कबीर के दोहे, कक्षा 8: सत्य, सच्चा बड़प्पन और गुरु की महिमा
Updated 17 October 2026 · Draft, not yet fact-checked
कबीर के पहले तीन दोहे सिखाते हैं कि सत्य से बड़ा कोई तप और झूठ से बड़ा कोई पाप नहीं, कि केवल ऊँचा या बड़ा होना बड़प्पन नहीं है, बल्कि वही बड़ा है जो दूसरों के काम आए, और कि गुरु का स्थान ईश्वर से भी पहले है, क्योंकि गुरु ही ईश्वर का ज्ञान कराते हैं।
Understand कबीर के दोहे: सत्य, सच्चा बड़प्पन और गुरु की महिमा
दोहा छंद। कबीर के ये आठ दोहे सधुक्कड़ी भाषा में हैं। दोहे में दो पंक्तियाँ होती हैं और अंत में तुक मिलती है, जैसे पाप-आप और खजूर-दूर। इस पृष्ठ में पहले तीन दोहों पर बात है।
दोहा 1: सत्य का महत्त्व। 'साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप।' कबीर कहते हैं कि सत्य के बराबर कोई तपस्या नहीं और झूठ के बराबर कोई पाप नहीं। जिसके हृदय में सच है, उसके हृदय में स्वयं गुरु (ईश्वर) बसते हैं। अर्थात् सच्चे व्यक्ति के भीतर ही ईश्वर का वास है।
दोहा 2: खजूर और बड़प्पन। 'बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर। पंथी को छाया नहीं, फल लागै अति दूर॥' खजूर का पेड़ बहुत ऊँचा होता है, पर राहगीर को छाया नहीं देता और उसके फल इतने ऊँचे लगते हैं कि हाथ नहीं पहुँचता। कबीर बताते हैं कि बड़ा होने का अर्थ ऊँचा, धनी या शक्तिशाली होना ही नहीं है; बड़ा वही है जो दूसरों के काम आए। इस दोहे में दृष्टांत (उदाहरण द्वारा बात समझाना) है।
दोहा 3: गुरु की महिमा। गुरु और गोविंद (ईश्वर) दोनों सामने खड़े हों, तो पहले किसके पैर छुएँ? कबीर कहते हैं कि वे गुरु पर बलिहारी जाते हैं, क्योंकि गुरु ने ही गोविंद का ज्ञान कराया। 'बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय॥' ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग गुरु दिखाते हैं, इसलिए उनका स्थान पहले आता है।
तीनों का सार। पहला दोहा आचरण (सत्य) की बात करता है, दूसरा समाज में उपयोगी होने की और तीसरा ज्ञान देने वाले का आदर करने की।
भाषा की विशेषता। 'साँच' (सच), 'हिरदे' (हृदय), 'पंथी' (राहगीर) जैसे शब्द कबीर की सधुक्कड़ी भाषा के हैं। अलंकार: दृष्टांत और अनुप्रास।
उत्तर लिखने का ढंग। दोहे की पंक्ति, सरल अर्थ और शिक्षा, इसी क्रम में लिखें।
कबीर के दोहे: सत्य, सच्चा बड़प्पन और गुरु की महिमा: key facts
- तीन दोहे, तीन शिक्षाएँ
- सत्य सबसे बड़ा तप है
- उपयोगी होना ही बड़प्पन है
- गुरु का स्थान सबसे पहले
- एक पंक्ति में सार।
- शब्दार्थ
साँच सच हिरदे हृदय पंथी राहगीर अति दूर बहुत ऊँचा बलिहारी न्योछावर गोविंद ईश्वर - अर्थ-प्रश्न में सीधे अंक।
- काव्य-सौंदर्य
- दोहा छंद
- सधुक्कड़ी भाषा
- दृष्टांत: खजूर
- तुक: पाप-आप, खजूर-दूर
- विशेषता पूछे जाने पर।
- दोहे का क्रम
- सत्य
- बड़प्पन
- गुरु
- पहले तीन दोहे।
कबीर के दोहे: सत्य, सच्चा बड़प्पन और गुरु की महिमा in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
ऊँचा पद, पर उपयोगी नहीं
मान लीजिए कक्षा 8 का एक छात्र मॉनिटर बन जाता है और पूरे दिन आदेश देता है, पर किसी की कॉपी भूलने या किताब खोने पर मदद नहीं करता। दूसरा छात्र मॉनिटर नहीं है, पर हर किसी की सहायता करता है, इसलिए सब उसे पसंद करते हैं।
कबीर के किस दोहे के अनुसार इनमें से कौन अधिक बड़ा है?
