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HindiCBSE Class 10 · साना-साना हाथ जोड़ि...

साना-साना हाथ जोड़ि... (कृतिका भाग 2): पहाड़ी श्रमिक स्त्रियाँ और लेखिका की संवेदना

Updated 17 October 2026 · Fact-checked

सिक्किम की यात्रा-वृत्तांत में लेखिका पहाड़ों के स्वर्गीय सौंदर्य के बीच पत्थर तोड़ती पहाड़ी स्त्रियाँ और स्कूल से लौटते बच्चे देखती है। वह पलामू और गुमला की आदिवासी युवतियों को याद करती है और कहती है, 'सारी मलाई एक तरफ़; सारे आँसू, अभाव, यातना और वंचना एक तरफ़!' पाठ पर्यटन के आनंद के साथ श्रम के संघर्ष, प्रकृति के संरक्षण और देश की एकात्मकता की संवेदना जगाता है।

देखिए, सुंदर पहाड़ों से ज़्यादा भारी पलड़ा श्रमिक स्त्रियों के आँसू और अभाव का है; यही लेखिका की संवेदना है।

Illustration drawn for QuestionBuddy.

Understand साना-साना हाथ जोड़ि...: पहाड़ी श्रमिक स्त्रियाँ और लेखिका की संवेदना

रात में जगमगाता गैंगटॉक लेखिका को ऐसा लगता है मानो आसमान उलटा पड़ा हो और तारे नीचे टिमटिमा रहे हों। उसके होंठों पर वह प्रार्थना आती है जो उसने एक नेपाली युवती से सीखी थी: 'साना-साना हाथ जोड़ि...'। ड्राइवर-कम-गाइड जितेन नार्गे के साथ वह यूमथांग के लिए निकलती है।

यात्रा के मोड़। रास्ते में सफ़ेद बौद्ध पताकाएँ दिखती हैं। जितेन बताता है कि किसी बौद्ध की मृत्यु पर एक सौ आठ श्वेत पताकाएँ लगती हैं और नए कार्य की शुरुआत पर रंगीन। कवी-लोंग स्टॉक में घूमता धर्म चक्र देखकर लेखिका सोचती है कि मैदान हो या पहाड़, देश की आस्थाएँ एक जैसी हैं। सेवन सिस्टर्स झरने में पाँव डुबोकर उसे लगता है कि भीतर की बुराइयाँ बह गईं।

श्रमिक स्त्रियाँ। तभी पत्थर तोड़ती पहाड़ी औरतें दिखती हैं, जिनकी पीठ पर डोको में बच्चे बँधे हैं। बी.आर.ओ. का कर्मचारी बताता है कि ये रास्ते चौड़े कर रही हैं और पिछले महीने एक की जान भी गई। लेखिका को पलामू और गुमला की आदिवासी युवतियाँ याद आती हैं। वह सोचती है कि ये स्त्रियाँ कम लेकर समाज को बहुत अधिक लौटाती हैं।

बच्चे और प्रकृति। स्कूल से लौटते पहाड़ी बच्चे लिफ़्ट माँगते हैं; वे रोज़ लगभग तीन-साढ़े तीन किलोमीटर चढ़कर स्कूल जाते हैं और शाम को मवेशी चराते, पानी भरते, लकड़ियाँ ढोते हैं। लायुंग में तिस्ता के किनारे लेखिका को लगता है कि हमारी पीढ़ी ने प्रकृति की लय, ताल और गति से खिलवाड़ किया है। लायुंग में बर्फ़ नहीं मिलती; एक युवक बताता है कि प्रदूषण से स्नो-फॉल घट रहा है।

सैनिक और सीख। कटाओ में घुटनों तक बर्फ़ है; मणि हिमशिखरों को एशिया के 'जल स्तंभ' कहती है। फ़ौजी छावनियाँ देखकर लेखिका सैनिकों के त्याग से उदास होती है। चिप्स बेचती युवती स्वयं को 'इंडियन' बताती है। लौटते समय जितेन गुरुनानक के पदचिह्न वाले पत्थर, खेदुम और कैप्टन शेखर दत्ता के बारे में बताता है। लेखिका सोचती है कि मनुष्य की असमाप्त खोज का नाम ही सौंदर्य है।

परीक्षा में श्रमिक स्त्रियों, बच्चों, प्रदूषण और पाठ के शीर्षक/संदेश पर 4 अंक के प्रश्न आते हैं।

