Skip to content
HindiCBSE Class 10 · स्वयं प्रकाश – नेताजी का चश्मा

नेताजी का चश्मा (स्वयं प्रकाश): कैप्टन चश्मेवाले का चरित्र और सच्ची देशभक्ति

Updated 17 October 2026 · Fact-checked

'नेताजी का चश्मा' में कैप्टन चश्मेवाला एक साधारण, बूढ़ा, लँगड़ा फेरीवाला है जो नेताजी की बिना चश्मे वाली मूर्ति पर अपने बेचे हुए चश्मे के बदले दूसरा फ्रेम लगा देता है। उसका यह काम नेताजी के प्रति उसकी श्रद्धा और सच्ची देशभक्ति दिखाता है, भले ही पानवाला उसका मज़ाक उड़ाए। उसकी मृत्यु के बाद मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा देखकर हालदार साहब भावुक हो जाते हैं, जो नई पीढ़ी में देशप्रेम की आशा है।

Notice that the captain's small daily act shows real patriotism, and the child's reed glasses give hope that the next generation will carry it on.

Illustration drawn for QuestionBuddy.

Understand नेताजी का चश्मा: कैप्टन का चरित्र और सच्ची देशभक्ति

कहानी का आरंभ यह है कि कंपनी के काम से हालदार साहब हर पंद्रहवें दिन एक छोटे कस्बे से गुज़रते हैं। कस्बे की नगरपालिका ने मुख्य चौराहे पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस की संगमरमर की छोटी मूर्ति लगवाई थी। लेखक का अनुमान है कि बजट कम और समय कम होने के कारण यह काम कस्बे के हाई स्कूल के ड्राइंग मास्टर मोतीलाल जी को दिया गया होगा।

मूर्ति सुंदर थी, पर पत्थर का चश्मा नहीं था। उसकी जगह एक असली, काले चौड़े फ्रेम वाला चश्मा पहनाया गया था। हालदार साहब पान खाते हुए यह देखकर मुसकरा उठे और उन्हें लगा कि महत्त्व मूर्ति के रूप का नहीं, उसके पीछे की भावना का है। हर बार गुज़रने पर उन्हें मूर्ति पर नया चश्मा दिखता। पूछने पर पानवाले ने बताया कि यह काम कैप्टन चश्मेवाला करता है। जब किसी ग्राहक को मूर्ति वाला फ्रेम चाहिए होता, तो वह उसे उतारकर बेच देता और मूर्ति पर दूसरा फ्रेम लगा देता।

हालदार साहब ने पूछा कि क्या कैप्टन नेताजी का साथी या आज़ाद हिंद फ़ौज का सिपाही है। पानवाले ने उसका मज़ाक उड़ाकर उसे लँगड़ा और पागल कहा। हालदार साहब को यह बुरा लगा। उन्होंने देखा कि कैप्टन बहुत बूढ़ा, मरियल, लँगड़ा आदमी है, जो गांधी टोपी पहने बाँस पर चश्मे टाँगकर फेरी लगाता है।

दो साल बाद एक दिन मूर्ति पर कोई चश्मा नहीं था। पानवाले ने आँखें पोंछते हुए बताया कि कैप्टन मर गया। हालदार साहब दुखी होकर सोचते रहे कि उस कौम का क्या होगा जो देश के लिए सब कुछ देने वालों पर हँसती है। पंद्रह दिन बाद वे चौराहे पर रुके और मूर्ति के सामने अटेंशन में खड़े हो गए। मूर्ति पर बच्चों द्वारा बनाया-सा सरकंडे का छोटा चश्मा रखा था। यह देखकर उनकी आँखें भर आईं।

परीक्षा में कैप्टन के गुण, पानवाले और हालदार साहब की प्रतिक्रियाओं का अंतर, चश्मे का प्रतीकार्थ और कहानी के अंत का संदेश पूछे जाते हैं।

