बादल को घिरते देखा है (नागार्जुन): हिमालय के दृश्य और प्रकृति-चित्रण
Updated 17 October 2026 · Fact-checked
नागार्जुन की कविता 'बादल को घिरते देखा है' में हर छंद 'देखा है' पर समाप्त होता है और टेक 'बादल को घिरते देखा है' दोहराई जाती है। कवि ने हिमालय के शिखरों पर बादल, मानसरोवर के कमलों पर ओस, झीलों में हंस, चकवा-चकई की प्रणय-कलह, कस्तूरी मृग और किन्नरों के जीवन को आँखों देखे दृश्यों के रूप में चित्रित किया है।
Understand हिमालय के दृश्य और प्रकृति-चित्रण
2025 का प्रश्न। 10 अंक में पूछा गया था: 'नागार्जुन प्रकृति-चित्रण के कुशल चितेरे कवि हैं' कथन की पुष्टि कविता के आधार पर कीजिए। अंक-योजना में हर छंद का दृश्य क्रम से अपेक्षित था। परीक्षकों ने कहा कि उत्तर के आरंभ में कथन की पुष्टि करें, पंक्तियाँ उद्धृत करें और वर्तनी पर ध्यान दें।
कविता की संरचना। हर छंद 'देखा है' पर समाप्त होता है और बाद में टेक आती है: 'बादल को घिरते देखा है।' यह दोहराव बताता है कि कवि का वर्णन आँखों देखा है। कविता में बादल के कोमल और कठोर दोनों रूप हैं।
छंद-वार दृश्य।
1. *ओस की बूँदें।* निर्मल, सफ़ेद पर्वत-शिखरों पर बादल घिरते हैं। मोती जैसी ठंडी ओस की बूँदें मानसरोवर के सुनहरे कमलों पर गिरती हैं।
2. *हंस।* ऊँचे हिमालय के कंधों पर छोटी-बड़ी झीलें हैं। मैदानों की उमस से व्याकुल हंस उनके नीले-श्यामल जल में तैरते हुए कमलनाल के कड़वे-मीठे तंतु खोजते हैं।
3. *चकवा-चकई।* वसंत का सुहाना सवेरा है। रात भर बिछुड़े रहने के शाप से दुखी चकवा-चकई का क्रंदन बंद हो जाता है और सरोवर के किनारे काई की हरी दरी पर उनकी प्रणय-कलह शुरू होती है।
4. *कस्तूरी मृग।* बर्फ़ीली घाटी में हज़ारों फ़ुट की ऊँचाई पर कस्तूरी मृग अपनी ही नाभि की सुगंध के पीछे दौड़ता है और उसे न पाकर अपने ऊपर ही चिढ़ता है।
5. *मेघदूत और यथार्थ।* (अगले पृष्ठ में विस्तार से।)
6. *किन्नर-जीवन।* झरनों से गूँजते देवदार-वन में भोजपत्रों से छाई कुटियों के भीतर कस्तूरी-मृगछालों पर बैठे किन्नर-किन्नरियों की कोमल अँगुलियाँ वंशी पर फिर रही हैं।
शिल्प। उपमा ('छोटे-छोटे मोती जैसे'), मानवीकरण ('तुंग हिमालय के कंधों पर'), टेक और पुनरावृत्ति, बिंब-विधान ('शैवालों की हरी दरी पर'), और संस्कृतनिष्ठ तत्सम-प्रधान भाषा (अमल धवल, तुहिन कण)।
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
अमल धवल गिरि के शिखरों पर, बादल को घिरते देखा है।
कवि: कविता का आरंभ।
निर्मल, सफ़ेद हिमशिखरों पर घिरते बादल: मूल दृश्य।
मानसरोवर के उन स्वर्णिम कमलों पर गिरते देखा है।
कवि: पहला छंद; ओस की बूँदें।
स्वर्णिम कमल और मोती-सी ओस: कोमल सौंदर्य।
तरल तरुण कस्तूरी मृग को अपने पर चिढ़ते देखा है।
कवि: चौथा छंद।
अपनी ही सुगंध के पीछे दौड़ता मृग स्वयं पर खीझता है।
हिमालय के दृश्य और प्रकृति-चित्रण: key facts
- छंद-क्रम
- ओस और कमल
- हंस और झीलें
- चकवा-चकई
- कस्तूरी मृग
- मेघदूत और यथार्थ
- किन्नर-जीवन
- दीर्घ उत्तर में यही क्रम रखें।
- शिल्प-तत्त्व
उपमा मोती जैसे मानवीकरण हिमालय के कंधे टेक बादल को घिरते देखा है बिंब शैवालों की हरी दरी - उदाहरण सहित लिखें।
- शब्दार्थ
- अमल = निर्मल