Try it first, then show the solutionSolution
- पहला छात्र ऊँचे पद पर है, पर किसी के काम नहीं आता।
- दूसरा छात्र उपयोगी है, जैसे वृक्ष छाया देता है।
- कबीर के खजूर वाले दोहे में उपयोगी व्यक्ति को ही बड़ा माना गया है।
Answer: खजूर वाले दोहे के अनुसार दूसरा छात्र अधिक बड़ा है, क्योंकि बड़प्पन पद से नहीं, दूसरों के काम आने से मापा जाता है।
Memory hook: पद नहीं, उपयोगिता बड़ी है।
Tricks to remember कबीर के दोहे: सत्य, सच्चा बड़प्पन और गुरु की महिमा
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
स-ख-ग
सत्य, खजूर, गुरु।
Use it when: पहले तीन दोहों का क्रम।
खजूर = ऊँचा, पर बेकार
ऊँचे पर छाया न फल पास।
Use it when: दृष्टांत का भाव।
गुरु पहले
पहले गुरु, फिर गोविंद।
Use it when: तीसरे दोहे का निष्कर्ष।
कबीर के दोहे: सत्य, सच्चा बड़प्पन और गुरु की महिमा: solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: सबसे बड़ा तप · 1 mark · MCQBoard level
कबीर के अनुसार सबसे बड़ा तप क्या है?
(क) भजन करना (ख) सत्य (ग) मौन रहना (घ) दान देना
Try it first, then show the solutionSolution
- 'साँच बराबर तप नहीं' अर्थात् सत्य के बराबर कोई तप नहीं (1 अंक)।
Answer: (ख)
Example 2: खजूर का दृष्टांत · 2 marks · Short answerBoard level
कबीर ने खजूर के पेड़ का उदाहरण किस बात को समझाने के लिए दिया है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- खजूर ऊँचा है पर छाया नहीं देता (1)।
- सच्चा बड़प्पन दूसरों के काम आना है (1)।
Answer: कबीर ने खजूर का उदाहरण यह समझाने के लिए दिया है कि केवल ऊँचा या बड़ा होने से कोई महान नहीं बनता। खजूर ऊँचा है, पर राहगीर को न छाया देता है, न उसके फल पास में लगते हैं।
Example 3: गुरु और गोविंद · 3 marks · Short answerHarder board level
कबीर गुरु के पाँव पहले क्यों छूना चाहते हैं? दोहे के आधार पर समझाइए। (40-50 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- गुरु और गोविंद दोनों सामने हैं (1)।
- गुरु ने गोविंद का ज्ञान कराया (1)।
- ज्ञान देने वाले का स्थान ऊँचा (1)।
Answer: कबीर कहते हैं कि गुरु और गोविंद दोनों सामने हों, तो वे गुरु के पाँव पहले छूना चाहेंगे। कारण यह है कि गोविंद, यानी ईश्वर का ज्ञान और उन तक पहुँचने का मार्ग गुरु ने ही बताया। जो हमें सही मार्ग दिखाता है, उसका आदर पहले होना चाहिए।
Example 4: सत्य और ईश्वर का वास · 4 marks · Short answerHarder board level
'साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप' दोहे का भाव स्पष्ट कीजिए और बताइए कि आज के जीवन में यह सीख किस प्रकार उपयोगी है। (60-70 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- सत्य सबसे बड़ा तप, झूठ सबसे बड़ा पाप (1.5)।
- जिसके हृदय में सच है, वहाँ ईश्वर है (1.5)।