नेताजी का चश्मा: कैप्टन का चरित्र और सच्ची देशभक्ति: key facts

कैप्टन के गुण
  • देशभक्त
  • स्वाभिमानी
  • नेताजी के प्रति श्रद्धा
  • गरीबी में भी भावना
  • मूर्ति की देखभाल
चरित्र-प्रश्न में गुण के साथ घटना लिखें।
प्रतीक
मूर्ति का चश्मा: साधारण नागरिकों की देशभक्ति | सरकंडे का चश्मा: नई पीढ़ी का देशप्रेम और आशा
प्रतीक + अर्थ।
तीन दृष्टिकोण
हालदार साहबसंवेदनशील
पानवालाउपहास
कैप्टनसमर्पण
तुलना-प्रश्न में तीनों का एक-एक कथन।

नेताजी का चश्मा: कैप्टन का चरित्र और सच्ची देशभक्ति in real life

The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

छोटा काम, बड़ी भावना

मान लीजिए मोहल्ले का एक बूढ़ा चौकीदार हर सुबह चौक की गांधी-प्रतिमा की सफ़ाई करता है और पास में गुज़रते लोग उसे पागल कहकर हँसते हैं, पर एक राहगीर उसे देखकर भावुक हो जाता है।

इसकी तुलना पाठ के किन पात्रों से होगी?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. चौकीदार = कैप्टन चश्मेवाला।
  2. हँसने वाले लोग = पानवाला।
  3. भावुक राहगीर = हालदार साहब।

Answer: तीनों पात्रों से; श्रद्धा, उपहास और संवेदना का भेद।

Memory hook: भावना बड़ी, काम छोटा हो, तो भी देशभक्ति कम नहीं।

नई पीढ़ी का देशप्रेम

मान लीजिए जब एक विद्यालय के सफ़ाई-कर्मी की सेवानिवृत्ति होती है तो बच्चे मिलकर उसके लिए हाथों से बनाया कार्ड रख जाते हैं।

यह कहानी के किस अंत से मेल खाता है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. सफ़ाईकर्मी के बाद कार्ड = कैप्टन के बाद सरकंडे का चश्मा।
  2. बच्चों का भाव = नई पीढ़ी का देशप्रेम।

Answer: अंतिम दृश्य से; आशा का संदेश।

Memory hook: बच्चों के हाथों में आस, यही कहानी का अंतिम विश्वास।

Tricks to remember नेताजी का चश्मा: कैप्टन का चरित्र और सच्ची देशभक्ति

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • चश्मा = श्रद्धा

    चश्मा लगाना श्रद्धा, उतारना बिक्री की मजबूरी, सरकंडा आशा।

    Use it when: प्रतीक के प्रश्न में।

  • हा-पा-कै

    हालदार (संवेदना), पानवाला (उपहास), कैप्टन (समर्पण): तीन दृष्टिकोण।

    Use it when: तुलना-प्रश्न में।

नेताजी का चश्मा: कैप्टन का चरित्र और सच्ची देशभक्ति: solved examples

Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.

Example 1: मूर्ति किसकी थी · 1 mark · MCQBoard level

कस्बे के चौराहे पर किसकी मूर्ति लगी थी?
(क) गांधी (ख) नेहरू (ग) सुभाषचंद्र बोस (घ) भगत सिंह

Try it first, then show the solutionSolution
  1. शीर्षक में संकेत है।

Answer: (ग) सुभाषचंद्र बोस।

Example 2: चश्मा बदलने का कारण · 2 marks · Short answerBoard level

कैप्टन नेताजी की मूर्ति पर बार-बार चश्मा क्यों बदलता था? (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. मूर्ति पर पत्थर का चश्मा नहीं था।
  2. ग्राहक चश्मा खरीद लेते थे।

Answer: मूर्ति पर पत्थर का चश्मा नहीं था; कैप्टन नेताजी को बिना चश्मे के नहीं देख सकता था। जब ग्राहक मूर्ति वाला फ्रेम खरीद लेता, तो वह दूसरा फ्रेम पहना देता।

Example 3: पानवाले का दृष्टिकोण · 2 marks · Short answerHarder board level

पानवाले ने कैप्टन के बारे में क्या कहा और हालदार साहब की प्रतिक्रिया क्या थी? (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. पानवाला उपहास करता है।

Answer: पानवाले ने कैप्टन को लँगड़ा और पागल कहकर उसका मज़ाक उड़ाया। हालदार साहब को यह बुरा लगा; उन्होंने उसकी भावना का सम्मान किया और देश के प्रति उसकी निष्ठा को समझा।

