आत्मकथ्य (जयशंकर प्रसाद): कवि के आत्मकथा न लिखने के कारण
Updated 17 October 2026 · Fact-checked
मित्रों ने प्रसाद जी से 'हंस' के आत्मकथा विशेषांक के लिए आत्मकथा लिखने का आग्रह किया, पर उन्होंने इस कविता में विनम्रता से मना किया। कारण: उनका जीवन खाली गागर जैसा साधारण है, सुनने वाले कहीं वही लोग न हों जिन्होंने उनसे लाभ उठाया, अपनी भूलें और दूसरों की प्रवंचना कहना ठीक नहीं, और मधुर निजी स्मृतियाँ केवल उनकी हैं। इसलिए वे चुप रहकर दूसरों की सुनना बेहतर मानते हैं।
Understand आत्मकथ्य: कवि के आत्मकथा न लिखने के कारण
'आत्मकथ्य' कविता की रचना का संदर्भ यह है कि 'हंस' पत्रिका के आत्मकथा विशेषांक के लिए मित्र चाहते थे कि प्रसाद जी भी लिखें। कवि ने कविता में ही उत्तर दिया कि वे ऐसा क्यों नहीं करना चाहते।
पहला कारण: जीवन की साधारणता। कवि का मन भौंरे की तरह गुनगुनाकर न जाने कौन-सी कहानी कह रहा है। चारों ओर पत्तियाँ मुरझाकर गिर रही हैं, जो जीवन की नश्वरता और निराशा का संकेत है। कवि को डर है कि आत्मकथाएँ अपना ही उपहास करने लगती हैं।
दूसरा कारण: सुनने वालों की नीयत। कवि पूछता है कि मेरी खाली गागर देखकर तुम्हें क्या सुख मिलेगा? उसे आशंका है कि सुनने वाले कहीं वे ही लोग न हों जिन्होंने उसके जीवन-रस से अपनी गागर भरी।
तीसरा कारण: भूलें और प्रवंचना। कवि सोचता है कि क्या वह अपनी सरलता की हँसी उड़ाए, अपनी भूलें या दूसरों के दिए धोखे सबको दिखाए? वह किसी को दोषी भी नहीं ठहराना चाहता।
चौथा कारण: निजी स्मृतियाँ। चाँदनी रातों की मधुर, खिलखिलाती बातें कवि की निजी पूँजी हैं। जिस सुख का उसने सपना देखा था, वह पास आते-आते मुसकराकर भाग गया। जिसके लाल गालों की छाया से अनुरागिनी उषा भी अपनी लाली लेती थी, उसकी स्मृति अब थके यात्री का पाथेय है। गुदड़ी की सिलाई उधेड़कर भीतर देखने का आग्रह कवि को स्वीकार नहीं।
अंतिम भाव: छोटे जीवन की बड़ी कथाएँ कहना उचित नहीं; भोली आत्मकथा सुनकर कोई क्या करेगा; अभी समय नहीं आया, कवि की मौन पीड़ा थककर सोई है।
कविता में स्मृति पर रूपक (पाथेय) और उषा पर मानवीकरण पूछे जाते हैं; पूरी कविता में विनम्रता और आत्मसंयम का भाव केंद्र में है।
आत्मकथ्य: कवि के आत्मकथा न लिखने के कारण: key facts
- आत्मकथा न लिखने के कारण
- जीवन साधारण (गागर रीती)
- सुनने वालों की नीयत
- भूलें और प्रवंचना
- निजी मधुर स्मृतियाँ
- मौन पीड़ा
- 2 अंक के प्रश्न में दो स्पष्ट कारण पंक्ति के आशय सहित लिखें; अधिक अंकों के प्रश्न में तीन या अधिक कारण क्रम से लिखें।
- अलंकार
स्मृति पाथेय बनी रूपक अनुरागिनी उषा मानवीकरण मुरझाकर गिरती पत्तियाँ प्रतीक - पंक्ति के साथ अलंकार का नाम लिखें।
- कवि का स्वभाव
- विनम्रता
- आत्मसंयम
- किसी को दोष न देना
- निजी जीवन की गोपनीयता
- चरित्र-प्रश्न में चारों में से दो-तीन।
आत्मकथ्य: कवि के आत्मकथा न लिखने के कारण in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
सबको न बताई जाने वाली बातें
मान लीजिए एक वृद्ध शिक्षक से उनके पुराने छात्र पूछते हैं कि अपने जीवन पर पुस्तक लिखिए। वे हँसकर कहते हैं कि मेरा जीवन साधारण रहा और जो मीठी बातें मुझे याद हैं, उन्हें बाँटना मुझे ठीक नहीं लगता।
