CBSE Class 10 Hindi Course A sample paper 2025-26: question 8
From the official CBSE sample question paper for 2025-26, section ग, question 8, for 6 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.
Q8 · 6 marks · Very short answerस्वयं प्रकाश – नेताजी का चश्मा
Answer the following.
- (a)2 marks
'नेताजी का चश्मा' कहानी के आधार पर हालदार साहब के व्यक्तित्व का परिचय लिखिए।
- (b)2 marks
लेखिका मन्नू भंडारी ने अपनी माँ की तुलना धरती से क्यों की है? 'एक कहानी यह भी' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
- (c)2 marks
'मेरे मालिक एक सुर बक्श दे। सुर में वह तासीर पैदा कर कि आँखों से सच्चे मोती की तरह अनगढ़ आँसू निकल आएँ।' 'नौबतखाने में इबादत' पाठ के आधार पर बिस्मिल्ला खाँ के इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
- (d)2 marks
लेखक संस्कृति-असंस्कृति और सभ्यता-असभ्यता के भ्रमजाल में फँसे मनुष्यों से क्या प्रश्न करता है?
Source: official sample paper from cbseacademic.nic.in (PDF). See it in the full Sample paper 2025-26.
Hints
Open one hint at a time and try again before the next.
Hint 1
पाठ के प्रसंग और पात्र का मूल गुण याद कीजिए।
Hint 2
प्रत्येक उत्तर में दो अलग बिंदु लिखिए।
Hint 3
(घ) में विनाश के साधनों और कल्याण की भावना पर ध्यान दीजिए।
Step-by-step solution
Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.
- 1 mark
(क) हालदार साहब का व्यक्तित्व देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत था; वे शहीदों और देशभक्तों का सम्मान करते थे।
- 1 mark
वे देशभक्ति का मज़ाक उड़ाया जाना पसंद नहीं करते थे और स्वभाव से भावुक थे।
- 1 mark
(ख) लेखिका की माँ में धरती जैसा असीम धैर्य और सहनशक्ति थी; उन्होंने केवल देना सीखा था, किसी से कुछ पाने की इच्छा नहीं रखी।
- 1 mark
वे पिता की ज़्यादतियाँ और बच्चों की फ़रमाइशें चुपचाप सहती और मानती थीं, इसलिए तुलना धरती से की गई।
- 1 mark
(ग) सुमधुर सुर सुनकर व्यक्ति भावविभोर हो जाता है और आँखों से आँसू निकल आते हैं, जो सच्चे मोती जैसे होते हैं।
- 1 mark
बिस्मिल्ला खाँ नमाज़ के बाद खुदा से ऐसा ही सुर माँगते थे; वे सुर को खुदा की देन मानते थे और उनके लिए सुर से कीमती कुछ नहीं था।
- 1 mark
(घ) लेखक पूछता है कि जो योग्यता मनुष्य से आत्म-विनाश के साधनों का आविष्कार कराए, उसे संस्कृति कहें या असंस्कृति?
- 1 mark
इन साधनों के बल पर दिन-रात आत्म-विनाश में लगे मनुष्य को सभ्य समझें या असभ्य? कल्याण की भावना टूटने पर संस्कृति असंस्कृति बन जाती है।
Answer: (क) देशभक्त, शहीदों का सम्मान करने वाले, भावुक; (ख) धैर्य, सहनशीलता और त्याग में धरती जैसी माँ; (ग) सच्चे सुर की तासीर से भाव-विह्वल आँसू; (घ) विनाशकारी आविष्कार संस्कृति-सभ्यता हैं या नहीं
Where the marks are
- किन्हीं तीन उपप्रश्नों के उत्तर, प्रत्येक में दो सही बिंदु (3×2=6 अंक)
Revise the chapter
- Chapter: स्वयं प्रकाश – नेताजी का चश्मा (notes, formulas, where marks are lost and every past question)
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