Example 4: पठित प्रसंग पर आधारित अंश · 5 marks · Source-basedHarder board level

पाठ के भाव पर आधारित अंश (अपने शब्दों में): दो साल बाद एक दिन मूर्ति पर कोई चश्मा नहीं था। पानवाले ने आँखें पोंछते हुए बताया कि कैप्टन मर गया। हालदार साहब दुखी होकर सोचने लगे कि उस कौम का क्या होगा जो देश पर सब कुछ लुटा देने वालों पर हँसती है। कुछ समय बाद उन्होंने मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा देखा।
(i) चश्मा न होना किस बात का संकेत है
(क) कैप्टन का न रहना (ख) चोरी (ग) तूफ़ान (घ) मूर्ति टूटना
(ii) पानवाले का आँखें पोंछना दर्शाता है
(क) उपहास (ख) दुख और बदलता भाव (ग) लापरवाही (घ) क्रोध
(iii) हालदार साहब की चिंता का कारण था
(क) कंपनी का काम (ख) देशभक्तों के प्रति समाज का उपहासपूर्ण रवैया (ग) बजट (घ) मूर्ति का आकार
(iv) सरकंडे का चश्मा किसने रखा होगा
(क) कैप्टन ने (ख) बच्चों ने (ग) नगरपालिका ने (घ) मूर्तिकार ने
(v) सरकंडे का चश्मा क्या प्रतीक है
(क) नई पीढ़ी के देशप्रेम और आशा का (ख) गरीबी का (ग) कला का (घ) बाज़ार का

Try it first, then show the solutionSolution
  1. प्रत्येक उप-प्रश्न 1 अंक का है।

Answer: (i) (क); (ii) (ख); (iii) (ख); (iv) (ख); (v) (क)।

Example 5: अंत का औचित्य · 2 marks · Short answerHOTS / competency

कहानी का अंत सरकंडे के चश्मे पर क्यों होता है? इसका प्रतीकात्मक अर्थ समझाइए। (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. सरकंडा बच्चों से जुड़ा है।
  2. कैप्टन के बाद कौन परंपरा आगे बढ़ाता है?

Answer: अंत दर्शाता है कि कैप्टन के न रहने पर भी देशप्रेम की परंपरा नहीं मरी। बच्चों द्वारा रखा सरकंडे का चश्मा नई पीढ़ी के देशप्रेम और आशा का संकेत है।

Where students lose marks in नेताजी का चश्मा: कैप्टन का चरित्र और सच्ची देशभक्ति

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: कैप्टन को पागल या सनकी लिख देना

    पानवाले का दृष्टिकोण लेखक का नहीं है।

    Wrong working

    कैप्टन पागल था, इसलिए चश्मा बदलता था।

    Right working

    कैप्टन नेताजी का सम्मान करने वाला सच्चा देशभक्त था, इसलिए चश्मा बदलता था।

    Do this: पात्रों के दृष्टिकोण अलग रखें।

    Usually costs: 1-2 अंक

  • Mistake: चश्मे का केवल शाब्दिक अर्थ लिखना

    प्रतीक का अर्थ माँगा जाता है।

    Wrong working

    चश्मा आँखों पर पहना जाता है।

    Right working

    चश्मा श्रद्धा और जनता की देशभक्ति का प्रतीक है।

    Do this: प्रतीक + भाव लिखें।

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: अंत का संदेश छोड़ देना

    कहानी का अंत मुख्य अंक-बिंदु है।

    Wrong working

    अंत में हालदार साहब चले गए।

    Right working

    अंत सरकंडे के चश्मे के रूप में देशप्रेम की निरंतरता का संदेश देता है।

    Do this: अंतिम दृश्य याद रखें।

    Usually costs: 1-2 अंक

Exam tips

  • चरित्र के प्रश्न में गुण के साथ एक घटना लिखें।
  • प्रतीक के प्रश्न में चश्मे के दोनों रूप (असली और सरकंडे का) बताएँ।
  • कहानी के संदेश वाले उत्तर में 'देशभक्ति भावना में है' वाक्य रखें।
  • पानवाले और हालदार साहब के कथनों का अंतर अलग-अलग लिखें।
  • अंत का वर्णन करते समय हालदार साहब की प्रतिक्रिया अवश्य दें।

