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HindiCBSE Class 10 · Course A · Board exam 2023, set 3/6/1 · 5 marks · Case-based

CBSE Class 10 Hindi Course A 2023: question 2(a)

Set in the CBSE Class 10 board exam of 2023, paper 3/6/1, section A, question 2(a), for 5 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.

Q2(a) · 5 marks · Case-basedCompetency-basedReading (unseen passages)

निम्नलिखित पद्यांशों में से किसी एक पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों का सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए ।

पद्यांश – एक
सूरज के ताप में कहीं कोई कमी नहीं
न चंद्रमा की ठंडक में
लेकिन हवा और पानी में ज़रूर कुछ ऐसा हुआ है
कि दुनिया में
करुणा की कमी पड़ गई है

इतनी कम पड़ गई है करुणा कि बर्फ़ पिघल नहीं रही
नदियाँ बह नहीं रहीं झरने झर नहीं रहे
चिड़ियाँ गा नहीं रहीं गायें रँभा नहीं रहीं

कहीं पानी का कोई ऐसा पारदर्शी टुकड़ा नहीं
कि आदमी उसमें अपना चेहरा देख सके
और उसमें तैरते बादल के टुकड़े से धो-पोंछ सके

दरअसल पानी से होकर देखो
तभी दुनिया पानीदार रहती है

उसमें पानी के गुण समा जाते हैं
वरना कोरी आँखों से कौन कितना देख पाता है

पता नहीं
आने वाले लोगों को दुनिया कैसी चाहिए
कैसी हवा कैसा पानी चाहिए
पर इतना तो तय है
कि इस समय दुनिया को
ढेर सारी करुणा चाहिए ।

  1. (i)

    'दुनिया में करुणा की कमी पड़ गई है' – पंक्ति का आशय है –

    1. (a)वातावरण में शीतलता नहीं है।
    2. (b)जल की निर्मलता समाप्त हो गई है।
    3. (c)लोगों में संवेदना समाप्त हो गई है।
    4. (d)लोगों में क्रूरता बढ़ गई है।
    1 mark
  2. (ii)

    'करुणा कि बर्फ़ पिघल नहीं रही' – पंक्ति में 'बर्फ़ पिघल नहीं रही' का क्या अभिप्राय है ?

    1. (a)लोग स्वार्थ में आत्मकेन्द्रित हो गए हैं।
    2. (b)लोग दूसरों के दुखों से द्रवीभूत नहीं हो रहे हैं।
    3. (c)लोगों के हृदय की पवित्रता समाप्त हो गई है।
    4. (d)लोग एक-दूसरे से सहमत नहीं हो रहे हैं।
    1 mark
  3. (iii)

    'दूसरों के दुख-दर्द के प्रति सहानुभूति दिखाने वाले लोग नहीं हैं' – इस भाव को व्यक्त करने वाली पंक्ति है –

    1. (a)कहीं पानी का कोई ऐसा पारदर्शी टुकड़ा नहीं।
    2. (b)सूरज के ताप में कहीं कोई कमी नहीं।
    3. (c)लेकिन हवा और पानी में ज़रूर कुछ ऐसा हुआ है।
    4. (d)वरना कोरी आँखों से कौन कितना देख पाता है।
    1 mark
  4. (iv)

    'सूरज के ताप में कहीं कोई कमी नहीं, न चंद्रमा की ठंडक में' – पंक्ति के माध्यम से कवि कहना चाहते हैं

    1. (a)सूर्य की ऊर्जा में गर्मी की कमी नहीं है।
    2. (b)चंद्रमा की चाँदनी में कोई कमी नहीं है।
    3. (c)सूर्य और चंद्रमा के दैनिक क्रिया-कलापों में कोई परिवर्तन नहीं है ?
    4. (d)प्राकृतिक उपादानों में सहज करुणा की भावना है।
    1 mark
  5. (v)

    इस समय समस्त विश्व को आवश्यकता है –

    1. (a)स्वच्छ हवा
    2. (b)स्वच्छ पानी
    3. (c)परोपकार
    4. (d)करुणा
    1 mark

Source: official question paper from cbse.gov.in (PDF). See it in the full 2023 board paper, set 3/6/1.

Hints

Open one hint at a time and try again before the next.

Hint 1

बर्फ़ पिघलना किस भाव का प्रतीक है, सोचिए।

Hint 2

पानी की पारदर्शिता को मानवीय संवेदना से जोड़िए।

Hint 3

अंतिम पंक्तियों में कवि की माँग देखिए।

Step-by-step solution

Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.

  1. (i) करुणा की कमी का आशय है लोगों में संवेदना का समाप्त होना: (c)।

    1 mark
  2. (ii) बर्फ़ का न पिघलना यानी लोग दूसरों के दुख से द्रवित नहीं होते: (b)।

    1 mark
  3. (iii) पारदर्शी पानी के टुकड़े का न होना सहानुभूति के अभाव का प्रतीक है: (a)।

    1 mark
  4. (iv) सूरज की गर्मी और चंद्रमा की ठंडक में कमी नहीं, यानी प्रकृति में सहज करुणा है: (d)।

    1 mark
  5. (v) कविता के अंत में कवि कहता है कि दुनिया को ढेर सारी करुणा चाहिए: (d)।

    1 mark

Answer: (i) c; (ii) b; (iii) a; (iv) d; (v) d

Where the marks are

  • प्रत्येक सही विकल्प के लिए (1 अंक) × 5

Revise the chapter

  • Chapter: Reading (unseen passages)

The question is transcribed from the official paper; figures are described in words. The solution, hints and chapter tag are ours. Spotted an error? Write tosupport@questionbuddy.in.