश्न-शैली का प्रयोग कहाँ हुआ है? उसके प्रभाव पर दो वाक्य लिखिए। (40-50 शब्द)
Hint
फिर वह लौट कहाँ आता है?
Answer
कविता में 'फिर वह लौट कहाँ आता है?' और 'वह नभ में कब उड़ पाता है?' जैसे प्रश्न आए हैं। इनसे पाठक सोचने लगता है और सौरभ तथा बीज की सीमित गति स्वयं समझ लेता है। इससे कथन में प्रभाव और रोचकता आती है।
Q5 · 5 marks · Long answerHOTS / competency
आपका कोई सपना जिसे आप बड़ा करके देखते हैं, उसके बारे में 80-100 शब्द लिखिए और बताइए कि कविता की कौन-सी पंक्ति आपको प्रेरणा देती है।
Hint
सपना, प्रयास, कविता की पंक्ति।
Answer
मेरा सपना बड़ा होकर पर्वतारोही बनने का है। मैं रोज़ व्यायाम करता हूँ और पहाड़ों के बारे में पुस्तकें पढ़ता हूँ। कभी-कभी लोग कहते हैं कि यह सपना बहुत कठिन है, पर मुझे महादेवी वर्मा की पंक्ति याद आती है कि इन सपनों के पंख न काटो। इससे मुझे लगता है कि मेरे सपने को भी उड़ने की आज़ादी मिलनी चाहिए। मैं उसे ऊँचा रखूँगा, पर पैर धरती पर रखकर मेहनत भी करूँगा।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.कविता की टेक क्या है?Show answer
इन सपनों के पंख न काटो, इन सपनों की गति मत बाँधो!
2.कौन आकाश में उड़कर लौटती नहीं?Show answer
सौरभ (सुगंध)।
3.बीज कहाँ गिरता है?Show answer
धूल में।
4.सपने किसे स्वर्ग बनाने की कला सिखाते हैं?Show answer
धरती (भूमि) को।
5.'दीप्ति' का क्या अर्थ है?Show answer
चमक।
6.कवयित्री कौन हैं?Show answer
महादेवी वर्मा।
मत बाँधो: सपनों की दोहरी गति और कल्पना की आज़ादी: frequently asked questions
कविता का केंद्रीय भाव क्या है?
सपनों और कल्पना को आज़ाद रखना चाहिए, क्योंकि वे जीवन को बेहतर बनाते हैं।
कवयित्री सपनों को पक्षी क्यों बनाती हैं?
ताकि उनकी उड़ान, स्वतंत्रता और गति का भाव स्पष्ट हो।
यह कविता मल्हार में कौन-सा पाठ है?
पाठ 7।
इस कविता से कैसे प्रश्न आते हैं?
भावार्थ, उदाहरणों का आशय, अलंकार, शब्दार्थ और अनुच्छेद-लेखन।