भिक्षुक (निराला): भिखारी की दशा, बिंब, अलंकार और कवि का संकल्प
Updated 17 October 2026 · Fact-checked
'भिक्षुक' में निराला ने मुक्त छंद और करुण रस में भूख से दुर्बल भिखारी और उसके दो बच्चों का यथार्थ चित्र खींचा है। 'पेट पीठ दोनों मिलकर हैं एक' में अतिशयोक्ति है। जूठी पत्तल पर कुत्तों से छीना-झपटी समाज की संवेदनहीनता दिखाती है, और अंत में कवि दुख बाँटने तथा संघर्ष की प्रेरणा देने का संकल्प करता है।
Understand भिक्षुक की दशा, बिंब और काव्य-सौंदर्य (निराला)
कविता का परिचय। 'भिक्षुक' छायावाद के प्रमुख कवि सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की यथार्थवादी कविता है, जो साहित्य सागर (पद्य भाग) में निर्धारित है। यह मुक्त छंद में है और इसका स्थायी भाव करुणा है। पद्यांश पर आधारित प्रश्नों में शब्दार्थ, भावार्थ, दशा का वर्णन, अलंकार और उद्देश्य पूछे जा सकते हैं।
चार अंश, चार चित्र।
1. *भिखारी का आना:* हृदय दुख और पछतावे से टूक-टूक; पेट और पीठ मिलकर एक; लाठी टेककर चलना; मुट्ठी भर दाने के लिए फटी झोली फैलाना।
2. *बच्चों की दशा:* दो बच्चे बाएँ हाथ से पेट मलते और दाहिना हाथ दया पाने को बढ़ाते हैं; दाता से कुछ न मिलने पर आँसुओं के घूँट पीकर रह जाते हैं।
3. *समाज की निर्ममता:* सड़क पर फेंकी जूठी पत्तलें चाटना, जिन्हें कुत्ते भी छीनने को अड़े रहते हैं।
4. *कवि का संकल्प:* कवि के हृदय में करुणा रूपी अमृत है; वह उनके दुख अपने में खींच लेगा और उन्हें अभिमन्यु जैसे संघर्षशील बनने की प्रेरणा देगा।
शब्दार्थ। लकुटिया = लाठी; झोली = भीख माँगने का थैला; दो टूक कलेजे के करना = हृदय टूट जाना।
काव्य-सौंदर्य।
- *अतिशयोक्ति:* पेट-पीठ का एक होना भूख की चरम दुर्बलता दिखाता है।
- *अनुप्रास:* 'पेट पीठ', 'दाता-भाग्य विधाता'।
- *मुहावरे:* दो टूक कलेजे के करना; घूँट आँसुओं के पीना।
- *बिंब:* पेट मलता बायाँ हाथ और फैला दाहिना हाथ।
- *रस:* करुण रस; भाषा सरल और प्रभावी।
उद्देश्य। समाज की संवेदनहीनता और आर्थिक विषमता की ओर ध्यान दिलाना तथा करुणा, सहानुभूति और संघर्ष की प्रेरणा देना।
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
पेट पीठ दोनों मिलकर हैं एक,
कवि: भिखारी के दुबले शरीर का वर्णन।
अतिशयोक्ति से भूख की चरम दशा का चित्र।
चल रहा लकुटिया टेक,
कवि: भिखारी की कमज़ोरी।
दुर्बलता और असहायता।
घूँट आँसुओं के पीकर रह जाते।
कवि: बच्चों को कुछ न मिलने पर।
विवश दुख और समाज की उपेक्षा।
भिक्षुक की दशा, बिंब और काव्य-सौंदर्य (निराला): key facts
- चार अंश
- भिखारी का आना
- बच्चों की दशा
- जूठी पत्तल और कुत्ते
- कवि का संकल्प
- भावार्थ और सार के प्रश्न में यही क्रम रखिए।
- काव्य-सौंदर्य
- अतिशयोक्ति
- अनुप्रास
- मुहावरे
- बिंब
- करुण रस
- मुक्त छंद
- हर अलंकार के साथ पंक्ति का उदाहरण दीजिए।
- कविता का संदेश
- भूख और गरीबी का यथार्थ
- समाज की संवेदनहीनता
- करुणा
- संघर्ष की प्रेरणा
- उद्देश्य के प्रश्न का आधार।
How to answer भिक्षुक की दशा, बिंब और काव्य-सौंदर्य (निराला) questions
पद्यांश के प्रश्न का उत्तर इस क्रम से लिखिए।
