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HindiCBSE Class 10 · व्याकरण (पाठ्यक्रम A)

अलंकार: उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति और मानवीकरण (कक्षा 10)

Updated 14 October 2026 · Fact-checked

काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्त्व अलंकार कहलाते हैं। CBSE हिंदी-अ (कक्षा 10) में केवल पाँच अर्थालंकार पढ़ने हैं: उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति और मानवीकरण। बोर्ड में अलंकार के 5 प्रश्न आते हैं, जिनमें से 4 करने होते हैं; हर प्रश्न 1 अंक का। इनमें पंक्ति का अलंकार पहचानकर लिखना या किसी अलंकार का उदाहरण लिखना होता है।

Find the clue word first: like means Upama, A=B means Rupak, as if means Utpreksha, extreme means Atishayokti, human acts means Manvikaran.

Illustration drawn for QuestionBuddy.

Understand अलंकार

जैसे आभूषण शरीर की शोभा बढ़ाते हैं, वैसे ही अलंकार कविता की शोभा बढ़ाते हैं। जब सौंदर्य शब्दों की ध्वनि से आए, तो शब्दालंकार होता है; जब अर्थ से आए, तो अर्थालंकार। कक्षा 10 के हिंदी-अ पाठ्यक्रम में केवल पाँच अर्थालंकार हैं। उपमा में एक वस्तु (उपमेय) की तुलना किसी प्रसिद्ध वस्तु (उपमान) से की जाती है और 'सा, सी, से, सम, सरिस, समान, जैसा' जैसे वाचक शब्द आते हैं: 'मुख चंद्रमा-सा सुंदर है।' रूपक में उपमेय और उपमान को एक ही मान लिया जाता है, कोई वाचक शब्द नहीं होता: 'चरण-कमल', 'मुख-चंद्र'। उत्प्रेक्षा में उपमेय में उपमान की संभावना या कल्पना की जाती है; 'मानो, मनु, मनहुँ, जानो, जनु, जनहुँ' इसके वाचक हैं: 'मुख मानो चंद्रमा है।' ('ज्यों' दोनों में मिलता है: सीधी तुलना हो तो उपमा, संभावना का भाव हो तो उत्प्रेक्षा; CBSE की अंक योजना ने संभावना वाली 'ज्यौं' पंक्ति को उत्प्रेक्षा माना है।) अतिशयोक्ति में किसी बात को इतना बढ़ा-चढ़ाकर कहा जाता है कि वह लोक-सीमा से बाहर हो जाए: 'पूँछ में आग लगने से पहले ही लंका जल गई।' मानवीकरण में निर्जीव वस्तुओं या प्रकृति पर मानवीय भावों और क्रियाओं का आरोप होता है: 'मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के।' पहचान का मूल मंत्र है: पहले वाचक शब्द खोजिए, फिर देखिए कि बात तुलना है, एकरूपता है, कल्पना है, अति है या प्रकृति का मनुष्य जैसा व्यवहार।

अलंकार: rules and format

  1. 1

    उपमा: उपमेय की तुलना उपमान से, वाचक शब्द के साथ

    पीपर पात सरिस मन डोला। (मन पीपल के पत्ते के समान डोलने लगा।)

    चार अंग: उपमेय (मन), उपमान (पीपर पात), वाचक (सरिस), साधारण धर्म (डोला)। वाचक: सा, सी, से, सम, सरिस, समान, जैसा, तुल्य।

  2. 2

    रूपक: उपमेय और उपमान में अभेद, वाचक शब्द नहीं

    चरण-कमल बंदौं हरि राई। (चरण ही कमल हैं।)

    प्रायः योजक-चिह्न (-) से जुड़ा युग्म: मुख-चंद्र, भव-सागर, ज्ञान-दीप।

  3. 3

    उत्प्रेक्षा: उपमेय में उपमान की संभावना

    सोहत ओढ़े पीत पट स्याम सलोने गात। मनहुँ नीलमनि सैल पर आतप परयौ प्रभात॥

    वाचक: मानो, मनु, मनहुँ, जानो, जनु, जनहुँ, मानहुँ। 'मानो' दिखे तो लगभग सदा उत्प्रेक्षा।