यह कविता के किस भाव से मेल खाता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- जीवन को साधारण कहना = 'गागर रीती' की विनम्रता।
- निजी स्मृतियाँ न बाँटना = चाँदनी रातों की बातें कवि की निजी पूँजी।
- आग्रह को विनम्रता से टालना = कवि का मित्रों को उत्तर।
Answer: आत्मकथ्य के प्रमुख भाव से; विनम्रता और निजी स्मृतियों की रक्षा।
Memory hook: साधारण कहकर भी जो अपनी निजता बचाए, वही विनम्र कवि।
पुरानी याद का सहारा
मान लीजिए किसी वृद्ध यात्री को लंबी थकान भरी चढ़ाई में बस एक पुरानी, मधुर याद अंत तक चलने की शक्ति देती है।
कविता की किस पंक्ति का भाव यही है?
Try it first, then show the solutionSolution
- थका यात्री = जीवन-पथ का पथिक।
- पुरानी याद = स्मृति।
- चलने की शक्ति = पाथेय (राह का भोजन)।
Answer: 'उसकी स्मृति पाथेय बनी है थके पथिक की पंथा की'; यहाँ रूपक अलंकार है।
Memory hook: याद बने भोजन, तो थका पथिक भी चले।
Tricks to remember आत्मकथ्य: कवि के आत्मकथा न लिखने के कारण
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
गा-सु-भू-नि-मौ
गागर रीती, सुनने वाले, भूलें, निजी स्मृतियाँ, मौन: पाँच कारण।
Use it when: कारण-प्रश्न में।
पाथेय = पाँव का पाथेय
पाथेय का अर्थ यात्रा का भोजन; स्मृति उसी की तरह सहारा है।
Use it when: रूपक वाली पंक्ति में।
आत्मकथ्य: कवि के आत्मकथा न लिखने के कारण: solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: प्रसंग · 1 mark · MCQBoard level
'आत्मकथ्य' कविता किस पत्रिका के आत्मकथा विशेषांक के संदर्भ में है?
(क) सरस्वती (ख) हंस (ग) माधुरी (घ) कल्याण
Try it first, then show the solutionSolution
- पाठ-परिचय में पत्रिका का नाम है।
Answer: (ख) हंस।
Example 2: गागर रीती · 2 marks · Short answerBoard level
'तुम सुनकर सुख पाओगे, देखोगे—यह गागर रीती' में कवि क्या कहना चाहता है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- 'गागर रीती' का अर्थ खाली घड़ा है।
- यह कवि के जीवन की ओर संकेत है।
Answer: कवि मित्रों से कहता है कि उसका जीवन खाली घड़े की तरह अभावों से भरा है। उसे सुनकर उन्हें सुख नहीं मिलेगा; इसलिए वह अपनी आत्मकथा सुनाना उचित नहीं मानता।
Example 3: पाथेय का रूपक · 2 marks · Short answerHarder board level
'उसकी स्मृति पाथेय बनी है थके पथिक की पंथा की' में कौन-सा अलंकार है और क्यों? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- स्मृति पर पाथेय का आरोप है।
- पाथेय यात्रा का भोजन है।
Answer: यहाँ रूपक अलंकार है, क्योंकि स्मृति पर पाथेय का आरोप है। जैसे पाथेय यात्री को चलने की शक्ति देता है, वैसे ही प्रिय की याद कवि को सहारा देती है।
Example 4: पठित भाव पर आधारित अंश · 5 marks · Source-basedHarder board level
पाठ के भाव पर आधारित अंश (अपने शब्दों में): कवि कहता है कि जिस सुख का उसने सपना देखा था, वह पास आते-आते मुसकराकर भाग गया। जिसके लाल गालों से भोर भी अपनी लाली लेती थी, उसकी स्मृति अब थके यात्री का पाथेय है। वह पूछता है कि मेरी गुदड़ी की सिलाई उधेड़कर क्यों देखना चाहते हो।