- 1कठिन शब्द का अर्थ पहले लिखिए।
- 2पंक्ति का भाव अपने शब्दों में लिखिए।
- 3अलंकार या रस पूछा हो तो नाम के साथ पंक्ति का उदाहरण दीजिए।
- 4दशा का प्रश्न हो तो बिंब क्रम से गिनाइए।
- 5अंत में कवि की संवेदना या उद्देश्य लिखिए।
भिक्षुक की दशा, बिंब और काव्य-सौंदर्य (निराला) in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
अनदेखी करना बनाम पहल करना
मान लीजिए किसी मोहल्ले के चौराहे पर कोई बूढ़ा व्यक्ति रोज़ बैठा रहता है और अधिकांश लोग बिना देखे आगे बढ़ जाते हैं, पर एक विद्यार्थी उसके लिए भोजन की व्यवस्था करवाने की पहल करता है।
विद्यार्थी का व्यवहार 'भिक्षुक' के किस भाव से मेल खाता है और बाकी लोग किससे?
Try it first, then show the solutionSolution
- अनदेखी करने वाले दाताओं की उपेक्षा जैसे हैं।
- पहल करने वाला कवि के संकल्प जैसा है।
- कवि दुख देखकर रुका और बाँटने को तैयार हुआ।
Answer: विद्यार्थी का व्यवहार कवि की करुणा और संकल्प से मेल खाता है, जबकि अनदेखी करने वाले लोग कविता में वर्णित समाज की संवेदनहीनता के उदाहरण हैं।
Memory hook: देखना काफ़ी नहीं, बाँटना सीखो।
Tricks to remember भिक्षुक की दशा, बिंब और काव्य-सौंदर्य (निराला)
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
आ-ब-ज-सं
आना, बच्चे, जूठन, संकल्प।
Use it when: चारों अंशों का क्रम।
अति-अनु-मु-बिं
अतिशयोक्ति, अनुप्रास, मुहावरे, बिंब।
Use it when: काव्य-सौंदर्य के बिंदु।
भिक्षुक की दशा, बिंब और काव्य-सौंदर्य (निराला): solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: अलंकार पहचानिए · 1 mark · MCQBoard level
'पेट पीठ दोनों मिलकर हैं एक' में कौन-सा अलंकार है?
(क) उपमा (ख) अतिशयोक्ति (ग) यमक (घ) श्लेष
Try it first, then show the solutionSolution
- भूख को बहुत बढ़ाकर बताया गया है (0.5)।
- यह बढ़ा-चढ़ाकर कहना अतिशयोक्ति है (0.5)।
Answer: (ख) अतिशयोक्ति।
Example 2: शब्दार्थ और भाव (2 अंक) · 2 marks · Short answerBoard level
'दो टूक कलेजे के करता पछताता' का अर्थ स्पष्ट कीजिए और बताइए कि 'वह' कौन है।
Try it first, then show the solutionSolution
- 'वह' भिखारी (1)।
- हृदय का टूक-टूक होना, भीख माँगने की विवशता का पछतावा (1)।
Answer: 'वह' एक भूखा भिखारी है। उसे भीख माँगनी पड़ती है, इसका उसे बहुत पछतावा है और उसका हृदय दुख से टुकड़े-टुकड़े हो रहा है।
Example 3: बच्चों का चित्र (3 अंक) · 3 marks · Short answerHarder board level
कविता में भिखारी के साथ के बच्चों की दशा का वर्णन कीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- दो बच्चे, भूखे (1)।
- बाएँ हाथ से पेट मलना, दाहिना हाथ फैलाना (1)।
- कुछ न मिलने पर आँसू पीना (1)।
Answer: भिखारी के साथ दो भूखे बच्चे हैं। वे बाएँ हाथ से अपना भूखा पेट मलते हुए चलते हैं और दाहिना हाथ दया पाने के लिए आगे बढ़ाते हैं। भूख से उनके होंठ सूख जाते हैं, पर दाता से कुछ नहीं मिलता, तब वे आँसुओं के घूँट पीकर रह जाते हैं।
Example 4: समाज की संवेदनहीनता (5 अंक) · 5 marks · Long answerHarder board level
