CBSE Class 10 Hindi Course A sample paper 2025-26: question 10
From the official CBSE sample question paper for 2025-26, section ग, question 10, for 6 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.
Q10 · 6 marks · Very short answerसूरदास – पद
Answer the following.
- (a)2 marks
गोपियों को उद्धव से क्यों कहना पड़ा - 'हरि हैं राजनीति पढ़ि आए'? 'सूरदास के पद' के आधार पर उत्तर लिखिए।
- (b)2 marks
"सो बिलगाउ बिहाइ समाजा। न त मारे जैहहिं सब राजा"- परशुराम जी के मुँह से ऐसा सुनकर लक्ष्मण की क्या प्रतिक्रिया रही?
- (c)2 marks
'उत्साह' और 'अट नहीं रही है' कविताओं के आधार पर सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' जी के प्रकृति चित्रण का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
- (d)2 marks
'आत्मकथ्य' कविता के माध्यम से कवि श्री 'जयशंकर प्रसाद' जी के व्यक्तित्व की जो झलक मिलती है, वह उनकी ईमानदारी और साहस का प्रमाण है, स्पष्ट कीजिए।
Source: official sample paper from cbseacademic.nic.in (PDF). See it in the full Sample paper 2025-26.
Hints
Open one hint at a time and try again before the next.
Hint 1
प्रसंग में पात्र की मनोदशा समझिए।
Hint 2
प्रत्येक उत्तर में कम से कम दो बिंदु लिखिए।
Hint 3
कविता की प्रमुख पंक्तियाँ उद्धृत करने से उत्तर मज़बूत होगा।
Step-by-step solution
Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.
- 1 mark
(क) गोपियाँ जिस कृष्ण की लंबे समय से प्रतीक्षा कर रही थीं, वे नहीं आए, उनकी जगह कृष्ण से दूर करने वाला योग-संदेश आ गया।
- 1 mark
इसमें उन्हें कृष्ण की चाल दिखी और वे इसे अपने साथ छल समझने लगीं, इसलिए कहा कि कृष्ण राजनीति पढ़ आए हैं।
- 1 mark
(ख) सब राजाओं के मारे जाने की बात सुनकर लक्ष्मण मुसकराने लगे और व्यंग्य भरे स्वर में बोले।
- 1 mark
उन्होंने कहा कि बचपन में हमने बहुत धनुहियाँ तोड़ीं, तब आपने क्रोध नहीं किया; इस धनुष से आपको इतना मोह क्यों है?
- 1 mark
(ग) निराला की कविताओं में प्रकृति का चित्रण सजीव है: 'उत्साह' में बादल गरजकर नई क्रांति और नवजीवन का आह्वान करते हैं।
- 1 mark
'अट नहीं रही है' में फागुन का सौंदर्य है: हरियाली, नई पत्तियाँ-फूल और सुगंधित हवा, इतना सौंदर्य कि आँखों में समा नहीं पाता।
- 1 mark
(घ) प्रसाद ने अपनी भूलों, जीवन की असफलताओं और सरलता के कारण खाए धोखे को स्वीकार किया, जो साहस का काम है।
- 1 mark
'छोटे से जीवन की कैसे बड़ी कथाएँ आज कहूँ' कहकर यथार्थ स्वीकारना उनकी ईमानदारी का प्रमाण है।
Answer: (क) कृष्ण का न आना और योग-संदेश भेजना छल लगा; (ख) लक्ष्मण ने मुसकराकर धनुहियों का व्यंग्य किया; (ग) निराला का सजीव, ओजस्वी और सौंदर्यपूर्ण प्रकृति चित्रण; (घ) भूलों-असफलताओं की स्वीकारोक्ति ईमानदारी और साहस है
Where the marks are
- किन्हीं तीन उपप्रश्नों के उत्तर, प्रत्येक में दो बिंदु (3×2=6 अंक)
Revise the chapter
- Chapter: सूरदास – पद (notes, formulas, where marks are lost and every past question)
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