लक्ष्मण-मूर्छा और राम का विलाप (तुलसीदास): भ्रातृ-प्रेम और करुण रस (कक्षा 12)
Updated 17 October 2026 · Fact-checked
रामचरितमानस के लंका कांड के इस अंश में शक्ति-बाण से मूर्छित लक्ष्मण को गोद में लेकर राम साधारण मनुष्य की तरह विलाप करते हैं: लक्ष्मण का त्याग याद करते हैं, भाई को संसार में सबसे दुर्लभ बताते हैं और पंख-रहित पक्षी, मणि-रहित साँप तथा सूँड़-रहित हाथी जैसी दीनता की बात करते हैं। हनुमान संजीवनी लेकर लौटते हैं तो 'करुणा मँह बीर रस' जैसा उत्साह आ जाता है। भाषा अवधी है, छंद चौपाई-दोहा।
Understand लक्ष्मण-मूर्छा: राम का विलाप और भ्रातृ-प्रेम
यह अंश अवधी में है और दोहा-चौपाई-सोरठा छंदों में लिखा गया है। इसका केंद्र राम का मनुष्य-रूप में शोक है।
घटना-क्रम। हनुमान भरत से विदा लेकर राम का प्रताप हृदय में रखे संजीवनी लेकर चल पड़ते हैं और मन ही मन भरत के बल, शील और प्रभु-प्रेम की सराहना करते हैं। इधर आधी रात बीत जाती है और हनुमान नहीं लौटते। राम मूर्छित लक्ष्मण को हृदय से लगाकर विलाप करते हैं।
विलाप के बिंदु। (1) लक्ष्मण का त्याग: तुम मुझे कभी दुखी नहीं देख सकते थे, मेरे लिए तुमने माता-पिता छोड़े और वन में सर्दी, धूप और आँधी सही। (2) पश्चात्ताप: यदि जानता कि वन में भाई से बिछुड़ना होगा तो पिता का वचन भी न मानता। (3) भाई की दुर्लभता: पुत्र, धन, स्त्री, घर-परिवार जगत में बार-बार मिलते हैं, पर सगा भाई नहीं मिलता ('मिलइ न जगत सहोदर भ्राता')। (4) उदाहरण: जैसे पंख के बिना पक्षी, मणि के बिना साँप और सूँड़ के बिना हाथी दीन होता है, वैसे ही मेरा जीवन तुम्हारे बिना होगा। (5) लोक-लज्जा: पत्नी के कारण प्रिय भाई खोकर मैं किस मुँह से अयोध्या जाऊँगा; सुमित्रा को क्या उत्तर दूँगा। 'नारि हानि बिसेष छति नाहीं' का आशय है कि भाई की तुलना में पत्नी की हानि विशेष क्षति नहीं लगती; यह शोक की चरम अवस्था में कही गई बात है, पत्नी के प्रति अनादर नहीं।
हर्ष। विलाप सुनकर वानर व्याकुल थे, तभी हनुमान ऐसे आ गए 'जिमि करुना मँह बीर रस', जैसे करुण रस में वीर रस आ गया हो। उपचार के बाद लक्ष्मण हँसते हुए उठ बैठते हैं।
तुलसी इसे 'नर गति' कहते हैं: प्रभु भक्तों के लिए साधारण मनुष्य जैसी लीला करते हैं। इसलिए यह अंश करुण रस, भ्रातृ-प्रेम और भक्ति तीनों का संगम है। उपमा/उदाहरण (पंख, मणि, सूँड़) और उत्प्रेक्षा (कुंभकर्ण के लिए 'मानहुँ कालु देह धरि बैसा') इसके मुख्य अलंकार हैं।
लक्ष्मण-मूर्छा: राम का विलाप और भ्रातृ-प्रेम: key facts
- विलाप के पाँच बिंदु
- लक्ष्मण का त्याग
- पिता के वचन पर पश्चात्ताप
- सहोदर भाई की दुर्लभता
- पंख-मणि-सूँड़ के उदाहरण
- अयोध्या और सुमित्रा के सामने लज्जा
- 3 अंक के उत्तर में चार बिंदु पर्याप्त हैं।
- भाषा, छंद और रस
भाषा अवधी छंद चौपाई, दोहा, सोरठा रस करुण, फिर वीर का संचार - कवितावली के कवित्त-सवैये से भेद याद रखें।
- अलंकार
- जथा पंख बिनु खग = उदाहरण/उपमा
- मानहुँ कालु देह धरि बैसा = उत्प्रेक्षा
- जिमि करुना मँह बीर रस = उपमा
- 'जथा', 'जिमि', 'मानहुँ' वाचक शब्द हैं।
लक्ष्मण-मूर्छा: राम का विलाप और भ्रातृ-प्रेम in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
रिश्ते का मूल्य
मान लीजिए आपके बड़े भाई परीक्षा की तैयारी में आपकी हर मुश्किल में साथ रहे और अचानक बीमार पड़ जाते हैं, तब आपको लगता है कि सब कुछ ठीक हो सकता है, पर वे चाहिए ही।
इस भाव की तुलना राम के विलाप के किस कथन से की जा सकती है?