(i) 'सुख मुसकराकर भाग गया' का भाव है
(क) सुख मिला पर क्षणिक रहा (ख) सुख मिला ही नहीं (ग) सुख स्थायी हुआ (घ) सुख बाँट दिया गया
(ii) 'उषा' के प्रसंग में अलंकार है
(क) मानवीकरण (ख) उपमा (ग) यमक (घ) श्लेष
(iii) 'पाथेय' का अर्थ है
(क) यात्रा का भोजन (ख) घर (ग) वस्त्र (घ) मार्ग
(iv) 'गुदड़ी की सिलाई उधेड़ना' का आशय है
(क) वस्त्र सिलना (ख) जीवन के गोपनीय अंश कुरेदना (ग) कविता लिखना (घ) यात्रा करना
(v) यह अंश कवि के किस भाव को व्यक्त करता है
(क) घृणा (ख) अहंकार (ग) अभावग्रस्त जीवन और निजता की रक्षा (घ) उत्साह
Try it first, then show the solutionSolution
- प्रत्येक उप-प्रश्न 1 अंक का है।
Answer: (i) (ख); (ii) (क); (iii) (क); (iv) (ख); (v) (ग)।
Example 5: विनम्रता और निजता · 2 marks · Short answerHOTS / competency
कवि अपनी आत्मकथा न लिखकर 'दूसरों की सुनने' की बात क्यों कहता है? कविता के आधार पर कारण स्पष्ट कीजिए। (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- कवि किसे दोष नहीं देना चाहता?
- कवि की मौन पीड़ा क्या दर्शाती है?
Answer: कवि दूसरों को दोषी नहीं ठहराना चाहता और अपनी निजी पीड़ा व मधुर यादें सार्वजनिक भी नहीं करना चाहता। जीवन साधारण लगने से उसे चुप रहकर सुनना श्रेयस्कर लगता है।
Where students lose marks in आत्मकथ्य: कवि के आत्मकथा न लिखने के कारण
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: कवि के इनकार को केवल 'मन न होना' लिखना
कारणों का क्रम माँगा जाता है।
Wrong working
कवि का मन आत्मकथा लिखने का नहीं था।
Right working
कवि का जीवन साधारण है, सुनने वालों की नीयत संदिग्ध है, और वह निजी स्मृतियाँ बाँटना नहीं चाहता।
Do this: 2 अंक के प्रश्न में कम से कम दो कारण पंक्ति के आशय सहित लिखें; अधिक अंकों के प्रश्न में तीन या अधिक लिखें।
Usually costs: 1-2 अंक
Mistake: रूपक और मानवीकरण को मिला देना
दोनों में आरोप भिन्न होता है।
Wrong working
उषा पर रूपक है।
Right working
उषा पर स्त्री-जैसे व्यवहार का आरोप है, इसलिए मानवीकरण।
Do this: पूछें: वस्तु पर वस्तु का आरोप या मानव-व्यवहार का?
Usually costs: 1 अंक
Mistake: पाथेय का अर्थ न लिखना
शब्दार्थ के बिना अलंकार का स्पष्टीकरण अधूरा रहता है।
Wrong working
स्मृति पाथेय है।
Right working
पाथेय यात्रा का भोजन है, जो यात्री को शक्ति देता है।
Do this: कठिन शब्द का अर्थ साथ लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Exam tips
- 'कारण' वाले प्रश्न में 2 अंक के लिए दो स्पष्ट कारण पर्याप्त हैं; दोनों के साथ पंक्ति का आशय दें।
- प्रतीक वाले प्रश्न में पहले प्रतीक का अर्थ, फिर कविता में उसका प्रभाव लिखें।
- अलंकार का नाम लिखकर कारण भी लिखें (आरोप किस पर किसका)।
- कवि के स्वभाव-प्रश्न में 'विनम्रता' और 'निजता' जैसे शब्द प्रयोग करें।
- काव्यांश-प्रश्न में प्रसंग पहचानना ज़रूरी है: कौन सा भाग किस कारण से जुड़ा है।
Practice questions on आत्मकथ्य: कवि के आत्मकथा न लिखने के कारण
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
'अनुरागिनी उषा' में कौन-सा अलंकार है?
