Skip to content
HindiCBSE Class 10 · Course B · Sample paper, session 2026-27 · 5 marks · Reading comprehension

CBSE Class 10 Hindi Course B sample paper 2026-27: question 9

From the official CBSE sample question paper for 2026-27, section ग, question 9, for 5 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.

Q9 · 5 marks · Reading comprehensionCompetency-basedप्रहलाद अग्रवाल – तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए:

हमारी फ़िल्मों की सबसे बड़ी कमज़ोरी होती है, लोक-तत्त्व का अभाव। वे ज़िंदगी से दूर होती हैं। यदि त्रासद स्थितियों का चित्रांकन होता है तो उन्हें ग्लोरिफ़ाई किया जाता है। दुःख का ऐसा वीभत्स रूप प्रस्तुत होता है जो दर्शकों का भावनात्मक शोषण कर सके। और 'तीसरी कसम' की यह खास बात थी कि वह दुःख को भी सहज स्थिति में, जीवन-सापेक्ष प्रस्तुत करती है। मैंने शैलेंद्र को गीतकार नहीं, कवि कहा है। वे सिनेमा की चकाचौंध के बीच रहते हुए यश और धन-लिप्सा से कोसों दूर थे। जो बात उनकी ज़िंदगी में थी, वही उनके गीतों में भी। उनके गीतों में सिर्फ करुणा नहीं, जूझने का संकेत भी था और वह प्रक्रिया भी मौजूद थी जिसके तहत अपनी मंजिल तक पहुँचा जाता है। व्यथा आदमी को पराजित नहीं करती, उसे आगे बढ़ने का संदेश देती है।

  1. I

    शैलेंद्र गीतकार से अधिक कवि थे क्योंकि
    (A) वे शास्त्रीय छंदों में लिखते थे।
    (B) वे फ़िल्मी दुनिया से दूर रहते थे।
    (C) उनकी रचनाओं में जीवन-मूल्य पिरोए रहते थे।
    (D) वे केवल सामाजिक विषयों पर लिखते थे।

    1. (A)वे शास्त्रीय छंदों में लिखते थे।
    2. (B)वे फ़िल्मी दुनिया से दूर रहते थे।
    3. (C)उनकी रचनाओं में जीवन-मूल्य पिरोए रहते थे।
    4. (D)वे केवल सामाजिक विषयों पर लिखते थे।
    1 mark
  2. II

    'तीसरी कसम' को अन्य फ़िल्मों से अलग बताने का मुख्य कारण क्या है?
    (A) प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा अभिनय
    (B) दुःख को जीवन सापेक्ष प्रस्तुत करना
    (C) दुःख को अत्यधिक प्रभावशाली दिखाना
    (D) सामाजिक समस्याओं की अनदेखी करना

    1. (A)प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा अभिनय
    2. (B)दुःख को जीवन सापेक्ष प्रस्तुत करना
    3. (C)दुःख को अत्यधिक प्रभावशाली दिखाना
    4. (D)सामाजिक समस्याओं की अनदेखी करना
    1 mark
  3. III

    निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प चुनिए:
    कथन : व्यथा आदमी को पराजित नहीं करती।
    कारण: मनुष्य अपनी पीड़ाओं से ही सीखता है।
    विकल्प
    (A) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं।
    (B) कथन गलत है लेकिन कारण सही है।
    (C) कथन सही है लेकिन कारण उसकी गलत व्याख्या करता है।
    (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

    1. (A)कथन तथा कारण दोनों गलत हैं।
    2. (B)कथन गलत है लेकिन कारण सही है।
    3. (C)कथन सही है लेकिन कारण उसकी गलत व्याख्या करता है।
    4. (D)कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
    1 mark
  4. IV

    शैलेंद्र के गीतों की विशेषताओं पर निम्नलिखित विचार पढ़िए और उचित विकल्प चुनिए:
    (i) प्रेम का भाव
    (ii) जूझने का संकेत
    (iii) दुःख का वीभत्स रूप
    (iv) अपनी मंजिल तक पहुँचने की प्रक्रिया
    विकल्प:
    (A) कथन (i) और (iii) सही हैं।
    (B) कथन (ii) और (iii) सही हैं।
    (C) कथन (i), (ii) और (iii) सही हैं।
    (D) कथन (ii) और (iv) सही हैं।

    1. (A)कथन (i) और (iii) सही हैं।
    2. (B)कथन (ii) और (iii) सही हैं।
    3. (C)कथन (i), (ii) और (iii) सही हैं।
    4. (D)कथन (ii) और (iv) सही हैं।
    1 mark
  5. V

    शैलेंद्र के गीतों में व्यथा का स्वर किस रूप में प्रकट होता है?
    (A) निराशा और पलायन के रूप में
    (B) आत्मदया और पराजय के रूप में
    (C) केवल व्यक्तिगत दुःख के चित्रण के रूप में
    (D) करुणा के साथ संघर्ष और आगे बढ़ने की प्रेरणा के रूप में

    1. (A)निराशा और पलायन के रूप में
    2. (B)आत्मदया और पराजय के रूप में
    3. (C)केवल व्यक्तिगत दुःख के चित्रण के रूप में
    4. (D)करुणा के साथ संघर्ष और आगे बढ़ने की प्रेरणा के रूप में
    1 mark

Source: official sample paper from cbseacademic.nic.in (PDF). See it in the full Sample paper 2026-27.

Hints

Open one hint at a time and try again before the next.

Hint 1

गद्यांश में शैलेंद्र की विशेषताओं वाली पंक्तियाँ खोजिए।

Hint 2

व्यथा आगे बढ़ने का संदेश देती है, हराती नहीं।

Step-by-step solution

Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.

  1. (I) C: शैलेंद्र की रचनाओं में जीवन-मूल्य पिरोए रहते थे और वे धन-लिप्सा से दूर थे।

    1 mark
  2. (II) B: 'तीसरी कसम' दुख को सहज, जीवन-सापेक्ष रूप में प्रस्तुत करती है।

    1 mark
  3. (III) D: व्यथा पराजित नहीं करती और मनुष्य पीड़ा से सीखकर आगे बढ़ता है, इसलिए कारण सही व्याख्या है।

    1 mark
  4. (IV) D: कथन (ii) और (iv) सही हैं; जूझने का संकेत और मंज़िल तक पहुँचने की प्रक्रिया उनके गीतों में थी।

    1 mark
  5. (V) D: व्यथा करुणा के साथ संघर्ष और आगे बढ़ने की प्रेरणा के रूप में आती है।

    1 mark

Answer: (I) C; (II) B; (III) D; (IV) D; (V) D

Where the marks are

  • प्रत्येक सही विकल्प (1 अंक)

Revise the chapter

The question is transcribed from the official paper; figures are described in words. The solution, hints and chapter tag are ours. Spotted an error? Write tosupport@questionbuddy.in.