- धवल = सफ़ेद
- तुहिन कण = ओस की बूँदें
- तुंग = ऊँचा
- तत्सम शब्दों के अर्थ सुनिश्चित करें।
How to answer हिमालय के दृश्य और प्रकृति-चित्रण questions
प्रकृति-चित्रण के 10 अंक के प्रश्न में यह क्रम अपनाएँ।
- 1पहले वाक्य में कथन की पुष्टि करें।
- 2हर छंद का दृश्य क्रम से लिखें।
- 3हर दृश्य के साथ पंक्ति उद्धृत करें।
- 4शिल्प के दो-तीन उदाहरण दें।
- 5निष्कर्ष में आँखों देखे चित्रण की बात लिखें।
हिमालय के दृश्य और प्रकृति-चित्रण in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
देखकर लिखा वर्णन अधिक जीवंत होता है
मान लीजिए एक छात्र ने पहाड़ी यात्रा के बाद सुबह की धुंध, चरते हुए पशुओं और बहते झरने का वर्णन अपनी डायरी में उसी दिन लिखा।
उसका वर्णन पुस्तक पढ़कर लिखे वर्णन से भिन्न क्यों होगा, और इसका संबंध कविता की टेक से बताइए।
Try it first, then show the solutionSolution
- प्रत्यक्ष अनुभव से बारीक ब्योरे मिलते हैं।
- कविता भी हर छंद में कहती है: देखा है।
- इससे विश्वसनीयता बढ़ती है।
Answer: प्रत्यक्ष देखने से वर्णन में बारीकियाँ और ताज़गी आती है। कविता की टेक 'देखा है' इसी प्रामाणिकता को बार-बार जताती है।
Memory hook: जो आँखों देखा, वही सच्चा चित्र।
Tricks to remember हिमालय के दृश्य और प्रकृति-चित्रण
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
ओ-ह-च-क-मे-कि
ओस, हंस, चकवा-चकई, कस्तूरी, मेघदूत, किन्नर।
Use it when: छः छंदों का क्रम।
टेक से प्रमाण
'देखा है' = आँखों देखा।
Use it when: कविता की विशेषता बताने के लिए।
हिमालय के दृश्य और प्रकृति-चित्रण: solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: मोती जैसी बूँदें · 1 mark · MCQBoard level
'छोटे-छोटे मोती जैसे' में कौन-सा अलंकार है?
(क) रूपक
(ख) उपमा
(ग) अनुप्रास
(घ) यमक
Try it first, then show the solutionSolution
- 'जैसे' वाचक शब्द से ओस की बूँदों की तुलना मोती से की गई है।
Answer: (ख) उपमा।
Example 2: कविता की टेक · 1 mark · Very short answerBoard level
कविता के हर छंद के बाद आने वाली टेक कौन-सी है?
Try it first, then show the solutionSolution
- हर छंद के बाद यही पंक्ति दोहराई जाती है।
Answer: 'बादल को घिरते देखा है।'
Example 3: कस्तूरी मृग · 2 marks · Short answerHarder board level
कस्तूरी मृग अपने पर क्यों चिढ़ता है? (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- वह अपनी ही नाभि की सुगंध के पीछे दौड़ता है।
- सुगंध का स्रोत न मिलने पर खीझता है।
Answer: बर्फ़ीली घाटी में कस्तूरी मृग अपनी ही नाभि से उठती मादक सुगंध के पीछे दौड़ता है, पर उसका स्रोत नहीं ढूँढ पाता। निराश होकर वह अपने ऊपर ही चिढ़ता है। यह दृश्य कविता में प्रकृति की एक सूक्ष्म और रोचक घटना का चित्र है।
Example 4: चकवा-चकई का दृश्य · 5 marks · Long answerHarder board level
तीसरे छंद में चकवा-चकई के वर्णन में 'प्रणय-कलह' से क्या तात्पर्य है? दृश्य का वर्णन कीजिए (लगभग 80 शब्द)।
Try it first, then show the solutionSolution
- समय: वसंत का सवेरा (1)।
- पूर्व स्थिति: रात भर बिछुड़े, क्रंदन (1.5)।
