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HindiCBSE Class 10 · मैं क्यों लिखता हूँ?

मैं क्यों लिखता हूँ? (अज्ञेय): अनुभव, अनुभूति और हिरोशिमा का प्रसंग

Updated 17 October 2026 · Fact-checked

अज्ञेय के अनुसार लेखक अपनी भीतरी विवशता को पहचानने और उससे मुक्त होने के लिए लिखता है। हिरोशिमा के अस्पताल में आहत लोगों को देखना अनुभव था, पर कविता तब नहीं बनी; जले हुए पत्थर पर पड़ी मनुष्य की उजली छाया देखकर उन्हें थप्पड़-सा लगा और वे स्वयं को विस्फोट का भोक्ता अनुभव करने लगे। यह अनुभूति थी, और उसी से भारत लौटकर रेलगाड़ी में उनकी हिरोशिमा कविता जन्मी।

Understand मैं क्यों लिखता हूँ?: अनुभव, अनुभूति और हिरोशिमा का प्रसंग

निबंध का आरंभ एक प्रश्न से होता है: 'मैं क्यों लिखता हूँ?' लेखक का पहला और सच्चा उत्तर है कि वे यह जानने के लिए लिखते हैं कि वे क्यों लिखते हैं। लिखकर ही लेखक अपनी भीतरी विवशता को पहचानता है और उससे मुक्त होता है।

बाहरी दबाव और भीतरी प्रेरणा। प्रसिद्धि के बाद संपादकों का आग्रह, प्रकाशक का तकाज़ा और पैसों की ज़रूरत भी लिखवा लेती है। पर सच्चा कृतिकार यह भेद याद रखता है कि कौन-सी रचना भीतर की प्रेरणा से बनी और कौन-सी बाहरी दबाव से। कभी बाहरी दबाव भीतरी प्रेरणा को जगाने का कारण भी बनता है। यहाँ कृतिकार के स्वभाव और आत्मानुशासन का महत्त्व है। कुछ आलसी लेखक बिना बाहरी दबाव के लिख नहीं पाते, जैसे कोई जागकर भी अलार्म बजने तक बिस्तर पर पड़ा रहे।

अनुभव और अनुभूति। लेखक विज्ञान के विद्यार्थी थे और अणु तथा रेडियम-धर्मिता का सैद्धांतिक ज्ञान रखते थे। हिरोशिमा पर अणु-बम गिरने के समाचार पढ़कर विज्ञान के दुरुपयोग के प्रति उनकी बुद्धि ने विद्रोह किया; उन्होंने लेख लिखे, कविता नहीं। जापान जाने पर वे हिरोशिमा गए और उस अस्पताल को देखा जहाँ रेडियम से आहत लोग वर्षों से कष्ट भोग रहे थे। यह प्रत्यक्ष अनुभव था, फिर भी उन्होंने तुरंत नहीं लिखा, क्योंकि अनुभूति की कमी थी। लेखक के लिए अनुभव से अनुभूति अधिक गहरी चीज़ है।

जली छाया। एक दिन सड़क पर घूमते हुए उन्होंने एक जले पत्थर पर लंबी उजली छाया देखी। विस्फोट के समय वहाँ खड़ा व्यक्ति भाप बनकर उड़ गया होगा और उसकी छाया पत्थर पर रह गई। उन्हें थप्पड़-सा लगा और वे स्वयं को विस्फोट का भोक्ता अनुभव करने लगे। धीरे-धीरे वे इस भाव से अलग हुए और भारत लौटकर रेलगाड़ी में बैठे-बैठे हिरोशिमा पर कविता लिखी। कविता अच्छी है या बुरी, इससे उन्हें मतलब नहीं; वह सच है, क्योंकि अनुभूति से जन्मी है।

परीक्षा में तीन प्रश्न सबसे अधिक आते हैं: (1) लेखक क्यों लिखता है; (2) अनुभव और अनुभूति का अंतर; (3) हिरोशिमा में क्या देखा और कविता कैसे बनी।

