नेताजी का चश्मा (स्वयं प्रकाश): कैप्टन चश्मेवाला और देशभक्ति
Updated 18 October 2026 · Draft, not yet fact-checked
'नेताजी का चश्मा' स्वयं प्रकाश की कहानी है। एक कस्बे के चौराहे पर नेताजी की मूर्ति पर चश्मा नहीं है, इसलिए गरीब फेरीवाला कैप्टन उस पर असली चश्मा लगाता रहता है। कैप्टन की मृत्यु के बाद मूर्ति पर बच्चों का बनाया सरकंडे का चश्मा देखकर हालदार साहब की आँखें भर आती हैं।
Notice how the statue's glasses change: Captain's real frame, then none, then children's reed pair, showing patriotism passing to a new generation.
Illustration drawn for QuestionBuddy.
Understand कैप्टन चश्मेवाला और नेताजी की मूर्ति का चश्मा (नेताजी का चश्मा)
कहानी का परिचय। यह स्वयं प्रकाश की कहानी है, जो साहित्य सागर में संकलित है और कक्षा 9 के लिए निर्धारित है। कहानी बताती है कि देशभक्ति केवल बड़े नेताओं या सैनिकों तक सीमित नहीं है।
पात्र। हालदार साहब कंपनी के काम से हर पंद्रहवें दिन कस्बे से गुज़रते हैं। कैप्टन चश्मेवाला बहुत बूढ़ा, लँगड़ा फेरीवाला है, जो गांधी टोपी पहनकर बाँस पर चश्मे टाँगकर फेरी लगाता है। पानवाला कैप्टन का मज़ाक उड़ाता है।
मूर्ति। नगरपालिका ने चौराहे पर नेताजी की संगमरमर की छोटी मूर्ति लगवाई थी। अनुमान है कि वह कस्बे के हाई स्कूल के ड्राइंग मास्टर मोतीलाल ने बनाई। मूर्ति सुंदर थी, पर उस पर पत्थर का चश्मा नहीं था; उस पर असली, काले चौड़े फ्रेम का चश्मा था।
घटना-क्रम।
1. हालदार साहब हर बार मूर्ति पर नया चश्मा देखते हैं।
2. पानवाला बताता है कि कैप्टन ग्राहक को मूर्ति वाला फ्रेम चाहिए तो उसे बेचकर दूसरा लगा देता है।
3. पानवाला उसे लँगड़ा और पागल कहकर मज़ाक उड़ाता है, जो हालदार साहब को बुरा लगता है।
4. दो साल बाद मूर्ति पर चश्मा नहीं होता; पानवाला बताता है कि कैप्टन मर गया।
5. अगली बार मूर्ति पर सरकंडे का छोटा चश्मा देखकर हालदार साहब अटेंशन में खड़े हो जाते हैं और उनकी आँखें भर आती हैं।
विषय। सामान्य नागरिक की देशभक्ति, भावना का महत्त्व और नई पीढ़ी तक पहुँचती देशभक्ति।
चरित्र। कैप्टन: सच्चा देशभक्त, गरीब पर स्वाभिमानी, उपेक्षित। हालदार साहब: संवेदनशील, जिज्ञासु, देशभक्त।
कैप्टन चश्मेवाला और नेताजी की मूर्ति का चश्मा (नेताजी का चश्मा): key facts
- कथा-क्रम
- मूर्ति बिना चश्मे
- कैप्टन का चश्मा
- पानवाले का मज़ाक
- कैप्टन की मृत्यु
- सरकंडे का चश्मा
- हालदार साहब की आँखें भरीं
- सारांश का क्रम।
- पात्र
कैप्टन देशभक्त, गरीब, स्वाभिमानी हालदार साहब संवेदनशील पानवाला मज़ाक उड़ाने वाला - एक गुण, एक घटना।
- मुख्य भाव
- सामान्य नागरिक की देशभक्ति
- भावना का महत्त्व
- नई पीढ़ी
- विषय के प्रश्न।
- प्रतीक
- चश्मा = नेताजी का सम्मान | सरकंडे का चश्मा = बच्चों में देशभक्ति
- प्रतीक के प्रश्न।
How to answer कैप्टन चश्मेवाला और नेताजी की मूर्ति का चश्मा (नेताजी का चश्मा) questions
चरित्र या प्रतीक के प्रश्न का उत्तर इस प्रकार लिखिए।
- 1पात्र या प्रतीक का नाम लिखिए।
- 2कहानी की दो घटनाएँ प्रमाण के रूप में दीजिए।
- 3हर घटना का भाव स्पष्ट कीजिए।
- 4अंत के दृश्य से जोड़िए।
- 5अंत में संदेश लिखिए।
कैप्टन चश्मेवाला और नेताजी की मूर्ति का चश्मा (नेताजी का चश्मा) in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
गली के नुक्कड़ की मूर्ति
मान लीजिए एक रिक्शा चलाने वाला रोज़ सुबह गाँव के शहीद-स्मारक के पास रुककर उसकी धूल साफ़ करता है, जबकि बाकी लोग उसे अनदेखा करते हैं।
यह कहानी के किस पात्र और भाव से मिलता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- वह साधारण नागरिक है।
- उसका सम्मान दिखावे का नहीं।
- यही सामान्य देशभक्ति है।
Answer: यह कैप्टन चश्मेवाले से मिलता है, जो गरीब होकर भी नेताजी की मूर्ति को अधूरा नहीं देखता।
Memory hook: छोटा काम, बड़ा भाव।
Tricks to remember कैप्टन चश्मेवाला और नेताजी की मूर्ति का चश्मा (नेताजी का चश्मा)
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
मूर्ति-चश्मा-कैप्टन
तीनों पर कहानी घूमती है।
Use it when: मुख्य बिंदु।
पंद्रहवें दिन
हालदार साहब हर पंद्रहवें दिन गुज़रते हैं।
Use it when: क्रम।
सरकंडा = आशा
सरकंडे का चश्मा नई पीढ़ी का प्रतीक।
Use it when: अंत।
कैप्टन चश्मेवाला और नेताजी की मूर्ति का चश्मा (नेताजी का चश्मा): solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: कैप्टन कौन है · 1 mark · MCQBoard level
"कैप्टन" कौन है?
