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HindiCBSE Class 10 · Course B · Board exam 2025, set 4/2/1 · 7 marks · Case-based

CBSE Class 10 Hindi Course B 2025: question 1

Set in the CBSE Class 10 board exam of 2025, paper 4/2/1, section A, question 1, for 7 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.

Q1 · 7 marks · Case-basedCompetency-basedReading (unseen passages)

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए :

गाँधीजी ने संसार को जो संदेश दिया था, वह सर्वोदय का संदेश था। उस संदेश की जितनी पहले आवश्यकता थी, उतनी ही आज भी है। गाँधीजी ने अपने जीवन-काल में न केवल वाणी और लेखनी द्वारा, बल्कि अपने आचरण द्वारा भी उस महान संदेश का प्रचार किया था।

गाँधीजी ने इस पर ख़ूब ज़ोर दिया था कि किसी अच्छे उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए अशुद्ध साधनों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने हमें सिखाया था कि अशुद्ध साधनों द्वारा उत्तम उद्देश्य हासिल नहीं किया जा सकता। यही कारण था कि उन्होंने देश की स्वतंत्रता के श्रेष्ठ लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हिंसात्मक और आतंकवादी कार्रवाइयों का त्याग करने और सत्य तथा अहिंसा का मार्ग अपनाने की सलाह दी है। इसका परिणाम हम अपनी आँखों से देख चुके हैं। व्यवहार में यह रास्ता ज्यादा सीधा और सरल साबित हुआ। कम-से-कम हानि उठाकर हमने अपनी स्वतंत्रता हासिल की और जो कल तक हमारे विरोधी थे, वही हमारे मित्र बन गए हैं। इसके विपरीत यूरोप के पिछले दो महायुद्धों के उदाहरण भी हमारे सामने हैं। इन महायुद्धों में जन-धन का भयंकर विनाश हुआ, वह तो हुआ ही; उन नैतिक मूल्यों का भी ह्रास हो गया, जिनके कारण मनुष्य मनुष्य कहलाने का अधिकारी होता है। वे समस्याएँ आज भी बनी हुई हैं जिन्हें हल करने के लिए महायुद्ध लड़े गए थे। अत: सर्वोदय सम्मेलन में साधनों की शुद्धता पर जो बल दिया गया है, वह सर्वथा उचित है।

  1. (i)

    'गाँधीजी ने अपने आचरण द्वारा भी उस महान संदेश का प्रचार किया था ।' – पंक्ति में किस महान संदेश की ओर संकेत किया गया है ?

    1. (A)सत्य और अहिंसा का संदेश
    2. (B)सर्वोदय का संदेश
    3. (C)शुभ आचरण का संदेश
    4. (D)नैतिक मूल्यों का संदेश
    1 mark
  2. (ii)

    'गाँधीजी के भौतिक रूप से हमारे बीच उपस्थित न रहने' – से क्या अभिप्राय है ?

    1. (A)आत्मिक रूप से उपस्थित न होना
    2. (B)सैद्धांतिक रूप से उपस्थित न होना
    3. (C)प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित न होना
    4. (D)मानसिक रूप में उपस्थित न होना
    1 mark
  3. (iii)

    निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
    कथन : सर्वोदय के संदेश की दुनिया को जितनी आवश्यकता पहले थी, उतनी ही आवश्यकता आज भी है।
    कारण : समाज में विद्यमान समस्याओं के मूल रूप में पहले से अब तक विशेष अंतर नहीं आया है।

    1. (A)कथन ग़लत है, परन्तु कारण सही है।
    2. (B)कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
    3. (C)कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
    4. (D)कथन सही है, परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
    1 mark
  4. (iv)

    देश की स्वतंत्रता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए गाँधीजी ने किस मार्ग को अपनाने की सलाह दी और क्यों ?

    2 marks
  5. (v)

    स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए गाँधीजी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने के क्या परिणाम निकले ?

    2 marks

Source: official question paper from cbse.gov.in (PDF). See it in the full 2025 board paper, set 4/2/1.

Hints

Open one hint at a time and try again before the next.

Hint 1

गद्यांश की पहली पंक्ति में संदेश का नाम लिखा है।

Hint 2

अनुच्छेद 2 में सलाह और उसके कारण पर ध्यान दीजिए।

Hint 3

परिणाम बताने वाले वाक्य 'कम-से-कम हानि...' से शुरू होते हैं।

Step-by-step solution

Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.

  1. (i) गद्यांश की पहली पंक्ति में कहा गया है कि गाँधीजी का संदेश सर्वोदय का था, इसलिए सही उत्तर (B) है।

    1 mark
  2. (ii) 'भौतिक रूप से उपस्थित न रहना' का अर्थ है शरीर से सामने न होना, यानी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित न होना। सही उत्तर (C)।

    1 mark
  3. (iii) कथन और कारण दोनों सही हैं। समस्याएँ आज भी बनी हुई हैं, इसीलिए संदेश की आवश्यकता आज भी है। अतः कारण कथन की सही व्याख्या करता है। सही उत्तर (C)।

    1 mark
  4. (iv) गाँधीजी ने सत्य और अहिंसा का मार्ग अपनाने की सलाह दी। कारण यह था कि श्रेष्ठ लक्ष्य अशुद्ध साधनों (हिंसा और आतंक) से प्राप्त नहीं होता, केवल शुद्ध साधनों से ही होता है।

    2 marks
  5. (v) इस मार्ग से हमें कम-से-कम जन-धन की हानि उठाकर स्वतंत्रता मिल गई। जो कल तक विरोधी थे, वे मित्र बन गए। साथ ही नैतिक मूल्यों की क्षति नहीं हुई।

    2 marks

Answer: (i) B; (ii) C; (iii) C; (iv) सत्य-अहिंसा का मार्ग, क्योंकि अशुद्ध साधनों से उत्तम उद्देश्य नहीं मिलता; (v) कम हानि से स्वतंत्रता मिली, विरोधी मित्र बने, नैतिक मूल्य सुरक्षित रहे

Where the marks are

  • (i) सही विकल्प B (1 अंक)
  • (ii) सही विकल्प C (1 अंक)
  • (iii) सही विकल्प C (1 अंक)
  • सत्य और अहिंसा का मार्ग अपनाने की सलाह (1 अंक) तथा साधनों की शुद्धता का कारण (1 अंक)
  • कम हानि से स्वतंत्रता प्राप्ति (1 अंक) तथा विरोधी का मित्र बनना/नैतिक मूल्यों की रक्षा (1 अंक)

Revise the chapter

  • Chapter: Reading (unseen passages)

The question is transcribed from the official paper; figures are described in words. The solution, hints and chapter tag are ours. Spotted an error? Write tosupport@questionbuddy.in.