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HindiCBSE Class 8 · एक टोकरी भर मिट्टी – माधवराव सप्रे

एक टोकरी भर मिट्टी (माधवराव सप्रे), कक्षा 8: टोकरी का प्रतीक और हृदय-परिवर्तन

Updated 17 October 2026 · Fact-checked

माधवराव सप्रे की कहानी में ज़मींदार अदालत के सहारे गरीब वृद्धा की झोंपड़ी पर कब्ज़ा कर लेता है। वृद्धा एक टोकरी मिट्टी माँगती है और ज़मींदार उसे उठा नहीं पाता। तब वृद्धा कहती है कि जब एक टोकरी मिट्टी का भार नहीं उठता, तो पूरी झोंपड़ी का भार आप जन्म-भर कैसे उठाएँगे? यह सुनकर ज़मींदार का हृदय बदल जाता है और वह झोंपड़ी लौटा देता है।

Understand एक टोकरी भर मिट्टी: ज़मींदार का हृदय-परिवर्तन और टोकरी का प्रतीक

कहानी के पात्र। वृद्धा गरीब और अनाथ है; उसकी झोंपड़ी ज़मींदार के महल के पास है। उसके पति और इकलौते बेटे की मृत्यु उसी झोंपड़ी में हुई, बहू पाँच साल की बेटी छोड़कर चल बसी। अब पोती ही उसका सहारा है। ज़मींदार धन के घमंड में अपना कर्तव्य भूल गया है।

ज़मींदार की चाल। ज़मींदार अपने महल का अहाता झोंपड़ी तक बढ़ाना चाहता था। वृद्धा के मना करने पर उसने चालाक वकीलों को पैसे देकर अदालत से झोंपड़ी पर कब्ज़ा कर लिया। इसमें कानून का दुरुपयोग दिखता है।

वृद्धा की प्रार्थना। वृद्धा विनम्रता से कहती है कि वह झोंपड़ी लेने नहीं आई है। उसकी पोती ने झोंपड़ी छूटने के बाद से खाना-पीना छोड़ दिया है और कहती है कि अपने घर की रोटी ही खाएगी। इसलिए वह झोंपड़ी की एक टोकरी मिट्टी ले जाकर चूल्हा बनाएगी। ज़मींदार अनुमति दे देता है।

टोकरी का उठना। झोंपड़ी में जाकर वृद्धा को पुरानी बातें याद आती हैं और आँसू बहने लगते हैं। वह टोकरी भरती है और ज़मींदार से सिर पर रखवाने में हाथ लगाने को कहती है। ज़मींदार पहले नाराज़ होता है, पर फिर दया करके खुद उठाने लगता है। पूरी ताकत लगाने पर भी टोकरी हाथ भर ऊपर नहीं उठती।

प्रतीक। टोकरी भर मिट्टी का भार उस अन्याय का भार है जो ज़मींदार ने वृद्धा पर किया। जो चीज़ ज़मींदार की ताकत से भी नहीं उठती, वह उसके अपराध-बोध का भार भी है।

हृदय-परिवर्तन। वृद्धा के वाक्य से ज़मींदार की आँखें खुल जाती हैं। वह पछताता है, क्षमा माँगता है और झोंपड़ी लौटा देता है।

मुहावरे। बाल की खाल निकालना, थैली गरम करना, आँखें खुलना। शीर्षक। वही वस्तु कहानी का मोड़ लाती है, इसलिए शीर्षक सार्थक है।

संदेश। अन्याय का भार किसी से सहा नहीं जाता; धन का घमंड छोड़कर मनुष्यता और करुणा अपनानी चाहिए।

एक टोकरी भर मिट्टी: ज़मींदार का हृदय-परिवर्तन और टोकरी का प्रतीक: key facts

कहानी का क्रम
  • झोंपड़ी और ज़मींदार
  • अदालत से कब्ज़ा
  • पोती का भूखा रहना
  • एक टोकरी मिट्टी
  • टोकरी न उठना
  • ज़मींदार का पछतावा
सार लिखने के लिए।
पात्र और गुण
वृद्धास्वाभिमानी, विनम्र
ज़मींदारघमंडी, पर अंत में संवेदनशील
पोतीमासूम, घर से जुड़ी
प्रमाण के साथ।
मुहावरे
बाल की खाल निकालनाबहुत छोटी बात पर बहस करना
थैली गरम करनारिश्वत देना
आँखें खुलनासच्चाई समझ आना
अर्थ और प्रयोग।
प्रतीक
टोकरीअन्याय का भार
मिट्टीघर और यादें
झोंपड़ीवृद्धा का सहारा
प्रतीक का अर्थ लिखें।