(क) सेना का अधिकारी (ख) चश्मेवाला फेरीवाला (ग) नगरपालिका का कर्मचारी (घ) ड्राइंग मास्टर
Try it first, then show the solutionSolution
- कैप्टन = चश्मेवाला फेरीवाला, सेना का अधिकारी नहीं (1)।
Answer: (ख) चश्मेवाला फेरीवाला।
Example 2: मूर्ति का वर्णन (2 अंक) · 2 marks · Short answerBoard level
नेताजी की मूर्ति कैसी थी और उस पर क्या असामान्य था?
Try it first, then show the solutionSolution
- संगमरमर की छोटी सुंदर मूर्ति (1)
- असली चश्मा (1)।
Answer: मूर्ति संगमरमर की छोटी और सुंदर थी, पर उस पर पत्थर का चश्मा नहीं था; उस पर असली काले चौड़े फ्रेम का चश्मा लगा था।
Example 3: चश्मा बदलने का कारण (4 अंक) · 4 marks · Long answerHarder board level
मूर्ति पर चश्मा बार-बार क्यों बदलता था?
Try it first, then show the solutionSolution
- कैप्टन लगाता है (1)
- ग्राहक को फ्रेम चाहिए (1)
- बेचकर दूसरा लगाता (1)
- भावना (1)।
Answer: पानवाले ने बताया कि कैप्टन चश्मेवाला मूर्ति पर चश्मा लगाता है। जब किसी ग्राहक को वही फ्रेम चाहिए होता, वह उसे उतारकर बेच देता और मूर्ति पर दूसरा लगा देता। इसके पीछे नेताजी की मूर्ति को अधूरा न देखने की भावना थी।
Example 4: देशभक्ति की भावना (5 अंक) · 5 marks · Long answerHarder board level
कैप्टन चश्मेवाले की देशभक्ति कहानी में कैसे व्यक्त हुई है? (लगभग 80 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- मूर्ति अधूरी लगना (2)
- गरीबी में चश्मा लगाना (2)
- उपेक्षा सहना (1)।
Answer: कैप्टन न सैनिक था, न नेता; वह एक साधारण, गरीब फेरीवाला था। फिर भी नेताजी की मूर्ति उसे चश्मे के बिना अधूरी लगती थी। इसलिए वह अपने बेचने के फ्रेमों में से एक मूर्ति पर लगाता रहा, कई बार अपनी बिक्री की परवाह किए बिना। पानवाला उसे लँगड़ा और पागल कहकर उसका मज़ाक उड़ाता था, पर वह यह सब सहता रहा। मूर्ति पर बदलते चश्मों से हालदार साहब ने उसकी सच्ची देशभक्ति और सम्मान की भावना को पहचाना।
Example 5: अंत का अर्थ (4 अंक) · 4 marks · Long answerHOTS / competency
सरकंडे का चश्मा देखकर हालदार साहब की आँखें क्यों भर आईं? अपना विचार दो कारणों से लिखिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- कैप्टन की याद (1)
- बच्चों में भावना (1)
- आशा (1)
- निष्कर्ष (1)।
Answer: उन्हें कैप्टन की याद आई और यह देखकर संतोष हुआ कि बच्चों ने उसकी भावना को अपना लिया। इससे आशा जगी कि देशभक्ति नई पीढ़ी तक पहुँच रही है। इसलिए उनकी आँखों में दुख और उम्मीद, दोनों के आँसू थे।
Where students lose marks in कैप्टन चश्मेवाला और नेताजी की मूर्ति का चश्मा (नेताजी का चश्मा)
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: मूर्ति का कारीगर
पात्र का नाम।
Wrong working
मोती लाल ने मूर्ति बेची।
Right working
अनुमान है कि ड्राइंग मास्टर मोतीलाल ने बनाई।
Do this: अनुमान और तथ्य अलग रखिए।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: कैप्टन को सैनिक कहना
असली पहचान।
Wrong working
कैप्टन सेना में था।
Right working
कैप्टन चश्मेवाला फेरीवाला है।
Do this: पहचान स्पष्ट करें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: प्रतीक न बताना
अंत का भाव छूटना।
Wrong working
बच्चों ने चश्मा बनाया।
Right working
सरकंडे का चश्मा नई पीढ़ी की भावना का प्रतीक है।
Do this: अर्थ भी लिखिए।
Usually costs: 1 से 2 अंक
Exam tips
- कैप्टन चश्मेवाले की पहचान स्पष्ट लिखिए।
- घटनाएँ क्रम से लिखिए।
- सरकंडे के चश्मे का प्रतीकार्थ बताइए।
- भावना और रूप का अंतर लिखिए।
- संदेश में सामान्य नागरिक की देशभक्ति शामिल कीजिए।
Practice questions on कैप्टन चश्मेवाला और नेताजी की मूर्ति का चश्मा (नेताजी का चश्मा)
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
हालदार साहब कितने दिनों में कस्बे से गुज़रते थे?
