गिरधर की कुंडलियाँ: कुंडलिया छंद और व्यावहारिक नीति
Updated 18 October 2026 · Fact-checked
साहित्य सागर में गिरधर कविराय की कुंडलियाँ सरल लोकभाषा में व्यावहारिक नीति सिखाती हैं: लाठी और कमरी की उपयोगिता, गुण की श्रेष्ठता, स्वार्थी संसार, मज़बूत पेड़ का सहारा, बढ़े धन का दान और दरबार में विवेकपूर्ण व्यवहार। कुंडलिया छह पंक्तियों का छंद है: दोहा और रोला, जो प्रायः उसी शब्द पर समाप्त होता है जिससे आरंभ हुआ।
Understand कुंडलिया छंद और गिरधर की व्यावहारिक नीति
कवि और छंद। गिरधर कविराय अठारहवीं शताब्दी के नीतिकार कवि माने जाते हैं और उनकी कुंडलियाँ लोक में कहावतों की तरह प्रसिद्ध हैं। कुंडलिया छह पंक्तियों का छंद है: पहले दोहा, फिर रोला। दोहे का अंतिम चरण रोले के आरंभ में दोहराया जाता है और छंद प्रायः उसी शब्द पर समाप्त होता है जिससे आरंभ हुआ, जैसे कुंडली मारे साँप। गिरधर की छाप "कह गिरिधर कविराय" है।
1. लाठी। लाठी को सदा साथ रखना चाहिए। गहरी नदी या नाले में वह सहारा देती है, झपटते कुत्ते को मारने और शत्रु को भगाने के काम आती है।
2. कमरी। कमरी थोड़े दाम में मिलती है पर बहुत काम आती है। उसे बाँधकर गठरी बनाइए और रात को झाड़कर बिछा लीजिए।
3. गुण का महत्त्व। "गुन के गाहक सहस, नर बिन गुन लहै न कोय।" कौआ और कोयल रंग में एक-से हैं, पर कोयल की मीठी वाणी सबको भाती है।
4. स्वार्थी संसार। जब तक गाँठ में पैसा है, मित्र साथ घूमते हैं; पैसा न रहे तो वे बोलते भी नहीं। निःस्वार्थ मित्र विरला होता है।
5. मज़बूत का सहारा। पतले पेड़ की छाया में न बैठिए, तेज़ हवा में वह जड़ से टूट जाएगा। मोटे पेड़ की छाया लीजिए।
6. बढ़े धन का सदुपयोग। नाव में पानी और घर में धन बढ़े तो दोनों हाथों से उलीचना ही समझदारी है, यानी बढ़ा धन दान और परोपकार में लगाइए।
7. दरबार में व्यवहार। अवसर देखकर जाइए, बिना पूछे न बोलिए, ज़ोर से न हँसिए और उतावली न कीजिए।
भाषा। सरल लोकभाषा और कहावत जैसी शैली।
कुंडलिया छंद और गिरधर की व्यावहारिक नीति: key facts
- कुंडलिया
- 6 पंक्तियाँ
- दोहा और रोला
- आदि और अंत का शब्द एक
- छंद की पहचान।
- सात नीति-बिंदु
- लाठी
- कमरी
- गुण
- स्वार्थी संसार
- मज़बूत सहारा
- बढ़ा धन
- दरबार का व्यवहार
- विषयों का क्रम।
- कवि की छाप
- कह गिरिधर कविराय | हर कुंडली में
- छाप का उल्लेख कीजिए।
- सीख
- व्यावहारिक ज्ञान
- विवेक
- परोपकार
- निष्कर्ष के प्रश्न।
How to answer कुंडलिया छंद और गिरधर की व्यावहारिक नीति questions
कुंडलिया के भावार्थ का उत्तर इस प्रकार लिखिए।
- 1कुंडलिया का विषय बताइए।
- 2मुख्य उदाहरण या प्रतीक सरल शब्दों में लिखिए।
- 3उसका आशय स्पष्ट कीजिए।
- 4कवि की छाप या शैली का उल्लेख कीजिए।
- 5जीवन के लिए सीख लिखिए।
कुंडलिया छंद और गिरधर की व्यावहारिक नीति in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
विश्वसनीय सहारा
मान लीजिए एक छात्र परीक्षा की तैयारी के लिए ऐसे सहपाठी पर निर्भर रहता है जो खुद पाठ्यक्रम नहीं जानता, और परीक्षा के दिन उसे धोखा हो जाता है।
यह कुंडलिया के किस संदेश से मिलता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- कमज़ोर सहारा संकट में टूटता है।
- मज़बूत और विश्वसनीय का सहारा लेना चाहिए।
- सावधानी पहले ज़रूरी है।
Answer: यह पतले पेड़ की छाया वाली कुंडलिया से मिलता है कि सहारा सदा दृढ़ और विश्वसनीय का लेना चाहिए।
Memory hook: पतले पर नहीं, मोटे पर भरोसा।
Tricks to remember कुंडलिया छंद और गिरधर की व्यावहारिक नीति
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
दोहा+रोला
कुंडलिया का निर्माण।
Use it when: छंद।
कौआ-कोयल
गुण से सम्मान, रंग से नहीं।
Use it when: तीसरी कुंडली।
नाव में पानी
बढ़ा धन उलीचिए।
Use it when: छठी कुंडली।
कुंडलिया छंद और गिरधर की व्यावहारिक नीति: solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: छंद का नाम · 1 mark · MCQBoard level
छह पंक्तियों वाला और दोहा-रोला से बना छंद कौन-सा है?