  4. 4

    अतिशयोक्ति: लोक-सीमा से बढ़कर वर्णन

    हनुमान की पूँछ में लगन न पाई आग। लंका सिगरी जल गई, गए निसाचर भाग॥

    असंभव या अविश्वसनीय रूप से बढ़ाई गई बात।

  5. 5

    मानवीकरण: प्रकृति या निर्जीव पर मानवीय क्रियाओं का आरोप

    मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के।

    हँसना, रोना, सजना, बुलाना, शरमाना जैसी मनुष्य की क्रियाएँ प्रकृति करे तो मानवीकरण।

  6. 6

    उपमा और उत्प्रेक्षा का अंतर

    उपमा: मुख चंद्रमा-सा है (तुलना)। उत्प्रेक्षा: मुख मानो चंद्रमा है (संभावना)।

    'सा/सी' = उपमा; 'मानो/जनु' = उत्प्रेक्षा।

  7. 7

    उपमा और रूपक का अंतर

    उपमा: कमल-से चरण (समानता)। रूपक: चरण-कमल (एकरूपता)।

    वाचक शब्द हो तो उपमा, न हो और दोनों एक कर दिए जाएँ तो रूपक।

How to answer अलंकार questions

पंक्ति पढ़ते ही यह क्रम अपनाइए।

  1. 1वाचक शब्द खोजिए: सा/सी/सम/सरिस/समान (उपमा) या मानो/मनु/जनु/मनहुँ (उत्प्रेक्षा)।
  2. 2वाचक नहीं है पर दो चीज़ें एक कर दी गई हैं (मुख-चंद्र, भव-सागर), तो रूपक।
  3. 3प्रकृति या निर्जीव वस्तु मनुष्य जैसा काम कर रही है, तो मानवीकरण।
  4. 4बात असंभव सीमा तक बढ़ा-चढ़ाकर कही गई है, तो अतिशयोक्ति।
  5. 5विकल्प चुनने से पहले उपमेय और उपमान पहचानकर अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।

अलंकार in real life

The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

रोज़मर्रा की भाषा में अलंकार

मान लीजिए आपकी कक्षा में तीन विज्ञापन-पंक्तियों पर चर्चा हो रही है: (1) 'हमारा साबुन, मक्खन-सी कोमल त्वचा', (2) 'यह गाड़ी मानो हवा से बातें करती है', (3) 'सुबह की धूप खिड़की पर दस्तक देती है'।

तीनों पंक्तियों में अलंकार पहचानिए और अपने उत्तर का आधार बताइए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. (1) 'मक्खन-सी' में 'सी' वाचक शब्द है: त्वचा की तुलना मक्खन से, इसलिए उपमा।
  2. (2) 'मानो' वाचक है: गाड़ी में हवा से बात करने की संभावना, इसलिए उत्प्रेक्षा।
  3. (3) धूप का 'दस्तक देना' मनुष्य की क्रिया है, इसलिए मानवीकरण।

Answer: (1) उपमा: 'सी' वाचक से तुलना। (2) उत्प्रेक्षा: 'मानो' से संभावना। (3) मानवीकरण: धूप पर दस्तक देने की मानवीय क्रिया का आरोप।

Memory hook: सी = उपमा, मानो = उत्प्रेक्षा, धूप की दस्तक = मानवीकरण।

Tricks to remember अलंकार

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • वाचक शब्दों की दो टोकरियाँ

    उपमा की टोकरी: सा, सी, से, सम, सरिस, समान, जैसा। उत्प्रेक्षा की टोकरी: मानो, मनु, मनहुँ, जानो, जनु, जनहुँ। 'ज्यों' बीच में खड़ा है: तुलना हो तो उपमा, संभावना हो तो उत्प्रेक्षा।

    Use it when: पंक्ति में इनमें से कोई शब्द दिखे तो अलंकार लगभग तय है।

  • रूपक = रूप ही बदल दिया

    रूपक में उपमेय को उपमान का रूप ही दे दिया जाता है: चरण 'जैसे' कमल नहीं, चरण 'ही' कमल।

    Use it when: वाचक न हो और योजक-चिह्न से जुड़ा युग्म हो तो रूपक।

  • मानवीकरण = प्रकृति का मानव रूप

    प्रकृति हँसे, रोए, सजे, बुलाए, शरमाए तो मानवीकरण।

    Use it when: प्रकृति-वर्णन वाली पंक्तियों में।

अलंकार: solved examples

Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.