- आज की उपयोगिता (1)।
Answer: दोहे का भाव है कि सत्य के बराबर कोई तपस्या नहीं और झूठ के बराबर कोई पाप नहीं। जिसके हृदय में सच होता है, उसके भीतर स्वयं ईश्वर का वास माना गया है। आज के जीवन में भी सच बोलने वाले पर लोग भरोसा करते हैं और वह निडर रहता है। विद्यार्थी के लिए ईमानदारी से पढ़ना और कभी नकल न करना सत्य के पालन का उदाहरण है।
Example 5: पद और बड़प्पन · 5 marks · Long answerHOTS / competency
क्या किसी का बड़ा पद या धन उसके बड़प्पन का प्रमाण है? कबीर के खजूर वाले दोहे के आधार पर अपना मत दीजिए। (80-100 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- अपना मत (1)।
- खजूर का दृष्टांत (1.5)।
- उपयोगी व्यक्ति का उदाहरण (1.5)।
- निष्कर्ष और भाषा (1)।
Answer: मेरे मत में केवल बड़ा पद या धन बड़प्पन का प्रमाण नहीं है। कबीर खजूर का उदाहरण देते हैं, जो बहुत ऊँचा है, पर राहगीर को छाया नहीं देता और उसके फल इतने दूर लगते हैं कि कोई उन्हें पा नहीं सकता। ऐसे ही जो व्यक्ति ऊँचे पद पर है, पर दूसरों के काम नहीं आता, उसे बड़ा नहीं कहा जा सकता। इसके विपरीत एक साधारण व्यक्ति भी जो दूसरों की मदद करता है, सच्चा बड़ा है। बड़प्पन का माप उपयोगिता है।
Where students lose marks in कबीर के दोहे: सत्य, सच्चा बड़प्पन और गुरु की महिमा
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: खजूर को सुंदर पेड़ कहना
दोहे में खजूर उपयोगी न होने का उदाहरण है।
Wrong working
कबीर खजूर की प्रशंसा करते हैं।
Right working
कबीर खजूर का उदाहरण देकर बताते हैं कि केवल ऊँचा होना बड़प्पन नहीं है।
Do this: दृष्टांत का भाव लिखें।
Usually costs: 1 से 2 अंक।
Mistake: गोविंद का अर्थ गुरु लिखना
गुरु और गोविंद दो अलग हैं।
Wrong working
गोविंद का अर्थ गुरु है।
Right working
गोविंद का अर्थ ईश्वर है।
Do this: शब्दार्थ याद करें।
Usually costs: 1 अंक।
Mistake: भावार्थ में अपने शब्द न जोड़ना
केवल पंक्ति दोहराने से अंक नहीं मिलते।
Wrong working
साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप।
Right working
सत्य के बराबर कोई तप नहीं और झूठ के बराबर कोई पाप नहीं।
Do this: पंक्ति के बाद सरल अर्थ लिखें।
Usually costs: 1 से 2 अंक।
Exam tips
- दोहे की पंक्ति ज्यों-की-त्यों लिखें और फिर सरल अर्थ दें।
- शब्दार्थ: साँच, हिरदे, पंथी, बलिहारी, गोविंद।
- खजूर के दो दोष लिखें: छाया नहीं और फल दूर।
- अलंकार के उत्तर में दृष्टांत का नाम लें।
- अंत में एक पंक्ति में शिक्षा लिखें।
Practice questions on कबीर के दोहे: सत्य, सच्चा बड़प्पन और गुरु की महिमा
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
'बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय' में 'गोविंद' का अर्थ है
(क) गुरु (ख) ईश्वर (ग) राजा (घ) शिष्यHint
ईश्वर का एक नाम।
Answer
(ख)
