Skip to content
HindiCBSE Class 10 · Course A · Board exam 2026, set 3/4/1 · 7 marks · Reading comprehension

CBSE Class 10 Hindi Course A 2026: question 1

Set in the CBSE Class 10 board exam of 2026, paper 3/4/1, section क, question 1, for 7 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.

Q1 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)

निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

आकार में छोटी, पर प्रभाव में अद्वितीय चींटी, प्रकृति के सबसे संगठित और उद्देश्यपूर्ण प्राणियों में से एक है। भागवत पुराण और कई क्षेत्रीय भारतीय ग्रंथों में चींटियों की परिश्रमशीलता और सहयोग भावना को मानव आचरण का आदर्श बताया गया है। चींटियाँ हमें सिखाती हैं कि नेतृत्व पद से नहीं, बल्कि प्रतिबद्धता, सहयोग और निरंतरता से परिभाषित होता है।

अकेली चींटी असहाय हो सकती है, परंतु समूह में वे असंभव को संभव कर देती हैं। यही सहयोगात्मक नेतृत्व का सार है। एक सच्चा नेता मात्र स्वयं की सफलता की आकांक्षा नहीं रखता, अपितु वह ऐसे तंत्र का निर्माण करता है, जहाँ सभी मिलकर योगदान दें और सभी सफलता प्राप्त करें।

चींटियों का जीवन अत्यंत अनुशासित होता है। बिना बाहरी निगरानी के, वे भोजन संचित करती हैं। सुरंगें बनाती हैं और चुनौतियों का सामना करती हैं। चींटी यह सिखाती है कि महान उपलब्धियाँ किसी एक विलक्षण कार्य से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे, पर नियमित उद्देश्यपूर्ण प्रयासों से बनती हैं। चींटियाँ ध्यान आकर्षित नहीं करतीं। वे मौन भाव से योगदान देती हैं। यह 'निष्काम कर्म' की भावना का प्रतिबिंब है, यानि बिना फल की आसक्ति से किया गया कर्म। चींटी हमें सिखाती है कि शक्ति आकार से मापी नहीं जाती और ध्वनि से प्रभावित नहीं होती। वे सिद्ध करती हैं कि अनुशासन, विनम्रता, सहयोग और दृष्टि से, सबसे छोटा प्राणी भी अपना प्रभाव छोड़ सकता है। आज के तेज़ और व्यक्तिवाद से भरे युग में, चींटी हमें बताती है कि शांति से किया गया तप और सामूहिक प्रयत्न ही सच्ची संस्कृति का निर्माण करते हैं।

  1. (i)

    उपर्युक्त गद्यांश किस विषय-वस्तु पर आधारित है ?

    1. (A)चींटियों के लघु आकार पर
    2. (B)चींटियों के प्रेरक जीवन पर
    3. (C)निष्काम कर्म-भावना पर
    4. (D)आदर्श नेता के गुणों पर
    1 mark
  2. (ii)

    निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन करके लिखिए :
    कथन : आकार से शक्ति का आकलन नहीं किया जा सकता।
    कारण : शक्ति केवल शारीरिक आकार पर निर्भर नहीं करती। मनुष्य की बौद्धिक क्षमता भी शक्ति को प्रभावित करती है।

    1. (A)कथन ग़लत है, किंतु कारण सही है।
    2. (B)कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
    3. (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
    4. (D)कथन सही है, किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
    1 mark
  3. (iii)

    चींटियों के किस गुण को मानव आचरण का आदर्श बताया गया है ?
    इस प्रश्न के उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए :
    (I) सहयोग (II) असहाय (III) परिश्रमशीलता (IV) अनुशासन

    1. (A)कथन (I) और (II) सही हैं।
    2. (B)कथन (I), (II) और (III) सही हैं।
    3. (C)कथन (I), (III) और (IV) सही हैं।
    4. (D)केवल कथन (IV) सही है।
    1 mark
  4. (iv)

    चींटी 'निष्काम कर्म' की भावना का प्रतीक है, कैसे ?

    2 marks
  5. (v)

    सहयोगात्मक नेतृत्व क्या है ? इसके किसी एक लाभ का उल्लेख कीजिए।

    2 marks

Source: official question paper from cbse.gov.in (PDF). See it in the full 2026 board paper, set 3/4/1.

Hints

Open one hint at a time and try again before the next.

Hint 1

गद्यांश के पहले और अंतिम वाक्य देखिए।

Hint 2

कथन और कारण दोनों को गद्यांश से मिलाइए।

Hint 3

(iv) में 'मौन भाव' और 'बिना फल की आसक्ति' पंक्तियाँ ढूँढ़िए।

Step-by-step solution

Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.

  1. (i) गद्यांश चींटियों के परिश्रम, अनुशासन, सहयोग और नेतृत्व की सीख देता है, अतः विषय 'चींटियों का प्रेरक जीवन' है। उत्तर: (B)

    1 mark
  2. (ii) कथन सही है कि शक्ति आकार से नहीं मापी जाती। कारण भी सही है और कथन की व्याख्या करता है। उत्तर: (C)

    1 mark
  3. (iii) गद्यांश में परिश्रमशीलता, सहयोग और अनुशासन आदर्श बताए गए हैं; 'असहाय' गुण नहीं है। उत्तर: (C)

    1 mark
  4. (iv) चींटी बिना प्रदर्शन और बिना किसी प्रशंसा की चाह के मौन भाव से अपना योगदान देती रहती है।

    1 mark
  5. वह फल की आसक्ति के बिना निरंतर कर्म में लगी रहती है (भोजन जुटाना, सुरंग बनाना), यही निष्काम कर्म है।

    1 mark
  6. (v) सहयोगात्मक नेतृत्व वह शैली है जिसमें नेता केवल अपनी सफलता नहीं चाहता, बल्कि ऐसा तंत्र बनाता है जहाँ सभी मिलकर योगदान देते हैं।

    1 mark
  7. लाभ: इससे सभी को सफलता मिलती है और असंभव लगने वाले कार्य भी पूरे हो जाते हैं।

    1 mark

Answer: (i) B; (ii) C; (iii) C; (iv) मौन भाव से, फल की आसक्ति के बिना कर्म; (v) सब मिलकर योगदान दें; लाभ: सभी की सफलता

Where the marks are

  • (i) सही विकल्प B (1 अंक)
  • (ii) सही विकल्प C (1 अंक)
  • (iii) सही विकल्प C (1 अंक)
  • (iv) मौन योगदान तथा फल की आसक्ति रहित कर्म (1+1=2 अंक)
  • (v) सहयोगात्मक नेतृत्व का अर्थ तथा एक लाभ (1+1=2 अंक)

Revise the chapter

  • Chapter: Reading (unseen passages)

The question is transcribed from the official paper; figures are described in words. The solution, hints and chapter tag are ours. Spotted an error? Write tosupport@questionbuddy.in.