- प्रणय-कलह का अर्थ (1.5)।
- स्थान: सरोवर के किनारे काई की हरी दरी पर (1)।
Answer: वसंत का सुहाना सवेरा है, मंद हवा बह रही है और बाल-सूर्य की किरणें शिखरों को सुनहरा कर रही हैं। रात भर बिछुड़े रहने के शाप से दुखी चकवा-चकई का क्रंदन अब बंद हो गया है। सरोवर के किनारे काई की हरी दरी पर वे मिलते हैं और उनकी प्रणय-कलह, यानी प्यार भरी छेड़छाड़, शुरू हो जाती है। दुख के बाद मिलन का यह दृश्य कवि की सूक्ष्म दृष्टि और कविता के प्रेम और उल्लास के भाव को दिखाता है।
Example 5: क्या चित्रण केवल सुंदर है · 5 marks · Long answerHOTS / competency
कुछ पाठक कहते हैं कि इस कविता में केवल सौंदर्य है, जीवन नहीं। अपना मत कविता के दो प्रमाणों से दीजिए (लगभग 80 शब्द)।
Try it first, then show the solutionSolution
- मत स्पष्ट करें (1)।
- प्रमाण 1: हंस और चकवा-चकई (2)।
- प्रमाण 2: कस्तूरी मृग और किन्नर (1.5)।
- निष्कर्ष (0.5)।
Answer: मैं इस मत से सहमत नहीं हूँ। कविता में सौंदर्य के साथ जीवन भी भरा है। हंस मैदानों की उमस से बचकर झीलों में आते हैं और कमलनाल के तंतु खोजते हैं, चकवा-चकई रात भर के बिछोह के बाद मिलते हैं और उनकी प्रणय-कलह शुरू होती है। कस्तूरी मृग सुगंध के पीछे दौड़ता है और किन्नर-किन्नरियाँ वंशी बजाते हैं। ये सब जीवन, प्रेम और उल्लास के दृश्य हैं। इसलिए कविता केवल प्राकृतिक दृश्य नहीं, हिमालय के सजीव संसार का चित्र है।
Where students lose marks in हिमालय के दृश्य और प्रकृति-चित्रण
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: कथन की पुष्टि न करना
परीक्षकों ने उत्तर के आरंभ में पुष्टि माँगी थी।
Wrong working
सीधे पहले छंद से लिखना शुरू कर देना।
Right working
पहले वाक्य: 'नागार्जुन प्रकृति-चित्रण के कुशल चितेरे हैं।'
Do this: पहले वाक्य में प्रश्न का कथन दोहराकर समर्थन करें।
Usually costs: 1 से 2 अंक
Mistake: छंदों का क्रम बदल देना
अंक-योजना में दृश्य क्रम से अपेक्षित थे।
Wrong working
किन्नर-जीवन पहले, ओस बाद में।
Right working
ओस, हंस, चकवा-चकई, कस्तूरी मृग, मेघदूत, किन्नर।
Do this: छः शब्दों का क्रम याद रखें।
Usually costs: 1 से 2 अंक
Mistake: पंक्तियाँ उद्धृत न करना
परीक्षकों ने पंक्तियाँ शामिल करने को कहा।
Wrong working
दृश्यों का केवल सार।
Right working
हर दृश्य के साथ कविता की एक पंक्ति।
Do this: हर छंद की एक पंक्ति रटें।
Usually costs: 2 अंक
Mistake: वर्तनी की चूक (चकवा, तुहिन, प्रणय)
परीक्षकों को कहीं-कहीं वर्तनी की अशुद्धियाँ मिलीं।
Wrong working
चकवा-चकवी, तुहीन।
Right working
चकवा-चकई, तुहिन।
Do this: तत्सम शब्दों की सूची बनाएँ।
Usually costs: 1 अंक
Exam tips
- पहले वाक्य में कथन की पुष्टि करें।
- छः छंदों को क्रम से लिखें।
- हर छंद की एक पंक्ति उद्धृत करें।
- टेक 'देखा है' का महत्त्व अवश्य लिखें।
- वर्तनी और मात्राओं पर ध्यान दें।
Practice questions on हिमालय के दृश्य और प्रकृति-चित्रण
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
'अमल धवल गिरि के शिखरों पर' में 'अमल धवल' का अर्थ है:
(क) मैले और काले
(ख) निर्मल और सफ़ेद
(ग) ऊँचे और ठंडे
(घ) गहरे और नीलेHint
