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HindiICSE Class 9 · संस्कार और भावना – विष्णु प्रभाकर

संस्कार और भावना (विष्णु प्रभाकर): माँ की ममता और पुराने संस्कारों का संघर्ष

Updated 18 October 2026 · Fact-checked

'संस्कार और भावना' विष्णु प्रभाकर का एकांकी है। रूढ़िवादी माँ ने बड़े बेटे अविनाश को बंगाली लड़की से विवाह करने पर घर से निकाल दिया था। जब बहू हैजे से पीड़ित अविनाश को प्राणों की बाज़ी लगाकर बचाती है और स्वयं बीमार पड़ जाती है, तो माँ की ममता संस्कारों पर विजय पाती है।

The scale tips to Bhavna: after the bahu saves Avinash and falls ill, the mother's love beats her old Sanskar.

Illustration drawn for QuestionBuddy.

Understand माँ की ममता और पुराने संस्कारों का संघर्ष (संस्कार और भावना)

एकांकी का परिचय। यह विष्णु प्रभाकर का एकांकी है, जो एकांकी संचय में संकलित है और कक्षा 9 के लिए निर्धारित है। यह एक मध्यमवर्गीय हिंदू परिवार में पुराने संस्कारों और मानवीय भावना के संघर्ष को दिखाता है।

पात्र। माँ: संस्कारों में जकड़ी, कुल-धर्म और जाति की मर्यादा को सबसे बड़ी मानने वाली। अतुल: छोटा बेटा। उमा: अतुल की पत्नी, आधुनिक विचारों की। अविनाश: बड़ा बेटा, जिसने बंगाली लड़की से विवाह किया। मिसरानी: रसोई बनाने वाली।

घटना-क्रम।
1. अविनाश के विजातीय विवाह का माँ ने सबसे अधिक विरोध किया और उसे घर से निकाल दिया।
2. अतुल और उमा माँ को बताते हैं कि अविनाश की पत्नी भोली, प्यारी और बड़ों का आदर करने वाली है।
3. समाचार आता है कि अविनाश को हैजा हो गया था, जिसे छुआछूत की बीमारी माना जाता है, पर उसकी पत्नी ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना दिन-रात सेवा करके उसे बचा लिया।
4. फिर खबर आती है कि बहू स्वयं बीमार है।
5. माँ में संस्कारों और ममता का संघर्ष होता है; वह पछताती है कि काश वह संस्कारों की दासता से मुक्त हो पाती।
6. अंत में ममता जीतती है और माँ बेटे-बहू के पास जाने का निर्णय करती है।

विषय। संस्कार बनाम भावना, जाति-भेद का विरोध, बहू का त्याग और बदलती सोच।

शीर्षक। संस्कार माँ के पुराने विचार हैं और भावना उसकी ममता; अंत में भावना जीतती है, इसलिए शीर्षक उचित है।

माँ की ममता और पुराने संस्कारों का संघर्ष (संस्कार और भावना): key facts

कथा-क्रम
  • विजातीय विवाह
  • अविनाश का निष्कासन
  • अतुल और उमा का प्रयास
  • हैजे की खबर
  • बहू की बीमारी
  • माँ का निर्णय
सारांश का क्रम।
पात्र
माँरूढ़िवादी, ममतामयी
अतुल और उमाआधुनिक
अविनाशसंस्कारों से विद्रोही
एक गुण और प्रमाण।
द्वंद्व
  • संस्कार
  • भावना
  • अंत में भावना की जीत
शीर्षक का आधार।
विषय
  • जाति-भेद का विरोध
  • बहू का त्याग
  • माँ का हृदय-परिवर्तन
विषय के प्रश्न।

How to answer माँ की ममता और पुराने संस्कारों का संघर्ष (संस्कार और भावना) questions

शीर्षक या चरित्र के प्रश्न का उत्तर इस प्रकार लिखिए।

  1. 1संस्कार और भावना के अर्थ स्पष्ट कीजिए।
  2. 2माँ के द्वंद्व की घटनाएँ क्रम से लिखिए।
  3. 3बहू के त्याग का उल्लेख कीजिए।
  4. 4माँ के निर्णय का कारण बताइए।
  5. 5संदेश के साथ उत्तर पूरा कीजिए।

माँ की ममता और पुराने संस्कारों का संघर्ष (संस्कार और भावना) in real life

The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

दादी और नई सहेली

मान लीजिए दादी पहले अपनी पोती की दूसरी जाति की सहेली को घर में आने नहीं देतीं, पर जब वही सहेली दादी की बीमारी में रात भर सेवा करती है, तो दादी का मन बदल जाता है।

यह एकांकी के किस भाव से मिलता है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. पुरानी सोच पहले बाधा बनती है।
  2. सेवा से मन बदलता है।
  3. भावना संस्कार से बड़ी निकलती है।

