CBSE Class 10 Hindi Course A sample paper 2024-25: question 10
From the official CBSE sample question paper for 2024-25, section ग, question 10, for 6 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.
Q10 · 6 marks · Short answerतुलसीदास – राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए : (3x2=6)
- (क)2 marks
'शक्ति और साहस' के साथ विनम्रता हो तो अच्छा प्रभाव पड़ता है' – इस कथन पर अपने विचार 'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' पाठ के आलोक में लिखिए।
- (ख)2 marks
'आत्मकथ्य' कविता के आधार पर उन तथ्यों का उल्लेख कीजिए जिनका उल्लेख कवि अपनी आत्मकथा में नहीं करना चाहता है ?
- (ग)2 marks
'चिर प्रवासी मैं इतर, मैं अन्य !' कवि ने स्वयं को 'चिर प्रवासी, इतर' और 'अन्य' क्यों कहा है ? 'यह दंतुरित मुस्कान' कविता के आधार पर लिखिए।
- (घ)2 marks
वर्तमान में संगतकार जैसे व्यक्तियों की प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए।
Source: official sample paper from cbseacademic.nic.in (PDF). See it in the full Sample paper 2024-25.
Hints
Open one hint at a time and try again before the next.
Hint 1
कविता के संबंधित प्रसंग को याद करें।
Hint 2
हर उत्तर में कम से कम दो बिंदु लिखें।
Hint 3
कारण स्पष्ट रूप से 'क्योंकि' के साथ लिखें।
Step-by-step solution
Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.
- 1 mark
(क) विनम्रता के बिना शक्ति और साहस अहंकार को जन्म देकर विनाशकारी हो सकते हैं। परशुराम और लक्ष्मण में विनम्रता का अभाव था, इसलिए सभा में विरोध हुआ।
- 1 mark
राम में शक्ति और साहस के साथ विनम्रता थी, इसलिए सभा ने उनका सम्मान किया।
- 1 mark
(ख) कवि अपनी सरलता के कारण हुई भूलों और दूसरों के छल-कपट का उल्लेख नहीं करना चाहता।
- 1 mark
वह प्रेयसी के साथ बिताए निजी सुखद क्षणों और अपनी दुर्बलताओं को भी सार्वजनिक नहीं करना चाहता।
- 1 mark
(ग) कवि नागार्जुन घुमक्कड़ प्रवृत्ति के कारण अधिकतर घर से दूर रहे। इसीलिए वे शिशु के लिए अपरिचित हो गए।
- 1 mark
लंबे समय बाद लौटने पर वे स्वयं को अतिथि जैसा, चिर प्रवासी, इतर और अन्य कहते हैं, जो उनके मन की पीड़ा दिखाता है।
- 1 mark
(घ) संगतकार हर काल में प्रासंगिक हैं, क्योंकि वे समाज के हर छोटे-बड़े कार्य में सहायक बनते हैं।
- 1 mark
वे स्वयं पीछे रहकर प्रसिद्ध व्यक्तियों की सफलता में योगदान देते हैं और अपने त्याग से दूसरों को आगे बढ़ाते हैं। उनकी भूमिका नींव जैसी होती है।
Answer: किन्हीं तीन के उत्तर ऊपर दिए गए हैं।
Where the marks are
- (क) विनम्रता का महत्त्व और उदाहरण (2 अंक)
- (ख) दो अनकहे तथ्य (2 अंक)
- (ग) प्रवासी जीवन और अपरिचय का कारण (2 अंक)
- (घ) संगतकार की प्रासंगिकता के दो बिंदु (2 अंक)
Revise the chapter
- Chapter: तुलसीदास – राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद (notes, formulas, where marks are lost and every past question)
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