अमल = निर्मल, धवल = सफ़ेद।
Answer
(ख) निर्मल और सफ़ेद।
Q2 · 2 marks · Short answerHarder board level
दूसरे छंद में हंस किस कारण झीलों में आते हैं और वे क्या करते दिखाई देते हैं? (लगभग 40 शब्द)
Hint
मैदानों की उमस; कमलनाल के तंतु।
Answer
हंस मैदानों की उमस से व्याकुल होकर हिमालय की ऊँचाई पर बनी झीलों में आते हैं। वहाँ वे नीले-श्यामल जल में तैरते हुए कमलनाल के कड़वे-मीठे तंतु खोजते दिखाई देते हैं।
Q3 · 5 marks · Long answerHarder board level
छठे छंद में किन्नर-किन्नरियों के जीवन का जो चित्र है, उसका वर्णन कीजिए (लगभग 80 शब्द)।
Hint
देवदार-वन, भोजपत्र, वंशी।
Answer
छठे छंद में झरनों से गूँजते देवदार-वन का दृश्य है। भोजपत्रों से छाई कुटियों के भीतर किन्नर-किन्नरियाँ फूलों से सजे और कस्तूरी-मृगछालों पर बैठे हैं। उनकी कोमल अँगुलियाँ वंशी पर फिर रही हैं। इस चित्र में रंग, ध्वनि और सुगंध के बिंब हैं और किन्नरों की कलाप्रियता तथा सहज जीवन-शैली प्रकट होती है। कविता में यह छंद हिमालय की प्रकृति के साथ वहाँ के मानव-जीवन को भी जोड़ता है, जिससे प्रकृति-चित्रण पूर्ण हो जाता है।
Q4 · 5 marks · Long answerHOTS / competency
कविता की भाषा संस्कृतनिष्ठ है। इस कथन की परख दो उदाहरणों से कीजिए और बताइए कि इससे चित्रण को क्या लाभ होता है (लगभग 80 शब्द)।
Hint
अमल धवल, तुहिन कण, विसतंतु।
Answer
कविता में तत्सम शब्दों का प्रयोग प्रमुख है, जैसे 'अमल धवल' और 'तुहिन कण'। इसलिए यह कथन सही है कि भाषा संस्कृतनिष्ठ है। इससे हिमालय के दृश्य को गरिमा, पवित्रता और कोमलता मिलती है और कालिदास की परंपरा की प्रतिध्वनि सुनाई देती है। पर कविता में बिंब इतने स्पष्ट हैं, जैसे 'शैवालों की हरी दरी', कि कठिन शब्द होने पर भी दृश्य आँखों के सामने आ जाता है। भाषा और बिंब मिलकर प्रकृति के चित्र को प्रभावी बनाते हैं।
Q5 · 2 marks · Short answerHarder board level
कविता की टेक 'बादल को घिरते देखा है' का क्या महत्त्व है? (लगभग 40 शब्द)
Hint
लय और प्रामाणिकता।
Answer
टेक हर छंद के बाद दोहराई जाती है, जिससे कविता में लय बनती है। साथ ही यह जताती है कि कवि ने जो वर्णन किया वह आँखों देखा है, इसलिए चित्रण प्रामाणिक और विश्वसनीय लगता है।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.कविता किसकी है?Show answer
जनकवि नागार्जुन की।
2.कविता की टेक क्या है?Show answer
'बादल को घिरते देखा है।'
3.ओस की बूँदें किन कमलों पर गिरती हैं?Show answer
मानसरोवर के स्वर्णिम कमलों पर।
4.सवेरा होने पर चकवा-चकई का क्या बंद हो जाता है?Show answer
क्रंदन, जो रात भर के बिछोह का था।
5.कस्तूरी मृग किस पर चिढ़ता है?Show answer
अपने ही ऊपर।
6.किन्नर क्या बजाते हैं?Show answer
वंशी।
हिमालय के दृश्य और प्रकृति-चित्रण: frequently asked questions
कविता किस पुस्तक में है?
ISC हिंदी की काव्य मंजरी में।
2025 में इस पर क्या पूछा गया?
10 अंक में 'नागार्जुन प्रकृति-चित्रण के कुशल चितेरे कवि हैं' की पुष्टि।
कविता की भाषा कैसी है?
संस्कृतनिष्ठ, तत्सम-प्रधान।
कविता में बादल के कौन-से रूप हैं?
कोमल (ओस) और कठोर (कैलाश पर आँधी से भिड़ना)।