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HindiCBSE Class 10 · Course B · Board exam 2025, set 4/1/1 · 7 marks · Reading comprehension

CBSE Class 10 Hindi Course B 2025: question 2

Set in the CBSE Class 10 board exam of 2025, paper 4/1/1, section क, question 2, for 7 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.

Q2 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों का सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए:

क्रोध दुःख के चेतन कारण के साक्षात्कार या अनुमान से उत्पन्न होता है। साक्षात्कार के समय दुःख और उसके कारण के संबंध का परिज्ञान आवश्यक है। तीन-चार महीने के बच्चे को कोई हाथ उठाकर मार दे, तो उसने हाथ उठाते तो देखा है पर उसकी पीड़ा और उस हाथ उठाने से क्या संबंध है, यह वह नहीं जानता है। अतः वह केवल रोकर अपना दुःख मात्र प्रकट कर देता है। दुःख के कारण की स्पष्ट धारणा के बिना क्रोध का उदय नहीं होता। दुःख के सज्ञान कारण पर प्रबल प्रभाव डालने में प्रवृत्त करवाने वाला मनोविकार होने के कारण क्रोध का आविर्भाव बहुत पहले देखा जाता है। शिशु अपनी माता की आकृति से परिचित हो जाने पर ज्यों ही यह जान जाता है कि दूध इसी से मिलता है, भूखा होने पर वह उसे देखते ही अपने रोने में कुछ क्रोध का आभास देने लगता है।

सामाजिक जीवन में क्रोध की ज़रूरत बराबर पड़ती है। यदि क्रोध न हो तो मनुष्य दूसरों के द्वारा पहुँचाए जाने वाले बहुत से कष्टों की चिरनिवृत्ति का उपाय ही न कर सकेगा। समाज में निराशा और अत्याचार का बोलबाला बढ़ जाएगा। कोई मनुष्य किसी दुष्ट के नित्य दो-चार प्रहार सहता है। यदि उसमें क्रोध का विकास नहीं हुआ है तो वह केवल आह-ऊह करेगा, जिसका उस दुष्ट पर कोई प्रभाव नहीं। उस दुष्ट के हृदय में विवेक, दया आदि उत्पन्न करने में बहुत समय लगेगा। संसार किसी को इतना समय ऐसे छोटे-छोटे कामों के लिए नहीं दे सकता।

  1. (i)

    क्रोध की उत्पत्ति का क्या कारण है ?

    1. (A)सामने वाले के हृदय में दया उत्पन्न करना
    2. (B)दुःख के चेतन कारण के साक्षात्कार का अनुमान
    3. (C)क्रोध को अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानना
    4. (D)अपनी भावनाओं पर नियंत्रण न रख पाना
    1 mark
  2. (ii)

    माँ की गोद में जाते ही शिशु क्यों शांत हो जाता है ?

    1. (A)माता शिशु की जननी है।
    2. (B)सुरक्षा का अनुभव करता है।
    3. (C)माँ की गोद में ममता का अनुभव करता है।
    4. (D)माँ की आकृति पहचान भूख शांत हो जाने की आशा है।
    1 mark
  3. (iii)

    निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
    कथन : क्रोध की आह-ऊह का दुष्ट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
    कारण : दुष्ट के हृदय में विवेक, दया आदि उत्पन्न करने में बहुत समय लगेगा।

    1. (A)कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है।
    2. (B)कथन और कारण दोनों गलत हैं।
    3. (C)कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
    4. (D)कथन गलत है, लेकिन कारण सही है।
    1 mark
  4. (iv)

    गद्यांश का लेखक सामाजिक जीवन में क्रोध का समर्थन करता है, क्यों ?

    2 marks
  5. (v)

    गद्यांश के आधार पर क्रोध की व्याख्या कीजिए।

    2 marks

Source: official question paper from cbse.gov.in (PDF). See it in the full 2025 board paper, set 4/1/1.

Hints

Open one hint at a time and try again before the next.

Hint 1

पहले अनुच्छेद की पहली पंक्ति देखिए।

Hint 2

शिशु माँ को देखकर क्या सोचता है, यह पढ़िए।

Hint 3

(iv) के लिए दूसरे अनुच्छेद में क्रोध न होने के परिणाम खोजिए।

Step-by-step solution

Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.

  1. (i) गद्यांश के अनुसार क्रोध दुःख के चेतन कारण के साक्षात्कार या अनुमान से उत्पन्न होता है। उत्तर: (B)।

    1 mark
  2. (ii) शिशु माँ की आकृति पहचानता है और जानता है कि उससे दूध मिलेगा। इसलिए गोद में जाते ही भूख शांत होने की आशा से वह शांत हो जाता है। उत्तर: (D)।

    1 mark
  3. (iii) कथन में 'क्रोध की आह-ऊह' कहना अशुद्ध है, क्योंकि गद्यांश में क्रोध के अभाव में केवल आह-ऊह करने की बात है। कारण गद्यांश के अनुसार सही है, पर वह इस कथन की सही व्याख्या नहीं करता। उत्तर: (A)।

    1 mark
  4. (iv) लेखक समर्थन इसलिए करता है कि क्रोध न हो तो मनुष्य दूसरों के पहुँचाए कष्टों को दूर करने का उपाय नहीं कर पाएगा। तब समाज में निराशा और अत्याचार बढ़ेंगे, क्योंकि केवल आह-ऊह से दुष्ट पर प्रभाव नहीं पड़ता और दया-विवेक जगाने में बहुत समय लगता है।

    2 marks
  5. (v) क्रोध दुःख के चेतन कारण के साक्षात्कार या अनुमान से उत्पन्न मनोविकार है। इसके लिए दुःख और उसके कारण के संबंध का स्पष्ट ज्ञान आवश्यक है। यह कारण पर प्रबल प्रभाव डालने के लिए प्रेरित करता है। इसी कारण छोटा बच्चा, जिसे यह संबंध ज्ञात नहीं, केवल रोता है।

    2 marks

Answer: (i) B; (ii) D; (iii) A; (iv) क्रोध अत्याचार से मुक्ति दिलाता है; (v) दुःख के चेतन कारण के ज्ञान/अनुमान से उत्पन्न मनोविकार

Where the marks are

  • (i) विकल्प B (1 अंक)
  • (ii) विकल्प D (1 अंक)
  • (iii) विकल्प A (1 अंक)
  • (iv) क्रोध के समर्थन के कारण (2 अंक)
  • (v) क्रोध की व्याख्या (2 अंक)

Revise the chapter

  • Chapter: Reading (unseen passages)

The question is transcribed from the official paper; figures are described in words. The solution, hints and chapter tag are ours. Spotted an error? Write tosupport@questionbuddy.in.