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HindiCBSE Class 10 · Course B · Board exam 2026, set 4/4/1 · 7 marks · Reading comprehension

CBSE Class 10 Hindi Course B 2026: question 2

Set in the CBSE Class 10 board exam of 2026, paper 4/4/1, section क, question 2, for 7 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.

Q2 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

फ्रैंकलिन का प्रसिद्ध कथन है – 'वक्त को बरबाद न करो क्योंकि जीवन इसी से बना है।' समय ही जीवन है। जो अवसरों और संभावनाओं से भरा हुआ है।

जो बुद्धिमानी से इसका उपयोग करते हैं, वे सफलता की नींव रखते हैं, जबकि समय को व्यर्थ करने वाले अधूरे कार्यों और अपूर्ण लक्ष्यों के साथ रह जाते हैं। शास्त्रों में कहा गया है, 'एक-एक पैसे को जोड़कर कोई धनी बनता है, और एक-एक क्षण का उपयोग करके कोई विद्वान।' समय वास्तव में सीमित संसाधन है। जब हम किसी एक चीज के लिए 'हाँ' कहते हैं, तो किसी दूसरी चीज के लिए 'ना' कह रहे होते हैं।

प्राचीन ज्ञान भी यही सिखाता है। अवसर को समय रहते पहचानो और उसका सदुपयोग करो। मानव जीवन एक दुर्लभ उपहार है। यही जीवन हमें विवेक देता है, जो लाभकारी और सुखद के बीच अंतर करने में सक्षम बनाता है। इसलिए हर क्षण का विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है। जैसे विद्यार्थी परीक्षा के आने के ठीक पहले समय को अच्छी तरह समझकर पूरी निष्ठा से पढ़ाई करते हैं, वैसे ही हमें भी जीवन के हर क्षण को उद्देश्यपूर्ण बनाना चाहिए।

हम अकसर कहते हैं, 'काश मेरे पास और समय होता।' यह सोच हमें थकान और असंतोष की ओर ले जाती है। साथ ही, हम एक तरह की नकारात्मकता से घिर जाते हैं। सच यह है कि हम सबको समान 24 घंटे मिलते हैं। फ़र्क सिर्फ़ इस बात से पड़ता है कि हम उनका उपयोग कैसे करते हैं।

विद्वानों ने सिखाया कि सफलता उन्हीं को मिलती है, जो अपने समय को केवल सबसे महत्त्वपूर्ण कार्यों में निवेश करते हैं। प्रकृति हमें हर दिन समय का समान उपहार देती है। समय की कद्र कीजिए, घड़ी की सूइयों की फुसफुसाहट को सुनिए और उसके संकेतों को समझिए। जो लोग हर क्षण को सार्थक बनाते हैं, वे ही जीवन में संतोष और सफलता का सच्चा संतुलन पाते हैं।

  1. (i)

    निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प चुनिए :
    • कथन : समय के सदुपयोग का सफलता से गहरा नाता है।
    • कारण : सफलता उन्हीं को मिलती है, जो अपने समय को सबसे महत्त्वपूर्ण कार्यों में निवेश करते हैं।
    विकल्प :

    1. (A)कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
    2. (B)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
    3. (C)कथन गलत है और कारण सही है।
    4. (D)कथन और कारण दोनों गलत हैं।
    1 mark
  2. (ii)

    गद्यांश के आधार पर लिखिए कि जो व्यक्ति समय का सदुपयोग करते हैं, उनका जीवन कैसा होता है?
    (I) सफल
    (II) व्यस्त
    (III) सार्थक
    (IV) अनियमित
    विकल्प :

    1. (A)केवल विकल्प (I) सही है।
    2. (B)(II) और (III) सही हैं।
    3. (C)(I), (II) और (III) सही हैं।
    4. (D)(I) और (III) सही हैं।
    1 mark
  3. (iii)

    'काश मेरे पास और समय होता।' ऐसी सोच किस प्रकार के व्यक्तियों की होती है?

    1. (A)अकर्मण्य और आलसी लोगों की
    2. (B)भाग्यवादी लोगों की
    3. (C)समय की कद्र करने वालों की
    4. (D)परिश्रमी लोगों की
    1 mark
  4. (iv)

    समय को व्यर्थ गँवाने के क्या परिणाम होते हैं?

    2 marks
  5. (v)

    हर क्षण का विवेकपूर्ण उपयोग क्यों आवश्यक है?

    2 marks

Source: official question paper from cbse.gov.in (PDF). See it in the full 2026 board paper, set 4/4/1.

Hints

Open one hint at a time and try again before the next.

Hint 1

दूसरे अनुच्छेद में समय का उपयोग करने और न करने वालों की तुलना है।

Hint 2

(ii) में गद्यांश में आए शब्दों को ही चुनिए।

Hint 3

(v) तीसरे अनुच्छेद में मानव जीवन और विवेक की बात है।

Step-by-step solution

Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.

  1. (i) समय के सदुपयोग से सफलता मिलती है, इसलिए कथन सही है। कारण भी गद्यांश में है और कथन की सही व्याख्या करता है। उत्तर: (B)।

    1 mark
  2. (ii) समय का सदुपयोग करने वालों का जीवन सफल और सार्थक होता है। 'व्यस्त' और 'अनियमित' गद्यांश में नहीं हैं। उत्तर: (D)।

    1 mark
  3. (iii) 'काश और समय होता' की सोच थकान, असंतोष और नकारात्मकता लाती है। यह अकर्मण्य और आलसी लोगों की सोच है। उत्तर: (A)।

    1 mark
  4. (iv) समय व्यर्थ गँवाने वाले अधूरे कार्यों और अपूर्ण लक्ष्यों के साथ रह जाते हैं। उनमें थकान, असंतोष और नकारात्मकता आ जाती है तथा वे सफलता नहीं पाते।

    2 marks
  5. (v) मानव जीवन दुर्लभ उपहार है और समय सीमित संसाधन है। विवेकपूर्ण उपयोग से जीवन उद्देश्यपूर्ण बनता है और सफलता व संतोष मिलते हैं।

    2 marks

Answer: (i) B; (ii) D; (iii) A; (iv) अधूरे कार्य, अपूर्ण लक्ष्य, असंतोष और नकारात्मकता; (v) जीवन दुर्लभ व समय सीमित है, इससे जीवन सार्थक और सफल बनता है।

Where the marks are

  • (i) विकल्प B (1 अंक)
  • (ii) विकल्प D (1 अंक)
  • (iii) विकल्प A (1 अंक)
  • (iv) अधूरे कार्य और अपूर्ण लक्ष्य, असंतोष/नकारात्मकता (2 अंक)
  • (v) जीवन दुर्लभ, समय सीमित, उद्देश्यपूर्ण जीवन (2 अंक)

Revise the chapter

  • Chapter: Reading (unseen passages)

The question is transcribed from the official paper; figures are described in words. The solution, hints and chapter tag are ours. Spotted an error? Write tosupport@questionbuddy.in.