Example 1: वाचक से पहचान · 1 mark · MCQBoard level

'नील गगन-सा शांत हृदय था।' पंक्ति में अलंकार है—
(क) रूपक
(ख) उपमा
(ग) उत्प्रेक्षा
(घ) मानवीकरण

Try it first, then show the solutionSolution
  1. वाचक शब्द 'सा' है।
  2. उपमेय: हृदय; उपमान: नील गगन; साधारण धर्म: शांत।
  3. तुलना वाचक शब्द के साथ है, इसलिए उपमा।

Answer: (ख) उपमा। हृदय की तुलना 'सा' वाचक के साथ नील गगन से की गई है।

Example 2: रूपक की पहचान · 1 mark · MCQHarder board level

'मैया मैं तो चंद्र-खिलौना लैहौं।' पंक्ति में अलंकार है—
(क) उपमा
(ख) उत्प्रेक्षा
(ग) रूपक
(घ) अतिशयोक्ति

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कोई वाचक शब्द नहीं है।
  2. चंद्रमा को ही खिलौना मान लिया गया है: उपमेय और उपमान में अभेद।
  3. अभेद = रूपक।

Answer: (ग) रूपक। चंद्रमा पर खिलौने का अभेद आरोप है और वाचक शब्द नहीं है।

Example 3: उत्प्रेक्षा बनाम उपमा · 1 mark · MCQHarder board level

'हाय! फूल-सी कोमल बच्ची, हुई राख की थी ढेरी।' और 'कहती हुई यों उत्तरा के नेत्र जल से भर गए। हिम के कणों से पूर्ण मानो हो गए पंकज नए॥' — इन दोनों में क्रमशः अलंकार हैं—
(क) उपमा, उत्प्रेक्षा
(ख) उत्प्रेक्षा, उपमा
(ग) रूपक, उत्प्रेक्षा
(घ) उपमा, मानवीकरण

Try it first, then show the solutionSolution
  1. पहली पंक्ति में 'सी' वाचक: बच्ची की कोमलता की तुलना फूल से, इसलिए उपमा।
  2. दूसरी में 'मानो' वाचक: आँसू भरे नेत्रों में ओस-कणों से भरे कमल की संभावना, इसलिए उत्प्रेक्षा।
  3. क्रम: उपमा, उत्प्रेक्षा।

Answer: (क) उपमा, उत्प्रेक्षा। 'सी' तुलना का और 'मानो' संभावना का वाचक है।

Example 4: मानवीकरण · 1 mark · MCQHarder board level

'बीती विभावरी जाग री! अंबर पनघट में डुबो रही, तारा-घट ऊषा नागरी।' इस पंक्ति में ऊषा का चित्रण किस अलंकार का उदाहरण है?
(क) उपमा
(ख) अतिशयोक्ति
(ग) मानवीकरण
(घ) उत्प्रेक्षा

Try it first, then show the solutionSolution
  1. ऊषा (भोर) को 'नागरी' (स्त्री) के रूप में दिखाया गया है।
  2. वह घड़ा डुबोने जैसी मनुष्य की क्रिया कर रही है।
  3. प्रकृति पर मानवीय क्रिया का आरोप = मानवीकरण। (अंबर-पनघट, तारा-घट में रूपक भी है, पर प्रश्न ऊषा के चित्रण पर है।)

Answer: (ग) मानवीकरण। ऊषा को घड़ा डुबोती स्त्री के रूप में दिखाया गया है।

Example 5: अतिशयोक्ति · 1 mark · MCQHOTS / competency

'आगे नदिया पड़ी अपार, घोड़ा कैसे उतरे पार। राणा ने सोचा इस पार, तब तक चेतक था उस पार॥' पंक्ति में अलंकार और उसका आधार है—
(क) उपमा, क्योंकि चेतक की तुलना हवा से है
(ख) अतिशयोक्ति, क्योंकि सोचने भर में घोड़े का नदी पार कर लेना असंभव सीमा तक बढ़ाया गया वर्णन है
(ग) मानवीकरण, क्योंकि घोड़ा सोचता है
(घ) रूपक, क्योंकि नदी को सागर बना दिया गया है

Try it first, then show the solutionSolution
  1. राणा के सोचने भर के समय में चेतक का अपार नदी पार कर जाना लोक-सीमा से परे है।
  2. पंक्ति में कोई वाचक शब्द या तुलना नहीं है।
  3. सोचना राणा कर रहे हैं, घोड़ा नहीं; इसलिए मानवीकरण नहीं।