साना-साना हाथ जोड़ि...: पहाड़ी श्रमिक स्त्रियाँ और लेखिका की संवेदना: key facts

पाठ के तीन चित्र
सौंदर्यझरने, हिमालय
श्रमपत्थर तोड़ती स्त्रियाँ
संकटप्रदूषण, घटती बर्फ़
संतुलित उत्तर के लिए तीनों।
संवेदना के प्रसंग
  • पत्थर तोड़ती स्त्रियाँ
  • पैदल स्कूल जाते बच्चे
  • सैनिकों का त्याग
  • चिप्स बेचती युवती
चारों में से तीन उदाहरण।
प्रमुख कथन
  • सारी मलाई एक तरफ़
  • कम लेकर समाज को अधिक लौटाना
  • प्रकृति की लय से खिलवाड़
  • नहीं मैं इंडियन हूँ
कथन के साथ प्रसंग लिखें।

साना-साना हाथ जोड़ि...: पहाड़ी श्रमिक स्त्रियाँ और लेखिका की संवेदना in real life

The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

सुविधा बनाम श्रम

मान लीजिए पहाड़ पर घूमने गए पर्यटक होटल की सुविधाओं का आनंद लेते हैं, जबकि होटल के पीछे सड़क पर पत्थर ढोने वाली स्त्रियाँ कड़ी धूप में काम करती हैं।

यह लेखिका के किस कथन से मेल खाता है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. पर्यटकों का सुख = सारी मलाई।
  2. मज़दूर स्त्रियों का कष्ट = आँसू, अभाव, यातना।

Answer: 'सारी मलाई एक तरफ़; सारे आँसू, अभाव, यातना और वंचना एक तरफ़!'

Memory hook: सुख किसी का, श्रम किसी का: यही असमानता है।

घटती बर्फ़

मान लीजिए किसी पर्वतीय क्षेत्र के स्थानीय लोग बताते हैं कि हर साल बर्फ़बारी कम हो रही है और पानी के स्रोत सूख रहे हैं।

यह पाठ के किस संदेश से जुड़ता है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. घटती बर्फ़ = लायुंग में बर्फ़ न मिलना।
  2. कारण = प्रदूषण।
  3. चेतावनी = प्रकृति की लय से खिलवाड़।

Answer: प्रकृति-संरक्षण के संदेश से।

Memory hook: बर्फ़ जब कम हो, तब सोचो कारण क्या।

Tricks to remember साना-साना हाथ जोड़ि...: पहाड़ी श्रमिक स्त्रियाँ और लेखिका की संवेदना

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • सौ-श्र-सं

    सौंदर्य, श्रम, संकट: पाठ के तीन चित्र।

    Use it when: संदेश-प्रश्न में।

  • मलाई-आँसू

    सुविधा-भोगी बनाम श्रमजीवी का विरोध याद रखने के लिए।

    Use it when: असमानता वाले प्रश्न में।

साना-साना हाथ जोड़ि...: पहाड़ी श्रमिक स्त्रियाँ और लेखिका की संवेदना: solved examples

Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.

Example 1: प्रार्थना · 1 mark · MCQBoard level

लेखिका के होंठों पर कौन-सी प्रार्थना आती है?
(क) साना-साना हाथ जोड़ि (ख) ओम जय जगदीश (ग) हे प्रभु (घ) गायत्री मंत्र

Try it first, then show the solutionSolution
  1. पाठ का शीर्षक ही प्रार्थना की पंक्ति है।

Answer: (क) साना-साना हाथ जोड़ि...।

Example 2: पताकाओं का अर्थ · 2 marks · Short answerBoard level

जितेन के अनुसार सफ़ेद और रंगीन पताकाएँ क्या सूचित करती हैं? (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. एक सौ आठ पताकाएँ याद करें।

Answer: जितेन के अनुसार किसी बौद्ध की मृत्यु पर एक सौ आठ श्वेत पताकाएँ लगाई जाती हैं, जबकि किसी नए कार्य की शुरुआत पर रंगीन पताकाएँ लगाई जाती हैं।

Example 3: पहाड़ी स्त्रियाँ · 4 marks · Long answerHarder board level

पत्थर तोड़ती पहाड़ी स्त्रियों को देखकर लेखिका के मन में क्या विचार आते हैं? पाठ के आधार पर 50-60 शब्दों में लिखिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. डोको में बँधे बच्चे और पलामू-गुमला की याद।

