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HindiCBSE Class 10 · रामवृक्ष बेनीपुरी – बालगोबिन भगत

बालगोबिन भगत (रामवृक्ष बेनीपुरी): गृहस्थ होकर भी सच्चे साधु

Updated 17 October 2026 · Fact-checked

रामवृक्ष बेनीपुरी के रेखाचित्र में बालगोबिन भगत गृहस्थ होते हुए भी साधु की सब परिभाषाओं पर खरे उतरते हैं। वे कबीर को 'साहब' मानते हैं, झूठ नहीं बोलते, बिना पूछे किसी की चीज़ नहीं छूते और उपज पहले कबीरपंथी मठ में भेंट करते हैं। पुत्र की मृत्यु पर वे शोक के स्थान पर गीत गाते हैं और पतोहू को पुनर्विवाह का आदेश देते हैं। इस प्रकार साधुता आचरण से होती है, वेश या संन्यास से नहीं।

Understand बालगोबिन भगत: गृहस्थ होकर भी सच्चे साधु

लेखक बालगोबिन भगत का परिचय देते हैं: मँझोले कद के, गोरे, साठ से ऊपर आयु के। बाल पक गए थे, पर लंबी दाढ़ी या जटा नहीं थी। कमर में केवल लंगोटी, सिर पर कबीरपंथियों जैसी कनफटी टोपी, जाड़े में काली कमली, माथे पर रामानंदी चंदन और गले में तुलसी की जड़ों की बेडौल माला। वे साधु नहीं, गृहस्थ थे, पर आचरण में साधु थे।

साधुता के लक्षण। वे कबीर को 'साहब' मानते और उन्हीं के पद गाते थे। वे कभी झूठ नहीं बोलते, दो-टूक बात करते, बेवजह झगड़ा नहीं करते और किसी की चीज़ बिना पूछे नहीं छूते। खेत की उपज पहले चार कोस दूर कबीरपंथी मठ में भेंट करते और प्रसाद रूप में जो मिलता, उसी से घर चलाते। इसलिए लेखक कहते हैं कि 'वह गृहस्थ थे; लेकिन उनकी सब चीज़ 'साहब' की थी'।

संगीत और ऋतुएँ। आषाढ़ की रोपनी में उनके गीत से बच्चे झूम उठते, औरतें गुनगुनातीं और हलवाहों के पैर ताल पर उठते। भादो की आधी रात में खँजड़ी के साथ उनका गीत सबको चौंका देता। कार्तिक से फागुन तक वे भोर में नदी-स्नान के बाद पोखरे के भिंडे पर प्रभातियाँ गाते। माघ की ठिठुरती भोर में भी उनके माथे पर श्रमबिंदु चमकते। गर्मियों की शाम वे आँगन में संझा गाते और सब नाच उठते।

पुत्र की मृत्यु। उनका इकलौता बेटा सुस्त और बोदा था, इसलिए वे उसे और अधिक प्यार करते थे। मृत्यु पर उन्होंने शव को सफ़ेद कपड़े से ढककर फूल और तुलसीदल बिखेरे, सिरहाने दीपक जलाया और गीत गाते रहे। रोती बहू से उत्सव मनाने को कहा, क्योंकि आत्मा परमात्मा से मिल गई थी। बहू से ही बेटे को आग दिलवाई और श्राद्ध के बाद उसे भाई के साथ भेजकर दूसरी शादी करने का आदेश दिया। बहू के रुकने की विनती पर उन्होंने कहा कि वह नहीं गई तो वे ही घर छोड़ देंगे।

अंतिम दिन। वे हर साल तीस कोस पैदल गंगा-स्नान जाते और रास्ते में किसी से भोजन नहीं माँगते। एक बार लौटने पर बुखार रहा, फिर भी नियम नहीं छोड़े। एक संध्या उनके गीत का स्वर टूटा-सा लगा और अगली भोर वे नहीं रहे।

परीक्षा में साधु की परिभाषा, बहू-प्रसंग के औचित्य, गायन के प्रभाव और पाठ के संदेश पर प्रश्न आते हैं।