Answer: (ख) अतिशयोक्ति। चेतक की गति को असंभव सीमा तक बढ़ा-चढ़ाकर कहा गया है।

Example 6: एक पंक्ति, सही आधार · 1 mark · MCQHOTS / competency

'सिर फट गया उसका वहीं मानो अरुण रंग का घड़ा।' इस पंक्ति के बारे में कौन-सा कथन सही है?
(क) यहाँ उपमा है, क्योंकि सिर की तुलना घड़े से है
(ख) यहाँ उत्प्रेक्षा है, क्योंकि 'मानो' से फटे सिर में लाल घड़े के फूटने की संभावना की गई है
(ग) यहाँ रूपक है, क्योंकि सिर ही घड़ा बना दिया गया है
(घ) यहाँ अतिशयोक्ति है, क्योंकि सिर का फटना असंभव है

Try it first, then show the solutionSolution
  1. वाचक शब्द 'मानो' है।
  2. उपमेय: फटा हुआ सिर; उपमान: लाल रंग का घड़ा; संबंध संभावना का है।
  3. 'मानो' वाली संभावना उत्प्रेक्षा है, सीधी तुलना (उपमा) नहीं।

Answer: (ख) उत्प्रेक्षा। 'मानो' से उपमेय में उपमान की संभावना की गई है।

Where students lose marks in अलंकार

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: 'सा/सी' और 'मानो' का अंतर भूल जाना

    'सा/सी' तुलना (उपमा) दिखाते हैं; 'मानो/जनु' संभावना (उत्प्रेक्षा)।

    Wrong working

    'मुख मानो चंद्रमा है' में उपमा है।

    Right working

    'मुख मानो चंद्रमा है' में उत्प्रेक्षा है।

    Do this: पहले वाचक शब्द पर गोला लगाएँ।

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: योजक-चिह्न वाले हर युग्म को रूपक मान लेना

    'कमल-से नयन' में 'से' वाचक है, इसलिए उपमा; रूपक में वाचक नहीं होता।

    Do this: चिह्न के साथ वाचक शब्द भी देखें।

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: प्रकृति-वर्णन की हर पंक्ति को मानवीकरण मान लेना

    मानवीकरण तभी है जब प्रकृति मनुष्य जैसी क्रिया या भाव दिखाए; केवल सुंदर वर्णन मानवीकरण नहीं।

    Do this: क्रिया पूछें: क्या यह काम मनुष्य करता है?

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: पाठ्यक्रम से बाहर के अलंकार (अनुप्रास, यमक, श्लेष) वाले विकल्प चुन लेना

    2026-27 के हिंदी-अ पाठ्यक्रम में केवल पाँच अर्थालंकार हैं; बोर्ड इन्हीं में से पूछता है।

    Do this: उत्तर इन्हीं पाँच में से चुनें।

    Usually costs: 1 अंक

Exam tips

  • हर विकल्प पढ़ने से पहले पंक्ति में वाचक शब्द खोजें; आधे प्रश्न इसी से हल हो जाते हैं।
  • जहाँ दो अलंकार दिखें, वहाँ देखें कि प्रश्न किस अंश के बारे में पूछ रहा है।
  • 'कौन-सा कथन सही/गलत है' वाले प्रश्नों में अलंकार के नाम के साथ दिया गया आधार भी जाँचें।
  • पाठ्यपुस्तक की कविताओं (सूरदास, तुलसीदास, निराला, पंत) की पंक्तियाँ अक्सर उदाहरण बनती हैं; पढ़ते समय अलंकारों पर निशान लगाएँ।
  • 5 में से 4 प्रश्न करने हैं; जिस पर संदेह हो, उसे छोड़ दें।

Practice questions on अलंकार

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 1 mark · MCQBoard level

    'मुख मयंक-सम मंजु मनोहर।' पंक्ति में अलंकार है—
    (क) उपमा
    (ख) रूपक
    (ग) उत्प्रेक्षा
    (घ) मानवीकरण

    Hint

    'सम' किसका वाचक है?