Answer: पीठ पर डोको में बच्चे बाँधे पत्थर तोड़ती स्त्रियों को देखकर लेखिका को पलामू और गुमला की आदिवासी युवतियाँ याद आती हैं। वह सोचती है कि सुंदर पहाड़ों का आनंद इन स्त्रियों के कठिन श्रम पर टिका है, और ये समाज से कम लेकर उसे बहुत अधिक लौटाती हैं।

Example 4: प्रदूषण का संकेत · 4 marks · Long answerHarder board level

लायुंग और कटाओ के प्रसंग के आधार पर पाठ में प्रकृति-संरक्षण के संदेश को 50-60 शब्दों में स्पष्ट कीजिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. लायुंग में बर्फ़ न मिलना।
  2. प्रकृति की लय से खिलवाड़।

Answer: लायुंग में बर्फ़ न मिलने पर एक युवक बताता है कि प्रदूषण से स्नो-फॉल घट रहा है। लेखिका मानती है कि हमारी पीढ़ी ने प्रकृति की लय, ताल और गति से खिलवाड़ किया है। कटाओ में मणि हिमशिखरों को एशिया के जल स्तंभ कहती है, इसलिए प्रकृति और हिमालय की रक्षा आवश्यक है।

Example 5: पर्यटन और श्रम का द्वंद्व · 4 marks · Long answerHOTS / competency

पाठ में सौंदर्य-बोध और सामाजिक संवेदना दोनों साथ चलते हैं। इस कथन की पुष्टि पाठ के उदाहरणों से 50-60 शब्दों में कीजिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. झरने का आनंद और पत्थर तोड़ती स्त्रियाँ दोनों उदाहरण लें।

Answer: लेखिका सेवन सिस्टर्स झरने और हिमालय के सौंदर्य में डूबती है, पर तुरंत पत्थर तोड़ती स्त्रियों और पैदल स्कूल जाते बच्चों की कठिनाइयाँ भी देखती है। इस तरह पाठ सौंदर्य-बोध के साथ श्रमिकों के प्रति संवेदना का संतुलन दिखाता है, जिससे यात्रा-वृत्त सामाजिक सरोकार भी जगाता है।

Where students lose marks in साना-साना हाथ जोड़ि...: पहाड़ी श्रमिक स्त्रियाँ और लेखिका की संवेदना

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: पाठ को केवल पर्यटन-वर्णन बताना

    सामाजिक संवेदना मुख्य पक्ष है।

    Wrong working

    यह पाठ सिक्किम की सुंदरता का वर्णन है।

    Right working

    यह पाठ सौंदर्य के साथ श्रमिकों के संघर्ष और प्रकृति-संरक्षण का संदेश देता है।

    Do this: तीनों चित्र लिखें।

    Usually costs: 2 अंक

  • Mistake: प्रसंग के बिना कथन उद्धृत करना

    कथन किस संदर्भ में है, यह बताना ज़रूरी है।

    Wrong working

    'सारी मलाई एक तरफ़' लेखिका ने कहा।

    Right working

    पत्थर तोड़ती स्त्रियों को देखकर लेखिका ने असमानता पर यह कथन कहा।

    Do this: कथन + प्रसंग।

    Usually costs: 1-2 अंक

  • Mistake: तथ्यों में गड़बड़ी (संख्या/नाम)

    एक सौ आठ, तीन-साढ़े तीन किलोमीटर जैसे तथ्य पाठ से ही लें।

    Wrong working

    एक सौ पताकाएँ।

    Right working

    एक सौ आठ श्वेत पताकाएँ।

    Do this: तथ्य दोबारा जाँचें।

    Usually costs: 1 अंक

Exam tips

  • संदेश वाले प्रश्न में सौंदर्य, श्रम और प्रकृति-संरक्षण तीनों जोड़ें।
  • श्रमिक स्त्रियों के प्रसंग में डोको, बी.आर.ओ. और पलामू-गुमला का उल्लेख करें।
  • प्रमुख कथन उद्धृत करते समय पूरा संदर्भ लिखें।
  • 4 अंक के प्रश्न में 50-60 शब्द: प्रसंग, विचार, निष्कर्ष।
  • देश की एकात्मकता (धर्म चक्र, 'नहीं मैं इंडियन हूँ') भी याद रखें।

Practice questions on साना-साना हाथ जोड़ि...: पहाड़ी श्रमिक स्त्रियाँ और लेखिका की संवेदना

