CBSE Class 10 Hindi Course B 2024: question 1
Set in the CBSE Class 10 board exam of 2024, paper 4/3/1, section A, question 1, for 5 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.
Q1 · 5 marks · MCQCompetency-basedReading (unseen passages)
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
"जब गांधीजी जीवित थे, हम अपनी गुत्थियों को सुलझाने के लिए प्रायः उनके पास पहुँचा करते थे। परन्तु आज वह स्थूल रूप में हमारे बीच विद्यमान नहीं हैं। हमको अब पथ-निर्देश के लिए जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उनके सिखाए सुन्दर उसूलों का आश्रय लेना होगा।" उपर्युक्त शब्द 30 अप्रैल, 1948 को गांधीजी के सिद्धांतों का स्मरण करते हुए श्री गोविन्दवल्लभ पंत ने रेडियो में प्रसारित एक भाषण के दौरान कहे थे। पंत जी ने कहा सत्य और अहिंसा गांधीजी के जीवन का मूल मंत्र था। उन्होंने मूलतः इन्हीं दो उसूलों पर भारत की स्वतंत्रता के महल को खड़ा करने में खून-पसीना एक किया और जो सफलता उन्हें प्राप्त हुई वह अपूर्व है। गांधीजी का यह विश्वास था कि कोई भी सरकार तब तक लोकप्रिय नहीं हो सकती जब तक कि आधारतः इन दो सिद्धांतों का पालन न करे। सत्य और अहिंसा भारत की संस्कृति की आधारशिलाएँ हैं। हमारे पूर्वजों में से महावीर व बुद्ध प्रभृति बहुत से महापुरुषों ने अपनी शिक्षाओं में इन सिद्धांतों को सर्वोपरि स्थान दिया है। इन्हीं सिद्धांतों को व्यापक रूप देने और एक वृहद् मानव समुदाय के कष्ट निवारण के लिए उनको प्रयोग करने का श्रेय महात्माजी को ही है। परन्तु उनकी अहिंसा कायर की लाचारी का अन्तिम अस्त्र नहीं थी। उनकी अहिंसा उन बलवानों की अहिंसा है, जो किसी सदुद्देश्य के लिए करने या मरने में विश्वास रखते हैं।"
पश्चिम देशों ने गत दो महायुद्धों से कोई पाठ ग्रहण नहीं किया, जबकि इनसे विश्व को न केवल सामान की क्षति, बल्कि करोड़ों जान का नुकसान भी उठाना पड़ा है। ये राष्ट्र अब भी एक-दूसरे के विरुद्ध घृणा और संदेह का बीजारोपण कर रहे हैं। अभी समय है कि विश्व बापू की शिक्षाओं से शान्ति, भाईचारे और साम्प्रदायिक ऐक्य का पाठ ग्रहण करे।
- (i)1 mark
'जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में पथ-निर्देश के लिए गांधीजी के द्वारा सिखाए उसूलों का आश्रय लेना होगा।' – पंत जी ने ऐसा क्यों कहा गया ?
- (A)गांधीजी विश्व प्रसिद्ध व्यक्ति थे।
- (B)गांधीजी आज हमारे बीच जीवित नहीं हैं।
- (C)गांधीजी की शिक्षाओं से ही विश्व में शांति संभव है।
- (D)गांधीजी ने देश को स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए मार्ग प्रशस्त किया।
- (ii)1 mark
गांधीजी द्वारा स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए किन जीवन-मूल्यों को महत्त्व दिया ?
- (A)सत्य और अहिंसा
- (B)त्याग और बलिदान
- (C)संयम और उदारता
- (D)संघर्ष और वीरता
- (iii)1 mark
संदर्भ के अनुसार गद्यांश में 'प्रभृति' शब्द का सटीक अर्थ हो सकता है –
- (A)बड़े
- (B)बुद्धिमान
- (C)विद्वान
- (D)आदि/इत्यादि
- (iv)1 mark
सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों को व्यापक और व्यावहारिक रूप दिया –
- (A)बुद्ध ने
- (B)गांधी ने
- (C)महावीर ने
- (D)पंत ने
- (v)1 mark
गद्यांश के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं, सही उत्तर के लिए उचित विकल्प चुनकर लिखिए :
(i) सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही सरकार लोकप्रियता प्राप्त कर सकती है।
(ii) युद्ध जन-धन की क्षति का कारक है।
(iii) अहिंसा कायर की विवशता का अस्त्र है।- (A)केवल कथन (i) सही है।
- (B)कथन (i) और (ii) सही हैं।
- (C)कथन (ii) और (iii) सही हैं।
- (D)कथन (i), (ii) और (iii) सही हैं।
Source: official question paper from cbse.gov.in (PDF). See it in the full 2024 board paper, set 4/3/1.
Hints
Open one hint at a time and try again before the next.
Hint 1
उत्तर गद्यांश की पंक्तियों में ही मिलेगा, उन्हें दोबारा पढ़िए।
Hint 2
(v) में तीनों कथनों को अलग-अलग गद्यांश से मिलाइए।
Hint 3
(iii) में 'महावीर व बुद्ध प्रभृति' वाक्यांश पर ध्यान दीजिए।
Step-by-step solution
Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.
- 1 mark
(i) गद्यांश में लिखा है कि 'आज वह स्थूल रूप में हमारे बीच विद्यमान नहीं हैं', इसलिए उनके उसूलों का सहारा लेना होगा। सही विकल्प (B)।
- 1 mark
(ii) पंत जी के अनुसार सत्य और अहिंसा गांधीजी के जीवन का मूल मंत्र थे और उन्हीं पर स्वतंत्रता का महल खड़ा हुआ। सही विकल्प (A)।
- 1 mark
(iii) 'प्रभृति' का अर्थ है 'आदि/इत्यादि', जैसे 'महावीर व बुद्ध प्रभृति महापुरुष'। सही विकल्प (D)।
- 1 mark
(iv) सिद्धांतों को व्यापक रूप देने और बड़े मानव समुदाय के कष्ट निवारण में प्रयोग करने का श्रेय महात्माजी को दिया गया है। सही विकल्प (B)।
- 1 mark
(v) कथन (i) और (ii) गद्यांश से सही सिद्ध होते हैं। कथन (iii) गलत है, क्योंकि गद्यांश में अहिंसा को कायर की लाचारी का अस्त्र नहीं, बलवानों की अहिंसा कहा गया है। सही विकल्प (B)।
Answer: (i) B; (ii) A; (iii) D; (iv) B; (v) B
Where the marks are
- प्रत्येक सही विकल्प के लिए 1 अंक, कुल 5 अंक
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- Chapter: Reading (unseen passages)
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