Practice questions on नेताजी का चश्मा: कैप्टन का चरित्र और सच्ची देशभक्ति

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 1 mark · MCQBoard level

    हालदार साहब कितने दिनों के अंतराल पर कस्बे से गुज़रते थे?
    (क) रोज़ (ख) हर सप्ताह (ग) हर पंद्रहवें दिन (घ) हर महीने

    Hint

    पाठ का आरंभ देखें।

    Answer

    (ग) हर पंद्रहवें दिन।

  2. Q2 · 1 mark · Assertion-reasonHarder board level

    कथन (A): कहानी में कैप्टन को देशभक्त माना गया है।
    कारण (R): वह नेताजी की मूर्ति को बिना चश्मे के नहीं रहने देता।
    (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
    (ख) A और R दोनों सही हैं पर R, A की व्याख्या नहीं
    (ग) A सही है, R गलत
    (घ) A गलत है, R सही

    Hint

    कैप्टन के कार्य को देशभक्ति से जोड़ें।

    Answer

    (क) मूर्ति के प्रति उसकी श्रद्धा ही उसकी देशभक्ति का प्रमाण है।

  3. Q3 · 2 marks · Short answerHarder board level

    'महत्त्व मूर्ति के रंग-रूप का नहीं, उस भावना का है' से लेखक क्या कहना चाहता है? (25-30 शब्द)

    Hint

    देशभक्ति में दिखावा बनाम भावना।

    Answer

    लेखक के अनुसार देशभक्ति दिखावे में नहीं, भावना में है। मूर्ति कैसी भी हो, उसके प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव अधिक महत्त्वपूर्ण है, जो कैप्टन के कार्य में दिखता है।

  4. Q4 · 2 marks · Short answerHarder board level

    पानवाले के उपहास पर कहानी का व्यंग्य किस सामाजिक प्रवृत्ति पर चोट करता है? (25-30 शब्द)

    Hint

    हालदार साहब की चिंता से जोड़ें।

    Answer

    कहानी उस प्रवृत्ति पर चोट करती है जिसमें समाज देश के लिए त्याग करने वालों का सम्मान नहीं करता, बल्कि हँसी उड़ाता है। हालदार साहब का दुख इसी प्रवृत्ति के विरुद्ध है।

  5. Q5 · 2 marks · Short answerHOTS / competency

    क्या कैप्टन को केवल एक चश्मा बेचने वाला कहना उचित है? अपना मत तर्क सहित लिखिए। (25-30 शब्द)

    Hint

    उसके भावनात्मक कार्य को देखें।

    Answer

    यह उचित नहीं, क्योंकि उसने मूर्ति की देखभाल और सम्मान का दायित्व स्वयं लिया था। गरीबी में भी नेताजी की श्रद्धा निभाने वाला वह सच्चा देशभक्त है, केवल व्यापारी नहीं।

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.नेताजी की मूर्ति किसने बनाई थी (कहानी के अनुसार अनुमान)?Show answer

    हाई स्कूल के ड्राइंग मास्टर मोतीलाल जी ने, ऐसा लेखक का अनुमान है।

  2. 2.कैप्टन क्या बेचता था?Show answer

    चश्मे।

  3. 3.मूर्ति पर पत्थर का चश्मा क्यों नहीं था?Show answer

    बनाने वाला बनाना भूल गया, ऐसा पानवाला कहता है।

  4. 4.अंत में मूर्ति पर कौन-सा चश्मा था?Show answer

    सरकंडे का।

  5. 5.लेखक किसके प्रति चिंता जताता है?Show answer

    देशभक्तों का उपहास करने वाले समाज के प्रति।

नेताजी का चश्मा: कैप्टन का चरित्र और सच्ची देशभक्ति: frequently asked questions

'नेताजी का चश्मा' का केंद्रीय भाव क्या है?

देशभक्ति भावना में है और साधारण लोग भी देश के लिए सम्मान रखते हैं।

हालदार साहब किस काम से कस्बे से गुज़रते थे?

कंपनी के काम से।

कहानी किस विधा की है?

कहानी (गद्य विधा)।

परीक्षा में कैसे प्रश्न आते हैं?

गद्यांश के 5 MCQ और 25-30 शब्दों के 2 अंक के प्रश्न।