Q2 · 2 marks · Short answerBoard level
खजूर के पेड़ की दो कमियाँ कबीर ने क्या बताई हैं? (20-25 शब्द)
Hint
छाया और फल।
Answer
कबीर के अनुसार खजूर राहगीर को छाया नहीं देता और उसके फल बहुत दूर, यानी ऊँचाई पर लगते हैं, इसलिए वे किसी के काम नहीं आते।
Q3 · 1 mark · Assertion-reasonHarder board level
अभिकथन (A): कबीर ने गुरु को गोविंद से पहले वंदनीय माना है।
कारण (R): गुरु ने ही गोविंद का ज्ञान कराया और उनके पास पहुँचने का मार्ग बताया।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की व्याख्या करता है
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता
(ग) A सही है, R गलत है
(घ) A गलत है, R सही हैHint
कारण से आदर का कारण पता चलता है।
Answer
(क)
Q4 · 3 marks · Short answerHarder board level
दृष्टांत अलंकार किसे कहते हैं? खजूर वाले दोहे से उदाहरण देकर समझाइए। (40-50 शब्द)
Hint
उदाहरण द्वारा बात समझाना।
Answer
जब किसी बात को समझाने के लिए उससे मिलता-जुलता उदाहरण दिया जाता है, तो उसे दृष्टांत कहते हैं। खजूर वाले दोहे में बड़प्पन का अर्थ समझाने के लिए खजूर के पेड़ का उदाहरण दिया गया है, जो ऊँचा तो है, पर किसी के काम नहीं आता।
Q5 · 5 marks · Long answerHOTS / competency
अपने जीवन के किसी ऐसे व्यक्ति पर 80-100 शब्दों का अनुच्छेद लिखिए जो पद से नहीं, उपयोगी होने के कारण आपके लिए बड़ा है। कबीर के दोहों की किसी एक सीख का उल्लेख कीजिए।
Hint
व्यक्ति, कारण, कबीर की सीख।
Answer
मेरे लिए सबसे बड़े व्यक्ति मेरे पड़ोसी दादाजी हैं। वे सेवानिवृत्त शिक्षक हैं और शाम को मोहल्ले के बच्चों को निःशुल्क पढ़ाते हैं। उनके पास कोई बड़ा पद या धन नहीं है, फिर भी हर कोई उनका आदर करता है। उनके कारण कई बच्चों की पढ़ाई सुधरी है। कबीर कहते हैं कि बड़ा वही है जो दूसरों के काम आए, जैसे वृक्ष छाया और फल देता है। दादाजी इस बात का जीवित उदाहरण हैं।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.कबीर के अनुसार सबसे बड़ा तप क्या है?Show answer
सत्य।
2.सबसे बड़ा पाप क्या है?Show answer
झूठ।
3.खजूर का पेड़ राहगीर को क्या नहीं देता?Show answer
छाया।
4.'पंथी' का क्या अर्थ है?Show answer
राहगीर।
5.गुरु को क्यों बलिहारी कहा गया?Show answer
क्योंकि उन्होंने गोविंद का ज्ञान कराया।
6.इन दोहों की भाषा क्या कहलाती है?Show answer
सधुक्कड़ी।
कबीर के दोहे: सत्य, सच्चा बड़प्पन और गुरु की महिमा: frequently asked questions
कबीर के इन तीन दोहों का सार क्या है?
सत्य का पालन, उपयोगी बड़प्पन और ज्ञान देने वाले गुरु का आदर।
दोहा किसे कहते हैं?
दो पंक्तियों वाला छंद, जिसमें अंत में तुक मिलती है।
कबीर ने गुरु को पहले क्यों रखा?
क्योंकि ईश्वर का मार्ग गुरु ही दिखाते हैं।
ये दोहे मल्हार के किस पाठ में हैं?
पाठ 5 में, जिसमें कुल आठ दोहे हैं।