(क) रूपक (ख) उपमा (ग) मानवीकरण (घ) अनुप्रासHint
भोर को स्त्री की तरह दर्शाया गया है।
Answer
(ग) मानवीकरण।
Q2 · 1 mark · Assertion-reasonHarder board level
कथन (A): कवि अपनी आत्मकथा नहीं लिखना चाहता।
कारण (R): उसे डर है कि सुनने वालों में वे ही लोग हो सकते हैं जिन्होंने उसके रस से अपनी गागर भरी।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
(ख) A और R दोनों सही हैं पर R, A की व्याख्या नहीं
(ग) A सही है, R गलत
(घ) A गलत है, R सहीHint
कविता के दूसरे भाग की आशंका देखें।
Answer
(क) यह आशंका आत्मकथा न लिखने के कारणों में से एक है, इसलिए R, A की सही व्याख्या है।
Q3 · 2 marks · Short answerHarder board level
'मुरझाकर गिर रहीं पत्तियाँ' के माध्यम से कवि क्या संकेत देता है? (25-30 शब्द)
Hint
पत्तियों का मुरझाना क्या दर्शाता है?
Answer
मुरझाकर गिरती पत्तियाँ जीवन की नश्वरता और निराशा का संकेत हैं। कवि को लगता है कि ऐसे साधारण, अभावग्रस्त जीवन की कथा सुनाने योग्य नहीं है।
Q4 · 2 marks · Short answerHarder board level
कवि 'भूलें अपनी या प्रवंचना औरों की' क्यों नहीं दिखाना चाहता? दो कारण लिखिए। (25-30 शब्द)
Hint
कवि स्वयं का उपहास और दूसरों के प्रति कैसा भाव रखता है?
Answer
कवि अपनी सरलता का उपहास नहीं करवाना चाहता और दूसरों के दिए धोखे प्रकट करके उन्हें दोषी भी नहीं ठहराना चाहता। इसीलिए वह भूलें और प्रवंचना दिखाने से बचता है।
Q5 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
क्या कवि का आत्मकथा न लिखना उसके बड़प्पन का परिचायक है या पलायन? अपना मत तर्क सहित लिखिए। (25-30 शब्द)
Hint
कारणों में विनम्रता और संयम खोजें।
Answer
यह बड़प्पन है, पलायन नहीं; कवि दूसरों को दोष दिए बिना, अपनी निजता और गरिमा बचाकर मौन चुनता है। उसकी विनम्रता और संयम महान कवि की पहचान बनते हैं।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.आत्मकथ्य के कवि कौन हैं?Show answer
जयशंकर प्रसाद।
2.कविता किस पत्रिका के संदर्भ में है?Show answer
हंस के आत्मकथा विशेषांक।
3.'गागर रीती' का क्या आशय है?Show answer
कवि का अभावग्रस्त, खाली-सा जीवन।
4.पाथेय किसका रूपक है?Show answer
स्मृति का, जो थके यात्री को सहारा देती है।
5.कवि अंत में क्या करना उचित मानता है?Show answer
चुप रहकर दूसरों की सुनना।
आत्मकथ्य: कवि के आत्मकथा न लिखने के कारण: frequently asked questions
आत्मकथ्य किस प्रकार की कविता है?
छायावादी भाव की आत्मपरक कविता।
कवि ने आत्मकथा लिखने से मना क्यों किया?
जीवन साधारण होने, सुनने वालों की नीयत की आशंका और निजी स्मृतियों की रक्षा के लिए।
'उषा' का क्या अर्थ है?
भोर, सूर्योदय से पहले की लालिमा।
इस पाठ से परीक्षा में क्या आता है?
काव्यांश के बहुविकल्पी प्रश्न और 25-30 शब्दों के 2 अंक के प्रश्न।