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HindiCBSE Class 10 · Course A · Board exam 2024, set 3/5/1 · 5 marks · Case-based

CBSE Class 10 Hindi Course A 2024: question 9

Set in the CBSE Class 10 board exam of 2024, paper 3/5/1, section A, question 9, for 5 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.

Q9 · 5 marks · Case-basedCompetency-basedतुलसीदास – राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

पठित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए :

बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी ॥
पुनि-पुनि मोहि देखाव कुठारु। चहत उड़ावन फूँकि पहारू ॥
इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं ॥
देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना ॥
भृगुसुत समुझि जनेउ बिलोकी। जो कछु कहहु सहौं रिस रोकी ॥
सुर महिसुर हरिजन अरु गाई। हमरे कुल इन्ह पर न सुराई ॥

  1. (i)

    लक्ष्मण कोमल वाणी में किन्हें संबोधित कर रहे हैं?

    1. (A)मुनिवर परशुराम
    2. (B)दशरथपुत्र राम
    3. (C)गुरु विश्वामित्र
    4. (D)राजा जनक
    1 mark
  2. (ii)

    इन पंक्तियों में लक्ष्मण ने परशुराम के लिए व्यंग्य में क्या कहा?

    1. (A)मुनीश्वर आपने अनेक राजाओं से भूमि जीतकर ब्राह्मणों को दी है।
    2. (B)हे मुनिवर आपके बारे में ज्ञात है कि आप तो क्षत्रियकुल के विनाशक हैं।
    3. (C)हे मुनिश्रेष्ठ महान योद्धा होते हुए आपको बार-बार फरसा दिखाने की आवश्यकता क्या है?
    4. (D)हे मुनिवर आपके पास तो वह फरसा है जिससे आपने राजा सहस्रबाहु का वध किया था।
    1 mark
  3. (iii)

    'इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं।' — का आशय है:

    1. (A)हम कुम्हड़े का फल नहीं जो देखते ही मुरझा जाएँगे।
    2. (B)हम कुम्हड़े का फल नहीं जो छूते ही सूख जाएँगे।
    3. (C)हम दुर्बल नहीं जो आपके क्रोधपूर्ण वचनों से डर जाएँगे।
    4. (D)हम दुर्बल नहीं जो आपके फरसे को देखकर डर जाएँगे।
    1 mark
  4. (iv)

    'यज्ञोपवीतधारी ब्राह्मण समझकर हम अपने क्रोध को नियंत्रित कर आपके कठोर व्यवहार को सहन कर रहे हैं।' — यह भाव किस पंक्ति में आया है?

    1. (A)बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी ॥
    2. (B)पुनि-पुनि मोहि देखाव कुठारु। चहत उड़ावन फूँकि पहारू ॥
    3. (C)देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना ॥
    4. (D)भृगुसुत समुझि जनेउ बिलोकी। जो कछु कहहु सहौं रिस रोकी ॥
    1 mark
  5. (v)

    लक्ष्मण द्वारा रघुकुल में किस-किस पर शूरवीरता न दिखाने की बात कही गई?

    1. (A)सुर, ब्राह्मण, भगवान के भक्त, गायक
    2. (B)सुर, महिसुर, हरिजन, गायिका
    3. (C)देवता, ब्राह्मण, भगवान के भक्त, गाय
    4. (D)असुर, ब्राह्मण, भगवान के भक्त, गाय
    1 mark

Source: official question paper from cbse.gov.in (PDF). See it in the full 2024 board paper, set 3/5/1.

Hints

Open one hint at a time and try again before the next.

Hint 1

संवाद किसके बीच है?

Hint 2

'तरजनी' और 'कुम्हड़बतिया' का प्रतीक अर्थ सोचिए।

Hint 3

अंतिम दोहे की पंक्तियों का अर्थ देखिए।

Step-by-step solution

Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.

  1. (i) लक्ष्मण मुनिवर परशुराम से बोल रहे हैं (A)।

    1 mark
  2. (ii) व्यंग्य में लक्ष्मण कहते हैं कि महान योद्धा होकर बार-बार फरसा दिखाने की क्या आवश्यकता (C)।

    1 mark
  3. (iii) हम दुर्बल नहीं जो आपके क्रोधपूर्ण वचनों से डर जाएँगे (C)।

    1 mark
  4. (iv) जनेऊ देखकर क्रोध रोकने का भाव 'भृगुसुत समुझि जनेउ बिलोकी...' में है (D)।

    1 mark
  5. (v) रघुकुल में देवता, ब्राह्मण, हरिभक्त और गाय पर वीरता नहीं दिखाई जाती (C)।

    1 mark

Answer: (i) A; (ii) C; (iii) C; (iv) D; (v) C

Where the marks are

  • (i) A (1)
  • (ii) C (1)
  • (iii) C (1)
  • (iv) D (1)
  • (v) C (1)

Revise the chapter

The question is transcribed from the official paper; figures are described in words. The solution, hints and chapter tag are ours. Spotted an error? Write tosupport@questionbuddy.in.