Answer: यह एकांकी से मिलता है, जहाँ बहू की सेवा और त्याग से माँ का मन बदलता है और भावना संस्कारों पर विजयी होती है।

Memory hook: सेवा से मन बदलता है।

Tricks to remember माँ की ममता और पुराने संस्कारों का संघर्ष (संस्कार और भावना)

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • निष्कासन-सेवा-निर्णय

    तीन मोड़: बेटे का निष्कासन, बहू की सेवा, माँ का निर्णय।

    Use it when: कथा।

  • हैजा = छुआछूत

    हैजा छुआछूत की बीमारी मानी जाती थी।

    Use it when: बहू का साहस।

  • दासता

    अविनाश की बात: संस्कारों की दासता भयंकर शत्रु है।

    Use it when: कथन।

माँ की ममता और पुराने संस्कारों का संघर्ष (संस्कार और भावना): solved examples

Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.

Example 1: अविनाश की भूल · 1 mark · MCQBoard level

माँ अविनाश से क्यों नाराज़ थी?
(क) उसने नौकरी छोड़ दी (ख) उसने बंगाली लड़की से विवाह किया (ग) वह विदेश चला गया (घ) वह बीमार था

Try it first, then show the solutionSolution
  1. विजातीय विवाह के कारण माँ ने अविनाश को घर से निकाला (1)।

Answer: (ख) उसने बंगाली लड़की से विवाह किया।

Example 2: माँ का स्वभाव (2 अंक) · 2 marks · Short answerBoard level

माँ के स्वभाव की दो विशेषताएँ लिखिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. रूढ़िवादी (1)
  2. ममतामयी (1)।

Answer: माँ पुराने संस्कारों में जकड़ी रूढ़िवादी है, पर भीतर-ही-भीतर वह बेटे के बिछोह से दुखी है, इसलिए ममतामयी भी है।

Example 3: बहू का त्याग (4 अंक) · 4 marks · Long answerHarder board level

अविनाश की पत्नी ने उसकी जान कैसे बचाई और उसका माँ पर क्या प्रभाव पड़ा?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. हैजा (1)
  2. दिन-रात सेवा (1)
  3. स्वयं बीमार (1)
  4. माँ का मन बदला (1)।

Answer: अविनाश को हैजा हुआ, जो छुआछूत की बीमारी मानी जाती थी, पर उसकी पत्नी ने अपने प्राणों की परवाह न करके दिन-रात सेवा करके उसे बचा लिया और स्वयं बीमार पड़ गई। इससे माँ के भीतर ममता जागी और संस्कारों की पकड़ ढीली पड़ गई।

Example 4: शीर्षक की सार्थकता (5 अंक) · 5 marks · Long answerHarder board level

"संस्कार और भावना" शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए। (लगभग 80 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. संस्कार का अर्थ (2)
  2. भावना का अर्थ (2)
  3. विजय (1)।

Answer: एकांकी में संस्कार माँ के पुराने जाति और कुल-धर्म के विचार हैं और भावना उसकी ममता है। शुरू में संस्कार जीतते हैं और माँ अविनाश को निकाल देती है। बहू की सेवा और बीमारी के बाद भावना जीतती है और माँ बेटे-बहू के पास जाने का निर्णय करती है। इसलिए शीर्षक संघर्ष और उसके समाधान को ठीक बताता है।

Example 5: मूल्यांकन (4 अंक) · 4 marks · Long answerHOTS / competency

"माँ का हृदय-परिवर्तन स्वाभाविक है।" इस पर अपना मत दो कारणों से लिखिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. मत (1)
  2. भीतर की ममता (1)
  3. बहू का त्याग (1)
  4. निष्कर्ष (1)।

Answer: मेरे विचार से यह स्वाभाविक है। माँ पहले भी बेटे के बिछोह से दुखी थी, इसलिए ममता भीतर मौजूद थी। फिर बहू का त्याग और बीमारी उसके पुराने विचारों को तोड़ने वाला कारण बनी।

Where students lose marks in माँ की ममता और पुराने संस्कारों का संघर्ष (संस्कार और भावना)

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: पात्र मिलाना

    अतुल और अविनाश।

    Wrong working

    अतुल ने बंगाली लड़की से विवाह किया।

    Right working

    अविनाश ने बंगाली लड़की से विवाह किया।

    Do this: पात्र-सूची बनाइए।

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: अंत का निर्णय छोड़ना

    निष्कर्ष नहीं।

    Wrong working

    माँ बीमार हुई।

    Right working

    माँ ने बेटे-बहू के पास जाने का निर्णय लिया।

    Do this: अंत लिखिए।

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: शीर्षक के दोनों पक्ष न बताना