मैं क्यों लिखता हूँ?: अनुभव, अनुभूति और हिरोशिमा का प्रसंग: key facts

लिखने के कारण
  • भीतरी विवशता की पहचान
  • विवशता से मुक्ति
  • बाहरी दबाव (संपादक, प्रकाशक, धन)
  • आत्मानुशासन
आंतरिक पहले, बाहरी बाद में लिखें।
अनुभव और अनुभूति
अनुभव: प्रत्यक्ष देखना-जानना | अनुभूति: संवेदना और कल्पना से भीतर तक महसूस करना
हिरोशिमा के दो उदाहरण: अस्पताल और छाया।
हिरोशिमा का क्रम
  • समाचार पढ़ना
  • अस्पताल देखना
  • जली छाया देखना
  • थप्पड़-सा लगना
  • रेलगाड़ी में कविता लिखना
क्रम से लिखें।

मैं क्यों लिखता हूँ?: अनुभव, अनुभूति और हिरोशिमा का प्रसंग in real life

The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

देखना और महसूस करना

मान लीजिए एक छात्र समाचार में बाढ़-पीड़ितों के बारे में पढ़ता है और दुखी भी होता है, पर कुछ नहीं लिखता। फिर राहत-शिविर में एक बच्चे की भीगी, फटी किताब देखकर उसे ऐसा लगता है मानो किसी ने उसके हृदय पर चोट की हो, और वह उसी रात कविता लिखता है।

यह निबंध के किस विचार से मेल खाता है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. समाचार पढ़ना = अनुभव / बौद्धिक ज्ञान।
  2. किताब देखकर चोट लगना = अनुभूति।
  3. कविता लिखना = भीतरी विवशता से मुक्ति।

Answer: अनुभव और अनुभूति के अंतर से; अनुभूति रचना को जन्म देती है।

Memory hook: देखा सो अनुभव, महसूस हुआ तो अनुभूति।

दबाव में रचना

मान लीजिए एक विद्यार्थी पत्रिका के संपादक के आग्रह से लेख लिखता है, और लिखते-लिखते उसे विषय में सचमुच रुचि जाग जाती है।

निबंध इसे कैसे समझाएगा?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. संपादक का आग्रह = बाहरी दबाव।
  2. रुचि जागना = भीतरी प्रेरणा का जागना।

Answer: कभी बाहरी दबाव भी भीतरी प्रेरणा को जगाता है।

Memory hook: दबाव से जगे तो भी प्रेरणा भीतर की।

Tricks to remember मैं क्यों लिखता हूँ?: अनुभव, अनुभूति और हिरोशिमा का प्रसंग

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • अनु-भव, अनु-भूति

    भव = घटित देखना; भूति = भीतर महसूस करना।

    Use it when: दोनों शब्दों के भेद के लिए।

  • स-अ-छा-थ-क

    समाचार, अस्पताल, छाया, थप्पड़, कविता: पाँच चरण।

    Use it when: हिरोशिमा के क्रम के लिए।

मैं क्यों लिखता हूँ?: अनुभव, अनुभूति और हिरोशिमा का प्रसंग: solved examples

Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.

Example 1: लेखक की पहचान · 1 mark · MCQBoard level

'मैं क्यों लिखता हूँ?' के लेखक कौन हैं?
(क) प्रेमचंद (ख) अज्ञेय (ग) यशपाल (घ) निराला

Try it first, then show the solutionSolution
  1. निबंध में लेखक का परिचय दिया गया है।

Answer: (ख) अज्ञेय।

Example 2: भीतरी विवशता · 2 marks · Short answerBoard level

लेखक के अनुसार भीतरी विवशता क्या है और वे उससे कैसे मुक्त होते हैं? (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. लिखकर ही मुक्ति मिलती है।

Answer: भीतरी विवशता वह आंतरिक प्रेरणा या बेचैनी है जो लेखक को लिखने के लिए बाध्य करती है। लेखक लिखकर ही उसे पहचानता है और रचना पूरी होने पर उससे मुक्त हो जाता है।

Example 3: अनुभव और अनुभूति · 4 marks · Long answerHarder board level

हिरोशिमा के उदाहरण से अनुभव और अनुभूति का अंतर स्पष्ट कीजिए। (50-60 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. अस्पताल देखना और जली छाया देखना दोनों उदाहरण लें।

Answer: हिरोशिमा के अस्पताल में आहत लोगों को देखना प्रत्यक्ष अनुभव था, पर तब लेखक ने कविता नहीं लिखी। जले हुए पत्थर पर विस्फोट के क्षण की छाया देखकर उन्हें थप्पड़-सा लगा और वे स्वयं को भोक्ता महसूस करने लगे। यह भीतर तक महसूस करना अनुभूति है, जिससे कविता जन्मी।