Try it first, then show the solutionSolution
- सब कुछ मिल सकता है, पर वे चाहिए: 'मिलइ न जगत सहोदर भ्राता' का भाव।
- उनके त्याग को याद करना: 'मम हित लागि तजेहु पितु माता' का भाव।
Answer: 'मिलइ न जगत सहोदर भ्राता': संसार में सगा भाई दोबारा नहीं मिलता।
Memory hook: धन-घर मिल जाएँगे, भाई नहीं।
निराशा के बीच अचानक उम्मीद
मान लीजिए किसी क्रिकेट मैच में टीम हार के किनारे पर है और दर्शक उदास हैं, तभी एक खिलाड़ी लगातार चौके लगाकर माहौल बदल देता है।
यह स्थिति 'जिमि करुना मँह बीर रस' से कैसे मेल खाती है?
Try it first, then show the solutionSolution
- उदासी = करुण रस।
- खिलाड़ी का आना और जोश = वीर रस का संचार।
Answer: जैसे करुणा के बीच वीर रस आता है, वैसे ही उदासी के बीच जोश का संचार हुआ।
Memory hook: शोक में जोश: करुण में वीर।
Tricks to remember लक्ष्मण-मूर्छा: राम का विलाप और भ्रातृ-प्रेम
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
तीन दीनताएँ
पंख बिना पक्षी, मणि बिना साँप, सूँड़ बिना हाथी: जो अंग उनकी पहचान है, उसके बिना दीन।
Use it when: उदाहरण पूछने पर तीनों क्रम से लिखें।
त्याग की सूची
माता-पिता छोड़े; सर्दी, धूप, आँधी सही: लक्ष्मण का त्याग दो बातों में।
Use it when: भ्रातृ-प्रेम के उत्तर में पहला बिंदु।
लक्ष्मण-मूर्छा: राम का विलाप और भ्रातृ-प्रेम: solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: भाषा और छंद · 1 mark · MCQBoard level
'जथा पंख बिनु खग अति दीना' पंक्ति किस भाषा और छंद में है?
(क) ब्रजभाषा, कवित्त
(ख) अवधी, चौपाई
(ग) खड़ी बोली, मुक्त छंद
(घ) अवधी, सवैया
Try it first, then show the solutionSolution
- यह रामचरितमानस के लंका कांड का अंश है, जिसकी भाषा अवधी है।
- इसमें दोहा-चौपाई-सोरठा छंद हैं; यह पंक्ति चौपाई की है।
Answer: (ख) अवधी, चौपाई।
Example 2: सहोदर भाई · 2 marks · Short answerHarder board level
'मिलइ न जगत सहोदर भ्राता' में राम किस बात पर बल देते हैं और क्यों? (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- पुत्र, धन, स्त्री और घर-परिवार बार-बार मिल सकते हैं।
- सगा भाई दोबारा नहीं मिलता, इसलिए वह सबसे दुर्लभ है।
Answer: राम कहते हैं कि पुत्र, धन, स्त्री और घर जैसी वस्तुएँ संसार में बार-बार मिल सकती हैं, पर सगा भाई दोबारा नहीं मिल सकता। इस कथन से वे लक्ष्मण के प्रति अपने गहरे भ्रातृ-प्रेम और भाई की अपूरणीयता पर बल देते हैं।
Example 3: राम का मानवीय रूप · 3 marks · Long answerHarder board level
राम के विलाप में उनके मानवीय रूप को पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए (लगभग 60 शब्द)।
Try it first, then show the solutionSolution
- मनुष्य की तरह विलाप और आँसू।
- पश्चात्ताप और लोक-लज्जा की चिंता।
- तुलसी की 'नर गति' की व्याख्या।
Answer: राम ईश्वर होते हुए भी साधारण मनुष्य की तरह मूर्छित लक्ष्मण को हृदय से लगाकर विलाप करते हैं और उनके कमल जैसे नेत्रों से आँसू बहते हैं। वे पश्चात्ताप करते हैं कि भाई से बिछुड़ना होता तो पिता का वचन भी न मानते, और अयोध्या तथा सुमित्रा को उत्तर देने की चिंता करते हैं। तुलसी इसे 'नर गति' कहते हैं, यानी प्रभु की मानवीय लीला।
Example 4: उदाहरणों की सार्थकता · 3 marks · Long answerHarder board level