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 1 mark · MCQBoard level

    जितेन नार्गे कौन है?
    (क) शिक्षक (ख) ड्राइवर-कम-गाइड (ग) सैनिक (घ) दुकानदार

    Hint

    यात्रा के साथी को याद करें।

    Answer

    (ख) ड्राइवर-कम-गाइड।

  2. Q2 · 1 mark · Assertion-reasonHarder board level

    कथन (A): लेखिका मानती है कि मैदान हो या पहाड़, इस देश की आस्थाएँ और विश्वास एक जैसे हैं।
    कारण (R): कवी-लोंग स्टॉक में घूमता धर्म चक्र देखकर उसे मैदानों की मान्यताओं जैसी ही मान्यता दिखती है।
    (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
    (ख) A और R दोनों सही हैं पर R, A की व्याख्या नहीं
    (ग) A सही है, R गलत
    (घ) A गलत है, R सही

    Hint

    धर्म चक्र के प्रसंग को देखें।

    Answer

    (क) पहाड़ और मैदान की समान आस्था इस कथन का आधार है।

  3. Q3 · 4 marks · Long answerHarder board level

    पहाड़ी बच्चों के जीवन-संघर्ष का वर्णन पाठ के आधार पर 50-60 शब्दों में कीजिए।

    Hint

    स्कूल, चढ़ाई, घर के काम।

    Answer

    पहाड़ी बच्चे रोज़ तीन-साढ़े तीन किलोमीटर की चढ़ाई चढ़कर स्कूल जाते हैं और लौटते समय लिफ़्ट माँगते हैं। शाम को वे मवेशी चराते, पानी भरते और लकड़ियाँ ढोते हैं। इससे उनके कठिन जीवन-संघर्ष, परिश्रम और सहनशीलता का पता चलता है, जबकि वे फिर भी पढ़ाई जारी रखते हैं।

  4. Q4 · 4 marks · Long answerHarder board level

    'कितना कम लेकर ये समाज को कितना अधिक वापस लौटा देती हैं' का आशय स्पष्ट कीजिए। (50-60 शब्द)

    Hint

    श्रमिक स्त्रियों का योगदान और उनका पारिश्रमिक।

    Answer

    इस कथन का आशय है कि पहाड़ी श्रमिक स्त्रियाँ थोड़े से पारिश्रमिक में रास्ते बनाने जैसा कठिन कार्य करती हैं, जिससे पूरे समाज को लाभ मिलता है। लेखिका उनके त्याग और परिश्रम का सम्मान करती है और समाज की उदासीनता पर संकेत करती है। उनका श्रम दिखता कम है, पर उपयोगी बहुत है।

  5. Q5 · 4 marks · Long answerHOTS / competency

    यदि लेखिका केवल पर्यटक की दृष्टि से यात्रा करती, तो पाठ का स्वरूप कैसे बदलता? अपना मत तर्क सहित लिखिए। (50-60 शब्द)

    Hint

    श्रमिक स्त्रियों और सैनिकों की संवेदना पर विचार करें।

    Answer

    तब पाठ केवल सुंदर दृश्यों का वर्णन बनकर रह जाता और श्रमिक स्त्रियों, सैनिकों व बच्चों की कठिनाइयाँ दर्ज न होतीं। प्रकृति-संरक्षण और देश की एकात्मकता जैसे विचार भी कम उभरते। लेखिका की संवेदना ही इसे मात्र यात्रा-वृत्त से ऊपर उठाकर सामाजिक सरोकार वाला पाठ बनाती है।

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.साना साना हाथ जोड़ि की लेखिका कौन हैं?Show answer

    मधु कांकरिया।

  2. 2.जितेन का पूरा नाम क्या है?Show answer

    जितेन नार्गे।

  3. 3.पहाड़ी स्त्रियाँ बच्चों को कहाँ बाँधती हैं?Show answer

    पीठ पर डोको में।

  4. 4.एक सौ आठ श्वेत पताकाएँ कब लगती हैं?Show answer

    किसी बौद्ध की मृत्यु पर।

  5. 5.मणि हिमशिखरों को क्या कहती है?Show answer

    एशिया के जल स्तंभ।

साना-साना हाथ जोड़ि...: पहाड़ी श्रमिक स्त्रियाँ और लेखिका की संवेदना: frequently asked questions

पाठ किस विधा का है?

यात्रा-वृत्तांत।

लेखिका ने पहाड़ी स्त्रियों की तुलना किनसे की?

पलामू और गुमला की आदिवासी युवतियों से।

पाठ का मुख्य संदेश क्या है?

सौंदर्य के साथ श्रम, संघर्ष और प्रकृति की रक्षा का बोध।

परीक्षा में कैसे प्रश्न आते हैं?

कृतिका से 50-60 शब्दों के 4 अंक के प्रश्न।