Example 4: हिरोशिमा का क्रम · 4 marks · Long answerHarder board level

हिरोशिमा में लेखक ने क्या देखा और उनकी कविता कैसे बनी? क्रम से 50-60 शब्दों में लिखिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. समाचार, अस्पताल, छाया, कविता के क्रम को याद करें।

Answer: लेखक ने अणु-बम के समाचार पढ़े, फिर हिरोशिमा के उस अस्पताल को देखा जहाँ रेडियम से आहत लोग पीड़ित थे; पर तब कविता नहीं बनी। सड़क पर जले पत्थर पर उजली छाया देखकर उन्हें थप्पड़-सा लगा। इस अनुभूति से वे जुड़े और भारत लौटकर रेलगाड़ी में बैठे-बैठे कविता लिखी।

Example 5: बाहरी दबाव और रचना · 4 marks · Long answerHOTS / competency

क्या बाहरी दबाव में लिखी रचना भीतरी प्रेरणा की रचना जितनी सच्ची हो सकती है? निबंध के आधार पर अपना मत 50-60 शब्दों में लिखिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. आत्मानुशासन और कृतिकार के स्वभाव की भूमिका।

Answer: निबंध के अनुसार सच्चा कृतिकार भीतरी प्रेरणा और बाहरी दबाव का भेद याद रखता है। कभी बाहरी दबाव भी भीतरी प्रेरणा जगा देता है, तब रचना सच्ची हो सकती है। यह कृतिकार के स्वभाव और आत्मानुशासन पर निर्भर है; केवल दबाव से बनी रचना हर बार सच्ची नहीं होती।

Where students lose marks in मैं क्यों लिखता हूँ?: अनुभव, अनुभूति और हिरोशिमा का प्रसंग

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: अनुभव और अनुभूति को समानार्थी लिखना

    निबंध का केंद्रीय भेद यही है।

    Wrong working

    अनुभव और अनुभूति एक ही हैं।

    Right working

    अनुभव प्रत्यक्ष देखा-जाना है, अनुभूति उसे भीतर तक महसूस करना है।

    Do this: हिरोशिमा के दोनों उदाहरण लिखें।

    Usually costs: 2 अंक

  • Mistake: हिरोशिमा के प्रसंग का क्रम बिगाड़ना

    क्रम से अंक जुड़े हैं।

    Wrong working

    पहले छाया देखी, फिर समाचार पढ़े।

    Right working

    समाचार, अस्पताल, छाया, कविता, इसी क्रम से।

    Do this: क्रम याद रखने के लिए सूत्र का प्रयोग करें।

    Usually costs: 1-2 अंक

  • Mistake: बाहरी दबाव को नकार देना

    निबंध इसे स्वीकार करता है, पर भेद बताता है।

    Wrong working

    लेखक कभी बाहरी दबाव में नहीं लिखता।

    Right working

    लेखक मानता है कि प्रसिद्धि के बाद बाहरी दबाव से भी लिखना पड़ता है, पर वह भीतरी प्रेरणा से भेद याद रखता है।

    Do this: दोनों पक्ष लिखें।

    Usually costs: 1-2 अंक

Exam tips

  • 4 अंक के उत्तर को चार बिंदुओं में बाँटें और 50-60 शब्द में रखें।
  • हिरोशिमा का उदाहरण हर उत्तर में दें: अस्पताल (अनुभव) और छाया (अनुभूति)।
  • भीतरी विवशता की व्याख्या में 'लिखकर मुक्ति' अवश्य लिखें।
  • अलार्म वाले उदाहरण का आशय तैयार रखें।
  • निबंध-शैली के प्रश्न में प्रश्नात्मक आरंभ और आत्मकथात्मक 'मैं' का उल्लेख करें।

Practice questions on मैं क्यों लिखता हूँ?: अनुभव, अनुभूति और हिरोशिमा का प्रसंग

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 1 mark · MCQBoard level

    लेखक ने हिरोशिमा पर कविता कहाँ बैठे-बैठे लिखी?
    (क) जापान के होटल में (ख) भारत लौटकर रेलगाड़ी में (ग) अस्पताल में (घ) सड़क पर

    Hint

    निबंध के अंतिम भाग को देखें।

    Answer

    (ख) भारत लौटकर रेलगाड़ी में।

  2. Q2 · 1 mark · Assertion-reasonHarder board level

    कथन (A): लेखक ने हिरोशिमा के अस्पताल को देखते ही कविता लिख दी।
    कारण (R): अस्पताल में उन्होंने आहत लोगों को प्रत्यक्ष देखा था।
    (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
    (ख) A सही है, R गलत
    (ग) A गलत है, R सही
    (घ) A और R दोनों गलत हैं

    Hint

    निबंध के अनुसार कविता कब लिखी गई?

