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HindiCBSE Class 10 · Course B · Sample paper, session 2026-27 · 6 marks · Short answer

CBSE Class 10 Hindi Course B sample paper 2026-27: question 10

From the official CBSE sample question paper for 2026-27, section ग, question 10, for 6 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.

Q10 · 6 marks · Short answerप्रेमचंद – बड़े भाई साहब

निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर 25-30 शब्दों में लिखिए। (3×2= 6)

  1. I

    पाठ में बड़े भाई साहब हमेशा अनुशासन और जिम्मेदारी के उदाहरण पेश करते हैं। यदि आप उनके किसी एक गुण को अपने जीवन में अपनाएँ, तो वह कौन-सा होगा और क्यों?

    2 marks
  2. II

    'डायरी का पन्ना' पाठ में बंगाल की जनता के साहस और संघर्ष का अप्रतिम उदाहरण मिलता है। कैसे?

    2 marks
  3. III

    "वे सोने में ताँबा नहीं बल्कि ताँबे में सोना मिलाकर उसकी कीमत बढ़ाते थे।" 'गिन्नी का सोना' पाठ के आधार पर इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।

    2 marks
  4. IV

    'अब कहाँ दूसरों के दुख से दुखी होने वाले' पाठ के अनुसार वर्तमान में लोग दूसरों के दुख में दुखी नहीं होते। आपके विचार में इस भावनात्मक बदलाव के क्या कारण हो सकते हैं?

    2 marks

Source: official sample paper from cbseacademic.nic.in (PDF). See it in the full Sample paper 2026-27.

Hints

Open one hint at a time and try again before the next.

Hint 1

पाठ के प्रसंग को याद कर दो बिंदु चुनिए।

Hint 2

अपने विचार वाले प्रश्न में तर्क के साथ कारण लिखिए।

Step-by-step solution

Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.

  1. I. मैं समय के सदुपयोग और अनुशासन का गुण अपनाना चाहूँगा/चाहूँगी। बड़े भाई साहब नियमित अध्ययन पर ज़ोर देते हैं; अनुशासन से लक्ष्य तय कर निरंतर प्रयास करना आसान होता है और आलस्य दूर होता है।

    2 marks
  2. II. बंगाल की जनता ने अंग्रेज़ी शासन के अत्याचारों का साहसपूर्वक सामना किया। दमन और गोलियों के भय के बावजूद लोग आंदोलन में डटे रहे और आम नागरिकों ने भी संघर्ष में सक्रिय भागीदारी निभाई।

    2 marks
  3. III. कथन का आशय है कि आदर्श सोने के समान और व्यावहारिकता ताँबे के समान है। आदर्शवादी लोग व्यावहारिकता को आदर्श के स्तर तक ऊँचा उठाते थे, आदर्शों को व्यावहारिकता के स्तर पर गिरने नहीं देते थे (जैसे गांधी जी)।

    2 marks
  4. IV. कारण: जीवन में अत्यधिक व्यस्तता, संवेदना और अपनापन घटना, भौतिक सुखों की चाह में मानवीय भावनाओं की उपेक्षा तथा आपसी जुड़ाव कम होना।

    2 marks

Answer: किन्हीं तीन उपप्रश्नों के उत्तर ऊपर दिए गए हैं।

Where the marks are

  • प्रत्येक उपप्रश्न के दो उपयुक्त बिंदु (2 अंक)

Revise the chapter

The question is transcribed from the official paper; figures are described in words. The solution, hints and chapter tag are ours. Spotted an error? Write tosupport@questionbuddy.in.