एक टोकरी भर मिट्टी: ज़मींदार का हृदय-परिवर्तन और टोकरी का प्रतीक in real life

The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

अन्याय का भार और माफ़ी

मान लीजिए कक्षा 8 का करण अपने साथी की ड्राइंग-कॉपी जानबूझकर फाड़ देता है और बाद में उसके रोने पर भी हँसता है। जब शिक्षक पूछते हैं तो वह बहाना बनाता है, पर रात भर बेचैन रहता है। अगले दिन वह साथी से माफ़ी माँगता है और अपनी जेब-खर्च से नई कॉपी खरीदकर देता है।

करण की बेचैनी का संबंध कहानी की किस बात से है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. गलती का बोझ मन पर रहता है।
  2. ज़मींदार भी टोकरी न उठने पर अपने अन्याय का भार महसूस करता है।
  3. दोनों ने पछतावे के बाद सुधार किया।

Answer: यह कहानी के संदेश से मिलता है कि अन्याय का भार किसी से सहा नहीं जाता, और पछतावा क्षमा तथा सुधार की ओर ले जाता है।

Memory hook: अन्याय का बोझ भारी होता है।

Tricks to remember एक टोकरी भर मिट्टी: ज़मींदार का हृदय-परिवर्तन और टोकरी का प्रतीक

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • झ-अ-ट-आ-पू

    झोंपड़ी, अदालत, टोकरी, आँखें खुलीं, पूर्ति (क्षमा)।

    Use it when: कहानी के पाँच पड़ाव।

  • एक टोकरी = हज़ारों टोकरियाँ

    एक टोकरी नहीं उठी, तो झोंपड़ी का भार कैसे उठेगा।

    Use it when: मुख्य संवाद।

  • घमंड गया, मनुष्यता आई

    अंत में दया की जीत।

    Use it when: संदेश।

एक टोकरी भर मिट्टी: ज़मींदार का हृदय-परिवर्तन और टोकरी का प्रतीक: solved examples

Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.

Example 1: कब्ज़ा कैसे हुआ · 1 mark · MCQBoard level

ज़मींदार ने झोंपड़ी पर कब्ज़ा कैसे किया?
(क) बलपूर्वक (ख) अदालत के सहारे वकीलों को पैसे देकर (ग) वृद्धा से खरीदकर (घ) राजा के आदेश से

Try it first, then show the solutionSolution
  1. ज़मींदार ने चालाक वकीलों को पैसे देकर अदालत से कब्ज़ा किया (1 अंक)।

Answer: (ख)

Example 2: वृद्धा को टोकरी भर मिट्टी क्यों चाहिए थी · 2 marks · Short answerBoard level

वृद्धा झोंपड़ी से एक टोकरी मिट्टी क्यों ले जाना चाहती थी? (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. पोती ने खाना-पीना छोड़ दिया था (1)।
  2. अपने घर की मिट्टी से चूल्हा बनाने के लिए (1)।

Answer: वृद्धा की पोती ने झोंपड़ी छूटने के बाद खाना-पीना छोड़ दिया था और कहती थी कि अपने घर की रोटी ही खाएगी। इसलिए वृद्धा उसी झोंपड़ी की मिट्टी से चूल्हा बनाकर रोटी पकाना चाहती थी।

Example 3: टोकरी का प्रतीकात्मक अर्थ · 3 marks · Short answerHarder board level

टोकरी भर मिट्टी का ज़मींदार से न उठ पाना किस बात का संकेत है? (40-50 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. शारीरिक भार नहीं, अन्याय का भार (1)।
  2. ज़मींदार का अपराध-बोध (1)।
  3. ज़मींदार की ताकत और धन से भी वह नहीं उठता (1)।

Answer: टोकरी का न उठना इस बात का संकेत है कि अन्याय का भार बहुत भारी होता है। जिस ज़मींदार ने गरीब का घर छीना, वह एक टोकरी मिट्टी भी नहीं उठा सका, क्योंकि उसके मन में छिपा अपराध-बोध उसे भारी बना रहा था। धन और ताकत से भी उस भार को हल्का नहीं किया जा सकता।