    Answer

    (ग) A गलत है, क्योंकि अस्पताल देखकर कविता तुरंत नहीं लिखी गई; R सही है, क्योंकि अस्पताल में प्रत्यक्ष देखा था।

  3. Q3 · 4 marks · Long answerHarder board level

    अलार्म के उदाहरण से लेखक क्या स्पष्ट करना चाहते हैं? 50-60 शब्दों में लिखिए।

    Hint

    बाहरी दबाव पर निर्भर लेखक की तुलना देखें।

    Answer

    लेखक कहते हैं कि कुछ आलसी लेखक बाहरी दबाव के बिना नहीं लिख पाते, जैसे कोई जागकर भी अलार्म बजने तक बिस्तर पर पड़ा रहे। इस उदाहरण से वे स्पष्ट करते हैं कि बाहरी दबाव कुछ लेखकों के लिए जगाने का साधन है, और लेखक को इसकी आवश्यकता नहीं।

  4. Q4 · 4 marks · Long answerHarder board level

    जली हुई छाया को देखकर लेखक को 'थप्पड़-सा' क्यों लगा? 50-60 शब्दों में स्पष्ट कीजिए।

    Hint

    छाया किसकी थी और विस्फोट ने उसके साथ क्या किया?

    Answer

    जले पत्थर पर उजली छाया देखकर लेखक को लगा कि विस्फोट के समय वहाँ खड़ा व्यक्ति भाप बनकर उड़ गया होगा और केवल उसकी छाया रह गई। इस भयावह दृश्य ने उनकी संवेदना को झकझोर दिया, इसलिए उन्हें थप्पड़-सा लगा और वे स्वयं को विस्फोट का भोक्ता महसूस करने लगे।

  5. Q5 · 4 marks · Long answerHOTS / competency

    यदि लेखक हिरोशिमा न जाकर केवल समाचार पढ़ते, तो क्या उनकी कविता बन पाती? निबंध के आधार पर अपना मत 50-60 शब्दों में लिखिए।

    Hint

    समाचार पढ़ने पर उनकी प्रतिक्रिया क्या थी?

    Answer

    संभवतः नहीं। समाचार पढ़कर उनकी बुद्धि ने विद्रोह किया और उन्होंने लेख लिखे, कविता नहीं। हिरोशिमा में जली छाया देखकर जो अनुभूति जगी, उसी ने कविता को जन्म दिया। इसलिए केवल जानकारी या अनुभव रचना के लिए पर्याप्त नहीं; उसके साथ गहरी अनुभूति भी चाहिए, जैसा निबंध बताता है।

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.निबंध के लेखक कौन हैं?Show answer

    अज्ञेय।

  2. 2.लेखक विज्ञान के क्या थे?Show answer

    विद्यार्थी।

  3. 3.लेखक हिरोशिमा में क्या देखकर चौंके?Show answer

    जले पत्थर पर मनुष्य की उजली छाया।

  4. 4.कविता कहाँ लिखी?Show answer

    भारत लौटकर रेलगाड़ी में।

  5. 5.लेखक के लिए गहरी चीज़ क्या है?Show answer

    अनुभूति।

मैं क्यों लिखता हूँ?: अनुभव, अनुभूति और हिरोशिमा का प्रसंग: frequently asked questions

यह निबंध किस शैली का है?

आत्मकथात्मक और प्रश्नात्मक शैली का।

लेखक क्यों लिखता है?

भीतरी विवशता को पहचानने और उससे मुक्त होने के लिए।

हिरोशिमा किस घटना से जुड़ा है?

अणु-बम गिरने की घटना से।

परीक्षा में कैसे प्रश्न आते हैं?

कृतिका से 50-60 शब्दों के 4 अंक के प्रश्न।