बालगोबिन भगत: गृहस्थ होकर भी सच्चे साधु: key facts

साधुता के लक्षण
  • सत्य बोलना
  • कबीर के प्रति निष्ठा
  • बिना पूछे वस्तु न छूना
  • उपज मठ को भेंट
  • पुत्र-शोक में गायन
गुणों के साथ घटना लिखें।
गायन के ऋतु-चित्र
आषाढ़रोपनी
भादोखँजड़ी
कार्तिक-फागुनप्रभातियाँ
माघठिठुरन में श्रमबिंदु
गर्मीसंझा
ऋतु और गायन का मेल याद रखें।
पुत्र-मृत्यु के निर्णय
  • शोक की जगह गीत
  • बहू से अग्नि-संस्कार
  • बहू को पुनर्विवाह का आदेश
  • घर छोड़ने की चेतावनी
प्रगतिशील दृष्टि दिखाने के लिए।

बालगोबिन भगत: गृहस्थ होकर भी सच्चे साधु in real life

The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

वेश बनाम आचरण

मान लीजिए कोई व्यक्ति भगवा वस्त्र पहनता है पर झूठ बोलता है, जबकि सादे कपड़ों में एक किसान सच बोलता है, किसी का हक नहीं मारता और अपनी उपज का हिस्सा ज़रूरतमंदों में बाँटता है।

पाठ के अनुसार साधु कौन है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. वेश = गेरुआ वस्त्र।
  2. आचरण = सत्य, निष्ठा, दान।
  3. पाठ आचरण को साधुता मानता है।

Answer: किसान जैसा व्यक्ति; साधुता वेश से नहीं, आचरण से होती है।

Memory hook: वेश नहीं, आचरण साधु बनाता है।

दुख में भी संतुलन

मान लीजिए किसी परिवार में बुज़ुर्ग अपने प्रियजन की मृत्यु पर रोने के बजाय उसके गुण याद करके भजन गाते हैं और परिवार को ढाँढ़स बँधाते हैं।

यह पाठ के किस प्रसंग से मेल खाता है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. शोक में गीत = पुत्र की लाश के पास गायन।
  2. ढाँढ़स बँधाना = बहू को उत्सव मनाने को कहना।

Answer: पुत्र की मृत्यु वाले प्रसंग से; भगत मृत्यु को आत्मा-परमात्मा के मिलन के रूप में देखते हैं।

Memory hook: शोक में भी जो सीख दे, वही संत।

Tricks to remember बालगोबिन भगत: गृहस्थ होकर भी सच्चे साधु

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • स-क-ब-उ

    सत्य, कबीर, बिना पूछे न छूना, उपज भेंट: चार लक्षण।

    Use it when: साधुता के प्रश्न में।

  • बहू-निर्णय

    अग्नि बहू से, शादी का आदेश, घर छोड़ने की चेतावनी: तीन निर्णय।

    Use it when: बहू-प्रसंग के प्रश्न में।

बालगोबिन भगत: गृहस्थ होकर भी सच्चे साधु: solved examples

Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.

Example 1: भगत किसे 'साहब' मानते थे · 1 mark · MCQBoard level

बालगोबिन भगत किसे 'साहब' मानते थे?
(क) तुलसीदास (ख) कबीर (ग) सूरदास (घ) रैदास

Try it first, then show the solutionSolution
  1. वे उन्हीं के पद गाते थे।

Answer: (ख) कबीर।

Example 2: भगत की उपज · 2 marks · Short answerBoard level

भगत अपनी उपज का क्या करते थे? इससे उनके किस गुण का पता चलता है? (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. पहले कहाँ ले जाते थे?