राम ने अपने जीवन की दीनता बताने के लिए पक्षी, साँप और हाथी के ही उदाहरण क्यों चुने? इन उदाहरणों की सार्थकता स्पष्ट कीजिए (लगभग 60 शब्द)।
Try it first, then show the solutionSolution
- प्रत्येक के पास एक पहचान वाला अंग है: पंख, मणि, सूँड़।
- उसके बिना वे असहाय हैं।
- लक्ष्मण राम के लिए वही अंग हैं।
Answer: पक्षी के लिए पंख, साँप के लिए मणि और हाथी के लिए सूँड़ वे अंग हैं जिनके बिना उनकी शक्ति और पहचान अधूरी रह जाती है। इन उदाहरणों से राम बताते हैं कि लक्ष्मण के बिना वे भी इसी प्रकार असहाय और दीन हो जाएँगे। उदाहरण लोक-परिचित हैं, इसलिए भाव तुरंत समझ में आता है।
Example 5: नारि हानि बिसेष छति नाहीं · 3 marks · Long answerHOTS / competency
कुछ विद्यार्थी 'नारि हानि बिसेष छति नाहीं' का अर्थ 'राम सीता का सम्मान नहीं करते' लिखते हैं। क्या यह अर्थ उचित है? प्रसंग के आधार पर तर्क दीजिए (लगभग 60 शब्द)।
Try it first, then show the solutionSolution
- प्रसंग: राम शोक की चरम अवस्था में हैं।
- कथन तुलनात्मक है: अपयश सह लूँगा, पर भाई की हानि असह्य है।
- इसे भ्रातृ-प्रेम की तीव्रता का अतिरेक मानना चाहिए।
Answer: यह अर्थ उचित नहीं है। राम शोक की चरम अवस्था में हैं और भाई की हानि की तुलना में अन्य क्षतियाँ उन्हें छोटी लग रही हैं। वे कहते हैं कि अपयश सह लेंगे, पर भाई का वियोग असह्य है। कथन भ्रातृ-प्रेम की तीव्रता का अतिरेक है, सीता के प्रति अनादर का प्रमाण नहीं।
Where students lose marks in लक्ष्मण-मूर्छा: राम का विलाप और भ्रातृ-प्रेम
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: राम के शोक को ईश्वरीय लीला मात्र लिख देना
पाठ में राम का मानवीय भाव प्रमुख है; 'नर गति' का उल्लेख भी करना होता है।
Wrong working
राम तो ईश्वर हैं, वे विलाप का नाटक कर रहे थे।
Right working
राम साधारण मनुष्य की तरह विलाप करते हैं; तुलसी इसे प्रभु की 'नर गति' कहते हैं।
Do this: भाव के प्रमाण दें, फिर लीला का उल्लेख करें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: 'नारि हानि' वाली पंक्ति का गलत अर्थ
यह शोक की चरम अवस्था में भ्रातृ-प्रेम का अतिरेक है।
Do this: पंक्ति का प्रसंग लिखकर अर्थ दें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: छंद और भाषा में चूक
यह अंश अवधी और चौपाई में है।
Do this: ब्रज-अवधी भेद याद रखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: उदाहरण गिनाना, पर उनका आशय न लिखना
तीन उदाहरणों का सार 'आवश्यक अंग के बिना दीनता' है।
Do this: उदाहरण के बाद एक पंक्ति में आशय जोड़ें।
Usually costs: 1 अंक
Exam tips
- भ्रातृ-प्रेम के उत्तर में कम से कम चार बिंदु लिखें: त्याग, पश्चात्ताप, दुर्लभता, उदाहरण।
- 'करुना मँह बीर रस' को उपमा और रस-परिवर्तन दोनों रूपों में समझाएँ।
- भाषा-छंद का भेद याद रखें: मानस = अवधी, चौपाई; कवितावली = ब्रज, कवित्त।
- विलाप के प्रश्न में शोक के साथ राम की लोक-लज्जा और उत्तरदायित्व का भी उल्लेख करें।
- चौपाई की पंक्तियाँ शुद्ध वर्तनी में उद्धृत करें।
Practice questions on लक्ष्मण-मूर्छा: राम का विलाप और भ्रातृ-प्रेम
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
'जिमि करुना मँह बीर रस' में कौन-सा अलंकार है और 'करुना' के बीच किसका आगमन दिखाया गया है?