(क) चौपाई (ख) कुंडलिया (ग) सवैया (घ) सोरठा
Try it first, then show the solutionSolution
- कुंडलिया = छह पंक्तियाँ, दोहा + रोला, इसलिए (ख)।
Answer: (ख) कुंडलिया।
Example 2: कुंडलिया की पहचान (2 अंक) · 2 marks · Short answerBoard level
कुंडलिया छंद की दो विशेषताएँ लिखिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- छह पंक्तियाँ, दोहा और रोला (1)
- आदि और अंत का शब्द एक (1)।
Answer: कुंडलिया छह पंक्तियों का छंद है जिसमें एक दोहा और एक रोला होता है। यह प्रायः उसी शब्द पर समाप्त होता है जिससे आरंभ हुआ है।
Example 3: कौआ-कोयल (4 अंक) · 4 marks · Long answerHarder board level
"गुन के गाहक सहस" कुंडलिया में कौआ और कोयल के उदाहरण से कवि क्या सिखाते हैं?
Try it first, then show the solutionSolution
- रंग समान (1)
- कोयल की वाणी (1)
- गुण का सम्मान (1)
- निष्कर्ष (1)।
Answer: कौआ और कोयल रंग में एक-से हैं, फिर भी कोयल की मीठी बोली सबको सुहाती है और कौए को अपावन माना जाता है। कवि सिखाते हैं कि मनुष्य का सम्मान रूप से नहीं, गुण से होता है।
Example 4: मज़बूत का सहारा (4 अंक) · 4 marks · Long answerHarder board level
पतले पेड़ की छाया में न बैठने की सलाह का भावार्थ लिखिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- पतला पेड़ और हवा (1)
- टूटकर धोखा (1)
- मोटे पेड़ की छाया (1)
- सीख (1)।
Answer: कवि कहते हैं कि कष्ट सहकर भी पतले पेड़ की छाया में न बैठें, क्योंकि तेज़ हवा चलने पर वह जड़ से टूटकर धोखा देगा। इसके बजाय मोटे और मज़बूत पेड़ की छाया लें। सीख है कि सहारा सदा दृढ़ और विश्वसनीय का लेना चाहिए।
Example 5: मूल्यांकन (4 अंक) · 4 marks · Long answerHOTS / competency
"स्वार्थी संसार" कुंडलिया की बात आज भी कितनी सही है? दो कारणों से अपना मत लिखिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- मत (1)
- धन के साथ मित्र (1)
- निःस्वार्थ मित्र (1)
- निष्कर्ष (1)।
Answer: यह बात काफ़ी हद तक सही है, क्योंकि कई लोग लाभ तक ही संबंध रखते हैं और धन न रहने पर दूर हो जाते हैं। पर निःस्वार्थ मित्र भी मिलते हैं, जैसा कवि स्वयं कहते हैं कि वे विरले होते हैं। इसलिए सच्चे मित्र को पहचानना ज़रूरी है।
Where students lose marks in कुंडलिया छंद और गिरधर की व्यावहारिक नीति
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: कुंडलिया की पहचान गलत
दोहा-रोला भूलना।
Wrong working
कुंडलिया चार पंक्तियों का छंद है।
Right working
कुंडलिया छह पंक्तियों का छंद है।
Do this: परिभाषा याद कीजिए।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: केवल शाब्दिक अर्थ
भावार्थ नहीं।
Wrong working
कौआ काला होता है।
Right working
गुण से सम्मान मिलता है।
Do this: सीख जोड़िए।
Usually costs: 1 से 2 अंक
Mistake: छाप छोड़ना
कवि की शैली का उल्लेख नहीं।
Wrong working
कवि का नाम नहीं।
Right working
कह गिरिधर कविराय।
Do this: छाप लिखिए।
Usually costs: 1 अंक
Exam tips
- कुंडलिया की परिभाषा याद रखिए।
- हर कुंडली का विषय एक वाक्य में लिखिए।
- प्रतीकों का आशय बताइए।
- कवि की छाप का उल्लेख कीजिए।
- भावार्थ में जीवन की सीख जोड़िए।
Practice questions on कुंडलिया छंद और गिरधर की व्यावहारिक नीति
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
"कह गिरिधर कविराय" क्या है?