Answer: भगत उपज पहले चार कोस दूर कबीरपंथी मठ में भेंट करते और प्रसाद-रूप में जो मिलता, उसी से घर चलाते थे। इससे उनकी निष्ठा, त्याग और अपरिग्रह प्रकट होते हैं।

Example 3: बहू के प्रति निर्णय · 2 marks · Short answerHarder board level

भगत ने बहू को पुनर्विवाह का आदेश क्यों दिया? इससे उनकी कौन-सी सोच प्रकट होती है? (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. बहू युवा थी और भगत उसका भला चाहते थे।

Answer: भगत नहीं चाहते थे कि युवा बहू जीवन भर वैधव्य में बँधी रहे, इसलिए उन्होंने उसे पुनर्विवाह का आदेश दिया। इससे उनकी प्रगतिशील, संवेदनशील और रूढ़ियों से ऊपर उठी सोच प्रकट होती है।

Example 4: गद्यांश पर आधारित अंश · 5 marks · Source-basedHarder board level

पाठ के भाव पर आधारित अंश (अपने शब्दों में): भगत के बेटे की मृत्यु पर उन्होंने शव को सफ़ेद कपड़े से ढका, फूल और तुलसीदल बिखेरे, सिरहाने दीपक जलाया और गीत गाते रहे। रोती हुई बहू से उन्होंने कहा कि यह उत्सव मनाने का समय है, क्योंकि आत्मा परमात्मा से जा मिली है।
(i) भगत ने मृत्यु को किस रूप में देखा
(क) अंत (ख) आत्मा का परमात्मा से मिलन (ग) दंड (घ) हानि
(ii) शव के पास दीपक जलाने से भाव है
(क) अंधविश्वास (ख) श्रद्धा और शांति (ग) भय (घ) दिखावा
(iii) बहू से उत्सव मनाने को कहना दर्शाता है
(क) कठोरता (ख) जीवन-दर्शन की दृढ़ता (ग) उदासीनता (घ) क्रोध
(iv) भगत के गीत का स्वर था
(क) विलाप (ख) आस्था और विश्वास (ग) क्रोध (घ) व्यंग्य
(v) यह प्रसंग भगत के चरित्र के किस पक्ष को उभारता है
(क) स्वार्थ (ख) समभाव और आध्यात्मिकता (ग) लोभ (घ) अहंकार

Try it first, then show the solutionSolution
  1. प्रत्येक उप-प्रश्न 1 अंक का है।

Answer: (i) (ख); (ii) (ख); (iii) (ख); (iv) (ख); (v) (ख)।

Example 5: साधु की नई परिभाषा · 2 marks · Short answerHOTS / competency

'बालगोबिन भगत साधु की सब परिभाषाओं में खरे उतरते हैं', जबकि वे गृहस्थ थे। पाठ के आधार पर यह कथन कितना उचित है? (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. साधुता के लक्षण: आचरण बनाम वेश।

Answer: कथन उचित है, क्योंकि भगत सत्य बोलते, ईश्वर-भक्ति करते, परिग्रह नहीं रखते और शोक में भी संयम रखते थे। साधुता उनके आचरण में थी, इसलिए गृहस्थ होने से उसमें बाधा नहीं पड़ी।

Where students lose marks in बालगोबिन भगत: गृहस्थ होकर भी सच्चे साधु

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: भगत को संन्यासी लिख देना

    पाठ में वे गृहस्थ हैं; यही प्रश्न का आधार है।

    Wrong working

    भगत साधु थे इसलिए घर छोड़ चुके थे।

    Right working

    भगत गृहस्थ थे, पर आचरण से साधु थे।

    Do this: गृहस्थ + साधु दोनों शब्द लिखें।

    Usually costs: 1-2 अंक

  • Mistake: बहू-प्रसंग को कठोरता बताना

    भगत का उद्देश्य बहू का हित था।

    Wrong working

    भगत ने बहू को घर से निकाल दिया।

    Right working

    भगत ने बहू के भविष्य के लिए पुनर्विवाह का आदेश दिया।

    Do this: उद्देश्य लिखें।

    Usually costs: 1-2 अंक

  • Mistake: गायन का उल्लेख बिना ऋतु के करना

    ऋतु-चित्रण पाठ की विशेषता है।

    Wrong working

    भगत गाते थे।

    Right working

    आषाढ़ में रोपनी के समय और माघ की भोर में उनके गीत विशेष प्रभाव डालते थे।

    Do this: उदाहरण में ऋतु जोड़ें।

    Usually costs: 1 अंक

Exam tips

  • साधुता के प्रश्न में आचरण, निष्ठा और संयम, तीनों के उदाहरण लिखें।
  • बहू-प्रसंग में भगत की प्रगतिशीलता पर बल दें।
  • गायन वाले उत्तर में एक ऋतु का उदाहरण अवश्य दें।
  • रेखाचित्र शैली के प्रश्न में बताएँ कि वर्णन चित्र जैसा क्यों लगता है।
  • पाठ की अंतिम घटना (स्वर टूटना) याद रखें।