जूठी पत्तलों और कुत्तों वाले प्रसंग से कवि क्या कहना चाहता है? (लगभग 100 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- दृश्य का वर्णन (2)।
- समाज पर टिप्पणी (2)।
- निष्कर्ष (1)।
Answer: भिखारी और बच्चे जब कहीं से कुछ नहीं पाते, तो सड़क पर फेंकी गई जूठी पत्तलें चाटने लगते हैं, और कुत्ते भी उन्हीं पत्तलों को छीनने के लिए अड़े रहते हैं। मनुष्य और पशु का एक ही जूठन के लिए संघर्ष करना बताता है कि गरीब को समाज में कितनी कम जगह मिली है। कवि इस दृश्य से समाज की संवेदनहीनता और आर्थिक विषमता पर प्रश्न उठाता है। वह कहना चाहता है कि जिस समाज में लोग भूखों की ओर देखते भी नहीं, वह करुणा से खाली है।
Example 5: कवि का संकल्प (5 अंक) · 5 marks · Long answerHOTS / competency
कविता के अंतिम अंश में कवि भिखारी और बच्चों से क्या कहता है? इस संकल्प को कविता की सार्थकता से जोड़िए। (लगभग 100 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- कवि के कथन (2)।
- अभिमन्यु की प्रेरणा (1)।
- कविता की सार्थकता (2)।
Answer: कवि उन्हें रुकने को कहता है और बताता है कि उसके हृदय में करुणा रूपी अमृत है, जिससे वह उन्हें सींच देगा। वह उनके दुख अपने हृदय में खींच लेगा और उन्हें अभिमन्यु जैसे संघर्षशील बनने की प्रेरणा देगा। यही संकल्प कविता को केवल दृश्य-चित्र नहीं रहने देता। यदि कविता केवल दुख दिखाती, तो पाठक में दया ही जगती; पर कवि की सहानुभूति और संघर्ष का संदेश पाठक को भी अपने कर्तव्य का बोध कराता है। इसलिए अंतिम अंश कविता का उद्देश्य है।
Where students lose marks in भिक्षुक की दशा, बिंब और काव्य-सौंदर्य (निराला)
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: अलंकार का केवल नाम लिखना
परीक्षक पंक्ति का उदाहरण और प्रभाव भी चाहते हैं।
Wrong working
इसमें अतिशयोक्ति अलंकार है।
Right working
'पेट पीठ दोनों मिलकर हैं एक' में अतिशयोक्ति है, क्योंकि भूख की दुर्बलता को बढ़ा-चढ़ाकर कहा गया है।
Do this: नाम + पंक्ति + प्रभाव।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: शब्दार्थ छोड़कर सीधे भाव लिखना
लकुटिया और झोली जैसे शब्दों का अर्थ पूछा जा सकता है।
Wrong working
भिखारी चल रहा है।
Right working
लकुटिया (लाठी) टेककर भिखारी कमज़ोरी के कारण चल रहा है।
Do this: पहले शब्दार्थ, फिर भाव।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: कवि का संकल्प न लिखना
उद्देश्य के प्रश्न का आधार अंतिम अंश है।
Wrong working
कविता भिखारी की गरीबी बताती है।
Right working
कविता गरीबी दिखाकर करुणा और संघर्ष की प्रेरणा देती है।
Do this: उत्तर का अंत कवि के संकल्प से कीजिए।
Usually costs: 2 अंक
Exam tips
- पद्यांश-प्रश्न में पहले शब्दार्थ, फिर भाव लिखिए।
- अलंकार के साथ पंक्ति और प्रभाव अवश्य लिखिए।
- भिखारी और बच्चों की दशा बिंब-क्रम से बताइए।
- उद्देश्य में करुणा, सामाजिक संदेश और संकल्प तीनों लिखिए।
Practice questions on भिक्षुक की दशा, बिंब और काव्य-सौंदर्य (निराला)
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
'लकुटिया' का अर्थ क्या है?