(क) कवि की छाप (ख) छंद का नाम (ग) भाषा का नाम (घ) पुस्तक का नामHint
छाप कवि का नाम-चिह्न होती है, जो प्रायः रोले की पंक्तियों के आरंभ में आती है (जैसे "कह गिरिधर कविराय")।
Answer
(क) कवि की छाप।
Q2 · 2 marks · Short answerBoard level
लाठी के दो उपयोग लिखिए। (2 अंक)
Hint
नदी और कुत्ता।
Answer
गहरी नदी या नाले में सहारा देना, और झपटते कुत्ते या शत्रु को भगाना।
Q3 · 3 marks · Short answerHarder board level
कमरी को सदा साथ रखने योग्य क्यों कहा गया है? (3 अंक)
Hint
दाम और उपयोग।
Answer
कमरी थोड़े दाम में मिलती है और बहुत काम आती है। उसे बाँधकर गठरी बनाया जा सकता है और रात को बिछाया भी जा सकता है।
Q4 · 3 marks · Short answerHarder board level
"नाव में पानी, घर में दाम" का आशय स्पष्ट कीजिए। (3 अंक)
Hint
उलीचना।
Answer
जैसे नाव में पानी बढ़े तो उसे बाहर निकालना चाहिए, वैसे घर में धन बढ़े तो उसे दान और परोपकार में लगाना चाहिए।
Q5 · 3 marks · Short answerHarder board level
दरबार के व्यवहार की कुंडली से हमें क्या सीख मिलती है? (3 अंक)
Hint
विवेक और संयम।
Answer
सीख है कि बड़े लोगों के सामने समय और अवसर देखकर विनम्रता से बोलना और उतावली से बचना चाहिए।
Q6 · 4 marks · Long answerHOTS / competency
इन कुंडलियों की लोकप्रियता के दो कारण बताइए। (4 अंक)
Hint
भाषा और विषय।
Answer
एक, भाषा सरल लोकभाषा है और कहावत जैसी लगती है। दो, इनमें लाठी, कमरी, पेड़ और नाव जैसे रोज़मर्रा के उदाहरणों से व्यावहारिक सीख दी गई है, जो हर पाठक को अपनी लगती है।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.कवि का नाम?Show answer
गिरधर कविराय।
2.कुंडलिया की पंक्तियाँ?Show answer
छह।
3.कुंडलिया किन दो छंदों से बनती है?Show answer
दोहा और रोला।
4.कवि की छाप?Show answer
कह गिरिधर कविराय।
5.कौआ-कोयल किस विषय पर?Show answer
गुण की श्रेष्ठता।
6.कौन-सी कक्षा?Show answer
ICSE कक्षा 9।
कुंडलिया छंद और गिरधर की व्यावहारिक नीति: frequently asked questions
पाठ कहाँ से है?
साहित्य सागर से।
क्या सभी कुंडलियाँ यहाँ हैं?
अध्याय-पृष्ठ की कुंडलियों का सार है; अपनी पुस्तक से मिलाइए।
कवि किस काल के माने जाते हैं?
अठारहवीं शताब्दी।