    Answer

    (क) उपमा। 'सम' वाचक शब्द से मुख की तुलना मयंक (चंद्रमा) से है।

  2. Q2 · 1 mark · MCQBoard level

    'उदित उदयगिरि-मंच पर रघुबर बाल-पतंग।' पंक्ति में 'उदयगिरि-मंच' और 'बाल-पतंग' में अलंकार है—
    (क) उपमा
    (ख) रूपक
    (ग) उत्प्रेक्षा
    (घ) अतिशयोक्ति

    Hint

    वाचक शब्द है या अभेद?

    Answer

    (ख) रूपक। मंच पर उदयगिरि का और राम (रघुबर) पर बाल-सूर्य (बाल-पतंग) का अभेद आरोप है; कोई वाचक शब्द नहीं।

  3. Q3 · 1 mark · MCQHarder board level

    'जान पड़ता है नेत्र देख बड़े-बड़े, हीरकों में गोल नीलम हैं जड़े।' पंक्ति में अलंकार है—
    (क) उपमा
    (ख) रूपक
    (ग) उत्प्रेक्षा
    (घ) मानवीकरण

    Hint

    'जान पड़ता है' किस वाचक के अर्थ में है?

    Answer

    (ग) उत्प्रेक्षा। 'जान पड़ता है' (मानो) से नेत्रों में हीरों में जड़े नीलम की संभावना की गई है।

  4. Q4 · 1 mark · MCQHarder board level

    'हरसाया ताल लाया पानी परात भर के।' इस पंक्ति में अलंकार है—
    (क) मानवीकरण
    (ख) उपमा
    (ग) अतिशयोक्ति
    (घ) रूपक

    Hint

    ताल क्या कर रहा है?

    Answer

    (क) मानवीकरण। ताल (तालाब) को अतिथि का स्वागत करते, हर्षित होकर परात में पानी लाते मनुष्य के रूप में दिखाया गया है।

  5. Q5 · 1 mark · MCQHarder board level

    'देख लो साकेत नगरी है यही, स्वर्ग से मिलने गगन में जा रही।' पंक्ति में अलंकार है—
    (क) उपमा
    (ख) उत्प्रेक्षा
    (ग) अतिशयोक्ति
    (घ) रूपक

    Hint

    भवनों की ऊँचाई का वर्णन कैसा है?

    Answer

    (ग) अतिशयोक्ति। नगरी के भवनों की ऊँचाई को इतना बढ़ाकर कहा गया है कि वह स्वर्ग से मिलने आकाश में जा रही है।

  6. Q6 · 1 mark · MCQHarder board level

    निम्नलिखित में से किस पंक्ति में रूपक अलंकार है?
    (क) तारे आसमान के फूल-से लगते हैं।
    (ख) मैया मैं तो चंद्र-खिलौना लैहौं।
    (ग) नदियाँ मानो चाँदी की रेखाएँ हैं।
    (घ) कलियाँ मुसकरा उठीं।

    Hint

    किस विकल्प में न 'सा' है, न 'मानो', और दो चीज़ें एक कर दी गई हैं?

    Answer

    (ख) मैया मैं तो चंद्र-खिलौना लैहौं। (क) उपमा, (ग) उत्प्रेक्षा, (घ) मानवीकरण है।

  7. Q7 · 1 mark · MCQHOTS / competency

    'पानी परात को हाथ छुयो नहिं, नैनन के जल सों पग धोए।' पंक्ति के बारे में सही कथन चुनिए।
    (क) उपमा, क्योंकि आँसुओं की तुलना जल से है
    (ख) अतिशयोक्ति, क्योंकि आँसुओं से ही पैर धो देना बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बात है
    (ग) मानवीकरण, क्योंकि परात पानी लाती है
    (घ) उत्प्रेक्षा, क्योंकि आँसू मानो जल हैं

    Hint

    क्या आँसुओं से सचमुच पैर धोए जा सकते हैं?

    Answer

    (ख) अतिशयोक्ति। परात के पानी को छुए बिना केवल आँसुओं से पैर धो देना करुणा को असंभव सीमा तक बढ़ाकर दिखाता है।

  8. Q8 · 1 mark · MCQHOTS / competency

    किस विकल्प में अलंकार और उसका आधार सही नहीं है?
    (क) 'चरण-कमल बंदौं हरि राई' — रूपक: चरण और कमल में अभेद
    (ख) 'पीपर पात सरिस मन डोला' — उपमा: 'सरिस' वाचक
    (ग) 'मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के' — उत्प्रेक्षा: मेघ में मनुष्य की संभावना
    (घ) 'मनहुँ नीलमनि सैल पर आतप परयौ प्रभात' — उत्प्रेक्षा: 'मनहुँ' वाचक

    Hint

    मेघों का बन-ठनकर आना किस अलंकार का लक्षण है?