Example 4: वृद्धा का चरित्र · 4 marks · Short answerHarder board level

कहानी में वृद्धा का चरित्र कैसा है? दो गुण बताकर प्रत्येक के लिए एक घटना लिखिए। (60-70 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. पहला गुण और घटना (2)।
  2. दूसरा गुण और घटना (2)।

Answer: वृद्धा विनम्र और समझदार है। झोंपड़ी छिन जाने पर भी वह ज़मींदार से अनुनय-विनय करती है और कहती है कि वह झोंपड़ी लेने नहीं आई। वह अपने घर से गहरा लगाव रखने वाली और भावुक भी है। झोंपड़ी में जाते ही उसे पति और बेटे की पुरानी बातें याद आती हैं और आँखों से आँसू बहने लगते हैं। उसकी बुद्धि ने ही ज़मींदार का मन बदल दिया।

Example 5: शीर्षक की सार्थकता · 5 marks · Long answerHOTS / competency

'एक टोकरी भर मिट्टी' शीर्षक कहाँ तक उचित है? कहानी के आधार पर अपना मत दीजिए। (80-100 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. अपना मत (1)।
  2. शीर्षक का कथानक से संबंध (1.5)।
  3. प्रतीक और संदेश (1.5)।
  4. भाषा (1)।

Answer: मेरे विचार में शीर्षक पूरी तरह उचित है। टोकरी भर मिट्टी ही कहानी का मोड़ है: वृद्धा उसी के माध्यम से ज़मींदार की आँखें खोलती है। जब ज़मींदार एक टोकरी मिट्टी भी नहीं उठा पाता, तो वृद्धा कहती है कि पूरी झोंपड़ी का भार वह जन्म-भर कैसे उठाएगा। इस प्रकार टोकरी अन्याय के भार का प्रतीक बन जाती है। शीर्षक छोटा, रोचक और कहानी के संदेश को सीधे व्यक्त करने वाला है।

Where students lose marks in एक टोकरी भर मिट्टी: ज़मींदार का हृदय-परिवर्तन और टोकरी का प्रतीक

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: वृद्धा द्वारा झोंपड़ी माँगना लिखना

    वृद्धा ने स्पष्ट कहा कि वह झोंपड़ी लेने नहीं आई।

    Wrong working

    वृद्धा ने ज़मींदार से झोंपड़ी वापस माँगी।

    Right working

    वृद्धा ने केवल एक टोकरी मिट्टी माँगी।

    Do this: संवाद उद्धृत करें।

    Usually costs: 1 से 2 अंक।

  • Mistake: ज़मींदार को केवल दुष्ट बताना

    अंत में उसका हृदय-परिवर्तन होता है।

    Wrong working

    ज़मींदार पूरी कहानी में क्रूर है।

    Right working

    ज़मींदार पहले घमंडी है, पर अंत में पछताता और क्षमा माँगता है।

    Do this: दोनों पक्ष लिखें।

    Usually costs: 1 अंक।

  • Mistake: टोकरी का केवल शाब्दिक अर्थ

    वह प्रतीक है।

    Wrong working

    टोकरी भारी थी, इसलिए ज़मींदार उठा नहीं सका।

    Right working

    टोकरी अन्याय के भार का प्रतीक है।

    Do this: प्रतीक का अर्थ लिखें।

    Usually costs: 1 से 2 अंक।

Exam tips

  • कहानी का क्रम याद रखें: झोंपड़ी, अदालत, विनती, टोकरी, पछतावा।
  • वृद्धा के मुख्य कथन 'आपसे तो एक टोकरी भर मिट्टी उठाई नहीं जाती' का भाव लिखें।
  • प्रतीक के प्रश्न में शाब्दिक अर्थ के बाद प्रतीकात्मक अर्थ लिखें।
  • शीर्षक की सार्थकता में कथानक और संदेश दोनों को जोड़ें।
  • मुहावरों के अर्थ और प्रयोग याद करें।

Practice questions on एक टोकरी भर मिट्टी: ज़मींदार का हृदय-परिवर्तन और टोकरी का प्रतीक

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 1 mark · MCQBoard level

    पाठ के लेखक कौन हैं?
    (क) भीष्म साहनी (ख) माधवराव सप्रे (ग) उदयशंकर भट्ट (घ) भारतेंदु हरिश्चंद्र

    Hint

    हिंदी की शुरुआती कहानियों में गिनी जाने वाली कहानी।

    Answer

    (ख)