    संस्कार या भावना में से एक।

    Wrong working

    केवल संस्कार।

    Right working

    संस्कार और भावना दोनों।

    Do this: दोनों का अर्थ लिखिए।

    Usually costs: 1 से 2 अंक

Exam tips

  • पात्रों के संबंध स्पष्ट लिखिए।
  • हैजा और बहू के त्याग का उल्लेख कीजिए।
  • शीर्षक के दोनों शब्दों का अर्थ बताइए।
  • माँ के निर्णय का कारण लिखिए।
  • संदेश में जाति-भेद का विरोध जोड़िए।

Practice questions on माँ की ममता और पुराने संस्कारों का संघर्ष (संस्कार और भावना)

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 4 marks · Long answerHarder board level

    माँ का चरित्र-चित्रण पाठ से प्रमाण देकर कीजिए। (4 अंक)

    Hint

    रूढ़िवादिता, ममता और हृदय-परिवर्तन: प्रत्येक के लिए एक प्रमाण दीजिए।

    Answer

    माँ पुराने संस्कारों में जकड़ी रूढ़िवादी स्त्री है; जाति और कुल-धर्म को वह सबसे बड़ा मानती है, इसीलिए उसने विजातीय विवाह करने पर अविनाश को घर से निकाल दिया। पर भीतर से वह ममतामयी है और बेटे के बिछोह से दुखी रहती है। हैजे से बचाने वाली और स्वयं बीमार पड़ने वाली बहू के त्याग को जानकर उसकी ममता संस्कारों पर विजय पाती है और वह बेटे-बहू के पास जाने का निर्णय करती है।

  2. Q2 · 3 marks · Short answerHarder board level

    उमा का चरित्र-चित्रण पाठ के आधार पर कीजिए। (3 अंक)

    Hint

    उमा के विचार और माँ को समझाने में उसकी भूमिका देखिए।

    Answer

    उमा अतुल की पत्नी और आधुनिक विचारों की स्त्री है। वह जाति-भेद को महत्त्व नहीं देती। अतुल के साथ वह माँ को समझाती है कि अविनाश की पत्नी भोली, प्यारी और बड़ों का आदर करने वाली है, जिससे माँ का विरोध कम होता है।

  3. Q3 · 3 marks · Short answerHarder board level

    अतुल और उमा माँ को क्या समझाते हैं? (3 अंक)

    Hint

    बहू के गुण।

    Answer

    वे बताते हैं कि अविनाश की पत्नी भोली, प्यारी और बड़ों का आदर करने वाली है, ताकि माँ का विरोध कम हो।

  4. Q4 · 3 marks · Short answerHarder board level

    "काश कि मैं संस्कारों की दासता से मुक्त हो पाती" कथन किसका है और इसका क्या अर्थ है? (3 अंक)

    Hint

    माँ का पछतावा।

    Answer

    यह माँ का कथन है। वह पछताती है कि यदि वह संस्कारों की गुलामी से मुक्त होती, तो बेटे से न बिछुड़ती।

  5. Q5 · 3 marks · Short answerHarder board level

    मिसरानी की बात एकांकी में क्यों महत्त्वपूर्ण है? (3 अंक)

    Hint

    बहू का प्रशंसक।

    Answer

    मिसरानी कहती है कि बहू चाहे किसी की भी हो, उसने प्राण देकर पति को बचाया। यह माँ की सोच बदलने में सहायक है।

  6. Q6 · 4 marks · Long answerHOTS / competency

    क्या आज भी समाज में जाति-भेद की ऐसी समस्या है? दो कारण देकर अपना मत लिखिए। (4 अंक)

    Hint

    आज का संदर्भ।

    Answer

    कई जगह आज भी जाति के नाम पर विवाह और संबंधों का विरोध होता है, इसलिए यह समस्या पूरी तरह मिटी नहीं है। पर शिक्षा और जागरूकता से सोच बदल रही है, जैसे एकांकी में माँ बदली।

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.लेखक?Show answer

    विष्णु प्रभाकर।

  2. 2.अविनाश ने किससे विवाह किया?Show answer

    बंगाली लड़की से।

  3. 3.उसे कौन-सी बीमारी हुई?Show answer

    हैजा।

  4. 4.अंत में कौन जीतता है?Show answer

    भावना।

  5. 5.एकांकी कहाँ संकलित?Show answer

    एकांकी संचय।

  6. 6.कौन-सी कक्षा?Show answer

    ICSE कक्षा 9।

माँ की ममता और पुराने संस्कारों का संघर्ष (संस्कार और भावना): frequently asked questions

'संस्कार और भावना' के लेखक कौन हैं?

विष्णु प्रभाकर।

क्या पूरा पाठ उद्धृत है?

नहीं, यहाँ केवल कथा का संक्षिप्त सार और मुख्य बातें दी गई हैं।

मुख्य संदेश?

ममता और मानवता संकीर्ण संस्कारों से बड़ी हैं।