    Answer

    (ग) गलत है। मेघों का बन-ठन और सँवरकर आना मनुष्य की क्रिया है, इसलिए यहाँ मानवीकरण है; कोई 'मानो' वाचक नहीं है।

  9. Q9 · 1 mark · Very short answerBoard level

    'तनकर भाला यूँ बोल उठा, राणा मुझको विश्राम न दे।' (काव्य-पंक्ति में अलंकार पहचानकर लिखिए)

    Hint

    भाला निर्जीव है; वह क्या कर रहा है?

    Answer

    मानवीकरण अलंकार। निर्जीव भाले पर 'बोल उठना' जैसी मानवीय क्रिया का आरोप है।

  10. Q10 · 1 mark · Very short answerHarder board level

    उत्प्रेक्षा अलंकार का एक उदाहरण उपयुक्त काव्य-पंक्ति द्वारा लिखिए।

    Hint

    ऐसी पंक्ति चुनिए जिसमें 'मानो', 'मनु' या 'मनहुँ' से संभावना की गई हो।

    Answer

    'सोहत ओढ़े पीत पट स्याम सलोने गात। मनहुँ नीलमनि सैल पर आतप परयौ प्रभात॥' यहाँ 'मनहुँ' से पीले वस्त्र ओढ़े श्याम शरीर में नीलमणि पर्वत पर पड़ी सुबह की धूप की संभावना की गई है। (कोई भी सही उदाहरण मान्य, जैसे 'सिर फट गया उसका वहीं मानो अरुण रंग का घड़ा'।)

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.कक्षा 10 हिंदी-अ में कौन-से पाँच अलंकार हैं?Show answer

    उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति, मानवीकरण।

  2. 2.उपमा के चार अंग कौन-से हैं?Show answer

    उपमेय, उपमान, वाचक शब्द, साधारण धर्म।

  3. 3.उत्प्रेक्षा के चार वाचक शब्द बताइए।Show answer

    मानो, मनु, मनहुँ, जनु (जानो, जनहुँ भी)।

  4. 4.रूपक की मुख्य पहचान क्या है?Show answer

    उपमेय और उपमान में अभेद; वाचक शब्द नहीं।

  5. 5.मानवीकरण किसे कहते हैं?Show answer

    जब प्रकृति या निर्जीव वस्तुओं पर मानवीय भावों और क्रियाओं का आरोप किया जाए।

अलंकार: frequently asked questions

क्या अनुप्रास और यमक भी कक्षा 10 में पूछे जाते हैं?

2026-27 के हिंदी-अ पाठ्यक्रम में व्याकरण खंड में केवल पाँच अर्थालंकार हैं: उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति और मानवीकरण।

एक पंक्ति में दो अलंकार हों तो क्या लिखें?

प्रश्न जिस अंश या आधार के बारे में पूछे, वही अलंकार चुनें; बहुविकल्पी प्रश्न में प्रायः एक ही विकल्प पूरी तरह सही होता है।

उपमा और रूपक में सबसे सरल अंतर क्या है?

उपमा में 'सा, सम, सरिस' जैसा वाचक शब्द होता है; रूपक में नहीं होता और दोनों को एक मान लिया जाता है।

क्या हिंदी-ब में अलंकार है?

नहीं। 2026-27 के हिंदी-ब व्याकरण खंड में पदबंध, वाक्य रूपांतरण, समास और मुहावरे हैं।

अलंकार के प्रश्न कितने अंक के होते हैं?

हिंदी-अ में अलंकार पर 5 प्रश्न आते हैं, जिनमें से 4 करने होते हैं; हर प्रश्न 1 अंक का है। 2026-27 के आदर्श प्रश्न-पत्र में ये लिखित हैं: पंक्ति का अलंकार पहचानकर लिखना और किसी अलंकार का उदाहरण काव्य-पंक्ति से लिखना। पिछले वर्षों में ये बहुविकल्पी रूप में भी आए हैं, इसलिए दोनों का अभ्यास करें।