Practice questions on बालगोबिन भगत: गृहस्थ होकर भी सच्चे साधु

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 1 mark · MCQBoard level

    भगत की वेशभूषा में कौन-सी वस्तु नहीं थी?
    (क) लंगोटी (ख) कनफटी टोपी (ग) लंबी जटा (घ) तुलसी की माला

    Hint

    पाठ के आरंभिक रूप-वर्णन को देखें।

    Answer

    (ग) लंबी जटा।

  2. Q2 · 1 mark · Assertion-reasonHarder board level

    कथन (A): बालगोबिन भगत संन्यासी नहीं थे।
    कारण (R): उनके बेटा, पतोहू, खेती और घर था।
    (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
    (ख) A और R दोनों सही हैं पर R, A की व्याख्या नहीं
    (ग) A सही है, R गलत
    (घ) A गलत है, R सही

    Hint

    गृहस्थ जीवन के प्रमाण देखें।

    Answer

    (क) परिवार और खेती उनके गृहस्थ होने का प्रमाण हैं।

  3. Q3 · 2 marks · Short answerHarder board level

    ऋतु-चित्रण के उदाहरण देकर बताइए कि भगत का गायन गाँव को कैसे प्रभावित करता था। (25-30 शब्द)

    Hint

    आषाढ़ की रोपनी और संझा के प्रसंग देखें।

    Answer

    आषाढ़ की रोपनी में उनके गीत से बच्चे झूमते और हलवाहों के पैर ताल पर उठते थे। गर्मी की संझा में मंडली नाच उठती; गीत पूरे गाँव को जोड़ देता था।

  4. Q4 · 2 marks · Short answerHarder board level

    'तू जा, नहीं तो मैं ही इस घर को छोड़कर चल दूँगा' भगत ने यह किससे और क्यों कहा? (25-30 शब्द)

    Hint

    बहू की विनती का संदर्भ देखें।

    Answer

    भगत ने यह बहू से कहा, जब वह उनकी सेवा के लिए रुकना चाहती थी। वे उसका जीवन सँवारना चाहते थे, इसलिए उसे भाई के साथ जाने और पुनर्विवाह करने को कहा।

  5. Q5 · 2 marks · Short answerHOTS / competency

    यदि भगत जैसे गृहस्थ-साधु आज होते, तो समाज को क्या सिखाते? पाठ के आधार पर अपना मत लिखिए। (25-30 शब्द)

    Hint

    सादगी, सत्य और संवेदनशीलता पर विचार करें।

    Answer

    वे सिखाते कि सच्ची साधुता वेश में नहीं, आचरण में है, सादा जीवन, सत्य और संवेदनशील सोच अपनाई जाए। वे रूढ़ियों से ऊपर उठकर मानवता और स्त्री-हित को प्राथमिकता देने की सीख देते।

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.बालगोबिन भगत के लेखक कौन हैं?Show answer

    रामवृक्ष बेनीपुरी।

  2. 2.भगत कौन-सी टोपी पहनते थे?Show answer

    कबीरपंथियों जैसी कनफटी टोपी।

  3. 3.भगत गंगा-स्नान के लिए कितनी दूर पैदल जाते थे?Show answer

    तीस कोस।

  4. 4.पुत्र की मृत्यु पर भगत ने क्या किया?Show answer

    शव को सजाकर गीत गाए।

  5. 5.भगत किस मठ में उपज भेंट करते थे?Show answer

    चार कोस दूर कबीरपंथी मठ में।

बालगोबिन भगत: गृहस्थ होकर भी सच्चे साधु: frequently asked questions

यह पाठ किस विधा का है?

रेखाचित्र।

भगत गृहस्थ थे या संन्यासी?

गृहस्थ।

भगत के गीत किसके पद थे?

कबीर के।

पाठ का केंद्रीय संदेश क्या है?

साधुता आचरण से होती है, वेश से नहीं।