(क) रूपक; शृंगार
(ख) उपमा; वीर रस
(ग) यमक; हास्य
(घ) अनुप्रास; शांतHint
'जिमि' वाचक शब्द है।
Answer
(ख) उपमा; हनुमान के आगमन की तुलना करुण रस में वीर रस के आगमन से की गई है।
Q2 · 2 marks · Short answerBoard level
राम लक्ष्मण के किन दो त्यागों को याद करते हैं? (लगभग 40 शब्द)
Hint
माता-पिता और वन की कठिनाइयाँ।
Answer
राम याद करते हैं कि लक्ष्मण ने उनके हित के लिए माता-पिता का साथ छोड़ा और वन में सर्दी, धूप और आँधी जैसे कष्ट सहे। वे कहते हैं कि लक्ष्मण उन्हें कभी दुखी नहीं देख सकते थे।
Q3 · 3 marks · Long answerHarder board level
राम का 'जैहउँ अवध कवन मुहुँ लाई' कहना उनकी किस चिंता को प्रकट करता है? दो बिंदुओं में लिखिए (लगभग 60 शब्द)।
Hint
अयोध्या और सुमित्रा।
Answer
इस कथन में राम की दो चिंताएँ प्रकट होती हैं। पहली, पत्नी के हरण के कारण प्रिय भाई को खो देने के बाद अयोध्या के लोगों को वे कौन-सा मुँह दिखाएँगे। दूसरी, सुमित्रा को वे क्या उत्तर देंगे, जिनके पुत्र को वे अपने साथ वन ले आए थे। इससे उनका उत्तरदायित्व-बोध और ग्लानि झलकती है।
Q4 · 3 marks · Long answerHarder board level
इस अंश में करुण रस का परिपाक किन उपादानों से हुआ है? तीन उपादान उदाहरण सहित लिखिए (लगभग 60 शब्द)।
Hint
आँसू, विलाप-वचन, पंख-मणि-सूँड़ की उपमाएँ।
Answer
करुण रस के तीन मुख्य उपादान हैं। पहला, राम के कमल-नेत्रों से बहते आँसू। दूसरा, विलाप-वचन, जैसे 'मम हित लागि तजेहु पितु माता'। तीसरा, पंख-रहित पक्षी, मणि-रहित साँप और सूँड़-रहित हाथी जैसे उदाहरण, जो राम की असहायता दिखाते हैं। इनके मेल से शोक का वातावरण गहरा बनता है।
Q5 · 3 marks · Long answerHOTS / competency
अंश में हनुमान के आगमन को 'करुण में वीर रस' कहा गया है। यदि यह उपमा हटा दी जाए तो काव्य-प्रभाव में क्या अंतर आएगा? अपना मत लिखिए (लगभग 60 शब्द)।
Hint
तनाव का अचानक शमन; भावनात्मक संतुलन।
Answer
यदि यह उपमा न हो तो हनुमान के आगमन की सूचना केवल घटना रह जाएगी। इस उपमा से पाठक अनुभव करता है कि शोक के घने अंधेरे में अचानक उत्साह और आशा का संचार हुआ। यह भावनात्मक परिवर्तन ही प्रसंग को प्रभावी बनाता है, इसलिए उपमा काव्य-प्रभाव के लिए आवश्यक है।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.राम किसके लिए विलाप करते हैं?Show answer
शक्ति-बाण से मूर्छित अपने भाई लक्ष्मण के लिए।
2.राम के अनुसार संसार में क्या दोबारा नहीं मिलता?Show answer
सगा भाई।
3.राम ने अपने जीवन की दीनता के लिए कौन-से तीन उदाहरण दिए?Show answer
पंख-रहित पक्षी, मणि-रहित साँप और सूँड़-रहित हाथी।
4.हनुमान का आगमन किस रस से तुलनीय बताया गया है?Show answer
करुण रस में वीर रस के आगमन से।
5.इस अंश की भाषा और छंद कौन-से हैं?Show answer
अवधी; चौपाई, दोहा और सोरठा।
लक्ष्मण-मूर्छा: राम का विलाप और भ्रातृ-प्रेम: frequently asked questions
यह अंश तुलसीदास की किस रचना से है?
रामचरितमानस के लंका कांड से।
'नर गति' का क्या आशय है?
प्रभु का भक्तों के लिए साधारण मनुष्य जैसी लीला दिखाना।
लक्ष्मण को किसने स्वस्थ किया?
संजीवनी लेकर आए हनुमान की सहायता से वैद्य (सुषेण) के उपचार से लक्ष्मण हँसते हुए उठ बैठे।
कुंभकर्ण का प्रसंग परीक्षा में कितना महत्त्वपूर्ण है?
यह इस अंश के अंत का संक्षिप्त प्रसंग है; मुख्य प्रश्न राम के विलाप और भ्रातृ-प्रेम पर आते हैं।