  2. Q2 · 2 marks · Short answerBoard level

    'आँखें खुलना' मुहावरे का अर्थ लिखिए और कहानी में इसका प्रयोग किस संदर्भ में हुआ है? (25-30 शब्द)

    Hint

    सच्चाई समझ आना।

    Answer

    'आँखें खुलना' का अर्थ है सच्चाई समझ में आना। कहानी में वृद्धा की बात सुनकर ज़मींदार को अपनी भूल का एहसास हुआ, यानी उसकी आँखें खुल गईं।

  3. Q3 · 1 mark · Assertion-reasonHarder board level

    अभिकथन (A): कहानी के अंत में ज़मींदार झोंपड़ी लौटा देता है।
    कारण (R): वृद्धा के कथन से उसे अपने अन्याय का भार अनुभव होता है और वह पछताता है।
    (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की व्याख्या करता है
    (ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता
    (ग) A सही है, R गलत है
    (घ) A गलत है, R सही है

    Hint

    कारण से क्रिया की व्याख्या होती है।

    Answer

    (क)

  4. Q4 · 3 marks · Short answerHarder board level

    कहानी में कानून के दुरुपयोग को लेखक ने किन शब्दों से दिखाया है? आज के संदर्भ में इससे क्या सीख मिलती है? (50-60 शब्द)

    Hint

    बाल की खाल निकालने वाले वकील; थैली गरम करना।

    Answer

    लेखक ने 'बाल की खाल निकालने वाले वकीलों की थैली गरम करना' जैसे वाक्यांशों से दिखाया है कि ज़मींदार ने पैसे के बल पर कानून को अपने पक्ष में किया। इससे सीख मिलती है कि कानून का प्रयोग न्याय के लिए होना चाहिए, किसी गरीब को सताने के लिए नहीं।

  5. Q5 · 5 marks · Long answerHOTS / competency

    मान लीजिए कि आप कहानी की वृद्धा की पोती हैं। ज़मींदार द्वारा झोंपड़ी लौटाए जाने के बाद की शाम पर अपनी डायरी में 80-100 शब्द लिखिए।

    Hint

    प्रथम पुरुष, भाव, घटनाएँ।

    Answer

    मंगलवार, शाम। प्रिय डायरी, आज मेरा मन बहुत हल्का है। जब से हमारी झोंपड़ी छिन गई थी, मुझसे खाना नहीं खाया जाता था। आज दादी टोकरी भर मिट्टी लेने गईं और ज़मींदार से कुछ कहा। मुझे बताया गया कि उन्होंने क्षमा माँगी और हमारी झोंपड़ी लौटा दी। हम अपने घर लौट आए। दादी ने मिट्टी के चूल्हे पर रोटी बनाई और मैंने पेट भरकर खाई। अपना घर पाकर मुझे ऐसा लगा जैसे मैंने सब कुछ पा लिया।

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.'एक टोकरी भर मिट्टी' के लेखक कौन हैं?Show answer

    माधवराव सप्रे।

  2. 2.झोंपड़ी पर कब्ज़ा कैसे हुआ?Show answer

    अदालत के माध्यम से, वकीलों को पैसे देकर।

  3. 3.वृद्धा के साथ कौन रहती थी?Show answer

    उसकी पोती।

  4. 4.वृद्धा मिट्टी क्यों ले जाना चाहती थी?Show answer

    चूल्हा बनाने के लिए।

  5. 5.ज़मींदार टोकरी को कितना उठा पाया?Show answer

    हाथ भर भी नहीं।

  6. 6.अंत में ज़मींदार ने क्या किया?Show answer

    पछताया, क्षमा माँगी और झोंपड़ी लौटा दी।

एक टोकरी भर मिट्टी: ज़मींदार का हृदय-परिवर्तन और टोकरी का प्रतीक: frequently asked questions

कहानी का मुख्य संदेश क्या है?

अन्याय का भार किसी से सहा नहीं जाता, इसलिए धन का घमंड छोड़कर करुणा अपनानी चाहिए।

कहानी की विशेषता क्या है?

यह बहुत छोटी है, पर अपने संवाद और मोड़ से गहरा प्रभाव छोड़ती है।

वृद्धा झोंपड़ी में जाकर क्यों रोने लगी?

उसे पति, बेटे और बहू की यादें आईं, जो उसी झोंपड़ी से जुड़ी थीं।

यह पाठ मल्हार में कौन-सा है?

पाठ 6।