(क) झोली (ख) लाठी (ग) पत्तल (घ) पथHint
भिखारी उसे टेककर चलता है।
Answer
(ख) लाठी।
Q2 · 2 marks · Short answerBoard level
भिखारी मुट्ठी भर दाने के लिए क्या करता है? (2 अंक)
Hint
झोली का मुँह।
Answer
भूख मिटाने के लिए मुट्ठी भर दाने पाने को वह अपनी फटी-पुरानी झोली का मुँह लोगों के आगे फैलाता है।
Q3 · 3 marks · Short answerHarder board level
कविता की दो पंक्तियाँ चुनकर बताइए कि उनमें कौन-सा अलंकार या काव्य-गुण है और उसका क्या प्रभाव है। (3 अंक)
Hint
अतिशयोक्ति या अनुप्रास।
Answer
'पेट पीठ दोनों मिलकर हैं एक' में अतिशयोक्ति है, क्योंकि भूख से दुर्बल शरीर का चित्र बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है; इसका प्रभाव है कि पाठक को भिखारी की भूख का तीव्र बोध होता है। इसी पंक्ति में 'पेट पीठ' में अनुप्रास भी है, जो लय देता है।
Q4 · 5 marks · Long answerHarder board level
'भिक्षुक' कविता को करुण रस की कविता क्यों कहा जाता है? कविता से प्रमाण देकर समझाइए। (लगभग 100 शब्द)
Hint
दृश्य, भाव और पाठक पर प्रभाव।
Answer
इस कविता में भूख से दुर्बल भिखारी, फटी झोली, पेट मलते बच्चे और आँसुओं के घूँट जैसे चित्र पाठक के मन में करुणा जगाते हैं। भिखारी का पछतावा और बच्चों का दाता से कुछ न पाना दुख को और गहरा करते हैं। जूठी पत्तलों के लिए कुत्तों से छीना-झपटी का दृश्य हृदय को द्रवित कर देता है। ये सब भाव शोक और दया का संचार करते हैं, इसलिए रस करुण है। कविता का अंत भी सहानुभूति और संकल्प से होता है।
Q5 · 5 marks · Long answerHOTS / competency
कविता में कवि ने समाज के धनी लोगों के लिए 'दाता' और 'भाग्य-विधाता' जैसे शब्दों का प्रयोग किया है। इन शब्दों के पीछे छिपे व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए। (लगभग 100 शब्द)
Hint
देने वाला कौन, मिलता क्या है।
Answer
दाता और भाग्य-विधाता शब्द उन लोगों के लिए हैं जिनसे गरीब को सहायता की आशा होती है। परंतु कविता में बताया गया है कि उनसे बच्चों को कुछ नहीं मिलता और वे आँसू पीकर रह जाते हैं। इस प्रकार जिन्हें देने वाला और भाग्य बनाने वाला कहा जाता है, वे वास्तव में संवेदनहीन सिद्ध होते हैं। यही व्यंग्य है: नाम बड़े हैं, पर आचरण में दया नहीं। कवि इसी विरोध से समाज को चेताता है कि वह अपनी भूमिका पहचाने।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.'भिक्षुक' के कवि कौन हैं?Show answer
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'।
2.कविता किस छंद में है?Show answer
मुक्त छंद।
3.कविता का मुख्य रस क्या है?Show answer
करुण रस।
4.भिखारी साथ में कितने बच्चे लिए है?Show answer
दो।
5.'लकुटिया' का अर्थ क्या है?Show answer
लाठी।
6.कवि बच्चों को किसकी तरह बनने को कहता है?Show answer
अभिमन्यु की तरह संघर्षशील।
भिक्षुक की दशा, बिंब और काव्य-सौंदर्य (निराला): frequently asked questions
भिक्षुक पाठ्यपुस्तक के किस भाग में है?
साहित्य सागर के पद्य भाग में, कक्षा दसवीं के लिए निर्धारित।
कविता किस काव्य-धारा के कवि की है?
निराला छायावाद के प्रमुख कवि हैं, पर यह कविता यथार्थवादी है।
कविता का उद्देश्य क्या है?
समाज की संवेदनहीनता पर ध्यान दिलाना और करुणा तथा संघर्ष की प्रेरणा देना।