(क) रोज़ (ख) हर पंद्रहवें दिन (ग) हर महीने (घ) साल में एक बारHint
कहानी के आरंभ में हालदार साहब का परिचय देखिए।
Answer
(ख) हर पंद्रहवें दिन।
Q2 · 2 marks · Short answerBoard level
कैप्टन चश्मेवाला कैसा व्यक्ति था? (2 अंक)
Hint
कैप्टन की उम्र, शरीर, टोपी और बाँस पर टँगे चश्मों का वर्णन याद कीजिए।
Answer
वह बहुत बूढ़ा, मरियल और लँगड़ा था, गांधी टोपी पहनता था और बाँस पर चश्मे टाँगकर फेरी लगाता था।
Q3 · 3 marks · Short answerHarder board level
पानवाले ने कैप्टन के बारे में क्या कहा और हालदार साहब पर इसका क्या असर पड़ा? (3 अंक)
Hint
मज़ाक।
Answer
1. पानवाले ने कैप्टन का मज़ाक उड़ाया और उसे लँगड़ा तथा पागल कहा।
2. उसने कैप्टन की भावना को नहीं समझा और उसे केवल एक हास्यास्पद व्यक्ति माना।
3. यह सुनकर हालदार साहब को बुरा लगा, क्योंकि वे कैप्टन की देशभक्ति की भावना का सम्मान करते थे और उपेक्षा से दुखी हुए।Q4 · 3 marks · Short answerHarder board level
कैप्टन की मृत्यु की खबर सुनकर हालदार साहब क्या सोचते रहे? (3 अंक)
Hint
कौम का भविष्य।
Answer
1. वे सोचते रहे कि उस कौम का क्या होगा जो देश के लिए सब कुछ न्योछावर करने वालों पर हँसती है।
2. उन्हें लगा कि कैप्टन जैसे साधारण देशभक्तों की समाज में उपेक्षा होती है और उनका मज़ाक उड़ाया जाता है।
3. वे बहुत दुखी हुए और देश-समाज के भविष्य को लेकर चिंतित हो गए।Q5 · 3 marks · Short answerHarder board level
"चश्मा रियल" वाक्य से हालदार साहब को क्या लगा? (3 अंक)
Hint
भावना।
Answer
1. मूर्ति संगमरमर की थी, पर उस पर लगा चश्मा असली था; इससे हालदार साहब का ध्यान इस अंतर पर गया।
2. उन्हें लगा कि महत्त्व मूर्ति के रंग-रूप या कारीगरी का नहीं, उसके पीछे की भावना का है।
3. यह भावना कैप्टन की थी, जो नेताजी की मूर्ति को बिना चश्मे के अधूरा नहीं देखना चाहता था।Q6 · 4 marks · Long answerHOTS / competency
क्या पानवाले का व्यवहार कैप्टन के प्रति उचित था? दो कारण दीजिए। (4 अंक)
Hint
सम्मान और उपेक्षा।
Answer
नहीं। कैप्टन गरीब होकर भी सम्मान की भावना रखता था, इसलिए मज़ाक उचित नहीं। साथ ही हालदार साहब का बुरा लगना बताता है कि ऐसा व्यवहार संवेदनहीन है।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.कहानी के लेखक?Show answer
स्वयं प्रकाश।
2.मूर्ति किसकी?Show answer
नेताजी सुभाषचंद्र बोस की।
3.चश्मा कौन लगाता था?Show answer
कैप्टन चश्मेवाला।
4.मूर्ति किस पदार्थ की?Show answer
संगमरमर।
5.अंत में चश्मा कैसा?Show answer
सरकंडे का।
6.हालदार साहब कितने दिनों में आते थे?Show answer
हर पंद्रहवें दिन।
कैप्टन चश्मेवाला और नेताजी की मूर्ति का चश्मा (नेताजी का चश्मा): frequently asked questions
कहानी कहाँ संकलित है?
साहित्य सागर में; यह NCERT क्षितिज भाग 2 में भी है।
कौन-सी कक्षा?
ICSE कक्षा 9।
क्या मूल पाठ उद्धृत है?
नहीं, केवल कहानी की संक्षिप्त बातें हैं।